Ajju Landwalia
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"अम्मा अम्मा उठो "पानी के छीटे मारती है।मगर वो होश में नही आती।
"बापू ओ बापू "बापू "
भोला भाग के आता है क्या हुआ हाफ पैंट पेहन के ।
"बापू देखो अम्मा बेहोश हो गयी चीख के।"
"अब क्या करे वैद्य के पास ले के चले"
"मगर वैद्य तो 3 दिन के लिए बाहर गया है।"
"भोला को बुलाओ उसको दवा की जानकारी है।"
रजनी भाग के जाती है जंगल और आवाज़ लगाई "शैतान"
बोलते ही 5 मिनट में शैतान बाहर आ गया "हा क्यों बुलाया क्या बात है?"
"वो अम्मा को पता नही क्या हो गया है बेहोश पड़ी है"
"हम्म्म्म चलो देखते है"
दोनो लोग घर आ गए तुरंत और ऊपर कमरे में ले जा के उसने शैतान को दिखाया।
शैतान ने अच्छे से देख के बताया कि सांप ने काटा है "बाहर से नीम और पीपल के पत्ते ले आओ जा के दोनों लोग तब तक इनका परीक्षण कर लेता हूं।
दोनो लोग बाहर चले गए नीम और पीपल का पत्ता लेने जो कि बहुत दूर था घर से।
शैतान ने तुरंत उसकी बॉडी से तौलिया खोल के पैर फैला दिया और चूत के पास डसने के निशान पे मुह लगा कि चूंसने लगा 5 मिनट तक चूंसने के बाद पूरा ज़हर बाहर हो गया।मगर शैतान को उसकी चूत की खुशबू भा गयी । वो खून में मिला हुआ ज़हर पी गया और कुल्ला कर के उसकी चूत सूंघने लगा और लंबी सी जीभ जो कि उसके गले तक आ रही थी उसको चूत में घुसा के चाटने लगा इससे सरोज को होशं आने लगता है ज़हर निकलने से।और वो मज़ा में डूब जाती है।
"आह आह क्या हो रहा है मुझे इतना मज़ा तो कभी रजनी ने बापू ने भी नही दिया।उफ़्फ़फ़"
शैतान लगातार जीभ से चूत के अंदर कुरेद रहा था। इतनी लंबी जीभ का फायदा दिखा रहा था शैतान।
"आ आ आ ह ह ह ह ये कैसा मज़ा है जो आज तक किसी ने नही दिया उफ़्फ़फ़ कौन हो तुम बताओ।"
शैतान खामोशी से चूत की गहराई को अपनी जीभ से साफ कर के पानी पी रहा था नमकीन वाला ।अभी केवल 2 3 मिनट हुए जीभ से कुरेद के चटाते हुए और एक लंबी हुंकार मारती हुई सरोज ने अपना बंबा खोल दिया ऐसे झड़ी फुहार मार के शैतान पूरा गिला हो गया ।
अचानक वो उठी तो देखती है वहां कोई नही है फिर मुझे चाट के किसने झाड़ा ।
सोचती हुई फिर सो जाती है।बाहर शैतान खड़ा था दोनो लोग आए तो शैतान बोला"आओ ले मुझे दे दो।"
नीम और पीपल के पत्ते डाली सहित दे दी और शैतान ने उनको पीसना शुरू कर दिया।
फिर घर से मसाले मांग के उनके रस में मिला के उसको पिलाने को दे दिया।बाप अंदर गया उसने देखा मूत पड़ी हुई है वहां तो पानी डाल के साफ किया और रस उंसके मुह में डाल के पिला दिया ।
बाहर आने पे शैतान बोला "अब सुबह तक बिल्कुल ठीक हो जाएंगी ठंडी लगेगी तो कंबल उढ़ा देना।मैं जा रहा हु।"बोल के शैतान चल दिया।पीछे से रजनी भाग के जाती है और उसको धन्यवाद बोलती है वो मुस्कुरा के चल देता है।
रजनी खिसिया जाती है उसका हाथ पकड़ के बोलती है "मैं तुमको धन्यवाद बोलने आई और तुम बिना कुछ बोले जा रहे हो।"
"मैं क्या बोलू बताओ धन्यवाद का क्या जवाब दु "
रजनी सोचती है फिर बोलती है "कुछ भी बोल देते।"
वो सोचता है फिर बोलता है " रजनी धन्यवाद तो बाहर वालो को बोला जाता है अपनो को नहीं।"
रजनी मुस्कुरा के चल देती है।
"जवाब दे के नही जाओगी "
"जवाब दे दिया है मैने।"
शैतान सोचने लगता है " क्या जवाब दिया कुछ भी तो नही।"
जंगल जाते ही गायब हो जाता है।उधर सुबह रजनी नहाने के लिए भोर होते ही निकल जाती है कपड़े उतार के नंगी हो के पानी के उतर जाती है और नहाने लगती है अपनी गोरे उभारो को प्यार से मसल से निप्पल को पकड़ के साफ करते हुए कमर और हाथ को रगड़ के नहा रही होती है तभी उसको मूत लगती है तो मूतने के लिए इधर उधर देख के एक झाड़ी की तरफ जाती है और बैठ जाती है जहाँ उसको वही प्रेतनाथ दिख जाता है सोता हुआ कुछ दूरी पे मगर उसकी मूत छूट जाती है और गुलाबी घाटी से सुनहरी धार निकलती है फिर भाग के वो नहर में उतर के अपनी चूत रगड़ के साफ करती है।
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और नहा के कपड़े पहन के घर चल देती है मगर प्रेतनाथ जग जाता है उसको जाते हुए देख के बोलता है "तेरा बाप और माँ एक बार बच गए बार बार नही बच पाएंगे। तेरा खराब समय शुरू हो चुका है।"
वो गुस्से में जाती है और बोलती है "बकवास न करो समझे क्या चाहिए वो बोलो"
"मुझे क्या देगी तू मेरे पास सब कुछ है जो मैं चाहूंगा वो मिल जाएगा।"
"फिर क्यों परेशान कर रहे हो?"
"चेता रहा हु नही मानती तो जा भुगत मुझे क्या"
"जब परेशान ज़्यादा हो तब मेरे पास जाना मैं उपाय कर दूंगा सब ठीक हो जाएगा।"
हूह करती हुई रजनी चली गयी और प्रेतनाथ उसकी गाँड़ और पतली कमर देखता रहा। "जा आज तू जल्दी ही तू मेरे नीचे होगी और मेरा बड़ा लण्ड तेरे अंदर । मेरे बच्चे की माँ बनेगी तू मैं मैं बनूंगा भगवान।हा हा हा हा हा हा हा"
Bahut hi shandar update he bull devil Bro,
Keep rocking






