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Adultery शक्ति की भूख

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Ajju Landwalia

Well-Known Member
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"अम्मा अम्मा उठो "पानी के छीटे मारती है।मगर वो होश में नही आती।
"बापू ओ बापू "बापू "
भोला भाग के आता है क्या हुआ हाफ पैंट पेहन के ।
"बापू देखो अम्मा बेहोश हो गयी चीख के।"
"अब क्या करे वैद्य के पास ले के चले"
"मगर वैद्य तो 3 दिन के लिए बाहर गया है।"
"भोला को बुलाओ उसको दवा की जानकारी है।"
रजनी भाग के जाती है जंगल और आवाज़ लगाई "शैतान"
बोलते ही 5 मिनट में शैतान बाहर आ गया "हा क्यों बुलाया क्या बात है?"
"वो अम्मा को पता नही क्या हो गया है बेहोश पड़ी है"
"हम्म्म्म चलो देखते है"
दोनो लोग घर आ गए तुरंत और ऊपर कमरे में ले जा के उसने शैतान को दिखाया।
शैतान ने अच्छे से देख के बताया कि सांप ने काटा है "बाहर से नीम और पीपल के पत्ते ले आओ जा के दोनों लोग तब तक इनका परीक्षण कर लेता हूं।
दोनो लोग बाहर चले गए नीम और पीपल का पत्ता लेने जो कि बहुत दूर था घर से।
शैतान ने तुरंत उसकी बॉडी से तौलिया खोल के पैर फैला दिया और चूत के पास डसने के निशान पे मुह लगा कि चूंसने लगा 5 मिनट तक चूंसने के बाद पूरा ज़हर बाहर हो गया।मगर शैतान को उसकी चूत की खुशबू भा गयी । वो खून में मिला हुआ ज़हर पी गया और कुल्ला कर के उसकी चूत सूंघने लगा और लंबी सी जीभ जो कि उसके गले तक आ रही थी उसको चूत में घुसा के चाटने लगा इससे सरोज को होशं आने लगता है ज़हर निकलने से।और वो मज़ा में डूब जाती है।
"आह आह क्या हो रहा है मुझे इतना मज़ा तो कभी रजनी ने बापू ने भी नही दिया।उफ़्फ़फ़"
शैतान लगातार जीभ से चूत के अंदर कुरेद रहा था। इतनी लंबी जीभ का फायदा दिखा रहा था शैतान।
"आ आ आ ह ह ह ह ये कैसा मज़ा है जो आज तक किसी ने नही दिया उफ़्फ़फ़ कौन हो तुम बताओ।"
शैतान खामोशी से चूत की गहराई को अपनी जीभ से साफ कर के पानी पी रहा था नमकीन वाला ।अभी केवल 2 3 मिनट हुए जीभ से कुरेद के चटाते हुए और एक लंबी हुंकार मारती हुई सरोज ने अपना बंबा खोल दिया ऐसे झड़ी फुहार मार के शैतान पूरा गिला हो गया ।
अचानक वो उठी तो देखती है वहां कोई नही है फिर मुझे चाट के किसने झाड़ा ।
सोचती हुई फिर सो जाती है।बाहर शैतान खड़ा था दोनो लोग आए तो शैतान बोला"आओ ले मुझे दे दो।"
नीम और पीपल के पत्ते डाली सहित दे दी और शैतान ने उनको पीसना शुरू कर दिया।
फिर घर से मसाले मांग के उनके रस में मिला के उसको पिलाने को दे दिया।बाप अंदर गया उसने देखा मूत पड़ी हुई है वहां तो पानी डाल के साफ किया और रस उंसके मुह में डाल के पिला दिया ।
बाहर आने पे शैतान बोला "अब सुबह तक बिल्कुल ठीक हो जाएंगी ठंडी लगेगी तो कंबल उढ़ा देना।मैं जा रहा हु।"बोल के शैतान चल दिया।पीछे से रजनी भाग के जाती है और उसको धन्यवाद बोलती है वो मुस्कुरा के चल देता है।
रजनी खिसिया जाती है उसका हाथ पकड़ के बोलती है "मैं तुमको धन्यवाद बोलने आई और तुम बिना कुछ बोले जा रहे हो।"
"मैं क्या बोलू बताओ धन्यवाद का क्या जवाब दु "
रजनी सोचती है फिर बोलती है "कुछ भी बोल देते।"
वो सोचता है फिर बोलता है " रजनी धन्यवाद तो बाहर वालो को बोला जाता है अपनो को नहीं।"
रजनी मुस्कुरा के चल देती है।
"जवाब दे के नही जाओगी "
"जवाब दे दिया है मैने।"
शैतान सोचने लगता है " क्या जवाब दिया कुछ भी तो नही।"
जंगल जाते ही गायब हो जाता है।उधर सुबह रजनी नहाने के लिए भोर होते ही निकल जाती है कपड़े उतार के नंगी हो के पानी के उतर जाती है और नहाने लगती है अपनी गोरे उभारो को प्यार से मसल से निप्पल को पकड़ के साफ करते हुए कमर और हाथ को रगड़ के नहा रही होती है तभी उसको मूत लगती है तो मूतने के लिए इधर उधर देख के एक झाड़ी की तरफ जाती है और बैठ जाती है जहाँ उसको वही प्रेतनाथ दिख जाता है सोता हुआ कुछ दूरी पे मगर उसकी मूत छूट जाती है और गुलाबी घाटी से सुनहरी धार निकलती है फिर भाग के वो नहर में उतर के अपनी चूत रगड़ के साफ करती है।


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और नहा के कपड़े पहन के घर चल देती है मगर प्रेतनाथ जग जाता है उसको जाते हुए देख के बोलता है "तेरा बाप और माँ एक बार बच गए बार बार नही बच पाएंगे। तेरा खराब समय शुरू हो चुका है।"
वो गुस्से में जाती है और बोलती है "बकवास न करो समझे क्या चाहिए वो बोलो"
"मुझे क्या देगी तू मेरे पास सब कुछ है जो मैं चाहूंगा वो मिल जाएगा।"
"फिर क्यों परेशान कर रहे हो?"
"चेता रहा हु नही मानती तो जा भुगत मुझे क्या"
"जब परेशान ज़्यादा हो तब मेरे पास जाना मैं उपाय कर दूंगा सब ठीक हो जाएगा।"
हूह करती हुई रजनी चली गयी और प्रेतनाथ उसकी गाँड़ और पतली कमर देखता रहा। "जा आज तू जल्दी ही तू मेरे नीचे होगी और मेरा बड़ा लण्ड तेरे अंदर । मेरे बच्चे की माँ बनेगी तू मैं मैं बनूंगा भगवान।हा हा हा हा हा हा हा"

Bahut hi shandar update he bull devil Bro,

Keep rocking
 

Ajju Landwalia

Well-Known Member
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उधर सरोज सुबह जागती है और सोचती है

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"कौन था रात में जिसने सिर्फ जीभ से मेरा पानी निकाल के झाड़ दिया मुझे और जीभ अंदर तक जहां तक रजनी के बापू के समान नही जाता वहां तक महसूस हुई।"
"ये जी उठिए न कब तक सोएंगे कितना धूप निकल आया है?"सोए भोला को देख के सरोज बोली।
"सोने दो तुम्हारे सांप ने काटा था रात में तो सोने में 2 बज गए थे।" बिना आंख खोले करवट बदलते हुए भोला बोला।
"अरे अब उठ भी जाओ देखो रजनी नहा के आ गयी नाश्ता बना रही है। "थोड़ा भौ सिकोड़ के बोलती है।
"अच्छा ठीक है।"खिसिया के उठता है
"अच्छा मेरा इलाज किसने किया था ?" मैं देख नही पाई क्यों के शायद वैद्य है नही यहां "?मन ही मन उस पल को याद करते हुए रोमांचित होती हुई पूछती है।
"शैतान ने "जम्हाई से पहले बोलता है
"कौन शैतान?"
"अरे जब मैं घायल हुआ था तब शैतान मुझे ले के घर आया था उस समय तुम कही गयी थी । तो मैंने उसको दुकान की देख रेख करने के लिए रख लिया। काम करता है दुकान म और जंगल मे रहता है।उसको रजनी ने बुलाया था क्यों के उसको दवा की जानकारी है ।"
"अच्छा तो वो जंगल में क्यों रहता है।घर बुला लो यही रह लेगा।"
"नही वो बहुत बड़ा है और बहुत खाता है तुम बना नही पाओगी ।"
"कितना बड़ा है कितना खाता है?"
"अरे वो 7 फुट का है और कसरत करता है तो यहां 3 घर का खाना अकेले खा जाता है इतना खा लेता है ।"
"3 घर के बराबर ?मतलब मतलब 30 40 रोटी खाता है एक बार मे और 2किलो चिकन या मटन खा लेता है ।"
"अरे बाप रे आज उसको कहना के मैंने खाने पे बुलाया है।"
"देखती हूं कितना खा सकता है।"मन मे सोचते हुए
"ठीक है मैं नहाने जा रहा हु"निकलते हुए भोला बोल के जाता है
"7 फिट का है इसलिए इतनी लंबी जीभ है तो लण्ड कितना बड़ा होगा?"एक्साइट होते हुए सोचती है।
दुकान पहुच के देखता है शैतान दुकान खोल के भीड़ निपटाने में लगा है और करीब 2 घंटे बाद भीड़ कम होने पे भोला " शैतान आज रात को हमारे घर खाना खाना है।"खुशी लाते हुए चेहरे से बोलता है
"क्यों आज क्या है?"बिना एक्सप्रेशन से
"अरे कल ज़हर उतारा था तो तुम्हारी चाची तुमको खिला पिला के भेजना चाहती है।"
"मैं जितना खाता हूं उतना पकाना पॉसिबल नही होता।"
"अरे वो बोल रही है तो आ जाना न।"
"ठीक है समझ गया।"
शाम को दुकान बंद कर के दोनों लोग घर के लिए निकले जंगल म शैतान बोला "आप जाओ मैं खाने से पहले आ जाऊंगा।"
"ठीक है।"
भोला घर आ गया। सरोज बोली "वो कहाँ है?"
"आ जायेगा खाना से पहले।कुछ काम करने गया है।"
"कैसा दिखता है जल्दी आये तो मज़ा आये "सोचते हुए सरोंज खाना पकाने लगती है।
रात को 8 बजे गेट पे दस्तक हुई रजनी ने गेट खोला तो शैतान की कमर और उसके लण्ड वाला हिस्सा दिखा।
"आओ" बोल के पीछे हट गई।
"शैतान झुक के अंदर गया और पलंग पे बैठ गया पूरे पलंग पे अकेला बैठा था और पलंग छोटा लग रहा था।
तभी सरोज अंदर घुसती है और शैतान को देख के चीख उठती है"आआआआआआआ "
"क्या हुआ ?"घबराता सा भोला बोला
"ये कौन है ?"
"यही है शैतान सिंह बताया था न तुमको ?? "बहुत मेहनती बच्चा है"
"ये बच्चा है??"
"और नही तो क्या 19 साल में बुढ्ढे हो जाते है ?"
तभी उसको याद आता है रात का दृश्य जब वो चाट के झाड़ देता है।
"तुमने ही ठीक किया था मुझे ?"
"हम्म्म्म इलाज किया था साँप काटने का,ठीक कहाँ किआ अभी?"शैतानी मुस्कान के साथ बोला
भोला समझ नही पाया मगर सरोज समझ के मुस्कुरा देती है।
"रात को यही रुकना "
"रुक तो जाउ मगर झेल पाओगी मुझे ?"
"क्या मतलब ?"भोला बोला
"मैं खर्राटे लेता हूं बहुत तेज़।"
"हा हा हा हा हा हा"अगर रात हो जाये तो रुक जाना सुबह तड़के चले जाना।"भोला हसते हुए बोला।
"पानी पिला दो थोडा।"
"अभी लाता हु"
"जग में लाना गिलास में नही।"
"हां "
भोला अंदर चला जाता है।
"झेल क्यों नही पाउंगी?"
"जीभ इतनी लंबी है तो समान कितना होगा।"अपनी भौवें चढ़ा के मुस्कुरा के बोला।
"फिर ये लोग जाग जाएंगे ?"
"लो इसको खाने में मिला देना इन दोनों के फिर सुबह तक घर भी गिर जाए तो नही उठने वाले।"
"बहुत शैतान हो"
"इसीलिए मैं शैतान हुँ"
सरोज अंदर जा के खाना परोस के दवा दोनो के खाने में डाल देती है और शैतान को भी परोस के देती है।
शैतान 10 लोगो के बराबर का खाना अकेला खा जाता है।उसकी डाइट कैपेसिटी देख के सरोज और रजनी दोनो इम्प्रेस होती है।रजनी तो वैसे भी उंसके प्रति आसक्त थी। खाना खाने के बाद दोनों को नींद आने लगती है और वो सोने के लिए चले जाते है।शैतान खाना खाने के बाद बैठ के दारू निकाल लेता है और पीने लगता है।जिसको देख के सरोज बोलती है "शराब पी रहे हो?"
"हां "
"मगर तुम तो केवल 19 साल के हो फिर ?"
"ये प्राकृतिक शराब है इसको पीने से ताकत आती है मुझे।""मगर तेरे घर मे मेरे हिसाब से सोने के लिए नई है तू मेरे साथ चल वहां से सुबह तुझे यहां छोड़ दूंगा जल्दी "
"मगर घर वाले क्या ?"
"वो सुबह से पहले नही उठने वाले।"
"मगर "
"सोच ले हाँ या न?"
"कितनी दूर जाना है जंगल मे?
"कुछ दूर पे।"
"चल ठीक है।"
गोद मे उठा लेता है सरोज को और कहता है "आंख बंद करो मैं दौड़ के ले जाऊंगा ताकि कोई देख न पाए।"
"अरे दरवाज़ा तो बन्द करने दो कही कोई चोर या जानवर न घुस जाए।"
"कोई नही घुसेगा""बन्द कर दूंगा "
"ठीक है फिर"आंख बन्द कर के बोली ।
शैतान ने उसको गोद मे उठा लिया और गेट से बाहर निकल के दौड़ के जंगल मे जाने लगा ।
आंख बन्द करे हुए सरोज सोच रही "मैं जा रही हु इसके साथ चुदाई करने क्या ठीक रहेगा ?""मगर केवल जीभ में मेरी चूत बहा देना कोई मामूली बात नही है । एक बार कर के देखती हूं अगर अच्छा लगा तो सोचूंगी वरना आगे का।"उसको ऐसा लग रहा था जैसे कोई कूद फांद के भाग रहा है 2 मिनट में आवाज़ आयी आंख खोल दो।
उतार के नीचे खड़ा किया और उसने आंख खोली तो एक झोपड़ी में पाया जिसमे आदमियों की खोपड़ी और मशाल जल रही थी।
"ये खोपड़ी क्यों रखी है यहां पे ?"
"ये मेरे बाबा की हत्या करने वाले लोगो की है जिन लोगो ने मेरे घर को बर्बाद कर दिया था मैंने उनको मार के अपने पास रख लिया ताकि मुझे खुशी मिल सके।"
"अरे क्या हुआ था?"
"मेरे बाबा एक तांत्रिक और वैद्य थे वो लोगो की मदद करते थे और एक दिन एक ठाकुर आया उसको अपने बच्चे की बीमारी ने परेशान कर रखा था। जब बाबा ने देखा तो पता चला चला किसी प्रेत ने बच्चे को पकड़ लिया था।तब बाबा ने बताया कि "प्रेत लगा हुआ है अगर हल्की सी भी गलती हुई तो बच्चा नही बचेगा।"
ठाकुर ने बोला " कुछ भी करो मगर बचाओ।"
"ठीक है ये समान मंगवाए।"
"जी, जाओ ये समान ले के आओ।"
पूजा कर के जब बच्चे को जब बैठाया गया तो प्रेत ने तांडव करने लगा और बोला "इस ठाकुर ने मेरी बीवी की इज़्ज़त लूट के मेरे सामने मार दिया फिर मुझे मार दिया अब मैं इसके बच्चे को मार के साथ ले जाऊंगा।" बाबा ने बोला "बच्चे ने क्या बिगाड़ा है उसको छोड़ दो और चले जाओ वरना तुमको नरक की आग में जला दूंगा।"
"हा हा हा हा हा हा हा हा तू जलाएगा मुझे मैं जा रहा हु अब इसकी बीवी की इज़्ज़त लूट के जाऊंगा और उसको भी मार दूंगा।"
मगर मेरे बाबा ने उसको एक बोतल में बंद कर दिया और ठाकुर को देते हुए बोला "इस बोतल में प्रेत है इसको इतने गहरे गड्ढे में गाड़ दो के बाहर न निकल पाये।"
ठाकुर ने बोतल ले के नदी के पास बहुत गहरा गड्ढा खुदवा के उसमे बोतल रख के दफन करवा दिया ।
और वापस आ के मेरे बाबा और अम्मा को मार दिया क्यों के प्रेत ने ये बता दिया था कि ठाकुर ने क्या किआ है कही बाबा पुलिस के पास न चले जाएं ।
उस वक़्त मैं बाहर था अपने मामा के यहां जब वापस आया तो देखा मौत का तांडव। मगर मेरे बाबा भी पहुचे हुए तांत्रिक थे। वो भी प्रेत बन के मुझे सब बताया और मैने बाबा का अंतिम संस्कार कर के ठाकुर की मौत लिख दी अपने इन्ही हाथों से।ये जो ऊपर रखी हुई खोपड़ी है ये उसी ठाकुर की है।"
"इतना बुरा हुआ तुम्हारे साथ मुझे पता ही नही था।"कहते हुए सरोज किस करने लगी क्यों के शैतान बैठा था ।

Bahut hi shandar update he bull devil Bro

To shaitan ka ye past he.............

Ab saroj ki halat kharab hone wali he

Keep rocking Bro
 

Ajju Landwalia

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उधर सरोज सुबह जागती है और सोचती है

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"कौन था रात में जिसने सिर्फ जीभ से मेरा पानी निकाल के झाड़ दिया मुझे और जीभ अंदर तक जहां तक रजनी के बापू के समान नही जाता वहां तक महसूस हुई।"
"ये जी उठिए न कब तक सोएंगे कितना धूप निकल आया है?"सोए भोला को देख के सरोज बोली।
"सोने दो तुम्हारे सांप ने काटा था रात में तो सोने में 2 बज गए थे।" बिना आंख खोले करवट बदलते हुए भोला बोला।
"अरे अब उठ भी जाओ देखो रजनी नहा के आ गयी नाश्ता बना रही है। "थोड़ा भौ सिकोड़ के बोलती है।
"अच्छा ठीक है।"खिसिया के उठता है
"अच्छा मेरा इलाज किसने किया था ?" मैं देख नही पाई क्यों के शायद वैद्य है नही यहां "?मन ही मन उस पल को याद करते हुए रोमांचित होती हुई पूछती है।
"शैतान ने "जम्हाई से पहले बोलता है
"कौन शैतान?"
"अरे जब मैं घायल हुआ था तब शैतान मुझे ले के घर आया था उस समय तुम कही गयी थी । तो मैंने उसको दुकान की देख रेख करने के लिए रख लिया। काम करता है दुकान म और जंगल मे रहता है।उसको रजनी ने बुलाया था क्यों के उसको दवा की जानकारी है ।"
"अच्छा तो वो जंगल में क्यों रहता है।घर बुला लो यही रह लेगा।"
"नही वो बहुत बड़ा है और बहुत खाता है तुम बना नही पाओगी ।"
"कितना बड़ा है कितना खाता है?"
"अरे वो 7 फुट का है और कसरत करता है तो यहां 3 घर का खाना अकेले खा जाता है इतना खा लेता है ।"
"3 घर के बराबर ?मतलब मतलब 30 40 रोटी खाता है एक बार मे और 2किलो चिकन या मटन खा लेता है ।"
"अरे बाप रे आज उसको कहना के मैंने खाने पे बुलाया है।"
"देखती हूं कितना खा सकता है।"मन मे सोचते हुए
"ठीक है मैं नहाने जा रहा हु"निकलते हुए भोला बोल के जाता है
"7 फिट का है इसलिए इतनी लंबी जीभ है तो लण्ड कितना बड़ा होगा?"एक्साइट होते हुए सोचती है।
दुकान पहुच के देखता है शैतान दुकान खोल के भीड़ निपटाने में लगा है और करीब 2 घंटे बाद भीड़ कम होने पे भोला " शैतान आज रात को हमारे घर खाना खाना है।"खुशी लाते हुए चेहरे से बोलता है
"क्यों आज क्या है?"बिना एक्सप्रेशन से
"अरे कल ज़हर उतारा था तो तुम्हारी चाची तुमको खिला पिला के भेजना चाहती है।"
"मैं जितना खाता हूं उतना पकाना पॉसिबल नही होता।"
"अरे वो बोल रही है तो आ जाना न।"
"ठीक है समझ गया।"
शाम को दुकान बंद कर के दोनों लोग घर के लिए निकले जंगल म शैतान बोला "आप जाओ मैं खाने से पहले आ जाऊंगा।"
"ठीक है।"
भोला घर आ गया। सरोज बोली "वो कहाँ है?"
"आ जायेगा खाना से पहले।कुछ काम करने गया है।"
"कैसा दिखता है जल्दी आये तो मज़ा आये "सोचते हुए सरोंज खाना पकाने लगती है।
रात को 8 बजे गेट पे दस्तक हुई रजनी ने गेट खोला तो शैतान की कमर और उसके लण्ड वाला हिस्सा दिखा।
"आओ" बोल के पीछे हट गई।
"शैतान झुक के अंदर गया और पलंग पे बैठ गया पूरे पलंग पे अकेला बैठा था और पलंग छोटा लग रहा था।
तभी सरोज अंदर घुसती है और शैतान को देख के चीख उठती है"आआआआआआआ "
"क्या हुआ ?"घबराता सा भोला बोला
"ये कौन है ?"
"यही है शैतान सिंह बताया था न तुमको ?? "बहुत मेहनती बच्चा है"
"ये बच्चा है??"
"और नही तो क्या 19 साल में बुढ्ढे हो जाते है ?"
तभी उसको याद आता है रात का दृश्य जब वो चाट के झाड़ देता है।
"तुमने ही ठीक किया था मुझे ?"
"हम्म्म्म इलाज किया था साँप काटने का,ठीक कहाँ किआ अभी?"शैतानी मुस्कान के साथ बोला
भोला समझ नही पाया मगर सरोज समझ के मुस्कुरा देती है।
"रात को यही रुकना "
"रुक तो जाउ मगर झेल पाओगी मुझे ?"
"क्या मतलब ?"भोला बोला
"मैं खर्राटे लेता हूं बहुत तेज़।"
"हा हा हा हा हा हा"अगर रात हो जाये तो रुक जाना सुबह तड़के चले जाना।"भोला हसते हुए बोला।
"पानी पिला दो थोडा।"
"अभी लाता हु"
"जग में लाना गिलास में नही।"
"हां "
भोला अंदर चला जाता है।
"झेल क्यों नही पाउंगी?"
"जीभ इतनी लंबी है तो समान कितना होगा।"अपनी भौवें चढ़ा के मुस्कुरा के बोला।
"फिर ये लोग जाग जाएंगे ?"
"लो इसको खाने में मिला देना इन दोनों के फिर सुबह तक घर भी गिर जाए तो नही उठने वाले।"
"बहुत शैतान हो"
"इसीलिए मैं शैतान हुँ"
सरोज अंदर जा के खाना परोस के दवा दोनो के खाने में डाल देती है और शैतान को भी परोस के देती है।
शैतान 10 लोगो के बराबर का खाना अकेला खा जाता है।उसकी डाइट कैपेसिटी देख के सरोज और रजनी दोनो इम्प्रेस होती है।रजनी तो वैसे भी उंसके प्रति आसक्त थी। खाना खाने के बाद दोनों को नींद आने लगती है और वो सोने के लिए चले जाते है।शैतान खाना खाने के बाद बैठ के दारू निकाल लेता है और पीने लगता है।जिसको देख के सरोज बोलती है "शराब पी रहे हो?"
"हां "
"मगर तुम तो केवल 19 साल के हो फिर ?"
"ये प्राकृतिक शराब है इसको पीने से ताकत आती है मुझे।""मगर तेरे घर मे मेरे हिसाब से सोने के लिए नई है तू मेरे साथ चल वहां से सुबह तुझे यहां छोड़ दूंगा जल्दी "
"मगर घर वाले क्या ?"
"वो सुबह से पहले नही उठने वाले।"
"मगर "
"सोच ले हाँ या न?"
"कितनी दूर जाना है जंगल मे?
"कुछ दूर पे।"
"चल ठीक है।"
गोद मे उठा लेता है सरोज को और कहता है "आंख बंद करो मैं दौड़ के ले जाऊंगा ताकि कोई देख न पाए।"
"अरे दरवाज़ा तो बन्द करने दो कही कोई चोर या जानवर न घुस जाए।"
"कोई नही घुसेगा""बन्द कर दूंगा "
"ठीक है फिर"आंख बन्द कर के बोली ।
शैतान ने उसको गोद मे उठा लिया और गेट से बाहर निकल के दौड़ के जंगल मे जाने लगा ।
आंख बन्द करे हुए सरोज सोच रही "मैं जा रही हु इसके साथ चुदाई करने क्या ठीक रहेगा ?""मगर केवल जीभ में मेरी चूत बहा देना कोई मामूली बात नही है । एक बार कर के देखती हूं अगर अच्छा लगा तो सोचूंगी वरना आगे का।"उसको ऐसा लग रहा था जैसे कोई कूद फांद के भाग रहा है 2 मिनट में आवाज़ आयी आंख खोल दो।
उतार के नीचे खड़ा किया और उसने आंख खोली तो एक झोपड़ी में पाया जिसमे आदमियों की खोपड़ी और मशाल जल रही थी।
"ये खोपड़ी क्यों रखी है यहां पे ?"
"ये मेरे बाबा की हत्या करने वाले लोगो की है जिन लोगो ने मेरे घर को बर्बाद कर दिया था मैंने उनको मार के अपने पास रख लिया ताकि मुझे खुशी मिल सके।"
"अरे क्या हुआ था?"
"मेरे बाबा एक तांत्रिक और वैद्य थे वो लोगो की मदद करते थे और एक दिन एक ठाकुर आया उसको अपने बच्चे की बीमारी ने परेशान कर रखा था। जब बाबा ने देखा तो पता चला चला किसी प्रेत ने बच्चे को पकड़ लिया था।तब बाबा ने बताया कि "प्रेत लगा हुआ है अगर हल्की सी भी गलती हुई तो बच्चा नही बचेगा।"
ठाकुर ने बोला " कुछ भी करो मगर बचाओ।"
"ठीक है ये समान मंगवाए।"
"जी, जाओ ये समान ले के आओ।"
पूजा कर के जब बच्चे को जब बैठाया गया तो प्रेत ने तांडव करने लगा और बोला "इस ठाकुर ने मेरी बीवी की इज़्ज़त लूट के मेरे सामने मार दिया फिर मुझे मार दिया अब मैं इसके बच्चे को मार के साथ ले जाऊंगा।" बाबा ने बोला "बच्चे ने क्या बिगाड़ा है उसको छोड़ दो और चले जाओ वरना तुमको नरक की आग में जला दूंगा।"
"हा हा हा हा हा हा हा हा तू जलाएगा मुझे मैं जा रहा हु अब इसकी बीवी की इज़्ज़त लूट के जाऊंगा और उसको भी मार दूंगा।"
मगर मेरे बाबा ने उसको एक बोतल में बंद कर दिया और ठाकुर को देते हुए बोला "इस बोतल में प्रेत है इसको इतने गहरे गड्ढे में गाड़ दो के बाहर न निकल पाये।"
ठाकुर ने बोतल ले के नदी के पास बहुत गहरा गड्ढा खुदवा के उसमे बोतल रख के दफन करवा दिया ।
और वापस आ के मेरे बाबा और अम्मा को मार दिया क्यों के प्रेत ने ये बता दिया था कि ठाकुर ने क्या किआ है कही बाबा पुलिस के पास न चले जाएं ।
उस वक़्त मैं बाहर था अपने मामा के यहां जब वापस आया तो देखा मौत का तांडव। मगर मेरे बाबा भी पहुचे हुए तांत्रिक थे। वो भी प्रेत बन के मुझे सब बताया और मैने बाबा का अंतिम संस्कार कर के ठाकुर की मौत लिख दी अपने इन्ही हाथों से।ये जो ऊपर रखी हुई खोपड़ी है ये उसी ठाकुर की है।"
"इतना बुरा हुआ तुम्हारे साथ मुझे पता ही नही था।"कहते हुए सरोज किस करने लगी क्यों के शैतान बैठा था ।

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Ab saroj ki halat kharab hone wali he

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तब शैतान ने पलट के किस करने लगा और उसको गोद मे उठा के बैठा लिया। किस करते हुए अपनी जीभ सरोज के मुह में डाल के चूंसने लगता है जीभ।ये सरोज के लिए नया अनुभव था क्यों के भोला कभी ऐसे किस नही करता था सिर्फ होंठों से होठो पे किस करता था चूसने का मज़ा कभी आया ।
फिर शैतान ने उसकी अंगिया उतार दी और उसके कड़े बूब्स मसल के चूसने लगा इतने कड़े हाथ से मसलना एक दर्द के साथ चूंसने से मज़ा का दोहरा असर हो रहा था उंसके गले पे किस करने लगा। अब सरोज मज़े में दोहरी हुई जा रही थी फिर अचानक से शैतान वाइल्ड होते हुए नीचे गिरा के बिस्तर पे जानवर जैसे उसको काटने लगता है और कस के किस करने लगता है।
"आह ह ह सससस धीरे करो काटो मत्तत्त्त आउच।"
"क्या कर रहे हो धीरे करो न "
फिर अचानक से उंसके घाघरा का नाडा तोड़ देता है जिसे देख के उसकी ताकत का अंदाज़ा हो जाता है सरोज को। फिर चूत में मुह लगा कि चाटने लगता है और जीभ अंदर घुस जाती है जिससे मज़े में आंखे बंद हो जाती है।
"हाअह क्या बातत है वाह ऐसे ही चाटो उफ़्फ़फ़फ़ क्या चाटते हो हम्मममम्म""उईईई मा मर्रर्रर्रर गयी रे लगता है तू ऐसे ही आउच चाटता रहे। ममममममम हम्मममम्म "
अचानक वो जीभ निकाल के अपनी धोती साइड में कर के अपना बड़ा लण्ड जिसका सुपाड़ा ही 3 4 इंच लंबा और मोटा होगा चूत पे रख के रगड़ देता है जिससे वो और गर्म हो जाती है उसकी समझ नही आता ये किस चीज़ से रगड़ रहा है तभी अचानक से कुछ मोटा नही बहुत मोटा फसता महसूस हुआ।


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"हम्मममम्म आआआहहहह क्या है येईईईईई"
"निकालो बहुत मोटा है बहुत दर्द हो रहा है"रूवासी आवाज़ में बोली सरोज।
"आआआ मा मर गयी"पूरा सुपाड़ा अंदर घुस चुका था।
अब शैतान ने 1 करारा धक्का लगा दिया आधा इंच अंदर सरक गया वो भी फस गया ।जैसे जगह न हो ।
घुटी सी आवाज़ में "आहहद निकाल जल्दी "
तभी शैतान रुक गया और घिसने लगा लण्ड अपना। जिससे दर्द कम हुआ और सरोज कुछ राहत महसूस करने लगी "हम्ममम्म ईईईईसससस"
1 मिनट घिसने के बाद 1 धक्का और लग गया "हम्मममम्म करते ही शैतान ने मुह में हाथ रख दिया और दूसरे से चूची दबाने लगा उंसके बड़े हाथ मे छोटी से चूची किसी छोटे टमाटर जैसी लग रही थी जिसको वो मसल रहा था। 1 धक्का और मार दिया जिससे लण्ड टोटल 6 इंच अंदर था 4 इंच का सुपाड़ा और 2 इंच का लण्ड ।


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आंसू के साथ तड़पते हुए सरोज हम्म्म्म ह्म्म्म कर रही थी क्यों के दर्द की इंतहा थी उसको।आज उसको लग रहा था कि "मार देगा ये हैवान मुझे।क्या कर दिया यहां आ के"
1धक्का और लगा के आधा इंच और अंदर चला गया।और सरोज बेहोश हो गयी ।
तब शैतान ने उसको 5 7 धक्के मारे जिससे उसका भोसड़ा खुल गया लण्ड आधे से ज़्यादा अंदर घुस चुका था।अंदर वो किसी चीज़ से टकरा रहा था। शैतान समझ गया ये ऐसे नही जाएगा।उसने लण्ड 2इंच बाहर किया और खूब सारा थूक लगा दिया लण्ड पे और चूत में और 2 से 3 धक्के मारे ऐसा लगा जैसे कोई चीज़ टूट गयी या फ़ट गयी और लण्ड पूरा अंदर घुस चुका था 10 इंच तक जो के नाभि से नीचे बच्चेदानी के अंदर था ।
खून निकलने से पूरा लण्ड बिस्तर और सरोज की टांग तक गीली हो चुकी थी।
5 मिनट तक धक्के मारने के बाद पानी के छीटे से जाग गयी सरोज और दर्द से भर उठी।"आह मा मार दिया हरामी ने"
"निकालो बहुत दर्द है सह नही पा रही हु उफ़्फ़फ़फ़ आउच ""हाअह करो करो धीरे से करो अच्छा लग रहा है अब हम्ममम्म हहहह ईईसस् "


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अब शैतान के चेहरे पे कमीनी मुस्कान आ गयी अब वो बेरहमी से चोदन शुरू कर दिया।
"आआआआआ मर गयी साले हरामी क्या चोदता है तू बस पागल कर दिया मुझे ऑउच ऐसे चुदाई होती है।अब बस भी कर मैं झड रही हु आआआआआआआ"बोलते हुए झड़ने लगी और पानी की बौछार छूट गयी साथ मे शैतान भी बच्चेदानी के अंदर छोड़ दिया माल और उसपे औध गया। उंसके भार से सरोज दब गई और तड़पने लगी तब शैतान धीरे से साइड में हट गया और सरोज उठ के बाहर गयी और मूतने बैठ गयी उंसके बैठने से खूब सारा मूत तो निकल गया बाद में खून और माल निकल गया खूब सारा इतना माल देख के वो सोचने लगी के" इतना माल तो भोला के 1 महीने में निकलता है।""मूतने के बाद उठने पे उसको दर्द की एक लहर महसूस हुई। वो खड़ी हुई और अंदर गयी तो देखा एक जगह पानी रखा है उसने पूछा "ये पानी कैसा है?
"अच्छा है किसलिए चाहिए?
"बहुत खून निकल गया धोना है नीचे "
"अच्छा आओ मेरे साथ"
शैतान के साथ उंसके झोपड़ी के पीछे गयी और वहां एक नहर थी जिसमे रजनी नहाती थी वो बह रही थी उसमें उसने कमर तक उतर कर धोया चूत। ठंडे पानी से अंदर तक सेक हो गई तो आराम मिल गया । वो बाहर आई और बोली "मुझे घर छोड़ दो पता नही कितना बज गया है।"
"अभी जाना है एक बार और"
"नही बिल्कुल नही क्यों के मैं बहुत थक गई और दर्द भी है।"
"क्या कहा मुझे मना कर रही हो?"गुस्से में बोल गया।
"मना कर रही हु क्यों के तुमने ऐसी हालत कर दी है।मैं चल भी नही पा रही।"रोनी जैसी सूरत बनाती हुई बोली।
"चल ठीक है मगर अब दोबारा नही करूँगा कभी तेरे साथ।""उसी भोला से मरवाना अपनी "
कह के उसने सरोज को उठाया और उज़की आंख बंद करने को बोला।
सरोज ने उसके गाल को चूम लिया और बोली "मैं कही नही जा रही केवल 1 2 दिन आराम दे दो फिर करूँगी न पक्का।"
"ह्म्म्म"बोला मगर गुस्से में था।
उसने घर छोड़ दिया तो सरोज बोली "अंदर आओ "
"क्यों "
"आओ अंदर"
शैतान अंदर गया तो सरोज ने पलंग में बैठ के लण्ड पकड़ के चूंसने लगी। लण्ड के मुह पे जीभ से करोद के चूंसने लगी पूरा टोपा बहुत मुश्किल से ले पाई मगर बहुत मन से चूंसने लगी।40 मिनट चूसते हुए शैतान झड गया।जिसको उसने सरोज के मुह में झाड़ दिया गले के नीचे उतार दिया।
बहुत खुश हुआ "आज तूने मुझे खुश कर दिया मेरी रखैल आज तुझे मैं इनाम दूंगा।"
"अच्छा क्या इनाम देगा मुझे?"
"तुझे बहुत बेशकीमती हार दूंगा।"
"हार देगा?" कहाँ से आया तेरे पास?"
"मेरे पास बहुत कुछ है मैं राजा हु मगर यहां एक मकसद से आया हु।"
"अच्छा"
"ले ये ले"एक बहुत कीमती पन्ने का चैन दिया जिसमें बहुत बड़ा पन्ना का लॉकेट लगा था।
"ये बहुत कीमती है इसको हल्के में न लेना।"बहुत कुछ कर सकता है ये।"
"अच्छा क्या कर सकता है?"
"ये कोई भी इच्छा पूरी कर सकता है बस मांगना आना चाहिए।"
"अच्छा "
"मैं अभी इसको रख लेती हूं कभी पहन लूंगी।"
1 कटोरी माल पी के पेट भर गया और सो गई दरवाज़ा बन्द कर के।

Bahut hi umda update he bull devil Bro

Maja aa raha he story me

Keep rocking
 
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