अपने हर कामुक हमले पर श्रद्धा को छोटी बच्ची सा व्यवहार करता देख रहमान को समाज आ चूका था के इस छोटी बच्ची सी मदमस्तकामुक औरत के बदन से खेलना है तो छोटे बच्चों से जैसे प्यार से बात कर उनसे कोई भी चीज करावते है वैसे ही यहां भी करना होगाताकि उनकी गंदी घिनोनी चीजें करने के लिए हमने उन्हें फेंक दिया जाल में फंसी श्रद्धा जैसी हाई क्लास औरत को वे मना सके।
मोगरे के इत्र वाली खुशबूदार श्रद्धा की कही बात सुन बदबुदर सांड रहमान हवसमे गेंदे की तरह हफ्ते हुवे श्रद्धा की सिल्क नीली साड़ी केऊपर से उभरी बड़ी मोटी गांड एक हाथ से मसलते हुए, हवसमे सिस्कारते हुवे बोला, "ह्म्म्म्म अह्ह्ह ऐसा है तो," अपनी बात बिच मेंकाटती हुवे उसकी गंदी कामुक हरकतों से काम उत्तेजाना से सिस्कारती हुवी श्रद्धा जिस हाथ से चुचिया छिपाए हुवे उसके बाहों में लिपटीथी, वो लेफ्ट हाथ रहमान ने अपने खुरदुरे काले हाथ से पकड़ा और अपनी बात पूरी करते हुए हवसमे हाफते हुवे रहमान अपने गुटखे पानसे सादी पीली बत्तीसी दिखाते हुए बोला, "आहह मुझे अगर ऐसा करू अह्ह्ह्ह तो आपको परेशानी नहीं होनी चाहिए आह्ह, फिर ही मैंमानूंगा कि आप नखरेबाज नहीं हो,''ऐसा बोल कर उसने जैसे ही आधी नंगी श्रद्धा के पारदर्शी पल्लू के ऊपर चूचे छिपाए रहे श्रद्धा के बाएंहाथ को पकड़ कर साइड में लेना चाहा तो वो श्रद्धा का नाज़ुक गोरा हाथ तो बास माखन की तरह साइड हुवा और तभी श्रद्धा जिसकीगिली चूत डोनो लो क्लास मर्दोंकी कामुक हरकतों से गरम भट्टी की तरह तपगई थी उस कारण उसकी गरमी स्वभाव से उबरकर बहारआई और उसने एक हाथ से अपने नए यार यानी रहमान का उसने सिर एक हाथ से सहलाने लगी तो दूसरे हाथ से वो रहमान की पीठसहलाने लगी और काम उत्तेजना से आहे भारते हुवे निली आँखों से रहमान की हवास से लाल हुवी आँखों को बिना डरे बास काम उत्तेजनामें अपना निचले होंठ मुहं में भरकर दांत से काटते हुवे देख सिसकते हुवे छोटी बचीसी होकर बोली, "आह्ह्ह अम्म चाचा अब्तो याकिनहुवा ना के मैं नखरेबाज नहीं हूं,”श्रद्धा के 34 साइज के दूध से भरे बड़े तने हुवे चुचिया जो अब सिर्फ एक पारदर्शी नीले पल्लू से ढके थेउनको देख फिर एक बार ढोंडू और रहमान हवास में पागल हुए, श्रद्धा के बड़े गुलाबी एरिओला के साथ 1 इंच खड़ी हुवे निपल साड़ी केपारदर्शी नीले पल्लू से दिखायी दे रहे थे उन हवस से भरे दरिंदों को, इसी बीच श्रद्धा को अपने खड़े खड़े निपल बार बार साड़ी के कपड़े सेघिस घिसकर श्रद्धा काम उत्तेजित भी हो रही थी और निम्न वर्ग के लोगों के सामने जो अब इस कामुक अवस्था में थी उसे वो शर्म से लालहो रही थी और एक साहसिक कार्य सा उसे महसूस हो रहा था इस कामुक स्थिति में।
के तभी रहमान ने श्रद्धा की बात सुन वो अपना बड़बुदार मुंह अपनी घिनौनी बांहों में लिपटी श्रद्धा के गुलाबी गोरे मुंह के पास लाया औरदूसरा हाथ श्रद्धा के एक तरफ से खुली साड़ी की साइड से उसने श्रद्धा की गोरी नंगी कमर को अपने घिनौने दाहिने हाथ से सहलाते हुएमसलते हुवे वो हाथ ऊपर लेते हुए हुवे गेंदे की तरह काम उत्तेजना से हफ्ते हुवे बोला, "आहहह आह हा हा मेमसाहब, आप ठीक कह रहीहो, आहह के आप नखरेबाज नहीं हो," ऐसा कहते ही उसने श्रद्धा की नंगी कमर पर जो हाथ था वो ऊपर धीरे-धीरे लेने लगा तब श्रद्धा कोसमाज आ चुका था के वो हाथ कहा जा रहा है, तो वो अपने छम्मक छल्लो स्वभाव में आकार कुछ कर ना सकी .और वहा झटसे उत्साहमैं थार थार कनपते हुवे रहमान ने श्रद्धा का बायां स्तन चूचा दबोच लिया और पहले अपने अंगुठे में और तर्जनी में श्रद्धा के बड़े गुलाबीएरोला के साथ खड़े 1 इंच लम्बे निपल को लेके हवास में मसलने लगा जिसे अचानक हुवे इस बदबुदार रहमान के कामुक हवस भरेहमले से श्रद्धा दर्द से झलाते हुए उसकी सिसकारी निकली, "अह्ह्ह्ह अम्म अह्ह्ह्ह आउच अह्ह्ह्ह," तुरंत श्रद्धा का संस्कारी दिमागरहमान की होति गन्दी हरकतों से बोला, "आह्ह्ह्ह कुछ पाने के लिए कुछ खोना परेगा, फिर ही मैं दरिंदों के चांगुल से छुटपाऊंगीअह्ह्ह्ह दूसरा कोई तारिका नहीं समझ रहा अब, अह्ह्ह्हह्ह मेरे सैया क्या करू मैं अब, आपके ही करण बिगाड़ गई मैं अह्ह्ह्ह कितनामस्त लग रहा है अह्ह्ह्हह ये मीठा दर्द तो अह्ह्ह्हह्ह मार ही डालेगा।”
अपने प्लान के मुताबिक उसके अंदर की संस्कारी बहू एक आखिरी बार इन दरिंदों से छुटने का प्रयास करते हुए हुवे अपने रंडी स्वभाव सेमिलकर रहमान का सिर एक हाथ से सहेलते हुए, हमें पता है कि और निकली आँखों से देखते हुए हुए अपना मुँह आगे रहमान ने जोअपना बदबुदार मुँह उसे करीब लाया था, उसके करीब लेजा कर उसकी गन्दी बदबुदार सांसे महसूस कर उसे उत्तेजित हो कर श्रद्धासिसकते हुए हुवे कामुक अंदाज़ में बोली, "आह्ह्ह चाचा, क्या आप डोनो मेरे इन चिचियों से खेलने के बाद मुझे छोड़ देंगे?" ऐसाबोलकर वो जरा रुकी और एक पल के लिए करीब खड़े धोंडू और उसकी खुशबुदार बाहोन में किसी भी तरह से चिपके हुए बदमाशरहमान के तने काले लंड को बरमूडा से टेंट बने लंड को अपनी साड़ी के ऊपर से गुलाबी चूत पर महसुस कर रहमान की ओर देख कामुकअंदाज में उसने अपना साड़ी का पल्लू एक हाथ से नीचे गिराया और अपने पति के नाम का मंगलसूत्र और दूध से भरी चूचियों का खुलाप्रदर्शन करते हुए हुवे आगे बढ़ते हुए हुवे अपनी बात पूरी करते हुवे शरम से लाल होकर वो बोली, "आहह, अगर आप मुझे छोड़ने के लिएराजी होते हो तो मैं इन चुचियों से आप दोनों मेरे यारों को जी भरके खेलने दूंगी और," आगे कुछ श्रद्धा बोलती उसे पहले, रहमान श्रद्धा केदूध से भरे चूचे जो अब्ब पूरे खुलकर अपना प्रदर्शन कर रहे थे जिन्हें देख रहमान को रखा नहीं गया और उन्होंने श्रद्धा का लेफ्ट वाला चूचाहवास में थार थार कांपते हाथों से जरासा जोर से दबाया ही था के श्रद्धा की चुचियों से 1 इंच का खड़ा हुआ निपल से दूध की बूंदे बाहरनिकलने लगी जिन्हे देख बूढ़ा धोंडू जो उसके सामने एक हाई क्लास औरत के साथ कामुक कांड हो रहा था उसे देख वो एक्साइटमेंट मेंहकलाते हुए हुवे सिसकते हुए अपने खड़े काले लंड को लुंगी के ऊपर से अपने लंड के तंबू को मसलते हुए श्रद्धा के नंगे गोरे चूचे कोउसके दोस्त को दबाते देख बोला, "या अल्लाह्इइइइइइइइ हाय तो दूध निकल रहिट मेमसाहब कक्क की चुचियों से ।"
श्रद्धा रहमान के उसके संवेदनशील चूचे निपल्स जरा जोर से दबाने से उसके मुँह से दर्द भरी सिसकारी निकली, "आहह, चाचाअह्ह्ह्हह्ह आउच।"
बहुचके धोंडू की बात सुन रहमान काम उत्तेजना से हफ़्ते हुवे सिस्कारते हुवे बोला, "अह्ह्ह्ह दूध आएगा हाय, आह्ह अपनी मेमसाहिबका छोटा बच्चा भी तो है हेहेहे।" ऐसा बोलकर हंसते हुए हुवे फिर श्रद्धा के डोनो चूचे एक साथ डोनो एक्साइटमेंट में थार थार कपटे हाथोंमें पकड़े और उन चुचियों के निपल का मुंह अपने घिनोने बदबुदार खुले मुंह की ओर किया, फिर उन्हें जोर से उसने दबाया ही था के दूधकी पिचकारी सी श्रद्धा के गोरे दूधिया चुचियों से निकली और रहमान के बड़बुदार मुहं गई, ऐसा मीठा शहद का स्वाद वाला दूध कास्वाद मिला ही रहमान हवस में पागल हुआ और उसने दोनों चुचियों के निपल एकसाथ लाए और उन्हें एकसथ मुंह में भरकर दोनों हाथ सेदबा कर उनका दूध पीना लगा। रहमान को उसके मुहं में गरम दूध की पिचकारियां महसुस हो रही थी, इसी के साथ श्रद्धा के गरम नरमखड़े हुए निपल का मस्त सा अहसास उसके मुँह में हो रहा था वो उसके लिए बहुत ही ज्यादा काम उत्तेजित करने वाला अहसास था जिसेवो जी कहकर जीना चाह रहा था जैसे के ये मौका फिर कभी मिले या ना मिले यही सोच थी उसकी उस हवास से भरे दरिंदे की.
के तभी रहमान को साइड में ढकेलकर ढोंडू बहती गंगा में हाथ धोने आकर रहमान के ऐसे उसके चूचे जोर से दबाने से सिस्कार रही श्रद्धाके राइट वाले चूचे पर अपना कब्ज़ा कर लिया .
फिर क्या था श्रद्धा की केले जैसी खानबेसी जंघों से अपने लंड दोनों साइड से घिसते हुए मसलते हुए श्रद्धा को साइड बाय साइड बाहों मेंलेकर दोनों खराब क्लास सांड एक हाई क्लास श्रद्धा के बड़े चूचे जो उनके बड़े हाथों में भी जैसे तैसे आ रहे थे, उन गोरी गुलाबीचूचियोंको दबा दबा कर दूध की पिचकारी अपने मुँह में लेने लगे, और बाद में उन्ह दोनों ने श्रद्धा के चूचे मुँह में भरकर वे श्रद्धा के चूचे बड़ेएरोला के साथ मुँह में भरकर एक हाथ से दबाते हुवे दूध किसी बच्चे की तरह पीने लगे, तभी रहमान ने श्रद्धा के चुचियों से खेलते हुएश्रद्धा की ओर नजर ऊपर कर वो हवास में गेंदे की तरह हफ़्ते हुवे अपनी पीली बत्तीसी दिखाते हुए बोला, "आह्ह्ह्ह कितना मीठा दूध हैआपका मेमसाहद, साहब बहुत लकी हैं, क्या बोलते हैं धोंडू सही कहा ना?" जिसपर धोंदु जो हवस में अंधा बस श्रद्धा के चूचे चुसने में, उनका मीठा दूध पीने में लगा था उसके मुंह से रहमान को जवाब देते हुवे बास यमम्मम ऐसी आवाजे निकल रही थी, ऐसा लग रहा था किऐसा कामुक पल ढोंडू किसी भी हाल में एक भी पल खोना नहीं चाह रहा था।
दोनों हवस से भरे दरिंदों की ऐसी उसकी चुचियां पर होते हमलों से श्रद्धा अब पूरी गरम हो चुकी थी तो उसके अंदर की रंडी औरत बाहरआई और उसने रहमान और धोंदु के सारा अपनी गोरी गुलाबी चुचियों पर दोनों हाथों से दबाए और वो हवस में सिस्कारते हुए बोली, "अहह्ह्ह्ह चुप चप्प चूसो अह्ह्ह्ह कोई बैट मत करो अह्ह्ह्हह्ह।"
रहमान ने कही बात पर श्रद्धा का ऐसा कामुक रिस्पॉन्स देख धोंडू और खुद रहमान डोनो मेह हवास से जोश और बढ़ा और वे अब जोरजोर से श्रद्धा के चूचे जो उनके हाथ में किसी रुई की तरह महसुस हो रहे थे उन्हें दबा दबा कर चूचे मुंह में लेकर दूध के फव्वारा अपनी मुंहमें लेने लगे, वे दूध किन्ही जनवारोंकी तरह पिने लागे.
डोनो हवस से भरे दानवों के हो रहे उसके कामुक अंगो पर घावों से श्रद्धा को धांग से खड़ा रहा नहीं जा रहा था, वो तो बस रहमान औरधोंडू पर निधाल होकर अपने कामुक बदन का जोर डालकर काम उत्तेजना से अपनी नशीली आंखें बंद किये हुवे खड़ी थी, उसके पांवकाम उत्तेजाना से थार थार कानप रहे और मुंह से तो बस कामुक आहे निकल रही थी जो बाद में दर्द से भारी आहे बनी क्योंकि दोनोंदारिंदे अब श्रद्धा के चूचे जानवर की तरह दांतों से चबाने लगे, जिसे श्रद्धा दर्द से आहे भरते हुए काम उत्तेजना में आंखें बंद कर बोलती रहीके, "आह धीरे, दर्द हो रहा है अह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह।"
ऐसा कामुक नजारा, अब कैच में बन चुका था के क्या बताए, दो निम्न वर्ग के अधेड़ उमर वाले मर्द उनकी बेटी की उमर की शादीशुदामदमस्त बदनवाली औरत, उसको अगल बगल बाहों में लेकर दोनों श्रद्धा के चूचे अपनी अपनी तरफ से अपने घिनौने हाथ से दबाते हुवेजरा झुककर गोरी गुलाबी दोनों चुचियों को मुंह में भर कर बड़ा घेरा, खड़ा हुआ 1 इंच का होचूके निपल दांतों से चबाए हुवे उनसे निकलरहे दूध को किसी जानवर की तरह पी रहे थे जैसे कि उन्हें अमृत ही मिला हो पीना , उनके बदन की थार थरहाट बता रही थी के वे दोनोंकितने हवस मैं उत्साहित हूं हो रहा है जिन्हे थार काँपते महसुस कर श्रद्धा को एक पल के लिए मन ही मन हंसी आई की ये सोच कर किवे दो बूढ़े उसके गोरे बदन से जैसी बिजली उन दो निम्न वर्ग मर्दोन्मे जराही हो वैसे वे थार थार कांप रहे हैं, और श्रद्धा भी कुछ ज्यादा दूरथी बल्के वो भी काम उत्तेजना से कांप रही थी, उसका गोरा नंगा पेट उन डोनो दरिंदों की कामुक हरकतों से थार थार कांप रहा उन दरिंदोंको और हवा में पागल कर रहा था था जिसे वे बिच बिच मी डोनो दरिंदे श्रद्धा की नाभि में गोरी गुलाबी चुचिया चुस्ते, काटते हुए हुवेउंगली भी कर रहे थे, जो नजारा काफी दिखने में कम लग रहा था।
तभी दूसरी ओर श्रद्धा के पांव इन दरिंदों की घिनौनी हरकतों से काम उतीजना से उखाड़ ने लागे वो बस गिरती चली गई और वे दोनोहवस से भरे दानव भी चुम्बक की तरह श्रद्धा के चूचे दबाते हुवे उन्हें मुंह में लेकर चुस्ते हुवे काटते हुवे नीचे नीचे और फिर आख़िर में नज़रये था की कैच के फ्लोर पर साक्षात काम देवी साड़ी पहने हुवे लेती हुवी कमर से ऊपर पूरी नंगी और उसके गोरे गुलाबी चूचे दो राक्षसउसके ऊपर अगल बगल लेटकर मुँह में भरकर चूस रहे थे, वे दोनों बड़े गुलाबी अरेला को मुँह में भरकर निप्पल को चूस रहे थे उसे दाँतों सेचबा रहे थे जिसे वो काम देवी मीठे दर्द से सिस्कार राही थी, "आह्ह्ह्ह्ह्ह् अह्ह्ह्ह्ह्ह आउच अह्ह्ह्ह्ह्ह,"
रहमान और धोंदु ने इतना बड़ा ख़ूबसूरत कामुक एरोला देखा नहीं था जो उनके मुँह में जैसे तैसे आ रहा था जिसे चूसते हुए हुवे उनकागरम मीठा दूध पिते हुवे बड़ा मजा आ रहा था उन्हें, जिसे कामुक चूसने की आवाज़ आ रही थी, "पुच छिह छिछ छि।"
ऐसे मस्त बड़े गुलाबी अरेओला वाले दूधिया रंग वाले चूचे उन दोनों भेड़ियों ने अपनी जिंदगी में पहली बार देखे थे जिस से उनका हवसऔर भी ज्यादा बढ़ चुकी थी, और ऊपर से श्रद्धा के 34 साइज के चूचियां के बीच झुलता मंगलसूत्र वो उन दोनों को एक और भी पागलकर रहा था जो उन्हें बार-बार ये बोल रहा था के जिसके साथ वे ये घिनौना खेल खेल रहे हैं वो किसी और की अमानत है ये सोच कर हीवे हवास से पागल हो रहे थे, उन्हें उस मंगलसूत्र को देख बड़ा ही मजा आ रहा था जिसने अपने आपे में नहीं थे, वह बदबुदार भैंस काअपना आपा खोने की एक और वजह थी। वो थी उनके हर दांत से काटने पर दूधिया रंग वाली चूचियां पर लाल निशान सारा बार बनरहा था जो दिखने में बड़ा ही कामुक सा लग रहा था, जैसे वे अपनी प्रॉपर्टी को अपना निशाना दे रहे हो, जिसे देख वे पागल होकर औरढेर सारे निशान चुचियों को हर तरफ जोर जोर से, चूस चूस कर दूध पिते हुवे बना रहे थे।
(श्रद्धा जैसी खतरनाक औरत को इस हाल में पा कर रहमान और धोंडू को श्रद्धा में कोई तो गजब की बात है ये उन्हें समाज आ रही थी, लेकिन वो बात क्या है ये उन्हें समाज नहीं मिल रहा था, यानी उन गावरों को रंडी गरम औरत क्या होती है ये उन्हें नहीं पता था जिसने 70 फिसदी खेल उन दोनों को जिताकर एक हाई क्लास शादीशुदा औरत को इस हाल में उनके सामने लाया था उसी श्रद्धा के रंडी स्वभाव सेहम अंजान थे या काहे वे जाना भी नहीं चाहते थे, वे बस श्रद्धा के बदन से जी भरकर खेलना चाहते थे, उन्हें अब तक ऐसी मस्त मलाई डरऔरत उनसे चुद भी सकती है इसे अभी भी वे अंजन थे।)
श्रद्धा के बड़े गोरे दूधिया चूचियों के अरेओला का दिवाना तो आकाश यानी उसका पति भी था, उसके बच्चे के नामका मीठा दूध आकाशको भी पीने में मजा आता था, लेकिन यहाँ अपने पति और बच्चे के नाम का दूध इन लो क्लास मर्दों को पिता देख श्रद्धा एक पल के लिएहैरान थी, लेकिन दूसरे ही पल उसके रंडी दिमाग उसके ऊपर हावी हो गए और सब भूलाकर अपने नए यारों के सर को वो सहेलने लगी, जी हां इस हाल में भी हाई क्लास शादिशुदा श्रद्धा जो किसी और की अमानत है वो काम उत्साहित हुवे जा रही थी, तबही श्रद्धा दोनोंजानवरों को उसके गोरे गुलाबी चूचे जोर से दबाते, दांतसे काटते हुवे, उसका बड़ा अरेओला चबाते हुवे, दूध पिते हुवे देख दर्द से तड़पतीश्रद्धा मन ही मन आहे भारती हुवी काम उत्तेजना से अपनी आंखे बंद किये हुवे उसका रंडी स्वभाव बोला, "अहह्ह्ह्ह हाए दया, बहुत भूखेहैं ये दोनों अह्ह्ह्ह, देखो तो कैसे दबा दबा कर मेरे बच्चे के नाम का दूध पी रहे हैं अह्ह्ह्ह, लगता है इनकी भूख मिटने तक ये दोनों मुझेजाने नहीं देंगे, अह्ह्ह्ह इनका लंड तो देखो कितने बड़े महसुस हो रहे है मेरी जंघों पर, गरमा गरम है केले इनके अह्ह्ह्ह बहुत बड़े लगरहे है ये केले अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह," ऐसा सोचते हुवे श्रद्धा छोटी बच्ची सी हुवी और दो दरिंदे जो उसके गोरे गुलाबी चूचे मुंह में भरकरडांटे चबाते हुवे, चुस्ते हुवे हाथ से जोर जोर से जैसे ही दबाने लगे श्रद्धा के अंदर की रंडी स्वभाव दहेक दहेक कर जलते हुवे छोटी बच्चीसाबहार आने लगा और वो दर्द से सिस्कारते हुए काम उत्तेजाना से जो उसने आँखें बंद रखी थी हम खोल कर वो दर्द और सिस्करते हुवेबोली, "आह्ह्ह चाचा, अह्ह्ह्ह दर्द हो रहा है अह्ह्ह्ह आउच आह्ह जरा धीरे आह्ह।"
तभी अचानक रहमान ने एक ऐसी हरकत की जैसे श्रद्धा पानी बिन मछली की तरह तड़पने लगी, जी हां उसने श्रद्धा की चूत साड़ी के ऊपरसे मसलना शुरू किया था जो रहमान की हाथ पर साड़ी के ऊपर से ही गरम भट्टी की तरह अब लग रही थी, जो हाथ चूचे मसल रहा थावो अब गरम चूत मसल रहा था, ऐसा करते हुए रहमान श्रद्धा की चुनी मुंह से बाहर निकल कर श्रद्धा के केले जैसी जांघों पर एक तरफ सेजो उसने अपना एक पांव उसकी जांघ पर डालकर वो अपना लंड ढोंडू की तरह श्रद्धा की जांघों से आगे पीछे होकर चिपक कर मसलरहा था वो मेरे मुँह से सिसकारते हुए बोला, "आहहहह मेमसाहब आपकी चूत तो पूरी गरम गरम हो चुकी है आहहहह," ऐसा बोलकर वोऔर जोर से श्रद्धा की गुलाबी चूत सारी के ऊपर से बिंचते हुवे अपने थार थार कांपते हाथ से मसलने लगा तब श्रद्धा एक निम्न वर्ग केहाथ को उसके सबसे कामुक अंग पर घाव करता महसुस कर उसका रंडी स्वभाव तड़पते हुवे बहार निकल ने लगा, उसकी गद्देदार गांडऊपर उठाकर धनुष की तरह अपने शरीर को टैंकर वो अब बहुत ज्यादा गरम होचुकी है ये बात वो खुल्लम बातें करने लगी वो भी अनपढ़घिनोने जाहिलों को जिन्हे ये भी समाज नहीं थी के जहा वे ये कांड एक हाई क्लास औरत से कर रहे हैं वो काउच बस एक परदे से ढका हैजो सरकार कोई भी ये नजारा देख सकता है जिसे निर्लजों की नहीं, लेकिन एक शादीशुदा औरत की तो इज्जत मिट्टी में मिल सकती है, उन्हें तो बस अपनी हवस मिटाने की ही चुल थी एक मस्त मालइदार बदनवाली दूसरी बीवी से मजे लेकर, वो भी एक हाई क्लासखुशबुदार हाउस वाइफ के साथ जो वे सपने मैं भी नहीं सोच सकता कि ऐसी माल उनसे पट भी सकती है।
श्रद्धा की कामुक हरकतें देख रहमान को अब जाकर समाज आ चूका था की उनके हाथ बस श्रद्धा के कामुक बदन से सिर्फ खेलना नहींबलके वो बदन अपने खड़े लंड से पेलने भी मिल सकता है।
श्रद्धा की कामुक हरकतें देख रहमान को अब जाकर समाज आ चूका था के उनके हाथ बास श्रद्धा के कामुक बदन से सिर्फ खेलना नहींबलके वो बदन अपने खड़े लंड से पेलने भी मिल सकता है। ऐसा ख्याल दिमाग में आते ही सड़क छाप गंवार रहमान के नुकसान की नसफटने लगी और दिल काम उत्तेजाना से खिल उठा और श्रद्धा की गरम नरम चूत जो उसके कठोर हाथ पर साड़ी के ऊपर से भी भाती कीतरह गरम लग रही थी उसे जोर जोर से अपने उत्साह में थार थार कंपकंपी करते घिनोने काले खुरदुरे हाथ से मसलते हुवे भींचते हुवे श्रद्धाके बड़े चूचे मुंह में भरकर दूध पिते हुवे, चुस्ते हुवे धोंडू की तरह उन्हें बिच बिच में काटना नॉन स्टॉप चालू रखा जैसे काम उत्तेजाना से थारथार कांपती श्रद्धा की दर्द भरी आहे निकल रही थी, "अहह्ह्ह्हह हाय दया अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मरगयी अह्ह्ह्ह।"
अब श्रद्धा को अपनी डोनो सेंसिटिव दूध से भरी उन दांतों से काट काट कर लाल हो चुकी चुचियों पर ही नहीं बल्कि अब अपनी सबसेकामुक जगह यानि गुलाबी चूत पर होते हवस भरे हमले से कियारा आडवाणी की तरह दिखने वाली उस एक्ट्रेस की एडवांस कॉपी श्रद्धाकी सिल्क साड़ी से लिपटी उनसे उबरी गद्देदार गांड बार-बार काम उत्तेजना से ऊपर की ओर उछल रही थी, श्रद्धा इधर उधर कमरलचकते हुवे दोनों दरिंदों के पाँव जो दोनों तरफ से उसकी जाँघों पर थे जिसे उनका लंड अब श्रद्धा की हिलती नीली सिल्क साड़ी सेउभारकर दिखती गोरी मंसल जांघ से मसल रहे थे जिसे उन दोनो दरिंदों को और हवास में मजा आया था।
रहमान के हाथ जो श्रद्धा के चूत को साड़ी के ऊपर से मसल रहे थे उन्हें इरद गिर्द बार बार धनुष्की तरह ऊपरकी ओर टंकर तो कभी फ्लोरपर सीधे लेते लेते सांप की तरह वो हिल रही थी और कामुक दर्द भारी आहे लेते हुवे अपनी नशीली आँखे शर्म और काम उत्तेजाना से बंदकिये हुवे बस बोलती रही के, "अहहहहह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह अब्ब बस भी करो चाचा अह्ह्ह्ह।" ऐसा कहे कर उसने रहमान के सर कोजो उसका हाथ सहला रहा था वो हाथ नीचे अपने रहमान के हाथ से मसलती गुलाबी नाज़ुक चूत को भींचराहे काले हाथ पर रखा औरउसके घिनौने हाथ को वो उसे हटाने गई थी लेकिन हुआ उल्टा क्योंकि उसके रंडी स्वभाव ने खेल पलटा और रहमान के हाथ के ऊपरअपना गोरा हाथ रखकर वो भी रहमान के खेल में शामिल हुई और उसे भेदिये के साथ मिलकर अपनी चूत सारी के ऊपर से मसलने मेंसाथ देने लगी जो नजारा दिखने में वाकाई बड़ा ही कामुक लग रहा था।
ट्रेन की लो क्लास बोगी में छोटे कोच में जो हो रहा था वो देख कर किसी को भी यकीन नहीं होगा बलके कोई मर्द ऐसे किसी अबलाकामुक बदनवली हाई क्लास औरत को इस हाल में देखे तो खुद भी इस कांड में शामिल हो जाए ऐसा नजारा दिख रहा था. एक अप्सराजैसी दिखने वाली गोरे बदनवाली खुशबुदार हाई क्लास औरत कैच के गंदे फ्लोर पर लगभाग निर्वस्त्र लेती हुई है और उसके दोनों साइडसे उसकी साड़ी से उबरी मंसल जांघों पर पैर डोनो तरफ से दो राक्षस राखे हुवे अपने लंड पानी बिन मछली की तरह तड़प रही अप्सरा केजांघ पर राखे हुवे अपने लंड उस मनसल जांघ से मसलते हुए उस अप्सरा के चूचे बड़े गुलाबी अरेओला और 1 इंच खड़े कामुक निपलको मुंह में भरकर दूध पी रहे हैं ऐसा कामुक नजारा इस लो क्लास बोगी में पहली बार हुआ है जो पहले कभी नहीं हुआ और आगे कभीहोगा भी नहीं।
श्रद्धा का उसकी चूत मसलने में साथ पते ही रहमान हवस में बावरा खुश हुआ और दूसरे और रहमान को श्रद्धा की चूत से खेलते हुवे धोंडूतिरछी नजर से देख रहा था जो श्रद्धा के बाईं चूची से खेल रहा था जी भरकर एक हाथ से दबा दबा कर उस बड़े कामुक गुलाबी अरेओलाको मुंह में भरकर दांत से च्युइंगम की तरह चबाते हुए दूध जो पहले पिचकारी से मुंह में भर रहा था वो अब सिर्फ बुंदे ही बहा रहा, ऐसा हीकुछ रहमान के मुँह में पिस रहे श्रद्धा के राइट चूची से भी हो रहा था, यानी मतलब साफ था साले हरामी सड़क छाप कुत्तो ने एक मां केस्टैन से दूध निचोड़ निचोड़ कर पिकर खतम कर दिया था लेकिन फिर भी हम श्रद्धा के गुलाबी चूचे दांते चबाने से श्रद्धा को दर्द सेसिस्कारता देख हम दोनों मजे ले रहे थे.
उन्हें एक अबला औरत का वो हाई क्लास शादिशुदा औरत का दर्द से आहे भरना उनके घिनोने शरीर में जैसे बिजली को दौड़ा रहा था।अब मामला ये था के दोनों जानवर उस मां के दूधिया रंग वाली चूचियों को अपनी अपनी तरफ से दोनों लेट कर बड़ी 34 साइज कीचूचियां एक हाथ में जैसे तैसे लेकर दबा दबा कर उन्हें अपनी घिनोनी गुटखे तंबाकू से सादी बत्तीसी से कांट कांट कर श्रद्धा को दर्द दे रहेथे टैब रहमान और धोंडू एक साथ काम वासना में कुछ 30 मिनट राक्षस की तरह श्रद्धा की चूचियों से खेलने के बाद सिस्कारते हुवे बोलपरे, "आह दूध तो ख़तम होगया मेमसाहब आह,"ऐसा बोलकर उन दोनों ने आखिरी बार श्रद्धा के चूचे अपनी अपनी तरफ से एक हाथ सेजोर से दबाए पर दूध की अब एक बूंद भी दोनों चूचियों से नहीं निकल रही थी तब रहमन गेंदे की तरह हफ़्ते हुए हवस में अपनी लालआँखे श्रद्धा की वासना से बंद आँखों की ओर देख बोला, "आह्ह्ह अब्ब हमें और रस चाहिए आपके बदन से मेमसाहिब, हमारी हवस कोशांत करो मेमसाहिब अह्ह्ह्ह," ऐसा कहेकर रहमान ने अपने दूसरे राइट वाले हाथ से श्रद्धा की गरम भाटी सी लग रही गुलाबी चूत सारीके ऊपर से जरा और जोर से हाथ से उसने मसला जिसे श्रद्धा की दर्द भारी आहे निकली, "आह्ह्ह चाचा अह्ह्ह्ह दर्द अह्ह्ह्ह मामीअह्ह्ह्ह।"
फिर कुछ वक्त बाद उन दो राक्षसों ने श्रद्धा के चूचे अपने घिनोने मुंह से आजाद किए, लेकिन दोनों किसी स्पंज की तरह हम दोनों चूचियांदबाना उन्ही हाथों से मसलना बंद नहीं किया, जैसे के एक कुत्ता हड्डी मुंह में लगते ही उसे दांत गड़ाए रहते हैं वैसे ही वे निम्न वर्ग के कीड़ेश्रद्धा की चूचियों को हाथ में थमे मसलते हुए उनसे खेल रहे थे, श्रद्धा की गोरी गुलाबी चूचियों से खेलने से उनका जी भर ही नहीं रहा था, जिसे श्रद्धा असहनी कामुक पीड़ा में नहीं मिली थी, जैसी श्रद्धा अपनी आंखे काम उत्तेजना और दर्द से बंद रख श्रद्धा उनह हवस के दरिंदोंके हाथ अपने नाज़ुक हटों से अपनी नाज़ुक जाओ री चुचियों से दूर करने की वो कोशिश कर रही थी लेकिन वे गेंदे तो बस उनके हाथजैसे अनमोल खजाना लगा हो उस खजाने से वे डर जाना ही नहीं चाहते थे, इस करण उनके कथोर हाथ श्रद्धा अपने गरम 34 साइज कीचूचियों से दूर कर ना सकी या कहे वो डर करना ही नहीं चाहती थी, उसे दर्द में भी उसका रंडी स्वभाव मजा लेने लग चुका था, ये कैमुकखेल एडवेंचर से काम नहीं लग रहा था, जैसे श्रद्धा ऊपर से उन काले दानवों को विरोध तो जता रही थी लेकिन दूसरे ही पल सिस्कारियालेकर उन राक्षसों को और भी हवस में पागल कर रही थी, "अम्म्म्मम अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह धीरे अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह मैं अह्ह्ह्ह भागी नहीं रह रहीकहीं अह्ह्ह्ह।"
दूसरी ओर उन गरम कांट कांट कर लाल होचुकी चूचियों के बिच पिस्ते मंगलसूत्र को देख उन्ह दोनों गेंदों की हवस और भी ज्यादा बढ़रही थी, ऐसी मैडम मोगरे के सुगंध वाली खुशबुदार माल हाई क्लास शादिशुदा श्रद्धा के आधे नंगे बदनके नजदिक अब उन्हें कैच कीकामुक गर्मी में कपड़ो में रहना नामुकिनसा हो चूका था तो पहले श्रद्धा के बदन से ना चाहते हुवे दूर होकर हदबदाहत में रहमान ने अपनीकाली मैली बरमूडा अंडरवियर साहित निकली उसे फॉलो करते हुए हुवे बदसूरत काले गेंदे धोंदु ने भी बड़बुदर घिनोनी अपनी मैलीसुरक्षित लुंगी अंडरवियर साहित निकली,