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Fantasy 'सुप्रीम' एक रहस्यमई सफर

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Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
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#211.

भविष्य यात्रा:
(25.01.2002, शुक्रवार, ब्लैकून)

ब्लैकून-डेल्फानो का आखिरी अवशेष, जिसकी रचना डेल्फानो के राजा गिरोट ने की थी।

डेल्फानो के समाप्त होने के पहले, उसने ब्लैकून को एक छोटे से मोती में परिवर्तित कर, पृथ्वी की ओर भेज दिया था।

अब उसी डेल्फानो ग्रह का आखिरी प्राणी युवराज ओरस था, जिसे ब्लैकून में मौजूद ज़ेनिक्स ज्ञान दे रही थी।

ओरस ब्लैकून में बैठा डेल्फानो और अपने पिता के बारे में सोच रहा था, कि तभी हवा में ज़ेनिक्स का नीला शरीर दिखाई दिया।

क्या सोच रहे हो ओरस?" ज़ेनिक्स ने ओरस से पूछा।

“अपनी जिंदगी के बारे में सोच रहा हूं। दरअसल कल मैंने एक बार फिर, अपने पिता के आखिरी शब्दों को सुना। वो कह रहे थे कि समय को दोहराया जा रहा है। क्या फिर से वही सब होगा, जो सदियों पहले हुआ था?......ऐसा क्या हुआ था सदियों पहले उनके साथ? और समय किस प्रकार दोहराया जा रहा था? फिर उन्होंने कहा कि मैं अपने पुत्र के साथ ऐसा नहीं होने दूंगा। इसका मतलब उनके साथ पहले कुछ तो बुरा हुआ था? जो वह मेरे साथ नहीं होने देना चाहते थे।..... फिर....फिर उन्होंने इतने बड़े ब्रह्मांड में, मुझे पृथ्वी जैसे छोटे से ग्रह पर ही क्यों भेजा? और फिर पृथ्वी वासियों का शरीर हमारे शरीर से इतना मिलता हुआ क्यों है? और फिर उन्होंने आखिर में कहा था कि पृथ्वी पर मुझे भेजने में, समय कई आयामों में उलझ जायेगा।...कैसे? ...भला समय कैसे कई आयामों में उलझ सकता है? बस इन्हीं प्रश्नों का जवाब नहीं मिल पा रहा मुझे। इसीलिये मेरा दिमाग कल से कुछ परेशान सा चल रहा है?"

"बस इसी वजह से परेशान हो या फिर कोई और भी बात है?" ज़ेनिक्स ने रहस्य भरे शब्दों में कहा।

"और कौन सी बात हो सकती है भला?" ओरस ने जेनिक्स की ओर देखते हुए ना समझने वाले अंदाज में पूछा।

“ओरस, सच-सच बताओ कहीं तुम्हें जेनिथ से प्यार तो नहीं हो गया?” ज़ेनिक्स ने ओरस के सीधे दिल पर वार करते हुए कहा।

“म...म...मैं स्वयं भी इस रहस्य को समझ नहीं पा रहा? कभी मुझे लगता है कि वह सिर्फ दोस्त है? पर कभी उसकी भावनाओं की वजह से, वह मुझे एक दोस्त से ज्यादा लगने लगती है।” ओरस ने गड़बड़ाते हुए कहा “मैं स्वयं इन भावनाओं के सागर में डूब रहा हूं।...मुझे नहीं समझ में आ रहा ज़ेनिक्स, कि मुझे ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिये? क्या तुम मुझे कोई सुझाव दे सकती हो?" ओरस ने समयचक्र के पास चहलकदमी करते हुए कहा।

“देखिये ओरस, जेनिथ बहुत साधारण लड़की है, उसे तो विज्ञान की ABCD भी नहीं आती, जबकि आप तो समयचक्र के निर्माता हो, आपने पिछले 20 वर्षों में हजारों नये अविष्कार किये हैं। ऐसे में मुझे नहीं लगता कि आपका जेनिथ के साथ प्यार करना सही है। अरे उसकी तो उम्र भी कुछ वर्षों में खत्म हो जायेगी, फिर आप क्या करोगे? वैसे तो मुझे आपको यह सुझाव देना बनता नहीं है, क्यों कि यह तो आपके दिल का मामला है, इसलिये इसे आपको स्वयं ही, अपने दिल से सुलझाना पड़ेगा। मैं तो फिलहाल स्वयं का दिल विकसित करने की कोशिश कर रही हूं।” ज़ेनिक्स ने कहा।

“तुम दिल लेकर क्या करोगी?” ओरस ने मजाक भरे लहजे में कहा- “अब तुम्हारा भी शादी करने का विचार है क्या?"

“जब मुझमें भावनाएं है, जब मुझमें स्वयं का अपना दिमाग है, जब मुझमें स्वयं से किसी भी प्रकार के निर्णय लेने की क्षमता है, तो फिर मेरे पास दिल क्यों नहीं हो सकता?” ज़ेनिक्स ने लॉजिक देते हुए कहा।

“बात तो तुम्हारी सही है इस हिसाब से तो दिल ही नहीं, तुम्हारे पास शरीर भी होना चाहिये।” ओरस ने कहा।

"क्या पता कि कभी शरीर हुआ ही करता हो?" ज़ेनिक्स ने अजीब से लहजे में कहा। ओरस को जेनिक्स की बात समझ में नहीं आई, इसलिये उसने ज़ेनिक्स की बात पर ध्यान भी नहीं दिया।

“अच्छा, ये सब छोड़ो, मुझे ये बताओ कि हमने समयचक्र के द्वारा, अभी तक भविष्य में कितना आगे जाने की तकनीक विकसित कर ली है?" ओरस ने विषय को बदलते हुए कहा।

“आप कितना आगे जाना चाहते हैं?" जेनिक्स ने उल्टा सवाल करते हुए पूछा।

“कम से कम 25 वर्ष आगे।” ओरस ने कहा- “मुझे आगे जाकर देखना है कि जेनिथ का भविष्य कैसा है? क्या वह मेरे साथ दूसरे ग्रह पर रह पायेगी?” ओरस ने कहा।

यह सुनकर ज़ेनिक्स के चेहरे पर मुस्कान आ गई।

“तुम मुस्कुरा क्यों रही हो ज़ेनिक्स?” ओरस ने ना समझने वाले भाव से पूछा।

“कुछ नहीं, बस समय के प्रवाह को बांधने की कोशिश कर रही हूं।” ज़ेनिक्स के शब्द फिर से ओरस के सिर के ऊपर से चले गये।

“पर मैं अगर भविष्य में गया और ऐसे में जेनिथ को मेरी जरुरत पड़ गई, तो फिर क्या होगा?" ओरस ने शंकित होते हुए कहा।

“तो क्या हुआ? मैं हूं तो यहां पर, ऐसे में मैं आपकी आवाज बनाकर जेनिथ को जवाब दे दूंगी और अगर उसके शरीर पर किसी भी प्रकार से चोट आई, तो वह तो पहले भी मैं ही सही करती रही हूं...इसलिये आपको यहां के बारे में बिल्कुल भी परेशान होने की जरुरत नहीं है। आप निश्चिंत होकर भविष्य में जा सकते हो। जेनिक्स ने ओरस को तसल्ली देते हुए कहा।

“ठीक है ज़ेनिक्स, फिर मुझे भविष्य में 25 वर्ष आगे भेज दो।" यह कहकर ओरस, समयचक्र पर जाकर बैठ गया।

ज़ेनिक्स ने समय को सेट किया और फिर ओरस को पृथ्वी पर 25 वर्ष आगे भेज दिया।
.....................................................
(जनवरी 2027, पेरिस शहर, फ्रांस)
ओरस ने जब अपनी आँखें खोलीं, तो वह पेरिस के एफिल टावर के पास खड़ा था। ओरस ने अपने चारो ओर देखा, हर व्यक्ति अपने आप में मशगूल था।

ओरस ने एक बार एफिल टावर को ध्यान से देखा। वह विशाल लोहे का स्तंभ ओरस को काफी अच्छा लगा।
ओरस कुछ देर तक एफिल टावर को देखता रहा, फिर उसके सामने की ओर बने, एक फुटपाथ के पास जाकर खड़ा हो गया।

“यह मुझे ज़ेनिक्स ने यहां क्यों भेजा है? यहां पर मुझे जेनिथ कैसे मिलेगी?” ओरस मन ही मन सोच रहा था कि तभी उसकी नजर फुटपाथ से कुछ दूरी पर बिक रहे एक पत्रिका के स्टॉल की ओर गई।

ओरस उस स्टॉल की ओर बढ़ गया। ओरस स्टॉल पर खड़ा होकर वहां रखी किताबें देख रहा था कि तभी उसकी नजर ‘बिजनेस वर्ल्ड' नामक एक मैगजीन पर गई, जिसके कवर पेज पर जेनिथ की फोटो छपी थी।

ओरस ने वह मैगजीन उठा ली और ध्यान से जेनिथ की फोटो को देखने लगा। जेनिथ की वह फोटो बहुत ही आकर्षक लग रही थी।

अब उसने मैगजीन को खोलकर उसके कुछ पन्ने पलटे। अंदर एक स्थान पर फिर से जेनिथ की फोटो दिखाई दी, जिसके नीचे लिख रखा था- “जेनिथ मानेट, डायरेक्टर ऑफ फीनीक्स इंटरनेशनल।

अब ओरस ने उस मैगजीन के अगले पृष्ठ को देखा, वहां पर फीनीक्स इंटरनेशनल कंपनी का ऐड्रेस लिखा हुआ था, जो कि पेरिस में ही कहीं दिखा रहा था।

ओरस ने उस किताब वाले से, उस ऐड्रेस के बारे में पूछा, तो उसको पता चला कि फीनीक्स इंटरनेशनल कंपनी का ऑफिस यहां से ज्यादा दूरी पर नहीं है।

यह सोच ओरस लोगों से पूछते-पूछते फीनीक्स इंटरनेशनल कंपनी के ऑफिस तक पहुंच गया।

कंपनी का ऑफिस बहुत बड़ा था, बड़ी मुश्किल के बाद ओरस ऑफिस के रिसेप्शन तक पहुंच पाया।

रिसेप्शन के पीछे एक बहुत बड़े से फीनीक्स पक्षी का फोटो, एक गोले में बना था। शायद वह कंपनी का लोगो था।

“जी, मुझे कंपनी की डायरेक्टर मिस जेनिथ मानेट से मिलना है।" ओरस ने रिसेप्शनिस्ट से कहा।

“सर क्या आपके पास उनसे मिलने का अप्वांइटमेंट है?" रिसेप्शनिस्ट ने ओरस से पूछा।

“जी नहीं पर मैं उन्हें पहले से जानता हूं, आप उनसे कहिये कि ओरस उनसे मिलने डेल्फानो से आया है, वह स्वयं मुझे बुला लेंगी।” ओरस ने रिसेप्शनिस्ट से रिक्वेस्ट करते हुए कहा।

“ठीक है, आप उधर सोफे पर जाकर बैठ जाइये मैं मैम से बात करके आपको बताती हूं।" रिसेप्शनिस्ट ने ओरस को सोफे की ओर इशारा करते हुए कहा।

ओरस जाकर सोफे पर बैठ गया। कुछ देर बाद रिसेप्शनिस्ट ने ओरस को इशारे से अपने पास बुलाया:- “देखिये मिस्टर ओरस, मैम ने कहा है कि वह इस नाम के किसी व्यक्ति को नहीं जानतीं, तो मैं आपको उनसे नहीं मिलवा सकती।"

यह सुनकर ओरस हैरान हो गया। उसे जेनिथ से ऐसी आशा नहीं थी।

"मिस क्या आप एक बार उनसे मेरी बात करवा सकती हैं प्लीज।” ओरस ने रिक्वेस्ट भरे भाव से कहा।

“देखिये मिस्टर ओरस, अगर आप मैम को नहीं जानते हैं, तो फिर आप उनसे तभी मिल सकते हैं जबकि आपके पास कोई ऐसा वैज्ञानिक प्रोजेक्ट हो, जो मैम को आकर्षित कर सके?” रिसेप्शनिस्ट ने ओरस को समझाते हुए कहा।

“ठीक है, तो फिर आप उनसे कहिये कि मेरे पास समयचक्र का फार्मूला है, यह सुनकर वह मुझे जरुर बुला लेंगी। आई स्वेयर बस अब आप एक बार और बात कर लीजिये बस।" ओरस ने एक तरह से गिड़गिड़ाते हुए कहा।

ओरस की बात सुन रिसेप्शनिस्ट ने एक जोर की साँस छोड़ी और ओरस को फिर से सोफे पर बैठने का आग्रह किया। उसके बाद वह कहीं फोन मिलाने लगी।

कुछ ही देर में एक लड़की ओरस के पास आकर खड़ी हो गई- “आपका ही नाम ओरस है....जेनिथ मैम ने आपको बुलाया है। ओरस की यह ट्रिक काम कर गई थी।

वह लड़की ओरस को लेकर अंदर ऑफिस की ओर चल दी। कुछ ही देर में वह ओरस को एक मीटिंग हॉल में छोड़कर चली गई।

मीटिंग हॉल काफी बड़ा और शानदार था। मीटिंग हॉल के एक ओर एक बड़ा सा पर्दा लगा था, जो कि शायद हॉल को 2 भागों में बांटने के लिये लगाया गया था।

तभी उस हॉल में जेनिथ ने प्रवेश किया- “हलो मिस्टर ओरस, मेरा नाम जेनिथ है।" यह कहकर जेनिथ ने अपना हाथ किसी अंजान व्यक्ति की तरह ओरस की ओर बढ़ा दिया।

ओरस ने जेनिथ से हाथ मिलाया, पर उसकी नजर लगातार जेनिथ पर ही लगी हुई थी। वह समझ नहीं पा रहा था कि जेनिथ उसे पहचान क्यों नहीं रही है?

“आप कह रहे थे कि आपके पास किसी समयचक्र का फार्मूला है?” जेनिथ ने ओरस को बैठने का इशारा करते हुए कहा।

“जी...जी हां, मेरे पास समयचक्र का फार्मूला है, जो हमें किसी भी तरह का टाइम ट्रैवेल करवा सकता है।" ओरस ने कहा।

"तो फिर दिखाइये, कहां है आपकी फाइल? या फिर प्रोजेक्ट का ब्लूप्रिंट?” जेनिथ ने ओरस की ओर देखते हुए कहा।

“जी...जी वो मैं फाइल तो आज नहीं लाया, पर मैं अगली बार जब आपसे मिलने आऊंगा, तो फाइल जरुर लेता आऊंगा।” ओरस ने बहाना बनाते हुए कहा।

“स्ट्रेंज आप इतना बड़ा प्रोजेक्ट डिस्कस करने आये हैं और फाइल तो क्या एक नोटबुक भी साथ में नहीं लाये? चलिये कोई बात नहीं आप व्हाइट बोर्ड पर ही मुझे प्रोजेक्ट के बारे में कुछ समझा दीजिये।”
जेनिथ ने ओरस के हाथ में मार्कर पकड़ाते हुए कहा।

ओरस ने मार्कर को हाथ में पकड़ा और व्हाइट बोर्ड पर समयचक्र की आकृति को ड्रा करने लगा। जैसे ही वह आकृति को ड्रा करके पलटा, उसे जेनिथ की आँखों में आश्चर्य दिखाई देने लगा।

यह देख ओरस मन ही मन काफी खुश हो गया, उसे लगा कि जेनिथ उसके प्रोजेक्ट से काफी प्रभावित हो गई है।

“क्या यह प्रोजेक्ट आपका है मिस्टर ओरस, या फिर आपने यह प्रोजेक्ट किसी से चुराया है?" जेनिथ ने ओरस की आँखों में झांकते हुए पूछा।

"शत-प्रतिशत यह प्रोजेक्ट मेरा है।” ओरस ने जेनिथ को विश्वास दिलाते हुए कहा।

"क्या आप इनको जानते हैं मिस्टर ओरस?" यह कहकर जेनिथ ने, मीटिंग हॉल में लगे पर्दे को एक ओर खींच दिया।

पर्दे के दूसरी ओर एक व्यक्ति कुर्सी पर बैठा हुआ था, जिसे देखकर ओरस का हार्ट अटैक होते-होते बचा। वह व्यक्ति और कोई नहीं ओरस के पिता गिरोट थे, जो इस समय काफी यंग दिख रहे थे।

“यह...यह यहां कैसे?" ओरस ने लड़खड़ाते शब्दों में कहा।

"चलो, इन्हें देखकर आपने यह तो कबूल कर लिया कि आप इन्हें जानते हैं, अब जरा आप भी बता दीजिये मिस्टर गिरोट कि आपने अपने इस सीक्रेट प्रोजेक्ट की जानकारी और किसे-किसे दी है?” जेनिथ ने अब गिरोट से मुखातिब होते हुए पूछा।

“मैंने, अपने इस सीक्रेट प्रोजेक्ट की जानकारी और किसी को नहीं दी है मिस जेनिथ? और और मैं तो इस लड़के को जानता तक नहीं? बल्कि ये कहना ज्यादा ठीक होगा कि मैंने इस लड़के को आज से पहले कभी देखा तक नहीं?" गिरोट ने कहा।

"तो फिर इसके पास आपका प्रोजेक्ट कैसे पहुंचा मिस्टर गिरोट? आप यही बता दीजिये।” जेनिथ ने गुस्सा होते हुए कहा।

“इस बारे में मुझे भी कुछ नहीं पता मिस जेनिथ? मुझे लगता है कि इस बारे में यह लड़का ही हमें कुछ बता सकता है?” गिरोट ने कहा।

“क्या तुम इस बारे में कुछ बताओगे ओरस? या फिर मैं पुलिस को कॉल करुं, वो स्वयं ही तुमसे इस बारे में सब उगलवा लेगी।" जेनिथ ने अब ओरस के ऊपर चिल्लाते हुए कहा।

"मैं भी इस बारे में समझने की कोशिश कर रहा हूं जेनिथ, पर मैं भी इस समय इस पूरे मैटर को समझने में असमर्थ हूं।” ओरस ने कहा।

"एक मिनट!” तभी गिरोट ने बोर्ड की ओर देखते हुए कहा- “इस लड़के ने तो इस बोर्ड पर वह भी समझाया है, जिसके बारे में मैं अभी सोच ही रहा हूं।....ऐसा कैसे हो सकता है?"

"क्या तुम समययात्रा करके भविष्य से आये हो?" जेनिथ ने उलझे-उलझे शब्दों में पूछा।

“मैं समययात्रा करके ही आया हूं....पर....पर मैं तो भूतकाल से आया हूं।” ओरस ने कहा।

"यह कैसे संभव है मिस्टर ओरस?” गिरोट ने उलझे शब्दों में पूछा- “तुम्हारे पास मेरे प्रोजेक्ट का वह हिस्सा है, जिसे मैंने अभी बनाया ही नहीं है और तुम कह रहे हो, कि तुम इसी प्रोजेक्ट की सहायता से भूतकाल से आये हो? क्या तुम्हें यह सब लॉजिकल लग रहा है?"

“एक मिनट रुकिये अगर मैं यह कहूं कि मैं आपका ही पुत्र हूं तो आप इस बारे में क्या कहेंगे?" ओरस ने एक नया धमाका करते हुए कहा।

अब वहां खड़े जेनिथ और गिरोट के दिमाग चकराने लगे।

"मेरे ख्याल से हमें पहले ओरस की बातें एक बार सुन लेनी चाहिये, उसके बाद ही हम सोचें कि हमारे साथ क्या हो रहा है?” जेनिथ ने हथियार डालते हुए कहा।

अब ओरस ने शुरु से लेकर अंत तक की पूरी घटनाएं उन दोनों को बता दीं।

“एक मिनट ओरस, तुम्हारी कहानी में बहुत सी ऐसी बातें हैं, जो मेरी समझ से परे हैं। जैसे कि मैंने कभी जहाज पर यात्रा की ही नहीं? मैं तौफीक, सुयश नाम के लोगों से कभी मिली ही नहीं? और अगर मैं तुमसे भी पहले मिली होती, तो कम से कम मुझे तुम्हारा चेहरा या बातें तो याद रहतीं?" जेनिथ ने शंका भरे शब्दों में कहा- “इसलिये अब तुम्हें अपनी कहानी का किसी भी प्रकार का कोई प्रमाण देना होगा?”

"ठीक है मैं अभी प्रमाण देता हूं।” यह कहकर ओरस ने ज़ेनिक्स को याद किया- “ ज़ेनिक्स मुझे तुम्हारी मदद की जरुरत है। क्या तुम मेरी आवाज सुन रही हो?"

अपनी बातें बोलने के बाद ओरस कुछ देर के लिये शांत होकर जेनिक्स की आवाज का इंतजार करने लगा, पर जब कुछ देर के बाद भी ज़ेनिक्स की कोई आवाज नहीं सुनाई दी, तो ओरस थोड़ा चिंतित नजर आने लगा।

उसने एक बार फिर ज़ेनिक्स को पुकार, पर इस बार भी ज़ेनिक्स का कोई उत्तर नहीं मिला।

"मुझे लगता है कि मिस्टर ओरस, आप हमारा समय बर्बाद कर रहें हैं।" जेनिथ ने ओरस की ओर देखते हुए कहा- “मेरे ख्याल से आपको अपने घर...मेरा मतलब है कि ब्लैकून में वापस जाना चाहिये और इस बार अगर आप मुझसे मिलने आयें तो कृपया किसी प्रमाण के साथ आयें?"

"नहीं...नहीं...एक मिनट और रुक जाओ जेनिथ लगता है ज़ेनिक्स अभी कहीं व्यस्त है, वह जल्दी ही जवाब देगी।" ओरस ने जेनिथ को रोकने की आखिरी कोशिश करते हुए कहा।

पर जेनिथ ने ओरस को गुस्से से घूरकर देखा और मीटिंग हॉल के बाहर निकल गई।

जेनिथ को जाता हुआ देख, ओरस, गिरोट की ओर बढ़ा- “क्या आपको भी मेरी बात पर विश्वास नहीं है पिताजी?"

“मेरे विश्वास करने या ना करने से कुछ नहीं होगा ओरस....तुम्हें जेनिथ को विश्वास दिलाना होगा और जेनिथ को विश्वास तभी आयेगा, जब कि तुम उसे किसी भी प्रकार का कोई प्रमाण दिखाओगे...तो जाओ और पहले कोई प्रमाण लेकर आओ।" यह कहकर गिरोट भी मीटिंग हॉल से बाहर निकल गया।

अब ओरस थके कदमों से कंपनी से बाहर की ओर चल दिया। वह भविष्य में अपनी उलझनों का हल ढूंढने आया था, पर अपनी उलझनों में कुछ और बढ़ोतरी कर वहां से जा रहा था।

यही तो समय का चक्र था, जो पूरे ब्रह्मांड को अपने अंदर उलझाये था।

जारी रहेगा_____✍️
 

Raj_sharma

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चौदह वर्ष पूर्व कलिका - जो दिल्ली के एक मैग्जीन की संपादक थी - ने यक्षलोक के प्रहरी युवान के कठिन सवालों का जो जवाब दिया वह बिल्कुल महाभारत के एक प्रसंग ( युधिष्ठिर और यक्ष संवाद ) की तरह था ।
क्या ही कठिन सवाल थे और क्या ही अद्भुत जवाब थे ! यह सब कैसे कर लेते है आप शर्मा जी ! पहले तो दिमाग मे कठिन सवाल लाना और फिर उस सवाल का जवाब ढूंढना , यह कैसे कर लेते है आप !
यह वाकई मे अद्भुत था । इस अपडेट के लिए आप की जितनी तारीफ की जाए कम है ।

शायद सम्राट शिप से चौदह साल पहले जो शिप बरमूडा ट्राइंगल मे डुब गया था , उस शिप मे ही कलिका की बेटी सफर कर रही होगी । वह लड़की आकृति हो सकती है । वह आकृति जो शलाका का क्लोन धारण कर रखी है ।

दूसरी तरफ सामरा प्रदेश मे व्योम साहब पर कुदरत बहुत ही अधिक मेहरबान हो रखा है । वगैर मांगे छप्पर फाड़ कर कृपा बरसा रहा है । पहले अमृत की प्राप्ति हुई और अब राजकुमारी त्रिकाली का दिल उनपर धड़क गया है ।
मंदिर मे जिस तरह दोनो ने एक दूसरे को रक्षा सूत्र पहनाया , उससे लगता है यह रक्षा सूत्र नही विवाह सूत्र की प्रक्रिया थी ।


इन दो घटनाक्रम के बाद तीसरी तरफ कैस्पर का दिल भी मैग्ना पर मचल उठा है और खास यह है कि यह धड़कन हजारों वर्ष बाद हुआ है । लेकिन सवाल यह है कि मैग्ना है कहां !
कहीं शैफाली ही मैग्ना तो नही ! शैफाली कहीं मैग्ना का पुनर्जन्म तो नही !

कुकुरमुत्ता को छाते की तरह इस्तेमाल करते हुए सुयश साहब और उनकी टीम का तेजाबी बारिश से खुद को रक्षा करना एक और खुबसूरत अपडेट था । पांच लोग बचे हुए हैं और एलेक्स को मिला दिया जाए तो छ लोग । तौफिक साहब की जान जाते जाते बची , लेकिन लगता नही है यह साहब अधिक दिन तक जीवित रह पायेंगे ।
कुछ मिलाकर पांच प्राणी ही सम्राट शिप के जीवित बचेंगे , बशर्ते राइटर साहब ने कुछ खुराफाती न सोच रखा हो ।
ये मिश्रित पांडव जीवित रहने चाहिए पंडित जी ! :D

सभी अपडेट बेहद खुबसूरत थे ।
रोमांच से भरपूर ।
एक अलग तरह की कहानी , एक अद्भुत कहानी ।
और आउटस्टैंडिंग राइटिंग ।

Ab s
समझ आया आकृति के चेहरा नहीं बदल पाने के कारण.... इसलिए आर्यन भी जल्दी नहीं पहचान पाया उसको....


बहुत ही सुंदर अपडेट

राज भाई
सेक्स नहीं कहानी पढ़ने का शौक रहा है मेरा हमेशा से
सेक्स पढ़ने देखने की जरूरत सिर्फ कुछ नया, अनोखा, अलग जानने के लिए समझता हूं
आनन्द या मनोरंजन सेक्स लिखने, पढ़ने, सुनने या देखने से नहीं 'करने' में ही होता है

फिर से एक अप्रतिम अद्भुत और रोमांचक विस्मयकारी अपडेट हैं भाई मजा आ गया

शैफाली का किरदार बिल्कुल असाधारण ऊँचाई पर है। जिस तरह वह बारूद की खुशबू के समय में फर्क पकड़ती है और उससे धुएँ पर फूँक मारने की आदत तक पहुँचती है, और फिर जले हुए रुमाल व संदल की खुशबू जैसा सूक्ष्म विवरण देती है, वह सिर्फ बुद्धिमत्ता नहीं, बल्कि लेखन की गहराई भी दिखाता है। एक अंधी बच्ची का इस तरह संवेदनाओं के सहारे अपराध की परतें खोलना बेहद प्रभावशाली लगा।

नीली रोशनी, अजीब ध्वनि, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का ब्लास्ट होना यह हिस्सा पूरी तरह सिनेमैटिक और रहस्य से भरा लगा। ऐसा लगा जैसे कहानी अब केवल मर्डर मिस्ट्री नहीं रही, बल्कि किसी बड़े, अज्ञात, रहस्यमय और अलौकिक एडवेंचर की ओर बढ़ रही है।

कुल मिलाकर यह अपडेट कहानी को नए स्तर पर ले जाता है। भावनात्मक गहराई, वैज्ञानिक तर्क, रहस्य और अलौकिक संकेत सब एक साथ इतने संतुलित तरीके से आए हैं कि अब आगे क्या होगा, यह जानने की उत्सुकता और भी बढ़ गई है।

मजेदार अपडेट, कहानी ने दिलचस्प मोड ले लिया। मर्डर मिस्ट्री से बरमूडा ट्रेंगल की और। हम्ममम🤔🤔

Kya gazab ki update post ki he Raj_sharma Bhai

Eye Specialist wali padhayi karwa di aapne to is dwar me.........

Ab agla number ENT ka he............

Keep rocking Bro

Bhut hi badhiya update Bhai
Aankhon ki bhut jankari pad li ab lagta hai naak ke bare me jankari milegi

Lovely update ❤❤❤

bhai g apki kahani bahut acchi hai abhi kuch update padhe hai wo padh ke hi maza aa gaya baaki aage batata hu apko thanks acchi kahani likhne ke liye :)

Big fan sir

#186 अराका युद्ध

100 मीटर लम्बा यान अपने एयरबस 380 से भी करीब 40 प्रतिशत बड़ा होता है -- मतलब बहुत बड़ा!
ओ तेरी - ये अंतरिक्ष यात्री भी अंग्रेजी लिपि का प्रयोग करते हैं! हेहेहेहे!

जैगन की अपना आकार घटाने बढ़ाने की शक्ति का भी पता चल गया! यार ऐसे नहीं होता - जब मन किया, कुछ भी लिख दिया! एक पे रहना - या तो घोड़ा या फिर चतुर!

2.5 मिलियन प्रकाश वर्ष की दूरी, 3 दिन में पूरी करने के लिए यान को प्रकाश से 304 मिलियन गुणा तेज गति से चलना पड़ेगा - जो भौतिकी सिद्धांतों में संभव नहीं है। वर्महोल जैसी काल्पनिक अवधारणाएँ ही इस तरह की यात्रा को संभव बना सकते हैं।

“एलात्रा के शरीर से नीले रंग का खून निकलकर, समुद्र के पानी में मिक्स होने लगा” -- ये तो पूरी तरह से blue blooded जीव हैं! सब नीला - शरीर, कपड़े, खून…।

यह लड़ाई तो चुटकी बजाते ख़तम हो गई।


#187

आँखों का मायाजाल बढ़िया था। लेकिन सच में - यह नक्षत्रा कुछ अधिक ही पहुँची हुई चीज़ है।
यह केवल AI नहीं है, बल्कि इसमें और भी क्षमताएँ हैं।


#188

शलाका के कमरे में जो भी आया हो, वो मित्र ही लग रहा है - शत्रु नहीं। शायद आर्यन का मेटा-फिजिकल रूप?
या फिर वही दिव्य बालक? इस कहानी में सब संभव है।


#189

विज्ञान की शक्तियाँ ही दिव्य शक्तियाँ होती हैं। बाकी सब कपोल कल्पना।

देवोम -- यही है वो दिव्य बालक!


#190

“तुम बताना शैफाली कि तुमने किस स्कूल से पढ़ाई की है, मैं ऑस्ट्रेलिया चलकर, उसी स्कूल में एडमिशन लूंगा।” -- हाँ, ऑस्ट्रेलिया के स्कूल बेहतरीन हैं।

इन पहेलियों को पढ़ कर बचपन में “डोगा” के किसी कॉमिक्स में ‘काल पहेलिया’ की याद आ गई।


#191

आँख का तिलिस्म टूट ही गया लगभग!
But पूरा ENT विभाग खुल गया लगता है। 😂

kuch din forum se ghost hogya Thaa

Bahut hi badhiya update diya hai Raj_sharma bhai....
Nice and beautiful update....

बहुत ही शानदार और आकर्षक अपडेट दिया है ! हर मोड पे लगा अब सस्पेंस खुला जब खुला लेकिन वो अगले अपडेट के लिए बचा हुआ है !


बहुत ही अच्छा लिख रहे हो .💐💐💐💐👏🏻👏🏻👏🏻👏🏻

Nice update....

Shaandar update

Bhut hi badhiya update Bhai
Yugaka aur kalat ne aakar vega aur vinus ko bacha liya varna inka bhi haal dhra aur mayur ke jaisa hota
Khair Yugaka ne A1 ko mar diya lekin A4 aur A7 vaha se bhag gaye

Anam aur rufo Raj_sharma bhai

Bahut hi shandar update Bhai

Nice update....

lovely update. tilisma ka ye rasta to wakai danger lag raha hai .Sab logo ko ek ek karke apna task pura karna. cahsawr ne wakai bahut mehnat ki hai aisi tilisma me fasane ke liye .

nice update

Abhi de do 😆 😆 😆

Aapka comment nahi dikhta hai kahin na, isliye maine kaha.

intezaar rahega....

Update posted friends 🙏🏼
 

Raj_sharma

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parkas

Well-Known Member
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#211.

भविष्य यात्रा:
(25.01.2002, शुक्रवार, ब्लैकून)

ब्लैकून-डेल्फानो का आखिरी अवशेष, जिसकी रचना डेल्फानो के राजा गिरोट ने की थी।

डेल्फानो के समाप्त होने के पहले, उसने ब्लैकून को एक छोटे से मोती में परिवर्तित कर, पृथ्वी की ओर भेज दिया था।

अब उसी डेल्फानो ग्रह का आखिरी प्राणी युवराज ओरस था, जिसे ब्लैकून में मौजूद ज़ेनिक्स ज्ञान दे रही थी।

ओरस ब्लैकून में बैठा डेल्फानो और अपने पिता के बारे में सोच रहा था, कि तभी हवा में ज़ेनिक्स का नीला शरीर दिखाई दिया।

क्या सोच रहे हो ओरस?" ज़ेनिक्स ने ओरस से पूछा।

“अपनी जिंदगी के बारे में सोच रहा हूं। दरअसल कल मैंने एक बार फिर, अपने पिता के आखिरी शब्दों को सुना। वो कह रहे थे कि समय को दोहराया जा रहा है। क्या फिर से वही सब होगा, जो सदियों पहले हुआ था?......ऐसा क्या हुआ था सदियों पहले उनके साथ? और समय किस प्रकार दोहराया जा रहा था? फिर उन्होंने कहा कि मैं अपने पुत्र के साथ ऐसा नहीं होने दूंगा। इसका मतलब उनके साथ पहले कुछ तो बुरा हुआ था? जो वह मेरे साथ नहीं होने देना चाहते थे।..... फिर....फिर उन्होंने इतने बड़े ब्रह्मांड में, मुझे पृथ्वी जैसे छोटे से ग्रह पर ही क्यों भेजा? और फिर पृथ्वी वासियों का शरीर हमारे शरीर से इतना मिलता हुआ क्यों है? और फिर उन्होंने आखिर में कहा था कि पृथ्वी पर मुझे भेजने में, समय कई आयामों में उलझ जायेगा।...कैसे? ...भला समय कैसे कई आयामों में उलझ सकता है? बस इन्हीं प्रश्नों का जवाब नहीं मिल पा रहा मुझे। इसीलिये मेरा दिमाग कल से कुछ परेशान सा चल रहा है?"

"बस इसी वजह से परेशान हो या फिर कोई और भी बात है?" ज़ेनिक्स ने रहस्य भरे शब्दों में कहा।

"और कौन सी बात हो सकती है भला?" ओरस ने जेनिक्स की ओर देखते हुए ना समझने वाले अंदाज में पूछा।

“ओरस, सच-सच बताओ कहीं तुम्हें जेनिथ से प्यार तो नहीं हो गया?” ज़ेनिक्स ने ओरस के सीधे दिल पर वार करते हुए कहा।

“म...म...मैं स्वयं भी इस रहस्य को समझ नहीं पा रहा? कभी मुझे लगता है कि वह सिर्फ दोस्त है? पर कभी उसकी भावनाओं की वजह से, वह मुझे एक दोस्त से ज्यादा लगने लगती है।” ओरस ने गड़बड़ाते हुए कहा “मैं स्वयं इन भावनाओं के सागर में डूब रहा हूं।...मुझे नहीं समझ में आ रहा ज़ेनिक्स, कि मुझे ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिये? क्या तुम मुझे कोई सुझाव दे सकती हो?" ओरस ने समयचक्र के पास चहलकदमी करते हुए कहा।

“देखिये ओरस, जेनिथ बहुत साधारण लड़की है, उसे तो विज्ञान की ABCD भी नहीं आती, जबकि आप तो समयचक्र के निर्माता हो, आपने पिछले 20 वर्षों में हजारों नये अविष्कार किये हैं। ऐसे में मुझे नहीं लगता कि आपका जेनिथ के साथ प्यार करना सही है। अरे उसकी तो उम्र भी कुछ वर्षों में खत्म हो जायेगी, फिर आप क्या करोगे? वैसे तो मुझे आपको यह सुझाव देना बनता नहीं है, क्यों कि यह तो आपके दिल का मामला है, इसलिये इसे आपको स्वयं ही, अपने दिल से सुलझाना पड़ेगा। मैं तो फिलहाल स्वयं का दिल विकसित करने की कोशिश कर रही हूं।” ज़ेनिक्स ने कहा।

“तुम दिल लेकर क्या करोगी?” ओरस ने मजाक भरे लहजे में कहा- “अब तुम्हारा भी शादी करने का विचार है क्या?"

“जब मुझमें भावनाएं है, जब मुझमें स्वयं का अपना दिमाग है, जब मुझमें स्वयं से किसी भी प्रकार के निर्णय लेने की क्षमता है, तो फिर मेरे पास दिल क्यों नहीं हो सकता?” ज़ेनिक्स ने लॉजिक देते हुए कहा।

“बात तो तुम्हारी सही है इस हिसाब से तो दिल ही नहीं, तुम्हारे पास शरीर भी होना चाहिये।” ओरस ने कहा।

"क्या पता कि कभी शरीर हुआ ही करता हो?" ज़ेनिक्स ने अजीब से लहजे में कहा। ओरस को जेनिक्स की बात समझ में नहीं आई, इसलिये उसने ज़ेनिक्स की बात पर ध्यान भी नहीं दिया।

“अच्छा, ये सब छोड़ो, मुझे ये बताओ कि हमने समयचक्र के द्वारा, अभी तक भविष्य में कितना आगे जाने की तकनीक विकसित कर ली है?" ओरस ने विषय को बदलते हुए कहा।

“आप कितना आगे जाना चाहते हैं?" जेनिक्स ने उल्टा सवाल करते हुए पूछा।

“कम से कम 25 वर्ष आगे।” ओरस ने कहा- “मुझे आगे जाकर देखना है कि जेनिथ का भविष्य कैसा है? क्या वह मेरे साथ दूसरे ग्रह पर रह पायेगी?” ओरस ने कहा।

यह सुनकर ज़ेनिक्स के चेहरे पर मुस्कान आ गई।

“तुम मुस्कुरा क्यों रही हो ज़ेनिक्स?” ओरस ने ना समझने वाले भाव से पूछा।

“कुछ नहीं, बस समय के प्रवाह को बांधने की कोशिश कर रही हूं।” ज़ेनिक्स के शब्द फिर से ओरस के सिर के ऊपर से चले गये।

“पर मैं अगर भविष्य में गया और ऐसे में जेनिथ को मेरी जरुरत पड़ गई, तो फिर क्या होगा?" ओरस ने शंकित होते हुए कहा।

“तो क्या हुआ? मैं हूं तो यहां पर, ऐसे में मैं आपकी आवाज बनाकर जेनिथ को जवाब दे दूंगी और अगर उसके शरीर पर किसी भी प्रकार से चोट आई, तो वह तो पहले भी मैं ही सही करती रही हूं...इसलिये आपको यहां के बारे में बिल्कुल भी परेशान होने की जरुरत नहीं है। आप निश्चिंत होकर भविष्य में जा सकते हो। जेनिक्स ने ओरस को तसल्ली देते हुए कहा।

“ठीक है ज़ेनिक्स, फिर मुझे भविष्य में 25 वर्ष आगे भेज दो।" यह कहकर ओरस, समयचक्र पर जाकर बैठ गया।

ज़ेनिक्स ने समय को सेट किया और फिर ओरस को पृथ्वी पर 25 वर्ष आगे भेज दिया।
.....................................................
(जनवरी 2027, पेरिस शहर, फ्रांस)
ओरस ने जब अपनी आँखें खोलीं, तो वह पेरिस के एफिल टावर के पास खड़ा था। ओरस ने अपने चारो ओर देखा, हर व्यक्ति अपने आप में मशगूल था।

ओरस ने एक बार एफिल टावर को ध्यान से देखा। वह विशाल लोहे का स्तंभ ओरस को काफी अच्छा लगा।
ओरस कुछ देर तक एफिल टावर को देखता रहा, फिर उसके सामने की ओर बने, एक फुटपाथ के पास जाकर खड़ा हो गया।

“यह मुझे ज़ेनिक्स ने यहां क्यों भेजा है? यहां पर मुझे जेनिथ कैसे मिलेगी?” ओरस मन ही मन सोच रहा था कि तभी उसकी नजर फुटपाथ से कुछ दूरी पर बिक रहे एक पत्रिका के स्टॉल की ओर गई।

ओरस उस स्टॉल की ओर बढ़ गया। ओरस स्टॉल पर खड़ा होकर वहां रखी किताबें देख रहा था कि तभी उसकी नजर ‘बिजनेस वर्ल्ड' नामक एक मैगजीन पर गई, जिसके कवर पेज पर जेनिथ की फोटो छपी थी।

ओरस ने वह मैगजीन उठा ली और ध्यान से जेनिथ की फोटो को देखने लगा। जेनिथ की वह फोटो बहुत ही आकर्षक लग रही थी।

अब उसने मैगजीन को खोलकर उसके कुछ पन्ने पलटे। अंदर एक स्थान पर फिर से जेनिथ की फोटो दिखाई दी, जिसके नीचे लिख रखा था- “जेनिथ मानेट, डायरेक्टर ऑफ फीनीक्स इंटरनेशनल।

अब ओरस ने उस मैगजीन के अगले पृष्ठ को देखा, वहां पर फीनीक्स इंटरनेशनल कंपनी का ऐड्रेस लिखा हुआ था, जो कि पेरिस में ही कहीं दिखा रहा था।

ओरस ने उस किताब वाले से, उस ऐड्रेस के बारे में पूछा, तो उसको पता चला कि फीनीक्स इंटरनेशनल कंपनी का ऑफिस यहां से ज्यादा दूरी पर नहीं है।

यह सोच ओरस लोगों से पूछते-पूछते फीनीक्स इंटरनेशनल कंपनी के ऑफिस तक पहुंच गया।

कंपनी का ऑफिस बहुत बड़ा था, बड़ी मुश्किल के बाद ओरस ऑफिस के रिसेप्शन तक पहुंच पाया।

रिसेप्शन के पीछे एक बहुत बड़े से फीनीक्स पक्षी का फोटो, एक गोले में बना था। शायद वह कंपनी का लोगो था।

“जी, मुझे कंपनी की डायरेक्टर मिस जेनिथ मानेट से मिलना है।" ओरस ने रिसेप्शनिस्ट से कहा।

“सर क्या आपके पास उनसे मिलने का अप्वांइटमेंट है?" रिसेप्शनिस्ट ने ओरस से पूछा।

“जी नहीं पर मैं उन्हें पहले से जानता हूं, आप उनसे कहिये कि ओरस उनसे मिलने डेल्फानो से आया है, वह स्वयं मुझे बुला लेंगी।” ओरस ने रिसेप्शनिस्ट से रिक्वेस्ट करते हुए कहा।

“ठीक है, आप उधर सोफे पर जाकर बैठ जाइये मैं मैम से बात करके आपको बताती हूं।" रिसेप्शनिस्ट ने ओरस को सोफे की ओर इशारा करते हुए कहा।

ओरस जाकर सोफे पर बैठ गया। कुछ देर बाद रिसेप्शनिस्ट ने ओरस को इशारे से अपने पास बुलाया:- “देखिये मिस्टर ओरस, मैम ने कहा है कि वह इस नाम के किसी व्यक्ति को नहीं जानतीं, तो मैं आपको उनसे नहीं मिलवा सकती।"

यह सुनकर ओरस हैरान हो गया। उसे जेनिथ से ऐसी आशा नहीं थी।

"मिस क्या आप एक बार उनसे मेरी बात करवा सकती हैं प्लीज।” ओरस ने रिक्वेस्ट भरे भाव से कहा।

“देखिये मिस्टर ओरस, अगर आप मैम को नहीं जानते हैं, तो फिर आप उनसे तभी मिल सकते हैं जबकि आपके पास कोई ऐसा वैज्ञानिक प्रोजेक्ट हो, जो मैम को आकर्षित कर सके?” रिसेप्शनिस्ट ने ओरस को समझाते हुए कहा।

“ठीक है, तो फिर आप उनसे कहिये कि मेरे पास समयचक्र का फार्मूला है, यह सुनकर वह मुझे जरुर बुला लेंगी। आई स्वेयर बस अब आप एक बार और बात कर लीजिये बस।" ओरस ने एक तरह से गिड़गिड़ाते हुए कहा।

ओरस की बात सुन रिसेप्शनिस्ट ने एक जोर की साँस छोड़ी और ओरस को फिर से सोफे पर बैठने का आग्रह किया। उसके बाद वह कहीं फोन मिलाने लगी।

कुछ ही देर में एक लड़की ओरस के पास आकर खड़ी हो गई- “आपका ही नाम ओरस है....जेनिथ मैम ने आपको बुलाया है। ओरस की यह ट्रिक काम कर गई थी।

वह लड़की ओरस को लेकर अंदर ऑफिस की ओर चल दी। कुछ ही देर में वह ओरस को एक मीटिंग हॉल में छोड़कर चली गई।

मीटिंग हॉल काफी बड़ा और शानदार था। मीटिंग हॉल के एक ओर एक बड़ा सा पर्दा लगा था, जो कि शायद हॉल को 2 भागों में बांटने के लिये लगाया गया था।

तभी उस हॉल में जेनिथ ने प्रवेश किया- “हलो मिस्टर ओरस, मेरा नाम जेनिथ है।" यह कहकर जेनिथ ने अपना हाथ किसी अंजान व्यक्ति की तरह ओरस की ओर बढ़ा दिया।

ओरस ने जेनिथ से हाथ मिलाया, पर उसकी नजर लगातार जेनिथ पर ही लगी हुई थी। वह समझ नहीं पा रहा था कि जेनिथ उसे पहचान क्यों नहीं रही है?

“आप कह रहे थे कि आपके पास किसी समयचक्र का फार्मूला है?” जेनिथ ने ओरस को बैठने का इशारा करते हुए कहा।

“जी...जी हां, मेरे पास समयचक्र का फार्मूला है, जो हमें किसी भी तरह का टाइम ट्रैवेल करवा सकता है।" ओरस ने कहा।

"तो फिर दिखाइये, कहां है आपकी फाइल? या फिर प्रोजेक्ट का ब्लूप्रिंट?” जेनिथ ने ओरस की ओर देखते हुए कहा।

“जी...जी वो मैं फाइल तो आज नहीं लाया, पर मैं अगली बार जब आपसे मिलने आऊंगा, तो फाइल जरुर लेता आऊंगा।” ओरस ने बहाना बनाते हुए कहा।

“स्ट्रेंज आप इतना बड़ा प्रोजेक्ट डिस्कस करने आये हैं और फाइल तो क्या एक नोटबुक भी साथ में नहीं लाये? चलिये कोई बात नहीं आप व्हाइट बोर्ड पर ही मुझे प्रोजेक्ट के बारे में कुछ समझा दीजिये।”
जेनिथ ने ओरस के हाथ में मार्कर पकड़ाते हुए कहा।

ओरस ने मार्कर को हाथ में पकड़ा और व्हाइट बोर्ड पर समयचक्र की आकृति को ड्रा करने लगा। जैसे ही वह आकृति को ड्रा करके पलटा, उसे जेनिथ की आँखों में आश्चर्य दिखाई देने लगा।

यह देख ओरस मन ही मन काफी खुश हो गया, उसे लगा कि जेनिथ उसके प्रोजेक्ट से काफी प्रभावित हो गई है।

“क्या यह प्रोजेक्ट आपका है मिस्टर ओरस, या फिर आपने यह प्रोजेक्ट किसी से चुराया है?" जेनिथ ने ओरस की आँखों में झांकते हुए पूछा।

"शत-प्रतिशत यह प्रोजेक्ट मेरा है।” ओरस ने जेनिथ को विश्वास दिलाते हुए कहा।

"क्या आप इनको जानते हैं मिस्टर ओरस?" यह कहकर जेनिथ ने, मीटिंग हॉल में लगे पर्दे को एक ओर खींच दिया।

पर्दे के दूसरी ओर एक व्यक्ति कुर्सी पर बैठा हुआ था, जिसे देखकर ओरस का हार्ट अटैक होते-होते बचा। वह व्यक्ति और कोई नहीं ओरस के पिता गिरोट थे, जो इस समय काफी यंग दिख रहे थे।

“यह...यह यहां कैसे?" ओरस ने लड़खड़ाते शब्दों में कहा।

"चलो, इन्हें देखकर आपने यह तो कबूल कर लिया कि आप इन्हें जानते हैं, अब जरा आप भी बता दीजिये मिस्टर गिरोट कि आपने अपने इस सीक्रेट प्रोजेक्ट की जानकारी और किसे-किसे दी है?” जेनिथ ने अब गिरोट से मुखातिब होते हुए पूछा।

“मैंने, अपने इस सीक्रेट प्रोजेक्ट की जानकारी और किसी को नहीं दी है मिस जेनिथ? और और मैं तो इस लड़के को जानता तक नहीं? बल्कि ये कहना ज्यादा ठीक होगा कि मैंने इस लड़के को आज से पहले कभी देखा तक नहीं?" गिरोट ने कहा।

"तो फिर इसके पास आपका प्रोजेक्ट कैसे पहुंचा मिस्टर गिरोट? आप यही बता दीजिये।” जेनिथ ने गुस्सा होते हुए कहा।

“इस बारे में मुझे भी कुछ नहीं पता मिस जेनिथ? मुझे लगता है कि इस बारे में यह लड़का ही हमें कुछ बता सकता है?” गिरोट ने कहा।

“क्या तुम इस बारे में कुछ बताओगे ओरस? या फिर मैं पुलिस को कॉल करुं, वो स्वयं ही तुमसे इस बारे में सब उगलवा लेगी।" जेनिथ ने अब ओरस के ऊपर चिल्लाते हुए कहा।

"मैं भी इस बारे में समझने की कोशिश कर रहा हूं जेनिथ, पर मैं भी इस समय इस पूरे मैटर को समझने में असमर्थ हूं।” ओरस ने कहा।

"एक मिनट!” तभी गिरोट ने बोर्ड की ओर देखते हुए कहा- “इस लड़के ने तो इस बोर्ड पर वह भी समझाया है, जिसके बारे में मैं अभी सोच ही रहा हूं।....ऐसा कैसे हो सकता है?"

"क्या तुम समययात्रा करके भविष्य से आये हो?" जेनिथ ने उलझे-उलझे शब्दों में पूछा।

“मैं समययात्रा करके ही आया हूं....पर....पर मैं तो भूतकाल से आया हूं।” ओरस ने कहा।

"यह कैसे संभव है मिस्टर ओरस?” गिरोट ने उलझे शब्दों में पूछा- “तुम्हारे पास मेरे प्रोजेक्ट का वह हिस्सा है, जिसे मैंने अभी बनाया ही नहीं है और तुम कह रहे हो, कि तुम इसी प्रोजेक्ट की सहायता से भूतकाल से आये हो? क्या तुम्हें यह सब लॉजिकल लग रहा है?"

“एक मिनट रुकिये अगर मैं यह कहूं कि मैं आपका ही पुत्र हूं तो आप इस बारे में क्या कहेंगे?" ओरस ने एक नया धमाका करते हुए कहा।

अब वहां खड़े जेनिथ और गिरोट के दिमाग चकराने लगे।

"मेरे ख्याल से हमें पहले ओरस की बातें एक बार सुन लेनी चाहिये, उसके बाद ही हम सोचें कि हमारे साथ क्या हो रहा है?” जेनिथ ने हथियार डालते हुए कहा।

अब ओरस ने शुरु से लेकर अंत तक की पूरी घटनाएं उन दोनों को बता दीं।

“एक मिनट ओरस, तुम्हारी कहानी में बहुत सी ऐसी बातें हैं, जो मेरी समझ से परे हैं। जैसे कि मैंने कभी जहाज पर यात्रा की ही नहीं? मैं तौफीक, सुयश नाम के लोगों से कभी मिली ही नहीं? और अगर मैं तुमसे भी पहले मिली होती, तो कम से कम मुझे तुम्हारा चेहरा या बातें तो याद रहतीं?" जेनिथ ने शंका भरे शब्दों में कहा- “इसलिये अब तुम्हें अपनी कहानी का किसी भी प्रकार का कोई प्रमाण देना होगा?”

"ठीक है मैं अभी प्रमाण देता हूं।” यह कहकर ओरस ने ज़ेनिक्स को याद किया- “ ज़ेनिक्स मुझे तुम्हारी मदद की जरुरत है। क्या तुम मेरी आवाज सुन रही हो?"

अपनी बातें बोलने के बाद ओरस कुछ देर के लिये शांत होकर जेनिक्स की आवाज का इंतजार करने लगा, पर जब कुछ देर के बाद भी ज़ेनिक्स की कोई आवाज नहीं सुनाई दी, तो ओरस थोड़ा चिंतित नजर आने लगा।

उसने एक बार फिर ज़ेनिक्स को पुकार, पर इस बार भी ज़ेनिक्स का कोई उत्तर नहीं मिला।

"मुझे लगता है कि मिस्टर ओरस, आप हमारा समय बर्बाद कर रहें हैं।" जेनिथ ने ओरस की ओर देखते हुए कहा- “मेरे ख्याल से आपको अपने घर...मेरा मतलब है कि ब्लैकून में वापस जाना चाहिये और इस बार अगर आप मुझसे मिलने आयें तो कृपया किसी प्रमाण के साथ आयें?"

"नहीं...नहीं...एक मिनट और रुक जाओ जेनिथ लगता है ज़ेनिक्स अभी कहीं व्यस्त है, वह जल्दी ही जवाब देगी।" ओरस ने जेनिथ को रोकने की आखिरी कोशिश करते हुए कहा।

पर जेनिथ ने ओरस को गुस्से से घूरकर देखा और मीटिंग हॉल के बाहर निकल गई।

जेनिथ को जाता हुआ देख, ओरस, गिरोट की ओर बढ़ा- “क्या आपको भी मेरी बात पर विश्वास नहीं है पिताजी?"

“मेरे विश्वास करने या ना करने से कुछ नहीं होगा ओरस....तुम्हें जेनिथ को विश्वास दिलाना होगा और जेनिथ को विश्वास तभी आयेगा, जब कि तुम उसे किसी भी प्रकार का कोई प्रमाण दिखाओगे...तो जाओ और पहले कोई प्रमाण लेकर आओ।" यह कहकर गिरोट भी मीटिंग हॉल से बाहर निकल गया।

अब ओरस थके कदमों से कंपनी से बाहर की ओर चल दिया। वह भविष्य में अपनी उलझनों का हल ढूंढने आया था, पर अपनी उलझनों में कुछ और बढ़ोतरी कर वहां से जा रहा था।

यही तो समय का चक्र था, जो पूरे ब्रह्मांड को अपने अंदर उलझाये था।

जारी रहेगा_____✍️
Bahut hi badhiya update diya hai Raj_sharma bhai....
Nice and beautiful update....
 

Raj_sharma

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Raj_sharma

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dhparikh

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भविष्य यात्रा:
(25.01.2002, शुक्रवार, ब्लैकून)

ब्लैकून-डेल्फानो का आखिरी अवशेष, जिसकी रचना डेल्फानो के राजा गिरोट ने की थी।

डेल्फानो के समाप्त होने के पहले, उसने ब्लैकून को एक छोटे से मोती में परिवर्तित कर, पृथ्वी की ओर भेज दिया था।

अब उसी डेल्फानो ग्रह का आखिरी प्राणी युवराज ओरस था, जिसे ब्लैकून में मौजूद ज़ेनिक्स ज्ञान दे रही थी।

ओरस ब्लैकून में बैठा डेल्फानो और अपने पिता के बारे में सोच रहा था, कि तभी हवा में ज़ेनिक्स का नीला शरीर दिखाई दिया।

क्या सोच रहे हो ओरस?" ज़ेनिक्स ने ओरस से पूछा।

“अपनी जिंदगी के बारे में सोच रहा हूं। दरअसल कल मैंने एक बार फिर, अपने पिता के आखिरी शब्दों को सुना। वो कह रहे थे कि समय को दोहराया जा रहा है। क्या फिर से वही सब होगा, जो सदियों पहले हुआ था?......ऐसा क्या हुआ था सदियों पहले उनके साथ? और समय किस प्रकार दोहराया जा रहा था? फिर उन्होंने कहा कि मैं अपने पुत्र के साथ ऐसा नहीं होने दूंगा। इसका मतलब उनके साथ पहले कुछ तो बुरा हुआ था? जो वह मेरे साथ नहीं होने देना चाहते थे।..... फिर....फिर उन्होंने इतने बड़े ब्रह्मांड में, मुझे पृथ्वी जैसे छोटे से ग्रह पर ही क्यों भेजा? और फिर पृथ्वी वासियों का शरीर हमारे शरीर से इतना मिलता हुआ क्यों है? और फिर उन्होंने आखिर में कहा था कि पृथ्वी पर मुझे भेजने में, समय कई आयामों में उलझ जायेगा।...कैसे? ...भला समय कैसे कई आयामों में उलझ सकता है? बस इन्हीं प्रश्नों का जवाब नहीं मिल पा रहा मुझे। इसीलिये मेरा दिमाग कल से कुछ परेशान सा चल रहा है?"

"बस इसी वजह से परेशान हो या फिर कोई और भी बात है?" ज़ेनिक्स ने रहस्य भरे शब्दों में कहा।

"और कौन सी बात हो सकती है भला?" ओरस ने जेनिक्स की ओर देखते हुए ना समझने वाले अंदाज में पूछा।

“ओरस, सच-सच बताओ कहीं तुम्हें जेनिथ से प्यार तो नहीं हो गया?” ज़ेनिक्स ने ओरस के सीधे दिल पर वार करते हुए कहा।

“म...म...मैं स्वयं भी इस रहस्य को समझ नहीं पा रहा? कभी मुझे लगता है कि वह सिर्फ दोस्त है? पर कभी उसकी भावनाओं की वजह से, वह मुझे एक दोस्त से ज्यादा लगने लगती है।” ओरस ने गड़बड़ाते हुए कहा “मैं स्वयं इन भावनाओं के सागर में डूब रहा हूं।...मुझे नहीं समझ में आ रहा ज़ेनिक्स, कि मुझे ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिये? क्या तुम मुझे कोई सुझाव दे सकती हो?" ओरस ने समयचक्र के पास चहलकदमी करते हुए कहा।

“देखिये ओरस, जेनिथ बहुत साधारण लड़की है, उसे तो विज्ञान की ABCD भी नहीं आती, जबकि आप तो समयचक्र के निर्माता हो, आपने पिछले 20 वर्षों में हजारों नये अविष्कार किये हैं। ऐसे में मुझे नहीं लगता कि आपका जेनिथ के साथ प्यार करना सही है। अरे उसकी तो उम्र भी कुछ वर्षों में खत्म हो जायेगी, फिर आप क्या करोगे? वैसे तो मुझे आपको यह सुझाव देना बनता नहीं है, क्यों कि यह तो आपके दिल का मामला है, इसलिये इसे आपको स्वयं ही, अपने दिल से सुलझाना पड़ेगा। मैं तो फिलहाल स्वयं का दिल विकसित करने की कोशिश कर रही हूं।” ज़ेनिक्स ने कहा।

“तुम दिल लेकर क्या करोगी?” ओरस ने मजाक भरे लहजे में कहा- “अब तुम्हारा भी शादी करने का विचार है क्या?"

“जब मुझमें भावनाएं है, जब मुझमें स्वयं का अपना दिमाग है, जब मुझमें स्वयं से किसी भी प्रकार के निर्णय लेने की क्षमता है, तो फिर मेरे पास दिल क्यों नहीं हो सकता?” ज़ेनिक्स ने लॉजिक देते हुए कहा।

“बात तो तुम्हारी सही है इस हिसाब से तो दिल ही नहीं, तुम्हारे पास शरीर भी होना चाहिये।” ओरस ने कहा।

"क्या पता कि कभी शरीर हुआ ही करता हो?" ज़ेनिक्स ने अजीब से लहजे में कहा। ओरस को जेनिक्स की बात समझ में नहीं आई, इसलिये उसने ज़ेनिक्स की बात पर ध्यान भी नहीं दिया।

“अच्छा, ये सब छोड़ो, मुझे ये बताओ कि हमने समयचक्र के द्वारा, अभी तक भविष्य में कितना आगे जाने की तकनीक विकसित कर ली है?" ओरस ने विषय को बदलते हुए कहा।

“आप कितना आगे जाना चाहते हैं?" जेनिक्स ने उल्टा सवाल करते हुए पूछा।

“कम से कम 25 वर्ष आगे।” ओरस ने कहा- “मुझे आगे जाकर देखना है कि जेनिथ का भविष्य कैसा है? क्या वह मेरे साथ दूसरे ग्रह पर रह पायेगी?” ओरस ने कहा।

यह सुनकर ज़ेनिक्स के चेहरे पर मुस्कान आ गई।

“तुम मुस्कुरा क्यों रही हो ज़ेनिक्स?” ओरस ने ना समझने वाले भाव से पूछा।

“कुछ नहीं, बस समय के प्रवाह को बांधने की कोशिश कर रही हूं।” ज़ेनिक्स के शब्द फिर से ओरस के सिर के ऊपर से चले गये।

“पर मैं अगर भविष्य में गया और ऐसे में जेनिथ को मेरी जरुरत पड़ गई, तो फिर क्या होगा?" ओरस ने शंकित होते हुए कहा।

“तो क्या हुआ? मैं हूं तो यहां पर, ऐसे में मैं आपकी आवाज बनाकर जेनिथ को जवाब दे दूंगी और अगर उसके शरीर पर किसी भी प्रकार से चोट आई, तो वह तो पहले भी मैं ही सही करती रही हूं...इसलिये आपको यहां के बारे में बिल्कुल भी परेशान होने की जरुरत नहीं है। आप निश्चिंत होकर भविष्य में जा सकते हो। जेनिक्स ने ओरस को तसल्ली देते हुए कहा।

“ठीक है ज़ेनिक्स, फिर मुझे भविष्य में 25 वर्ष आगे भेज दो।" यह कहकर ओरस, समयचक्र पर जाकर बैठ गया।

ज़ेनिक्स ने समय को सेट किया और फिर ओरस को पृथ्वी पर 25 वर्ष आगे भेज दिया।
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(जनवरी 2027, पेरिस शहर, फ्रांस)
ओरस ने जब अपनी आँखें खोलीं, तो वह पेरिस के एफिल टावर के पास खड़ा था। ओरस ने अपने चारो ओर देखा, हर व्यक्ति अपने आप में मशगूल था।

ओरस ने एक बार एफिल टावर को ध्यान से देखा। वह विशाल लोहे का स्तंभ ओरस को काफी अच्छा लगा।
ओरस कुछ देर तक एफिल टावर को देखता रहा, फिर उसके सामने की ओर बने, एक फुटपाथ के पास जाकर खड़ा हो गया।

“यह मुझे ज़ेनिक्स ने यहां क्यों भेजा है? यहां पर मुझे जेनिथ कैसे मिलेगी?” ओरस मन ही मन सोच रहा था कि तभी उसकी नजर फुटपाथ से कुछ दूरी पर बिक रहे एक पत्रिका के स्टॉल की ओर गई।

ओरस उस स्टॉल की ओर बढ़ गया। ओरस स्टॉल पर खड़ा होकर वहां रखी किताबें देख रहा था कि तभी उसकी नजर ‘बिजनेस वर्ल्ड' नामक एक मैगजीन पर गई, जिसके कवर पेज पर जेनिथ की फोटो छपी थी।

ओरस ने वह मैगजीन उठा ली और ध्यान से जेनिथ की फोटो को देखने लगा। जेनिथ की वह फोटो बहुत ही आकर्षक लग रही थी।

अब उसने मैगजीन को खोलकर उसके कुछ पन्ने पलटे। अंदर एक स्थान पर फिर से जेनिथ की फोटो दिखाई दी, जिसके नीचे लिख रखा था- “जेनिथ मानेट, डायरेक्टर ऑफ फीनीक्स इंटरनेशनल।

अब ओरस ने उस मैगजीन के अगले पृष्ठ को देखा, वहां पर फीनीक्स इंटरनेशनल कंपनी का ऐड्रेस लिखा हुआ था, जो कि पेरिस में ही कहीं दिखा रहा था।

ओरस ने उस किताब वाले से, उस ऐड्रेस के बारे में पूछा, तो उसको पता चला कि फीनीक्स इंटरनेशनल कंपनी का ऑफिस यहां से ज्यादा दूरी पर नहीं है।

यह सोच ओरस लोगों से पूछते-पूछते फीनीक्स इंटरनेशनल कंपनी के ऑफिस तक पहुंच गया।

कंपनी का ऑफिस बहुत बड़ा था, बड़ी मुश्किल के बाद ओरस ऑफिस के रिसेप्शन तक पहुंच पाया।

रिसेप्शन के पीछे एक बहुत बड़े से फीनीक्स पक्षी का फोटो, एक गोले में बना था। शायद वह कंपनी का लोगो था।

“जी, मुझे कंपनी की डायरेक्टर मिस जेनिथ मानेट से मिलना है।" ओरस ने रिसेप्शनिस्ट से कहा।

“सर क्या आपके पास उनसे मिलने का अप्वांइटमेंट है?" रिसेप्शनिस्ट ने ओरस से पूछा।

“जी नहीं पर मैं उन्हें पहले से जानता हूं, आप उनसे कहिये कि ओरस उनसे मिलने डेल्फानो से आया है, वह स्वयं मुझे बुला लेंगी।” ओरस ने रिसेप्शनिस्ट से रिक्वेस्ट करते हुए कहा।

“ठीक है, आप उधर सोफे पर जाकर बैठ जाइये मैं मैम से बात करके आपको बताती हूं।" रिसेप्शनिस्ट ने ओरस को सोफे की ओर इशारा करते हुए कहा।

ओरस जाकर सोफे पर बैठ गया। कुछ देर बाद रिसेप्शनिस्ट ने ओरस को इशारे से अपने पास बुलाया:- “देखिये मिस्टर ओरस, मैम ने कहा है कि वह इस नाम के किसी व्यक्ति को नहीं जानतीं, तो मैं आपको उनसे नहीं मिलवा सकती।"

यह सुनकर ओरस हैरान हो गया। उसे जेनिथ से ऐसी आशा नहीं थी।

"मिस क्या आप एक बार उनसे मेरी बात करवा सकती हैं प्लीज।” ओरस ने रिक्वेस्ट भरे भाव से कहा।

“देखिये मिस्टर ओरस, अगर आप मैम को नहीं जानते हैं, तो फिर आप उनसे तभी मिल सकते हैं जबकि आपके पास कोई ऐसा वैज्ञानिक प्रोजेक्ट हो, जो मैम को आकर्षित कर सके?” रिसेप्शनिस्ट ने ओरस को समझाते हुए कहा।

“ठीक है, तो फिर आप उनसे कहिये कि मेरे पास समयचक्र का फार्मूला है, यह सुनकर वह मुझे जरुर बुला लेंगी। आई स्वेयर बस अब आप एक बार और बात कर लीजिये बस।" ओरस ने एक तरह से गिड़गिड़ाते हुए कहा।

ओरस की बात सुन रिसेप्शनिस्ट ने एक जोर की साँस छोड़ी और ओरस को फिर से सोफे पर बैठने का आग्रह किया। उसके बाद वह कहीं फोन मिलाने लगी।

कुछ ही देर में एक लड़की ओरस के पास आकर खड़ी हो गई- “आपका ही नाम ओरस है....जेनिथ मैम ने आपको बुलाया है। ओरस की यह ट्रिक काम कर गई थी।

वह लड़की ओरस को लेकर अंदर ऑफिस की ओर चल दी। कुछ ही देर में वह ओरस को एक मीटिंग हॉल में छोड़कर चली गई।

मीटिंग हॉल काफी बड़ा और शानदार था। मीटिंग हॉल के एक ओर एक बड़ा सा पर्दा लगा था, जो कि शायद हॉल को 2 भागों में बांटने के लिये लगाया गया था।

तभी उस हॉल में जेनिथ ने प्रवेश किया- “हलो मिस्टर ओरस, मेरा नाम जेनिथ है।" यह कहकर जेनिथ ने अपना हाथ किसी अंजान व्यक्ति की तरह ओरस की ओर बढ़ा दिया।

ओरस ने जेनिथ से हाथ मिलाया, पर उसकी नजर लगातार जेनिथ पर ही लगी हुई थी। वह समझ नहीं पा रहा था कि जेनिथ उसे पहचान क्यों नहीं रही है?

“आप कह रहे थे कि आपके पास किसी समयचक्र का फार्मूला है?” जेनिथ ने ओरस को बैठने का इशारा करते हुए कहा।

“जी...जी हां, मेरे पास समयचक्र का फार्मूला है, जो हमें किसी भी तरह का टाइम ट्रैवेल करवा सकता है।" ओरस ने कहा।

"तो फिर दिखाइये, कहां है आपकी फाइल? या फिर प्रोजेक्ट का ब्लूप्रिंट?” जेनिथ ने ओरस की ओर देखते हुए कहा।

“जी...जी वो मैं फाइल तो आज नहीं लाया, पर मैं अगली बार जब आपसे मिलने आऊंगा, तो फाइल जरुर लेता आऊंगा।” ओरस ने बहाना बनाते हुए कहा।

“स्ट्रेंज आप इतना बड़ा प्रोजेक्ट डिस्कस करने आये हैं और फाइल तो क्या एक नोटबुक भी साथ में नहीं लाये? चलिये कोई बात नहीं आप व्हाइट बोर्ड पर ही मुझे प्रोजेक्ट के बारे में कुछ समझा दीजिये।”
जेनिथ ने ओरस के हाथ में मार्कर पकड़ाते हुए कहा।

ओरस ने मार्कर को हाथ में पकड़ा और व्हाइट बोर्ड पर समयचक्र की आकृति को ड्रा करने लगा। जैसे ही वह आकृति को ड्रा करके पलटा, उसे जेनिथ की आँखों में आश्चर्य दिखाई देने लगा।

यह देख ओरस मन ही मन काफी खुश हो गया, उसे लगा कि जेनिथ उसके प्रोजेक्ट से काफी प्रभावित हो गई है।

“क्या यह प्रोजेक्ट आपका है मिस्टर ओरस, या फिर आपने यह प्रोजेक्ट किसी से चुराया है?" जेनिथ ने ओरस की आँखों में झांकते हुए पूछा।

"शत-प्रतिशत यह प्रोजेक्ट मेरा है।” ओरस ने जेनिथ को विश्वास दिलाते हुए कहा।

"क्या आप इनको जानते हैं मिस्टर ओरस?" यह कहकर जेनिथ ने, मीटिंग हॉल में लगे पर्दे को एक ओर खींच दिया।

पर्दे के दूसरी ओर एक व्यक्ति कुर्सी पर बैठा हुआ था, जिसे देखकर ओरस का हार्ट अटैक होते-होते बचा। वह व्यक्ति और कोई नहीं ओरस के पिता गिरोट थे, जो इस समय काफी यंग दिख रहे थे।

“यह...यह यहां कैसे?" ओरस ने लड़खड़ाते शब्दों में कहा।

"चलो, इन्हें देखकर आपने यह तो कबूल कर लिया कि आप इन्हें जानते हैं, अब जरा आप भी बता दीजिये मिस्टर गिरोट कि आपने अपने इस सीक्रेट प्रोजेक्ट की जानकारी और किसे-किसे दी है?” जेनिथ ने अब गिरोट से मुखातिब होते हुए पूछा।

“मैंने, अपने इस सीक्रेट प्रोजेक्ट की जानकारी और किसी को नहीं दी है मिस जेनिथ? और और मैं तो इस लड़के को जानता तक नहीं? बल्कि ये कहना ज्यादा ठीक होगा कि मैंने इस लड़के को आज से पहले कभी देखा तक नहीं?" गिरोट ने कहा।

"तो फिर इसके पास आपका प्रोजेक्ट कैसे पहुंचा मिस्टर गिरोट? आप यही बता दीजिये।” जेनिथ ने गुस्सा होते हुए कहा।

“इस बारे में मुझे भी कुछ नहीं पता मिस जेनिथ? मुझे लगता है कि इस बारे में यह लड़का ही हमें कुछ बता सकता है?” गिरोट ने कहा।

“क्या तुम इस बारे में कुछ बताओगे ओरस? या फिर मैं पुलिस को कॉल करुं, वो स्वयं ही तुमसे इस बारे में सब उगलवा लेगी।" जेनिथ ने अब ओरस के ऊपर चिल्लाते हुए कहा।

"मैं भी इस बारे में समझने की कोशिश कर रहा हूं जेनिथ, पर मैं भी इस समय इस पूरे मैटर को समझने में असमर्थ हूं।” ओरस ने कहा।

"एक मिनट!” तभी गिरोट ने बोर्ड की ओर देखते हुए कहा- “इस लड़के ने तो इस बोर्ड पर वह भी समझाया है, जिसके बारे में मैं अभी सोच ही रहा हूं।....ऐसा कैसे हो सकता है?"

"क्या तुम समययात्रा करके भविष्य से आये हो?" जेनिथ ने उलझे-उलझे शब्दों में पूछा।

“मैं समययात्रा करके ही आया हूं....पर....पर मैं तो भूतकाल से आया हूं।” ओरस ने कहा।

"यह कैसे संभव है मिस्टर ओरस?” गिरोट ने उलझे शब्दों में पूछा- “तुम्हारे पास मेरे प्रोजेक्ट का वह हिस्सा है, जिसे मैंने अभी बनाया ही नहीं है और तुम कह रहे हो, कि तुम इसी प्रोजेक्ट की सहायता से भूतकाल से आये हो? क्या तुम्हें यह सब लॉजिकल लग रहा है?"

“एक मिनट रुकिये अगर मैं यह कहूं कि मैं आपका ही पुत्र हूं तो आप इस बारे में क्या कहेंगे?" ओरस ने एक नया धमाका करते हुए कहा।

अब वहां खड़े जेनिथ और गिरोट के दिमाग चकराने लगे।

"मेरे ख्याल से हमें पहले ओरस की बातें एक बार सुन लेनी चाहिये, उसके बाद ही हम सोचें कि हमारे साथ क्या हो रहा है?” जेनिथ ने हथियार डालते हुए कहा।

अब ओरस ने शुरु से लेकर अंत तक की पूरी घटनाएं उन दोनों को बता दीं।

“एक मिनट ओरस, तुम्हारी कहानी में बहुत सी ऐसी बातें हैं, जो मेरी समझ से परे हैं। जैसे कि मैंने कभी जहाज पर यात्रा की ही नहीं? मैं तौफीक, सुयश नाम के लोगों से कभी मिली ही नहीं? और अगर मैं तुमसे भी पहले मिली होती, तो कम से कम मुझे तुम्हारा चेहरा या बातें तो याद रहतीं?" जेनिथ ने शंका भरे शब्दों में कहा- “इसलिये अब तुम्हें अपनी कहानी का किसी भी प्रकार का कोई प्रमाण देना होगा?”

"ठीक है मैं अभी प्रमाण देता हूं।” यह कहकर ओरस ने ज़ेनिक्स को याद किया- “ ज़ेनिक्स मुझे तुम्हारी मदद की जरुरत है। क्या तुम मेरी आवाज सुन रही हो?"

अपनी बातें बोलने के बाद ओरस कुछ देर के लिये शांत होकर जेनिक्स की आवाज का इंतजार करने लगा, पर जब कुछ देर के बाद भी ज़ेनिक्स की कोई आवाज नहीं सुनाई दी, तो ओरस थोड़ा चिंतित नजर आने लगा।

उसने एक बार फिर ज़ेनिक्स को पुकार, पर इस बार भी ज़ेनिक्स का कोई उत्तर नहीं मिला।

"मुझे लगता है कि मिस्टर ओरस, आप हमारा समय बर्बाद कर रहें हैं।" जेनिथ ने ओरस की ओर देखते हुए कहा- “मेरे ख्याल से आपको अपने घर...मेरा मतलब है कि ब्लैकून में वापस जाना चाहिये और इस बार अगर आप मुझसे मिलने आयें तो कृपया किसी प्रमाण के साथ आयें?"

"नहीं...नहीं...एक मिनट और रुक जाओ जेनिथ लगता है ज़ेनिक्स अभी कहीं व्यस्त है, वह जल्दी ही जवाब देगी।" ओरस ने जेनिथ को रोकने की आखिरी कोशिश करते हुए कहा।

पर जेनिथ ने ओरस को गुस्से से घूरकर देखा और मीटिंग हॉल के बाहर निकल गई।

जेनिथ को जाता हुआ देख, ओरस, गिरोट की ओर बढ़ा- “क्या आपको भी मेरी बात पर विश्वास नहीं है पिताजी?"

“मेरे विश्वास करने या ना करने से कुछ नहीं होगा ओरस....तुम्हें जेनिथ को विश्वास दिलाना होगा और जेनिथ को विश्वास तभी आयेगा, जब कि तुम उसे किसी भी प्रकार का कोई प्रमाण दिखाओगे...तो जाओ और पहले कोई प्रमाण लेकर आओ।" यह कहकर गिरोट भी मीटिंग हॉल से बाहर निकल गया।

अब ओरस थके कदमों से कंपनी से बाहर की ओर चल दिया। वह भविष्य में अपनी उलझनों का हल ढूंढने आया था, पर अपनी उलझनों में कुछ और बढ़ोतरी कर वहां से जा रहा था।

यही तो समय का चक्र था, जो पूरे ब्रह्मांड को अपने अंदर उलझाये था।

जारी रहेगा_____✍️
Nice update....
 
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dhalchandarun

[Death is the most beautiful thing.]
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Yar kya batau jab bhi login kiya ya to site slow thi bohot ya fir chal hi nahi rahi thi, ya fir chal rahi hoti to report wagarah dekhne chala jaata, itne me site fir se slow ho jaati to firse band karna padta. Isi liye ye laglfda ho jata
Oh! Ye verification process ka kuchh ho sakta hai kya??? Mera matlab hai ki sirf ek baar verification kaphi hai, baar baar verification hone se time waste hota hai.
 

Raj_sharma

यतो धर्मस्ततो जयः ||❣️
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Oh! Ye verification process ka kuchh ho sakta hai kya??? Mera matlab hai ki sirf ek baar verification kaphi hai, baar baar verification hone se time waste hota hai.
Ho to sakta hai, but karenge nahi aisa. Bots ko rokne ke liye many times verification jaruri hai. Multi time hone se hi ye problem solve ho sakti hai.
 
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