I AM REALY SORRY TO MY ALL READERS,
कभी - कभी हम जींदगी के उस मोड़ पर आकर खड़े हो जाते है, जहां से हमे ये खुशनुमा रंगीन जहां भी बेरगं और बंजर लगने लगता है!!
यही हालत थी, आज रीतेश की......उसके जींदगी में मां - बाप का प्यार तो कभी था ही नही, घर में चाचा - चाचीयों का प्यार था जो शायद अब उसे...