एक दिन मे ही इस स्टोरी ने हमे तारे दिखा दिए । सोमालिया और मेडागास्कर जैसे अफ्रीकन कंट्री से लेकर भारत के हैदराबाद और इन्दौर शहर तक के घटनाक्रम का विवरण प्रस्तुत कर दिए आपने ।
सोमालिया नब्बे के दशक से ही समुद्री लुटेरे को लेकर बदनाम है और मेडागास्कर प्राकृतिक संसाधन होने के बावजूद भी एक पिछड़े राष्ट्र के रूप मे ।
फिलहाल इस स्टोरी का खाका प्रारम्भिक दौर पर है इसलिए बहुत कुछ उलझा हुआ लगता है । जैसे जैसे घटनाक्रम आगे अग्रसर होता जाएगा , तस्वीर क्लियर होते जाएगी ।
शुरुआत होता है एक सऊदी अरब के शीप को सोमालियाई समुद्री लुटेरे द्वारा अपहृत करने और उस शीप पर सवार लोगों को बंदी बनाने की । लेकिन यह समझ नही आया कि उनका मकसद क्या था ?
यह तो समझ आया कि इन लुटेरों की साथी वह छोटी बच्ची भी थी जिसे संजय शास्त्री ने शूट कर दिया था और शायद वो संजय साहब ही थे जिन्होंने सांप को अपना आहार बनाया था लेकिन यह समझ नही पाया कि उन्होने आत्महत्या क्यों कर ली ?
यह भी समझ आ रहा था कि संजय साहब और उनके कुछ साथी भारतीय गवर्नमेंट के अधीन डी आर डी ओ के एक सीक्रेट संस्थान मर्क यूनिट के सोल्जर थे । शीप पर शहीद हुआ कैप्टन शायद भारतीय सेना के सिख रेजिमेंट से सम्बंधित था क्योंकि उनके अंतिम शब्द - " नाम नमक निशान " सिख रेजिमेंट का ही वाक्यांश है ।
इधर भारत मे संजय साहब के परिवार की अवस्था अत्यंत ही दयनीय देखने को मिल रहा है । आरती एक तरफ अपने आर्थिक अवस्था से जूझते हुए दिखाई दे रही है तो दूसरी तरफ अपने हसबैंड और छोटे लड़के के असामयिक मृत्य पर गमगीन भी है ।
और यह भी कुछ कुछ समझ आ रहा है कि एक भारतीय डिफेंस का एजेंट AJ26 इनके लिए बॉडीगार्ड बनकर आ रहा है । इसका मतलब यह हुआ कि आरती मैडम और उनके परिवार पर जरूर कोई बड़ा खतरा मंडरा रहा है । यह खतरा क्यों और किस तरह का होगा , यह देखना है।
शुरुआत बहुत ही खूबसूरत किया आपने स्वराज भाई । परफेक्ट आपके एक अलग स्टाइल की तरह ।
आउटस्टैंडिंग एंड अमेजिंग अपडेट।