वो बड़ा ज़ालिम है, जो हमें तड़पाता है,
कोई हमें मोहब्बत का रास्ता क्यों नहीं दिखाता है।
इतनी दूरियाँ अच्छी नहीं होती रिश्तों में,
फिर ये इश्क़ हमें तन्हाइयों में क्यों सताता है।
हम तो आज भी उसी के इंतज़ार में बैठे हैं,
फिर ये दिल उसी की याद में अश्क़ क्यों बहाता है।
कोई हमें मोहब्बत का रास्ता क्यों नहीं दिखाता है।
इतनी दूरियाँ अच्छी नहीं होती रिश्तों में,
फिर ये इश्क़ हमें तन्हाइयों में क्यों सताता है।
हम तो आज भी उसी के इंतज़ार में बैठे हैं,
फिर ये दिल उसी की याद में अश्क़ क्यों बहाता है।

Reactions: Tabassum Sk