लास्ट
घर पहुंच कर में बाइक पार्क करके अंदर आया तो शालिनी ने मुझे अपनी बाहें खोलकर झप्पी के लिए बुलाया पर में उसके सामने शर्मिंदगी महसूस कर रहा था इसलिए में चुप चाप कुर्सी पर बैठ कर सिगरेट पीने लगा ।
शालिनी मेरे रवैये से नाखुश हुई और वो किचन में जाकर चाय बनाकर लाई और सामने बैठकर चाय पीने लगी तो में भी चाय पीने लगा । शालिनी कुछ सोच रही थी तो में भी आज की घटना को लेकर शर्मिंदा था ।
मुझे भले ही रजिया को चोद कर बहुत मजा आया था पर में शालिनी के सामने खुद को छोटा महसूस करने लगा था और अपने आप पर शर्म आ रही थी कि मैने अपनी बहन जिसे में प्यार करता हूं उसके सामना कैसे करूं ।
शालिनी भी कुछ सोच रही थी और वो भी उदास हो गई तो उस ने फिर किसी को फोन लगाया और फोन स्पीकर पर रख कर फोन उठाने का इंतजार करने लगी तो कुछ रिंग के बाद मां की आवाज आई ,-- हां शालू।
शालिनी ,-- मां , भाईजी आज बहुत उदास है ।
मां,-- क्यों , क्या हुआ बेटा।
शालिनी ,-- मां , भाईजी के साथ ऑफिस में लड़की रहती है । भाईजी उसके साथ हमबिस्तर हो गए ।
मां ,-- ओह्ह , तो उसे गिल्टी फील हो रहा होगा ।
शालिनी ,-- मुझे भी यही लग रहा है।
मां,-- तूने समझाया नहीं ।
शालिनी ,-- वो नहीं समझ रहे मां ।
मां ,-- तो इसमें उदास होने की क्या बात है ।
शालिनी ,-- भाई जो को ग्लानि हो रही है मां
मां,,-- मुझे पूरी बात बता क्या हुआ है ।
में शालिनी को देखने लगा कि वो मां से इतना खुलकर कैसे बोल सकती है फिर मुझे याद आया कि मां के सारे राज शालिनी जानती है इसलिए शायद दोनों खुल चुकी होगी ।
शालिनी ,-- मां , बात ये है कि भाई जी के ऑफिस में टीना नाम की लड़की रहती है जो भाई जी को बहुत दिन से लाइन दे रही थी जो भाईजी जी मुझे बताए थे।
में शालिनी का चेहरा देखने लगा कि कितनी सफाई से झूठ बोल रही है और खुद को बचाने में लगी है ।
मां,-- भाई जी इस मामले में बेवकूफ है बेटी । उनको क्या मालूम लाइन देना क्या होता है।
शालिनी मुस्करा कर,-- ह्म्म।
मां,-- वैसे हुआ क्या है । मुझे पूरी बात बता
शालिनी मुस्करा कर मुझे देखी और बोली ,,-- आज रीना को मौका मिल गया तो वो भाई जी को बाथरूम में पकड़ ली और अपनी इज्जत लूटने का बोलकर उनसे योन संबंध बनवा ली ।
मां ,-- लड़की जरूर रांड होगी । वरना कुंवारी लड़की कभी ऐसा नहीं करती ।
शालिनी ,-- वो तो में पुछी नहीं भाई जी से । पर कुंवारी लड़की ऐसा नहीं कर सकती मां।
मां ,-: कितना भोला है सागर , तुझे सब कुछ बता भी दिया ।
शालिनी ,-- हां , मां , अब वो उदास बैठे है ।
मां,-- वो तुझे प्यार करता है एक झप्पी दे देती ।
शालिनी ,-- वो आज झप्पी भी नहीं लिए मां ।
मां ,-- अभी कहा है वो ।
में दोनों की बातें सुनकर अंदर ही अंदर खुश हो रहा था और मैने दूसरी सिगरेट जला ली ।
शालिनी ,,-- वो रूम में है और सिगरेट पर सिगरेट पिए जा रहा है।
मां ,-- मेरी बात करवा ।
शालिनी ,-- देती हूं उनको फोन ।
वो फोन को धीरे से टेबल पर रखी और बोली ,-- भाई जी मां का फोन आया है ।
शालिनी की एक्टिंग देख कर मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गई तो में बोला ,-- हां मां ।
मां ,-- बेटा, तू मर्द होकर उदास हो रहा है ।
में ,-- मां आफिस की टेंशन थी मां ।
मां ,-- मुझे शालू ने सब बता दिया ।ये बात वो लड़की कुंवारी थी या शादीशुदा।
में ,- मैने शालू को आपको बताने से मना किया था फिर भी बता दी ।
मां ,-- तो क्या हुआ , तुम्हे तो खुश होना चाहिए कि मुझे बताने से तुम को में सही गाइड कर पाऊंगी । तू ये बता वो लड़की कुंवारी थी क्या।
में ,-- कुंवारी ही थी मां ।
मां,-- कुंवारी मतलब समझता है तू ।
में ,-- उसकी शादी नहीं हुई अभी।
मां,-- उसके साथ तूने संबंध बनाया तब उसको ब्लड वगैरह निकला था ।
में ,-- नहीं मां ।
मां,- तू प्यार करता है उस से ।
में ,-- नहीं ।
मां ,,- तो फिर भूल जा उस बात को वो रन्डी है ।
में ,-- पर मुझसे गलत तो हो ही गया ना मां ।
मां,-- पूरा अबोध बालक है तू , तुझे मैने बताया था ना अपने गांव के लड़के लड़कियां अभी पकड़े गए थे ।
में ,-- हां ।
मां ,-- अभी और एक रेड पड़ी थी जिसमें स्कूल के चार लड़के पकड़े गए है और चारों रांड के साथ एंजॉय कर रहे थे ।
में ,,-- मां ये आप कैसी भाषा बोल रही हो ।
मां ,-- तू अब दूध पीता बच्चा नहीं है जो तुझे पता नहीं है । आजकल बच्चे मोबाइल में सब सीख जाते है और फिर अपनी भूख मिटाने के लिए स्कूल से भाग कर यही करते है । तू 25 साल का मर्द है इसलिए अपनी भूख मिटा ली तो अपराध थोड़े ही हो गया और तेरा तो वैसे भी दोष नहीं है तूने कौनसी जबर्दस्ती की है ।
में ,-- मुझे ग्लानि हो रही है मां।
मां ,-- तू सच में भोला है सागर , इसमें ग्लानि किस बात की ।
में ,-- शालिनी क्या सोचेगी की उसका भाई जी कितना गंदा आदमी है ।
मां ,-- तू शालिनी की चिंता मत कर । में शालिनी को समझा दूंगी ।
में ,-- मां , मुझसे आप और शालू नाराज तो नहीं होंगी ना।
मां ,-- में तो खुश हूं कि मेरा बेटा अब मर्द बन गया है पूरा ।
में ,-- पर शालू
मां ,-- वो क्यों नाराज होगी वो बालिग हो चुकी और लड़की को माहवारी आते ही ये सब समझने लगती है।
में ,-- बालिग तो है पर अभी भी उसे समझ नहीं है ।
मां ,-- तुझे नहीं पता ।लड़की को जब पहली बार माहवारी आती है तो उसे सहेलियां सब समझा देती है। वो रीना के साथ रूम में बंद होकर ऐसी बातें हो तो करती थी ।
में ,-- वो तो है पर उसे में इतनी मॉडर्न ड्रेस लाकर दिया वो अभी तक उन्हें पहनी नहीं ।
मां ,- तभी तो उसे शहर भेजा था अब तुझे ही उसे समझना होगा कि वो क्या चाहती है ।
में ,-- वो मुझे आज बहुत अजीब नजरों से देख रही थी जब मैने उसे ऑफिस की घटना के बारे में बताया ।
मां,-- शालू अब जवान हो चुकी और उसे ऐसी बातें सुनकर अच्छा लगा होगा ।
में ,,-- मुझे अब उसके सामने जाने में शरम आ रही है।
मां,-- तू उसे फोन दे जाकर फिर वो खुद तुम्हे शर्मिंदा नहीं होने देगी ।
में मुस्करा कर,-- ठीक है मां ।
मैने फोन शालिनी की तरफ किया और बोला ,-- शालू मां से बात कर ।
शालिनी ,-- हां मां ।
मां ,-- बेटा तू सागर को कुछ बोली क्या ।
शालिनी मुस्करा कर,-- नहीं मां ।
मां ,-- बेटा उसे कुछ मत बोलना । सागर अब मर्द है और आज उसने मर्दानगी वाला काम किया है कोई अपराध नहीं ।
शालिनी ,-- हां मां ।
मां ,-- तुझे पता है तेरी सहेली की मीना होटल में पकड़ी गई थी ।
शालिनी ,-- वो तो थी ही ऐसी।
मां ,-- पता है किसके साथ पकड़ी गई । वो अपने बाप की उम्र के मर्द के साथ सोई थी
शालिनी ,-- वो स्कूल में भी टीचर के साथ करती थी ।
मां ,-- तुम दोनों भाई बहन भोले हो इसलिए तुम्हे शहर भेजा था कि तू होशियार बने ।
शालिनी ,-- मां यहां कॉलेज में लड़कियां बहुत बिगड़ी हुई है
मां ,-- कॉलेज में यही होता है बेटा।
शालिनी ,,-- बहुत बदमाश लड़कियां है घर से कॉलेज का बोलकर निकलती है और फिर होटलों में घूमती है बॉय फ्रेंड के साथ ।
मां ,-- तेरे पास सागर जैसा भाई है उसके साथ घुमा कर ।
शालिनी मुझे आँख मारकर ,-- तभी तो आपके कहने पर मैने उनको सिगरेट पीने की छूट दे दी । अब वो छुप कर नहीं पीते ।
मां ,-- सागर को तू दोस्त की तरह ट्रीट किया कर
शालिनी मुस्करा कर,-- ठीक है मां ।
मां ,-- जा उसे झप्पी दे और उसे कर खुश कर लेना ।
शालिनी ,-- में बोली थी पर वो करे नहीं ।
मां ,-- मुझे वो पता नहीं तू उसे जैसे खुश कर सकती है वैसे कर । अब तू बच्ची नहीं है ।
शालिनी ,-- ठीक है मां , में कोशिश करती हूं ।
तभी मां की जोर से सिसकने की आवाज आई और फोन कट गया ।
शालिनी मुस्करा कर ,-- तो नवाब कैसे खुश होंगे ।
में मां से बात करके पूरा खुश था इसलिए बोला ,-- नवाब की खुश करने का पता उसकी दासी को होना चाहिए ।
शालिनी मुस्करा कर,-- अब आप सिगरेट खुल कर पीने लगे है , दारू पीते ही थे आज रांड भी चोद ली अब क्या बाकी रह गया वो बता दीजिए ।
में ,-- सब तुम्हारी वजह से हुआ है ।
शालिनी ,-- हां , आपकी वजह से कुछ थोड़े ही होता है बिचारी रजिया की चाल बिगाड़ दी और अभी भी में हो जिम्मेदार हूं ।
में ,-- तो में उसे बोलने गया था ।
शालिनी ,-- ओह्ह तो आप फिर अपनी हवश मिटाने को उसका मुंह भी फाड़ देंगे ।
में हैरान होकर ,-- उसने ही बोला था कि मेरी हिम्मत नहीं है मुंह से कर देती हूं ।
शालिनी खड़ी होकर ,-- अब तो अपनी गर्ल फ्रेंड की झप्पी ले ले ।
में मुस्करा कर खड़ा हुआ और शालिनी को बाहों में भर लिया तो मेरे बदन में अलग रोमांच हुआ जो रजिया को लेने पर नहीं हुआ था। में शालिनी को ऐसे ही बाहों में समेट कर रखना चाहता था
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मेरा लंड फिर से पूरा खड़ा हो चुका था जिसे शालिनी अपनी चूत पर महसूस कर रही थी पर आज वो अलग नहीं हुई । शालिनी ने मेरे कान में कहा ,-- वो तो अनुभवी थी अगर कुंवारी होती तो बेहोश हो जाती ।
में ,-- उसी के अंदर आग लगी थी पूरी बुझा दी ।
शालिनी मेरा चेहरा पकड़ कर ,-- पूरा सांड हो गया है तू ।