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Incest शक या अधूरा सच( incest+adultery)

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MAD DEVIL

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जितने फिल्म का नाम बताया है उसका रिमिक्स बनाने के लिए परमिशन लिया है यहां तक की फिल्म में एक डायलॉग के लिए भी परमिशन लिया जाता है l
और ये तो शुरू के पहले अपडेट से अभी तक अलग अलग राइटर की स्टोरी को कॉपी की है इसने अभी तक जितने अपडेट दिए हैं सभी का नाम बता सकता हु की कौन कौन सी स्टोरी को कॉपी की है l
जैसे 1st page का अपडेट अनचाहे रिश्तो में पनपती कामुकता की छाया से फिर 1st अपडेट अधूरी हसरते से फिर आगे आगे का अपडेट अलग अलग स्टोरी से लास्ट अपडेट रिश्ते और जीजा जी से चुदवाया से
इसके कॉपी करने से मुझे कोई दिक्कत नहीं है
इसने मुझसे पूछा था कि कहा से कॉपी कर रही हूं अगर उसी टाइम बता देता तो ये उसी दिन स्टोरी बंद कर देती मैने इससे कहा भी है कि यहां तुम्हारे रीडर है और उनके लिए तुम राइटर हो l
Bhai meri bat ko glt Mt smjna but itna khoga agar aapko story ni smj aarhe hai ya aapke hisaab se copy paste hai to aapko lye 2 bat bolo ga
.
1=agar aapko story pasand ni aarhe hai or aapko copy paste lg rhe hai to aap dhyn Mt do next story pe constrate kre.
.
2=agar aapko lgta hai ki writer copy paste kr rha hai to aap is story me aap Q jaage ho or bi story hai yha forum me wha aapke esa koi comments ni hai
.
SO TOTTALY LOSSS BHAI IN SB BAATOO SE SIRF OR SIRF BHASSS BDTI HAI OR HUM SB ENJOY KRNE AAY HAI BHAASSS BAAJI KRNE NI AAPKO STORY NA SMJ AAY TO AAP KOI OR STORY READ KRO Q KI JROORI NI JO AAPKO PASAND NA AAY BAKI DOSROO KE COMMENTS READ KRKE SMJ JAAO AAP
.
.
Or prabhuji km se km humlogo ko enjoy krne do😉😉😉😉😉😉😉
 
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kailash1982

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हमारे बचपन के दिनों मे एक उपन्यासकार हुआ करते थे - वेद प्रकाश काम्बोज। ये " विजय सिरीज ' उपन्यास लिखा करते थे। बहुत ही फेमस राइटर थे ये। इनके उपन्यास का प्रमुख किरदार विजय हुआ करता था। उसके अलावा रघुनाथ , रैना , अलफांसे वगैरह अन्य किरदार उनके प्रत्येक उपन्यास मे हुआ करते थे।
इनसे प्रेरित होकर एक अन्य लेखक ने उपन्यास लिखना शुरू किया। उनका नाम था - वेद प्रकाश शर्मा। इन्होने अपने उपन्यास का प्रमुख पात्र विजय को तो रखा ही , इसके साथ एक अन्य प्रमुख पात्र विकास को एड कर दिया। अब ये " विजय- विकास सिरीज " उपन्यास लिखने लगे। इन्होने काम्बोज साहब के अन्य सभी किरदारों को अपने सीरीज का हिस्सा बनाया और कुछ अन्य किरदार भी जोड़ दिए।
वेद प्रकाश शर्मा ने विजय विकास सिरीज पर सौ से भी अधिक उपन्यास लिख दी और वह काम्बोज साहब से भी अधिक फेमस हो गए।
ऐसे ही एक जासूसी उपन्यासकार हुआ करते थे - ओमप्रकाश शर्मा। ये बहुत ही फेमस उपन्यासकार थे। ये " विक्रांत और जगत सिरीज " पर उपन्यास लिखा करते थे। इन्ही का नकल कुमार कश्यप साहब ने हूबहू किया अपने उपन्यास मे।
सुरेन्द्र मोहन पाठक साहब शुरुआत मे जेम्स हेडली चेइज का नकल कर थ्रिलर उपन्यास लिखते थे।
और ताज्जुब यह था कि किसी भी ओरिजनल राइटर ने इस पर आपत्ति नही उठाई। जबकि काॅपीराइट के तहत उनके उपन्यास बैन किए जा सकते थे।
वह दौर था आपसी प्रेम और सौहार्द का। नये लोगो को प्रोत्साहित करने का।

एक और बात है कि साहित्यिक और लुगदी उपन्यासकार और वह भी हिंदी मे , गुलशन नंदा और ओमप्रकाश शर्मा ही ऐसे राइटर्स थे जो लेखन कला से काफी धन अर्जित किए। बाद मे सुरेन्द्र मोहन पाठक साहब और वेद प्रकाश शर्मा साहब ने कुछ हद तक पैसे कमाए।
इंग्लिश उपन्यासकार जरूर कुछ अपवाद रहे।

यह सब तो फिर भी उपन्यास की बात थी। लेकिन यहां हम अश्लील कहानी की बात कर रहे है। वह कहानी जो कानूनन और सामाजिक गलत है। यहां कोई काॅपीराइट कार्य नही कर सकता।
क्या यहां की स्टोरी को लेकर राइटर अदालत जा कर यह कह सकता है कि यह स्टोरी मेरी लिखी हुई है ! अदालत उसी व्यक्ति को ही सलाखों के पीछे ढकेल देगी।

अगर कहानी चार- पांच कहानियों को ध्यान मे रखकर भी लिखी गई है , या कोई खास प्रकरण हूबहू छाप भी दिया गया हो , तब भी यह कहीं से गलत सिद्ध नही होता।
और सबसे महत्वपूर्ण काम्बोज साहब और ओमप्रकाश शर्मा साहब जैसे बड़ा दिल वाला होना चाहिए जिनके नकल कर बहुत राइटर फेमस हो गए और उन्होने इसके लिए कोई सवाल तक नही उठाया।
मैं हैरान हूँ कि गलत काम के बचाव में इतने सारे व्यक्ति कूद पड़े और रेखारानी ने अबतक की पूरी कहानी केवल कॉपी & पेस्ट कर के बनाई है इसका पूरे सबूतों के साथ खुलासा करने वाले की बुराई की जा रही है।

आपने अपनी सुविधा अनुसार सिक्के की केवल एक साइड पाठकों को बताई है। अगर मैं चाहूँ तो आपके जितने ही उदाहरण और लंबी लिस्ट ऐसे किस्सों की दे सकता हूँ जिनमें लेखक/ लेखिका, फ़िल्म निर्माता, गीतकार, म्युझिक डायरेक्टर आदि ने बिना इजाजत लिए कॉपी करने वालों पर एतराज जताया है और मामले कोर्ट तक भी पहुंचे हैं। एक अपडेट पढ़ने के बाद मेरे मन में कोई शंका नहीं थी कि यह कॉपी & पेस्ट का मामला है, मगर सबूतों के अभाव में मैंने संयम रखते हुए कोई आरोप नहीं लगाया था, मगर आप सबूतों के पेश होने के बाद भी यह लिख रहे हो यह दुख की बात है।

मैं इस बहस में नहीं पड़ना चाहता, मैं केवल इतना ही कहना चाहता हूँ कि इस तरह केवल एक पहलू को पेश करना गलत है, गलत को गलत कहने की ईमानदारी रखना और हिम्मत रखना बहुत जरूरी होता है। पहले से कामयाब और प्रसिद्ध लेखक के पात्रों को बदले बिना उसी तर्ज पर नई कहानियाँ/ उपन्यास लिखना अलग बात है, और अन्यों द्वारा लिखी कहानियों के हिस्सों को सुविधानुसार कॉपी & पेस्ट करके अपने द्वारा लिखी कहानी बताना और ऐसा दावा करना अलग है।

रेखारानी, इतने पर्दाफाश के बाद आपने कभी सोचा है कि आपके आगे के अपडेट को पाठक किस नजरिये से पढेंगें? सबसे पहले जो बात उनके दिमाग में आएगी वह यह होगी कि यह कहाँ से कॉपी & पेस्ट करके बनाया गया है! एयरोप्लेन में उसकी दिशा को बदलने के लिए rudder होता है और ऊपर-नीचे ले जाने के लिए planes होतें हैं, आपकी कहानी planeless और rudderless एक कटी पतंग की तरह दिशाहीन और निरुद्देश्य हो गई है।

इस थ्रेड पर यह मेरी अंतिम प्रतिक्रिया है। अलविदा।
 

Rockstar_Rocky

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Rekha rani जी,

आपसे एक इल्तेज़ा कर रहा हूँ, कृपया कहानी का Index बना दीजिये| Siraj भाई को एक मैसेज कर दीजिये और वो आपकी पहली post में Index बना देंगे, फिर आप धीरे-धीरे सभी पोस्ट्स के लिंक्स copy -paste (hyperlink) कर दीजिये| मैंने जहाँ तक कहानी पढ़ी थी वो पन्ना और update का नंबर में भूल चूका हूँ| आपके Index बनाने से मुझे और मेरी तरह अन्य पाठकों को बहुत सहूलत होगी| 🙏
 
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मैं हैरान हूँ कि गलत काम के बचाव में इतने सारे व्यक्ति कूद पड़े और रेखारानी ने अबतक की पूरी कहानी केवल कॉपी & पेस्ट कर के बनाई है इसका पूरे सबूतों के साथ खुलासा करने वाले की बुराई की जा रही है।

आपने अपनी सुविधा अनुसार सिक्के की केवल एक साइड पाठकों को बताई है। अगर मैं चाहूँ तो आपके जितने ही उदाहरण और लंबी लिस्ट ऐसे किस्सों की दे सकता हूँ जिनमें लेखक/ लेखिका, फ़िल्म निर्माता, गीतकार, म्युझिक डायरेक्टर आदि ने बिना इजाजत लिए कॉपी करने वालों पर एतराज जताया है और मामले कोर्ट तक भी पहुंचे हैं। एक अपडेट पढ़ने के बाद मेरे मन में कोई शंका नहीं थी कि यह कॉपी & पेस्ट का मामला है, मगर सबूतों के अभाव में मैंने संयम रखते हुए कोई आरोप नहीं लगाया था, मगर आप सबूतों के पेश होने के बाद भी यह लिख रहे हो यह दुख की बात है।

मैं इस बहस में नहीं पड़ना चाहता, मैं केवल इतना ही कहना चाहता हूँ कि इस तरह केवल एक पहलू को पेश करना गलत है, गलत को गलत कहने की ईमानदारी रखना और हिम्मत रखना बहुत जरूरी होता है। पहले से कामयाब और प्रसिद्ध लेखक के पात्रों को बदले बिना उसी तर्ज पर नई कहानियाँ/ उपन्यास लिखना अलग बात है, और अन्यों द्वारा लिखी कहानियों के हिस्सों को सुविधानुसार कॉपी & पेस्ट करके अपने द्वारा लिखी कहानी बताना और ऐसा दावा करना अलग है।

रेखारानी, इतने पर्दाफाश के बाद आपने कभी सोचा है कि आपके आगे के अपडेट को पाठक किस नजरिये से पढेंगें? सबसे पहले जो बात उनके दिमाग में आएगी वह यह होगी कि यह कहाँ से कॉपी & पेस्ट करके बनाया गया है! एयरोप्लेन में उसकी दिशा को बदलने के लिए rudder होता है और ऊपर-नीचे ले जाने के लिए planes होतें हैं, आपकी कहानी planeless और rudderless एक कटी पतंग की तरह दिशाहीन और निरुद्देश्य हो गई है।

इस थ्रेड पर यह मेरी अंतिम प्रतिक्रिया है। अलविदा।
भाई साहब , मेरा रिकॉर्ड चेक कर सकते है , आज तक किसी की भी बुराई मैने नही की।
मैने सदैव ही राइटर्स को मोटिवेट करने का प्रयास किया है और वही यहां भी किया। लेकिन अफसोस कुछ आप जैसे लोग भी है जो सिर्फ और सिर्फ नेगेटिव सोच रखते है और अपने परिवेश मे भी शायद नकारात्मक माहौल तैयार करते रहते है।
जिनका प्रमुख कार्य ही होता है , दूसरों की बुराई करना और मीन-मेख निकालना।
मैने किसी रीडर्स को टैग करके यहां कुछ नही लिखा , सिर्फ राइटर के थ्रीड पर अपना नजरिया रखा। राइटर को प्रोत्साहित करने का काम किया। चूंकि आपने मेरे रिव्यू को टैग किया था इसलिए मै आपको टैग कर यह जबाव दे रहा हूं।
आप कितने एक्टिव है , यह आप के अबतक के कमेन्ट से स्पष्ट जाहिर होता है। सवा दो साल के अंदर सिर्फ पैंतीस कमेन्ट। शायद इसीलिए आप ने लिखा कि यह मेरा अंतिम कमेन्ट है।
बड़ी ही विनम्रतापूर्वक कहता हूं , अगर रेखा रानी जी की कहानी कोपी पेस्ट है तो आप मोडरेटर को अवश्य ही कम्पलेन कर सकते है। और अगर मोडरेटर आप की शिकायत पर कोई ध्यान ही न दे तो हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जा सकते है और कह सकते है कि रेखा रानी ने कॉपीराइट का उल्लंघन किया है। शायद रेखा जी को अदालत जुर्माने के साथ साथ सजा भी सुना दे। और मजिस्ट्रेट आपकी पीठ थपथपा दे।

आप जैसे लोग की वजह से राइटर अपनी स्टोरी अधूरा छोड़ देते है और स्टोरी पुरी नही हो पाती। यदि कुछ अच्छा नही लिख सकते तो कम से कम बुरा भी मत लिखिए।


किसी की बुराई करने से पहले कबीर दास की यह दोहा अवश्य ही याद कर लीजिए -
" बुरा जो देखन मै चला , बुरा न मिलिया कोय।
जो दिल खोजा आपना , मुझ सा बुरा न कोय। ।"
 
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Rekha rani

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मैं हैरान हूँ कि गलत काम के बचाव में इतने सारे व्यक्ति कूद पड़े और रेखारानी ने अबतक की पूरी कहानी केवल कॉपी & पेस्ट कर के बनाई है इसका पूरे सबूतों के साथ खुलासा करने वाले की बुराई की जा रही है।

आपने अपनी सुविधा अनुसार सिक्के की केवल एक साइड पाठकों को बताई है। अगर मैं चाहूँ तो आपके जितने ही उदाहरण और लंबी लिस्ट ऐसे किस्सों की दे सकता हूँ जिनमें लेखक/ लेखिका, फ़िल्म निर्माता, गीतकार, म्युझिक डायरेक्टर आदि ने बिना इजाजत लिए कॉपी करने वालों पर एतराज जताया है और मामले कोर्ट तक भी पहुंचे हैं। एक अपडेट पढ़ने के बाद मेरे मन में कोई शंका नहीं थी कि यह कॉपी & पेस्ट का मामला है, मगर सबूतों के अभाव में मैंने संयम रखते हुए कोई आरोप नहीं लगाया था, मगर आप सबूतों के पेश होने के बाद भी यह लिख रहे हो यह दुख की बात है।

मैं इस बहस में नहीं पड़ना चाहता, मैं केवल इतना ही कहना चाहता हूँ कि इस तरह केवल एक पहलू को पेश करना गलत है, गलत को गलत कहने की ईमानदारी रखना और हिम्मत रखना बहुत जरूरी होता है। पहले से कामयाब और प्रसिद्ध लेखक के पात्रों को बदले बिना उसी तर्ज पर नई कहानियाँ/ उपन्यास लिखना अलग बात है, और अन्यों द्वारा लिखी कहानियों के हिस्सों को सुविधानुसार कॉपी & पेस्ट करके अपने द्वारा लिखी कहानी बताना और ऐसा दावा करना अलग है।

रेखारानी, इतने पर्दाफाश के बाद आपने कभी सोचा है कि आपके आगे के अपडेट को पाठक किस नजरिये से पढेंगें? सबसे पहले जो बात उनके दिमाग में आएगी वह यह होगी कि यह कहाँ से कॉपी & पेस्ट करके बनाया गया है! एयरोप्लेन में उसकी दिशा को बदलने के लिए rudder होता है और ऊपर-नीचे ले जाने के लिए planes होतें हैं, आपकी कहानी planeless और rudderless एक कटी पतंग की तरह दिशाहीन और निरुद्देश्य हो गई है।

इस थ्रेड पर यह मेरी अंतिम प्रतिक्रिया है। अलविदा।
आपका मेरी कहानी पर पहला कॉमेंट है और इसका स्वागत करती हु, मुझे किसी के कॉमेंट से कोई आपत्ति नहीं, किसी को ये कहानी पढ़नी हो पढ़ो नहीं तो और बहुत कहानी है YHA AUR दूसरी जगह pr भी।
इस साइट पर मुझे कहानी पढ़ते हुए चार साल हो गए है और इससे पहले old site AUR दूसरी साइट भी मैं कहानियां पढ़ती रही हू, पहले साइलेंट रीडर्स बनकर फिर एक्टिव होकर,
मैने काफी कहानियां पढ़ी हर तरह की, काफी मौलिक लेखकों के द्वारा लिखी हुई और उनसे ज्यादा कॉपी पेस्ट,
और जिस पाठक ने मेरी कहानी pr आपत्ति उठाई है और जिस साइट का जिक्र किया है कि मैंने वहा से कहानी कॉपी की है और वो बेस्ट साइट है, वो जगह खुद चोरी का अड्डा है, वहा सभी लेखकों की कॉपी की हुई स्टोरी है,
मुझे सिर्फ इतना बता दीजिए मेरी कहानी से किसको नुकसान हो रहा है, इन साइट pr normal सीरियल तक को नहीं छोड़ा है तारक मेहता pr PTA नही कितनी कहानी शुरू हो रही है, क्या वो गलत नही
वैसे yha है क्या सही, जिन टॉपिक pr ham कहानियां पढ़ रहे है या लिख रहे है वो सही है,
एक ही टॉपिक pr एक ही तरह की हजारों कहानियां रनिंग में है सिर्फ मुझसे क्या प्राब्लम है ये समझ नहीं आ रही मुझे।
 
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ashik awara

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आपका मेरी कहानी पर पहला कॉमेंट है और इसका स्वागत करती हु, मुझे किसी के कॉमेंट से कोई आपत्ति नहीं, किसी को ये कहानी पढ़नी हो पढ़ो नहीं तो और बहुत कहानी है YHA AUR दूसरी जगह pr भी।
इस साइट पर मुझे कहानी पढ़ते हुए चार साल हो गए है और इससे पहले old site AUR दूसरी साइट भी मैं कहानियां पढ़ती रही हू, पहले साइलेंट रीडर्स बनकर फिर एक्टिव होकर,
मैने काफी कहानियां पढ़ी हर तरह की, काफी मौलिक लेखकों के द्वारा लिखी हुई और उनसे ज्यादा कॉपी पेस्ट,
और जिस पाठक ने मेरी कहानी pr आपत्ति उठाई है और जिस साइट का जिक्र किया है कि मैंने वहा से कहानी कॉपी की है और वो बेस्ट साइट है, वो जगह खुद चोरी का अड्डा है, वहा सभी लेखकों की कॉपी की हुई स्टोरी है,
मुझे सिर्फ इतना बता दीजिए मेरी कहानी से किसको नुकसान हो रहा है, इन साइट pr normal सीरियल तक को नहीं छोड़ा है तारक मेहता pr PTA नही कितनी कहानी शुरू हो रही है, क्या वो गलत नही
वैसे yha है क्या सही, जिन टॉपिक pr ham कहानियां पढ़ रहे है या लिख रहे है वो सही है,
एक ही टॉपिक pr एक ही तरह की हजारों कहानियां रनिंग में है सिर्फ मुझसे क्या प्राब्लम है ये समझ नहीं आ रही मुझे।
मेरे विचार से ये कोई मसला ही नहीं हे मेने इस फोरम पर और कई फोरम पर एक ही कहानी को कई नामों से देखा हे जरूरी नही की इसमें बहस की जाये कई फ़िल्में भी कई कई बार बन चुकी हें और पसंद भी की गई हें कभी कभी मूल लेखक कहानी को सही तरह से नही कह पाता दूसरा उसी कहानी को और अच्छे से कह देता हे रही बात इस फोरम की तो कई कहानिया जो हम कई साल पहले पढ़ चुके हें वो रोमन में लेखक लिखकर पोस्ट कर रहे हें , हाँ रेखा जी की कहानी अगर पसंद आ रही हे तो इसमें बुराई क्या हे ,
 
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kailash1982

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भाई साहब , मेरा रिकॉर्ड चेक कर सकते है , आज तक किसी की भी बुराई मैने नही की।
मैने सदैव ही राइटर्स को मोटिवेट करने का प्रयास किया है और वही यहां भी किया। लेकिन अफसोस कुछ आप जैसे लोग भी है जो सिर्फ और सिर्फ नेगेटिव सोच रखते है और अपने परिवेश मे भी शायद नकारात्मक माहौल तैयार करते रहते है।
जिनका प्रमुख कार्य ही होता है , दूसरों की बुराई करना और मीन-मेख निकालना।
मैने किसी रीडर्स को टैग करके यहां कुछ नही लिखा , सिर्फ राइटर के थ्रीड पर अपना नजरिया रखा। राइटर को प्रोत्साहित करने का काम किया। चूंकि आपने मेरे रिव्यू को टैग किया था इसलिए मै आपको टैग कर यह जबाव दे रहा हूं।
आप कितने एक्टिव है , यह आप के अबतक के कमेन्ट से स्पष्ट जाहिर होता है। सवा दो साल के अंदर सिर्फ पैंतीस कमेन्ट। शायद इसीलिए आप ने लिखा कि यह मेरा अंतिम कमेन्ट है।
बड़ी ही विनम्रतापूर्वक कहता हूं , अगर रेखा रानी जी की कहानी कोपी पेस्ट है तो आप मोडरेटर को अवश्य ही कम्पलेन कर सकते है। और अगर मोडरेटर आप की शिकायत पर कोई ध्यान ही न दे तो हाइकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जा सकते है और कह सकते है कि रेखा रानी ने कॉपीराइट का उल्लंघन किया है। शायद रेखा जी को अदालत जुर्माने के साथ साथ सजा भी सुना दे। और मजिस्ट्रेट आपकी पीठ थपथपा दे।

आप जैसे लोग की वजह से राइटर अपनी स्टोरी अधूरा छोड़ देते है और स्टोरी पुरी नही हो पाती। यदि कुछ अच्छा नही लिख सकते तो कम से कम बुरा भी मत लिखिए।


किसी की बुराई करने से पहले कबीर दास की यह दोहा अवश्य ही याद कर लीजिए -
" बुरा जो देखन मै चला , बुरा न मिलिया कोय।
जो दिल खोजा आपना , मुझ सा बुरा न कोय। ।"

I had decided not to comment on this thread any more, but your lies have forced me to comment one last time.

1) It is neither the length of one's comment, nor the number of comments by anyone that matters but the content of one’s comment that matters. I rarely post on story threads, I never believe in writing anything for the sake of writing unless I have something worthwhile to write or unless I find something highly objectionable or inappropriate against which I need to express my opinion clearly.

2) You are lying that you don't tag anyone but only give your opinion. Revisit your comment posted on Thursday, at 1.38 PM and your post on Sunday, at 7.17 PM. You have tagged “chudkad Baba” while posting both.

3) You liked the comments by manu@84. After posting his opinion, did you notice what kind of language has been used? It amounts to approving the objectionable language.

4) What negativity are you talking about? Does calling a spade a spade amounts to negativity? Do you think blindly accepting anything and everything written or said by anyone without doing any meaningful and unbiased evaluation as positivity? If you believe this as positivity and encouragement and a healthy criticism as negativity, then I can only feel sorry for your thinking.

5) I am surprised at your frustration in your inability to give any proper and logical reply to points raised by me. You contended that there is nothing morally and ethically wrong in copying and pasting the contents taken from other's contents and gave examples to support your view. I expressed my disagreement with your contention as it presents only one side of the coin and mentioned that there have been even court cases on this issue. Just look at the way you have reacted to it! Anyone reading your reply will conclude that you have lost the balance of your mind, sense of proportion and rationality. Dear, you are fooling no one but yourself with such irrational reaction. Di you think I am afraid of such foolish threats?
 
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I had decided not to comment on this thread any more, but your lies have forced me to comment one last time.

1) It is neither the length of one's comment, nor the number of comments by anyone that matters but the content of one’s comment that matters. I rarely post on story threads, I never believe in writing anything for the sake of writing unless I have something worthwhile to write or unless I find something highly objectionable or inappropriate against which I need to express my opinion clearly.

2) You are lying that you don't tag anyone but only give your opinion. Revisit your comment posted on Thursday, at 1.38 PM and your post on Sunday, at 7.17 PM. You have tagged “chudkad Baba” while posting both.

3) You liked the comments by manu@84. After posting his opinion, did you notice what kind of language has been used? It amounts to approving the objectionable language.

4) What negativity are you talking about? Does calling a spade a spade amounts to negativity? Do you think blindly accepting anything and everything written or said by anyone without doing any meaningful and unbiased evaluation as positivity? If you believe this as positivity and encouragement and a healthy criticism as negativity, then I can only feel sorry for your thinking.
अरे भाई , मेरे रिव्यू पर chudkad baba भाई ने कमेन्ट किया था लेकिन उनका तरीका गलत नही था। और मैने भी मात्र उनके कमेन्ट का जबाव ही दिया था।
जैसे आप अपनी ही देख लीजिए ! मैने आपको टैग नही किया लेकिन आपने मेरे रिव्यू पर अपना विचार रखा।
आप पुरा थ्रीड देख सकते है।

जहां तक बात समीक्षा की है तो समीक्षा कहानी की होनी चाहिए। अगर कुछ आपत्तिजनक या गलत लगे तो उसकी आलोचना अवश्य होनी चाहिए लेकिन मर्यादित रूप मे।
किसी के दिल को ठेस पहुंचाकर नही।

कोई बात नही। इस बात को यहीं पर समाप्त कीजिए। बेकार की बहस मे कोई फायदा नही।
जीवन मे हर किसी की लाख परेशानी है , एक काल्पनिक सेक्सुअल कहानी को लेकर क्यों एक और टेंशन पालना !
 
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