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Thank youबहुत ही शानदार अपडेट शैतान ने शुरू कर दिया अपना खेल अब देखते है क्या होता है !
बहुत ही उम्दा लिख रहे हो आप !
Thank youबहुत ही शानदार अपडेट शैतान ने शुरू कर दिया अपना खेल अब देखते है क्या होता है !
बहुत ही उम्दा लिख रहे हो आप !
Haan kahani naya mod lene waali hai jaldiबहुत ही शानदार update....
रजनी तो शैतान पर मोहित हुयीं पडी हैं और प्रेतनाथ से नाराज
Thank youNice n fantastic
Thank you dostZabardast story bhai
Ayega jaldi hi jude rahiyeWaiting for next update

Bhut shandaar update.....उधर सरोज सुबह जागती है और सोचती है
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"कौन था रात में जिसने सिर्फ जीभ से मेरा पानी निकाल के झाड़ दिया मुझे और जीभ अंदर तक जहां तक रजनी के बापू के समान नही जाता वहां तक महसूस हुई।"
"ये जी उठिए न कब तक सोएंगे कितना धूप निकल आया है?"सोए भोला को देख के सरोज बोली।
"सोने दो तुम्हारे सांप ने काटा था रात में तो सोने में 2 बज गए थे।" बिना आंख खोले करवट बदलते हुए भोला बोला।
"अरे अब उठ भी जाओ देखो रजनी नहा के आ गयी नाश्ता बना रही है। "थोड़ा भौ सिकोड़ के बोलती है।
"अच्छा ठीक है।"खिसिया के उठता है
"अच्छा मेरा इलाज किसने किया था ?" मैं देख नही पाई क्यों के शायद वैद्य है नही यहां "?मन ही मन उस पल को याद करते हुए रोमांचित होती हुई पूछती है।
"शैतान ने "जम्हाई से पहले बोलता है
"कौन शैतान?"
"अरे जब मैं घायल हुआ था तब शैतान मुझे ले के घर आया था उस समय तुम कही गयी थी । तो मैंने उसको दुकान की देख रेख करने के लिए रख लिया। काम करता है दुकान म और जंगल मे रहता है।उसको रजनी ने बुलाया था क्यों के उसको दवा की जानकारी है ।"
"अच्छा तो वो जंगल में क्यों रहता है।घर बुला लो यही रह लेगा।"
"नही वो बहुत बड़ा है और बहुत खाता है तुम बना नही पाओगी ।"
"कितना बड़ा है कितना खाता है?"
"अरे वो 7 फुट का है और कसरत करता है तो यहां 3 घर का खाना अकेले खा जाता है इतना खा लेता है ।"
"3 घर के बराबर ?मतलब मतलब 30 40 रोटी खाता है एक बार मे और 2किलो चिकन या मटन खा लेता है ।"
"अरे बाप रे आज उसको कहना के मैंने खाने पे बुलाया है।"
"देखती हूं कितना खा सकता है।"मन मे सोचते हुए
"ठीक है मैं नहाने जा रहा हु"निकलते हुए भोला बोल के जाता है
"7 फिट का है इसलिए इतनी लंबी जीभ है तो लण्ड कितना बड़ा होगा?"एक्साइट होते हुए सोचती है।
दुकान पहुच के देखता है शैतान दुकान खोल के भीड़ निपटाने में लगा है और करीब 2 घंटे बाद भीड़ कम होने पे भोला " शैतान आज रात को हमारे घर खाना खाना है।"खुशी लाते हुए चेहरे से बोलता है
"क्यों आज क्या है?"बिना एक्सप्रेशन से
"अरे कल ज़हर उतारा था तो तुम्हारी चाची तुमको खिला पिला के भेजना चाहती है।"
"मैं जितना खाता हूं उतना पकाना पॉसिबल नही होता।"
"अरे वो बोल रही है तो आ जाना न।"
"ठीक है समझ गया।"
शाम को दुकान बंद कर के दोनों लोग घर के लिए निकले जंगल म शैतान बोला "आप जाओ मैं खाने से पहले आ जाऊंगा।"
"ठीक है।"
भोला घर आ गया। सरोज बोली "वो कहाँ है?"
"आ जायेगा खाना से पहले।कुछ काम करने गया है।"
"कैसा दिखता है जल्दी आये तो मज़ा आये "सोचते हुए सरोंज खाना पकाने लगती है।
रात को 8 बजे गेट पे दस्तक हुई रजनी ने गेट खोला तो शैतान की कमर और उसके लण्ड वाला हिस्सा दिखा।
"आओ" बोल के पीछे हट गई।
"शैतान झुक के अंदर गया और पलंग पे बैठ गया पूरे पलंग पे अकेला बैठा था और पलंग छोटा लग रहा था।
तभी सरोज अंदर घुसती है और शैतान को देख के चीख उठती है"आआआआआआआ "
"क्या हुआ ?"घबराता सा भोला बोला
"ये कौन है ?"
"यही है शैतान सिंह बताया था न तुमको ?? "बहुत मेहनती बच्चा है"
"ये बच्चा है??"
"और नही तो क्या 19 साल में बुढ्ढे हो जाते है ?"
तभी उसको याद आता है रात का दृश्य जब वो चाट के झाड़ देता है।
"तुमने ही ठीक किया था मुझे ?"
"हम्म्म्म इलाज किया था साँप काटने का,ठीक कहाँ किआ अभी?"शैतानी मुस्कान के साथ बोला
भोला समझ नही पाया मगर सरोज समझ के मुस्कुरा देती है।
"रात को यही रुकना "
"रुक तो जाउ मगर झेल पाओगी मुझे ?"
"क्या मतलब ?"भोला बोला
"मैं खर्राटे लेता हूं बहुत तेज़।"
"हा हा हा हा हा हा"अगर रात हो जाये तो रुक जाना सुबह तड़के चले जाना।"भोला हसते हुए बोला।
"पानी पिला दो थोडा।"
"अभी लाता हु"
"जग में लाना गिलास में नही।"
"हां "
भोला अंदर चला जाता है।
"झेल क्यों नही पाउंगी?"
"जीभ इतनी लंबी है तो समान कितना होगा।"अपनी भौवें चढ़ा के मुस्कुरा के बोला।
"फिर ये लोग जाग जाएंगे ?"
"लो इसको खाने में मिला देना इन दोनों के फिर सुबह तक घर भी गिर जाए तो नही उठने वाले।"
"बहुत शैतान हो"
"इसीलिए मैं शैतान हुँ"
सरोज अंदर जा के खाना परोस के दवा दोनो के खाने में डाल देती है और शैतान को भी परोस के देती है।
शैतान 10 लोगो के बराबर का खाना अकेला खा जाता है।उसकी डाइट कैपेसिटी देख के सरोज और रजनी दोनो इम्प्रेस होती है।रजनी तो वैसे भी उंसके प्रति आसक्त थी। खाना खाने के बाद दोनों को नींद आने लगती है और वो सोने के लिए चले जाते है।शैतान खाना खाने के बाद बैठ के दारू निकाल लेता है और पीने लगता है।जिसको देख के सरोज बोलती है "शराब पी रहे हो?"
"हां "
"मगर तुम तो केवल 19 साल के हो फिर ?"
"ये प्राकृतिक शराब है इसको पीने से ताकत आती है मुझे।""मगर तेरे घर मे मेरे हिसाब से सोने के लिए नई है तू मेरे साथ चल वहां से सुबह तुझे यहां छोड़ दूंगा जल्दी "
"मगर घर वाले क्या ?"
"वो सुबह से पहले नही उठने वाले।"
"मगर "
"सोच ले हाँ या न?"
"कितनी दूर जाना है जंगल मे?
"कुछ दूर पे।"
"चल ठीक है।"
गोद मे उठा लेता है सरोज को और कहता है "आंख बंद करो मैं दौड़ के ले जाऊंगा ताकि कोई देख न पाए।"
"अरे दरवाज़ा तो बन्द करने दो कही कोई चोर या जानवर न घुस जाए।"
"कोई नही घुसेगा""बन्द कर दूंगा "
"ठीक है फिर"आंख बन्द कर के बोली ।
शैतान ने उसको गोद मे उठा लिया और गेट से बाहर निकल के दौड़ के जंगल मे जाने लगा ।
आंख बन्द करे हुए सरोज सोच रही "मैं जा रही हु इसके साथ चुदाई करने क्या ठीक रहेगा ?""मगर केवल जीभ में मेरी चूत बहा देना कोई मामूली बात नही है । एक बार कर के देखती हूं अगर अच्छा लगा तो सोचूंगी वरना आगे का।"उसको ऐसा लग रहा था जैसे कोई कूद फांद के भाग रहा है 2 मिनट में आवाज़ आयी आंख खोल दो।
उतार के नीचे खड़ा किया और उसने आंख खोली तो एक झोपड़ी में पाया जिसमे आदमियों की खोपड़ी और मशाल जल रही थी।
"ये खोपड़ी क्यों रखी है यहां पे ?"
"ये मेरे बाबा की हत्या करने वाले लोगो की है जिन लोगो ने मेरे घर को बर्बाद कर दिया था मैंने उनको मार के अपने पास रख लिया ताकि मुझे खुशी मिल सके।"
"अरे क्या हुआ था?"
"मेरे बाबा एक तांत्रिक और वैद्य थे वो लोगो की मदद करते थे और एक दिन एक ठाकुर आया उसको अपने बच्चे की बीमारी ने परेशान कर रखा था। जब बाबा ने देखा तो पता चला चला किसी प्रेत ने बच्चे को पकड़ लिया था।तब बाबा ने बताया कि "प्रेत लगा हुआ है अगर हल्की सी भी गलती हुई तो बच्चा नही बचेगा।"
ठाकुर ने बोला " कुछ भी करो मगर बचाओ।"
"ठीक है ये समान मंगवाए।"
"जी, जाओ ये समान ले के आओ।"
पूजा कर के जब बच्चे को जब बैठाया गया तो प्रेत ने तांडव करने लगा और बोला "इस ठाकुर ने मेरी बीवी की इज़्ज़त लूट के मेरे सामने मार दिया फिर मुझे मार दिया अब मैं इसके बच्चे को मार के साथ ले जाऊंगा।" बाबा ने बोला "बच्चे ने क्या बिगाड़ा है उसको छोड़ दो और चले जाओ वरना तुमको नरक की आग में जला दूंगा।"
"हा हा हा हा हा हा हा हा तू जलाएगा मुझे मैं जा रहा हु अब इसकी बीवी की इज़्ज़त लूट के जाऊंगा और उसको भी मार दूंगा।"
मगर मेरे बाबा ने उसको एक बोतल में बंद कर दिया और ठाकुर को देते हुए बोला "इस बोतल में प्रेत है इसको इतने गहरे गड्ढे में गाड़ दो के बाहर न निकल पाये।"
ठाकुर ने बोतल ले के नदी के पास बहुत गहरा गड्ढा खुदवा के उसमे बोतल रख के दफन करवा दिया ।
और वापस आ के मेरे बाबा और अम्मा को मार दिया क्यों के प्रेत ने ये बता दिया था कि ठाकुर ने क्या किआ है कही बाबा पुलिस के पास न चले जाएं ।
उस वक़्त मैं बाहर था अपने मामा के यहां जब वापस आया तो देखा मौत का तांडव। मगर मेरे बाबा भी पहुचे हुए तांत्रिक थे। वो भी प्रेत बन के मुझे सब बताया और मैने बाबा का अंतिम संस्कार कर के ठाकुर की मौत लिख दी अपने इन्ही हाथों से।ये जो ऊपर रखी हुई खोपड़ी है ये उसी ठाकुर की है।"
"इतना बुरा हुआ तुम्हारे साथ मुझे पता ही नही था।"कहते हुए सरोज किस करने लगी क्यों के शैतान बैठा था ।