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Bahut achhhi suruat.कहते है शैतान और उसके दैत्य हमेशा मनुष्यों के पास रहते है ताकि उनसे ऊर्जा खींच सके। शैतान हमेशा अपने बच्चे बढ़ाने के लिए एक मजबूत माँ की ज़रूरत होती है ताकि बच्चा स्वस्थ और सुंदर पैदा हो ताकि शैतान उसको अपने बच्चे जैसा पाल के फिर अपने देवता को बलि दे के और ज़्यादा शक्तिशाली बन पाए।
जो भगवान नही देते वो शैतान दे देता है बदले में आपकी कोई प्यारी चीज़ या आपकी ही जान वो ले लेता है।
ऐसे ही एक कहानी है जिसको पढ़ने में रोमांच के साथ मज़ा आएगा।
"शैतान शैतान आपकी जय हो "
"क्या बात है क्यों शोर मचा रखा है क्या चाहिए?" किसी बड़े दैत्य जैसा डील डॉल शरीर 8 फुट का तो होगा और मजबूत शरीर बड़े बड़े सींग के साथ वो बहुत भयानक लग रहा था।
एक ऊंचे आदमियों की खोपड़ी के सिंघासन पे बैठा आस पास आग जल रही मशाल की। पास में ही कुछ प्रेत जैसे लोग बैठे मांस खा रहे है।चमगादड़ों का झुंड ऊपर उल्टा लटका है।
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"जैसी आप लड़की खोज रहे थे वो लड़की मिल गयी है उसके ग्रह आपके अनुकूल है अगर आप उससे बच्चा पैदा करते है तो आपको बहुत सारी शक्तियां मिल जाएगी फिर आप भी भगवान की तरह पूज्यनीय हो जाओगे"
"क्या कह रहे हो कहाँ है लड़की कौन है किसी दिखती है?"
"हिमांचल प्रदेश में एक छोटा सा गाँव है सिंगलूर वह वहां रहती है अभी 17 साल की है जब वो 20 साल की होगी तब उसके ग्रह में राहु आएगा और राहु के साथ जब राहु की दशा होगी तो आप उसके साथ संभोग करना 15 महीने में तक दशा रहेगी उस बीच आपका बच्चा पैदा होगा वो राहु जैसा कपटी होगा और आपके जैसे बलशाली और उसी बीच 4 ग्रह का योग बन रहा है वो 4 ग्रह राहु मंगल शनि और शुक्र इनके मिलान के समय अगर वो बच्चा पैदा हो गया तो आप उसको 11 साल तक पालना फिर 11 साल बाद बड़ी अमावस को बली देना आप सोच के देखो कितना शक्ति का समावेश होगा आप मे।"
"वाह वाह वाह क्या खबर लाया है तू" "मगर ये खबर तुझे दी किसने ?"
"एक तांत्रिक ने बताया कि अगर उस लड़की की शादी तांत्रिक से हो जाये फिर बच्चे को उस समय पैदा कर के 11 साल बाद अगर वो बलि देगा तो वो आपसे भी ज़्यादा शक्तिशाली बन सकता है।"
"यानी के मुझे उस तांत्रिक से पहले कुछ करना होगा।"
हिमांचल का मनोरम दृश्य पहाड़ के बीच मे घने जंगल उसमे निकलती हुई नहर जो के पत्थर से टकरा के कल कल की तेज ध्वनि के साथ तीव्र गति से बढ़ती चली जा रही है और उस नहर में पत्थर के किनारे पड़े हुये अंगिया(ब्लाउज़ जैसा) और घाघरा। उसमे नहाती हुई एक 17 साल की कमसिन लड़की जिसके उभार उसकी जवानी का शोर मचा रहे है। पतली कमर और बीच मे छोटी सी नाभि जिसको देख के लड़कों केसाथ बुड्ढों के मरे लण्ड में जवानी का जोश भर जाए ।
पीछे पूर्ण विकसित नितंब (गाँड़) जो किसी भी औरत को टक्कर दे सकते है। सामने बिना बाल की एक बहुत सुंदर सी लकीर और उसमे से टपकता पानी गुलाबी लकीर की कहानी बता रहा है। ऐसी चूत के दर्शन से ही लड़के झड जाए उफ़्फ़फ़ सुंदरता का जीता जागता मुजसिम्म। नाम रजनी उम्र 17 साल हाइट 5.5'इंच चूचे 32 के मगर एकदम गोल और कड़क सुडौल, कमर 24 की , गाँड़ 36 की ,उंसके नीचे थोड़ी सी मोटी जांघ वो भी एकदम गोरी के रोयां तक नही ।खुद पूरी गोरी है एक तिल तक नही है पूरे बदन में , चूत इतनी ख़ूबसूरत इतनी गुलाबी अनछुई सी उफ़्फ़फ़।
Nice update.उसको देखती 2 लाल आंखे । आँखो में हैवानियत और कामुकता का मिला जुला संगम उन आंखों को और भी ज़्यादा खतरनाक बना रहा है।पेड़ की ओट में छुपी वो आंख मौके की तलाश में है।तभी वो लड़की नहर से निकल के अपने बदन को पोछ के कपड़े बदल के चलने लगती है और तभी वो शख्स गायब हो जाता है पेड़ के पीछे से। एक जगह पे जा के 2 पत्थर के बीच मे बैठ के ध्यान लगा लेता है। लड़की वहां से निकलती हुई जा रही होती है तो उसको देखती है और तभी उसको आवाज़ सुनाई देती है "रजनी " इधर उधर देख के वो सोचती है मेरा नाम कौन बुला रहा है। तभी फिर से आवाज़ आती है "रजनी"
"कौन बुला रहा है मुझे।"
"मूर्ख लड़की मुझे देख के अनदेखा कर के जा रही है इधर आ।"
रजनी उधर बढ़ चली जिधर वो बाबा बैठा था।
"जी बाबा "
"बाबा नही हु मैं। मैं हूं तंत्र सम्राट कापालिक प्रेतनाथ।"
प्रेतनाथ एक कापालिक तांत्रिक है 6 फुट का सांड बदन रंग गेहुआ बड़े बाल अनेक सिद्धि और भूत,प्रेत,बेताल,शाकिनी डाकिनी को सिद्ध किये हुए। वो जानता है ये लड़की एक बहुत शक्तिशाली पुत्र को जन्म देगी जिसके बलिदान अगर शमशान काली को किया जाए तो काली स्वयं सिद्ध हो कि उसको परम शक्तिशाली बना देंगी।लण्ड 7 इंच मोटा भी ठीक था।
"जी प्रेतनाथ बाबा आपने मुझे क्यों बुलाया?"
"देख लड़की तेरे ऊपर भयंकर खतरा आने वाला है माँ बाप भी तुझसे दूर हो सकते है।संभाल के रहना ले ये लॉकेट पहन ले इससे तेरी रक्षा होगी।"
"बाबा मैं साधारण लड़की हु गाँव की मेरी किसी से क्या लड़ाई? मुझ पे कौनसा संकट है ।"कोई संकट नही है।"
"मूर्ख लड़की नही मानती तो जा भुगत जा के "
कह के प्रेतनाथ ध्यान में चला गया।
घर आ के रजनी सोचने लगी क्या बाबा सच बोल रहा था क्या सच मे मुझपे कोई संकट आने वाला है । अरे नही वो पैसे के लिए बोल रहा होगा लॉकेट दे के 100 200 मांग लेता। हूह ऐसे ही डरते है लोग इनसे।
"मा कुछ बनाया है या नही बड़ी भूख लगी है।बापू को खाना देने दुकान देने जाना है मुझे आने में देर हो जाती है।"
"हॉ जानती हूं बड़ी काम काजी है तू ले खा और खाना बांध दी है दे आ जा के अपने बापू को ।"
"क्या मा हमेशा गुस्सा बनी रहती हो कभी तो हस दिया करो।"
"खाना खा और जा मेरा दिमाग न चाट न माखन लगा मुझे।""बड़ी हो गयी है धोड़ी जैसी मगर ये नही मेरा काम मे हाथ बटवा दे।"
"काम कितना करती हूं सुबह 5 बजे उठ के घर मे झाड़ू और बकरीयों का दूध निकाल के कपड़े धो के नहाने जाती हूं।फिर वापस आ के बापू को खाना देने जाती हूं।"
"बस बस पता चल गया काम कितना करती है।"
खाना खा के चली जाती है दुकान से वापस आ के दूसरे काम कर के सो जाती है। फिर शाम को उठ के रात का खाना बनाती है।
कुछ बहुत बड़ा खेल होने की बिसात बिछाई जा रही है रजनी के चारों ओर।फिर लेट जाती है खाना खा के और सोचने लगती है "कही सच मे कोई संकट तो नही?"
"जो होगा देखा जाएगा।"
सो गई । ऐसे ही 2 3 दिन निकल गए। चौथे दिन दोपहर को एकदम से पिता जी घर आते दिखे किसी के हाथ मे तो रजनी के चेहरे पे चिंता की लकीर आ गयी और भाग के पिता जी के पास पहुच गयी।
"क्या हुआ पिता जी आप ठीक तो हो न ?"
"बेटी मैं जा रहा था तो जंगल मे एक पेड़ की मोटी डाल मुझपे गिर गयी मगर ये नौजवान आ गया और इसने पूरी ताकत से उस मोटी डाल को उठा के फेक दिया और मुझे उठा के ले आया । मैन कहा भी के मैं चल लूंगा मगर ये माना नही।"
रजनी ने उस लड़के को देखा 7फुट की हाइट,भयंकर बॉडी मुस्कुलर नस पूरे बदन में दिख रही धोती पहने ऊपर बण्डी जिसमे से छाती बाहर को उभर के आ रही हाथ की एक एक नस दिख रही सांवला रंग और बड़े बाल ऊपर जुड़ा बंधे। लण्ड नही देखा राजनी ने मगर आपकी जानकारी के लिए 10 इंच का, मोटाई इतनी जितनी किसी की कोहनी होती है।
"क्या नाम है तुम्हारा?
"शैतान सिंह "
"ये कैसा नाम है?"
"जब मैं पैदा हुआ तो बाबा बताते थे मैं काला और बाकी बच्चों से बड़ा पैदा हुआ तो मज़ाक में मेरा नाम रख दिया तो यही नाम हो गया मेरा।"
"ठीक है क्या उम्र है ?"
"19 साल"
"19 साल? दिखते तो 50 के हो?"
"वो मैं कसरत करता हु तो इस वजह से ऐसा दिखता हु और लंबे बाल भी है मगर मैं 19 का ही हु।"
"ठीक है ठीक है।बाबा को वो घर है वहां ले चलना है तुम थक गए होंगे नीचे उतार के पैदल ले चलो।"
"मैं इनको उठा के पूरा पहाड़ चढ़ जाउ तब भी न थकाऊ।"
"ठीक है फिर चलो"
शैतान आगे चलने लगता है और रजनी पीछे वो उसको देख के कुछ कुछ महसूस करने लगती है शायद प्यार या लगाव।
घर पहुच के पिता जी को खटिया जो घर के बाहर थी उसमें बिठा देता है और कहता है "कपड़े उतारिये पहले चोट देखु"
"थोड़ी मुश्किल से हाथ उठा के कुर्ता उतार के देखने पे कंधे और पीठ पे काला पड़ा होता है।
"तेल गरम कर के उसमे लहसुन और सोंठ मिला के ले आओ" भारी आवाज़ से काले पड़े बदन को देखता हुआ शैतान बोला।
रजनी बिना कुछ बोले चली जाती है और 5 मिनट में समसी(लोहे की बर्तन पकड़ने वाली) से पकड़ के तेल ले आती है।
गरम गरम तेल जो खौल रहा था उसमें उंगलियों को डाल के निकाल के वही गरम तेल रजनी के बाप की पीठ पे लगा देता है जिससे वो सिसक उठता है।
"सससससस गगर्म है "
"गरम ही लगता है तभी आराम मिलेगा ।"
और तेल लगा कि मालिश करने लगता है फिर कहता है "एक सुई को आग पे गरम कर के ले आओ "
"क्या करोगे उसका"?
" ले आओ फिर देख लेना क्या करूँगा।"
वो 3 मिनट में ले आती है। वो सुई ले के 4 5 जगह लगा कि खून निकालने लगता है। जिससे सूजन और काला पन काम हो जाता है।
फिर शैतान कहता है "मैं जा रहा हु बाद ने आऊंगा"
तब तक बापू उठ गया और पूछने लगा "कहाँ रहते हो ?"
"जंगल मे रहता हूं।"
"जंगल मे क्या करते हो?"
"वहां जड़ी बूटी ढूंढ के बेचता हु वही रहता हूं।"
"मा बाप कहा रहते है?"
"मर गए दोनो?"
"कैसे ?"
"बचपन मे मुझे पैदा करते हुए मा मर गयी क्यों के मैं इतना बड़ा था दर्द सह नही पाई बाप कुछ 4 साल पहले मर गया।जंगली जानवर के हमले से।"
"तुमको डर नही लगता जंगल मे?"
"जंगल मुझसे डरता है।""हा हाहा हा हा"
"खाना खा के जाओ "
"जितना मैं खाता हूं उतना तुम 10 दिन में खाते हो ।"
"मेरी दुकान में काम करोगे?"
"कर लूंगा जब तक तुम ठीक नही होते"
"ठीक है मेरी दुकान उस पहाड़ के पीछे है जंगल से परे ।"
"ठीक है।"
"कल सुबह खोल दूंगा दुकान अभी सो जाओ।"
"चाबी ले लो "
"ठीक है।"
"तुम्हारा क्या नाम बताया था ?"
रजनी को देखते हुए शैतान बोला।
"रजनी"
"अगर किसी चीज़ की ज़रूरत हो तो आवाज़ देना जंगल मे आ के आ जाऊंगा।परेशान न होना मैं हु न।"
"हम्ममम्म "प्यार से देखती हुई बोली।
तभी शैतान चल दिया।