में मुस्करा कर खड़ा हुआ और शालिनी को बाहों में भर लिया तो मेरे बदन में अलग रोमांच हुआ जो रजिया को लेने पर नहीं हुआ था। में शालिनी को ऐसे ही बाहों में समेट कर रखना चाहता था और मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था जिसे शालिनी अपनी चूत पर महसूस कर रही थी पर आज वो अलग नहीं हुई । शालिनी ने मेरे कान में कहा ,-- वो तो अनुभवी थी अगर कुंवारी होती तो बेहोश हो जाती ।
में ,-- उसी के अंदर आग लगी थी पूरी बुझा दी ।
शालिनी मेरा चेहरा पकड़ कर ,-- पूरा सांड हो गया है तू ।
में ,-- तूने ही बनाया है ।
शालिनी ,,-- चल तुझे आज में एक परमिशन देती हूं ।
में ,-- किस चीज की ।
शालिनी ,-- तू मेरे चेहरे को चूम सकता है ।
में ,-- होंठ भी ।
शालिनी ,-- हां , गर्दन के ऊपर तू कही भी चूम सकता है ।
में शालिनी का चेहरा अलग किया और उसकी आंखों में देखा तो उसकी आंखों में शरम थी और वो आंखे झुका ली ।
…
में ,- शालू , मेरी आंखों में देख ना ।
शालिनी ,-- मुझे शरम आ रही है आप ऐसे ही चूम लो भाई जी।
…
में मुस्करा कर,-- तुम मुझे भाई जी मत बोलो शालिनी।
शालिनी नजर झुकाए हुए ,-- तो क्या बोलूं ।
में ,-- मुझे सागर बोलो ।
शालिनी ,-- नहीं भाई जी , मैने अपना चेहरा अपने भाई जी को चूमने को दिया है जो मुझ से बड़े हो ।
में – मेरी आंखों में देखो ना शालू ।
शालिनी ,-- नहीं भाई जी प्लीज आपको चूमना है तो चूम लीजिए । मुझे बहुत शर्म आ रही है ।
में ,-- थोड़ी देर गर्ल फ्रेंड बन जा ना बेबी ।
शालिनी ,-- अगर मुझे गर्ल फ्रेंड बन ना होता तो में अब तक वो बन जाती जो रजिया है ।
में ,-- रजिया क्या है ।
शालिनी ,-- वो वही है जो मां अभी बात कर रही थी ।
में ,-- मतलब ।
शालिनी मुस्करा कर,-- कॉल गर्ल ।
में ,-- क्या बोल रही है वो धंधा करती है ।
शालिनी ,-- हां , वो तीसरे साल फेल हो कर अभी भी फर्स्ट ईयर में है ।
में ,-- तुम मुझे कॉल गर्ल के पास सुला दी ।
शालिनी ,-- हाँ, में आप से प्यार करती हूं और अभी में तैयार नहीं हूं उसके लिए ।
में ,- तुम्हारी इच्छा नहीं होती ।
शालिनी ,-- बहुत होती है पर में कंट्रोल कर लेती हूं ।
में ,-- तुम रजिया के बारे में सब कुछ जानते हुए भी उसे सहेली बनाई हुई हो ।
शालिनी ,-- हा भाईजी , मुझे सब पता है उसके बारे में और वो हाई क्लास कॉल गर्ल है ।
में ,- कही तुम भी उसके जैसी बन ना तो नहीं चाहती ।
शालिनी अलग होकर मुझे गुस्से से देखी और रूम में जाकर रोने लगी ।
में उसके पीछे गया और उसे पकड़ कर घुमा या और बोला ,-- शालू , मुझे नहीं बताएगी तो में क्या समझूं की तू क्या चाहती है ।
शालिनी अपनी आँखें पोंछ कर ,-- में आज पहली बार किसी की बाहों में ऐसे इतनी देर चिपक कर खड़ी हुई हूं । मेरा बदन अंटच है भाई जी । मेरे होंठ कुँवारे है और बाकी आप समझदार हो ।
में ,-- तो फिर तुमने रजिया को सहेली क्यों बनाया ।
शालिनी ,-- ताकि में आपको वो सब दूं जो एक बहन अपने भाई को दे सकती है ।
में ,-- में समझा नहीं ।
शालिनी ,,-- में आपसे प्यार करती हूं भाई जी और उस प्यार को में आपको गर्ल फ्रेंड बनकर नहीं बल्कि बहन बनकर देना चाहती हूं ।
में शालिनी की आंखों से आंसू जीभ से चाट कर,-- मुझे माफ नहीं करेगी ।
शालिनी मुस्करा कर,-- में अपने भगवान से नाराज हो सकती हूं क्या ।
में इमोशनल होकर ,-- इतना प्यार करती है मुझसे ।
शालिनी ,- तभी तो आपको रजिया के साथ सुलाया था ताकि आप को जो में अभी नहीं दे सकती वो मिल सके।
में ,-- में तुझे समझ नहीं पा रहा हूं ।
शालिनी ,-- आप इतना समझ लीजिए कि में आपसे प्यार करती हूं और मुझे आप को खुश रखना है उसके लिए मुझे जान भी देनी पड़े तो में दे सकती हूं ।
में ,-- पागल तू मर जाएगी तो में जी कर क्या करूंगा।
शालिनी ,-- तो फिर ये शालू आपकी खुशी के लिए जो कर रही है वो करने दीजिए और अगर आपको अपनी हवश मिटानी है तो मिटा लीजिए में नंगी हो जाती हूं ।
में ,-- पागल लड़की , तेरा भाई हवश का नहीं तेरे प्यार का भूखा है । दुबारा ऐसा मत बोलना । ।
शालिनी ,-- तो फिर अब दुबारा मुझसे ऐसी बात मत करना । आई लव यू ।
में ,-- आई लव यू टू शालू ।
शालिनी ,-- चलिए अब लेट हो रहा है खाना भी बनाना है आप टीवी देखिए ।
में आकर टीवी चालू किया पर मेरा मन टीवी के बजाय शालिनी की बातों में उलझा हुआ था । मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि मेरे साथ क्या हो रहा है । शालिनी खुद नहीं चुदना चाहती और रजिया को चुदवा दिया । मुझे सुनीता दीदी का ख्याल आया कि उसने भी शालिनी को उसकी मर्जी के बिना टच करने का वादा करवाया था ।
में इसी उधेड़ बुन में खाना खा लिया और टीवी देखने लगा तो शालिनी फिर सोने के समय दूध लेकर आई और मुझे उसी स्टाइल में दूध पिलाया तो वापस आकर सिगरेट का पैकेट लेकर दो सिगरेट एक साथ जलाई और एक सिगरेट मुझे देकर बोली
शालिनी ,-- लो भाई जो सिगरेट पियो और एंजॉय करो।
में सिगरेट लेकर पीने लगा और बोला ,-- तुम कभी मुझे बॉय फ्रेंड बोलती हो कभी भाई जी । कभी तुम भाई जी के नाम पर मुझसे दूर हो जाती हो और आज बोली कि मुझे बहन समझ कर किस्स करो ।
शालिनी मुस्करा कर अपनी टांग को ऊपर रखी तो उसकी पेटी मुझे दिखी जिसे देखकर में उतेजित होने लगा तो वो बोली ,-- सागर , तुम्हे पता है मैने इन रंडीयो को सहेली क्यों बनाया हुआ है ।
में ,-- मुझे क्या पता ।
शालिनी ,-- मुझे जब माहवारी शुरू हुई तो में समझ नहीं पाई कि ऐसा क्यों हुआ । मां ने भी ज्यादा कुछ नहीं बताया पर मेरी सहेली ने मुझे सब कुछ समझाया और अपने फोन में फोटो दिखाई तो मुझे लड़की और लड़के का संबंध समझ में आया ।
में ,-- फिर ।
शालिनी ,-- फिर मुझे रीना में मोबाइल का चस्का लगा दिया और उसमें में खोजते खोजते बहुत आगे निकल गई और इंसेट वाली स्टोरी मुझे सबसे ज्यादा उत्तेजित करने लगी तो में उन्हें पढ़ने लगी और में उसमें भाई को इमेजिन करने लगी ।
में ,-- और तुम्हारा एक ही भाई है ।
शालिनी ,-- मुझे रीना ने बहुत उकसाया पर में किसी को अपना बदन छूने नहीं दी और मैथ्स टीचर तो मेरे पीछे हाथ धोकर पड़ गए थे क्योंकि वो रीना के साथ सेक्स करते थे लेकिन मुझे इंसेट ही पसंद था और में यहां आ गई ।
में ,- पर तुम यहां भी तो मुझे कुछ करने नहीं देती ।
शालिनी ,-- में अपनी विर्जिनिटी इतनी जल्दी नहीं खोना चाहती । में पूरी मेच्योर होना चाहती हूं इसलिए सुनीता दीदी से दोस्ती की और तुम्हे मुझसे बिना परमिशन कुछ भी करने का वादा करवाया ।
में ,-- मुझे भी कोई जल्दी नहीं है बहना ।
शालिनी ,-- मुझे पता है लेकिन तुम्हारे साथ मुझे बोल्ड बन ना था और दो गरम जिस्म पिघल नहीं जाए इसलिए रजिया को तैयार किया कि तुम अपनी गर्मी शांत कर सको ।
में ,-- बहुत शैतान है तू ।
शालिनी ,-- आप को जो बोलना है बोल लो पर में आपको प्यार करती हूं ।
में ,-- में भी तुमसे बहुत प्यार करता हूं इसलिए मैने अपनी हवश को दबा लिया वरना तुम जैसे सोती हो मेरे पास में कब का बहक चुका होता ।
शालिनी ,-- मुझे पता है आप मेरे जिस्म को छुए थे एक दो बार और मेरी कांख भी सूंघ कर मूठ मार चुके ।
में ,-- तुम बोली क्यों नहीं उस समय ।
शालिनी ,-- में आपका धैर्य देख रही थी कि आप अपनी बहन के साथ किस हद तक जा सकते हो।
में ,-- मुझे उस समय होश नहीं था बस हवश थी जो तुम्हारे सेक्सी बदन की वजह से चढ़ गई थी ।
शालिनी ,-- मुझे लगा था कि भाई जी अब मुझे लड़की नहीं रहने देंगे ।
में ,-- क्या मतलब ।
शालिनी ,-- लड़की तभी तक लड़की रहती है ना जब तक उसकी झिल्ली नहीं फटे ।
में मुस्करा कर,-- ह्म्म ।
शालिनी ने अपने मोबाइल में कुछ किया और बोली ,-- अब में सो रही हूं । आप भी ये मेसेज पढ़कर सो जाएं ।सुबह पांच बजे उठना है
मैने घड़ी देखो तो साढ़े ग्यारह बज चुके थे शालिनी जाकर बेड पर सो गई तो में मेसेज पढ़ने लगा । उसने मैसेज फारवर्ड किया था जो रजिया का था मेसेज लिखा था ।
तेरा भाई सागर बहुत मस्त मर्द है बेबी, उसने मेरी चूत की ऐसी चुदाई की है कि मुझे चलने में तकलीफ हो रही थी ।में पेन किलर लेकर घर आई और चूत को देखा तो पूरी फटी हुई थी और अभी भी वो विशाल लंड नजर आ रहा है जो में इतने लोगों से चूद कर भी इतनी तकलीफ नहीं झेली , तू कैसे झेलती है उस सांड को यार ।
में मेसेज पढ़कर मन ही मन मुस्कराया और फिर सोचने लगा कि मेरी शालू को में कभी इतनी बेरहमी से नहीं चोद सकता ।
मुझे नींद आने लगी थी इसलिए बिस्तर पर गिरा और सो गया ।