LunarRequiem
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Nice upddate....#201.
उधर शैफाली पानी के अंदर डूबती जा रही थी, पता नहीं क्यों वह पानी में ठीक से तैर नहीं पा रही थी?
शैफाली को लगा कि शायद अब वह जीवित नहीं बचेगी, कि तभी शैफाली को पानी में एक बड़ा सा साया दिखाई दिया, जो तेजी से उसकी ओर ही आ रहा था।
एक पल में शैफाली ने उस साये को पहचान लिया, वह डेंगो था। विशाल डेंगो.... मैग्ना की सवारी डेंगो।
डेंगो ने शैफाली के शरीर को उठाया और उसे लकड़ी के तख्ते पर चढ़ा दिया।
शैफाली अपनी आँखें खोलकर डेंगो को देख रही थी। तभी एका एक डेंगो का आकार बदल गया। अब वह ब्रूनो के रुप में नजर आने लगा था।
ब्रूनो अब शैफाली के तख्ते को खींचकर डूब रहे सुप्रीम से दूर ले जाने लगा। तभी शैफाली की नजर अपने हाथ पर गई। उसके हाथ में घोड़े की रकाब और रस्सी नजर आ रही थी।
अब अचानक शैफाली को तिलिस्मा का द्वार याद आ गया। तभी एक तेज गड़गड़ाहट की आवाज के साथ सुप्रीम वहीं पानी में डूब गया।
तेज गड़गड़ाहट से शैफाली ने अपनी आँखें बंद कर लीं।
शैफाली ने जब अपनी आँखें खोलीं, तो उसे वह गड़गड़ाहट की आवाज तालियों की दिखी, जो कि जादूगर के जादू से खुश होकर वहां बैठे लोग बजा रहे थे। शैफाली यह देखकर हैरान रह गई।
तभी उसकी नजर अपने हाथ में थमी रस्सी और घोड़े की रकाब की ओर गई।
“उम्मीद करता हूं शैफाली, कि तुम्हें मेरे जादू से बहुत मजा आया
होगा?” यह कहकर जादूगर ने शैफाली को अपनी कुर्सी की ओर जाने का इशारा किया।
शैफाली, रकाब और रस्सी को उठाये अपनी कुर्सी की ओर बढ़ गई, पर इस समय उसके दिमाग में बहुत उथल-पुथल चल रही थी।
“क्या उसने जो कुछ भी अभी देखा, वह सब असली था? क्या ब्रूनो ही डेंगो था? क्या माइकल और मारथा मर गये या फिर वह जिंदा थे?” ऐसे ही ना जाने कितने प्रश्न शैफाली के दिमाग में घूम रहे थे। शैफाली अब सुयश के पास आकर बैठ गई थी।
“यह घोड़े की रकाब और रस्सी तुम्हें कहां से मिली?” सुयश ने शैफाली के हाथ में पकड़ी वस्तुओं को आश्चर्य से देखते हुए कहा।
शैफाली ने धीरे-धीरे सुयश को पूरी कहानी सुना दी।
सुप्रीम की बात सुन तो एक बार सुयश भी विचलित हो गया, पर तुरंत ही उसने स्वयं को नियंत्रित कर लिया, लेकिन शैफाली की बातें सुनकर सुयश भी हैरान हो गया था।
जादूगर को शो अब खत्म हो चुका था। भीड़ के साथ-साथ अब सुयश और शैफाली भी उस टेंट से बाहर आ गये।
चूंकि उन्हें दोनों चीजें मिल गई थीं, इसलिये वह दोनों अब वापस उस स्थान की ओर चल पड़े, जहां से निकलकर वह इस मेले में आये थे।
सुयश और शैफाली जब उस स्थान पर पहुंचे, तो क्रिस्टी और जेनिथ पहले से ही उस जगह पर खड़े थे।
पर उन दोनों के लटके चेहरे देख सुयश समझ गया कि अवश्य ही कोई गड़बड़ हुई है।
तभी सुयश का ध्यान ऐलेक्स और तौफीक की ओर गया, उन्हें वहां ना देख सुयश ने घबराकर पूछा।
“ये ऐलेक्स और तौफीक कहां हैं? कहीं दिखाई नहीं दे रहे?” सुयश ने घबराए हुए शब्दों में पूछा।
सुयश की बात सुन क्रिस्टी और जेनिथ ने पूरी कहानी सुयश और शैफाली को सुना दी। दोनों की कहानी सुन एक पल के लिये सुयश और शैफाली के कदमों तले से जमीन निकल गई।
क्रिस्टी की आँखें तो रो-रोकर लाल हो गईं थीं।
“यह तो बहुत बुरा हुआ।” सुयश ने अपना सिर झुकाते हुए कहा- “मुझे लग रहा था कि वह दोनों हमारे साथ ही तिलिस्मा तोड़कर ही बाहर निकलेंगे।"
ऐलेक्स और तौफीक की मौत की खबर सुनकर शैफाली की आंखों से भी आंसू निकलने लगे।
उसे रोता देख जेनिथ ने उसे अपने गले से लगा लिया। पर इस समय उसे भी समझ नहीं आ रहा था कि वह शैफाली से क्या कहे?
काफी देर तक यही हालात बने रहे, फिर सभी अपनी जगह पर शांत होकर खड़े हो गये।
“अब सबकी बातें समाप्त हो गई हों, तो जरा मुझ पर भी ध्यान दे लीजिये।” हवा में घूम रही सुनहरी रेत ने कहा।
सभी की बातों के चक्कर में क्रिस्टी उस हवा में घूम रही रेत को तो भूल ही गई थी, जो कि उसकी पेंसिल से बाहर निकली थी।
अब क्रिस्टी ने जल्दी-जल्दी सुयश को उस सुनहरी रेत की कहानी सुना दी।
पूरी कहानी सुनने के बाद सुयश पलटकर हवा में घूम रही उस सुनहरी रेत को देखने लगा।
“आप कौन हो? उस पेंसिल की रेत में क्या कर रहे थे? और मुझे कैसे जानते हो?” सुयश ने आश्चर्य से हवा में घूम रही, उस रेत को देखते हुए कहा।
“मुझे अपने बारे में आपको कुछ बताने की जरुरत नहीं पड़ेगी? आप सबकुछ अपने आप समझ जाओगे दोस्त। लेकिन उससे पहले आप मुझे, इस रेत को आपके शरीर में मिलाने की आज्ञा दीजिये?" रेत ने कहा।
“मैं कुछ समझ नहीं पा रहा हूं कि आप क्या कह रहे हो? और जब तक मैं इस रेत के बारे में जानूंगा नहीं, तब तक आपको आज्ञा कैसे दे सकता हूं? मेरा मतलब कि मुझे पता होना चाहिये कि इस रेत में आखिर है क्या? और यह तुम मेरे शरीर में क्यों मिलाना चाहते हो?" सुयश के चेहरे पर इस समय ना समझने वाले भाव थे।
“ये आपकी ही स्मृतियां हैं आर्यन। जिसे आपने मुझे आज ही के लिये संभाल कर रखने को कहा था।' रेत ने कहा- “मैं जैसे ही यह स्मृतियां आपके शरीर में मिलाऊंगा? आपको स्वयमेव ही सबकुछ याद आ जायेगा।
रेत की बात सुन सुयश कुछ देर तक सोचता रहा और फिर बोल उठा- “ठीक है मैं आपको आज्ञा देता हूं इस रेत को अपने शरीर में मिलाने की।"
सुयश की बात सुनते ही रेत हवा में तेजी से नाचने लगी और धीरे-धीरे सुयश के शरीर में प्रवेश कर गई।
जैसे ही रेत ने सुयश के शरीर में प्रवेश किया, सुयश के शरीर के आसपास एक तेज चमक बिखर गई। सुयश को अपने दिमाग में अनगिनत आवाजें सुनाई देने लगीं।
लगभग 1 मिनट तक सुयश का हाल ऐसे ही रहा, फिर वह धीरे-धीरे नार्मल होने लगा। अब सुयश के चेहरे पर प्रकाश सा तेज दिखाई देने लगा था।
तभी उसके मुंह से एक शब्द निकला "इद्रांक्ष।"
“आपने बिल्कुल सही पहचाना।” हवा में वही रेत वाली आवाज उभरी।
“अब कोई हमें भी बता दो, कि यह क्या हो रहा है?" शैफाली ने कहा।
“मुझे आर्यन की सभी स्मृतियां और शक्तियां प्राप्त हो गईं शैफाली।” सुयश ने कहा- “दरअसल यह जो दिखाई नहीं दे रहा है, इसका नाम इद्रांक्ष है। यह एक यक्ष है, जिसे मुझे मारने के लिये देवराज इंद्र ने तब भेजा था, जब मैं ब्रह्मकलश लेने के लिये जा रहा था। पर कुछ परिस्थितियों के बदल जाने के बाद, यह मेरा दोस्त बन गया था और मेरे साथ ही रहने लगा था। जब मैंने आर्यन के रुप में अपने प्राण त्यागने के बारे में सोचा, तो मुझे भविष्य के बारे में जानने की इच्छा हुई। ब्रह्मदेव के वरदान स्वरुप मैं एक बार कभी भी भविष्य को देख सकता था। मैंने उसी शक्ति का प्रयोग कर भविष्य को देखा, जिसमें मुझे सुयश दिखाई
दिया, जो कि मेरा ही स्वरुप था। मुझे पता था कि मैं दूसरे जन्म में अपनी उन शक्तियों का प्रयोग नहीं कर पाता क्यों कि मुझे कुछ याद ही नहीं रहता? इसलिये मैंने अपनी स्मृतियों की सुरक्षा का भार इद्रांक्ष के कंधों पर डाला। इद्रांक्ष ने मेरे मरने के बाद मेरी स्मृतियों को, भूमि की रेत से खींचकर इस काँच की पेंसिल में डाल दिया और स्वयं इसकी रक्षा करने लगा। इद्रांक्ष को जब तक कोई उस पेंसिल से स्वतंत्र नहीं करता, तब तक यह मुझे स्मृतियां वापस नहीं कर सकता था।" यह कहकर सुयश चुप हो गया।
“अगर यह आपका दोस्त था, तो उस दिन रेत मानव बनकर हम पर हमला क्यों कर रहा था?” क्रिस्टी ने सुयश से पूछा।
“वह रेत मानव मैं नहीं था, वह मेरी शक्तियों से बना रेत मानव था, जो तुममें से किसी को भी नहीं पहचानता था। वह तो बस तुम लोगों से पेंसिल का बचाव कर रहा था।” इद्रांक्ष ने कहा- “पर जो हुआ अच्छा ही हुआ, नहीं तो कैश्वर मुझे देखकर, तिलिस्मा को और ज्यादा खतरनाक बना देता।"
"क्या आप अपनी शक्तियों से इस तिलिस्म के सभी द्वार को तोड़ सकते हो?" जेनिथ ने इद्रांक्ष से पूछा।
“ये कैश्वर की कंम्प्यूटर शक्ति से नहीं, बल्कि कैस्पर की ब्रह्मशक्ति से बना तिलिस्म है, जिसे तोड़ने का अधिकार, देवताओं या चमत्कारी शक्ति वालों के पास नहीं है।” इद्रांक्ष ने कहा- “अब मुझे इस तिलिस्मा से बाहर जाने की आज्ञा दो दोस्त? मैं आपको इस तिलिस्मा के बाद ही मिलूंगा।”
“पर तुम इस तिलिस्मा से बाहर कैसे जाओगे?" शैफाली ने हैरान होते हुए कहा।
"मेरे पास इस तिलिस्मा से बाहर जाने की शक्ति है।" इद्रांक्ष ने कहा।
“तो फिर क्या तुम मेरा एक काम कर सकते हो?" शैफाली ने इद्रांक्ष से कहा।
"हां-हां जरुर....बताओ क्या काम करना है मैग्ना?” इद्रांक्ष ने शैफाली को मैग्ना कहकर संबोधित किया।
“आपको मेरा एक संदेश कैस्पर तक पहुंचाना होगा।” शैफाली ने धीमी आवाज में कहा- “आपको कैस्पर से कहना होगा कि-
“सप्तअश्व हैं आसमान में, दिव्य अस्त्रों से बना त्रिशूल, समय की झिरों से झांके हैं, पंचकिरण के अद्भुत फूल।”
शैफाली की ये कविता वहां खड़े किसी की भी समझ में नही आयी। वैसे तो कैश्वर ने बहुत सी पहेलियों का निर्माण किया था, पर अब पहेली को हल करने की बारी कैश्वर की थी।
“ठीक है मैग्ना, मैं तुम्हारा ये संदेश कैस्पर तक अवश्य पहुंचा दूंगा।” इद्रांक्ष ने कहा- “अब जाने से पहले मुझे एक स्वयं से किया हुआ वादा पूरा करना होगा और वह वादा था कि जो कोई भी मुझे इस पेंसिल से स्वतंत्र करेगा, मैं उसकी कोई एक इच्छा पूरी करुंगा।....तो क्रिस्टी तुम कोई भी एक वरदान मुझसे मांग सकती हो? पर तुम्हें वह वरदान अपने मन में मांगना होगा और इसके पूरा होने के पहले, तुम्हें इस वरदान के बारे में किसी को कुछ नहीं बताना, नहीं तो ये वरदान फलीभूत नहीं होगा।”
यह सुन क्रिस्टी के चेहरे पर एक चमक आ गई। क्रिस्टी ने अपने दोनों हाथों को बांधकर, आँख बंद कर इद्रांक्ष से कोई विश मांगी।
क्रिस्टी लगभग 5 मिनट तक ऐसे ही आँख बंद किये रही, शायद वह मन ही मन इद्रांक्ष से कोई बात कर रही थी।
5 मिनट के बाद क्रिस्टी ने अपनी आँखें खोल दी, पर अब उसके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।
क्रिस्टी को वरदान देने के बाद इंद्राक्ष हवा में कहीं गायब हो गया।
"चलो दोस्तों, अब चलकर इस द्वार को पार कर लिया जाये।” क्रिस्टी ने खुशी भरे स्वर में कहा।
क्रिस्टी की बात सुनकर सभी उस रोशनी वाले द्वार से होकर अंदर की ओर आ गये।
शैफाली ने एक-एक कर कान के सभी भागों को उसके सही स्थान से जोड़ दिया।
कान के उन भागों को जोड़ते ही सभी को उस स्थान पर आवाज सुनाई देने लगी।
तभी उन्हें सामने एक दरवाजा दिखाई दिया, जिस पर एक जीभ बनी थी और उस पर लिखा था- “तिलिस्मा 5.4"
सभी उस द्वार से अंदर की ओर प्रवेश कर गये।
जारी रहेगा_____![]()
Wonderful update!#201.
उधर शैफाली पानी के अंदर डूबती जा रही थी, पता नहीं क्यों वह पानी में ठीक से तैर नहीं पा रही थी?
शैफाली को लगा कि शायद अब वह जीवित नहीं बचेगी, कि तभी शैफाली को पानी में एक बड़ा सा साया दिखाई दिया, जो तेजी से उसकी ओर ही आ रहा था।
एक पल में शैफाली ने उस साये को पहचान लिया, वह डेंगो था। विशाल डेंगो.... मैग्ना की सवारी डेंगो।
डेंगो ने शैफाली के शरीर को उठाया और उसे लकड़ी के तख्ते पर चढ़ा दिया।
शैफाली अपनी आँखें खोलकर डेंगो को देख रही थी। तभी एका एक डेंगो का आकार बदल गया। अब वह ब्रूनो के रुप में नजर आने लगा था।
ब्रूनो अब शैफाली के तख्ते को खींचकर डूब रहे सुप्रीम से दूर ले जाने लगा। तभी शैफाली की नजर अपने हाथ पर गई। उसके हाथ में घोड़े की रकाब और रस्सी नजर आ रही थी।
अब अचानक शैफाली को तिलिस्मा का द्वार याद आ गया। तभी एक तेज गड़गड़ाहट की आवाज के साथ सुप्रीम वहीं पानी में डूब गया।
तेज गड़गड़ाहट से शैफाली ने अपनी आँखें बंद कर लीं।
शैफाली ने जब अपनी आँखें खोलीं, तो उसे वह गड़गड़ाहट की आवाज तालियों की दिखी, जो कि जादूगर के जादू से खुश होकर वहां बैठे लोग बजा रहे थे। शैफाली यह देखकर हैरान रह गई।
तभी उसकी नजर अपने हाथ में थमी रस्सी और घोड़े की रकाब की ओर गई।
“उम्मीद करता हूं शैफाली, कि तुम्हें मेरे जादू से बहुत मजा आया
होगा?” यह कहकर जादूगर ने शैफाली को अपनी कुर्सी की ओर जाने का इशारा किया।
शैफाली, रकाब और रस्सी को उठाये अपनी कुर्सी की ओर बढ़ गई, पर इस समय उसके दिमाग में बहुत उथल-पुथल चल रही थी।
“क्या उसने जो कुछ भी अभी देखा, वह सब असली था? क्या ब्रूनो ही डेंगो था? क्या माइकल और मारथा मर गये या फिर वह जिंदा थे?” ऐसे ही ना जाने कितने प्रश्न शैफाली के दिमाग में घूम रहे थे। शैफाली अब सुयश के पास आकर बैठ गई थी।
“यह घोड़े की रकाब और रस्सी तुम्हें कहां से मिली?” सुयश ने शैफाली के हाथ में पकड़ी वस्तुओं को आश्चर्य से देखते हुए कहा।
शैफाली ने धीरे-धीरे सुयश को पूरी कहानी सुना दी।
सुप्रीम की बात सुन तो एक बार सुयश भी विचलित हो गया, पर तुरंत ही उसने स्वयं को नियंत्रित कर लिया, लेकिन शैफाली की बातें सुनकर सुयश भी हैरान हो गया था।
जादूगर को शो अब खत्म हो चुका था। भीड़ के साथ-साथ अब सुयश और शैफाली भी उस टेंट से बाहर आ गये।
चूंकि उन्हें दोनों चीजें मिल गई थीं, इसलिये वह दोनों अब वापस उस स्थान की ओर चल पड़े, जहां से निकलकर वह इस मेले में आये थे।
सुयश और शैफाली जब उस स्थान पर पहुंचे, तो क्रिस्टी और जेनिथ पहले से ही उस जगह पर खड़े थे।
पर उन दोनों के लटके चेहरे देख सुयश समझ गया कि अवश्य ही कोई गड़बड़ हुई है।
तभी सुयश का ध्यान ऐलेक्स और तौफीक की ओर गया, उन्हें वहां ना देख सुयश ने घबराकर पूछा।
“ये ऐलेक्स और तौफीक कहां हैं? कहीं दिखाई नहीं दे रहे?” सुयश ने घबराए हुए शब्दों में पूछा।
सुयश की बात सुन क्रिस्टी और जेनिथ ने पूरी कहानी सुयश और शैफाली को सुना दी। दोनों की कहानी सुन एक पल के लिये सुयश और शैफाली के कदमों तले से जमीन निकल गई।
क्रिस्टी की आँखें तो रो-रोकर लाल हो गईं थीं।
“यह तो बहुत बुरा हुआ।” सुयश ने अपना सिर झुकाते हुए कहा- “मुझे लग रहा था कि वह दोनों हमारे साथ ही तिलिस्मा तोड़कर ही बाहर निकलेंगे।"
ऐलेक्स और तौफीक की मौत की खबर सुनकर शैफाली की आंखों से भी आंसू निकलने लगे।
उसे रोता देख जेनिथ ने उसे अपने गले से लगा लिया। पर इस समय उसे भी समझ नहीं आ रहा था कि वह शैफाली से क्या कहे?
काफी देर तक यही हालात बने रहे, फिर सभी अपनी जगह पर शांत होकर खड़े हो गये।
“अब सबकी बातें समाप्त हो गई हों, तो जरा मुझ पर भी ध्यान दे लीजिये।” हवा में घूम रही सुनहरी रेत ने कहा।
सभी की बातों के चक्कर में क्रिस्टी उस हवा में घूम रही रेत को तो भूल ही गई थी, जो कि उसकी पेंसिल से बाहर निकली थी।
अब क्रिस्टी ने जल्दी-जल्दी सुयश को उस सुनहरी रेत की कहानी सुना दी।
पूरी कहानी सुनने के बाद सुयश पलटकर हवा में घूम रही उस सुनहरी रेत को देखने लगा।
“आप कौन हो? उस पेंसिल की रेत में क्या कर रहे थे? और मुझे कैसे जानते हो?” सुयश ने आश्चर्य से हवा में घूम रही, उस रेत को देखते हुए कहा।
“मुझे अपने बारे में आपको कुछ बताने की जरुरत नहीं पड़ेगी? आप सबकुछ अपने आप समझ जाओगे दोस्त। लेकिन उससे पहले आप मुझे, इस रेत को आपके शरीर में मिलाने की आज्ञा दीजिये?" रेत ने कहा।
“मैं कुछ समझ नहीं पा रहा हूं कि आप क्या कह रहे हो? और जब तक मैं इस रेत के बारे में जानूंगा नहीं, तब तक आपको आज्ञा कैसे दे सकता हूं? मेरा मतलब कि मुझे पता होना चाहिये कि इस रेत में आखिर है क्या? और यह तुम मेरे शरीर में क्यों मिलाना चाहते हो?" सुयश के चेहरे पर इस समय ना समझने वाले भाव थे।
“ये आपकी ही स्मृतियां हैं आर्यन। जिसे आपने मुझे आज ही के लिये संभाल कर रखने को कहा था।' रेत ने कहा- “मैं जैसे ही यह स्मृतियां आपके शरीर में मिलाऊंगा? आपको स्वयमेव ही सबकुछ याद आ जायेगा।
रेत की बात सुन सुयश कुछ देर तक सोचता रहा और फिर बोल उठा- “ठीक है मैं आपको आज्ञा देता हूं इस रेत को अपने शरीर में मिलाने की।"
सुयश की बात सुनते ही रेत हवा में तेजी से नाचने लगी और धीरे-धीरे सुयश के शरीर में प्रवेश कर गई।
जैसे ही रेत ने सुयश के शरीर में प्रवेश किया, सुयश के शरीर के आसपास एक तेज चमक बिखर गई। सुयश को अपने दिमाग में अनगिनत आवाजें सुनाई देने लगीं।
लगभग 1 मिनट तक सुयश का हाल ऐसे ही रहा, फिर वह धीरे-धीरे नार्मल होने लगा। अब सुयश के चेहरे पर प्रकाश सा तेज दिखाई देने लगा था।
तभी उसके मुंह से एक शब्द निकला "इद्रांक्ष।"
“आपने बिल्कुल सही पहचाना।” हवा में वही रेत वाली आवाज उभरी।
“अब कोई हमें भी बता दो, कि यह क्या हो रहा है?" शैफाली ने कहा।
“मुझे आर्यन की सभी स्मृतियां और शक्तियां प्राप्त हो गईं शैफाली।” सुयश ने कहा- “दरअसल यह जो दिखाई नहीं दे रहा है, इसका नाम इद्रांक्ष है। यह एक यक्ष है, जिसे मुझे मारने के लिये देवराज इंद्र ने तब भेजा था, जब मैं ब्रह्मकलश लेने के लिये जा रहा था। पर कुछ परिस्थितियों के बदल जाने के बाद, यह मेरा दोस्त बन गया था और मेरे साथ ही रहने लगा था। जब मैंने आर्यन के रुप में अपने प्राण त्यागने के बारे में सोचा, तो मुझे भविष्य के बारे में जानने की इच्छा हुई। ब्रह्मदेव के वरदान स्वरुप मैं एक बार कभी भी भविष्य को देख सकता था। मैंने उसी शक्ति का प्रयोग कर भविष्य को देखा, जिसमें मुझे सुयश दिखाई
दिया, जो कि मेरा ही स्वरुप था। मुझे पता था कि मैं दूसरे जन्म में अपनी उन शक्तियों का प्रयोग नहीं कर पाता क्यों कि मुझे कुछ याद ही नहीं रहता? इसलिये मैंने अपनी स्मृतियों की सुरक्षा का भार इद्रांक्ष के कंधों पर डाला। इद्रांक्ष ने मेरे मरने के बाद मेरी स्मृतियों को, भूमि की रेत से खींचकर इस काँच की पेंसिल में डाल दिया और स्वयं इसकी रक्षा करने लगा। इद्रांक्ष को जब तक कोई उस पेंसिल से स्वतंत्र नहीं करता, तब तक यह मुझे स्मृतियां वापस नहीं कर सकता था।" यह कहकर सुयश चुप हो गया।
“अगर यह आपका दोस्त था, तो उस दिन रेत मानव बनकर हम पर हमला क्यों कर रहा था?” क्रिस्टी ने सुयश से पूछा।
“वह रेत मानव मैं नहीं था, वह मेरी शक्तियों से बना रेत मानव था, जो तुममें से किसी को भी नहीं पहचानता था। वह तो बस तुम लोगों से पेंसिल का बचाव कर रहा था।” इद्रांक्ष ने कहा- “पर जो हुआ अच्छा ही हुआ, नहीं तो कैश्वर मुझे देखकर, तिलिस्मा को और ज्यादा खतरनाक बना देता।"
"क्या आप अपनी शक्तियों से इस तिलिस्म के सभी द्वार को तोड़ सकते हो?" जेनिथ ने इद्रांक्ष से पूछा।
“ये कैश्वर की कंम्प्यूटर शक्ति से नहीं, बल्कि कैस्पर की ब्रह्मशक्ति से बना तिलिस्म है, जिसे तोड़ने का अधिकार, देवताओं या चमत्कारी शक्ति वालों के पास नहीं है।” इद्रांक्ष ने कहा- “अब मुझे इस तिलिस्मा से बाहर जाने की आज्ञा दो दोस्त? मैं आपको इस तिलिस्मा के बाद ही मिलूंगा।”
“पर तुम इस तिलिस्मा से बाहर कैसे जाओगे?" शैफाली ने हैरान होते हुए कहा।
"मेरे पास इस तिलिस्मा से बाहर जाने की शक्ति है।" इद्रांक्ष ने कहा।
“तो फिर क्या तुम मेरा एक काम कर सकते हो?" शैफाली ने इद्रांक्ष से कहा।
"हां-हां जरुर....बताओ क्या काम करना है मैग्ना?” इद्रांक्ष ने शैफाली को मैग्ना कहकर संबोधित किया।
“आपको मेरा एक संदेश कैस्पर तक पहुंचाना होगा।” शैफाली ने धीमी आवाज में कहा- “आपको कैस्पर से कहना होगा कि-
“सप्तअश्व हैं आसमान में, दिव्य अस्त्रों से बना त्रिशूल, समय की झिरों से झांके हैं, पंचकिरण के अद्भुत फूल।”
शैफाली की ये कविता वहां खड़े किसी की भी समझ में नही आयी। वैसे तो कैश्वर ने बहुत सी पहेलियों का निर्माण किया था, पर अब पहेली को हल करने की बारी कैश्वर की थी।
“ठीक है मैग्ना, मैं तुम्हारा ये संदेश कैस्पर तक अवश्य पहुंचा दूंगा।” इद्रांक्ष ने कहा- “अब जाने से पहले मुझे एक स्वयं से किया हुआ वादा पूरा करना होगा और वह वादा था कि जो कोई भी मुझे इस पेंसिल से स्वतंत्र करेगा, मैं उसकी कोई एक इच्छा पूरी करुंगा।....तो क्रिस्टी तुम कोई भी एक वरदान मुझसे मांग सकती हो? पर तुम्हें वह वरदान अपने मन में मांगना होगा और इसके पूरा होने के पहले, तुम्हें इस वरदान के बारे में किसी को कुछ नहीं बताना, नहीं तो ये वरदान फलीभूत नहीं होगा।”
यह सुन क्रिस्टी के चेहरे पर एक चमक आ गई। क्रिस्टी ने अपने दोनों हाथों को बांधकर, आँख बंद कर इद्रांक्ष से कोई विश मांगी।
क्रिस्टी लगभग 5 मिनट तक ऐसे ही आँख बंद किये रही, शायद वह मन ही मन इद्रांक्ष से कोई बात कर रही थी।
5 मिनट के बाद क्रिस्टी ने अपनी आँखें खोल दी, पर अब उसके चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी।
क्रिस्टी को वरदान देने के बाद इंद्राक्ष हवा में कहीं गायब हो गया।
"चलो दोस्तों, अब चलकर इस द्वार को पार कर लिया जाये।” क्रिस्टी ने खुशी भरे स्वर में कहा।
क्रिस्टी की बात सुनकर सभी उस रोशनी वाले द्वार से होकर अंदर की ओर आ गये।
शैफाली ने एक-एक कर कान के सभी भागों को उसके सही स्थान से जोड़ दिया।
कान के उन भागों को जोड़ते ही सभी को उस स्थान पर आवाज सुनाई देने लगी।
तभी उन्हें सामने एक दरवाजा दिखाई दिया, जिस पर एक जीभ बनी थी और उस पर लिखा था- “तिलिस्मा 5.4"
सभी उस द्वार से अंदर की ओर प्रवेश कर गये।
जारी रहेगा_____![]()
Dekhte jao, aage-2hota hai kya
इंटरेस्टिंग इंट्रस्टिंग।
तिलस्म जितना भी गहरा होता जा रहा हैं मुझे लगता हैं उसमें सबसे ज्यादा मज़ा अब आ रहा हैं । अब ऐसा लग रहा हैं कि कोई नया टास्क आया हैं, क्योंकि इन्हे एक पड़ाव पार करने के लिए इक्विपमेंट चाहिए जिसके लिए सब लोग अलग अलग होकर खोज रहे हैं ।
Aur aisa tumko kyu lagta hzi ki un dono ki maut nahi hui?इसके साथ ही इस बार लड़ाई सिर्फ ताकत की नहीं बल्कि इल्यूजन और पारिवारिक रिश्तों को समझने की भी हैं । क्योंकि जहाँ तक मुझे लगता हैं अभी एलेक्स और तौफिक की मृत्यु नहीं हुई हैं, वो सिर्फ एक इल्यूजन हैं । इसके साथ ही केशश्वर इनकी परीक्षा ले रहा हैं कि ये लोग भ्रम और अस्तित्व में फर्क कैसे ढूंढ पाते हैं ।
Muskil hai, kyuki ek baar dhokha khane ke baad bhale hi maaf kiya jaye lekin viswas itna aasaani se nahi hota, uska dil kuch or bolega, dimaak kuch aur.वैसे अगर तौफिक ज़िंदा निकला तो जेनिथ और उसके बीच की दूरियाँ जल्द समाप्त होंगी, क्योंकि तौफिक का ऐसा कदम उठाना खुद में एक एप्रिशिएट वाला काम हैं । आज के जमाने में कौन खुद की जान की चिंता छोड़ किसी और की जान की परवाह कर खुद को मृत्यु के मुख में डालेगा ।
Kyuki abhi to wo khud nahi jaan paya hai ki wo asal me kya kar sakta hai, aur kya karna chahtaअब आगे चलते हैं, ये ओरस का राज भी इतने आसान तरीके से खुल गया कि नक्षत्र ही ओरस हैं । लेकिन वो खुद की प्रयोगशाला में बैठा हैं, तो ऐसे में सवाल हैं कि ये ओरस जब इतना कुछ जानता हैं तो खुद का सच सबसे क्यों छुपा रहा हैं ।

Wo locket nahi, uski progshala hai, blakoonवैसे रोचक होगा कैसे नक्षत्र यानी ओरस उस लॉकेट से आज़ाद होगा । जितना मुझे याद हैं वो उसमें कैद हो गया हैं । अब उसे निकालना हैं, वो कैसे निकलेगा यही खोज करना हैं ।

Abe wo surena nahi, sanoora haiआगे सुनेरा का राज खुल चुका हैं कि वो महिला हैं, सौ टक्का कन्फर्म हो गया । लेकिन ये क्या, उसने एक काली बिल्ली का जिक्र किया हैं । कुछ याद आ रहा हैं । अल्बर्ट के ज़िंदा होने की गुत्थी भी अब सुलझ गई हैं, अल्बर्ट भी पचास साल का हैं ।
Aur ha alburt jinda hai, waise ye to maine ek update me dikha bhi diya hai , sayad aajkal tum theek se padh nahi rahe ho Uske update poora ek update likh hai maine. And abhi wo mere khayal se mzyavan me hi hona chahiye.इस हिसाब से अल्बर्ट के पास मैजिकल पॉवर्स भी होंगी । वैसे हैं कहाँ वो, याद नहीं आ रहा हैं, कब आया था वह ।
Wo maya ki dhakti nahi thi, Samay aane per tumhare dimaak ko bhi halka kar dengeवैसे वो द्रव्य जो अल्बर्ट ने पिया, जहाँ तक मुझे लगता हैं वो माया द्वारा शक्तियाँ जिन्हें सही स्थान पर रखा गया वो थीं । वैसे एक एंगल यह भी लग रहा हैं कि वो काली बिल्ली कुछ और राज भी निकाल सकती हैं ।
वैसे धीरे धीरे सब लोगों के जीवन साथी मिल रहे हैं, ये सुनेरा को कौन मिलेगा और कब मिलेगा ।
Jis hisaab se sanoora ne bataya hai us hisaab se to alburt ki bhi umarkam hogi hiवैसे ये पॉसिबल हैं कि अल्बर्ट जो ज़िंदा हैं तो अब उम्र कम हो गई होगी हाँ ना, am I right or wrong क्योंकि सुनेरा की उम्र कम हुई हैं ना ।
उसके साथ ही माया ओलंपस माउंटेन में भी गए लेकिन ये क्या, बड़ा सरप्राइज़ मिल गया । सोफिया और मोरेन ज़िंदा हैं जिन्हें अब कैप्स्योर बचाएँगे । वैसे जितना मैं समझा हूँ ग्रीक देवता लोग भी जल्दी ही इधर मुसीबत से लड़ने जरूर आएँगे, खास कर आर्टिमिस । क्योंकि जाहिर हैं इन्हें सिर्फ पात्रों की संख्या बढ़ाने के लिए तो रखा नहीं होगा, इसलिए हो ना हो जल्दी ही इन्हे आना होगा ।

Quite possible , posaidan to bilkul nahiएक और बात, क्या ग्रीक गॉड भरोसे लायक हैं । क्या संभव नहीं कि वो माया को धोखा दे जाएँ । वो तो हनुका की शक्ति से कुछ समय बचने के लिए इन लोगों ने हाँ भी कह दी हो ।
Dekhte hain aage kya ho sakta.Ha bhi or na bhi, waise inko halke me lena bhaari pad sakta haiअब आते हैं हनुका के कमाल पर, वोल्फा मारा गया । वैसे ये वोल्फा जरूर कुछ बड़ा था लेकिन मुझे ऐसा क्यों लगता हैं कि वोल्फा आगे काम आ सकता था । ये मकोटा लोग तिलस्म में जाने की सोच रहे हैं, ऐसे में इसको ज़िंदा पकड़ सारे इंफॉर्मेशन निकाले जा सकते थे ।

Dimaak ka istemaal kiya thakur, isme badi takat haiआखिर में तिलस्म फिर से शेफाली के आर्क पर । पहले तो इस बार भी इल्यूजन हैं सुप्रीम का डूबना, लेकिन एक मिनट, वो शेफाली का “माँ” कह कर माया को याद करना कहीं से भी नॉर्मल नहीं हैं । वो जरूर कुछ ना बड़ा होने का संकेत हैं ।

Thanks brotherशायद ये तिलस्म का अब तक का सबसे रोमांच से भरा तिलस्म हैं । लोगों को सोचने पर मजबूर किया इस तिलस्म ने ।

Gadbad kuch nahi hai, bas maya ne use paala hai, ab tum kisi angrej ke bacche ko god lekar paloge to wo kya seekhega ??वैसे एक बात सोचने पर मजबूर कर रही हैं । शेफाली के माँ बाप विदेशी लोग या यूँ कहे वो क्रिस्टिन लोग और शेफाली हमारे भारत के लोगों जैसी । क्या जू को नहीं लगता यहाँ कुछ गड़बड़ हैं ।

Abe isi liye to bola hai saare update dhyan se padha karo, yad karo wo casper ke jahaaj ka doobna, maya ka unko bachana, aur udhar megna ka milna, she is adoptedपॉसिबल हैं शेफाली adopted हो, और बाद में कुछ खुलासा होना बाकी हो कि शेफाली के माँ बाप तो मरे ही नहीं ।

बाकी अभी के लिए इतना ही ।
आगे मिलेंगे अगली बार ।
Raj_sharma

Thanks for your valuable review and support bhaiBahut hi badhiya update diya hai Raj_sharma bhai....
Nice and beautiful update....

Ye to aane wala samay hi batayega mitra, btw. Thanks for your valuable review and support bhaiBhut hi badhiya update Bhai
Lagta hai kristi ne alex aur taufiq ke vapis zinda hone ki wish mangi hai

Unko apni kurshi per hamesha khartra dikhai deta hogaWonderful update!
Ye Indra hi hamesha villain wala kaam kyun karta hai???
Ab usne kya manga ye to samay aane per hi pata lagega dost, aur ha ye bhi sach hai, ki kya pata agar Alex ko manga ho to taufik ko mangegi ya nahiKhair Shefali ki paheli aur Cristy ki wish aage story mein kaun sa rang bharne wali hai, dekhna dilchasp hoga, khair isme jyada doubt nahi hona chahiye ki Cristy ne Alex ko maanga hoga, lekin ye bolna thoda kathin hai ki usme Taufiq shamil hai ya nahi.

Abhi kaafi padaav baki haiin dost, aur abhi to inko 12 raasiyo se bhi 2-2 hath karne padengeBtw Tilism mein abhi aur kitna samay shesh rah gaya hai????

