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Incest खेल ससुर बहु का

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मेनका का आँचल सरक कर नीचे हो गया था और सफेद ब्लाउस के गले मे से झँकता उसका क्लीवेज भारी सांसो के साथ उपर-नीचे हो रहा था। राजासाहब ने अपने होठ उसके क्लीवेज पे लगा दिए तो मेनका पागल हो उठी और उनका सर अपने सीने पे दबा दिया।

राजासाहब ने थोड़ी देर तक उसके सीने को चूमने के बाद उसके ब्लाउस के सामने की तरफ बने बटन खोल दिए। सफेद ब्रा मे क़ैद उसकी चूचिया मस्त लग रही थी और उसके कड़े निपल्स ब्रा कप्स मे नुकीले उभार बना रहे थे। राजासाहब वैसे ही ब्रा मे बंद उसकी चूचिया चूमने-चाटने लगे। उनके हाथ उसकी पीठ पर घूम रहे थे।घूमते हुए उनके हाथ उसकी ब्रा स्ट्रॅप के नीचे कुछ इस तरह घुसे की उसके हुक्स पटापट खुल गये। ब्रा के ढीले होते ही राजासाहब की जीभ उसकी पूरी छाती पे घूमने लगी और थोड़ी देर बाद ही उसका एक निपल उनके मुँह के अंदर था। जैसे ही रहा साहब ने उसके निपल को चूसा महीने भर की प्यासी मेनका झड़ गयी। फनलव की पेशकश

उसने उनका सिर कस के पकड़ लिया और अपने हाथ उनके कुर्ते के अंदर घुसा उनकी पीठ पे अपने नाख़ून गढ़ा दिए। राजासाहब के उसकी चूचिया चूसने मे उसका ब्रा और ब्लाउस अड़चन पैदा कर रहे थे। वो बेसबरे से होकर उसके सीने से अलग हुए और उन दोनो कपड़ो को उतार कर फेंक दिया और फिर से जुट गये उसके उरज़ोन को दबाने और चूसने मे।

मेनका अभी भी उनके कुर्ते के अंदर हाथ घुसा उनकी पीठ सहला रही थी की उसका एक हाथ फिसल कर आगे उनके सीने पे आया और वहा के बालों मे घुस गया। अब उसकी बारी थी। उसने अपने ससुर का कुर्ता उनके जिस्म से अलग किया और उन्हे धकेल कर बिस्तर पे लिटा दिया और उनके उपर झुक कर उनके बालों भरे सीने को चूमने लगी। उसने उनके एक निपल को अपने मुँह मे लेकर चूसना शुरू किया तो दूसरे को अपने नाख़ून से हल्के-हलके छेड़ने लगी।

"आ...अहह..",राजासाहब की आह निकल गयी और उनके लंड ने पायजामा मे तंबू बना दिया। मेनका छाती चूमते नीचे आई और उनकी नाभि मे अपनी जीभ डाल कर चाटने लगी। राजासाहब के लिए ये बिल्कुल नया अनुभव था और वो जोश से पागल हुए जा रहे थे। मेनका ने डोरी खींच कर उनका पायजामा खोला तो उन्होने अपनी गांड उठा कर खुद ही उसे उतार दिया।

मेनका की आँखों के सामने उनका बड़ा लंड पूरा तना खड़ा था। कितने दीनो बाद ये प्यारा लंड उसके सामने था। इधर राजासाहब ने शेव नही किया था तो उनकी झाँते पूरी तरह से उस बड़े लंड को घेरे हुए थी। उसने उसे बड़े प्यार से अपने हाथों मे लिया और एक उंगली के नाख़ून से धीरे-धीरे उनके लंड के सिरे से जड़ तक खुरचने लगी। राजासाहब की आँखे मज़े मे बंद हो गयी। मेनका ने अपना मुँह लंड के सुपारे पे रखा और केवल सुपारा मुँह मे भर चूसने लगी। राजासाहब नीचे से गांड हिला कर पूरा लिंड उसके मुँह मे पेलने की कोशिश करने लगे पर मेनका ने अपनी मुट्ठी मे उसे मज़बूती से जाकड़ उन्हे ऐसा नही करने दिया। राजासाहब उसकी इस हरकत से पागल हो गये और उसके सर को अपने लंड पे दबाने लगे। फनलव की प्रस्तुति

मेनका थोड़ी देर तक उन्हे ऐसे ही तडपाती रही और जब उन्हे लगा की वो ऐसे ही उन्हे झड़वा देगी तो उन्हे चौंकाते हुए उसने उनका पूरा लंड अपने मुँह मे भर लिया और चूसने लगी। राजासाहब ने नीचे से ज़ोर-जोर से कमर हिलाकर उसके मुँह को चोदना शुरू कर दिया। मेनका आज जी भर कर उनके लंड को चूसना चाहती थी। उसने हाथ रख कर राजासाहब को कमर हिलाना बंद करने का इशारा किया। उसने अपना मुँह लंड से अलग कर दिया और अपने ससुर की आँखों मे देखते हुए उनके अंडो को नाख़ून से छेड़ने लगी और लंड के आस-पास के बालो को चूमते हुए उन्हे जन्नत की सैर करने लगी।
***************

आज के लिए बस यही तक फिर इमिलेंगे एक नए एपिसोड के साथ तब तक के लिए फनलव का जय भारत।।

बने रहिये.............
 

Funlover

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दोस्तों दो अपडेट्स दे दिए है.


आशा है की आपको पसंद आयेंगे..........


आपके कोमेंट्स की प्रतीक्षा में .................................
 

Funlover

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रिप्लाय देने के धन्यवाद मित्र । मित्र लिख सकते है न आपके लिए ।

Shukriya

Ji bikul aap muje Mitra, dost, friend kah sakte hai.
 

Ketta

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wahh aisi lekhni kala lakho me ek hoti hai padhte padhte hi tasvirey ankho k aage ghumne lgti hai
wonderful.......
 
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"यश,दुनिया की नज़रो मे मैं एक विधवा हू और विश्वा को गुज़रे बस महीना भर ही हुआ है।लोग क्या कहेंगे?"

"गांड मराने गए लोग,ज़माना कहा से कहा पहुँच गया है और हमलोग अभी तक लिबास के रंग मे अटके हैं। हम देखेंगे कौन क्या कहता है।किस भोसड़ीके में इतना दम है की तुम्हे कुछ कह जाए।" फनलव की पेशकश

"समझने की कोशिश करो,यश। लोगो की हमारे परिवार से कुछ उम्मीदें होती हैं,उनके लिए हमे कुछ दिन तक ऐसे कपड़े पहन ने ही चाहिए।"

"ठीक है तो विश्वा की मौत के 3 महीने पूरे होने के बाद तुम ये सफेद साडी नही पहनॉगी।",राजासाहब उसे साथ लेकर अपने बिस्तर पे बैठ गये। उन्होने उसके कंधे पे अपना हाथ रखा हुआ था।

"अच्छा बाबा! जैसा तुम कहो।",मेनका ने उन से सॅट के बैठते हुए उनका हाथ अपने हाथों मे दबा लिया। मेनका पिछले एक महीने से नही चुदी थी। महल का माहौल विश्वा की मौत के कारण ऐसा हो गया था कि चुदाई का ख़याल उसके दिमाग़ से मीलो दूर था। पर इधर 2 दीनो से रात मे उसे राजासाहब के लंड की ज़रूरत महसूस होने लगी थी। मेनका,जोकि हर रात कम से कम 3-4 बार चुदती थी,उसे पिछली दो रातों को अपने जिस्म को ठंडा करने के लिए अपनी उंगली का सहारा लेना पड़ा था।

आज कई दीनो बाद उसका प्रेमी उसे अपने पुराने रंग मे आता दिख रहा था और उसकी चूत राजासाहब के लंड के लिए बेकरार होने लगी थी। उसे शांत करने के लिए वो अपनी टांग पे टांग चढ़ा के बैठ गयी और चूत को अपनी जांघों मे भींच लिया। उसे पता नही चल रहा था कि राजासाहब चुदाई के मूड मे है या नही। उसने बात आगे बढ़ने की गरज से पूछा,"तुम्हे तो याद भी नही होगा कि डॉक्टर पुरनदरे और बॅंगलुर पोलीस के अफ़सर तुमसे मिलके गये थे?"

"याद है पर बस इतना ही की डॉक्टर साहब माफी माँग रहे थे और पोलिस वाले फॉरमॅलिटीस पूरी करने के लिए कह रहे थे।",उनका हाथ मेनका के कंधे से फिसल कर नीचे उसकी नंगी कमर पे आ गया था।

"डॉक्टर साहब को यकीन है कि विश्वा खुद भागा नही था बल्कि कुछ और बात है। पोलिसवालो का भी कहना है की पोस्टमोर्टाम रिपोर्ट तो ड्रग ओवरडोस का कारण बताती है पर ये कौन बताएगा कि ड्रग्स उसने खुद लिए थे या किसी ने ज़बरदस्ती इंजेक्ट किए थे!" बात तो गंभीर हो रही थी पर मेनका इतने दीनो बाद अपने ससुर के करीब आने पर गरम हुए जा रही थी।

"ह्म्म। मुझे बॅंगलुर जाना पड़ेगा। अब पानी सर से उपर गुज़र गया है। इसके पीछे जो भी है उसे बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।"

"तुम पोलीस की मदद क्यू नही लेते? मैं नही चाहती तुम ख़तरे मे पडो।" उसने प्यार से राजासाहब के चेहरे पे हाथ फेरा।
फनलव की प्रस्तुति

"नही,मेनका,पोलीस के पास गया तो दुश्मन सतर्क हो जाएगा। इसबार मैं उसे बच के नही जाने दूँगा। हो ना हो इसमे जब्बार का ही हाथ है।"

"जो भी करना बहुत सावधानी से करना और ये ध्यान मे रखना कि तुम्हारे साथ मेरी जान भी जुड़ी है।", मेनका के जिस्म की आग की दाहक उसकी आँखों मे अब साफ़ नज़र आ रही थी। राजासाहब ने उसकी नशे से बोझिल आँखें देखी तो उनके दिल मे भी वोही आग भड़क उठी। उन्होने उसकी कमर पकड़ कर अपनी ओर खींची और अपने होठ उसके तपते होठों पे रख दिए। मेनका तो इसी बात का इंतेज़ार कर रही थी। वो उनसे चिपक गयी और दोनो एक दूसरे को पागलो की तरह चूमने लगे।राजासाहब उसके चेहरे को और गर्दन को अपनी किसो से सराबोर किए जा रहे थे।

†***************


Funlover.
Aag fir se sulag rahi hai.
 
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मेनका का आँचल सरक कर नीचे हो गया था और सफेद ब्लाउस के गले मे से झँकता उसका क्लीवेज भारी सांसो के साथ उपर-नीचे हो रहा था। राजासाहब ने अपने होठ उसके क्लीवेज पे लगा दिए तो मेनका पागल हो उठी और उनका सर अपने सीने पे दबा दिया।

राजासाहब ने थोड़ी देर तक उसके सीने को चूमने के बाद उसके ब्लाउस के सामने की तरफ बने बटन खोल दिए। सफेद ब्रा मे क़ैद उसकी चूचिया मस्त लग रही थी और उसके कड़े निपल्स ब्रा कप्स मे नुकीले उभार बना रहे थे। राजासाहब वैसे ही ब्रा मे बंद उसकी चूचिया चूमने-चाटने लगे। उनके हाथ उसकी पीठ पर घूम रहे थे।घूमते हुए उनके हाथ उसकी ब्रा स्ट्रॅप के नीचे कुछ इस तरह घुसे की उसके हुक्स पटापट खुल गये। ब्रा के ढीले होते ही राजासाहब की जीभ उसकी पूरी छाती पे घूमने लगी और थोड़ी देर बाद ही उसका एक निपल उनके मुँह के अंदर था। जैसे ही रहा साहब ने उसके निपल को चूसा महीने भर की प्यासी मेनका झड़ गयी। फनलव की पेशकश

उसने उनका सिर कस के पकड़ लिया और अपने हाथ उनके कुर्ते के अंदर घुसा उनकी पीठ पे अपने नाख़ून गढ़ा दिए। राजासाहब के उसकी चूचिया चूसने मे उसका ब्रा और ब्लाउस अड़चन पैदा कर रहे थे। वो बेसबरे से होकर उसके सीने से अलग हुए और उन दोनो कपड़ो को उतार कर फेंक दिया और फिर से जुट गये उसके उरज़ोन को दबाने और चूसने मे।

मेनका अभी भी उनके कुर्ते के अंदर हाथ घुसा उनकी पीठ सहला रही थी की उसका एक हाथ फिसल कर आगे उनके सीने पे आया और वहा के बालों मे घुस गया। अब उसकी बारी थी। उसने अपने ससुर का कुर्ता उनके जिस्म से अलग किया और उन्हे धकेल कर बिस्तर पे लिटा दिया और उनके उपर झुक कर उनके बालों भरे सीने को चूमने लगी। उसने उनके एक निपल को अपने मुँह मे लेकर चूसना शुरू किया तो दूसरे को अपने नाख़ून से हल्के-हलके छेड़ने लगी।

"आ...अहह..",राजासाहब की आह निकल गयी और उनके लंड ने पायजामा मे तंबू बना दिया। मेनका छाती चूमते नीचे आई और उनकी नाभि मे अपनी जीभ डाल कर चाटने लगी। राजासाहब के लिए ये बिल्कुल नया अनुभव था और वो जोश से पागल हुए जा रहे थे। मेनका ने डोरी खींच कर उनका पायजामा खोला तो उन्होने अपनी गांड उठा कर खुद ही उसे उतार दिया।

मेनका की आँखों के सामने उनका बड़ा लंड पूरा तना खड़ा था। कितने दीनो बाद ये प्यारा लंड उसके सामने था। इधर राजासाहब ने शेव नही किया था तो उनकी झाँते पूरी तरह से उस बड़े लंड को घेरे हुए थी। उसने उसे बड़े प्यार से अपने हाथों मे लिया और एक उंगली के नाख़ून से धीरे-धीरे उनके लंड के सिरे से जड़ तक खुरचने लगी। राजासाहब की आँखे मज़े मे बंद हो गयी। मेनका ने अपना मुँह लंड के सुपारे पे रखा और केवल सुपारा मुँह मे भर चूसने लगी। राजासाहब नीचे से गांड हिला कर पूरा लिंड उसके मुँह मे पेलने की कोशिश करने लगे पर मेनका ने अपनी मुट्ठी मे उसे मज़बूती से जाकड़ उन्हे ऐसा नही करने दिया। राजासाहब उसकी इस हरकत से पागल हो गये और उसके सर को अपने लंड पे दबाने लगे। फनलव की प्रस्तुति

मेनका थोड़ी देर तक उन्हे ऐसे ही तडपाती रही और जब उन्हे लगा की वो ऐसे ही उन्हे झड़वा देगी तो उन्हे चौंकाते हुए उसने उनका पूरा लंड अपने मुँह मे भर लिया और चूसने लगी। राजासाहब ने नीचे से ज़ोर-जोर से कमर हिलाकर उसके मुँह को चोदना शुरू कर दिया। मेनका आज जी भर कर उनके लंड को चूसना चाहती थी। उसने हाथ रख कर राजासाहब को कमर हिलाना बंद करने का इशारा किया। उसने अपना मुँह लंड से अलग कर दिया और अपने ससुर की आँखों मे देखते हुए उनके अंडो को नाख़ून से छेड़ने लगी और लंड के आस-पास के बालो को चूमते हुए उन्हे जन्नत की सैर करने लगी।
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Menka ko pata hai ki sasur ko kya chahiye.
 
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"यश,दुनिया की नज़रो मे मैं एक विधवा हू और विश्वा को गुज़रे बस महीना भर ही हुआ है।लोग क्या कहेंगे?"

"गांड मराने गए लोग,ज़माना कहा से कहा पहुँच गया है और हमलोग अभी तक लिबास के रंग मे अटके हैं। हम देखेंगे कौन क्या कहता है।किस भोसड़ीके में इतना दम है की तुम्हे कुछ कह जाए।" फनलव की पेशकश

"समझने की कोशिश करो,यश। लोगो की हमारे परिवार से कुछ उम्मीदें होती हैं,उनके लिए हमे कुछ दिन तक ऐसे कपड़े पहन ने ही चाहिए।"

"ठीक है तो विश्वा की मौत के 3 महीने पूरे होने के बाद तुम ये सफेद साडी नही पहनॉगी।",राजासाहब उसे साथ लेकर अपने बिस्तर पे बैठ गये। उन्होने उसके कंधे पे अपना हाथ रखा हुआ था।

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"याद है पर बस इतना ही की डॉक्टर साहब माफी माँग रहे थे और पोलिस वाले फॉरमॅलिटीस पूरी करने के लिए कह रहे थे।",उनका हाथ मेनका के कंधे से फिसल कर नीचे उसकी नंगी कमर पे आ गया था।

"डॉक्टर साहब को यकीन है कि विश्वा खुद भागा नही था बल्कि कुछ और बात है। पोलिसवालो का भी कहना है की पोस्टमोर्टाम रिपोर्ट तो ड्रग ओवरडोस का कारण बताती है पर ये कौन बताएगा कि ड्रग्स उसने खुद लिए थे या किसी ने ज़बरदस्ती इंजेक्ट किए थे!" बात तो गंभीर हो रही थी पर मेनका इतने दीनो बाद अपने ससुर के करीब आने पर गरम हुए जा रही थी।

"ह्म्म। मुझे बॅंगलुर जाना पड़ेगा। अब पानी सर से उपर गुज़र गया है। इसके पीछे जो भी है उसे बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।"

"तुम पोलीस की मदद क्यू नही लेते? मैं नही चाहती तुम ख़तरे मे पडो।" उसने प्यार से राजासाहब के चेहरे पे हाथ फेरा।
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"नही,मेनका,पोलीस के पास गया तो दुश्मन सतर्क हो जाएगा। इसबार मैं उसे बच के नही जाने दूँगा। हो ना हो इसमे जब्बार का ही हाथ है।"

"जो भी करना बहुत सावधानी से करना और ये ध्यान मे रखना कि तुम्हारे साथ मेरी जान भी जुड़ी है।", मेनका के जिस्म की आग की दाहक उसकी आँखों मे अब साफ़ नज़र आ रही थी। राजासाहब ने उसकी नशे से बोझिल आँखें देखी तो उनके दिल मे भी वोही आग भड़क उठी। उन्होने उसकी कमर पकड़ कर अपनी ओर खींची और अपने होठ उसके तपते होठों पे रख दिए। मेनका तो इसी बात का इंतेज़ार कर रही थी। वो उनसे चिपक गयी और दोनो एक दूसरे को पागलो की तरह चूमने लगे।राजासाहब उसके चेहरे को और गर्दन को अपनी किसो से सराबोर किए जा रहे थे।

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Funlover.
हमेशा की तरह ही lajawab update....


राजा सहाब मेनका की chut की गर्मी पाकर जोश में लौट रहे हैं उम्मीद है अब ये jabbar ki gand फाड़ देंगे......


अगले भाग के इंतजार में.......
 
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Luckyloda

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Bahanchod mahine bha
मेनका का आँचल सरक कर नीचे हो गया था और सफेद ब्लाउस के गले मे से झँकता उसका क्लीवेज भारी सांसो के साथ उपर-नीचे हो रहा था। राजासाहब ने अपने होठ उसके क्लीवेज पे लगा दिए तो मेनका पागल हो उठी और उनका सर अपने सीने पे दबा दिया।

राजासाहब ने थोड़ी देर तक उसके सीने को चूमने के बाद उसके ब्लाउस के सामने की तरफ बने बटन खोल दिए। सफेद ब्रा मे क़ैद उसकी चूचिया मस्त लग रही थी और उसके कड़े निपल्स ब्रा कप्स मे नुकीले उभार बना रहे थे। राजासाहब वैसे ही ब्रा मे बंद उसकी चूचिया चूमने-चाटने लगे। उनके हाथ उसकी पीठ पर घूम रहे थे।घूमते हुए उनके हाथ उसकी ब्रा स्ट्रॅप के नीचे कुछ इस तरह घुसे की उसके हुक्स पटापट खुल गये। ब्रा के ढीले होते ही राजासाहब की जीभ उसकी पूरी छाती पे घूमने लगी और थोड़ी देर बाद ही उसका एक निपल उनके मुँह के अंदर था। जैसे ही रहा साहब ने उसके निपल को चूसा महीने भर की प्यासी मेनका झड़ गयी। फनलव की पेशकश

उसने उनका सिर कस के पकड़ लिया और अपने हाथ उनके कुर्ते के अंदर घुसा उनकी पीठ पे अपने नाख़ून गढ़ा दिए। राजासाहब के उसकी चूचिया चूसने मे उसका ब्रा और ब्लाउस अड़चन पैदा कर रहे थे। वो बेसबरे से होकर उसके सीने से अलग हुए और उन दोनो कपड़ो को उतार कर फेंक दिया और फिर से जुट गये उसके उरज़ोन को दबाने और चूसने मे।

मेनका अभी भी उनके कुर्ते के अंदर हाथ घुसा उनकी पीठ सहला रही थी की उसका एक हाथ फिसल कर आगे उनके सीने पे आया और वहा के बालों मे घुस गया। अब उसकी बारी थी। उसने अपने ससुर का कुर्ता उनके जिस्म से अलग किया और उन्हे धकेल कर बिस्तर पे लिटा दिया और उनके उपर झुक कर उनके बालों भरे सीने को चूमने लगी। उसने उनके एक निपल को अपने मुँह मे लेकर चूसना शुरू किया तो दूसरे को अपने नाख़ून से हल्के-हलके छेड़ने लगी।

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मेनका की आँखों के सामने उनका बड़ा लंड पूरा तना खड़ा था। कितने दीनो बाद ये प्यारा लंड उसके सामने था। इधर राजासाहब ने शेव नही किया था तो उनकी झाँते पूरी तरह से उस बड़े लंड को घेरे हुए थी। उसने उसे बड़े प्यार से अपने हाथों मे लिया और एक उंगली के नाख़ून से धीरे-धीरे उनके लंड के सिरे से जड़ तक खुरचने लगी। राजासाहब की आँखे मज़े मे बंद हो गयी। मेनका ने अपना मुँह लंड के सुपारे पे रखा और केवल सुपारा मुँह मे भर चूसने लगी। राजासाहब नीचे से गांड हिला कर पूरा लिंड उसके मुँह मे पेलने की कोशिश करने लगे पर मेनका ने अपनी मुट्ठी मे उसे मज़बूती से जाकड़ उन्हे ऐसा नही करने दिया। राजासाहब उसकी इस हरकत से पागल हो गये और उसके सर को अपने लंड पे दबाने लगे। फनलव की प्रस्तुति

मेनका थोड़ी देर तक उन्हे ऐसे ही तडपाती रही और जब उन्हे लगा की वो ऐसे ही उन्हे झड़वा देगी तो उन्हे चौंकाते हुए उसने उनका पूरा लंड अपने मुँह मे भर लिया और चूसने लगी। राजासाहब ने नीचे से ज़ोर-जोर से कमर हिलाकर उसके मुँह को चोदना शुरू कर दिया। मेनका आज जी भर कर उनके लंड को चूसना चाहती थी। उसने हाथ रख कर राजासाहब को कमर हिलाना बंद करने का इशारा किया। उसने अपना मुँह लंड से अलग कर दिया और अपने ससुर की आँखों मे देखते हुए उनके अंडो को नाख़ून से छेड़ने लगी और लंड के आस-पास के बालो को चूमते हुए उन्हे जन्नत की सैर करने लगी।
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बने रहिये.............
Bahanchod महीने भर से प्यासी मेनका की chut की गर्मी आज उसे tasalli से chudwayegi.....


Bahanchod गरम तो बहुत है मेनका.......


दबा कर chodne लायक 😍😍😍😍😍🏇🏇🏇🏇
 
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