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Funlover

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Funlover

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Sabhi updates ek se badhkar ek he insotter Ji,

Param ne aakhirkar sundari ka bhi bhog laga hi liya.......

Sundri ne bhi ji khol ke apne bete se chudwaya.........

Maja aa raha story me

Keep rocking
Thank you insotter ji
Bas aap ka pyaar is kahani ko milta rahe....
 
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Funlover

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Bahut hi gazab ki update insotter Ji,

Param rekha ki chut na chod paya, lekin usne uski sealpack gaand ka maja le liya

Keep posting
Ji insotter ji
Yahi to khel hota hai, kuchh milne ki ummid me kuchh alag hi mil jata hai.....
Bane rahiye
 

Ek number

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“पुछ मत बेटा, उसको देख-देखकर मैंने जितना पानी गिराया है उतना मैंने तेरी शेठानी को चोदकर भी नहीं गिराया होगा। लेकिन साली सुंदरी ने कभी मौका ही नहीं दिया, अभी तक मैं उसका हाथ नहीं पकड़ पाया, पर अब तुम साथ दे रहे हो तो तेरी माँ को चोदने का मौक़ा मिलेगा, कल तेरी माँ को चोदूँगा।“

सेठ ने आगे कहा, "तुम्हें पता है, तुम्हारी माँ समय के साथ और भी अच्छी होती जा रही है। वो इतनी चुदासी कभी नहीं थी जितनी अब दिखती है। इस गाव का सब से अच्छा माल बस मेरे नजरिये से सिर्फ और सिर्फ तेरी माँ है।"
सेठ बिल्कुल युवा लोगो की तरह मस्त हो गया था। 50 साल से ऊपर था और 18 साल के लड़के के साथ चुदाई की बात कर रहा था।
“अब क्या कहू बेटा, तेरी माँ की चूत ही मेरे लंड को शांत कर ने के काबिल है, उसे लंड चूसा-चूसा कर चोदूँगा…”, शेठ वासना के नशे में बडबडाता रहा,

“ बढती उम्र के साथ-साथ तुम्हारी मां की जवानी भी खिलती जा रही है…और मैं बहनचोद अभी तक मेरे लंड को उसकी चूत का भोसड़ा बनाने का मौक़ा नहीं मिला,कभी-कभी मुज पर लानत समजता हु बेटे, मुझे तेरी माँ की चूत और गांड चाहिए बेटा उसके लिए कुछ भी कर और कुछ भी करने को तैयार हु।“

शेठजी ने अपने लंड को दबाते हुए कहा: “वो पहले कभी इतनी चुदासी नही दिखी।।…जितनी अब दिखती है। जब देखो साली लंड को परेशान करती रहती है।”

शेठ बिल्कुल जवान लौन्डो की तरह मस्ता गया था।

परम ने मौके को समजते हुए, परम शेठ की बहुओं के बारे में भी गंदी बाते करना चाह रहा था…। इसलिए उसने पूछा,

“ शेठजी, अगर आपको मेरी बहन महेक, रेखा और आपकी दोनों बहुओं में से सिर्फ किसी एक को चोदनेका मौका दिया जाए, तो आप किसको चोदना चाहेंगे?”

शेठ गहरी सोंच में डूब गया। परम को लगा की कहीं यह सुनकर शायद शेठ उस पर गुस्सा न हो जाये। थोड़ी सी गांड फटी उसकी। लेकिन शेठ तो मन ही मन चारों लडकियोंकी तुलना करने में मशगुल था।

थोड़ी देर सोचने के बाद उसने कहा, “ युं तो तुम्हारी बहन उम्र में सबसे छोटी होने की वजह से माल बहोत ही कसा हुआ होगा, चुदाई का बहूत मजा देगी, और उसको चोद ने में भी ज्यादा मजा आएगा, तेरी बहन सिलपेक होगी और ऐसा अवसर बार-बार नहीं मिलता की उसका सिल मेरे लंड से टूटे, लेकिन फिर भी मै अपनी छोटी बहु लीला को चोदना पसंद करूँगा …वो गजब की सुन्दर और चुस्त शरीर की मालकिन है…। इसलिए सुंदरी के अलावा अगर मै किसी और के चूत में अपना लंड डालने के लिए बेक़रार हूँ तो वोह है मेरी छोटी बहु…लीला!”
मैत्री और नीता की अनुवादित रचना

परम:- “लेकिन मैं तो आपकी बेटी रेखा को चोदना चाहता हूँ…। साली बहुत मस्त-मस्त और चुस्त माल है…क्या बेटी पैदा की है आपके इस लंड ने।“

परम भी अपने दाव खेलने लगा,”क्या आपने कभी अपनी छोटी बहु को नंगा देखा है?”

शेठने इधर-उधर देखा और कहा- “देखा तो नहीं है लेकिन देखना चाहता हूँ…मादरचोद को मादरजात स्वरुप में देखना चाहता हु।”

शेठने परम की पीठ थपथपाई और फिर से कहा, “मैंने लीला बहू को कपड़े बदलते हुए देखा है और चोरी-चोरी कई बार कुतिया को खाली पेटीकोट और ब्रा में देखा है, क्या टाइट माल है,बेटा।

सुंदरी को पटाने के बाद उसे ही बोलूँगा की वो मेरी छोटी बहू को मेरा लंड के लिए तैयार करे…!”

दरवाज़े पर दस्तक हुई और परम के पिता की आवाज़ आई जो शेठ को किसी व्यापारी के आने की खबर दे रहे थे। शेठ उठे और परम से कहा कि “बेटा,कल दोपहर 2 बजे सुंदरी-मेरी माल को पिछले गेट से ले आना।“


“जी शेठजी आप फिकर ना करे, समजो आपकी परी आपके लंड पर आ गई,” परम ने 50,000 रुपये से भरा बैग लिया और अपने घर के लिए निकल पड़ा।

क्रमश:
Mast update
 

Ek number

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घर पहुँचकर उसने देखा कि उसकी बहन के साथ उसकी बहन की उम्र की एक नई लड़की बैठी है। महेक ने उसका परिचय सुधा (वह लड़की जो अपनी नौकरानी को अपने पिता से चुदते हुए देखती है) के रूप में कराया। परम मुस्कुराया और बेडरूम में चला गया। सुंदरी भी उसके पीछे-पीछे गई। परम ने उसे गोद में खींच लिया और उसकी बोब्लो को दबाया।

“तुम्हारी बहन और उसकी सहेली देख लेगी तो क्या सोचेगी…!”

“यही कि कुतिया अपने बेटे से चुदवाती है।” कहते हुए परम ने सारी के नीचे हाथ घुसाकर चूत को मसल दिया।

"कल साला मोटा शेठ तेरी चूत को चोदेगा, पूरा 50000/- दिया है, तेरे इस पुरे माल के लिए, अब बेच दिया है तेरे इस प्यारे माल को,खूब प्यार से चुदवाना और उसका लंड भी चूसना और खाली कर देना। और मस्ती से चुदवाना रानी उस से आगे भी काम लेना पड़ेगा, समज गई ना!"

“यह तो कोई कहने की बात है,बेटे! मेरा माल अब उसके लिए रेडी है। हसती हुई परम से सुंदरी ने बैग लेकर अलमारी में रख दिया और कहा: “साला को इतना मजा दूंगी कि अपनी पूरी प्रॉपर्टी मेरे नाम कर देगा…भोसचोदिका साला।”

वह कमरे से बाहर चली गयी।

सुधा उनके घर पर ही रही। रात के खाने के बाद सुधा महेक के साथ उसके बिस्तर पर बैठ गई और परम भी उसी बेड पर लेट गया। महेक ने अंदर से दरवाज़ा बंद कर लिया और सीधे वहाँ आ गई।

सुधा उनके घर पर ही रही।

आपने पढ़ा कि परम ने शेठजी से अपनी माँ सुंदरी के माल और चुदाई का मामला तय किया और 50,000 रुपये लेकर माँ को दे दिए, जो उसकी और उसके माँ की कल्पना के बहार का सौदा था, अब तक उन्हें अंदाजा नहीं था की सुदरी के खजाने का भाव बाज़ार में काफी ऊपर तक है, दोनों इस सौदे से खुश थे। खास कर सुंदरी जो की उसकी सेठानी ने भी कहा था की उसका खजाना थोडा शेठजी को लुटाने दे पर साथ-साथ पैसे भी मिलेंगे वो पता नहीं था। वह अपने आप पर और अपने दोनों छेदों पर गर्व महसूस कर रही थी।


घर पर उसकी बहन की सहेली सुधा से मुलाक़ात हुई जो रात भर वहीं रुकी.... उसके बाद????


जानने के लिए बने रहिये मेरे साथ इस कानी में ................... आप की राय के प्रतीक्षा में ..........
Nice update
 

Ek number

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Update 04



रात के खाने के बाद सुधा महेक के साथ उसके बिस्तर पर बैठी और परम उसके बिस्तर पर लेटा। महेक ने दरवाज़ा अंदर से बंद कर लिया और सीधे मुद्दे पर आ गयी।

जब परम रूम में घुसा उस से पहले दोनों सहेलिया आपस में बात करती हुई....

महक: “आजा सुधा यहाँ आके बैठ।“

सुधा उसके पास जाके पलंग पर बैठी और बोलती है, “हां बोल क्या बात है?”

महक; “वैसे तो तुजे सब पता है अब बोलने में क्या है जो है अब एक्शन ही होगा ना!” उसने सुधा को अपनी ओर खींचते हुए और उसके बोबले को थोडा पकड़ते हुए बोली।

सुधा: “अरे यार ये क्या कर रही हो! छोडो यह सब तुम जानती तो हो की मेरा बाप और नौकरानी की चुदाई देख-देख के मई कितनी चुदासी महसूस कर रही हु और तू है की खजाने पर हाथ रख के उस आग को भडका रही हो।

महक: “हां, तो क्या बुरा है इस आग को बढ़ने दे ना यहाँ कौनसा तेरा बाप आके तुजे रोकनेवाला है!”

वैसे महक ने सुबह से ही तय किया था की आज अपने भाई को एक नया ताज़ा माल देगी और उसके लिए उसे सुधा से बात कर के थोड़ी गरम कर के उसकी चूत को गीली कर के भाई के सामने पेश करना होगा। और उसके लिए ही वह आज उसके साथ बाते करके सुधा को अपने भाई के लिए तैयार करने में लगी हुई थी।
आप मैत्री और नीता की अनुवादित रचना पढ़ रहे है

सुधा:”हा बात तो सही है लेकिन क्या करू कुछ समज नहीं आता! एक तरफ लगता है की कोई लंड ले लू और दूसरी तरफ डर भी लगता है की कही कुछ ऐसा वैसा ना हो जाए जिस से मेरी और माँ-बाप की इज्जत पर लांछन ना लग जाए।

महक:”अब इतना सोचेगी तो कुछ होनेवाला नहीं है, चल छोड़ अब ऐसी बाते नहीं करते जिस से तुम्हारी इज्जत जाने का डर बना रहे।

सुधा को लगा की बात कुछ बिगड़ गई, तो उसने तुरंत जवाब दिया; “अरे ऐसा भी नहीं है की हम बात नहीं कर सकते, वैसे भी मैंने कहा ना मुझे चुदासी का अनुभव होता है पर डर भी लगता है, वैसे एक बात कहू कोई भरोसेमंद लड़का भी तो मिलना चाहिए।“

महक को लगा ली अब रेलगाड़ी पटरी पे आई है;”देख ऐसा है और तू तैयार है तो मई आने भाई से बात करके तेरा शील तोड़ने का प्रबंध कर सकती हु। लेकिन तेरी रजामंदी होनी जरुरी है आखिर मैं भी तो फिमेल हु और मुझे तेरी फिकर भी है। महक ने दाना डाला।

सुधा: ”तू तो मेरी सबसे अच्छी सहेली है अब तुज से कुछ छुपा नहीं है , पर क्या परम मेरे बारे में ऐसा सोचता होगा!”

महक: “अरे, सोचता क्या होगा! वह तो कब से तेरी आस लगाए बैठा हुआ है तुम्हे क्या पता मेरी डार्लिंग!”

धीरे-धीरे महक ने सुधा के पेड़ो को चौड़ा कर दिया और उसकी परी पर अपना हाथ रखते हुए बोली: “देख अगर तू तेरा शील मेरे भाई के लंड को गिफ्ट करेगी तो मैं भी कुछ सोचूंगी ना तेरे बाप के बारे में!”

“ओह्ह तो तू भी मेरे बाप के साथ......!” सुध ने महक का हाथ थोडा दबाते हुए कहा।

अब हमारी चूत है की लंड के हाथ मार खाने को तो फिर सोच्नेवाल्ली क्या बात है हम दोनों मिल के कुछ करेंगे. लेकिन अभी नहीं, अभी तो सिर्फ तू मेरे भाई के लंड को ठंडा कर और खुद भी चुदाई का मजा ले, बस सिर्फ तू चाहे तो!”

थोड़ी सोचने के बाद सुधा ने हामी भर दी लेकिन शर्त राखी के वह अकेली नहीं रहेगी और महक भी साथ रहे गी और कुछ साथ भी देगी। इसतरह दोनों की सम्मति हो गई और दोनों ने मुस्कुराते हुए अपने-अपने हाथ एकदुसरे के बोबले पे रख दिया। और महक ने बता भी दीया की वह और परम एकदूसरे के साथ सोते है और एक दुसरे के साथ खेल भी चुके है बस चुदाई नहीं हुई।


तभी परम ने रूम में एंट्री मारी....
Behtreen update
 

Ek number

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"भैया तुम भी मेरी चूत चाट-चाट कर चूत चोद ने के लिए ब्याकुल हो और सुधा भी रेनू को अपने बाप से रोज चुदवाते देख-देख कर लंड की दीवानी बन गई है। इसकी चूत भी लंड खाने के लिए तरस रही है। आ जाओ, साली को चोद-चोद कर पूरा मजा लो और दो, कुतिया की अभी तक सील भी नहीं टूटी है। एक दम कुंवारी है…समजे ना एकदम पेटी पेक माल है सभी जगह से! बस अपने चूत का टला खुलने की राह देख रही है। तुमने तो मेरी चूत को मसल-मसल कर और चाट-चाट कर फूला दिया है लेकिन इसकी चूत बिल्कुल कोरी है…। अपने इस मुसल चाबी से उसकी चूत का ताला खोलो और उसकी चूत के अन्दर अपने लोहे का सलिया डालो।”

महेक ने परम को अपने बिस्तर पर खींच लिया और उसको फटा-फट नंगा कर दिया। नंगा होते ही परम सुधा पर झपट पड़ा और उसका फ्रॉक और पैंटी उतार कर उसे भी नंगा कर दिया।

सुधा और महेक एक ही उम्र की थीं और शारीरिक बनावट भी लगभग एक जैसी थी। सुधा महेक की तरह गोरी तो नहीं थी लेकिन त्वचा पर चमक जरुर थी। उसके स्तन 34" आकार के थे और कूल्हे भी उसी आकार के थे। उसकी कमर पतली थी और जघन क्षेत्र बालों से भरा हुआ था। परम ने उसे बिस्तर पर सपाट लेटा दिया। उसने उसके प्रत्येक पैर को पकड़ लिया और जितना संभव हो उतना अलग कर दिया। पैरो के फैलते ही सुधा की चूत अपने आप बहार आके अपना मुह दिखाई देने लगी। उसकी जांघें पूरी तरह से विकसित हो गई हैं और सुंदरी की तरह मोटी नहीं हैं। परम ने सुधा की चूत पर अपने हाथ फेरे और चूत के होंठ और भगनासा को रगड़ा। महेक सुधा के पास बैठी थी और वह उसके बोब्लो को सहला रही थी। वह सुधा की चूत में लंड को घूमते और घुसते हुए देखने के लिए उत्सुक थी।

"भैया, माल (सुधा) पूरी गर्म है। चूत को चोदो और चूसो, सब से पहले साली को चुदाई का मजा दो, लंड चूत में पेल कर साली को एक मस्त औरत बना दो, चूत फाड़ डालो। मुझे चोदने के लिए तो रोज तैयार रहते हो और आज जब नंगी और अनछुई चूत सामने पड़ी है तो लंड छिपा रहा हो।” उसने अपने भाई का लंड हाथ में पकड़ा और अपने सहेली की चूत के सामने रख दिया। आप मैत्री और नीता की अनुवादित रचना पढ़ रहे है

परम कुंवारी चूत के छेद में प्रवेश करने के लिए तैयार ही था। सुबह उसने अपनी मां की पूरी तरह से चुदाई की थी और दोपहर के बाद परम ने रेखा की गांड मारी थी और करीब करीब चूत को चोद ही डाला था। यही सोचते-सोचते उसका जोश आया वह जोश उसके लंड पे चला गया और जोर से धक्का मारा।

“ओह माँ...ऊऊऊ ईईइ....म...आ...आआ....” सुधा चिल्लायी…”बाप रे बहुत दर्द करता है.... लंड बाहर निकालो…”

परम ने कस कर सुधा का कमर को जकड़ा और फिर जोर से धक्का मारा…”

सुधा को पसीना आने लगा। इस समय उसका मुंह और आंखें चौड़ी हो गईं थी, महेक ने सुधा के बोबे को बेरहमी से दबा दिया।। “चुदासी चिल्ला क्यों रही है।। अभी तक तो लौड़ा खाने के लिए मर रही थी और अब जब लौड़ा चूत में घुस रहा है तो बाप को याद कर रही है… तेरा बाप तो तुझे चोदेगा ही…” उसने परम की तरफ देखा और कहा भैया रुकना मत, साली की चूत फाड़ डालो…उसकी चूत को अब भोसड़ा बना दो।”

सुधा सचमुच दर्द में थी। उसे महसूस हुआ कि उसकी चूत से तरल पदार्थ की एक धारा उसकी जांघों तक बह रही है। उसने अपना हाथ वहाँ रखा और उसे देखा।

“बाप रे....मेरी चूत फाड़ डाला.... खून निकल रहा है… साला हरामी इतना ही चोदने का जोश है तो मेरे चूत से लंड निकाल कर अपनी बहन के चूत में डाल दो।। बहुत प्यार से चुदवाएगी… रोज तो चटवाती है आज लंड को चूत के अन्दर भी ले लेगी… मा....र डा....ला सा....ला… जा कर अपनी माँ को चोद ह....रा....मी... बाप रे बाप बहुत दर्द कर रहा है....नहीं चुदना है मुझे।
आप मैत्री और नीता की अनुवादित रचना पढ़ रहे है

अब तक पूरा लंड सुधा की चूत में जा चुका था और अब परम हल्के-हल्के धक्के लगा रहा था। अब सिल की परदी तो वह चूत में थी ही नहीं, और हलके धक्को से अब सुधा का दर्द भी कम होने लगा और जल्द ही उसने परम को अपनी बाहों में जकड़ लिया। "आआह्ह्ह.... राजा.... आह्ह्ह.... अच्छा लग रहा है!"

महेक ने सुधा के गालों पर चुटकी लेते हुए कहा, "साली, अभी तक तो बाप-बाप चिल्ला रही थी और अब पूरा लंड अंदर गपक गई है। मरवाले बापचोदी, चूत को ढीला कर ले, अपने बाप से चुदवाने के लिए। तेरा सिल मेरे भाई के लंड से टूटना था तो तूट गया।"

सुधा ने अपने कूल्हे उचकाए: ”मादरचोद तू क्यों बक-बक कर रही है…तुझे चुदाई का इतना दुख है तो चल अपने बाप के मोटे लंड से चुदवा दूंगी…। बहुत मजा आएगा हरामजादी…। लेगी ना मेरे बाप का लंड तेरी इस खुबसूरत चूत में!”


इतनी देर में महेक भी चुदासी होकर नंगी हो गई थी। परम सुधा की चूत को चोद रहा था और महेक के चूत को प्यार से देख कर सोच रहा था कि अब जल्दी से अपनी बहन की चूत भी चोदेगा…

बने रहिये
Awesome update
 
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