कोमल जी,
कोमल जी एक ही दिल है,
कितनी बार आप को दे,
आपके प्रत्येक शब्द दिल कोएकदम तार तार कर देते हैं ।
दिल में एक गुदगुदी, काम रस से पूर्ण।
आप के लेखन कला का कोई जवाब नहीं है ,
आपकी तारीफ करना मतलब सूरज को दीपक दिखाना। आपकी तारीफ के लिए शब्द कम पड़ जाते हैं ।
हम आपके लेखन कला में जादू है, जो हर बार एक अलग रूप में प्रदर्शित होती है।
हम सोचते हैं ,अब इसके बाद क्या ?
लेकिन आप हर बार एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हैं। अपने ही कीर्तिमान को ध्वस्त करते हैं।
लेखन कला को नई उचाई तक ले जा रहे हैं, उसके लिए आप को कोटि कोटि नमन करते हैं।
हम सोचते हैं इसके बाद लेखक क्या लिखेगा, लेकिन फिर आप के लेखन कला का जादू चलता है, फिर एहसास होता नहीं" पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त"।
हर अपडेट ,हर एक पोस्ट ,एक अलग ही दिशा में लेकर जाता है। एक अलग ही एहसास होता है।
एक दूसरे से मिलकर भी यह दूसरे से जुड़ा रहते हैं।
अभी तो सूरज बाबू ने बुच्ची और लीला को ही लिया है ,अभी तो बहुत सारे कारनामे बाकी है।
सूरज बाबू के भी और बुच्ची के भी।
शीला अभी इंतजार कर रही हैं बुच्ची की लेने वालो की गिनती बढ़ाने में
अगले अपडेट का इंतजार
देर से comment देने के लिए क्षमा प्रार्थी हैं।
आप का बहुत बहुत धन्यवाद
आपकी लेखनी सदा हमारा मनोरंजन करती रहे । आप को और आपके परिवार को सुरक्षित रखें ,स्वस्थ रखें ईश्वर से यही कामना है।