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Adultery Meri natkhat biwi

mkm775

Gogo
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श्याम के 7 बजे 30 मिनट.

श्याम की ठंडी हवा को चिरती हुई लाल रंग की नागपुर एक्सप्रेस अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रही थी, ट्रेन के सेकेंड क्लास डिब्बे मेंसभी यात्री अपने अपने डिब्बे में बैठे हैं। उसकी सेकंड क्लास डिब्बी एक कंपार्टमेंट से 6 महीने बचे के रोने की आवाज गूंज रही थी, "क्वाक्वा क्या क्या क्या क्या।" वो कंपार्टमेंट था चौथा जहां 4 लोग एक दूसरे के सामने अपनी सीटों पर बैठे हैं। उन्हें 4 महीने में एक लड़कीबदनवाली गोरी औरत अपने पति के बगल में नीले रंग की डिजाइनर साड़ी और नीले रंग की साड़ी मैचिंग सेक्सी वी शेप नीले ब्लाउज मेंअपने 6 महीने में बेबी को डोनो हटोंसे सामने की ओर पकड़कर उसे भगवान से खड़ा कर उसके रोनेको शांत करती हुवी बोल रही है, "अरेमेरे लाल, क्या हुआ। मेरा सोना बेटा । " ( तो ये है श्रद्धा, यह कहानी नायिका । एक 5.6 फिट कद के पागल गोरे बदनकी मालिक ।उसकी उमर है 21 साल और बड़ी नटखट और चमक छल्लो स्वभाव की है, अब ये चमक छल्लो स्वभाव श्रद्धा का क्या है ये आपको आगेपता चलेगा। श्रद्धा एक ***** रईस परिवार से ताल्लुक रखती है। एक बुद्धिमान, सुंदर, प्यारी पत्नी है श्रद्धा । इस वक्त वो अपने पति केनौकरी के ट्रांसफर के कारण अपने गृहनगर मुंबई से सीधे नागपुर के बलगांव एक ग्रामीण क्षेत्र में अपने नए घर की ओर ट्रेन से जानाचाहता है। श्रद्धा नाम की ही तरह बड़ीहि श्रद्धालू किसम की है। पूजा पाठ तो उसका रोजका ही है. श्रद्धा उसके मां बाप की एक लौटीबेटी है इस कारण श्रद्धा के मां बाप ने उसे बड़े ही लाड प्यार से पाला । और जब मां बाप की लाडली ने कास्ट से बाहर जाकर अपनेपरिसर में शादी करने की बात अपने पापा प्रताप सिंह से की तो वो भी अपनी लाडली को ना कहे ना सके और 20 की छोटी उम्र में श्रद्धाने अपने कोलाज के बॉयफ्रेंड आकाश से शादी की जिसका परिचय हम आगे देखेंगे. श्रद्धा के स्वभाव का ये भी एक पहलु है कि श्रद्धाकिसी अंजन लोगों से भी बात करती है, लेकिन अब ये अच्छी आदत है या बुरी ये आपको आगे पता चलेगा और श्रद्धा के नटखट स्वभावके बारे में मैं भी आपको आगे पता चलेगा। इस पागल अफसर के बारे में आगे आपको बहुत कुछ पता चलेगा। )
श्रद्धा जो अपने क्यूट से बेबी के रोनेको शांत कर रही थी उसे सुन उसके बगल में बैठा उसका पति अपनी पागल बीवी की ओर देख बोला, "बाबू को चाहिए होगा, जानू ।" (तो ये है आकाश खुराना इस कहानी के नायक, एक हसमुख 25 साल का 5.8 फिट कद-काठी काखूबसूरत प्यार करने वाला पति । उसने सिंघम जैसी मुछे राखी है, ये मुछे उसके टैग कासे हुवे शरीर पर बेहद ही अच्छी तरह सुत होती है।इस वक्त आकाश ने काली जींस और नीली टाइट टीशर्ट के ऊपर काला लेदर जैकेट पहनना है। आकाश का रंग-रूप उसकी गोरी पत्नीसे उल्टा सवाल है। पिछले 1 साल से आकाश तलाती के तौर पर मुंबई में काम कर रहा था लेकिन कुछ हफ़्ते पहले ही उसकी पोस्टिंगएबीबी सिद्ध नागपुर के बालगांव में हुई है उसकी वजह वो अपने परिवार के साथ है वहां अपने नए घर की ओर ट्रेन से जाना जरूरी है। ट्रेनकी प्रथम श्रेणी की सीटें सब बुक होने के कारण आकाश और उसकी पागल बीवी ट्रेन की द्वितीय श्रेणी से सफर तय कर रही हैं।आकाश के बारे में भी कुछ रोचक बातें आपको आगे पता चलेंगी जैसे कि उसका मजाकिया स्वभाव और एक डार्क फैंटेसी जिसकाहिस्सा आगे खुलेंगी। आकाश और श्रद्धा की शादी का एक रहस्य किसी को नहीं पता वो था कि श्रद्धा को आकाश ने शादी से पहले हीप्रेग्नेंट किया था। अपने गर्भवति होने की बात जब कोलाज के वक्त दिमाग श्रद्धांजलि रोते रोते हुवे आकाश से कही तब आकाश अपनेघरवालो के डर की वजह से गर्भ गिराने के लिए उसने अपनी प्रेमिका श्रद्धासे कहा था जब उसने श्रद्धान किया। साफ इंकार किया औरउसने आकाश को शादी के लिए मजबूर और अपने प्यार के खातिर आकाश ने जैसे तैसे अपने परिवार को मनाया और श्रद्धा से पढ़ाई कीउमर में शादी की। इन लव बर्ड्स के बारे में दिलचस्प बातें आपको आगे पता चलेंगी । )

अपने पति की बात सूरज श्रद्धा अपने बच्चे को डोनो हटोंसे अपनी जांघोंपर खड़ा रख अपने बच्चे के प्यारे गोरे गुलाबी चेहरे को देखबोली, "शौर्य मेरे लाल मामा का दूदू चाहिए ?"

अपनी माँ की बात समझकर 6 माहीनेका शौर्य जिसने कुछ 1 माहीनी बात करना वो भी कुछ शब्द बोलना शुरू किया वो बोला, "मामा डूडू । "
अपने बच्चे की कही बात सुन श्रद्धा के बगल में बैठा उसका हैंडसम पति अपनी मुचोंको एक हाथ से ताव मारते हुए बोला, "देखा जानू, पापा हमेशा सही होते हैं। "

अपने पतिने कही बात सुन श्रद्धा अपने बच्चे को अपने मुलायम जंघोंपर लेते हुवे पतिसे बोली, "वो जानेदो जान लेकिन शौर्य तो 'मामासबॉय' है।" ऐसा बोलकर श्रद्धा अपने बच्चे की ओर देख बोली, "है ना शोर्या?"

अपनी पागल माँ के गोद में लेता शोरया अपनी माँ की ओर देख बोला, "माँ।"

अपने बेटे के मुँह से निकला शब्द सुन्न श्रद्धा हस्ते हुवे अपने पति की ओर देख बोली, "हाहा, देखा शोर्य ने भी बोला के वो 'माँस बॉय' है।"

अपनी नटखट पत्नी की बात सुन आकाश अपनी बीवी की मस्त मुलायम जंघों को सरीके ऊपर से एक हाथ प्यार से चुटकी लेते हुएबोला, "शोरया अभी 'मामा' बोलना ही सिखाया है, अगर 'डैड' बोलना सीखेंगे तो हमेशा डैड ही बोलता रहेगा।”

अपने पति की बात सुन श्रद्धा अपने पति का मजाक उड़ाने के इरादे अपने गोद में लेते हुए अपने बच्चे की ओर देख बोली, "बेटा डैड बोलोडैड । "

और अपनी माँ की बात सूरज शोर्यने अपनी नीली चंचल आँखे अपनी माँ की नशीली नीली आँखों की तरफ हमारी बोला, "माँ।"
अपने बच्चे की बात सुन श्रद्धा अपने पति की ओर से जल्दबाजी में देख बोली, "हाहाहा, जान तुम्हें क्या लगा मैंने कभी अपने बच्चे कोडैड बोलना सिखाया नहीं, मैंने तो बहुत बार शोर्य को डैड बोलने के लिए प्रोत्साहित किया, लेकिन वो डैड बोलने की जगह मामा बोलताहै। " है तो इसमें मेरी क्या गलती । हाहा । " ऐसी ही मजाक भरी बाते पति पत्नी में होरही थी और उनके सामने जो अंजन 2 आदमी बैठेथे उन्हें कुछ धीमी आवाज में बात चल रही थी ।

पहला आदमी धीमी आवाज में अपने बगल में बैठे अपने दोस्त से बोला, "क्या मस्त माल है यार । " (ये है धोंदू, 5.5 फिट का 55 सालका बुरासूरत गेंदा जिसका पेट किसी गुबारे की तरह फूला हुआ है और वो अभी सफेद रंग की लुंगी और फटी पुरानी हरी बनियान में है ।ये अपने दोस्त रहमान के साथ नागपुर में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करने जाराहा है। ये देखने में बड़ा ही बदसूरत है। क्योके उसकेआगे के दात फावड़े की तरह मुझसे बाहर आए हुए हैं जो धोंडू के काले कलुते चेहरे को और भी ज्यादा बदसूरत बनता है। उसका कालाशरीर सुरक्षित बालों से भरा हुआ है। उसके चेहरे पर सफेद मुल्ला दाढ़ी है। ढोंडू एक हवा से भरा हुआ दरिंदा है जिसे रंडियाभी चुत डेनिसडरती है, लेकिन क्यू? ये आपको आगे पता चलेगा।


अपने दोस्त ढोंडू की बात सुन रहमान धीमी आवाज़ में बोला, "हा यार, देख तो उस इतम के बदन की खुशबू यहाँ तक आ रही है आआह। " (तो ये है रहमान, 35 साल का 5.8 फिट का टैगदे शरीर वाला मर्द । जिसका शरीर का रंग है सवाल और इसके चेहरे पर भी मुल्लादाढ़ी है। ये दिखने में ढोंडू जैसा बुरासूरत तो नहीं लेकिन दिखने में उतना खास भी नहीं। पर उसके शरीर का हर हिसा कसा हुआ किसीबॉडी बिल्डर की तरह है। जो अभी हाफ काली बरमूडा और सफेद नील टीशर्ट में है। ये धोंडू के साथ कंस्ट्रक्शन साइट्स पर काम करताहै। रहमान औरतोंको चेडने के मामले में कई बार कचहरी के चक्कर काट चुका है, तो आप अंदाज़ा लगा ही सकते हैं कि इस सुवर केघिनौने दिमाग में श्रद्धा के प्रति क्या चल रहा होगा।

उन्ह डोनो अधेड़ उमर वाले धोंडू और रहमान में सामने सीट पर बैठी श्रद्धा के दिमाग बदन को देख धीमी आवाज में बात चल रही थी।धोंडू और रहमान की घिनोनी काली आंखे श्रद्धा के पति आकाश से नजर चुराकर श्रद्धा के सारे लिपटे गोरे बदनको नीचे से ऊपर घूर रहीथी। उन्ह दोनों कामिनोंकी नजरों से श्रद्धा का पागल बदनका नजारा कुछ ऐसा दिख रहा था, 'श्रद्धा के पागल बदनको नीली सिल्क साड़ीमें लिपटा हुवा देख उन्ह आधे उमर वाले प्रशासन ऐसा लग रहा था मानो कोई स्वर्ग से आई हो कोई अफसर हो। सीट पर बैठे होने केकारण श्रद्धा की मस्त मंसल जंघे नीली सिल्क साड़ी उभारकर ऐसी दिख रही थी के मानो किसी मर्द से मसलने के लिए तैयार हो और वहमंसल जांघोंका आकर इतने सेक्सी अंदाज़े उभारकर उनह अधेड़ उमर वाले डोनो एडमियोंको दिख रहा था के उस करण उन्ह डोनो कुत्तोंश्रद्धा की मस्त गद्देदार गोरी गांड की फाल्कोनकी साइज़ का भी अंदाज़ा लगा लिया था जो 32 साइज़ की थी। श्रद्धा अपनी साड़ी अपनीप्यारी नाभीसे हमेशा 1 इंच आला बांधती है तो धोंडू और रहमान का मसल लंड तो कबका श्रद्धाके सरिस उभरकर दिखते कामुक अंगऔर नंगा गोरा पेट देख खड़ा हुवा था और काउच की खिड़की से आती हवाके ज़ौके के कारण श्रद्धा का जब साड़ी का पल्लू एक तरफएक पलक के लिए सरकता तो श्रद्धा के सामने आधे उमर वाले बैठे एडमियॉन्की तो कामुक्ता से सांस ही अटक जाती है, हो भी क्यू नाक्योके श्रद्धा की कातिल गोरी कमर पतली 30 साइज़ की जो थी। फिर कातिल कमर के ऊपर श्रद्धा की साड़ी के पल्लू से उभारकरदिखती श्रद्धा की 34 साइज कीदूध से भरी चुचिया जो एक तरफ से खुले पल्लू से ब्लाउज़ से किसी तरह आम की तरह दिख रही थीजिंहको मुहमे लेके दूध पीनेकी लालसा उनह अधेड़ उमर वाले सड़क छाप मर्दोंमे जगी थी। श्रद्धा ने पहेना हुवा ब्लूज़ बड़ा ही सेक्सी थाजो श्रद्धा के नाज़ुक बाह को लगबग नंगा ही दिखा रहा था। जब श्रद्धा अपना कामुक बदन लचकाते हुए अपने पतिके साथ पहुंची तो आईथी तब इनह कमीनो श्रद्धा की नंगी पीठ भी देखी थी जहां सिर्फ उस ब्लाउस के डोनो चोर एक पतली नीले ब्लाउज की स्ट्रिप से जुड़े थे।जब उन दोनों आदमियों की नजरें श्रद्धाकी गोरी गर्दनपर जाती हैं तो वो दोनों आदमी जलभुन जाते हैं क्योंकि वहा श्रद्धा के पतिके नाम कामंगलसूत्र जो श्रद्धा के गले में लटक रहा था। लेकिन वो सोनेका मंगल सूत्र भी श्रद्धाके पागल गोरे बदनको बड़ा ही सेक्सी रूप दिखाताथा, वो रूप था एक हाई क्लास शादी शुदा लड़की लड़की हाउसवाइफ का । तो गोरी गर्दनके ऊपर श्रद्धा का खुबसूरत नाज़ुक चेहरा, जिसे देख उन दोनों अधेड़ उमर वाले रहमान और धोंडू का तो देख देख कर जी ही नहीं भर रहा था, क्योंकि श्रद्धा की नुकिली नाक, रसीलेगुलाबी होंथ, गुलाबी गोरे रंग के गाल, वाह्ह्ह क्या मस्त नजारा था उन दोनों के सामने हाथ में सोनेके कंगन, जोड़ी में छम छम करतीचांदी की पायल, मांग में सिन्दूर, गले में मंगल सूत्र, कान में सोनेके झुमकोणमे श्रद्धा तो साक्षात काम देवी ही लग रही थी। '

कुछ 15 मिनट में पति पत्नी श्रद्धा और आकाश में इधर उधरकी बाते चैल्ली.

इस वक्त श्रद्धा अपने बच्चे को भगवान में लेकर बोतल में अपनी दूध भरी चुचियांका जो दूध सफर से पहले उसने डाला था उस बोतल केसे निपल को अपने बेटे शोर के मुहं में डालकर उसे दूध एक हाथ से बोतल पकड़कर पिला रही थी। तभी आकाश अपने बगल में बैठीबीवी की ओर देख बोला, "जानू मुझे प्यास लगी है जरा पाइन की बोतल दो।"

अपने प्यारे पतिदेवकी बात सुन श्रद्धा अपनी दूसरी साइट पर जो उसने अपनी काले रंगकी छोटी पर्स राखी थी उसकी चेन खोलकर उसमेंसे खाली पानी की बोतल निकालकर अपने पतिको दिखाए हुवे बोली, "जानू, पानी तो ख़त्म हो गया ।" अपनी पत्नी की बात सुनआकाश अपने बगल में बैठी पत्नी की ओर देख बोला, "डार्लिंग, दो बोतल मुझे, मैं पानी भरके आता हूं।" ऐसा बोलकर आकाश नेअपनी बीवी के हाथ से वो पानी खाली बोतल ली और कुछ से बाहर चला गया।

10 मिनट बाद

आकाश सेकेंड क्लास डिब्बे में कोने रखे प्यूरीफायर के नालसे अपनी खाली बोतल में पानी भरकर अब वो उसी डिब्बे में एग्जिट डोर केपास खड़ा था, जहां वो एग्जिट डोर जो खुला था वहां बहुत ठंडी हवा का मजा लेते हुए वो पानी अपनी बोतल से पी रहा था। हमें समय 8 बजकर 30 मिनट हुवे थे तो ट्रेन के बहार घना अँधेरा छाया हुवा था । अपनी प्यास पानी से बुझाने के बाद कुछ पुरानी यादों को यादकरके जब अपनी रोलेक्स की ब्रांडेड घड़ी में टाइम देखा तो वो अपने आपसे ही बोला, " 'अबे यार पता ही नहीं चला के 10 मिनट कबरुकेंगे, चलो जल्दी मेरी महेबुबा अकेली बोर होरही होगी, हेहे”
ऐसा बोलकर वो अपने काउच के नजदिक जा पाहुंचा जाहा पाहोचते ही उसे काउचके अंदर से अपनी बीवी की हंसी की आवाज सुनाईदी उसे सुनते हुए वो काउच के अंदर आगया जाहा उसे अपनी पागल बीवी को सामने बैठा सड़क छाप दोनों मर्दों की किसी बात पर हस्तेहुवे पाया तब वो मन ही मन बोला, "अपनी रानी को 10 मिनट अकेला क्या चोदा ये सड़क छाप कीड़े तो मेरी बीवी से बात करने कीहिम्मत भी की। साले बड़बुदर कीड़े कहिनके, जबसे मैं अपनी बीवी के साथ यहां आया हूं तबसे सेल मेरी बीवी के कोमल अंगोको खानेवाली नजरों से देख रहे है। अभी सालों तक अच्छे से खबर लेता हूँ।" ऐसा सोचते हुवे वो अपनी मर्दाक बीवी के बगल में जाकर बैठा औरअपनी बीवी को पानी से भरी हुवी बोतल थमाड़ी।​
 

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अपने पतिके हाथ से बोतल लेते हुवे श्रद्धा सामने बैठे धोंदु और रहमान से आकाश की ओर इशारा करते हुवे बोली, "ये मेरे पति है, आकाश।”ऐसा बोलकर श्रद्धा अपने पति की ओर देख अपने पति के सामने बैठे दोनों आदमी की तरफ इशारा करते हैं हुवे आकाश सेबोली, "जानू, वो लुंगी में है ढोंडू और उसके बगल में बैठा है वो है रहमान, डोनो ही बड़े मजाकिया है।”

अपनी बीवी की बात सुनकर आकाश सामने सीट पर बैठे रहमान और धोंडु की खिचायी कारनेके इरादे मजाकमे बोला, "तुम दोनों तोबड़े तेज निकले. मैं 10 मिनट के लिए बाहर क्या चला गया तुम डोनोन तो मेरी बीवी से जान पहचान भी करली वाह।”

आकाश ने मजाक में कही बात को सुन्न रहमान को भी मजाक किया लहज़ में बोला, "साहब, मेमसाहब इतनी ख़ूबसूरत है के उनसे" बात करने से हम दोनों एक दूसरे को रोक ही नहीं पाए।" ऐसा बोलकर रहमान अपने गुटखे से सादी हुवी बत्तीसी आकाश को दिखाने लगा।

अपनी बीवी की बात सुन आकाश झटसे उठ धोंडू और रहमान की ओर देख मजाक में गुस्से में बोला, "तुम दोनों को दूसरे के साथ फ्लर्टकरने में शरम नहीं आती?" (तो यहां आपको आकाश की डार्क फैंटेसी के बारे में पता चलेगा जो है कि बीवी की दसरों के सामने नुमाइशकरना और दूसरे मर्दों से अपनी बीवी को मसलते हुए सपने देखना, यहीं है आकाश की डार्क फैंटेसी जिसने आकाश के दिमाग मेंकोलाज के वक्त जगह बना ली थी, जब उसके दोस्त 16 साल की श्रद्धा को आम खिलने के बहाने कॉलेज के पीछे झाड़ियों में ले गया।जहां आकाश अपने दोस्तों के पीछे-पीछे जाकर एक खंबे के पीछे छिपा और उसके दोस्तों ने उसकी नई कलिको झाड़ियों में क्यों बुलायाहै इसकी जिज्ञासा में वो वैसे ही खंबे के पीछे कॉलेज के यूनिफॉर्म में खड़ा रहा। फिर एक दोस्त ने जो उसकी गर्लफ्रेंड से बोला उसकोसुन आकाश के तो होश ही उड़ गया क्योंकि उसके दोस्त ने उसकी गर्लफ्रेंड से बोला के, "चल जानेमन आम चाहिए तो पहले अपने दोनोआमोन से हम सबको कॉल की तरह खेलने दे।" ऐसा बोलकर एक दोस्त ने श्रद्धा ने जो टाइट शर्ट पहनी थी उसके ऊपर से नींबू जितनेबड़े होचुके श्रद्धाकी चुचिवों को वो दोनों हटोंसे दबाने लगा जिसे देख खंबे के पीछे छिपाया आकाश घुसेमे खंबे के पीछे बहार आया जिसेदेख उसके दोस्त वहां से भाग गए। और उसके बाद जब उसकी गर्लफ्रेंड ने आकाश को सारा किस्सा सुनाया तो उसे अपने कानों परविश्वास ही नहीं हुआ। क्योके उसकी गर्लफ्रेंड श्रद्धा बड़ी मासूमियत से हंसते हुए बोली, "बेबी, तुम्हारे दोस्त कितने बेवकूफ हैं, मेरेबदनको चुनने के बदले पिछले 4 दिन से मैं फ्री में दे रहा हूं। हाहाहा।" अपनी भोली लड़की गर्लफ्रेंड की बात पर हंसी या रोए तबआकाश को समझ ही नहीं आया। और फिर आकाश ने पिछले 4 दिनों में क्या हुआ ये सवाल जब उसने अपनी नटखट भोली गर्लफ्रेंड सेपूछा तो श्रद्धांजलि बड़ी मासूमियत से सब उगल दिया जैसे के उसके दोस्तों ने उसकी गांड को उसके स्कूल यूनिफॉर्म की स्कर्ट कोउठा-उठा कर कैसे हाट लगाया उसे कैसे मासा , फ़िर चुचियों से खेलना, ये सब बताए उसे अपने बॉयफ्रेंड से शेयर करना, जिसकोअपनी मासूम गर्लफ्रेंड के मुँह से सुनना उसका 8 इंच लम्बा लंड तनकर खड़ा हुआ। एक अजीब कामुक सा आनंद आकाश को महसुसहुआ के कैसे उसके दोस्त उसकी मासूम सी गर्लफ्रेंड की मासूमियत का फ़ायदा झड़ियों में लेजकर पिछले 4 दिन से उठे रहे थे जिसकापता उसे आज चला था। और ये सोच कर भी वो एक्साइटेड हो रहा था के अगर उसे आज अपनी कमीने दोस्तों शैतानी के बारे में पताचला ना होता तो उसकी नाज़ुक गर्लफ्रेंड के साथ आगे क्या होता। ये सब सोचते हुए आकाश ने भी अपनी भोली गर्लफ्रेंड को उस झड़ियोंमें बहुत मसला और उसके दोस्तों को भी उसकी गर्लफ्रेंड के बदन की नर्महट को अपनी हतोंसे महेसुस किया होगा ये सोच कर आकाश नेअपनी भोली गर्लफ्रेंड को उन झड़ियों में उसे बड़ी बेदर्दी मसला। और फिर ये कामुक आग इतनी दहक गई के आकाश ने कुछ ही दिनोंबाद श्रद्धा की कुंवारी गुलाबी चूत की सील अपने 8 इंच लंबे लंड से चीर दी। जब कुछ साल बाद श्रद्धा की समझ में गन्दी कामुक बातेंबढ़ीं तब आकाश उसके सामने आम वाले घटना को जानबूझ कर याद करता था तो श्रद्धा के गुलाबी गाल तो शर्म से लाल हो जाते थेजिसे देख आकाश को बड़ा मजा आता था। शादी के बाद भी अपनी बीवी को वो 'आम' वाली घटना पर बहुत चिढ़ाता था। उस कामुकआम वाले हादसे के बाद से ही अपनी बीवी के बदनको दूसरे मर्दोंके हटोंसे मसलते हुए आकाश का सपना बन गया है, है, उस कामुकसपने को उसने सचाई में उतारने की कोशिश नहीं की, क्योंकि उसके बाद वो फंतासी श्रद्धा के कुछ सालो बाद प्रेग्नेंट होने के बादआकाश के शैतानी दिमाग में किसी अंधेर कोने में ही रह गई जिसको वो कभी काबर मैन ही मैन फंतासी कर श्रद्धा को बड़ी बेदर्दीसे अपने8 इंच लंड से ठोका था। लेकिन अब श्रद्धा अपने ससुराल से दूर आकाश के साथ अकेली थी तो आज इस ट्रेन के सफर में उन कमीनेनिम्न वर्ग के मर्दों के सामने आकाश की अंधेरी कल्पना फिर जाग उठी, क्योके सफर शुरू होने से लेकर वो बदबुदार कीड़े उसकी बीवीका आंखो से बलात्कार करते हुए हुए आकाश ने तिरछी आँखों से कई बार देखा था, और अब उसकी बीवी से उन सड़क छाप मर्दों कोबोलना शुरू किया किआ देख आकाश के मन में ये जिज्ञासा जन्म ले बैठी के वे लो क्लास सड़क छाप कीड़े उसकी बोलबचन हाईक्लास बीवी के साथ क्या-क्या बातें करते हैं, उसके साथ फ्लर्ट करते हैं या नहीं, ये देखने के लिए आकाश ने फुल प्रूफ प्लान तैयार करदिया था, जिसको वो आगे अंजाम देने वाला था। लेकिन अपनी डार्क फंतासी का 50 फिसदी ही आकाश सोचना चाहता था क्योंकि50 फिसदी में वो लो क्लास एडमियांके गंदे हटोंसे अपनी बीवी को मसला हुआ देखने की वो कल्पना भी नहीं करना चाहता था लेकिनअपनी बीवी के कोमल बदनको उन लो क्लास के कीड़ों से मसलने वाली फैंटेसी जैसी ही एक पल के लिए आकाश के मन में आती तोउसका 9 इंच लंबा सांवला लंड तो टैंकर झटके मारने लगता था।)

आकाश ने कही बात को सुन्न ढोंडू अटकते हुए आकाश की ओर देख बोला, "वो sss साहब वैसा कुछ नहीं है, आप गलत सोच रहे हो।"

माँ श्रद्धा अपनी गोद में सो रही है अपने बच्चे के सरको सहेलते हुए हुवे धोंदु ने कही बातपर धोंदु की ओर हस्ते हुवे देख बोली, "अरे चाचामेरे पतिदेव तुम दोनों मजे कर रहे हो, मज़ाक कर रहे हो वो हाहाहा।"

(आकाश और श्रद्धा के खुले और मज़ाकिया स्वभाव का अंदाज़ा लगाकर फिर आगे मज़ाकिया बातों का सिलसिला ही पहले रहमानऔर फिर ढोंडूने शुरू किया। कुछ 15-20 मिनट तक ढोंडू और रहमान की आकाश और श्रद्धा से बाते हुवी जिस्मे बहुत सारे चुटकुले औरकुछ निजी बातचीत थी जैसा के आकाश को पता चला के धोंदु और रहमान नागपुर में किसी कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करने जा रहे हैं, और धोंदु की 3 से रहमान की 2 शदिया हुवी है। वैसे ही धोंडू और रहमान को भी बातो ही बातों में पता चला कि आकाश का नागपुर मेंट्रांसफर हुआ है, इस कारण आकाश और श्रद्धा नागपुर में बालगांव के ग्रामीण क्षेत्र में नए घर में शिफ्ट हो रहे हैं।)

रहमान और धोंडू की उसकी बीवी श्रद्धा से अपने सामने खुलकर चलराही बाते सूरज आकाश को भी अब याकिन होचुका था के अगरउसकी बीवी यहां अकेली बैठी होती तो ये सड़क छाप दोनों मर्द उसकी बीवी से फ्लर्ट कर रहे होते जैसे उसके कोच से सिर्फ 10 मिनट केलिए बहार जाने के बाद उसकी बीवी की ख़ूबसूरती की तारीफ करते हुए उन दोनों ने फ़्लर्ट किया था, तो आकाश इस जिज्ञासा में कामउत्तेजना से मारा गया था के ये सड़क छाप मर्द एक हाई क्लास औरत के साथ फ्लर्ट कैसे करते होंगे वो उसे लाइव सुनना चाहता था। तोआकाश चल पड़ा अपनी डार्क कामुक फंतासी की ओर और धोंडू और रहमान जो उसकी बीबी श्रद्धा के कामुक गोरे अंगोको बिच बीच मेंनज़र चुराकर देख रहे थे उनसे बातें करना बंदकर वो अपनी बीबी की ओर देख अपनी आँखों को एक हाथ से सहलाते हुवे बोला, "जानू , मुइहे नींद आ रही है।”

अपने पति की बात सूरज श्रद्धा अपने पति की ओर देख अपनी गोद में सोते हुए अपने बच्चे के सिर को सहलाते हुए बोली, "डार्लिंग, आपसोगए तो मुझे बोर होजाऊंगी।"

अपनी बीवी की बात सुन आकाश सामने बैठे धोंडू और रहमान की ओर देख बीवी से बोला, "जानू, ये दोनों है ना, अपनी मेमसाहब को येबोर नहीं होने देंगे।" ऐसा बोलने ही की देर थी के तभी आकाश की बात बिछमे काटकर रहमान श्रद्धा की नशीली आंखें जो पतिकी ओरथी उनको देख बोला, "साहब आप फिकर मत दीजिए हम मेमसाहब को बोर नहीं होने देंगे। आप जाकर सोजाई आराम से।" ऐसाबोलकर वो आकाश की या पीली बत्तीसी दिखते हुवे देखने लगा।

तभी आकाश रहमान की बात सुन रहमान की ओर मुस्कुराने लगा, जैसे के उसे जो सुनना था वो सुनलिया हो।

कुछ मिनट में अपनी बीवी से मीठी बातों के बाद आकाश अपनी बीवी के साथ जहां सीट पर बैठा था उस सीट से खड़ा हुआ और उसीसीट से लगी सीधी ऊपर एक और सीट थी वाहा जाती थी वाहा वो सामने गया और सीधी ऊपर चढ़ते हुवे अपनी बीवी की बराबर ऊपरवाली सीट पर जाकर अपना काला जैकेट उतारकर कंबल ओढ़कर सोने के ढोंग में गुम हो गया।

फिर होना क्या था, गोरे बदनवाली श्रद्धा को अपने प्यारे बच्चे के साथ अकेला पाकर ढोंडू और रहमान अपने हवास से भारी आंखों पर जोआकाश के रहते हुवे ताला लगाये हुवे थे उससे तले को खोलकर हम दोनों भूखे भेदिये की तरह श्रद्धा के कामुक बदनको ऊपर से नीचेतक घूरने लगे.

श्रद्धा खुले स्वभाव की थी तो वो ऐसी अपनी कामुक बदनकी ओर मर्दोंकी घूरती नजरोंको हमेशा अपनी खुबसूरती केलिए तारीफ हायसमझती थी. लेकिन अपने हाई क्लास सर्कल से बाहर आकर अब ऐसे वो निम्न वर्ग मर्दोंकी घुरति नजरोंसे मादक श्रद्धा का पहली बारसामना हो रहा था तो वो एक अलग सी काम उत्तेजना महसुस कर सक्ती थी.

अपने रसीले बदनकी ओर घूरती धोंडू और रहमान की नज़रोंको देख तब श्रद्धा सिर्फ अपनी रसीली गुलाबी होठों से मुस्कुराहट हीदेसकी।

श्रद्धाकी प्यारी मुस्कान देख रहमान और ढोंडू श्रद्धा के गोरे रसीले बदनको ऊपर से नीचे घूरना बंद कर श्रद्धा की नीली आँखों में देख वोदोनों अपनी पीली बत्तीसी दिखाते हुवे मुस्कुरा ने लगे, और तब रहमान धोंदुसे धीमी आवाज़मे बोला, “यार आज इस माल के साथ मस्तीकरने में बड़ा मजा आने वाला है, यह मस्त है पटाखे का गोरा लछिला जिस्म तो देखो, तौबा तौबा।" ऐसा बोलकर रहमान अपने हाफ पैंटसे जो उसके काले लंड ने पहर बनाया था उसे वो बिच बिच में श्रद्धा से आंख हंताकर मसलने लगा।

(तो यहां आपको एक बात समझनी होगी के रहमान औरतोंके मामले मैं बड़ा ही डेयरिंग बाज है और धोंडू तो बास बहती गंगा में हाथ धोनेमें ही यकीन करता है। मतलब साले ये दोनों सड़क छाप बदबुदार कीड़े औरतोंके मामले में हवा से भरे हुवे दरिन्दे है. 'वे दोनों विकृतहैं।'लेकिन इन दोनों के सामने एक गोरे बदनवाली हाई क्लास औरत थी, और पहली बार किसी मस्त बदनवाली औरतें खुलकर इन दोनोंसड़क छाप हवास से भरे मर्दों से बात करने की चाहत थी, जिसे वो अफसर जो पहले हम अपनी औकात के बहार की समझे वो जैसे वोडोनो के विकृत शैतानी दिमाग की सीमा में ही आचुकी थी, यही वो वजह थी जो साली वो कमीने डोनो सुवारोंको काम उत्तेयाना मेंउत्साहित होकर कर रही थी।)

श्रद्धा के कामुक बदनको देख धोंदु इतना कामुक होचुका था के उसकी लुंगी उसका लंड टेंट बना हुवे दिख रहा था जिसपर हाथ रख जैसेतैसे उसने अपने इरेक्शन को श्रद्धा से छुपाया रखा था, तब रहमान की बात पर ढोंडू श्रद्धा की नशीली आँखों में देख अपनी पीली बत्तीसीदिखते हुवे मुस्कुराते हुए रहमान से धीमी आवाज में बोला, "जो भी करना है जल्दी शुरू कर, मुझसे सबर नहीं होरहा।”"जो भी करना हैजल्दी शुरू कर, मुझसे साबर नहीं होरहा।'' अपने आधे उमर वाले दोस्त की बात सुन रहमान ने सामने सीट पर बैठी श्रद्धा की नशीलीआंखें देखी बड़े मज़ाकिया अंदाज़े में बात करना शुरू किया, "क्या मेमसाहब, हमारे होते हुए आपने साहब को ऐसा क्यों बोला आप'बोर' होजाएंगी अकेले?" रहमान की बात सुन श्रद्धा रहमान को देख मुस्कुराई और आगे कुछ रहमान को बोलने ही वाली थी के रहमानबिछमे झटसे बोला, "वो जाने दो मेमसाहब, साहब ने हमें जो काम दिया है वो हम करेंगे, हम आपको बोर नहीं होने देंगे।” तो मनोरंजनशुरू हो जाएगा मेमसाहब?”

रहमान ने कही बातपर नटखट श्रद्धा किसी महारानी की तरह एक हाथ से इशारा कर बोली, "जी शुरू किया जाए।" ऐसे बोलकर श्रद्धानेंअपनी हंसी को अपने मुहं पर ही दबा दिया और रहमान की ओर तक ताकी लगाते हुवे देखते हुवे अपनी गोद में सोये अपने बच्चे केसरको एक हाथसे सहेलने लगी.

सामने से नटखट श्रद्धा का किसी महारानी की तरह आया रिस्पॉन्स देख रहमान भी बड़े ताव में श्रद्धासे बोला, "तो महारानी साहिबाआपकी खातिरदारी में एक मजाक हाजिर है।" ऐसा बोलने के बाद उसे मजाकिया चुटकुले और मजेदार चुंबन, ऐसे अपने बड़बुदार मुंहबारिश की श्रद्धा हंसी-मजाक कर लटपट हो गई, रहमान को फॉलो करते हुए भी मजेदार किस्से शेयर किए। तो दूसरा और आकाश जोश्रद्धाके बराबर उपरी सीट पर साइन के बल लेते हुए हुवे कंबल ओढ़े हुवे सोने का नाटक कर रहा था उसे रहमान और धोंडू की बाते इतनीमजाकिया लग रही थी के सोनेका ढोंग करना अपनी हंसी रोके के चक्कर में उसे अब मुश्किल सा होने लगा था और उन धोंडू और रहमानकी श्रद्धा को हसने के लिए कहा गया था कि हुवी मजाकिया बटे सन यूज़ लैगने लगा था के उसे वो दोनों सड़क छाप मर्दों के बारे मेंगलत सोचा है के हम दोनों अपनी औकात से आगे बढ़कर उसकी हाई क्लास खूबसूरत बीवी से फ़्लर्ट कर रहे हैं खातिर है, तुमने अच्छासोचा वो सड़क छाप बंदरों के बारे में एक पल के लिए आकाश के दिमाग में आया, लेकिन जब कुछ मिनट बाद आकाश जो उसकीबीवी की उपरी सीट पर सिनेह केबल कंबल ओढ़े हुवे लेता था तब वो गहरी नींद में सोया है ये यकीन दिलाने के लिए आकाश ने जबधीमी खर्राटे लेना शुरू कर दिया, फिर जो हुआ उसे आकाश के तो होश ही उड़ गए।
Akash snoring, "ghrrrrr, ghrrrrrr, ghrrrr."



(निंद में सोये आकाश को खर्राटे लेता देख रहमान और धोंदु को अब लगने लग चुका था के आकाश अब गहरी निंद में है तो रहमान एकमजेदार किस्सा श्रद्धा को सुनाके हसने के बाद अपनी गर्दन अपने बगल में बैठे धोंदु की ओर कर उसने आंख मारी जिसने धोंदु को समाजआ गया के रहमान श्रद्धा के आगे कामुक मस्ती भरा मजा सारा करने वाला है जिसका धोंदु कबसे बेसबरी से इंतजार कर रहा था।)

ढोंडू को आंख मारने के बाद रहमान फिर से सामने श्रद्धा की ओर देखने लगा और फिर झटसे अपनी पीली बत्तीसी दिखते हुए बोला, "मेमसाहब, एक और जोक सुनो, बहुत मजेदार है।" रहमान की बात पर श्रद्धा खिलखिलाती हैं, उसी सीट पर बैठे रहमान से बोलीं, "हा, सुनाओना, हेहे।"



श्रद्धा की मस्ती भरी आवाज सुन रहमान श्रद्धा की साड़ी के पल्लू से उभारकर दिखती चुचियां को वो कामुक भारी नजरों से उसे एक पलके लिए देखा फिर वापस श्रद्धा की नशीली आंखों में देख बोला, "तो गौर से सुनिए मेमसाहब बड़ा ही मजेदार मजाक है। एक दिन एकफेरीवाला रस्ते आवाज लगाते हुए हुवे जा रहा था 'दूध की थाइली लेलो दूध की थाइली।'तब एक औरत उस फेरीवाले की आवाज़ सुनघर से बाहर आई और फेरीवाले को देख कर फिर घर के अंदर चली गई। तब उस औरत की सास ने उस औरत को पूछा, 'बहु दूध नहींलाया।' मेमसाहब तब उस सास की बहू ने क्या बोला पता है?”

रहमान की बात को सुन श्रद्धा मजेदार चुटकुले को पूरा सुनाने की उत्तेजना में उछलकर सामने बैठे रहमान से बोली, "हा बताव बताव क्याहुआ आगे।"



श्रद्धा की बात सुन्न रहमान फिर से श्रद्धा के साड़ी के पल्लू से उभारकर दिखते पैरों को खाने वाली नजरों से देखते हुए वो बेशर्मी से बोला, "मेमसाहब तब सास की बहू ने कहा के, 'मां जी, वो कमीना ब्रा बेच रहा था।" ऐसा कह कर उसे अपनी नजरें श्रद्धा की नशीले नजरों मेंकर उसे अपनी पीली बत्तीसी दिखायी।



(एक गंदा मजाक, जी हां यहीं है रहमान का श्रद्धा के सामने किया हुआ फैंसा के माध्यम से। तो इस पहले फेंके हुवे कामुक फंससेरहमान श्रद्धा के मज़ाकिया और खुले स्वभाव की गहराई जानना चाहता है, और वो अपने घिनौने खेल की एक एक लेवल बढ़ाते हैं वेअंदाज़ा लगाना चाहते हैं कि श्रद्धा इस कामुक खेल में किस हद तक आगे जा सकती है, लेकिन अभी जो पहला कामुक घिनौना वाररहमान ने किया था उसका रिएक्शन श्रद्धा क्या देगी? अपने घिनोने मजाक को श्रद्धा को बताने के बाद रहमान को ऐसा भी लग रहा थाकि उसने कोई जल्दीबाजी तो नहीं की? तो इस सवाल का उत्तर उसे जल्दी मिलने ही वाला था जो धोंडू और रहमान के कमुकअरमानोंको एक तो कुचल देगा या फिर और ज्यादा भड़का देगा।)


उस घिनौने चुटकुले के बाद कोच में कुछ सेकंड का सन्नाटा फेल गया, रहमान अपने घिनौने चुटकुले को श्रद्धा को बताने के बाद श्रद्धा केनाज़ुक चेहरे पर कोई भाव ना देख वो भी कुछ पल के लिए अपनी पीली बत्तीसी देखने के बाद अभिव्यक्तिहीन हुआ, और रहमान केबगल में बैठा धोंडू का भी वैसा ही हाल था या काहे उसे भी बुरा। और श्रद्धा के बराबर ऊपरी सीट पर सिनेह के बाल कंबल ओढ़े हुवे सोनेका नाटक कर रहा आकाश ने जब रहमान का घिनोना मजाक सुना तब पहला रिएक्शन आकाश का मन ही मन यहीं था के, "आगे सालेसड़क छाप कीड़े अपनी औकातपर।" याह मन ही मन बोलते हुए हुए आकाश ने अपने एक हाथ से अपने खड़े लंड को मसलना शुरूकिया, मतलब साफ था के आकाश रहमान ने जो घिनोना जोक किया जो औरतके स्टैनो से जुदा हुआ था उसको अपनी बीवी को बतातेहुवे सुन कर आकाश का काम उत्तेजित हुआ था और अपनी पत्नी व्रत स्वभाव को ये कहकर बहला रहा था के, "बस एक मजाक ही तोहै। इसे भी ज्यादा गंदी बाते में अपनी बीवी से कर चुका हूं।" जिहा इस बात से आकाश का एक और डार्क सीक्रेट पता चलता है जो हैअपनी बीवी से गंदी बातें करना जिसके आने वाले समय में आपको दर्शन होंगे।



तो अब दूसरे तरफ खुले स्वभाव वाली श्रद्धा रहमान के घिनौना मजाक जो औरत के स्तनों से जुदा हुआ था उसको सुन वो एक पल केलिए सहम गई या कहे एक सड़क छाप मर्द के मुहसे ऐसी गंदी बात सुन्न काम उत्तेजित हुई। लेकिन 5 सेकंड के साइलेंट को चिल्लानेवाली श्रद्धा के अंदर जो खुले स्वभाव वाली नटखट बची थी वो खिलखिलाकर उस गंदे जोक पर हंसने लगी, उस खुले स्वभाव वाली बच्चेको तो कोई लेना देना ही नहीं था के ये जोक कितना बुरा और गंदा है वो तो जी भरके हँसे जा रही थी, "हाहाहाहाहा।"श्रद्धा को गंदेचुटकुले पर हस्ते देख फिर क्या था, ढोंडू और रहमान तो जैसे कोई बड़ा युद्ध जीता हो वैसे हम श्रद्धा के थाहकोंके साथ अपने बदबुदारमुंह से किसी राक्षस की तरह हंसने लगे। और दूसरी ओर श्रद्धा का पति जो श्रद्धा के बराबर ऊपर वाले सीट पर साइन के बल कंबल ओढ़ेहुवे सोने का नाटक कर रहा था वह अपनी बीवी को उन लफंगोंके साथ उस गंदे चुटकुले पर हस्ता देख आकाश का पहला रिएक्शन थाके, "मुझे यह पता था , मेरी जान आम वाले हादसे के बाद भी तेरा बचपना नहीं जाएगा, मुझे पता था।”



कुछ 1 मिनट तक श्रद्धा पेट पकड़ कर रहमान के मजाक पर जल्दबाजी कर रही है, और फिर शांत होते हुवे वो अपनी गोद में अपना 6 महीने का बेबी जो अब उन तीनो के तहाकोंके करण जाग गया था उसके सर को एक हठसे सहेलने लगी फिर आगे रहमान की ओर देखबोली, "आप भी ना रहमान जी बड़े ही मज़ाकिया हैं आप, हस्स हस कर मेरा तो पेट दर्द करने लगा।"



श्रद्धा का रहमान के गंदे भद्दे मजाक पर जो रिएक्शन आया था वो रहमान और धोंडू केलीये जीत थी जो उन्हें और आगे बढ़ने के लिएउक्साह चुकी थी। उन दोनों को किसी तरह की तारिके से श्रद्धा जैसी खूबसूरत खूबसूरत गुलाबी बदनवाली हाई क्लास औरत के साथगंदी बातें करनी ही थी जो मजाक के माध्यम से ही क्यों ना हो, उन्हें अपनी औकात पता थी तो हम श्रद्धा जैसी हाई क्लास औरत के साथगंदी बातों से ज्यादा कुछ सोच नहीं पा रहे थे, उन्ह गंदी बातों में ही उन्हें कम आनंद की अनुभूति हो रही थी। लेकिन आगे ऐसा होने वालाथा के जैसे एक भिखारी को रास्ते पर 1 रुपये का नोट दिखे और उस नोट को उठाएं ही उसका उपयोग करें एक बेश किमती हीरा उस नोटके नीचे मिल जाए।



श्रद्धा की बात सुन रहमान कुछ कहने ही वाला था के धोंडू जो उसके बगल में सफेद मैली लुंगी में था वो झटसे श्रद्धा से बोला, “मेमसाहबअब मेरी बारी।”



धोंडू की बात सुन झटसे श्रद्धा अपनी एक हाथ की उंगली पति की ओर कर बोली, "शशशश, वैसे वाले जोक मत सुनाओ।"



श्रद्धा की बात सुन धोंदु तो झटसे चुप हो गया लेकिन रहमान को श्रद्धा की बात में उन दोनों को, धोंदु और रहमान के घिनोने कामुक खेलके लिए हरी झंडी दिखायी दे रहा था। क्योके श्रद्धा ने जो कहा वो उसके पति की ओर इशारा करते हुए कहा था, याने अगर उसका पतियहां मौजुद ना होता तो यकीनन श्रद्धा के साथ उन लोगों ने बहुत सारे गंदे चुटकुले बता दिए होते और कहीं ना कहीं श्रद्धा को हम कामउत्तेजना से गरम कर रहे होटे. तो फिर क्या, श्रद्धा ने कही बात के तुरंद बाद रहमान अपनी सीट से खड़ा हुआ और अपनी गर्दन से इशाराकरते हुए हुए श्रद्धा को कोच से बाहर चलने के लिए कहा जिसका जवाब श्रद्धा ने सारा हिलाकर दिवा।



आकाश जगा हुआ तो था लेकिन अपनी सीट पर वो सीने के बल आंखे बंद किये हुए थे जिसे करण उसे रहमान ने दिया था जो उसकीबीवी की ओर जो बाहर चलने का इशारा कर रहा था वो दिखा नहीं। रहमान ने किया हुआ श्रद्धाको इशारा ऐसा लग रहा था के रहमानकिसी सड़क छाप रंडी को कमरे में चलने का इशारा कर रहा हो।



जब श्रद्धा ने अपनी गोद में अपने बच्चे के साथ सहेलते हुए हुवे उन दोनों सड़क छाप मार्डन के साथ कोच से बहार जाने से इंकार कियातब रहमान ने बड़ा जुआ खेला और वो धोंडू के साथ कोच से बाहर जाती हुवे श्रद्धा जो अपनी सीट पर बैठी थी उसकी ओर देख बोला, "ठीक है मेमसाहब, हम गरीबों के साथ कौन हंसी मज़ाक करना चाहेगा।" ऐसा बोलकर रहमान धोंडू के साथ-साथ कुछ से बाहर चलागया।



कोच से बाहर निकलते ही ढोंडू झटसे रहमान से बोला, "अबे साले तूने सोचा भी कैसे के वो तेरे एक इशारे से हम दोनों के साथ बाहरआएंगे। उस साली कुटिया को अगर गंदे मजाक पसंद नहीं तो वही बैठ कर उसके गोरे बदन को देख कर तो मजे के लिए होते।”



सेकेंड क्लास डिब्बे के एग्जिट डोर के नजदीक जाकर, एग्जिट डोर खोल कर, खुले दरवाजे से आती हवा का मजा लेते हुवे रहमान धोंडूकी बात पर बोला, "देख भाई हम कब से उस अप्सरा के बदन को देख देख कर आंखे सीख रहे हैं, तो अब मुझसे कुछ एक्स्ट्रा मांगा हैबॉस, तो मैंने ये बड़ा दांव खेला है इसमें कामयाबी मिली तो सही नहीं तो फिर क्या कहा मुझे जाकर फिर से हमें अफसर के बदन का तोहमें नजरों से लूटना ही है। सच कहूं तो मुझे पहले से ही पता है के वो नहीं आने वाली, फिर भी हम दोनो के रात में मजे ही है।"

रहमान की बात पर धोंदु जो रहमान से सत्कार सेकेंड क्लास डिब्बे के खुले एग्जिट डोर के पास खड़ा था वो रहमान की ओर देख अपनीलुंगी के अंदर जो उसका लंड अब कोच से बाहर आते ही मुरझा चुका था वो हमारे लंड को मसलते हुए बोला, " देख भाई तेरी बात तोसही है, लेकिन मजा तो तब ही चला गया जब उस रंडी ने हम दोनों के गंदे जोक्स पर फूल स्टॉप लगा दिया, तो तू किस मजे की बात कररहा है।



रहमान अपनी नीली हाफ पैंट के ऊपर से अपना लंड मसलते हुए अपने चेहरे पर शैतानी मुस्कान लेकर अपने बगल में खड़े धोंडू की ओरदेख बोला, "अबे साले, जब वो अप्सरा घोड़े बेचकर सो जाएगी ना तब हम उसकी साड़ी के नीचे से उठाकर साड़ी के अंदरका मालदेखेंगे" ।" रहमान की इस बात पर धोंदु का मुरिहाया हुवा लंड एक बार फिर फटाक से टैंकर लुंगी से टेंट बनाए हुवे खड़ा हुवा जिसेमसलते हुवे धोंदु हस्ते हुवे बोला, "ये हुवी ना बात हेहे।



रहमान और धोंडू कोच के बाहर निकास द्वार पर बीड़ी फुकते हुवे इधर उधार की बात कर रहे थे उन्हें लग रहा था कि श्रद्धा तो अब नहींआएगी वाली बस अब श्रद्धा के रात में गहरी नींद में सोने का ही हम इंतजार कर रहे थे जी हा हम बस श्रद्धा को गहरी नींद में पाकर सारीजरा सी ऊपर कर मोबाइल की फ्लैश लाइट ऑन कर अंदर नंगी मंसल गोरी जांघ भी देखने मिल जाए उनके लिए बहुत था लेकिन उनदोनो की तकदीर कुछ और ही चाह रही थी, क्योकी दूसरी ओर भोली श्रद्धा को रहमान की जाती वागत किये हुवे ताने पर वो इमोशनलहो गई और अपनी गोद में सोते हुए बेटे शोर्या का सर सहेलते हुए वो मन ही मन बोली, "गरीब हुए तो क्या हुए हम भी तो इंसान हैं, क्यामैं इतनी गिरी हुई है बस कुछ बातें उन बेचारे गरीब लोगों से कर नहीं सकती उन्हें भी मजा आ रहा था और उन्हें भी.'' ऐसा सोचते हुए वोशौर्य को लेकर खड़ी हुई और अपनी ऊपर की सीट पर सोए आकाश को, जो सोने का ढोंग कर रहा था उसे उठाते हुवे बोली, "सुनियेजी, उठो।"



राधा की बात सुन आकाश सोकर उठे का नाटक कर सिनेह के बाल लेते हुए ही सारा घुमाकर अपनी गोरी बीवी को देखते हुए बोला, "क्या हुआ जान. श्रद्धा शोर्य को आकाश की ओर दोनों हाथों से लेजा कर बोली, "जरा मेरे लाल" को संभालो मैं बहार घुमके आती हूँ।”



श्रद्धा की बात सुन आकाश चौकन्ना होगया उसे अंदाज लगा लिया के उसकी बीवी उन निम्न वर्ग के लोगों के पास जा रही है क्योंकि वोअगर घूमने जाती है शौर्य को लेके जाती जैसा वो कर नहीं रही थी, फिर भी उसे उसके दिमाग में चल राही बातों पर विश्वास नहीं हो रहाथा वो दूसरी ओर सोच रहा था के, "वो घुमने ही तो जा रही होगी, मैं भी ना कुछ सोचता रहता हूँ।"ऐसा सोचते सोचते आकाश अपनीसीट पर उठ कर बैठ गया और शौर्य को अपने डोनो हाथों से गोद में ले लिया, जैसे ही आकाश ने बच्चे को अपनी गोद में लिया श्रद्धा कोच से बहार गई, पता नहीं श्रद्धा के दिमाग में चल क्या रहा था।



दूसरी ओर ट्रेन के निकास द्वार पर आमने सामने खड़े रहमान और धोंडू आई रात का प्लान कर रहे थे के तभी धोंडू जिस तरह खड़ा था उसेसामने से श्रद्धा उनकी ओर आती दिखी जिसे देख धोंडू हकलते हुवे उत्साहित होकर बोला, 'अब बेब अबे यार वो वो।'



ढोंडू की हकलाती जबान को सुनते हुए वो धोंडू की नैनों को फॉलो करते हुए बोला, "अबे क्या हुआ, बहुत देख लिया क्या?" और तभीरहमान की नजर श्रद्धा पर गिरी और वो भी एक्साइटेड हुवा और बोला, "मां की आंख मेरा निशाना तो लगता है सही जगह पर जाके लगाहै।”



श्रद्धा की हर लय में चलते हुवे उसके कामुक अंग जैसे के मोती जंघे, दूध से भरी चुचियां एक कामुक अंदाज़ में हिल रही थी, और चलतेवगत पायल की छम छम भी उन डोनो लो क्लास कीड़े याने रहमान और धोंडू को हवस में पागल कर रही थी, श्रद्धा उनकी ओर जैसे उनकेनजदिक आ राही थी उसके मोगरे के इत्र की खुशबू भी उन हवस के पुजारियों के पास आ राही थी जिसको सुंघ कर हम उत्तेजित हो रहेथे।



श्रद्धा चलते चलते अपनी गांड की फाँके मटकते हुवे वो दोनो रहमान और धोंडू के पास पाहुंची जो उसे चौंका दिया, लेकिन कामुकअंदाज़ में देख रहे थे उनको नजरे जो उसके कामुक बदन पर थी उनको अपनी हठसे चुटकी बजाते हुवे वो बोली, "हैरान हो गए ना तुमलोग, तुम लोगों को क्या लगाओगे" नहीं आउंगी सही कहा ना?”



तभी रहमान पहले होश में आया और अपने आप को संभालते हुए बोला, "मेमसाब हमें तो लगा था के हम गरीबों का साथ आपको बहानहीं पाएगा, लेकिन यहां आकर आपने हमारी सोच को बदल दिया है।



दूसरे ओर आकाश सोने के ढोंग में सचमुच का अपने बच्चे को बगल में सुलहकर खुद सोचुका था।

रात के 1 बजे.

आकाश किसी की आवाज से जग गया, वो आवाज कुछ ऐसी थी, "puch muuuuuuuuuhhhh muuhh”जैसे कोई कुछ चूस रहाहो लेकिन वह आवाज को इग्नोर कर फिर से सो गया.



सुबह के 5 बजे.

ट्रेन के हॉर्न के साथ आकाश की नींद खुली और जैसे ही वो उठ खड़ा हुआ उसे कामुक सुगंध उसके नाक में आ गई और उसे अपनी नजरके साथ अपनी बीवी की ओर दौड़ाया जो अभी भी सो रही थी जिसे देख एक पल के लिए वो चौंक गया क्योंकि उसकी बीवी का कंबलसब कवर कर रहा था बस एक पाव मोड़कर बाहर नंगी जांघ के साथ आकाश ने वो देखा जिसकी वो कल्पना भी नहीं कर सकतीक्योंकि उसकी बीवी की पैंटी घुटनो तक नीचे हुई उसे दिखे और झटके उसके सामने धोंडू और रहमान को सोया देखा तो उसे राहत मिलीऔर उसने अपनी बीवी को आवाज देकर उठाया और अपने आप को ठीक करने को कहा, आकाश को लग रहा था कि उसकी बीवी रातमें मास्टरबेशन की होगी और पैंटी ऊपर लेना भूल गई होगी ऐसा उसे लग रहा था लेकिन यहां मांजरा कुछ अलग था जो आप आगेजानोगे।



निंद से जागते ही श्रद्धा अपने पति को पता नहीं क्यों अपना हुलिया दिखाये बिना मेकअप लेकर फ्रेश होने के लिए बाथरूम गे और शुद्ध30 मिनट के बाद वापस कोच में आ गई, और अपने पति के बगल में निचली सीट पर अपने बेटे शौर्य को गोद में लेकर वो बैठ गई गई, और मज़ाकिया अंदाज़ में शौर्य को सामने ढोंडू और रहमान जो किसी बात पर धीमी आवाज में बात कर रहे थे उन्हें ओर इशारा कर वोबोली, "बेटा देख दोनों चाचा बहुत बुरे हैं, तेरी मां को बहुत परेशान किया है इन्होने।"



तभी श्रद्धा की बात पर रहमान अपने कान पकड़ कर सॉरी बोलते हुए हमें मजाकिया सुर में श्रद्धा के बच्चे को देखते हुए बोला, "बेटा तेरीमां इतनी मस्त है के उन्हें परेशान करने में मजा आता है।" ऐसी ही मज़ाकिया बातें सिल सिला शुरू हुवा श्रद्धा और उन निम्न वर्ग के लोगोंमें।



दुसरी ओर आकाश क्लूलेस था के बाटे हो किस बात पर राही है ये वो सोच ही रहा था के नागपुर स्टेशन आ गया, और श्रद्धा शौर्य कोगोदी में उठाकर खादी हुवी और रहमान और धोंडू ने उन्हें समान ट्रेन से उतरने में मदद की फिर उन डोनोंको अलविदा कर हम वापस ट्रेन मेंचढ़ते हुए दोनों आकाश और श्रद्धा को अलविदा कहते हैं। श्रद्धा ट्रेन से उतरते वक्त कुछ लंगड़ा सी रही थी जिसपर उसे पति को ये बोलाके उसकी एधि लचक गई थी।



ट्रेन से उतरते ही तभी श्रद्धा लंगड़ाते हुवे अपने पर्स लेने शोर्या को लेकर झुकी तो उसका पल्लू उसे सम्भल ना सका तो वो आला जमीनपरतो नहीं पर जो हाथ शोर्या को कमर पर पकड़े हुवे था उसपर वो जा अटका, पर उसका ब्लौस जिसका 34 साइज़ चुचिया उभारकर दिखरही थी उन्हें छुपा ना साकी जिसपर आकाश की नजर जैसे ही गिरी वो चौंक गए, क्योंकि बड़े गले वाले नीले वी शेप ब्लूज़ से अलादीनकी गुफा खुली और गोरे गुलाबी आम निपल के साथ उसे दिक इन्हें देख वो चौंक गए नहीं हुवा बलके बिना ब्रा के श्रद्धा के चुचियो परलाल लाल निशान उसे दिखे जिन्हे देख उसे समझ आचुका था के ट्रेन में कुछो उसकी बीवी के साथ कांड हुआ है वे सोच कर ही उसकीडार्क फैंटेसी जाग उठी और बोली, "आकाश याने वो रात में आई आवाज तुम्हारी बीवी के साथ हुवे कांड की आवाज थी?, याने धोंडूऔर रहमान ने तेरी बीवी का दूध पिया?" ये सोच कर वो एक पल के लिए घुसा हुआ लेकिन आला वाला पापुउ याने उसका लंड खड़ाकुछ और ही बोल रहा था, आकाश को अब उस रात क्या हुआ ये जाने की लालासा हमसे पैदा हुई, अब उससे अंदाज़ा लग चुका था केउन दो नाली के कीड़ों ने और श्रद्धा में किस बात पर मजाक किया हो रही थी.

रविवार का दिन सुबह के 6 बजे ।

जबसे ट्रेन से श्रद्धा और आकाश उतरे थे तबसे उन दिनों में बाते ही नहीं होरही थी बाल्के श्रद्धा तो कोशिश कर रही थी आकाश से बातकरने लेकिन बस वो अकेली ही बोलती रहती थी और आकाश चुप चाप था टैक्सी से नए घर तक पहुंचने तक, तो श्रद्धा को कुछ समझनहीं आ रहा था के उसका प्यार उससे बात क्यों नहीं कर रहा।



नए घर में याने सरकारी मकान में आते ही श्रद्धा ने घरकी कमान संभाली और उस घर में जो नौकर काम करते थे उन्हें यहां वहां काम परलगाया, पूजा पाठ हुआ तब जाकर श्रद्धा ने आकाश के उसके साथ बात क्यों नहीं कर रही ये जाने का फैसला किया.



( मकान बहुत ही आलीशान है, दो मंजिलें 6 बेडरूम वाला बड़ा सरकारी मकान है जो आकाश की तलाती की पोस्ट ने उसे दिया, घरपरसरकारी नौकरी भी है जैसे के पौधोंको पानी देने वाली माली, और सुरक्षा के लिए चौकीदार, और बचे संभालने वाली एक पुरानी महिलाभी है बाकि अस्थायी नौकर भी जो नये आये सरकारी अधिकारी याने आकाश के नये सरकारी घर को साफ सफाई करने आये हैं। )



दोपहर के 2 बजे ।

श्रद्धा नहाकर काले लाल नकाशी वाले पटले गाउन में बहार आई जहां आकाश बिस्तर पर लेता था, बिस्तर के सामने आईना था उसकेसामने खड़े होकर अपने गिले बाल सवारते हुवे वो अपने पति की ओर अपने पति की ओर से देख बोली, "जान क्या बात है, कबसे आपमुझसे बात ही नहीं कर रहे, मैं अकेला ही खराब होता हूं।"



तभी छुपी तोड़ते हुए आकाश सामने आने के सामने खड़ी अपनी बीवी को देख बोला, "तुम रोजकी तरह मेरे सामने नहाकर नंगी आती थी, या तौलिया में आती थी, आज क्या हुआ ? आज क्यों नहीं वैसी आई ? "

आकाश की बात पर श्रद्धा की बोलती बंद हुई, कहती भी क्या उसके नए प्रेमियो ने जो विभास्ट निशान उसके गोरे बदन पर छोरे थे क्यावो दिखायेगी अपने पति को, इस कारण वो रुक रुक कर बोली, "वो वो आज ऐसे ही, वो एलर्जी" , "वो कुछ बोल पति उसका पतियानि आकाश बिस्तर से खड़ा हुआ और श्रद्धा के पीछे आ गया और एक झटके से अपनी पत्नी को पीछे से अपनी बाहों में लिया तबश्रद्धा को उसके गद्देदार गांड की फैनकॉन के बीच उसके पति का खड़ा 8 इंच लंड महेसुस हो रहा था जिसे महेसस कर उसे समझ आचुका था के उसका पति उत्तेजित है किसी बात से। ये वो सोच ही रही थी के आकाश जो हाफ सफेद नीली पैंट और सफेद बनियान में थाउसे श्रद्धा के मैक्सी से उभारकर दिखते चुचियों पर हाथ रखा और झटसे श्रद्धा का मैक्सी सामने सीने से बटन तोड़ते हुवे मैक्सी उम्र सेपहले चुचिया पूरी दिख ना जाए उस्ताक फाड़ दिया जो अब एक काले ब्रा में आकाश को आने से दिख रही थी जिंहपर अभी भी लाललाल दांत से काटने के निशान थे उन्हें दिखाते हुए उसे श्रद्धा ने जो कुछ इतना जल्दी हुआ उसे झटका दिया था उससे पूछा, "रानी साहेबाये क्या है जरा बता" हो सकता है आप, अब ये मत बोलना के ये सब शौर्य ने किया है।”ऐसा बोलते हुवे उसे ब्रा को भी नीचे सरकाया, अब तो आकाश के सामने पूरा मांजरा ही साफ था कियोके गोरे गुलाबी निपल पूरे लाल सुजे हुवे थे जो सिर्फ दांत से काटने और चबानेसे ही होते हैं।



आकाश अपनी बीवी के स्तनों दोनों हाथों से जोर से दबाने लगा लेकिन दूध की सिर्फ कुछ बूंदे ही बहार निकली जिसको देख आकाशश्रद्धा जो शर्म से लाल उसकी नजर झुकी हुई कुछ बोल ही नहीं रही थी बल्के उसका पति जो उसके पहले से दर्द कर रहे चुची दबा रहावह उसका दर्द भरी सिस्कारिया निकल रही थी, "अहह्ह्ह्हह ऊऊ जी अह्ह्ह्ह।"



इतना जोर से दबाने के बावजूद कि दूध की बूंदे से बाहर आता देख आकाश ने फिर से श्रद्धा को ताना मारा, "साली रंडी, सब दूध उनदोनों को पिलाया तूने।" ऐसा बोलकर उसे श्रद्धा को गोद में उठाया और पीछे बिस्तर पर फेंक दिया और खुद श्रद्धा पर ऊपर से लेट गयाऔर फिर अपनी बीवी के दूध जो कि पूरे खुले थे आगे सीने से फटा हुआ गाउन 34 साइज के कटने से लाल लाल हो चुके दूध दिखायीदे रहे थे उन्हें देख आकाश उनको दोनों हाथों से मसलने लगा, अपने मुंह में सही चुची लेकर चुस्ते हुए हुवे वो श्रद्धा से बोला, "ऐसा हीचूसा था ना उन कीड़ों ने और," फिर आकाश ने श्रद्धा के पहले से ही दुख रहे निपल को दांत से काटा हुवे बोला, "ऐसा ही काटा था ना उनदोनों ने?"



अब तक श्रद्धा को समझ आ चूका था कि उसका पति ट्रेन में उसके साथ उन दरिंदों ने क्या किया इसी बात पर उसका पति उत्तेजित है, अगर दूसरा कोई आदमी होता तो उसे ट्रेन के कांड पर तलाक देता लेकिन यहां तो उल्टा था तो इसी तरह। का फ़ायदा उथकर श्रद्धा नेअपने पति को गुस्सा किये बिना सदुसे करना ही सही समझा, क्योके अब वो क्या कहती के कैसे उन दरिंदो ने उससे फ़साया और क्याकुछ नहीं किया उसके साथ।



श्रद्धा ने अपने ऊपर लेते हुए अपने पति जो उसके पहले से दर्द करते हुए स्तन चूसे और काट रहा था उसके सर को सहेलते हुए वो प्यार सेअपने पति से बोली, "आपको जानना है ना कि हमें ट्रेन में रात में क्या हुआ?"



श्रद्धा की बात पर आकाश उत्साहित है, लेकिन उसे भी शर्म आ रही थी उसकी डार्क फैंटेसी को अपनी पत्नी के साथ शेयर करने से तो वोरुक रुक के उसका मुंह सिर्फ हिल रहा था लेकिन आवाज जैसी तैसे निकल रही थी, "हा वो आह्ह वूऊ अम्म्म ।"



श्रद्धा अपने पति के सर के बाल पकड़ कर अपने सर को अपनी चुचियों से अलग कर वो बोली, "मुझे सब पता है मेरे पत्नी व्रत पति देवजी।" श्रद्धा को रेंज हातो पकड़ ने के बाद भी श्रद्धा की ये हिम्मत देख आकाश हैरान हुआ और वो उथकर श्रद्धा की जंघों पर बैठ गयाऔर सवाल भारी नजरों से वो अपनी पत्नी को देखते हुए बोला, "क्या तुम्हें क्या पता है?"



श्रद्धा अपने पति के हाफ नीले बरमूडा से दिख रहे लंड के टेंट को अपने एक हाथ से मसलते हुए बोलीं, "उस आम के घटना के बाद से हीमुझे पता है आपकी गंदी वाली फंतासी के बारे में, कैसे आपने आजतक जानबूझ कर कोई ना किसी बहाने उस घटना को मेरे सामनेलाकर बहुत आप ने मुझे छेड़ा, मुझे मसला, मुझे मन भरकर चोदा, अब भी आप वैसे ही इस ट्रेन वाले हादसे से मुझसे खेलेंगे, और आपव्यभिचारी हैं ये बात पर मुहर एक बात ने लगाई वो है आपके लैपटॉप के ब्राउज़र का इतिहास जिसका," श्रद्धा आगे कुछ बोल पातीआकाश ने बीच में उससे रोका।

आकाश को झटका सा लगाया जैसा ही श्रद्धा ने लैपटॉप के ब्राउज़र की हिस्ट्री की बात की क्योंकि उसकी बहुत गंदे वाले सर्च किये थेयाने जैसे के हॉट वाइफ गैंग बैंग, हॉट वाइफ बीबीसी, हॉट वाइफ शेयरिंग और इसे भी गंदे वाले सर्च उसने किये थे तो वो धीमी आवाजमें अपनी पत्नी की बात बीच में काटते हुए बोला, "मैं जानना नहीं चाहता," ऐसा बोलकर आकाश अपने खड़े 8 इंच लम्बे लंड को एकहाथ से बरमूडा के ऊपर से एडजस्ट करते हुए हुवे श्रद्धा के बगल में लंड गया और तभी श्रद्धा उठ बैठी क्योंकि वो भी अब अपने पति केऐसे उन डोनो घिनोने निम्न वर्ग के लोगों के नाम से उसकी चूचियां काटने और चूसने के कारण पता नहीं क्यों वो गरम हो चुकी थी तो वोउसके बगल में लेट गई पति के ऊपर लेट गई और अपने लाल गुलाबी होंथ पर भी कुछ लाल निशान थे उनको अपने पतिके होठों सेभिड़ाया और देखते ही देखते कमरे का माहोल काम वासना में उत्तेजित होगया क्योंकि दोनों प्रेमी जोड़े में कामुक चुम्बन शुरू हुआ, दोनोंएक दूसरे के होंठ और जिभ चूस रहे थे, श्रद्धा तो इतनी उत्तेजित हो रही थी के अपने पति के होंथ वो बिच बिच में कांट रही थी जिसकेदर्द से आकाश कामुक सिसकारियां ले रहा था, उन कामुक सिसकारियों की दूसरी वजह थी श्रद्धा का दया हाथ जो आकाश के बरमूडाके अंदर जाकर सवाल 8 इंच लम्बा लंड मसल और हिला रहा था और आकाश के भी हाथ कम नहीं थे हम तो श्रद्धा की गांड की फांकेमसल रहे थे.



कुछ 10 मिनट का चुम्बन था जिसे श्रद्धा ने पहले तोड़ा और अपना हाथ बरमूडा के अंदर से बाहर निकाला पर आकाश को और श्रद्धा केगुलाबी मुँह को चूसना था, उसकी गद्देदार गांड को मसलना था तो वो उसे दूसरे हाथ से श्रद्धा के सर को अपनी ओर लिया, लेकिन तभीश्रद्धा ने अपने पति को छोटी बच्ची की तरह कहा, "बाबू मुझे लस्सी पीनी है," और बारमूडा से दिखते खड़े लंड के टेंट पर इशारा किया।



श्रद्धा को रोकी तरह बेडरूम में छोटी बच्ची की तरह बात करता देख आकाश भी रंग में आया, श्रद्धा ने दूसरी ओर आकाश की अंडरवियरसहित निकाली जिसमें आकाश ने भी उसकी मदद की, फिर क्या था श्रद्धा आकाश की टैंगो के बीच आ गई और आगे झुक कर लंड कोएक हाथ से पकड़ा ही था कि लंड से प्रीकम निकलाने लगा, जिसे देख बिना झटोंवाले लंड के प्रीकम को सुनने लगी और ऊपर आकाशकी ओर देखते हुए उठे उसे झटके मारते लंड के बराबर 1 इंच ऊपर जिभ मुंह से बाहर निकल कर आकाश को सिड्यूस करने लगी तब भीजो उसके 34 साइज के चुची जो खड़े थे, आकाश के जांघों से दबे थे वे श्रद्धा ने दोनों हाथों से पकड़े और आकाश के लंड को अपनेदोनों चुचियों के बीच खाई में लिया और उसके ऊपर बड़े लंड को चुचियों से मसलते हुए हिलाने लगी, और लंड के टिप को मुँह में भरकरप्रीकम को चूसना और जीभ से चाटना लगी। अपनी नजरों के सामने का खूबसूरत नजारा देख आकाश को मजा आ रहा था क्योंकिसामने उसकी जान और डार्क फंतासी डोनो थी क्योकी सामने उसकी बीवी जिसकी चुची उन घिनोने लो क्लास मर्दों ने कांटे और चूसे थेउनके निशान और उसका लंड लाल गुलाबी गोरे गरम चूचियों से पिस रहे उसके नजरों के सामने थे और गले में लटकता उसके नाम कामंगलसूत्र तो और भी उसका कामुक नजारा को चार चांद लगा रहा था.



तभी आहे सिस्कारिया लेते हुवे आकाश बोला, "अब तड़पाओ मत, बता भी दो अब क्या हुवा उस रात?"



श्रद्धा अपने पति की गुहार सुन्न कामुक लहज़े में अपने पति के लंड की चंबडी काँट दी, जिसने आकाश की कामुक आहे निकली, "आहश्श्श।" फ़िर आख़िर में श्रद्धा ने लंड की चम्बादी अपने दांत से चोरी और अपने पति का लंड आनी चुचियों से मसलते हुए वो बोली, "बड़ेबेशरम होकर पूछ रहे हो।”



आकाश भी अपनी मुचोंको ताव मारते हुए हुए श्रद्धा के बाल एक हाथ से पकड़े और उसने श्रद्धा को अपने ऊपर आमने सामने लाकरबोला, "अब बीवी ही इतनी बेशर्म हो तो पति को भी बेशर्म होना पड़ता है," ऐसा बोलकर जोरदार थप्पड़ अपनी बीवी का इस्तेमाल करेंके गांड की फैनकॉन पर मारा, "थप," फिर कुछ सेकंड के लिए श्रद्धा की 32 साइज़ की गांड की फाँके जेली की तरह हिली, और श्रद्धाकी दर्द भरी आह निकली, "आह्ह्ह आउच।"



श्रद्धा अपने पति को उसकी मनपसंद हरकतें देख वो एक पल के लिए दर्द से झाला उठी और दूसरी तारा श्रद्धा आहे भरते हुवे अपने पतिकी गरम सासों को अपने होठों पर भरते हुए वो बोली, "क्या आप सुन पाओगे के कैसे उन लोगो ने मेरे साथ क्या क्या गंदी हरकत की,'' ऐसा बोलकर उसे अपना निकला होंथ भावुक अंदाज में अपने दांत में लिया और अपने पति की आंखों में तक ताकी लगाई हुवे देखनेलगी।



श्रद्धा की गांड की गोरी फांके मसलते हुवे उत्साहित होकर वो बोला, "हा, लेकिन तुम्हें कुछ अजीब नहीं लग रहा?" श्रद्धा अपने पति कीआँखों में आँखे डाल बोली, "क्या?"



आकाश श्रद्धा की गांड की फाँके मसलना चोर वो आगे श्रद्धा की नीली आँखों में देख बोला, "याही के मुझे तुम्हे दूसरे मर्दों की बाहों मेंपाकर मैं उत्तेजित होता हूँ।" तभी श्रद्धा कामुक अंदाज अपने पति की आंखों में देख बोली, "सच कहूं तो जानू में भी उत्साहित होती हूं जबआप दूसरे मर्दोंका नाम लेकर मुझे चोदते हो मसलते हो, पता नहीं कैसे पर आपने मुझे बिगाड़ा है, पहले आम वाले घटना से आप चेड़तेएबीबी इस वाले घटना से आप और भी मुझसे छेड़ोगे, जिसकी आपकी ऐसी हरकतें सच कहूं तो मुझे पता नहीं क्यों गरम होती हूं।"

श्रद्धा की बात सुन उसे अपने रंग में रंगा हुवा देख उसे श्रद्धा को और कास्कर अपने ऊपर लिया जिसे श्रद्धा के चुची उसके सीने से दब गएजो नंगे पहले नीचे झूल रहे थे तब आकाश श्रद्धा के होठों पर एक स्मूच देकर मजाकिया अंदाज में बोला, "अच्छा" तो मैंने आपकोबिगाड़ा?, उल्टा चोर कोतवाल को दान ते, वो जाने दो पर मुझे ये मेरी फंतासी अपनी तक ही रखनी थी, मैंने तुम्हें फंतासी में किसी रिश्तेमें लगाया या किसी बड़े राजनीतिकरण याने हाई क्लास लोगों की बाहों में कल्पना करो करता था लेकिन मैंने कभी नहीं सोचा के तुम्हारागोरा बदन किन्ही सड़क छाप लोगों के हाथ लगेगा ये मैंने सोचा भी नहीं था सपने में भी, इसलिए वो सड़क छाप कीड़े और तुम पर मुझेगुस्सा होना चाहिए पर मुझ पर गुस्सा हो नहीं पा रहा उल्टा मैं उस रात क्या हुआ ये सोच कर पागल सा काम उत्तेजित हो रहा है, लग रहाहै मुझे अपने आप को डॉक्टर के पास जाना चाहिए।



श्रद्धा अपने पति के गाल और गले पर चुंबन की बरसात करती हुई बोली, "मुहहह मुहहह मुहह आप अपने आप को पागल मत बोलो जी, कोई डॉक्टर की ज़रूरत नहीं, दुनिया में कुलटा पति की कमी नहीं है उसमें से एक आप हो तो कोई बड़ी बात नहीं है जी, रही बात लोक्लास लोगों की तो मैंने आपको सर्च किया ये भी देखा है के आप नौकर मल्किन की चुदाई, ड्राइवर और मालकिन ऐसी गंदी गंदी बहुतसारी कहानियाँ भी पढ़ती हैं तो आपका दिमाग इसी वजह से काम उत्तेजित हो रहा है अपनी बीवी को निम्न वर्ग के लोगों की बाहों मेंपाकर जिसका कोई अब इलाज नहीं बलके इसका मजा लेना ही एक मात्र इसका इलाज है समाज गए मेरे भोंदू राम जी।”



आकाश अपनी बीवी के सारे उसके गाल और गर्दन पर चुंबन की बारिश करते हुए, कहीं समाजदारी भरी बात पर उसे अपनी बीवी कीगद्दार गांड की फैनके दोनों हाथों से मसलते हुए वो अपनी बीवी की नीली आंखों में देख वो काम उत्तेजित होकर बोला, "सही कहा" तुमनेजान, उन गंदी कहानियों की वजह से ही इन लो क्लास लोगों की बाहों में तुम्हें इमेजिन कर मेरा लंड खड़ा हो रहा है, वैसे काई बार तुमसेमेरी गंदी फंतासी शेयर करने की कोशिश की लेकिन तुम गुस्सा हो जाओगी इसलिए मैंने वो बटे छुपाई और अपनी तक ही राखी, परअब सारी परछिया मेरी गंदी वाली फैंटेसी के बारे में तुम्हारे आगे खुली है तो क्या तुम मेरे रंग में रंगना चाहोगी जान ?" और वो तक तकीलगाते हुवे उसके ऊपर अपने सीने से चिपकी बीवी की नीली आँखों में वो देखने लगा।



अपने पति ने प्यार से कही बात पर श्रद्धा खुश हुई और आकाश की गोटियों की थैली मसलते हुवे मजाकिया लहजे में बोली, "देखाबोला था ना आप मुझे बिगाड़ रहे हैं।" इसी बात पर आकाश नाराज हो गया और श्रद्धा की नजरों से दूसरी तरफ देखने लगा तब अपनेपति को रुठा देख श्रद्धा हंसते हुए बोली, "हेहे माई तो मजाक कर रही थी जी, आप तो रूठ गए, मैं तो कबी आपके रंग में रंग चुकी हूं. जी,”



आकाश ने जैसे ही श्रद्धा को इस्तेमाल किया, उसकी बात स्वीकार की, हुवे उसकी बातें सुनी तो वो खिल उठा और वो मजाकिया लहजेमें बोला, "तो शुरू किया जाये मजा डॉक्टर साहिबा?"



एशिया बोलकर उसे अपनी बीवी के सर को नीचे एक हाथ से ढकेला जिसकी उसकी बीवी का सार उसके खड़े लंड के ऊपर गया तबआकाश फिर से बोला, "जान पहले जैसे मेरे लंड की मालिश करो अपनी चुचियों से और बताओ। उस रात क्या हुआ।"



आकाश ने जैसा कहा वैसे ही श्रद्धा ने किया पहले जैसा उसे आकाश का सवाल बिना झटोंवाला लंड अपने दोनों गोरी गुलाबी चुचियों केबीच खाई में लिया था और दोनों हाथों से चुचिया दबायी थी वैसे ही लेकर वो लंड को अपनी लड़कियों से ऊपर की लय में मसलता है नेहिलाने लगी और कामुक अंदाज में अपने गुलाबी ऊपरी होठों के ऊपर से जिभ घुमाते हुए चटाते हुए अपने पति को कामुक अंदाज मेंदिखा कर आगे बोली, "तो सुनो उस रात ट्रेन में क्या हुआ।"



श्रद्धा अपने पति का लंड अपनी चुचियों के बीच लेकर मसलते हिलाते हुए ट्रेन का रात का मामला बताना शुरू करती है।

(shradha telling train incident.)



फ्लैश बैक शनिवार का दिन रात के 9 बजे। दूसरी ओर ट्रेन के निकास द्वार पर आमने सामने खड़े रहमान और धोंडू आज रात का प्लानकर रहे थे के तबी धोंदु जिस तरह खड़ा था उसे सामने श्रद्धा उनकी ओर आती दिखी जिसे देख धोंदु हकलाते हुवे उत्साहित होकर बोला, "अब बेब अबे यार वो वो ।"



धोंदु की हकलाती जबान को सुनते हुए वो धोंदु की नजरों को फॉलो करते हुए बोला, "अबे क्या हुआ, बहुत देख लिया क्या?" और तभीरहमान की नजर श्रद्धा पर गिरी और वो भी उत्साहित हुआ और बोला, "मां की आंख मेरा निशाना तो लगता है सही जगह पर जाके लगाहै।"



श्रद्धा की हर लय में चलते हुए उसके कामुक अंग जैसे के मोती जांघे, दूध से भरी चुचियां एक कामुक अंदाज में हिल रही थी, और चलतेवगत पायल की चाम चाम भी उन डोनो लो क्लास किडे याने रहमान और धोंडू को हवस में पागल कर रही थी, श्रद्धा उनकी ओर जैसेउनके नजदिक आराही थी उसके मोगरे के इत्र की खुशबू भी उन हवस के पुजारियों के पास आ रही थी जिसे सुन कर हम उत्साहित हो रहेथे, और श्रद्धा ने जो नाभि के नीचे सारी पहानी थी तो उसके नंगे पेट और नाभि को साड़ी के खुली साइड से देख कर तो हम दोनों हवस सेऔर भी ज्यादा उत्साहित हो रहे थे.



श्रद्धा चलते-चलते अपनी गांड की फाँके मटकते हुवे वो डोनो रहमान और धोंडू के पास पौंछी जो उसे हैरान होकर भावुक अंदाज़ में देखरहे थे जो उसकी आँखें जो उसके कामुक बदन पर थी उन्हें अपने हाथ से चुटकी बजाते हुवे उन्हें होश में लाते हुवे वो बोली, " चौंक गएहोंगे ना तुम लोग, तुम लोगों को क्या लगाओगे मैं नहीं आऊंगी सही कहा ना?"



तभी रहमन पहले होश में आया और अपने आप को संभालते हुए बोला, "मेमसाब हमें तो लगा था के हम गरीबों का साथ नहीं देंगे, लेकिन यहां आकर आपने हमारी सोच बदल दिया है।"



श्रद्धा का पल्लू निकास द्वार जो खुला था वहां से आती तेज हवा से उसका पल्लू बार-बार उडकर उसके छोटे नीले रेशम वी आकारब्लाउज में कैद चुची और नंगा नाभि दिखता पेट, धोंदु और रहमान को दिखाया दे रहा था जिसे देख दोनो अपनी हवस से भारी आंखेसीख रहे थे लेकिन तभी श्रद्धा ने उनका मूड ऑफ किया हुआ था, एग्जिट डोर बंद करने को कहा तो वैसे ही रहमान और धोंडू ने नाचते हुएहुवे किया भी। टैब उस वगत नचचदी श्रद्धा ने उनसे उन लोगों से आती गंध पर ये भी ताना मारा था के, "तुम लोग नहाते हो या नहीं?"



तब उस श्रद्धा के ताने पर रहमान अपने गुटखे से गंदी बत्तीसी दिखाते हुए श्रद्धा से बोला, "ये गरीबी सुगंध है मेमसाहब आप रईस लोगनहीं जानोगे।"



तब श्रद्धा रहमान की बात पर बस, "ह्म्म" कर साकी जैसी कि उसकी बोलती ही बैंड हो चुकी हो लेकिन दूसरी ओर वो गंदी प्यासी कीसुगंध श्रद्धा को उत्तेजित भी कर रही थी।​
 

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फिर क्या था वो सीरियस बेटे बाजू में हटा कर श्रद्धा और उन निम्न वर्ग के लोगों में गंदे गंदे चुटकुले की बाते शुरू हुई, कभी धोंडू तो कभीरहमान गंदे वाले चुटकुले श्रद्धा को सुनाता जैसे के एक चुटकुले रहमान ने सुनाया वो ऐसा था, पप्पू अपनी पड़ोसन से:- चाचा, चाची क्याआप रात को कबूतरों को दाना डालते हैं?



पडोसी:- नहीं तो, हमने तो कबूतर रखे ही नहीं।

पप्पू:- तो रात में आपके घर से आवाज़ क्यों आती है? पडोसी:- कैसी आवाजें?

पप्पू-: आह्ह आह्ह आह्ह...



फिर ढोंडू का गंदा वाला मजाक ऐसे करते करते दोनों की गंदी बातों से श्रद्धा की गोरी चूत गिली हो रही थी, वो काम उत्तेजना से गरम होरही थी इसका अहसास माहिर रहमान को पहले हुआ तो वो जिस में माहिर माहिर था याने छेड़-छाड़ करने में तो उसे श्रद्धा को छेड़नाशुरू किया।



(रहमान को लग रहा था कि श्रद्धा इतनी गंदी बात झेल सकती है तो हम कुछ आगे बढ़कर श्रद्धा के बदन से कुछ हद तक खेल भी सकतेहैं ऐसा उसने अंदाज़ा लगाया था, इसी हिसाब से उसने अपनी अगली चाल चलना शुरू किया)



रहमान श्रद्धा के मस्त गोरे बदन को ऊपर नीचे देख कर बोला, "एक दम इतम बम है आप मेमसाब।"



यहाँ पर अब आपकी श्रद्धा का चमक छल्लो स्वभाव दिखेगा जरा गौर से देखिये।



ढोंडू और रहमान के गंदे चुटकुले से गरम हुवी श्रद्धा की कामुक गर्माहट उसके अंदर की खुले स्वभाव वाली नटखट बच्ची को बहार लाईजिसका प्रदर्शन उसे गलत गंदे मर्दों के आगे करना शुरू करते हुए हुवे वो पिचे घुमी और अपनी गांड की फांके उन डोनोंको दिखाते हुवेपिचे मुदकर उन सड़क छाप लोगों से जिन्हे वो कुछ घंटों से ही जानती है उनसे खिलखिलाते हुए बोली, "इतनी मस्त हूं माई।"श्रद्धा कोअपनी गांड की फांके और लगाबाग नंगी पीठ दिखता देख धोंडू और रहमान हवस से भर गए और हम अपने लंड को बिना डरे श्रद्धा कीनजरों के सामने एक हाथ से मसलने लगे जिन्हपर श्रद्धा की नजर गिरी तो गुस्सा होने के जगह वो और भी छोटी बच्ची होगी और उन दोनोंकी गंदी हरकतों को देख वो छोटी बच्ची की तरह बोली, "गांदू कहीं के।"



उनके लंड मसलने पर और अपने छेदने के अंदाज में कहीं बात पर श्रद्धा की ऐसी कामुक अभिव्यक्तियां देख रहमान में और हिम्मत बढ़ीऔर आगे बढ़कर उसे वो हरकत की, जिसका अंदाज श्रद्धा को भी नहीं था, क्योंकि उसे उसका वी शेप ब्लाउज जो पीछे से एक इंच बड़ीहुक से जुदा हुआ था उसका नॉट उसने यानी रहमान ने झटसे आगे बढ़कर खोला और आप तो जानते हैं के आज कल के ब्लाउज इतनेफैंसी होते हैं जिन्हें उतारना बहुत आसान होता है, तो ऐसे ही जैसे ही नीले सिल्क ब्लाउज का नॉट खुला वो ब्लाउज श्रद्धा के गोरे कंधेनंगा करते हुए हुवे अनपरसे फिसलकर नीचे गिरा जिसे संभालने का वक्त भी श्रद्धा को नहीं मिला और रहमान ने अपने दोनों हाथों सेझटसे श्रद्धा के ब्लाउज को श्रद्धा के नाज़ुक हाथों से नीचे गिराते ही पकड़ कर अपने हाथों में लिया, श्रद्धा को तो कुछ सेकंड के बाद भीकुछ समझ नहीं आया जब तक उसकी उसकी नजारे रहमान के हाथ में थे उसके ब्लाउज पर गाई, तब जब उसने खुदको चेक किया तोउसे समझ आया के, वो सिर्फ अब कमर से ऊपर नीले ब्रा में है, कुछ और लोग उसे इस हालत में ना देखे इस तरह वो धोंडू और रहमान केनजदिक नाचते हुए ट्रेन के काउच के पैसेज से हटकर आगे आ गई और वो बोली, "ये क्या गंदी हरकत है चाचा, मेरा ब्लाउज जल्दी दोकोई देख लेगा।" ऐसा बोलकर अपने हाथ आगे रहमान के हाथ जो ब्लाउज था उस तरफ ब्लाउज को लेने अपने हाथ बढ़ाए पर रहमान नेब्लौसे को आगे धोंडू के तरफ फेंका जिसे धोंदु ने पकड़ा फिर श्रद्धा धोंदु की ओर ब्लाउज लेने आगे गई पर धोंदुने भी रहमान की ओरब्लाउज फेंका, फिर श्रद्धा रहमान की ओर आगे बढ़ते हुवे किसी छोटी बच्ची की तरह रोते हुवी शकल जो कियारा आडवाणी की एडवांसकॉपी थी उसे दिखाते हुवे वो बोली, "दो ना चाचा मेरा ब्लाउज।"श्रद्धा को छोटी बच्ची की तरह उनके सामने करहटा देख रहमान औरधोंडू के हवास में चार चांद लग रहे थे, क्योंकि दूसरी कोई औरत होती तो उन दोनों की इस गंदी हरकत पर हो-हल्ला मचाती और दोनोंधोंडू और रहमान की ट्रेन में ही पिटाई होती लेकिन यहां तो उल्टा था क्योंकि यहां तो श्रद्धा किसी छोटी बच्ची की तरह ब्लाउज लेने केलिए लगबग उनके साथ खेल रही थी।

फिर क्या था ब्लाउज को एक दूसरे के पास फेंकने का खेल चलता रहा, जिसमें श्रद्धा ब्लाउज लेने आगे बढ़ती और उसका पल्लूबार-बार नीचे गिरता और वो अपने पल्लू को संभालती इसी बीच उन्हें यानी धोंडू और रहमान को कुछ पल के लिए ब्रा में कैद गोरेगुलाबी दूध से भरी चूची श्रद्धा के भगदौद में हिलते हुवे देख ने मिल जाते जिन्हे देख उन निम्न वर्ग के कीड़ों का जिनहोनेह ऐसा कमुकलम्हा सपने में भी नहीं सोचा था वो वे देख उनके काले बदबुदार खड़े दर्द करते लंड से प्रीकम निकल रहा था।



श्रद्धा अपने ब्लाउज को उन दरिंदों से लेने भंगंडौद में थक गई और रहमान के बगल में थक हार कर हफ्ते हुई खड़ी बोली, "अब बस हुवातुम डोनोंका आह्ह आह्ह ह्म्म्म आह्ह्ह्ह हम्म्म।" ऐसा हफ्ते हुवे बोलकर उसका छम्मक चलो स्वभाव और निखारकर बाहर आया, उसनेआगे बढ़कर धोंडू की सफेद मैली लुंगी एक हाथ से पकड़ी और अपनी ओर खींची और पूरी लुंगी श्रद्धा के हाथ में आ गई और इस स्थितिमें भी जिसमें वो बुरी फासी थी वो सामने धोंदु जो चौंक गया था उसका काली फटी पुरानी अंडरवियर में देख हस्ते हुवे अधा नंगे धोंदु कीओर देख बोली, “हेहेहे अब कैसा लगा चाचा? महसूस हुआ क्या मेरा दर्द जो तुम लोग मुझे दे रहे हो, अब आप मुझे मेरा ब्लाउज़ देते होया ये लुंगी ट्रेन से बाहर फेंकडू।" ऐसा बोलते हुए श्रद्धा की नटखट आंखे बार-बार धोंडू के अंडरवियर पर जा रही थी धोंडू की काली जंघेऔर खड़ा लंड अंडरवियर से उबरकर दिख रहा था जो नजारा श्रद्धा आंखे चुरा चुरा कर देख रही थी वो बेहद ही खराब था लेकिन एकलोक्लास मर्द को है हालात में उसने पहली बार देखा था तो वो जरा पता नहीं क्यू काम उत्तेजित हुई।



श्रद्धा की इस हरकत से और इस आधी नंगी हालत में भी उसकी नटखट हंसी सुन रहमान को कुछ हद तक समाज आया के उनका पलाएक मस्त खुले स्वभाव वाली नटखट औरत से हुआ है, क्योंकि इस हालत में कोई और औरत होती तो हो हल्ला मचाती या रोटीबिलखती पर यहां श्रद्धा के साथ अलग ही था, तो अपनी अगली चाल क्या होगी वो रहमान सोच ही रहा था के तभी धोंडू कुछ आगेबढ़कर श्रद्धा से लुंगी लेने बढ़ ही रहा था के उसे रहमान ने रुकने का सिग्नल दिया और धोंडू सवाल भारी नायरों से धीमी आवाज मेंरहमान से बोला, "अबे कोई देख लेगा तो? देख मेरी हालत साले।"



रहमान धोंडू की बैट इग्नोर कर मन ही मन उसका शैतानी दिमाग बोला, "क्या मस्त हाई क्लास माल मिला है ये, इस हालात में भी मस्तहुवे जराही है ये इतम, अब्ब सवाल ये है के क्या हम इस्के बदनसे सच मुझ में खेल सकते हैं? "



पहले रहमान को लग रहा था कि गरम पटाखा आइटम श्रद्धा से थोड़ी गंदी बातें हो जाएंगी, वे वासना में गरम हो जाएंगे, फिर रात मेंमोबाइल की टॉर्च से श्रद्धा की साड़ी को ऊपर कर जांघ भी देख ने मिल जाए वे खुश थे लेकिन यहां रहमान की नज़रों से देखेंगे तोमामला आगे बढ़ा चुका था क्योंकि अब एक हाई क्लास पागल काम देवी के बदन से खेलने की आई थी, तो इसी हिसाब से रहमानअपने काले बारमुदा में टैंकर खड़े लंड को श्रद्धा की नज़रों के सामने एक हाथ से मसलते हुए वो अपने गुटखे से सदी बत्तीसी को दिखातेहुए श्रद्धा से बोला, "मेमसाहब आप ही अब सोचो अगर किसी ने आपको ऐसी हालत में एक मर्द को अंडरवियर में देखा तो क्या सोचेगा, तो भलाई आपकी इसमें ही है के आप लुंगी धोंडू को वापस करें।"



भोली श्रद्धा अपने साड़ी के पल्लू से नीले ब्रा में कैद 34 साइज के दूध से भरे चूची छिपते हुए, जरा रहमान की बात पर कंफ्यूज हुई औरसवाल भारी नजरों से रहमान को देख बोली, "मतलब क्या चाचा?, लोग क्या सोचेंगे?"



श्रद्धा की बात पर रहमान ने तर्जनी और अंगुठे से गोल बनाया और दूसरे हाथ की तर्जनी से उस गोल में अंदर बाहर करते हुए बोला, "येसोचेंगे मेमसाहब।"



रहमान का गंदा इशारा समाज ते ही पहले धोंडू ने हवास में अपना खड़ा लंड अंडरवियर के ऊपर से खुलम खुला श्रद्धा के सामने मसलनेलगा जैसे हैरान होकर देख श्रद्धा कुछ मिनट सोचने के बाद उससे समाज आया रहमान का गंदा इशारा फिर वो धीमी आवाज में चौकतेहुए धोंदु जो उसका लंड मसल रहा था उसे देख चिख उठी और "चीइइइ" बोलकर वो लुंगी धोंदु की ओर फेंकदी और उसके तने मसलतेलंड से आंखे दूसरी ओर फेरली फिर धोंदु ने लुंगी मिलती ही फिरसे पहन ली। श्रद्धा का उसके गंदे इशारों पर रिएक्शन देख रहमान हस्तेहुवे बोला, "क्या मेमसाहब आप कितनी भोली हो, हाहाहा।"



रहमान की चिढ़ाने वाली बात सुन्न श्रद्धा अपनी टोपी को बंदकर ब्रा में कैद करके साड़ी के पल्लू से छिपाते हुए मुंह फुलाते हुए दूसरी ओरदेख बोली, "आप दोनों बहुत गंदे हो," और फिर आगे कोई उपाय ब्लाउज को उन हवस के पुजारियों से चुराने का ना पाकर अपनाआखिरी तीर उसने चलाया और प्यारसे वो रहेमन जो उसका ब्लाउज थामे हुए थे उससे बोली, "चाचा दो ना वो ब्लाउज, प्लीज कोई देखलेगा मुझे ऐसे तो गलत सोचेगा, मेरी इज्जत उतर जाएगी, मेरी एक शादी शुदा किसी की पत्नी" हूँ और एक माँ भी हूँ।” ऐसे बोलकर वोरहमान को जो उसका ब्लाउज थामे हुए थे उसे तक तकी लगाये हुवे उसने कही बात पर उसका याने रहमान का रिएक्शन क्या होगा वोदेखने लगी।



तभी श्रद्धा के प्यार से कही बात पर एक शैतानी योजना रहमान को सुजा और वो बोला, "ठीक है।" रहमान की कही बात पर धोंदु विरोधकरते हुवे चौका और बोला, "अबे ये क्या?"
तभी रहमान ने धोंदु को आंख मारी तो धोंदु भी समझ गया के इस मौके को रहमान हठसे जाने नहीं देगा, ऐसा माल कौन इस हद तकआगे बढ़ने के बाद चोरेगा तो धोंदु भी शांत हुआ, और श्रद्धा रहमान की बात पर खुशी से उछल गई और अपने नीली आँखों से रहमान कीओर से प्यार से देख एक हाथ ब्लाउज लेने आगे बढ़ा कर मन ही मन बोली, "हशहह, थैंक गॉड मेरी चल सही चलेगी चाचा पर नहीं तोकौन मर्द मेरे जैसा मस्त पटाखा को इस हालत में चोदूंगा बिना चोरेगा हेहेहे, मेरा नसीब भी अच्छा है के कोई अभी तक इस कैच के पैसेजसे गया नहीं उससे पहले ही मुझे मेरी इज्जत मिलने वाली है।" ऐसा वो सोच ही रही थी के रहमान ने अपने असली रंग श्रद्धा को दिखाए, "



उसने श्रद्धा का नीला चोतासा पटला फैंसी ब्लाउज एक पल श्रद्धा को देने के लिए आगे बढ़ाया और श्रद्धा जैसे ही उस ब्लाउज को लेनेआगे बढ़ी रहमान ने ब्लाउज वापस अपनी ओर लिया और दूसरे हाथ से अपने खड़े लंड को श्रद्धा की नीली आंखों के सामने निर्लज होकरमसलते हुए बोला, "ऐसे नहीं मेमसाब, डील दोनो तरफ से होनी चाहिए।"



अपने ब्लाउज के इतने करीब आकर अपने ब्लाउज को डर जाता देख वो छोटी बच्ची की तरह हाथ झटकते हुए, पांव पटकते हुए, बोली, "अम्म्म्म अब क्या चाचा?" श्रद्धा की प्यारी हरकतें देख रहमान अपनी पीली बत्तीसी दिखाते हुए बोला, "डील इइइ है के अप्पा हमें अपनाब्रा दीयेत पड़ित फिर ही हम इइइ कपडा आपका दी।"



रहमान जो बोला सब श्रद्धा के सार से बाउंचर गया क्योंकि वो जो बोल रहा था वो बिहारी अनपढ़ भाषा थी जिसका सुन्न श्रद्धा चौकतेहुवे सवाल भरी नजरों से देख बोली"क्या बोल रहे हो आप कुछ समझ नहीं रहे!"



श्रद्धा की बात सुन रहमान अपना सर खुजाते हुवे बोला, "अरी में भूलत रहित की आप तो रईस हो," ऐसा बोलकर वो अपनी जगह भाषाको बोलना बंद कर, शुद्ध हिंदी में श्रद्धा से बोला, "मैं बोल रहा हूं कि ब्रा के बदले हाय मैं आपको ये ब्लाउज दूंगा, ये डील अच्छी हैमेमसाहब, मान जाओ, ऐसे ब्रा में रहने से अच्छा ब्लाउज में रहो," ऐसा बोलकर अपनी मुल्ला दाढ़ी खुजाते हुए हुवे श्रद्धा जो उसके बगलमें हाथ बांधकर खादी थी उसके नंगे कंधे को जो ब्रा के स्ट्रैप से जकड़ा था उसे वो भूखी नजरों से देखने लगा जिसपर धोंडू की भी हवा सेभूखी नजरें थी।



भोली नटखट श्रद्धा अब सोच में गिरी और वो रहमान की डील पर मन ही मन बोली, "ह्म्म् लगता है चाचा मेरी ब्रा लेकर रात में उसे लंडहिलाने वाले हैं, गंदे कहीं के, यहीं सब पढ़ें किआ गंदी कहानियाँ मेह, के मर्द औरत के अंतर वस्त्र से लंड हिलाता है। अब मैं कर भी क्यासकती हूं इसे अच्छी डील हो नहीं सकती जिस तरह से मैं मर्दों के बीच अधा नंगी फंसी हूं, कोई और मुझे इस हालत में गंदे मर्दों के साथदेखे इसे पहले मुझे जो करना है करना होगा जल्दी। ऐसा सोचते हुवे श्रद्धा ने रहमान को डील में हमी जाहिर करते हुवे बोली, "ठीक हैलेकिन मैं ब्रा निकालु कहा?"



श्रद्धा के सवाल पर रहमन पीली बत्तीसी दिखते हुवे श्रद्धा से बोला, "यही निकालो और दो, नहीं तो डील कैंसिल।" श्रद्धा, "लेकिन," श्रद्धाकी बात बीच में रोकते हुए उसने एक हाथ से ब्लाउज़ ट्रेन के निकास द्वार से बाहर निकाला और बोला, "अगर तुमने हमारी बात नहीं सुनीतो ये ब्लाउज़ फेंक दूँगा।"



सब कुछ इतनी जल्दी हुवा के श्रद्धा रहमान की धमकी से डर कर ब्रा का हुंख जहां वो पीठ टिकाकर खड़ी थी वहां दोनों हाथ पिचे जाकरवो ब्रा जैसे ही खोलने लगी तब रहमान बोला, "ऐसे नहीं हम दोनों के सामने पीठ घुमाकर ब्रा निकालो नहीं तो, "ऐसा बोलकर ब्लाउज़फिर से दरवाजे से बाहर एक हाथ से फेंकने का इशारा किया,



एबीबी श्रद्धा भी समाज राही थी कि वो बुरी फसी है इन डोनो लो क्लास लोगों के जाल में तो उसने रहमान की बात मानकर एग्जिट डोरके साइड से जो वो पीठ टिकाए खादी थी वो आगे बढ़ी और उन दोनों दरिंदों के आगे पीठ कर खादी हुवी और अपने नीले ब्रा का हुखअपने दोनों नाजुक गोरे हाथ पीछे लेजाकर खोलने लगी।



ऐसा कामुक नजारा धोंदु और रहमान ने कभी नहीं देखा या सोचा था कि एक गोरी अप्सरा उनके सामने नंगी पीठ किए हुवे ब्रा को निकलने अपने दोनों नाज़ुक गोरे हाथों से ब्रा का गाँठ निकल रही है, ये नजारा देखने में बेहद ही ज्यादा कामुक था, नंगी पीठ के अलावा उनदरिंदों की नजर श्रद्धा की गांड की गोरी गैप पर भी थी जो नीली सिल्क साड़ी उभारकर दिख रही थी।



दूसरे ओर ऐसे अपने अंतर वस्त्र पति के अलावा ऐसे पराए मर्दों के सामने वो भी निम्न वर्ग के मर्दों के आगे निकलते हुए पता नहीं क्योंश्रद्धा भी काम उत्तेजित हो रही थी।



ब्रा कुछ सेकेंड में निकलती ही श्रद्धा अपनी नंगी पिथ छिपने फिर से दरवाजा के साइड से रहमान के बगल में पिथ टिकाए खड़ी हुई औरएबी ब्रा के बिना नंगे हो चुके उसकी झूलती चूचियों को साड़ी के पल्लू से छिपाते हुए उसने ब्रा रहमान की ओर की और बोली , "ये लो, और ब्लाउज दो" ऐसा वो बोल ही रही थी के रहमान श्रद्धा की साड़ी के पल्लू से ढकी चुचियों की तरफ देख वासना में सिसकते हुएबोला, "आह मम्म लगा ही था मेमसाहब आपकी भी हालत हमारे जैसी ही है,"



ऐसा बोलकर अपना काला लंड मसलते हुए भूखी नजरों से वो ढोंडू के साथ श्रद्धा की साड़ी के पल्लू से ढकी नंगी चुचियों को देखने लगाजिनकी नजरों को फॉलो करते हुए हुवे जैसे ही श्रद्धा ने अपनी नजरें नीचे अपनी चुचियों पर दौड़ाई तब उसके खड़े हुए निपल के साथचुचियां श्रद्धा के पारदर्शी नीले साड़ी के पल्लू से साफ दिखाई दे रहे थे जिन्हो झटके से वह दोनो हटों से छिपया, लेकिन वो एक बातछिपाए ना साकी जो बात श्रद्धा के 34 साइज के चुचियों के खड़े हुए निपल रहमान और धोंडू के सामने दिखने के बाद जाहिर हो राही थीवो बात ये थी कि श्रद्धा उन दरिंदों की गंदी हरकतों से गुस्सा ना होकर गर्म हो रही थी।



कुछ पल के लिए जो उन दोनों यानी रहमान और धोंदु ने कामुक नजारा देखा था वो नजारा कुछ ऐसा था, 'श्रद्धा के गले में झूलतामंगलसूत्र श्रद्धा की पारदर्शी नीली साड़ी के पल्लू के साथ चूचियों के बीच खाई में पिस्ता हुवा दिखायी दिया और उसके साथ' , श्रद्धा केखड़े गुलाबी निपल जो कुछ 1 इंच लंबे खड़े हो चुके हैं उन्हें देख रहे थे जिन्हें देख रहेमन तब मन ही मन उत्तेजित हो कर बोला, "अम्म्म्म, क्या मस्त स्तन हैं मेमसाहब के, अरी का मस्त फूली चुचिया दिख रही है," ऐसा वो सोच ही रहा था के वो हवास से होश में आते हुवे मनही मन फिरसे बोला लेकिन इस बार पहले ज्यादा उत्साहित होकर बोला, "अबे यार ये आइटम तो गरम हो चुकी है, अब हथौड़ा गरमलोहे पर मरना ही होगा, ये मौका हाथ से नहीं जाने दूंगा मैं।"



श्रद्धा के दोनों हाथ बड़ी 34 साइज़ की चुचियों को चिपाए चिपाने में असमर्थ हो रहे थे टैब जैसे तैसे धोंडू और रहमान से चुचिया छिपातेहुए वो बगल में खड़े रहमान की ओर देख बोली, "ऐसे गंदी नजरों से किसी और की पत्नी को देखना ठीक नहीं , चलो अब भी दो चाचामेरा ब्लाउज, "और तभी रहमान ने श्रद्धा के हाथ से ब्रा झटके ली और ब्लाउज ढोंडू की तरफ फेंक खुद ब्रा को वो सुंघटे हुवे बोला, "हेहेक्या मस्त मोगरे के सुगंध के साथ दूध की खुशबू आ रही है ।"



श्रद्धा रहमान की इस गंदी हरकत से चौक उठी और छोटी बच्ची की तरह झालाते हुए रहमान और धोंडू की ओर देख बोली, "ये क्या कररहे हो आप दोनों, अब ब्रा भी आपको मेरी मिली अब्ब मुझे मेरी इज्जत लौटावो," और नकचदी बच्ची की तरह बिना आंसू बरसये रोनेलगी जिसे देख रहमान और धोंडू को बड़ा मजा आ रहा था।



श्रद्धा को छोटी बच्ची की तरह रोता देख रहमान श्रद्धा को खा जाने वाली नजरों से देख बोला, "अब आपके खड़े निपल ही बता रहे हैं केआप वासना में गरम हो चुकी हो तो सोचो मेमसाहब आपको इतना वासना में गरम पाकर आपने हमें और भी ज्यादा गरम करदिया है अबब्लाउज तब ही मिलेगा जब आप हमारी हवस ठंडी करोगी।" अपने बीच एक खुशबुदार हाई क्लास काम देवी को लगभाग नंगा पा करडोनो लो क्लास किड़े हवस में पागल हो रहे थे। उन्हें कहीं ना कहीं यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनके फेंके जाल में वो जल्दी फंस भीसकती है।
 

mkm775

Gogo
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आकाश कामुक सिस्कारिया लेते हुए हुवे उसकी नजरों के सामने उसकी बीवी जो उसे बूबजॉब के साथ लंड का टोपा बिच बिच मेंगुलाबी मुहसे चूसते जिभ से चटाते हुवे ट्रेन के रात का हादसा बता रही थी उसे बिच में रोकते हुए हुवे अपनी कामुक गोरी गुलाबी बीवीकी निली कामुक आँखों को देख वो अपने लंड से खेलती उसकी बीवी से कामुक सिसकारियां लेते हुए बोला, "आह्ह्ह हम्म्म, मतलबएक ब्लाउज से ये कांड हुआ और आखिर में उन निम्न वर्ग के कीड़ों ने अपने इरादे जाहिर किये तुम्हारे सामने, ठीक कहा ना जानू?" ऐसाबोलकर उसने अपनी बीवी के चुचियों के ऊपर गले में लटके उसके नाम के मंगलसूत्र को देखा कमुक होकर फिर उसकी हालत तारिके सेकाट कर लाल और सुजे एबी उत्तेजाना से खड़े हो गए उन गुलाबी सूजे बड़े एरोला के बीच 1 इंच खड़ा हुवे निपल की ओर वो इशाराकरने लगा जो बता रही थी के श्रद्धा उस ट्रेन वाले अंदरुनी को बताती हुवे काम वासना में गरम हो रही थी।
अपने पति की बात और उसके इशारे को समझे हुए श्रद्धा अपने पति का गरम खड़ा 8 इंच लंबा लंड अपने गरम चूचियों के बीच दोनोंहाथों से अपनी चूचियां पकड़ कर बिच खाई में पिस्ते हुवे ऊपर नीचे लंड को हिलाते हुए वो कामुक अंदाज में अपना निकला गुलाबीरसीला अपने पति की बात पर बोली, "अम्म्म हा बेबी," ऐसा बोलकर उसने पति के लंड के टोपी को उसके स्तन के बीचो बिच खाई मेंपिस्ते लंड को जो काम उत्तेजना से अब प्रीकम बहा रहा था हमें कहा पानी को वो चूसने लगी और चाटने लगी इसे, "sllllrpppppp slllirpppp," जैसी कामुक आवाजें बेडरूम में फिर से गूंजने लगी।



अपनी पत्नी की कामुक हरकतें देख आकाश को समाज आ चूका था के वो ज्यादा देर तक काम रस छोड़े बिना नहीं रहेगा, उसने आखिरीबात अपनी पत्नी की नीली आंखों में देख श्रद्धा की उसके लंड से हो रही कामुक हरकतें सहते कामुक सिसकारियां लेते हुए वो बोला, "स्मममम अह्ह्ह्ह,, अह्ह्ह्ह उन निम्न वर्ग के कीड़ों के बीच तुम्हें आधा नंगा इमेजिन कर मैं तो गरम हो चुका हूं और अपनी सुंदर बीवीको उन निम्न वर्ग के हाथों में आधा नंगा फसा पा कर गुस्सा तो नहीं लेकिन जेलस भरकर कर रहा हूं के किन्ही गैर मर्दों ने वो भी लोक्लास वाले मर्दों ने तुम्हें मेरे इलावा लगभाग नंगा देखा है, अब आगे बताओ क्या हुआ मेरी जान अह्ह्ह्ह।”

अपने पति की तरफ देख श्रद्धा को जरा सा भी हमें यानि आकाश में उन मर्दों के लिए गुस्सा नहीं दिख रहा था जिन्हो ने उसकी बीवी केकामुक गोरे बदन से दरिंदगी की थी, बस जो दिख रहा था वह थी हवस जो खुदकी बीवी को एक लो क्लास मर्दों के बीच फंसी पा करउत्पनन हुई थी, जो आगे उस रात में क्या कुछ हुआ ये सुनने के लिए आतुर दिख रही थी। जिसे देख आकाश की उस रात वाली घटनाको और आगे सुनने के लिए कहा जा सकता है कि उसकी ओर से गुहार पर श्रद्धा का नकचढ़ा छम्मक छल्लो स्वभाव बाहर आया जिसेआकाश शादी के बाद से वाकिफ था।



(यहाँ श्रद्धा का छम्मक छल्लो स्वभाव याने पागल स्वभाव है जिसमें औरत मर्द के छूटे ही या गंदी बातों से या फिर काई आसान तरीकों सेगरम होकर चोदने के लिए तैयार हो जाती है चाहे जो भी हो। शादी के बाद से ही ये निम्फोमेनियाक स्वभाव श्रद्धा का आकाश के सामनेउबरकर बाहर आया, जिसमें उसकी बीवी किसी भी वक्त चोदने के लिए तैयार रहती है। श्रद्धा के निम्फोमेनियाक स्वभाव को लेकरआकाश को ये गलतफैमी थी के उसकी प्यारी छम्मक छल्लो बीवी का ये डार्क स्वभाव उसके सामने तक ही सीमित था। जो गलत फैमीहाई क्लास सर्कल से बाहर आते ही उस ट्रेन के लो क्लास डिब्बे में क्या कुछ हुआ उसकी बीवी के साथ ये खुद उसकी बीवी के मुझसेसुनने वाली है।)

उस रात ट्रेन वाले हादसे को याद कर और उस हादसे को उसका पति बड़े चाव से कम हो कर आगे की कहानी को सुनने के लिए कहसकता है कि उसकी ओर गुहार को सुन्न श्रद्धा भी पता नहीं क्यों गर्म हुई और उसकी गर्माहट उसके चमक छल्लो स्वभाव से बाहर आनेलगी और वो छोटी बच्ची होगी जो आकाश के लिए रेड सिग्नल था के उसकी निम्फोमेनियाक बीवी उत्तेजित हुई है। तबी श्रद्धा अपने पतिके लंड को अपनी चुचियों के बीच पिसाकर ऊपर नीचे हिलाते हुए अपनी जिभ होठों के ऊपर से कामुक अंदाज में घुमाते हुए, फिर नीचेका महीना फिर से नीचे से मुंह में लेकर दत्से कटाते हुवे ऐसी ही कामुक हरकतें दिखाते हुवे अपने पति की ओर अपनी नीली आँखों सेदेख बोली, "अप्पको आगे सुनना है ना कि कैसे उन दरिंदों ने मेरा दूध मेरी चुचियों को दबा-दबा कर पिया और फिर मुझे चोद चोदकरआधा-मारा कर दिया? सुनना है ना आप को मेरे ट्रेन से उतारते ही लंगड़े की वजह?" तभी श्रद्धा को बीच में रोका कर आकाश उत्साहितहोकर काम उत्तेजना में बोला, "आह श्श्श हा जानू ऐसी गंदी बाते तुम्हारे मुहसे सुनने से मैं और गरम हो जाता हूं, ऐसे ही मिर्च मसालालगाकर ट्रेन वाला हादसा सुनाव।" ये बोलकर उसने उत्तेजाना में अपनी आंखे बंद कर अपनी गंदी फंतासी को इमेजिन करने लगाजिसकी उसकी बीवी को वो दो दरिंदों के बीच इमेजिन कर रहा था।

आकाश को श्रद्धा का चुदाई वाली बात कहना उस ट्रेन के कामुक घटना को मिर्च मसाला लगाने वाली बात की तरह उसे लग रही थी, उसे लग रहा था कि उसकी छम्मक छल्लो बीवी उसे और ज्यादा गरम करने के लिए ये सब कामुक बातें जोड़ रही है।



दूसरे और अपने प्यार यानी आकाश को उसकी गंदी बातों पर और उसकी कामुक हरकतें गरम होती देख उसने अपनी दोनों चुचियां औरभी ज्यादा जोर लगाकर अपने पति के 8 इंच लम्बे खड़े लंड को अपनी गोरी चुचियों के बीच पिस्ते हुवे ऊपर आला लंड को चुचियों सेहिलाते हुवे और मसलते हुवे वो आगे कामुक तारिके से झुकी हुवी जिसे काले नकाशी वाले पतले गाउन से उभरी गांड की फांके ऊपरउठी हुवी बड़ी कामुक लग रही उस कामुक पोजीशन में वो मजाकिया लहजे में बोली, "ठीक है मेरे कुक्कोल्ड पति, अब सुनो आगे क्याहुआ फिर सुनने के बाद पछताना मैट।”



श्रद्धा रात का ट्रेन हादसा बता रही हैं।



श्रद्धा अपने पति के खड़े लंड को अपने चुचियों के बीच खाई में पिस्ते हुवे चुचियों को दोनों हटों से पकड़ कर लंड को चुचियों से ऊपरनीचे करते हुए कामुक अंदाज में अपने काम उत्तेजित पति की बंद आंखों को देखते हुए वो बोली, "जैसे ही रहमान ने मुझे बोला के वोउनका हवस मिटे बिना मुझे छोड़ेंगे नहीं तो मुझे आधा नंगी हालत में चौकते हुवे सदमे में पहोंच गई, मेरे अंदर अब इन हवस से भरे दरिंदोंकी भूखी नजरों को देख मुझे समाज आचुका था के ये दोनों उसकी इज्जत लूटे बिना पीछे नफरत नहीं, तो मेरा समझदार दिमाग ये सोचरहा था कि इन दरिंदों का अगर विरोध किया तो उसकी इज्जत लूटने के चक्कर में बड़ा हंगामा होकर उसे इस हालत में ट्रेन मेह जो लोगमौजुद थे, उनकी नजरों के सामने वो लग्भाग नंगी हालात में एक निम्न वर्ग मर्दों के बीच पाकर उनकी नजरों में मेरी इज्जत उतर भी सकतीहै, तो मैंने एक कठिन निर्णय लिया उन दरिंदों के बीच उस लग्भाग नंगी हालात को लेकर के वो मामले को शांति से विरोध किये बिनासुलझेगी, लेकिन जैसे ही मैंने अपने आपको इस परिस्थिती से निकालना चाहा, मैं उल्टा और तेजी से चली गई उन दो दरिंदों के जालमें।” ऐसे बताएं हुवे श्रद्धा के चुचियों के बीच खाई में पिस्ते लंड से फिर से कामुक आवाज आने लगी जो श्रद्धा के उसकी चुचियां पकड़कर लंड को खाई मैं लेकर मसलते हुवे ऊपर नीचे कामुक अंदाज में हिलाते हुए आरेही थी, जो लंड की चंबड़ी बार बार टोपे से घिसने केकारण वो आवाज आ रही थी, जो बेहत कामुक आवाज थी, "पुच पुच पुच।"

ट्रेन की रात की घटना फ़्लैश बैक।





श्रद्धा को छोटी बच्ची की तरह रोता देख रहमान श्रद्धा को खा जाने वाली नजरों से देख बोला, "अब आप ही सोचो मेमसाहब आपकोलगभग नंगा और इतना वासना में गरम पा कर आपने हमें और भी ज्यादा गरम कर दिया है अब ब्लाउज तब ही मिलेगा जब आप हमारीहवा ठंडी करोगी।" रहमान ने जैसे ही अपने असली रंग दिखाए तब धोंदु भी पीछे नहीं रहा अब हम दोनों श्रद्धा के कामुक बदन को हवससे भरी नजरों से देखने लगे। दूसरी ओर श्रद्धा रहमान ने कही बात से हैरान थी और वो अपने गरम दूध से भरी चुचियों को दोनो हटों सेजैसे तैसे पारदर्शी नीली साड़ी के पल्लू से चिपाते हुवे छोटी बच्ची की तरह रोते हुवे सामने धोंडू और रहमान को उसकी ओर हवा भारीनजरों से देखती देख बोली, "अम्म्म्म नहीं मैं गरम नहीं हुई आह।" ऐसा बोलकर वो शर्म से नीचे देखने लगी,



श्रद्धा की बातों में काम उत्तेजना साफ रहमान और धोंदु को महसूस होरही थी, धोंदु तो बहती गंगा में हाथ धोने वालो में से था तो वा आगेबढ़कर आधा नंगी हालत में काम उत्तेजित हो चुकी श्रद्धा जैसी हाई क्लास औरत को, आगे बढ़कर कुछ करना मुनासिब नहीं समझालेकिन रहमान उल्टी खोपड़ी का था। जैसे मौके पर चौका मारने की आदत थी, और अगर बात एक अबला गरम हो चुकी औरत से जुड़ीहुई हो तो वो किसी भी हालात में कुछ भी करने से पहले नहीं सोचता, बस करर डालता है जो आप आगे देखेंगे।

तभी सामने एक हाई क्लास औरत के आधे नंगे बदन को ऊपर से नीचे देखते हुए 5.8 फिट का सवाल और रहमान आगे बढ़ा और उसनेमोगरे के कामुक सुगंध से भरी श्रद्धा की बात पर उसका चूचियों से ढके गोरे हाथ पकड़े और उन्हें बाजू हटाने लगा।



आम के बाद ये पहली बार था कि उसके बदन को कोई बाहरी मर्द चुरा रहा था तो वो जिसने बहुत सी गंदी कहानियाँ गलती से आकाशके लैपटॉप से पढ़ी थी कि थी जैसे कि मालकिन नौकरों से चुदती है, कंस्ट्रक्शन के लड़कों ने हाई क्लास पत्नी को चोदा, ऐसी गंदीकहानियाँ वाली फंतासी को सामने उसके साथ होता देख, यानी लो क्लास मार्डन के बिच लग्भाग अपने आप को नंगा पाकर वो कामउत्तेजित गरम हो चुकी थी इसी का फ़ायदा रहमान को मिला और उसको उसके गोरे हाथों को डोनो हाथों से चुचियों से दूर लेजानारहमान के लिए आसान रहा, 55 साल का बूढ़ा धोंडू तो बस आंखे फाड़कर रहमान जो हवास भरी हरकत एक हाई क्लास औरत से कररहा था बस वो देख के अपना काम उत्तेजित आंखे सीख रहा था और अपना खड़ा लंड लुंगी के ऊपर एक हाथ से हवास मैं मसल रहा था.

दूसरी ओर जैसी श्रद्धा की हाथों में जान ही ना हो वैसे उसके हाथ चुचियों से रहमान ने पकड़ कर अलग किये और सामने पारदर्शी साड़ीके पल्लू से दिखते बड़े अरेओला के बिच इरेक्ट 1 इंच निपल को हवस भारी नजरों से देखते हुवे रहमान सिसकते हुवे सामने का कामुकनजारा देख बोला, "आप गरम हो चुकी हो मेमसाहब हमारी तरह, देखिये तो आपकी चुचिया कैसे फूली है गरम होकर अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह।" ऐसा वो बोल ही रहा था कि उसने श्रद्धा को कुछ सोचने का समय ही नहीं दिया और उसने श्रद्धा के कामुक गोरे बदनको उसकी गोरीकमर को अपने एक हाथ से पकड़ कर एक झटके में अपने काले सांवले बदबुदार शरीर की ओर खींचा और फिर रहमान का आधा कालीबरमुदासे बना लंड का टेंट श्रद्धा की चूत पार साड़ी के ऊपर से चूभ गया और चुचिया रहमान के सीने से दब गई जैसे श्रद्धा की तो एकपल के लिए काम उत्तेजित सिस्कारिया ही निकली, "आह्ह्ह्ह" और दूसरी ओर श्रद्धा रहमान की गंदी बाहों में आ गई, फ़िर जो हुआउसने आगे जो होगा वो पहले से लिखदिया क्योके रहमान ने जैसे ही श्रद्धा को अपनी बाहों में फंसाया उसने श्रद्धा की गोरी कामुक गर्दनपर सारे चुंबन देना शुरू किया, श्रद्धा की गरम चुचियों को अपने सीने पर फील कर रहमान हवस में पागल सा हो गया, रहमान कीबदबुदार गरम सांसें अपनी कामुक अंगो पर महसूस कर श्रद्धा की गुलाबी चूत गिली हो रही थी। श्रद्धा के कामुक बदन से आती ख़ुशबू सेदूसरी ओर रहमान हवास में अपने आप को आगे श्रद्धा के साथ और ज़्यादा कामुक हरकत किये बिना रोक ना पाया, और वो बिच बिच मेंश्रद्धा की गरदन पर अपने गुटखे से सादी बत्तीसी से कहीं जगह पर कांट रहा था, जिसमें श्रद्धा की कामुक दर्द भारी आहे निकल रही थी, "आहहहहह आउच चाचा अह्ह्ह्ह।"


आगे का कामुक माहोल देख बदसूरत काला सांड ढोंडू भी हवास में जोश में आया और बहती गंगा में हाथ धोते हुए श्रद्धा की मस्त साड़ीसे उबरकर दिखती श्रद्धा की गांड की फाँके देख वो उत्तेजित हुआ और उसने श्रद्धा को पीछे से बाहों में लेकर चिपका दिया, और अपनीसफेद लुंगी से टेंट बने अपने लंड को श्रद्धा की 32 साइज की गद्देदार गोरी गांड की फैनकोनके बिच दबाने लगा और श्रद्धा के खुशबुदारबदन को, पीछे से नंगी पीठ को अपने काले होठों से चूमने लगा, टैब वो हुवा जिसे दोनों दरिंदोंकी गंदी हरकतों में इजाफा हुवा क्योकीश्रद्धा आगे पीछे से मर्दों के बीच पिस्ते हुवे उसकी खतरनाक जगह पर होते गन्दे होठों से चुंबन की बरसात से वो विरोध ना के बराबर औरकामुक सिस्कारिया ज्यादा लेने लगी, "आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह, अम्म्म, छोरो अह्ह्ह्ह, चाचा अह्ह्ह्ह, "श्रद्धा की आवाज में विरोध से ज्यादाकाम उत्तेजाना से भारी सिस्कारिया थी जिसे देख सुन दोनों भेदिये जैसे आदमखोर ही बन गए।



अपने हाथ लगी नायाब चीज को उनके हिसाब से ढलता देख रहमान और धोंडू डोनो और भी ज्यादा काम उत्तेजित हुए, कहा हम सोच रहेथे कि रात में श्रद्धा को गहरी नींद में सोया पाकर सारी ऊपर कर कुछ गोरी जांघ तक देखने मिल जाए मिल जाए काफी था। लेकिन यहांतो ऐसा था कि उन्हें 10 रुपये में वड़ापाव नहीं बल्कि 5 स्टार में खाना मिल जाए, ऐसा हो रहा था।

उनके गंदे बदबुदार शरीर के हाथ लगी खुशबुदार हाई क्लास मेमसाहब के जिस्म को चूमकर उत्साह में हम दोनों दरिंदे थार-थार कांप रहेथे, तब रहमान ने अपने थार कांपते हुवे उत्तेजना से हमें श्रद्धा, जो उनकी खतरनाक हरकतों से उत्साहित होकर सिस्कार रही थी, तभीउसने श्रद्धा के खुले गुलाबी होठों में अपने काले होंठ लॉक किए और जो फ्रेंच वाला किस शुरू हुआ, हे भगवान काफी गर्म था, जहां श्रद्धापहले उन हवस के दरिंदों के गंदे बदबुदार शरीर की बदबू सुंघ कर कहीं न कहीं काम उतेजित होरही थी, जो निम्न वर्ग के मर्दों की निशानीहै, अब्ब मुहमे हमें बुराबुका स्वाद भी मिल्ने लगा का उपयोग करें क्योंकि रहमान अपना मुँह कभी साफ नहीं करता था और पान तम्बाकूखाता था तो उसका ही मिला जुला गंदा सा स्वाद श्रद्धा के मुँह में थूक से जा रहा था, जिसपर श्रद्धा को उकै सी भी आई लेकिन उसकेविरोध की जगह श्रद्धा और भी ज्यादा काम उत्तेजित हुई जिसकी वजह थी उसका निम्फोमेनियाक स्वभाव। फिर आगे जो हुआ वो तोरहमान और धोंडू के लिए चमत्कार से कम नहीं था क्योंकि श्रद्धा ने रहमान के किस का जवाब, अपने जिभ को रहमान की खुरदुरी गंदीजिभसे खेलें हुवे देना शुरू किया फिर जो हुआ बस वो नजारा देखते ही किसी को अंदाज़ा भी नहीं लग सकता के कोई हाई क्लास औरतऐसी भी कर सकती है क्योंकि श्रद्धा ने रहमान का अपने एक हाथ को उठाकर रहमान के सफेद काले बालों से भरे घने सर को पीछे सेपकड़ कर सर अपनी ओर खिचते हुवे अपनी गुलाबी होठों से रहमान के काले होंठ वो भी चूसने लगी, अपने लाल जिभसे वो भी रहमानकी गंदी गुटखे पान से पिली हो चुकी गंदी जिभसे खेलने लगी, उसके सर को सहलाने लगी, रहमान और श्रद्धा किसी प्रेमी की तरह एकदूसरे की जिभ मुँह में लेकर चूस रहे थे तो कभी दोनों एक दूसरे के चूस रहे थे जिसमें रहमान को तो श्रद्धा के मुंह का रस पीने में बड़ा हीमजा आ रहा था, दूसरी ओर छम्मक छल्लो श्रद्धा तो अपनी गंदी वाली कहानियां पढ़ने वाली फंतासी को सच में उसके साथ हो पा कर वोतो काम वासना में गरम हुवे जरूरी थी, वो अपने होश पूरी तरह खो चुकी थी, वो भूल चुकी थी के वो किसी की पत्नी और एक माँ है।इस चल रहे हैं कामुक कांड को अगर कोई देखता है तो जेलस जरूर होता है क्योंकि यहां लंगूरों के हाथ हुरर जो लग चुकी थी।



ट्रेन के निकास द्वार पर जो कांड हो रहा था उसका नजारा काफी काम उत्तेजित करने वाला था, एक हाई क्लास ख़ुशबूदार शादी शुदाऔरत दो लो क्लास बदबूदार मर्दों के बीच पिस रही थी उसे दोनो तरफ से, यानी आगे पीछे से कामुक हमले उसपर हो रहे थे, कामउठेजाना से उस औरत के पैरों में ठंडक कांप रहे थे जिसे देख लग रहा था कि वो उन दोनों के बाहोन से आजाद होते ही नीचे गिर जाएगी।

दूसरी ओर उन दोनो जहिलों को इतना भी पसंद नहीं था के कोई यहां आकार उनको इस चल रहे गंदे कांड को देख सकता है और उननिर्लजों की नहीं लेकिन एक शादीशुदा औरत की, एक माँ की इज्जत तो उतर सकती है इसका भी उन्हें लिहाज़ नहीं था, बस एक रंडीऔरत के गरम बदन से खेलने का मौका मिलते ही हम लोग उनके हवस से भारी भूख शांत करने में जुट गए, वे भूखे भेदिये ऐसा करे भीक्यों ना, क्योंकि उन्हें तो जो वे स्वीकार कर रहे थे उससे ज्यादा ही मिल रहा था।



श्रद्धा को खुद से ही अपने होंठ चूसते देख और उसका सर सहेलता देख रहमान को तो यकीन ही नहीं हो रहा था के एक हाई क्लासऔरत उनकी गन्दी हरकतों पर विरोध ही नहीं कर रही थी, याफिर कहे उसे इस कामुक स्थिति में विरोध करना ही नहीं है, जिसकी बड़ीवजह थी श्रद्धा का रंडी स्वभाव यानी छम्मक छल्लो स्वभाव।



लेकिन तभी श्रद्धा जो रहमान के गुटखे से साडे मुंह को वो अपने मुंह में लेकर उसके काले होंथ चूस रही थी उसकी नज़र जैसे हाई ट्रेन केपैसेज पर गई वो होश में आई के वो किसी कमरे में नहीं बल्की वो एक ट्रेन के निकास द्वार पर है, जहां कोई भी आ सकता है और उसकीबचीकुची इज्जत भी जा सकती है, टैब वो रहमान के होंथ चूसना चोर उसके सीने पर हाथ से मुठी बनकर मरते हुवे उसके हवस के सागरसे बाहर लाने लगी, रहमान तो श्रद्धा की कमर कस कर पकड़े हुए थे जिससे श्रद्धा की छुट्टी भी नहीं हुई थी उस बेदर्द चुम्बन से जिसमें अबरहमान श्रद्धा के होंथ अब्ब दांत से काट रहा था, श्रद्धा के होठों से आता रिस्पॉन्स बंद पा कर रहमान फिर भी हवस के माया जाल में फंसाश्रद्धा के गुलाबी होंथ चुस्ते हुवे सादी बत्तीसी से कांट रहा था, जिसकी श्रद्धा की दर्द भारी आहे बस रहमान के चुंबन में ही रह जा रही थी।



रहमान को होश में ना आता देख श्रद्धा जिसकी बोलती रहमान के चल रहे किस ने बंद की थी, उसके पीछे उसकी पीठ को गंदी जिभ सेचाटते, चुम्बन से गिले करते हुए हुवे उसकी गांड की उभरी फांको को सारी के ऊपर से धीमी रफ्तार से अपनी लुंगी से टेंट बना कर उभरेहुए लंड से गुनगुना कर रहे। धोंदु को पिछे हाथ से धोंदु की जाँघ पर वो एक हाथ से मुट्ठी बनाकर पंच मारने लगी तब्ब जाकर धोंदु जोअपने लुंगी से टेंट बने लंड को श्रद्धा के गद्देदार गांड की फैनकोंके बिच आगे पिछे कर गांड की फाँको को मसल रहा था वो होश में आयाऔर बोला, "अरी का बात है मैडम, मूड खराब करत रहिट।"

अनपढ़ गवार बदसूरत काले गेंदे 5.5 फिट कद वाले धोंडू की बात सुन रहमान होश में आया और उसने जो श्रद्धा के उसकी कमर को कसकर पकड़ कर रखे हुवे श्रद्धा को किस कर रहा था उसे जरा ढील देकर उसे चुंबन तोड़ फिर श्रद्धा की सांसों में सांसें आई और हफ़्ते हुवेउकै जैसा मुंह एक पल के लिए बनकर वो ट्रेन के पैसेज की ओर इशारा करते हुवे बोली, "कोई आजेगा, चाचा," फिर कुछ और वोबोलती रहमान जिसकी आंखे अब डरावनी हवास से लाल हुई थी उसने श्रद्धा का एक नाज़ुक हाथ पकड़ा और उसे खींचते हुए ट्रेन केपैसेज से ले जाने लगा, तब बूढ़े 55 साल के धोंदु ने श्रद्धा को पीछे से चोरा और 35 सालका आधे उमर वाले रहमान जो श्रद्धा को कहींले जा रहा था उसके पीछे पीछे जाने लगा तब श्रद्धा जिसने रहमान को उस घिनोने चुम्बन में उसका साथ दिया था, चाहे छम्मक छल्लोयानि रंडी स्वभाव से ही क्यों ना हो सका वो सब लेकिन उसने दोनों ढोंडू और रहमान का उनके हवास में कुछ पल के लिए साथ दिया तोथा फ़िर भी उन कामुक पलों को झूठा मानकर या एक सपना मानकर, श्रद्धा जो किसी कटी पतंग की तरह रहमान ट्रेन के पैसेज से वो लेजा रहा था, वाह जा रही थी वो जैसे तैसे छोटी बच्ची की तरह बिना आसुओं के रोते हुवे बोली, "अम्म्म्म चाचा प्लिज़ मुझे छोड़ो, अम्म्म्ममैं आप दोनों के बेटी की उमरकी हूं, कुछो अपनी उमरका लहज करो आप दोनों।"



तब रहमान श्रद्धा को टूटी पतंग की तरह ट्रेन के डिब्बे के पैसेज से ले जाते हुवे धीमी आवाज में बोला, "मेमसाहब अब ज्यादा बोलो मतबस मजे लो, अब आपको भी पता है कि हम ही नहीं आप भी गरम हो चुकी हैं तो हम एक दूसरे की शारीरिक जरूरतों को पूरा कर सकतेहैं।" उन्हें कोई दिमाग चलाना नहीं था, के उनसे ये गरम पटाखा फसा कैसे बास, आदमखोर भेड़ियों को जो मिला है बस कोई सोचे बिनाखाना है बास।

ट्रेन के पैसेज से रहमान जहां उसे ले जा रहा था तब उसके पैरों की पायल छम छम कर रही थी तब श्रद्धा को कुछ ट्रेन के डिब्बे के सोफे मेंलोग सोए हुवे दिखे, तो कुछ काउच परदे से ढकी उसे दिख रही थी, तो कोई यात्री जाग कर उसे इस आधी नंगी हालत में इन निम्न वर्गमर्दों के बीच ना देखे, इस लिए ना चाहते हुवे वो चुपचाप रहमान उसे जहां ले जा रहा था वहा वो किसी कटी पतंग की तरह लहराते हुए, चुचियों को एक हाथ से छिपाते हुए जा रही थी, वो जैसे तैसे अपनी पायल की आवाज कम से कम हो, इस तरह चलते हुए रहमान जहांले जा रहा था वहां जा रही थी।
 
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आकाश कामुक सिस्कारिया लेते हुए हुवे उसकी नजरों के सामने उसकी बीवी जो उसे बूबजॉब के साथ लंड का टोपा बिच बिच मेंगुलाबी मुहसे चूसते जिभ से चटाते हुवे ट्रेन के रात का हादसा बता रही थी उसे बिच में रोकते हुए हुवे अपनी कामुक गोरी गुलाबी बीवीकी निली कामुक आँखों को देख वो अपने लंड से खेलती उसकी बीवी से कामुक सिसकारियां लेते हुए बोला, "आह्ह्ह हम्म्म, मतलबएक ब्लाउज से ये कांड हुआ और आखिर में उन निम्न वर्ग के कीड़ों ने अपने इरादे जाहिर किये तुम्हारे सामने, ठीक कहा ना जानू?" ऐसाबोलकर उसने अपनी बीवी के चुचियों के ऊपर गले में लटके उसके नाम के मंगलसूत्र को देखा कमुक होकर फिर उसकी हालत तारिके सेकाट कर लाल और सुजे एबी उत्तेजाना से खड़े हो गए उन गुलाबी सूजे बड़े एरोला के बीच 1 इंच खड़ा हुवे निपल की ओर वो इशाराकरने लगा जो बता रही थी के श्रद्धा उस ट्रेन वाले अंदरुनी को बताती हुवे काम वासना में गरम हो रही थी।
अपने पति की बात और उसके इशारे को समझे हुए श्रद्धा अपने पति का गरम खड़ा 8 इंच लंबा लंड अपने गरम चूचियों के बीच दोनोंहाथों से अपनी चूचियां पकड़ कर बिच खाई में पिस्ते हुवे ऊपर नीचे लंड को हिलाते हुए वो कामुक अंदाज में अपना निकला गुलाबीरसीला अपने पति की बात पर बोली, "अम्म्म हा बेबी," ऐसा बोलकर उसने पति के लंड के टोपी को उसके स्तन के बीचो बिच खाई मेंपिस्ते लंड को जो काम उत्तेजना से अब प्रीकम बहा रहा था हमें कहा पानी को वो चूसने लगी और चाटने लगी इसे, "sllllrpppppp slllirpppp," जैसी कामुक आवाजें बेडरूम में फिर से गूंजने लगी।



अपनी पत्नी की कामुक हरकतें देख आकाश को समाज आ चूका था के वो ज्यादा देर तक काम रस छोड़े बिना नहीं रहेगा, उसने आखिरीबात अपनी पत्नी की नीली आंखों में देख श्रद्धा की उसके लंड से हो रही कामुक हरकतें सहते कामुक सिसकारियां लेते हुए वो बोला, "स्मममम अह्ह्ह्ह,, अह्ह्ह्ह उन निम्न वर्ग के कीड़ों के बीच तुम्हें आधा नंगा इमेजिन कर मैं तो गरम हो चुका हूं और अपनी सुंदर बीवीको उन निम्न वर्ग के हाथों में आधा नंगा फसा पा कर गुस्सा तो नहीं लेकिन जेलस भरकर कर रहा हूं के किन्ही गैर मर्दों ने वो भी लोक्लास वाले मर्दों ने तुम्हें मेरे इलावा लगभाग नंगा देखा है, अब आगे बताओ क्या हुआ मेरी जान अह्ह्ह्ह।”

अपने पति की तरफ देख श्रद्धा को जरा सा भी हमें यानि आकाश में उन मर्दों के लिए गुस्सा नहीं दिख रहा था जिन्हो ने उसकी बीवी केकामुक गोरे बदन से दरिंदगी की थी, बस जो दिख रहा था वह थी हवस जो खुदकी बीवी को एक लो क्लास मर्दों के बीच फंसी पा करउत्पनन हुई थी, जो आगे उस रात में क्या कुछ हुआ ये सुनने के लिए आतुर दिख रही थी। जिसे देख आकाश की उस रात वाली घटनाको और आगे सुनने के लिए कहा जा सकता है कि उसकी ओर से गुहार पर श्रद्धा का नकचढ़ा छम्मक छल्लो स्वभाव बाहर आया जिसेआकाश शादी के बाद से वाकिफ था।



(यहाँ श्रद्धा का छम्मक छल्लो स्वभाव याने पागल स्वभाव है जिसमें औरत मर्द के छूटे ही या गंदी बातों से या फिर काई आसान तरीकों सेगरम होकर चोदने के लिए तैयार हो जाती है चाहे जो भी हो। शादी के बाद से ही ये निम्फोमेनियाक स्वभाव श्रद्धा का आकाश के सामनेउबरकर बाहर आया, जिसमें उसकी बीवी किसी भी वक्त चोदने के लिए तैयार रहती है। श्रद्धा के निम्फोमेनियाक स्वभाव को लेकरआकाश को ये गलतफैमी थी के उसकी प्यारी छम्मक छल्लो बीवी का ये डार्क स्वभाव उसके सामने तक ही सीमित था। जो गलत फैमीहाई क्लास सर्कल से बाहर आते ही उस ट्रेन के लो क्लास डिब्बे में क्या कुछ हुआ उसकी बीवी के साथ ये खुद उसकी बीवी के मुझसेसुनने वाली है।)

उस रात ट्रेन वाले हादसे को याद कर और उस हादसे को उसका पति बड़े चाव से कम हो कर आगे की कहानी को सुनने के लिए कहसकता है कि उसकी ओर गुहार को सुन्न श्रद्धा भी पता नहीं क्यों गर्म हुई और उसकी गर्माहट उसके चमक छल्लो स्वभाव से बाहर आनेलगी और वो छोटी बच्ची होगी जो आकाश के लिए रेड सिग्नल था के उसकी निम्फोमेनियाक बीवी उत्तेजित हुई है। तबी श्रद्धा अपने पतिके लंड को अपनी चुचियों के बीच पिसाकर ऊपर नीचे हिलाते हुए अपनी जिभ होठों के ऊपर से कामुक अंदाज में घुमाते हुए, फिर नीचेका महीना फिर से नीचे से मुंह में लेकर दत्से कटाते हुवे ऐसी ही कामुक हरकतें दिखाते हुवे अपने पति की ओर अपनी नीली आँखों सेदेख बोली, "अप्पको आगे सुनना है ना कि कैसे उन दरिंदों ने मेरा दूध मेरी चुचियों को दबा-दबा कर पिया और फिर मुझे चोद चोदकरआधा-मारा कर दिया? सुनना है ना आप को मेरे ट्रेन से उतारते ही लंगड़े की वजह?" तभी श्रद्धा को बीच में रोका कर आकाश उत्साहितहोकर काम उत्तेजना में बोला, "आह श्श्श हा जानू ऐसी गंदी बाते तुम्हारे मुहसे सुनने से मैं और गरम हो जाता हूं, ऐसे ही मिर्च मसालालगाकर ट्रेन वाला हादसा सुनाव।" ये बोलकर उसने उत्तेजाना में अपनी आंखे बंद कर अपनी गंदी फंतासी को इमेजिन करने लगाजिसकी उसकी बीवी को वो दो दरिंदों के बीच इमेजिन कर रहा था।

आकाश को श्रद्धा का चुदाई वाली बात कहना उस ट्रेन के कामुक घटना को मिर्च मसाला लगाने वाली बात की तरह उसे लग रही थी, उसे लग रहा था कि उसकी छम्मक छल्लो बीवी उसे और ज्यादा गरम करने के लिए ये सब कामुक बातें जोड़ रही है।



दूसरे और अपने प्यार यानी आकाश को उसकी गंदी बातों पर और उसकी कामुक हरकतें गरम होती देख उसने अपनी दोनों चुचियां औरभी ज्यादा जोर लगाकर अपने पति के 8 इंच लम्बे खड़े लंड को अपनी गोरी चुचियों के बीच पिस्ते हुवे ऊपर आला लंड को चुचियों सेहिलाते हुवे और मसलते हुवे वो आगे कामुक तारिके से झुकी हुवी जिसे काले नकाशी वाले पतले गाउन से उभरी गांड की फांके ऊपरउठी हुवी बड़ी कामुक लग रही उस कामुक पोजीशन में वो मजाकिया लहजे में बोली, "ठीक है मेरे कुक्कोल्ड पति, अब सुनो आगे क्याहुआ फिर सुनने के बाद पछताना मैट।”



श्रद्धा रात का ट्रेन हादसा बता रही हैं।



श्रद्धा अपने पति के खड़े लंड को अपने चुचियों के बीच खाई में पिस्ते हुवे चुचियों को दोनों हटों से पकड़ कर लंड को चुचियों से ऊपरनीचे करते हुए कामुक अंदाज में अपने काम उत्तेजित पति की बंद आंखों को देखते हुए वो बोली, "जैसे ही रहमान ने मुझे बोला के वोउनका हवस मिटे बिना मुझे छोड़ेंगे नहीं तो मुझे आधा नंगी हालत में चौकते हुवे सदमे में पहोंच गई, मेरे अंदर अब इन हवस से भरे दरिंदोंकी भूखी नजरों को देख मुझे समाज आचुका था के ये दोनों उसकी इज्जत लूटे बिना पीछे नफरत नहीं, तो मेरा समझदार दिमाग ये सोचरहा था कि इन दरिंदों का अगर विरोध किया तो उसकी इज्जत लूटने के चक्कर में बड़ा हंगामा होकर उसे इस हालत में ट्रेन मेह जो लोगमौजुद थे, उनकी नजरों के सामने वो लग्भाग नंगी हालात में एक निम्न वर्ग मर्दों के बीच पाकर उनकी नजरों में मेरी इज्जत उतर भी सकतीहै, तो मैंने एक कठिन निर्णय लिया उन दरिंदों के बीच उस लग्भाग नंगी हालात को लेकर के वो मामले को शांति से विरोध किये बिनासुलझेगी, लेकिन जैसे ही मैंने अपने आपको इस परिस्थिती से निकालना चाहा, मैं उल्टा और तेजी से चली गई उन दो दरिंदों के जालमें।” ऐसे बताएं हुवे श्रद्धा के चुचियों के बीच खाई में पिस्ते लंड से फिर से कामुक आवाज आने लगी जो श्रद्धा के उसकी चुचियां पकड़कर लंड को खाई मैं लेकर मसलते हुवे ऊपर नीचे कामुक अंदाज में हिलाते हुए आरेही थी, जो लंड की चंबड़ी बार बार टोपे से घिसने केकारण वो आवाज आ रही थी, जो बेहत कामुक आवाज थी, "पुच पुच पुच।"

ट्रेन की रात की घटना फ़्लैश बैक।





श्रद्धा को छोटी बच्ची की तरह रोता देख रहमान श्रद्धा को खा जाने वाली नजरों से देख बोला, "अब आप ही सोचो मेमसाहब आपकोलगभग नंगा और इतना वासना में गरम पा कर आपने हमें और भी ज्यादा गरम कर दिया है अब ब्लाउज तब ही मिलेगा जब आप हमारीहवा ठंडी करोगी।" रहमान ने जैसे ही अपने असली रंग दिखाए तब धोंदु भी पीछे नहीं रहा अब हम दोनों श्रद्धा के कामुक बदन को हवससे भरी नजरों से देखने लगे। दूसरी ओर श्रद्धा रहमान ने कही बात से हैरान थी और वो अपने गरम दूध से भरी चुचियों को दोनो हटों सेजैसे तैसे पारदर्शी नीली साड़ी के पल्लू से चिपाते हुवे छोटी बच्ची की तरह रोते हुवे सामने धोंडू और रहमान को उसकी ओर हवा भारीनजरों से देखती देख बोली, "अम्म्म्म नहीं मैं गरम नहीं हुई आह।" ऐसा बोलकर वो शर्म से नीचे देखने लगी,



श्रद्धा की बातों में काम उत्तेजना साफ रहमान और धोंदु को महसूस होरही थी, धोंदु तो बहती गंगा में हाथ धोने वालो में से था तो वा आगेबढ़कर आधा नंगी हालत में काम उत्तेजित हो चुकी श्रद्धा जैसी हाई क्लास औरत को, आगे बढ़कर कुछ करना मुनासिब नहीं समझालेकिन रहमान उल्टी खोपड़ी का था। जैसे मौके पर चौका मारने की आदत थी, और अगर बात एक अबला गरम हो चुकी औरत से जुड़ीहुई हो तो वो किसी भी हालात में कुछ भी करने से पहले नहीं सोचता, बस करर डालता है जो आप आगे देखेंगे।

तभी सामने एक हाई क्लास औरत के आधे नंगे बदन को ऊपर से नीचे देखते हुए 5.8 फिट का सवाल और रहमान आगे बढ़ा और उसनेमोगरे के कामुक सुगंध से भरी श्रद्धा की बात पर उसका चूचियों से ढके गोरे हाथ पकड़े और उन्हें बाजू हटाने लगा।



आम के बाद ये पहली बार था कि उसके बदन को कोई बाहरी मर्द चुरा रहा था तो वो जिसने बहुत सी गंदी कहानियाँ गलती से आकाशके लैपटॉप से पढ़ी थी कि थी जैसे कि मालकिन नौकरों से चुदती है, कंस्ट्रक्शन के लड़कों ने हाई क्लास पत्नी को चोदा, ऐसी गंदीकहानियाँ वाली फंतासी को सामने उसके साथ होता देख, यानी लो क्लास मार्डन के बिच लग्भाग अपने आप को नंगा पाकर वो कामउत्तेजित गरम हो चुकी थी इसी का फ़ायदा रहमान को मिला और उसको उसके गोरे हाथों को डोनो हाथों से चुचियों से दूर लेजानारहमान के लिए आसान रहा, 55 साल का बूढ़ा धोंडू तो बस आंखे फाड़कर रहमान जो हवास भरी हरकत एक हाई क्लास औरत से कररहा था बस वो देख के अपना काम उत्तेजित आंखे सीख रहा था और अपना खड़ा लंड लुंगी के ऊपर एक हाथ से हवास मैं मसल रहा था.

दूसरी ओर जैसी श्रद्धा की हाथों में जान ही ना हो वैसे उसके हाथ चुचियों से रहमान ने पकड़ कर अलग किये और सामने पारदर्शी साड़ीके पल्लू से दिखते बड़े अरेओला के बिच इरेक्ट 1 इंच निपल को हवस भारी नजरों से देखते हुवे रहमान सिसकते हुवे सामने का कामुकनजारा देख बोला, "आप गरम हो चुकी हो मेमसाहब हमारी तरह, देखिये तो आपकी चुचिया कैसे फूली है गरम होकर अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह।" ऐसा वो बोल ही रहा था कि उसने श्रद्धा को कुछ सोचने का समय ही नहीं दिया और उसने श्रद्धा के कामुक गोरे बदनको उसकी गोरीकमर को अपने एक हाथ से पकड़ कर एक झटके में अपने काले सांवले बदबुदार शरीर की ओर खींचा और फिर रहमान का आधा कालीबरमुदासे बना लंड का टेंट श्रद्धा की चूत पार साड़ी के ऊपर से चूभ गया और चुचिया रहमान के सीने से दब गई जैसे श्रद्धा की तो एकपल के लिए काम उत्तेजित सिस्कारिया ही निकली, "आह्ह्ह्ह" और दूसरी ओर श्रद्धा रहमान की गंदी बाहों में आ गई, फ़िर जो हुआउसने आगे जो होगा वो पहले से लिखदिया क्योके रहमान ने जैसे ही श्रद्धा को अपनी बाहों में फंसाया उसने श्रद्धा की गोरी कामुक गर्दनपर सारे चुंबन देना शुरू किया, श्रद्धा की गरम चुचियों को अपने सीने पर फील कर रहमान हवस में पागल सा हो गया, रहमान कीबदबुदार गरम सांसें अपनी कामुक अंगो पर महसूस कर श्रद्धा की गुलाबी चूत गिली हो रही थी। श्रद्धा के कामुक बदन से आती ख़ुशबू सेदूसरी ओर रहमान हवास में अपने आप को आगे श्रद्धा के साथ और ज़्यादा कामुक हरकत किये बिना रोक ना पाया, और वो बिच बिच मेंश्रद्धा की गरदन पर अपने गुटखे से सादी बत्तीसी से कहीं जगह पर कांट रहा था, जिसमें श्रद्धा की कामुक दर्द भारी आहे निकल रही थी, "आहहहहह आउच चाचा अह्ह्ह्ह।"


आगे का कामुक माहोल देख बदसूरत काला सांड ढोंडू भी हवास में जोश में आया और बहती गंगा में हाथ धोते हुए श्रद्धा की मस्त साड़ीसे उबरकर दिखती श्रद्धा की गांड की फाँके देख वो उत्तेजित हुआ और उसने श्रद्धा को पीछे से बाहों में लेकर चिपका दिया, और अपनीसफेद लुंगी से टेंट बने अपने लंड को श्रद्धा की 32 साइज की गद्देदार गोरी गांड की फैनकोनके बिच दबाने लगा और श्रद्धा के खुशबुदारबदन को, पीछे से नंगी पीठ को अपने काले होठों से चूमने लगा, टैब वो हुवा जिसे दोनों दरिंदोंकी गंदी हरकतों में इजाफा हुवा क्योकीश्रद्धा आगे पीछे से मर्दों के बीच पिस्ते हुवे उसकी खतरनाक जगह पर होते गन्दे होठों से चुंबन की बरसात से वो विरोध ना के बराबर औरकामुक सिस्कारिया ज्यादा लेने लगी, "आह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह, अम्म्म, छोरो अह्ह्ह्ह, चाचा अह्ह्ह्ह, "श्रद्धा की आवाज में विरोध से ज्यादाकाम उत्तेजाना से भारी सिस्कारिया थी जिसे देख सुन दोनों भेदिये जैसे आदमखोर ही बन गए।



अपने हाथ लगी नायाब चीज को उनके हिसाब से ढलता देख रहमान और धोंडू डोनो और भी ज्यादा काम उत्तेजित हुए, कहा हम सोच रहेथे कि रात में श्रद्धा को गहरी नींद में सोया पाकर सारी ऊपर कर कुछ गोरी जांघ तक देखने मिल जाए मिल जाए काफी था। लेकिन यहांतो ऐसा था कि उन्हें 10 रुपये में वड़ापाव नहीं बल्कि 5 स्टार में खाना मिल जाए, ऐसा हो रहा था।

उनके गंदे बदबुदार शरीर के हाथ लगी खुशबुदार हाई क्लास मेमसाहब के जिस्म को चूमकर उत्साह में हम दोनों दरिंदे थार-थार कांप रहेथे, तब रहमान ने अपने थार कांपते हुवे उत्तेजना से हमें श्रद्धा, जो उनकी खतरनाक हरकतों से उत्साहित होकर सिस्कार रही थी, तभीउसने श्रद्धा के खुले गुलाबी होठों में अपने काले होंठ लॉक किए और जो फ्रेंच वाला किस शुरू हुआ, हे भगवान काफी गर्म था, जहां श्रद्धापहले उन हवस के दरिंदों के गंदे बदबुदार शरीर की बदबू सुंघ कर कहीं न कहीं काम उतेजित होरही थी, जो निम्न वर्ग के मर्दों की निशानीहै, अब्ब मुहमे हमें बुराबुका स्वाद भी मिल्ने लगा का उपयोग करें क्योंकि रहमान अपना मुँह कभी साफ नहीं करता था और पान तम्बाकूखाता था तो उसका ही मिला जुला गंदा सा स्वाद श्रद्धा के मुँह में थूक से जा रहा था, जिसपर श्रद्धा को उकै सी भी आई लेकिन उसकेविरोध की जगह श्रद्धा और भी ज्यादा काम उत्तेजित हुई जिसकी वजह थी उसका निम्फोमेनियाक स्वभाव। फिर आगे जो हुआ वो तोरहमान और धोंडू के लिए चमत्कार से कम नहीं था क्योंकि श्रद्धा ने रहमान के किस का जवाब, अपने जिभ को रहमान की खुरदुरी गंदीजिभसे खेलें हुवे देना शुरू किया फिर जो हुआ बस वो नजारा देखते ही किसी को अंदाज़ा भी नहीं लग सकता के कोई हाई क्लास औरतऐसी भी कर सकती है क्योंकि श्रद्धा ने रहमान का अपने एक हाथ को उठाकर रहमान के सफेद काले बालों से भरे घने सर को पीछे सेपकड़ कर सर अपनी ओर खिचते हुवे अपनी गुलाबी होठों से रहमान के काले होंठ वो भी चूसने लगी, अपने लाल जिभसे वो भी रहमानकी गंदी गुटखे पान से पिली हो चुकी गंदी जिभसे खेलने लगी, उसके सर को सहलाने लगी, रहमान और श्रद्धा किसी प्रेमी की तरह एकदूसरे की जिभ मुँह में लेकर चूस रहे थे तो कभी दोनों एक दूसरे के चूस रहे थे जिसमें रहमान को तो श्रद्धा के मुंह का रस पीने में बड़ा हीमजा आ रहा था, दूसरी ओर छम्मक छल्लो श्रद्धा तो अपनी गंदी वाली कहानियां पढ़ने वाली फंतासी को सच में उसके साथ हो पा कर वोतो काम वासना में गरम हुवे जरूरी थी, वो अपने होश पूरी तरह खो चुकी थी, वो भूल चुकी थी के वो किसी की पत्नी और एक माँ है।इस चल रहे हैं कामुक कांड को अगर कोई देखता है तो जेलस जरूर होता है क्योंकि यहां लंगूरों के हाथ हुरर जो लग चुकी थी।



ट्रेन के निकास द्वार पर जो कांड हो रहा था उसका नजारा काफी काम उत्तेजित करने वाला था, एक हाई क्लास ख़ुशबूदार शादी शुदाऔरत दो लो क्लास बदबूदार मर्दों के बीच पिस रही थी उसे दोनो तरफ से, यानी आगे पीछे से कामुक हमले उसपर हो रहे थे, कामउठेजाना से उस औरत के पैरों में ठंडक कांप रहे थे जिसे देख लग रहा था कि वो उन दोनों के बाहोन से आजाद होते ही नीचे गिर जाएगी।

दूसरी ओर उन दोनो जहिलों को इतना भी पसंद नहीं था के कोई यहां आकार उनको इस चल रहे गंदे कांड को देख सकता है और उननिर्लजों की नहीं लेकिन एक शादीशुदा औरत की, एक माँ की इज्जत तो उतर सकती है इसका भी उन्हें लिहाज़ नहीं था, बस एक रंडीऔरत के गरम बदन से खेलने का मौका मिलते ही हम लोग उनके हवस से भारी भूख शांत करने में जुट गए, वे भूखे भेदिये ऐसा करे भीक्यों ना, क्योंकि उन्हें तो जो वे स्वीकार कर रहे थे उससे ज्यादा ही मिल रहा था।



श्रद्धा को खुद से ही अपने होंठ चूसते देख और उसका सर सहेलता देख रहमान को तो यकीन ही नहीं हो रहा था के एक हाई क्लासऔरत उनकी गन्दी हरकतों पर विरोध ही नहीं कर रही थी, याफिर कहे उसे इस कामुक स्थिति में विरोध करना ही नहीं है, जिसकी बड़ीवजह थी श्रद्धा का रंडी स्वभाव यानी छम्मक छल्लो स्वभाव।



लेकिन तभी श्रद्धा जो रहमान के गुटखे से साडे मुंह को वो अपने मुंह में लेकर उसके काले होंथ चूस रही थी उसकी नज़र जैसे हाई ट्रेन केपैसेज पर गई वो होश में आई के वो किसी कमरे में नहीं बल्की वो एक ट्रेन के निकास द्वार पर है, जहां कोई भी आ सकता है और उसकीबचीकुची इज्जत भी जा सकती है, टैब वो रहमान के होंथ चूसना चोर उसके सीने पर हाथ से मुठी बनकर मरते हुवे उसके हवस के सागरसे बाहर लाने लगी, रहमान तो श्रद्धा की कमर कस कर पकड़े हुए थे जिससे श्रद्धा की छुट्टी भी नहीं हुई थी उस बेदर्द चुम्बन से जिसमें अबरहमान श्रद्धा के होंथ अब्ब दांत से काट रहा था, श्रद्धा के होठों से आता रिस्पॉन्स बंद पा कर रहमान फिर भी हवस के माया जाल में फंसाश्रद्धा के गुलाबी होंथ चुस्ते हुवे सादी बत्तीसी से कांट रहा था, जिसकी श्रद्धा की दर्द भारी आहे बस रहमान के चुंबन में ही रह जा रही थी।



रहमान को होश में ना आता देख श्रद्धा जिसकी बोलती रहमान के चल रहे किस ने बंद की थी, उसके पीछे उसकी पीठ को गंदी जिभ सेचाटते, चुम्बन से गिले करते हुए हुवे उसकी गांड की उभरी फांको को सारी के ऊपर से धीमी रफ्तार से अपनी लुंगी से टेंट बना कर उभरेहुए लंड से गुनगुना कर रहे। धोंदु को पिछे हाथ से धोंदु की जाँघ पर वो एक हाथ से मुट्ठी बनाकर पंच मारने लगी तब्ब जाकर धोंदु जोअपने लुंगी से टेंट बने लंड को श्रद्धा के गद्देदार गांड की फैनकोंके बिच आगे पिछे कर गांड की फाँको को मसल रहा था वो होश में आयाऔर बोला, "अरी का बात है मैडम, मूड खराब करत रहिट।"

अनपढ़ गवार बदसूरत काले गेंदे 5.5 फिट कद वाले धोंडू की बात सुन रहमान होश में आया और उसने जो श्रद्धा के उसकी कमर को कसकर पकड़ कर रखे हुवे श्रद्धा को किस कर रहा था उसे जरा ढील देकर उसे चुंबन तोड़ फिर श्रद्धा की सांसों में सांसें आई और हफ़्ते हुवेउकै जैसा मुंह एक पल के लिए बनकर वो ट्रेन के पैसेज की ओर इशारा करते हुवे बोली, "कोई आजेगा, चाचा," फिर कुछ और वोबोलती रहमान जिसकी आंखे अब डरावनी हवास से लाल हुई थी उसने श्रद्धा का एक नाज़ुक हाथ पकड़ा और उसे खींचते हुए ट्रेन केपैसेज से ले जाने लगा, तब बूढ़े 55 साल के धोंदु ने श्रद्धा को पीछे से चोरा और 35 सालका आधे उमर वाले रहमान जो श्रद्धा को कहींले जा रहा था उसके पीछे पीछे जाने लगा तब श्रद्धा जिसने रहमान को उस घिनोने चुम्बन में उसका साथ दिया था, चाहे छम्मक छल्लोयानि रंडी स्वभाव से ही क्यों ना हो सका वो सब लेकिन उसने दोनों ढोंडू और रहमान का उनके हवास में कुछ पल के लिए साथ दिया तोथा फ़िर भी उन कामुक पलों को झूठा मानकर या एक सपना मानकर, श्रद्धा जो किसी कटी पतंग की तरह रहमान ट्रेन के पैसेज से वो लेजा रहा था, वाह जा रही थी वो जैसे तैसे छोटी बच्ची की तरह बिना आसुओं के रोते हुवे बोली, "अम्म्म्म चाचा प्लिज़ मुझे छोड़ो, अम्म्म्ममैं आप दोनों के बेटी की उमरकी हूं, कुछो अपनी उमरका लहज करो आप दोनों।"



तब रहमान श्रद्धा को टूटी पतंग की तरह ट्रेन के डिब्बे के पैसेज से ले जाते हुवे धीमी आवाज में बोला, "मेमसाहब अब ज्यादा बोलो मतबस मजे लो, अब आपको भी पता है कि हम ही नहीं आप भी गरम हो चुकी हैं तो हम एक दूसरे की शारीरिक जरूरतों को पूरा कर सकतेहैं।" उन्हें कोई दिमाग चलाना नहीं था, के उनसे ये गरम पटाखा फसा कैसे बास, आदमखोर भेड़ियों को जो मिला है बस कोई सोचे बिनाखाना है बास।

ट्रेन के पैसेज से रहमान जहां उसे ले जा रहा था तब उसके पैरों की पायल छम छम कर रही थी तब श्रद्धा को कुछ ट्रेन के डिब्बे के सोफे मेंलोग सोए हुवे दिखे, तो कुछ काउच परदे से ढकी उसे दिख रही थी, तो कोई यात्री जाग कर उसे इस आधी नंगी हालत में इन निम्न वर्गमर्दों के बीच ना देखे, इस लिए ना चाहते हुवे वो चुपचाप रहमान उसे जहां ले जा रहा था वहा वो किसी कटी पतंग की तरह लहराते हुए, चुचियों को एक हाथ से छिपाते हुए जा रही थी, वो जैसे तैसे अपनी पायल की आवाज कम से कम हो, इस तरह चलते हुए रहमान जहांले जा रहा था वहां जा रही थी।
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mkm775

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रहमान श्रद्धा का नाजुक दाहिना हाथ पकड़ कर उसे ट्रेन के डिब्बे के रास्ते से किसी कटी पतंग की तरह किसी जगह लेजाराहा था, तबश्रद्धा अपने काउच से भी गुजरी जहां उसने अपने पति को अपने 6 महीने के बेटे शौर्य के साथ सोया पेया, उसे मन कर रहा था के अपनेपति को वो आवाज लगाई लेकिन उसको इस आधी नंगी हालत में उसका पति निम्न वर्ग के लोगों के साथ देखेगा तो वो कुछ उल्टासोचेगा, इस उलझन में वो फंस गई और वो कुछ वो रिएक्ट करती उसने पहले कुछ कैच से गुजरते हुए रहमान ने एक खाली कैच देखा हीकिसी प्रेमी को लेते हैं वैसे वो वाहा श्रद्धा को लेकर घुसा फिर हदबदहत में, अपने हाथ में थमा श्रद्धा का नीला ब्रा नजदिकी बैठो पर फेंकाऔर पर्दा धोंडू को लगाने का बस इशारा करते हुए ही उसने वापसी श्रद्धा को एक झटका मेह श्रद्धा का गोरा गुलाबी नाज़ुक हाथ अपनेकाले खुरदुरे हाथ से पकड़ कर अपनी ओर खींचकर अपनी घिनोनी बड़बुदार बाहों में श्रद्धा के कामुक सिल्क नीली नकाशी वाली साड़ी मेंलिपटे खुशबुदार गोरे बदन को लिया तब रहेमन का उसकी काली मेली बरमूडा से टेंट बना लंड श्रद्धा की साड़ी के ऊपर से गुलाबी कामउठेजना से गिली होचुकी चूत पर जोर से चूमा तब श्रद्धा बस एक पल के लिए कामुक दर्द भरी आहे भारती रही, "आह्ह्ह आउचअह्ह्ह्ह," श्रद्धा की कामुक सिसकारियाँ सुन और तब रहमान जैसे बहुत दिनों बाद खाना खाने मिल रहा है वैसे श्रद्धा पर बिना कुछ सोचेटूट पर और श्रद्धा के गोरी गार्डन, गाल, नंगे कंधे इन पर अपनी चुंबनों की उसने वर्षा कर दी जिसमें वो अपनी सदी बत्तीसी से बिच बिच मेंयहा वाहा काट भी रहा था, "म्हह्ह्ह्ह मुह्ह्ह्ह मुह्ह्ह्ह एसएलएलएलएलआरपी एसएलएलएएलएआरपी।"और उसके दोनों हाथ श्रद्धाकी नंगी गोरी गुलाबी पीठ पर यहां वहा घूम रहे थे हर कामुक जगह टटोल रहे थे, रहमान किसी जानवर की तरह हाफते हुए और किसीअनमोल चीज को हाथ लगते ही जैसे एक्साइटेड होते हैं वैसे ही वो ओवर एक्साइटेड होकर थरथर कांप रहा था, रहमान की चल रहीगंदी हरकतों के बीच जैसे तैसे खादी तब श्रद्धा अपना मुंह डर ले जाने की कोशिश कर रही थी क्योंकि उस दरिंदे के मुंह से और शरीर सेबदबू आ रही थी, लेकिन वो गंध खुशबुदार श्रद्धा को पता नहीं क्यू कामुक कर रही थी। इसकी वजह थी गंदी वयस्क कहानियाँ जिसकागंदा वाला असर श्रद्धा जैसी रंडी पर हुआ था, कहिना कहीं यही वजह थी श्रद्धा चाहकर भी इन दो दरिंदों का विरोध जैसा करना चाहिएवैसा कर ही नहीं पा रही थी।
उसका छम्मक छल्लो स्वभाव यानी रंडी स्वभाव में वो लिपटा होकर छोटी बच्ची की तरह हवास में पागल होचुके रहमान की ओर अपनीनीली आँखों से देख, रहमान की हवास से लाल होचुकी डरावनी आँखों को देख डरते हुए अपने कामुक गोरे बदन को किसी मर्दानी पसीनके बब्बू से भरी बाहों में पाकर फिर वो उसकी कामुक हरकतें सहते हुवे जैसे तैसे सिसकते हुवे बोली," अम्म्मम्म, छोरो अह्ह्ह्ह, चचाह्ह्ह्ह, अह्ह्ह्ह," फिर अपना विरोध दिखाने के लिए अपने एक हाथ से रहमान के कठोर मर्दानी सीने पर घुसे मारने लगी जिनमेंजरा भी जान ही नहीं थी, दूसरी ओर अपने दूसरे हाथ से जैसे तैसे वो अपनी चुचिया पारदर्शी साड़ी के पल्लू से छिपा रही थी।



इन कमुक क्यूट हरकतें और सिस्कारिया सुन रहमान नीली आंखों से उसकी ओर देख रही श्रद्धा जो कियारा आडवाणी का एडवांस वर्जनहै उसको रहमान की कैमुक हरकतें पर गुस्सा होने की जगह छोटी बच्ची की तरह हरकतें हर्ता देख और श्रद्धा के बदन से अति कामुकमोगरे की सुगंध और नीली आँखों में खोकर रहमान की हवस और आगे बढी इस बार रहमान ने श्रद्धा की नंगी पीठ को सहलाते हुए उसकेउत्साह में थार-थार कांपते हाथ नीचे श्रद्धा की गद्देदार गोल मोती गांड पर गई ही थी के रहमान ने श्रद्धा की गांड की फाँके किसी आटे कीतरह मसलना शुरू किया, टैब श्रद्धानें अपनी गुलाबी फैनकोनको एक लो क्लास मर्द के कथोर हटन से मसला फील करर अपने आप हीउसका निकला होंथ मुंह में दांत से काटने लगी फिर अपने मुंह से बेशरम होकर कामुक सिस्कारिया लेने लगी, "आह्ह्ह्ह चाचा, अह्ह्ह्हअह्ह्ह्ह," के तभी "थप, थप" की आवाज के साथ श्रद्धा की दर्द भरी सिसकारी निकली, "अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह आउच अह्ह्ह्ह, चाचा क्याकर रहे हो अह्ह्ह्हह्ह आउच," तो वो आवाज़ थी हवास मैं पागल होचुके रहमान जो श्रद्धा की गांड की गरम मलयदार गद्देदार गांड कीफाँकों पर बरस्ते उसके कथोर हाथों से लगते थप्पड़ों की जो काफी ताकत से हवास मुझे खोकर रहमान ने मारे थे, उस थप्पड़ की हर एकमाँ श्रद्धा की गांड की गुलाबी फाँके जेली की तरह हिली थी, ऐसी हवास भारी हरकत करते हुए रहमान उसके हाथों में लिपटी श्रद्धा केकान के पास जाकर बोला, "बड़ी मस्त है आपकी गांड मेमसाहब, आप जबसे यहां आई थी तबसे आपकी गांड के हम दिवाने होचुके थे," श्रद्धा रहमान की गंदी बात पर बास छोटी बच्ची की तरह रुथते हुवे, "अम्म्म्म चाचा ची, गांडू," ऐसा बोलकर चुप हो गई।

काउच का परदा लगाने के बाद दूसरी ओर ढोंडू अपनी लुंगी के ऊपर से अपने लंड के टेंट को एक हाथ से मसलते हुए सामने श्रद्धा जोउससे पीठ करके खड़ी थी उसका उसका दोस्त बाहों में लिए हुए है जो किसी परी से भी कम नहीं थी जिसकी गांड की बड़ी फाँके उसकादोस्त मसल रहा है, उससे खेल रहा है।



ये देख एक दोस्त के लिए उसे लगा के ये एक सपना है तो उसने अपने बारे में सोचा, फिर उसे समाज आया के ये तो हकीकत है जहांउसके सामने श्रद्धा की कातिल गद्देदार गांड जिसे पहले उसने ट्रेन के निकास द्वार के नजदिक महेसुस किया था तब वो बहुत हवा में गरमहुआ था उस गद्देदार गांड को अपने दोस्त के घिनौने हाथ से साड़ी के ऊपर से किसी आटे की तरह मसलते देख, उन अनमोल गोरी फाँकोंको उसके दोस्त को थप्पड़ मारता हुआ देख, उस गांड की फांकों को हर थप्पड़ पर जिगल करता देख और ऊपर से श्रद्धा जिसकी खुशबूसे पूरा काच महक रहा था, उस हाई क्लास औरत को गुस्सा होने की जगह छोटी बच्ची होते हुए हुवे कामुक दर्द भारी सिस्कारिया लेतादेख धोंडू की हवस चारम सिमतक पहोंच गई लेकिन वो श्रद्धा जो उसकी ओर पीठ कर खड़ी उसके दोस्त की बाहों में पानी बिन मछलीकी तरह तड़प राही थी उसकी ओर वो जा ही रहा था कि रहमान जिसकी आंखे हवास से डरावनी लाल होचुकी थी उसने धोंडू को हवासमें हफ्ते हुवे थार थार कांपते हुवे कैच से बहार जाने को कहा और बोला के, "आह आह ह्ह्ह यार जरा बाहर जा और यहां इस मौके सेआवाज कितनी डरती है देख।" ये सुनते ही धोंदु ना चाहते हुए भी काउच से बाहर गया फिर रहमान ने धोंदु के बाहर जाते ही श्रद्धा जोएक हाथ से अपने बड़े 34 साइज़ चुचिया जैसे तैसे साड़ी के पल्लू से छिपते हुवे रहमान से चिपककर बाहों में लिपटी थी उसकी गांड कीफाँकों को मसलते हुवे एक जोरदार थप्पड़ रहमान ने अपने कठोर हाथ से मारा जिसे एक बार फिर श्रद्धा की गोल गद्देदार गांड की फांकेजेली की तरह कामुक अंदाज में हिली और श्रद्धा के मुँह से दर्दभरी सिसकारी निकली,"आहहह चाचा आहह अम्म्म,"

फ़िर श्रद्धा को बाहों में लिए हुवे ही श्रद्धा को घुमाकर ट्रेन की खिड़की के सामने ला कर परदे से बाहर अपना मुँह बहार निकाल कर झटकेहुवे धोंडू जो बहार ही खड़ा था उसे हवा में सिसकते हुए हुवे किसी गेंद की तरह हफ़्ते हुवे बोला, "हा हा अम्म आह्ह अबे क्या कुछआवाज आई बाहर?”



धोंडू, "नहीं, लगता है आवाज ट्रेन के इंजन की आवाज से दब गई।"



फिर उसने ढोंडू को बहार थाहेराकर श्रद्धा की गांड की फाँकों पर जोरदार थप्पड़ मारता या फिर जोर से उसकी गोर पेट पर चिकोटीकटाता जिसे श्रद्धा दर्द से करहा उठती फिर वो परदे से बाहर झक कर धोंदू से क्लियर करवाता के आवाज पूछ से बाहर जा रही है यानहीं, हर बार ढोंडू से मन मुताबिक ही जवाब रहमान को मिल रहा था, ये जो खेल रहमान खेल रहा था उसकी हरकतें देख वो बड़ा लंबाखेल खेलने के मूड में लग रहा था।



फिर कुछ मिनट बाद रहमान, धोंडू को काउच के अंदर आने का इशारा किया, फिर जो तूफ़ान आया जिसने सब हिला कर रख दियाक्योंकि अब काउच से आवाज बाहर नहीं जा रही तो रहमान के अंदर का हवास से भरा दानव जाग उठा था, रहमान किसी भूखे भेदिये कीतरह उसके बाहों में लिपटी कमुक गोरे बदन वाली हाई क्लास खुशबुदार शादीशुदा, एक बच्चे की माँ श्रद्धा के ऊपर टूट पारा, श्रद्धा केगोरे गले, गाल, बायां नंगा कंधा इनपार उसने चुंबन की बारिश कर दी जिसमें वो उन कामुक जांघों पर हवास में काट भी रहा था जिसेश्रद्धा की दर्द भरी सिसकारियाँ निकलने लगी, उसकी नीली आंखे काम उत्तेजना से बंद हुई, हर हरकत पर श्रद्धा की पायल की चैन चैनकैच के चारो ओर गुंजकर एक कामुक माहोले पेया कर रही थी।

"आह्ह्ह चाचा अम्म्म्म चो अह्ह्ह्ह," जैसा ही श्रद्धा का मुंह सिस्कारी लेने खुला रहमान ने अपने बड़बुदार श्रद्धा के रसीले होठों से लॉककिया और श्रद्धा का निचले होंठ वो हवास में कटाने लगा चूसने लगा, उसके मुँह का पान जैसा स्वाद श्रद्धा के मुँह में रहमान के थूक सेजाने लगा तब श्रद्धा मन ही मन चूसते हुए बोली, "ची कितना गंदा स्वाद है ये, पर मेरी कामिनी चूत तो इस स्वाद से और चाचा के शरीरसे आती है पसीने की बदबू" से काम उतीजित होकर दहक रही है भट्टी की तरह अह्ह्ह्ह छी कितनी गन्दी हूँ मैं अह्ह्ह्ह।”



शादिशुदा होने के बावजुद उसका छम्मक छल्लो या काहे रंडी स्वभाव ही था जो श्रद्धा को इस हवस में बहका रहा था, उसकी चूत कोभट्टी की तरह दहेका रहा था, उसे उन गन्दी कहानियों वाली फंतासी को साक्षात जीने के लिए कहा ना कहीं उसका उक्सा रहा था जिस सेश्रद्धा ने भी चुम्बनका तगदा प्रतिसाद देना शुरू किया और श्रद्धा रहमान के काले बदबुदार होठों को मुंह में लेकर चूसने लगी हवास मेंकाटने लगी।



श्रद्धा का साथ पा कर रहमान हवस में और ज्यादा पागल हुआ और उसने श्रद्धा की गांड की गरमा गरम चौड़ी फाँके पहले जो श्रद्धा कोचूमते हुए सहेला रहा था अब वो फ्रेंच किस करते हुए हुए, उनके हवास में मसलने लगे, अनपार दोनों हाथों से एक साथ थप्पड़ मारने लगाऔर कैच में "गांड की फाँकों पर लगते थप्पड़ों की आवाज गूंजने लगी, "थप थप थप।" जिससे श्रद्धा की दर्द भरी आहे बस रहमान केगंदे चुम्बन में सिमट गई, रहमान को यकीन नहीं हो रहा था कि उनके हाथ कितना मस्त माल आगा था जो विरोध के नाम पर बस छोटीबच्ची की तरह हरकत कर रहा था।

अपने सामने उसके दोस्त को हाई क्लास मेमसाब का हवास में पहले से ज्यादा इतना तगड़ा साथ मिला देख वो बहुचका रहे गया औरअपना काला लंड लुंगी के ऊपर से अपना लंड एक हाथ से मसलते हुए वो आगे बढ़कर खुश्बूदार श्रद्धा के साइड में खड़े होकर रहमान कीओर देख रहा था जो श्रद्धा को चूम रहा था, श्रद्धा के मुंह का रस पिए जा रहा था उसको एक हाथ से हाथ लगाकर हिलाते हुए बोला, "आह यार मेमसाहब को बोलना मुझे भी चुम्मी देदे।”और अपने फाफड़े जैसे गुटखे से साडे दांत दिखाने लगा टैब रहमान ने श्रद्धा सेअपना चुम्बन तोड़ा, लेकिन श्रद्धा की गांड की फांके हवस में मसलना उन्हें छूना लगतार जारी रखा जोकी उसके लिए बहुत हवस मेंअनमोल थी, दूसरे और रहमान के चुम्बन तोड़ते ही श्रद्धा अपनी कामुकता से आंख खोलती है, चुम्बक की तरह रहमान के मुंह के करीबउसका गुलाबी मुंह अपने आप जाने लगा या कहे हवास में बहकर जाने लगा और लगबाग उसके 5.8 कद से जरासी छोटी 5.6 फिट कदकी श्रद्धा जो बड़ी 2 इंच वाली हाईहिल में थी वो बस अपना मुंह रहमान की ओर ऊपर कर करीब जराही थी, जैसे वो कर रही थी उसेरहमान को समाज आ चुका था के आइटम बहुत गरम हो चुकी है लेकिन कैसे इन गंवारों की वजह से ये खुशबूदार हाई क्लास आइटमगरम हुई ये उसे समाज नहीं आ रहा था या कहे वो समाज ना भी नहीं चाहता था और वो इस गलत फैमी में था के इस मैडमस्त चिड़िया नेउन्हें मस्त प्लान बनाकर फंसा लिया है, उन्हें ये नहीं पता था के उनके जाल में श्रद्धा का चमक छल्लो स्वभाव ही था जिसने खुद से हीअपना आपको फासा लिया था।

तभी रहमान ने श्रद्धा की गांड की फांकों पर से एक हाथ उठाकर धोंदु को भी अपने आलिंगन में लिया और तब धोंदु ने श्रद्धा की कमर परअपने गंदे घिनोने हाथ रखे जो काम उटेजाना में कंपकंपी हुवे अब उस मलयिदार नंगी कमरको मसल रहे थे,



जो अब नजारा ये था के श्रद्धा का कामुक गोरा बदन अब डोनो धोंडू और रहमान की बाहों में एक साथ आ चूका था, तब रहमान ने श्रद्धाजो उसकी ओर चुंबन के लिए आ रही थी उसके मुंह को उसने हल्के से हाथ से दूसरी ओर ढोंडू के घिनोने बदबुदार मुंह को ले गया औरश्रद्धा अपने आप में तो नहीं थी तो हवास में उसने ढोंडू के बदबुदार काले बदसूरत दांत जो बहार थे उस मुँह को अपने मुँह में लेकर हवासमें उसके काले बदसूरत होंथ चूसने लगी, "मुह्ह्हह्ह्ह्ह यमम्म्म्म मुह्ह्ह्ह अह्ह्ह मुह्ह्ह्ह।" रहमान के मुंह से ज्यादा इस फूले पेट वालेकाले सांड का मुंह श्रद्धा को घिनोना स्वाद दिला रहा था जो बता रहा था कि ये बदबुदार कीट कभी दांत घिसता नहीं पर उसका मुंहगुटखा तंबाकू से हमेशा भरा रहता है जिसका स्वाद श्रद्धा के मुंह में ढोंडू की थूक से जा रहा था जिसे एक पल के लिए श्रद्धा को उकै भीआई जो बदमे काम उत्तेजाना में बदल गई, दूसरे और रहमान अब श्रद्धा के नंगी कामुक गोरी गर्दन, गाल, और कांधे पर काटने और चूमने लगा।

डोनो लो क्लास मर्दो की उसके कामुक बदन पर एकसथ होती चढ़ई से रंडी श्रद्धा हवस में पगला गई और उसने यानि एक हाई क्लासऔरत ने वो किया जिसकी कोई कल्पना भी नहीं कर सकता क्योंकि अब वो अपने एक हाथ से पारदर्शी पल्लू से चुचिया छिपना चोरअब वो अपने डोनो हटन से ढोंडू और रहमान के सर को सहला रही थी तभी अचानक श्रद्धा ने बड़बुदार धोंदु के बाल पकड़ कर उसकोअपने गोरे गुलाबी मुँह से जो चिपकू की तरह चिपकाया था उसके सर को डुरकर अपने गुलाबी मुँह से दूर कर वो वासना में बहेकर अपनेनिचले होठों को मुँह में काम उत्तेजना में लेकर फिर छोटी बची की तरह बोली, "अम्म्म्म अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह चाचा, आपके मुँह का स्वाद तोरहमान चाचा के मुहके स्वाद से भी गंदा है अह्ह्ह्ह अम्म्म अह्ह्ह्ह,"ऐसा काम उत्तेजना से सिस्कारते हुवे बोलकर दोनों दरिंदों कीबदबुदार बाहों में फसी खुशबुदार श्रद्धा ने अपना गुलाबी लाल मुंह खोला और काम उत्तेजना में जिभ बहार निकली और कामुक तारिके सेहिलाने लगी, ऐसी रसीली लाल जिभ को कामुक तारिके से हिलते देखते हाय रहमान और धोंडू हवस में पागल हो गए और उस जिभ कोचखने एकसथ टुट परे, जोकी श्रद्धा के जिभ बहार निकलने से काम उत्तेजना में मुंह का रस जिभ से बह रहा था उसे वो दोनों एक साथचटाने लगे, जैसा चाहिए था वैसा मन मुताबिक ही श्रद्धा को मिला, ये सब जो श्रद्धा कर रही है ये सब एक उसने पढ़ी हुई कहानी है किहाय उपज थी जिस्मे लो क्लास दो प्लंबर, मालिक की पत्नी के मुंह में एकसाथ चुम्बन लेते हैं उसकी फंतासी को श्रद्धा अब जी रही थीया कहे उस कहानी में जो हुआ उसे गंदी तारी के से श्रद्धा उस कामुक पल को जी रही थी।

श्रद्धा की जिभ धोंडू और रहमान चाटते हैं चुस्ते हुवे कब वो एकसाथ श्रद्धा का चुम्बन लेने लगे पता ही नहीं चला, हम दोनों एकसाथ रंडीको चोद चुके थे लेकिन ऐसे एक दूसरे के बदबुदार मुंह को नजदिक लाकर किसी औरत को चूमा नहीं था, जैसे हम अभी हवस में बहेकरबिना सोचे समझे एक दूसरे का थूक श्रद्धा के मुंह के रस के साथ निगलते हुए कर रहे थे, उस चुम्बनकी आवाज काफी कामुक थी, "मुह्ह्ह्हह्ह्ह्ह स्लेलरर्रर्रर्रप स्लेल्लआअर्प्प मुह्ह्ह्ह।"कि तभी रहमान की नजर नीचे गई तो उसने चुम्बन छोड़ दिया, वो नीचे तक ताकीलगाए देखने लगा, श्रद्धा के चुचिया जो अब श्रद्धा छिपा नहीं रही थी उन्हें ही वो खाने वाली नजरों से देखने लगा, जोकी श्रद्धा अब उसकीबाहों से जरा दूर थी तो उसे साफ चुचियों का कामुक नजारा साफ दिख रहा था, जिसकी नजरों को फॉलो करते हुए धोंडू ने भी श्रद्धा केरसीले होठों को और मुंह को चूसना छोड़ दिया और देखने लगा तो सामने जरा नीचे श्रद्धा के चुचिया बड़े एरोला के साथ 1 इंच खड़ा हुआनिपल का दर्शन पारदर्शी पल्लू से उन्हें हो रहा था जिसे देख हम हवा से अपनी आंखें सीखने लगे, उन दो निम्न वर्ग के मर्दों की नजर कहांहै ये देख श्रद्धा को अंदाज़ा लगा कि उसकी दूध से भरी चुचियों का दर्शन उन निम्न वर्ग के दरिंदों को पारदर्शी साड़ी से हो रहा है तब श्रद्धाका छम्मक छल्लो स्वभाव काम उत्तेजना में बहेकर बहार आया और वो दोनों दरिंदों की ढीली पकड़ से छूटे हुवे उनसे दूर होकरखिलखिलाते हुए छोटी बच्ची की तरह हंसते हुए हुवे उसने अपनी चुचिया वापसी एक हाथ से दिखाते हुए बोली, "हेहेहे, तुम दोनों कीशकल तो देखो जैसा कोई बहुत देख लिया हो हेहेहे, सच्ची देखना है आपको मेरी चुचियाँ, कितनी मस्त है?”

श्रद्धा को अपने से दूर जाकर अपने चुचिया वापस एक हाथ से छिपाते हुए छोटी बच्ची की तरह खिलखिलाते हुए उन्हें छेड़ते हुए उनसेकहि काम उतेजित करने वाली बात पर डोनो दरिंदो नकी आंखें हवस से जो पहले ही लाल हो चुकी थी अब उन्हें लालाच साफ दिखाईदेने लगा, एक कामुक अप्सरा के कामुक अंग देखने का लालच जिसको महसुस कर श्रद्धा के छम्मक छल्लो स्वभाव को अब उनसे हवासमें खेलने की सुज राही थी, जी हां उह हवस में डरावने दिख रहे दरिंदों के साथ छोटी बच्ची सी श्रद्धा को खेलने की सलाह रही थी, श्रद्धाको अंदाज नहीं था के वो किस हद तक इन निम्न वर्ग के कीड़ों को चारा दलकर पागल कर रही है।



छोटी बच्ची की तरह खिलखिलाते हुए श्रद्धा ने कही बात पर रहमान श्रद्धा की चुस चुस कर और काट कर लाल हुवे होठों की आस पासकी जगह को कामुक तारिके से देखते हुए फिर श्रद्धा की नीली आँखों में देखते हफ्ते हुए काम उत्तेजाना से थार थार कंपाते हुवे बोला, "आहहह, तड़पा मत मेरी जान अब दिखा भी दे तेरे दो दूध से भरे स्तन, रहा नहीं जा रहा अब्ब हमसे,"रहमान का उसे जान कहना" श्रद्धाको रस नहीं आया और वो उसपर किसी छोटी बच्ची की तरह मुंह बनाकर बोली, "अम्म्म मैं सिर्फ अपने पति की जान हूं आपकी नहीं।" और मुँह फुलाकर दूसरी ओर देखने लगी।



रहमान श्रद्धा को छोटी बच्ची की तरह उसकी बात पर विरोध करते हुए मुंह फुलाकर दूसरी ओर देखा काम उत्साह सिसकते हुए वो पहलेमन ही मन बोला, "आह अरे बापरे, मेरी बुलबुल तो रूथ गई हाहाहा," ऐसा सोचते हुए फिर वो श्रद्धा को बोला, "आह्ह्ह ठीक है बाबाआप हमारी मेमसाहब हैं जान नहीं लेकिन ये तो आप मानती हैं ना के हम दोनों आपके यार हैं?"

श्रद्धा रहमान की कही बात पर खिल उठी और कुछ रहमान की बात पर अपनासा लगा और वो फिर से उन दोनों की ओर देखते हुए उन्हेंमुस्कुरा दे कर हंसते हुए हुवे बोली, "हेहेहे, लेकिन क्या आप दोनों मेरे यारों को सच्ची में मेरे चुचिया देखना चाहते हैं? अम्म्म्म," ऐसाबोलकर जिभ निकलकर डोनो रहमान और धोंदू को छेड़ते हुवे फिर बोली, "मैं नहीं दिखाऊंगी," ऐसा बोलकर फिर उन डोनोन को छेड़तेहुवे पिछे पिछे जेकर कैची की बैंड खिड़की से जेकर चिपकी।



तभी रहमान को श्रद्धा का बचपना देख, रहा नहीं गया और उसने आगे बढ़कर श्रद्धा की कमर पकड़ कर अपनी बाहों में एक झटके मेंलिया जिसे श्रद्धा की चूत पर साड़ी के ऊपर से रहमान के बारमुदा से बना टेंट जोर से चूम गया जिसे श्रद्धा की एक पल केलियेआह्ह्ह्ह्ह्ह निकली तब रहमान श्रद्धा की नशीली नीली आँखों में देख श्रद्धा को कोई मौका दिए बिना बोला, "आप बड़ी बेकार होमेमसाहब कितना नखरे करती हो आप सही कहा ना धोंडू?" रहमान की बात पर ढोंडुने भी हमी भारी।



रहमान की बात सुन श्रद्धा फिर से मुंह फुलाकर छोटी बच्ची सी होगई और फिर रहमान की घिनोनी काली हवास से लाल हुवी आंखों मेंअपनी नीली आंखों से देखते हुए बोली, "अम्म्म्म, अच्छा अब आप दोनों को अब मैं नखरे बाज लग रही हूं, इतनी गंदी चीज मेरे साथ मैंनेअप्पको करने दी और अब मैं नखरेबाज होगई, बड़े ही भोंदू लोग हो तुम डोनो, इतनी दुर्गंध मरती हो फिर भी मैंने अपने करीब डोनों कोआने दिया।"
 
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अपने हर कामुक हमले पर श्रद्धा को छोटी बच्ची सा व्यवहार करता देख रहमान को समाज आ चूका था के इस छोटी बच्ची सी मदमस्तकामुक औरत के बदन से खेलना है तो छोटे बच्चों से जैसे प्यार से बात कर उनसे कोई भी चीज करावते है वैसे ही यहां भी करना होगाताकि उनकी गंदी घिनोनी चीजें करने के लिए हमने उन्हें फेंक दिया जाल में फंसी श्रद्धा जैसी हाई क्लास औरत को वे मना सके।

मोगरे के इत्र वाली खुशबूदार श्रद्धा की कही बात सुन बदबुदर सांड रहमान हवसमे गेंदे की तरह हफ्ते हुवे श्रद्धा की सिल्क नीली साड़ी केऊपर से उभरी बड़ी मोटी गांड एक हाथ से मसलते हुए, हवसमे सिस्कारते हुवे बोला, "ह्म्म्म्म अह्ह्ह ऐसा है तो," अपनी बात बिच मेंकाटती हुवे उसकी गंदी कामुक हरकतों से काम उत्तेजाना से सिस्कारती हुवी श्रद्धा जिस हाथ से चुचिया छिपाए हुवे उसके बाहों में लिपटीथी, वो लेफ्ट हाथ रहमान ने अपने खुरदुरे काले हाथ से पकड़ा और अपनी बात पूरी करते हुए हवसमे हाफते हुवे रहमान अपने गुटखे पानसे सादी पीली बत्तीसी दिखाते हुए बोला, "आहह मुझे अगर ऐसा करू अह्ह्ह्ह तो आपको परेशानी नहीं होनी चाहिए आह्ह, फिर ही मैंमानूंगा कि आप नखरेबाज नहीं हो,''ऐसा बोल कर उसने जैसे ही आधी नंगी श्रद्धा के पारदर्शी पल्लू के ऊपर चूचे छिपाए रहे श्रद्धा के बाएंहाथ को पकड़ कर साइड में लेना चाहा तो वो श्रद्धा का नाज़ुक गोरा हाथ तो बास माखन की तरह साइड हुवा और तभी श्रद्धा जिसकीगिली चूत डोनो लो क्लास मर्दोंकी कामुक हरकतों से गरम भट्टी की तरह तपगई थी उस कारण उसकी गरमी स्वभाव से उबरकर बहारआई और उसने एक हाथ से अपने नए यार यानी रहमान का उसने सिर एक हाथ से सहलाने लगी तो दूसरे हाथ से वो रहमान की पीठसहलाने लगी और काम उत्तेजना से आहे भारते हुवे निली आँखों से रहमान की हवास से लाल हुवी आँखों को बिना डरे बास काम उत्तेजनामें अपना निचले होंठ मुहं में भरकर दांत से काटते हुवे देख सिसकते हुवे छोटी बचीसी होकर बोली, "आह्ह्ह अम्म चाचा अब्तो याकिनहुवा ना के मैं नखरेबाज नहीं हूं,”श्रद्धा के 34 साइज के दूध से भरे बड़े तने हुवे चुचिया जो अब सिर्फ एक पारदर्शी नीले पल्लू से ढके थेउनको देख फिर एक बार ढोंडू और रहमान हवास में पागल हुए, श्रद्धा के बड़े गुलाबी एरिओला के साथ 1 इंच खड़ी हुवे निपल साड़ी केपारदर्शी नीले पल्लू से दिखायी दे रहे थे उन हवस से भरे दरिंदों को, इसी बीच श्रद्धा को अपने खड़े खड़े निपल बार बार साड़ी के कपड़े सेघिस घिसकर श्रद्धा काम उत्तेजित भी हो रही थी और निम्न वर्ग के लोगों के सामने जो अब इस कामुक अवस्था में थी उसे वो शर्म से लालहो रही थी और एक साहसिक कार्य सा उसे महसूस हो रहा था इस कामुक स्थिति में।
के तभी रहमान ने श्रद्धा की बात सुन वो अपना बड़बुदार मुंह अपनी घिनौनी बांहों में लिपटी श्रद्धा के गुलाबी गोरे मुंह के पास लाया औरदूसरा हाथ श्रद्धा के एक तरफ से खुली साड़ी की साइड से उसने श्रद्धा की गोरी नंगी कमर को अपने घिनौने दाहिने हाथ से सहलाते हुएमसलते हुवे वो हाथ ऊपर लेते हुए हुवे गेंदे की तरह काम उत्तेजना से हफ्ते हुवे बोला, "आहहह आह हा हा मेमसाहब, आप ठीक कह रहीहो, आहह के आप नखरेबाज नहीं हो," ऐसा कहते ही उसने श्रद्धा की नंगी कमर पर जो हाथ था वो ऊपर धीरे-धीरे लेने लगा तब श्रद्धा कोसमाज आ चुका था के वो हाथ कहा जा रहा है, तो वो अपने छम्मक छल्लो स्वभाव में आकार कुछ कर ना सकी .और वहा झटसे उत्साहमैं थार थार कनपते हुवे रहमान ने श्रद्धा का बायां स्तन चूचा दबोच लिया और पहले अपने अंगुठे में और तर्जनी में श्रद्धा के बड़े गुलाबीएरोला के साथ खड़े 1 इंच लम्बे निपल को लेके हवास में मसलने लगा जिसे अचानक हुवे इस बदबुदार रहमान के कामुक हवस भरेहमले से श्रद्धा दर्द से झलाते हुए उसकी सिसकारी निकली, "अह्ह्ह्ह अम्म अह्ह्ह्ह आउच अह्ह्ह्ह," तुरंत श्रद्धा का संस्कारी दिमागरहमान की होति गन्दी हरकतों से बोला, "आह्ह्ह्ह कुछ पाने के लिए कुछ खोना परेगा, फिर ही मैं दरिंदों के चांगुल से छुटपाऊंगीअह्ह्ह्ह दूसरा कोई तारिका नहीं समझ रहा अब, अह्ह्ह्हह्ह मेरे सैया क्या करू मैं अब, आपके ही करण बिगाड़ गई मैं अह्ह्ह्ह कितनामस्त लग रहा है अह्ह्ह्हह ये मीठा दर्द तो अह्ह्ह्हह्ह मार ही डालेगा।”
अपने प्लान के मुताबिक उसके अंदर की संस्कारी बहू एक आखिरी बार इन दरिंदों से छुटने का प्रयास करते हुए हुवे अपने रंडी स्वभाव सेमिलकर रहमान का सिर एक हाथ से सहेलते हुए, हमें पता है कि और निकली आँखों से देखते हुए हुए अपना मुँह आगे रहमान ने जोअपना बदबुदार मुँह उसे करीब लाया था, उसके करीब लेजा कर उसकी गन्दी बदबुदार सांसे महसूस कर उसे उत्तेजित हो कर श्रद्धासिसकते हुए हुवे कामुक अंदाज़ में बोली, "आह्ह्ह चाचा, क्या आप डोनो मेरे इन चिचियों से खेलने के बाद मुझे छोड़ देंगे?" ऐसाबोलकर वो जरा रुकी और एक पल के लिए करीब खड़े धोंडू और उसकी खुशबुदार बाहोन में किसी भी तरह से चिपके हुए बदमाशरहमान के तने काले लंड को बरमूडा से टेंट बने लंड को अपनी साड़ी के ऊपर से गुलाबी चूत पर महसुस कर रहमान की ओर देख कामुकअंदाज में उसने अपना साड़ी का पल्लू एक हाथ से नीचे गिराया और अपने पति के नाम का मंगलसूत्र और दूध से भरी चूचियों का खुलाप्रदर्शन करते हुए हुवे आगे बढ़ते हुए हुवे अपनी बात पूरी करते हुवे शरम से लाल होकर वो बोली, "आहह, अगर आप मुझे छोड़ने के लिएराजी होते हो तो मैं इन चुचियों से आप दोनों मेरे यारों को जी भरके खेलने दूंगी और," आगे कुछ श्रद्धा बोलती उसे पहले, रहमान श्रद्धा केदूध से भरे चूचे जो अब्ब पूरे खुलकर अपना प्रदर्शन कर रहे थे जिन्हें देख रहमान को रखा नहीं गया और उन्होंने श्रद्धा का लेफ्ट वाला चूचाहवास में थार थार कांपते हाथों से जरासा जोर से दबाया ही था के श्रद्धा की चुचियों से 1 इंच का खड़ा हुआ निपल से दूध की बूंदे बाहरनिकलने लगी जिन्हे देख बूढ़ा धोंडू जो उसके सामने एक हाई क्लास औरत के साथ कामुक कांड हो रहा था उसे देख वो एक्साइटमेंट मेंहकलाते हुए हुवे सिसकते हुए अपने खड़े काले लंड को लुंगी के ऊपर से अपने लंड के तंबू को मसलते हुए श्रद्धा के नंगे गोरे चूचे कोउसके दोस्त को दबाते देख बोला, "या अल्लाह्इइइइइइइइ हाय तो दूध निकल रहिट मेमसाहब कक्क की चुचियों से ।"
श्रद्धा रहमान के उसके संवेदनशील चूचे निपल्स जरा जोर से दबाने से उसके मुँह से दर्द भरी सिसकारी निकली, "आहह, चाचाअह्ह्ह्हह्ह आउच।"



बहुचके धोंडू की बात सुन रहमान काम उत्तेजना से हफ़्ते हुवे सिस्कारते हुवे बोला, "अह्ह्ह्ह दूध आएगा हाय, आह्ह अपनी मेमसाहिबका छोटा बच्चा भी तो है हेहेहे।" ऐसा बोलकर हंसते हुए हुवे फिर श्रद्धा के डोनो चूचे एक साथ डोनो एक्साइटमेंट में थार थार कपटे हाथोंमें पकड़े और उन चुचियों के निपल का मुंह अपने घिनोने बदबुदार खुले मुंह की ओर किया, फिर उन्हें जोर से उसने दबाया ही था के दूधकी पिचकारी सी श्रद्धा के गोरे दूधिया चुचियों से निकली और रहमान के बड़बुदार मुहं गई, ऐसा मीठा शहद का स्वाद वाला दूध कास्वाद मिला ही रहमान हवस में पागल हुआ और उसने दोनों चुचियों के निपल एकसाथ लाए और उन्हें एकसथ मुंह में भरकर दोनों हाथ सेदबा कर उनका दूध पीना लगा। रहमान को उसके मुहं में गरम दूध की पिचकारियां महसुस हो रही थी, इसी के साथ श्रद्धा के गरम नरमखड़े हुए निपल का मस्त सा अहसास उसके मुँह में हो रहा था वो उसके लिए बहुत ही ज्यादा काम उत्तेजित करने वाला अहसास था जिसेवो जी कहकर जीना चाह रहा था जैसे के ये मौका फिर कभी मिले या ना मिले यही सोच थी उसकी उस हवास से भरे दरिंदे की.

के तभी रहमान को साइड में ढकेलकर ढोंडू बहती गंगा में हाथ धोने आकर रहमान के ऐसे उसके चूचे जोर से दबाने से सिस्कार रही श्रद्धाके राइट वाले चूचे पर अपना कब्ज़ा कर लिया .



फिर क्या था श्रद्धा की केले जैसी खानबेसी जंघों से अपने लंड दोनों साइड से घिसते हुए मसलते हुए श्रद्धा को साइड बाय साइड बाहों मेंलेकर दोनों खराब क्लास सांड एक हाई क्लास श्रद्धा के बड़े चूचे जो उनके बड़े हाथों में भी जैसे तैसे आ रहे थे, उन गोरी गुलाबीचूचियोंको दबा दबा कर दूध की पिचकारी अपने मुँह में लेने लगे, और बाद में उन्ह दोनों ने श्रद्धा के चूचे मुँह में भरकर वे श्रद्धा के चूचे बड़ेएरोला के साथ मुँह में भरकर एक हाथ से दबाते हुवे दूध किसी बच्चे की तरह पीने लगे, तभी रहमान ने श्रद्धा के चुचियों से खेलते हुएश्रद्धा की ओर नजर ऊपर कर वो हवास में गेंदे की तरह हफ़्ते हुवे अपनी पीली बत्तीसी दिखाते हुए बोला, "आह्ह्ह्ह कितना मीठा दूध हैआपका मेमसाहद, साहब बहुत लकी हैं, क्या बोलते हैं धोंडू सही कहा ना?" जिसपर धोंदु जो हवस में अंधा बस श्रद्धा के चूचे चुसने में, उनका मीठा दूध पीने में लगा था उसके मुंह से रहमान को जवाब देते हुवे बास यमम्मम ऐसी आवाजे निकल रही थी, ऐसा लग रहा था किऐसा कामुक पल ढोंडू किसी भी हाल में एक भी पल खोना नहीं चाह रहा था।
दोनों हवस से भरे दरिंदों की ऐसी उसकी चुचियां पर होते हमलों से श्रद्धा अब पूरी गरम हो चुकी थी तो उसके अंदर की रंडी औरत बाहरआई और उसने रहमान और धोंदु के सारा अपनी गोरी गुलाबी चुचियों पर दोनों हाथों से दबाए और वो हवस में सिस्कारते हुए बोली, "अहह्ह्ह्ह चुप चप्प चूसो अह्ह्ह्ह कोई बैट मत करो अह्ह्ह्हह्ह।"



रहमान ने कही बात पर श्रद्धा का ऐसा कामुक रिस्पॉन्स देख धोंडू और खुद रहमान डोनो मेह हवास से जोश और बढ़ा और वे अब जोरजोर से श्रद्धा के चूचे जो उनके हाथ में किसी रुई की तरह महसुस हो रहे थे उन्हें दबा दबा कर चूचे मुंह में लेकर दूध के फव्वारा अपनी मुंहमें लेने लगे, वे दूध किन्ही जनवारोंकी तरह पिने लागे.

डोनो हवस से भरे दानवों के हो रहे उसके कामुक अंगो पर घावों से श्रद्धा को धांग से खड़ा रहा नहीं जा रहा था, वो तो बस रहमान औरधोंडू पर निधाल होकर अपने कामुक बदन का जोर डालकर काम उत्तेजना से अपनी नशीली आंखें बंद किये हुवे खड़ी थी, उसके पांवकाम उत्तेजाना से थार थार कानप रहे और मुंह से तो बस कामुक आहे निकल रही थी जो बाद में दर्द से भारी आहे बनी क्योंकि दोनोंदारिंदे अब श्रद्धा के चूचे जानवर की तरह दांतों से चबाने लगे, जिसे श्रद्धा दर्द से आहे भरते हुए काम उत्तेजना में आंखें बंद कर बोलती रहीके, "आह धीरे, दर्द हो रहा है अह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह।"



ऐसा कामुक नजारा, अब कैच में बन चुका था के क्या बताए, दो निम्न वर्ग के अधेड़ उमर वाले मर्द उनकी बेटी की उमर की शादीशुदामदमस्त बदनवाली औरत, उसको अगल बगल बाहों में लेकर दोनों श्रद्धा के चूचे अपनी अपनी तरफ से अपने घिनौने हाथ से दबाते हुवेजरा झुककर गोरी गुलाबी दोनों चुचियों को मुंह में भर कर बड़ा घेरा, खड़ा हुआ 1 इंच का होचूके निपल दांतों से चबाए हुवे उनसे निकलरहे दूध को किसी जानवर की तरह पी रहे थे जैसे कि उन्हें अमृत ही मिला हो पीना , उनके बदन की थार थरहाट बता रही थी के वे दोनोंकितने हवस मैं उत्साहित हूं हो रहा है जिन्हे थार काँपते महसुस कर श्रद्धा को एक पल के लिए मन ही मन हंसी आई की ये सोच कर किवे दो बूढ़े उसके गोरे बदन से जैसी बिजली उन दो निम्न वर्ग मर्दोन्मे जराही हो वैसे वे थार थार कांप रहे हैं, और श्रद्धा भी कुछ ज्यादा दूरथी बल्के वो भी काम उत्तेजना से कांप रही थी, उसका गोरा नंगा पेट उन डोनो दरिंदों की कामुक हरकतों से थार थार कांप रहा उन दरिंदोंको और हवा में पागल कर रहा था था जिसे वे बिच बिच मी डोनो दरिंदे श्रद्धा की नाभि में गोरी गुलाबी चुचिया चुस्ते, काटते हुए हुवेउंगली भी कर रहे थे, जो नजारा काफी दिखने में कम लग रहा था।

तभी दूसरी ओर श्रद्धा के पांव इन दरिंदों की घिनौनी हरकतों से काम उतीजना से उखाड़ ने लागे वो बस गिरती चली गई और वे दोनोहवस से भरे दानव भी चुम्बक की तरह श्रद्धा के चूचे दबाते हुवे उन्हें मुंह में लेकर चुस्ते हुवे काटते हुवे नीचे नीचे और फिर आख़िर में नज़रये था की कैच के फ्लोर पर साक्षात काम देवी साड़ी पहने हुवे लेती हुवी कमर से ऊपर पूरी नंगी और उसके गोरे गुलाबी चूचे दो राक्षसउसके ऊपर अगल बगल लेटकर मुँह में भरकर चूस रहे थे, वे दोनों बड़े गुलाबी अरेला को मुँह में भरकर निप्पल को चूस रहे थे उसे दाँतों सेचबा रहे थे जिसे वो काम देवी मीठे दर्द से सिस्कार राही थी, "आह्ह्ह्ह्ह्ह् अह्ह्ह्ह्ह्ह आउच अह्ह्ह्ह्ह्ह,"



रहमान और धोंदु ने इतना बड़ा ख़ूबसूरत कामुक एरोला देखा नहीं था जो उनके मुँह में जैसे तैसे आ रहा था जिसे चूसते हुए हुवे उनकागरम मीठा दूध पिते हुवे बड़ा मजा आ रहा था उन्हें, जिसे कामुक चूसने की आवाज़ आ रही थी, "पुच छिह छिछ छि।"



ऐसे मस्त बड़े गुलाबी अरेओला वाले दूधिया रंग वाले चूचे उन दोनों भेड़ियों ने अपनी जिंदगी में पहली बार देखे थे जिस से उनका हवसऔर भी ज्यादा बढ़ चुकी थी, और ऊपर से श्रद्धा के 34 साइज के चूचियां के बीच झुलता मंगलसूत्र वो उन दोनों को एक और भी पागलकर रहा था जो उन्हें बार-बार ये बोल रहा था के जिसके साथ वे ये घिनौना खेल खेल रहे हैं वो किसी और की अमानत है ये सोच कर हीवे हवास से पागल हो रहे थे, उन्हें उस मंगलसूत्र को देख बड़ा ही मजा आ रहा था जिसने अपने आपे में नहीं थे, वह बदबुदार भैंस काअपना आपा खोने की एक और वजह थी। वो थी उनके हर दांत से काटने पर दूधिया रंग वाली चूचियां पर लाल निशान सारा बार बनरहा था जो दिखने में बड़ा ही कामुक सा लग रहा था, जैसे वे अपनी प्रॉपर्टी को अपना निशाना दे रहे हो, जिसे देख वे पागल होकर औरढेर सारे निशान चुचियों को हर तरफ जोर जोर से, चूस चूस कर दूध पिते हुवे बना रहे थे।


(श्रद्धा जैसी खतरनाक औरत को इस हाल में पा कर रहमान और धोंडू को श्रद्धा में कोई तो गजब की बात है ये उन्हें समाज आ रही थी, लेकिन वो बात क्या है ये उन्हें समाज नहीं मिल रहा था, यानी उन गावरों को रंडी गरम औरत क्या होती है ये उन्हें नहीं पता था जिसने 70 फिसदी खेल उन दोनों को जिताकर एक हाई क्लास शादीशुदा औरत को इस हाल में उनके सामने लाया था उसी श्रद्धा के रंडी स्वभाव सेहम अंजान थे या काहे वे जाना भी नहीं चाहते थे, वे बस श्रद्धा के बदन से जी भरकर खेलना चाहते थे, उन्हें अब तक ऐसी मस्त मलाई डरऔरत उनसे चुद भी सकती है इसे अभी भी वे अंजन थे।)

श्रद्धा के बड़े गोरे दूधिया चूचियों के अरेओला का दिवाना तो आकाश यानी उसका पति भी था, उसके बच्चे के नामका मीठा दूध आकाशको भी पीने में मजा आता था, लेकिन यहाँ अपने पति और बच्चे के नाम का दूध इन लो क्लास मर्दों को पिता देख श्रद्धा एक पल के लिएहैरान थी, लेकिन दूसरे ही पल उसके रंडी दिमाग उसके ऊपर हावी हो गए और सब भूलाकर अपने नए यारों के सर को वो सहेलने लगी, जी हां इस हाल में भी हाई क्लास शादिशुदा श्रद्धा जो किसी और की अमानत है वो काम उत्साहित हुवे जा रही थी, तबही श्रद्धा दोनोंजानवरों को उसके गोरे गुलाबी चूचे जोर से दबाते, दांतसे काटते हुवे, उसका बड़ा अरेओला चबाते हुवे, दूध पिते हुवे देख दर्द से तड़पतीश्रद्धा मन ही मन आहे भारती हुवी काम उत्तेजना से अपनी आंखे बंद किये हुवे उसका रंडी स्वभाव बोला, "अहह्ह्ह्ह हाए दया, बहुत भूखेहैं ये दोनों अह्ह्ह्ह, देखो तो कैसे दबा दबा कर मेरे बच्चे के नाम का दूध पी रहे हैं अह्ह्ह्ह, लगता है इनकी भूख मिटने तक ये दोनों मुझेजाने नहीं देंगे, अह्ह्ह्ह इनका लंड तो देखो कितने बड़े महसुस हो रहे है मेरी जंघों पर, गरमा गरम है केले इनके अह्ह्ह्ह बहुत बड़े लगरहे है ये केले अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह," ऐसा सोचते हुवे श्रद्धा छोटी बच्ची सी हुवी और दो दरिंदे जो उसके गोरे गुलाबी चूचे मुंह में भरकरडांटे चबाते हुवे, चुस्ते हुवे हाथ से जोर जोर से जैसे ही दबाने लगे श्रद्धा के अंदर की रंडी स्वभाव दहेक दहेक कर जलते हुवे छोटी बच्चीसाबहार आने लगा और वो दर्द से सिस्कारते हुए काम उत्तेजाना से जो उसने आँखें बंद रखी थी हम खोल कर वो दर्द और सिस्करते हुवेबोली, "आह्ह्ह चाचा, अह्ह्ह्ह दर्द हो रहा है अह्ह्ह्ह आउच आह्ह जरा धीरे आह्ह।"

तभी अचानक रहमान ने एक ऐसी हरकत की जैसे श्रद्धा पानी बिन मछली की तरह तड़पने लगी, जी हां उसने श्रद्धा की चूत साड़ी के ऊपरसे मसलना शुरू किया था जो रहमान की हाथ पर साड़ी के ऊपर से ही गरम भट्टी की तरह अब लग रही थी, जो हाथ चूचे मसल रहा थावो अब गरम चूत मसल रहा था, ऐसा करते हुए रहमान श्रद्धा की चुनी मुंह से बाहर निकल कर श्रद्धा के केले जैसी जांघों पर एक तरफ सेजो उसने अपना एक पांव उसकी जांघ पर डालकर वो अपना लंड ढोंडू की तरह श्रद्धा की जांघों से आगे पीछे होकर चिपक कर मसलरहा था वो मेरे मुँह से सिसकारते हुए बोला, "आहहहह मेमसाहब आपकी चूत तो पूरी गरम गरम हो चुकी है आहहहह," ऐसा बोलकर वोऔर जोर से श्रद्धा की गुलाबी चूत सारी के ऊपर से बिंचते हुवे अपने थार थार कांपते हाथ से मसलने लगा तब श्रद्धा एक निम्न वर्ग केहाथ को उसके सबसे कामुक अंग पर घाव करता महसुस कर उसका रंडी स्वभाव तड़पते हुवे बहार निकल ने लगा, उसकी गद्देदार गांडऊपर उठाकर धनुष की तरह अपने शरीर को टैंकर वो अब बहुत ज्यादा गरम होचुकी है ये बात वो खुल्लम बातें करने लगी वो भी अनपढ़घिनोने जाहिलों को जिन्हे ये भी समाज नहीं थी के जहा वे ये कांड एक हाई क्लास औरत से कर रहे हैं वो काउच बस एक परदे से ढका हैजो सरकार कोई भी ये नजारा देख सकता है जिसे निर्लजों की नहीं, लेकिन एक शादीशुदा औरत की तो इज्जत मिट्टी में मिल सकती है, उन्हें तो बस अपनी हवस मिटाने की ही चुल थी एक मस्त मालइदार बदनवाली दूसरी बीवी से मजे लेकर, वो भी एक हाई क्लासखुशबुदार हाउस वाइफ के साथ जो वे सपने मैं भी नहीं सोच सकता कि ऐसी माल उनसे पट भी सकती है।

श्रद्धा की कामुक हरकतें देख रहमान को अब जाकर समाज आ चूका था की उनके हाथ बस श्रद्धा के कामुक बदन से सिर्फ खेलना नहींबलके वो बदन अपने खड़े लंड से पेलने भी मिल सकता है।



श्रद्धा की कामुक हरकतें देख रहमान को अब जाकर समाज आ चूका था के उनके हाथ बास श्रद्धा के कामुक बदन से सिर्फ खेलना नहींबलके वो बदन अपने खड़े लंड से पेलने भी मिल सकता है। ऐसा ख्याल दिमाग में आते ही सड़क छाप गंवार रहमान के नुकसान की नसफटने लगी और दिल काम उत्तेजाना से खिल उठा और श्रद्धा की गरम नरम चूत जो उसके कठोर हाथ पर साड़ी के ऊपर से भी भाती कीतरह गरम लग रही थी उसे जोर जोर से अपने उत्साह में थार थार कंपकंपी करते घिनोने काले खुरदुरे हाथ से मसलते हुवे भींचते हुवे श्रद्धाके बड़े चूचे मुंह में भरकर दूध पिते हुवे, चुस्ते हुवे धोंडू की तरह उन्हें बिच बिच में काटना नॉन स्टॉप चालू रखा जैसे काम उत्तेजाना से थारथार कांपती श्रद्धा की दर्द भरी आहे निकल रही थी, "अहह्ह्ह्हह हाय दया अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मरगयी अह्ह्ह्ह।"

अब श्रद्धा को अपनी डोनो सेंसिटिव दूध से भरी उन दांतों से काट काट कर लाल हो चुकी चुचियों पर ही नहीं बल्कि अब अपनी सबसेकामुक जगह यानि गुलाबी चूत पर होते हवस भरे हमले से कियारा आडवाणी की तरह दिखने वाली उस एक्ट्रेस की एडवांस कॉपी श्रद्धाकी सिल्क साड़ी से लिपटी उनसे उबरी गद्देदार गांड बार-बार काम उत्तेजना से ऊपर की ओर उछल रही थी, श्रद्धा इधर उधर कमरलचकते हुवे दोनों दरिंदों के पाँव जो दोनों तरफ से उसकी जाँघों पर थे जिसे उनका लंड अब श्रद्धा की हिलती नीली सिल्क साड़ी सेउभारकर दिखती गोरी मंसल जांघ से मसल रहे थे जिसे उन दोनो दरिंदों को और हवास में मजा आया था।



रहमान के हाथ जो श्रद्धा के चूत को साड़ी के ऊपर से मसल रहे थे उन्हें इरद गिर्द बार बार धनुष्की तरह ऊपरकी ओर टंकर तो कभी फ्लोरपर सीधे लेते लेते सांप की तरह वो हिल रही थी और कामुक दर्द भारी आहे लेते हुवे अपनी नशीली आँखे शर्म और काम उत्तेजाना से बंदकिये हुवे बस बोलती रही के, "अहहहहह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह अब्ब बस भी करो चाचा अह्ह्ह्ह।" ऐसा कहे कर उसने रहमान के सर कोजो उसका हाथ सहला रहा था वो हाथ नीचे अपने रहमान के हाथ से मसलती गुलाबी नाज़ुक चूत को भींचराहे काले हाथ पर रखा औरउसके घिनौने हाथ को वो उसे हटाने गई थी लेकिन हुआ उल्टा क्योंकि उसके रंडी स्वभाव ने खेल पलटा और रहमान के हाथ के ऊपरअपना गोरा हाथ रखकर वो भी रहमान के खेल में शामिल हुई और उसे भेदिये के साथ मिलकर अपनी चूत सारी के ऊपर से मसलने मेंसाथ देने लगी जो नजारा दिखने में वाकाई बड़ा ही कामुक लग रहा था।

ट्रेन की लो क्लास बोगी में छोटे कोच में जो हो रहा था वो देख कर किसी को भी यकीन नहीं होगा बलके कोई मर्द ऐसे किसी अबलाकामुक बदनवली हाई क्लास औरत को इस हाल में देखे तो खुद भी इस कांड में शामिल हो जाए ऐसा नजारा दिख रहा था. एक अप्सराजैसी दिखने वाली गोरे बदनवाली खुशबुदार हाई क्लास औरत कैच के गंदे फ्लोर पर लगभाग निर्वस्त्र लेती हुई है और उसके दोनों साइडसे उसकी साड़ी से उबरी मंसल जांघों पर पैर डोनो तरफ से दो राक्षस राखे हुवे अपने लंड पानी बिन मछली की तरह तड़प रही अप्सरा केजांघ पर राखे हुवे अपने लंड उस मनसल जांघ से मसलते हुए उस अप्सरा के चूचे बड़े गुलाबी अरेओला और 1 इंच खड़े कामुक निपलको मुंह में भरकर दूध पी रहे हैं ऐसा कामुक नजारा इस लो क्लास बोगी में पहली बार हुआ है जो पहले कभी नहीं हुआ और आगे कभीहोगा भी नहीं।



श्रद्धा का उसकी चूत मसलने में साथ पते ही रहमान हवस में बावरा खुश हुआ और दूसरे और रहमान को श्रद्धा की चूत से खेलते हुवे धोंडूतिरछी नजर से देख रहा था जो श्रद्धा के बाईं चूची से खेल रहा था जी भरकर एक हाथ से दबा दबा कर उस बड़े कामुक गुलाबी अरेओलाको मुंह में भरकर दांत से च्युइंगम की तरह चबाते हुए दूध जो पहले पिचकारी से मुंह में भर रहा था वो अब सिर्फ बुंदे ही बहा रहा, ऐसा हीकुछ रहमान के मुँह में पिस रहे श्रद्धा के राइट चूची से भी हो रहा था, यानी मतलब साफ था साले हरामी सड़क छाप कुत्तो ने एक मां केस्टैन से दूध निचोड़ निचोड़ कर पिकर खतम कर दिया था लेकिन फिर भी हम श्रद्धा के गुलाबी चूचे दांते चबाने से श्रद्धा को दर्द सेसिस्कारता देख हम दोनों मजे ले रहे थे.

उन्हें एक अबला औरत का वो हाई क्लास शादिशुदा औरत का दर्द से आहे भरना उनके घिनोने शरीर में जैसे बिजली को दौड़ा रहा था।अब मामला ये था के दोनों जानवर उस मां के दूधिया रंग वाली चूचियों को अपनी अपनी तरफ से दोनों लेट कर बड़ी 34 साइज कीचूचियां एक हाथ में जैसे तैसे लेकर दबा दबा कर उन्हें अपनी घिनोनी गुटखे तंबाकू से सादी बत्तीसी से कांट कांट कर श्रद्धा को दर्द दे रहेथे टैब रहमान और धोंडू एक साथ काम वासना में कुछ 30 मिनट राक्षस की तरह श्रद्धा की चूचियों से खेलने के बाद सिस्कारते हुवे बोलपरे, "आह दूध तो ख़तम होगया मेमसाहब आह,"ऐसा बोलकर उन दोनों ने आखिरी बार श्रद्धा के चूचे अपनी अपनी तरफ से एक हाथ सेजोर से दबाए पर दूध की अब एक बूंद भी दोनों चूचियों से नहीं निकल रही थी तब रहमन गेंदे की तरह हफ़्ते हुए हवस में अपनी लालआँखे श्रद्धा की वासना से बंद आँखों की ओर देख बोला, "आह्ह्ह अब्ब हमें और रस चाहिए आपके बदन से मेमसाहिब, हमारी हवस कोशांत करो मेमसाहिब अह्ह्ह्ह," ऐसा कहेकर रहमान ने अपने दूसरे राइट वाले हाथ से श्रद्धा की गरम भाटी सी लग रही गुलाबी चूत सारीके ऊपर से जरा और जोर से हाथ से उसने मसला जिसे श्रद्धा की दर्द भारी आहे निकली, "आह्ह्ह चाचा अह्ह्ह्ह दर्द अह्ह्ह्ह मामीअह्ह्ह्ह।"

फिर कुछ वक्त बाद उन दो राक्षसों ने श्रद्धा के चूचे अपने घिनोने मुंह से आजाद किए, लेकिन दोनों किसी स्पंज की तरह हम दोनों चूचियांदबाना उन्ही हाथों से मसलना बंद नहीं किया, जैसे के एक कुत्ता हड्डी मुंह में लगते ही उसे दांत गड़ाए रहते हैं वैसे ही वे निम्न वर्ग के कीड़ेश्रद्धा की चूचियों को हाथ में थमे मसलते हुए उनसे खेल रहे थे, श्रद्धा की गोरी गुलाबी चूचियों से खेलने से उनका जी भर ही नहीं रहा था, जिसे श्रद्धा असहनी कामुक पीड़ा में नहीं मिली थी, जैसी श्रद्धा अपनी आंखे काम उत्तेजना और दर्द से बंद रख श्रद्धा उनह हवस के दरिंदोंके हाथ अपने नाज़ुक हटों से अपनी नाज़ुक जाओ री चुचियों से दूर करने की वो कोशिश कर रही थी लेकिन वे गेंदे तो बस उनके हाथजैसे अनमोल खजाना लगा हो उस खजाने से वे डर जाना ही नहीं चाहते थे, इस करण उनके कथोर हाथ श्रद्धा अपने गरम 34 साइज कीचूचियों से दूर कर ना सकी या कहे वो डर करना ही नहीं चाहती थी, उसे दर्द में भी उसका रंडी स्वभाव मजा लेने लग चुका था, ये कैमुकखेल एडवेंचर से काम नहीं लग रहा था, जैसे श्रद्धा ऊपर से उन काले दानवों को विरोध तो जता रही थी लेकिन दूसरे ही पल सिस्कारियालेकर उन राक्षसों को और भी हवस में पागल कर रही थी, "अम्म्म्मम अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह धीरे अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह मैं अह्ह्ह्ह भागी नहीं रह रहीकहीं अह्ह्ह्ह।"


दूसरी ओर उन गरम कांट कांट कर लाल होचुकी चूचियों के बिच पिस्ते मंगलसूत्र को देख उन्ह दोनों गेंदों की हवस और भी ज्यादा बढ़रही थी, ऐसी मैडम मोगरे के सुगंध वाली खुशबुदार माल हाई क्लास शादिशुदा श्रद्धा के आधे नंगे बदनके नजदिक अब उन्हें कैच कीकामुक गर्मी में कपड़ो में रहना नामुकिनसा हो चूका था तो पहले श्रद्धा के बदन से ना चाहते हुवे दूर होकर हदबदाहत में रहमान ने अपनीकाली मैली बरमूडा अंडरवियर साहित निकली उसे फॉलो करते हुए हुवे बदसूरत काले गेंदे धोंदु ने भी बड़बुदर घिनोनी अपनी मैलीसुरक्षित लुंगी अंडरवियर साहित निकली,

 
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अपने हर कामुक हमले पर श्रद्धा को छोटी बच्ची सा व्यवहार करता देख रहमान को समाज आ चूका था के इस छोटी बच्ची सी मदमस्तकामुक औरत के बदन से खेलना है तो छोटे बच्चों से जैसे प्यार से बात कर उनसे कोई भी चीज करावते है वैसे ही यहां भी करना होगाताकि उनकी गंदी घिनोनी चीजें करने के लिए हमने उन्हें फेंक दिया जाल में फंसी श्रद्धा जैसी हाई क्लास औरत को वे मना सके।

मोगरे के इत्र वाली खुशबूदार श्रद्धा की कही बात सुन बदबुदर सांड रहमान हवसमे गेंदे की तरह हफ्ते हुवे श्रद्धा की सिल्क नीली साड़ी केऊपर से उभरी बड़ी मोटी गांड एक हाथ से मसलते हुए, हवसमे सिस्कारते हुवे बोला, "ह्म्म्म्म अह्ह्ह ऐसा है तो," अपनी बात बिच मेंकाटती हुवे उसकी गंदी कामुक हरकतों से काम उत्तेजाना से सिस्कारती हुवी श्रद्धा जिस हाथ से चुचिया छिपाए हुवे उसके बाहों में लिपटीथी, वो लेफ्ट हाथ रहमान ने अपने खुरदुरे काले हाथ से पकड़ा और अपनी बात पूरी करते हुए हवसमे हाफते हुवे रहमान अपने गुटखे पानसे सादी पीली बत्तीसी दिखाते हुए बोला, "आहह मुझे अगर ऐसा करू अह्ह्ह्ह तो आपको परेशानी नहीं होनी चाहिए आह्ह, फिर ही मैंमानूंगा कि आप नखरेबाज नहीं हो,''ऐसा बोल कर उसने जैसे ही आधी नंगी श्रद्धा के पारदर्शी पल्लू के ऊपर चूचे छिपाए रहे श्रद्धा के बाएंहाथ को पकड़ कर साइड में लेना चाहा तो वो श्रद्धा का नाज़ुक गोरा हाथ तो बास माखन की तरह साइड हुवा और तभी श्रद्धा जिसकीगिली चूत डोनो लो क्लास मर्दोंकी कामुक हरकतों से गरम भट्टी की तरह तपगई थी उस कारण उसकी गरमी स्वभाव से उबरकर बहारआई और उसने एक हाथ से अपने नए यार यानी रहमान का उसने सिर एक हाथ से सहलाने लगी तो दूसरे हाथ से वो रहमान की पीठसहलाने लगी और काम उत्तेजना से आहे भारते हुवे निली आँखों से रहमान की हवास से लाल हुवी आँखों को बिना डरे बास काम उत्तेजनामें अपना निचले होंठ मुहं में भरकर दांत से काटते हुवे देख सिसकते हुवे छोटी बचीसी होकर बोली, "आह्ह्ह अम्म चाचा अब्तो याकिनहुवा ना के मैं नखरेबाज नहीं हूं,”श्रद्धा के 34 साइज के दूध से भरे बड़े तने हुवे चुचिया जो अब सिर्फ एक पारदर्शी नीले पल्लू से ढके थेउनको देख फिर एक बार ढोंडू और रहमान हवास में पागल हुए, श्रद्धा के बड़े गुलाबी एरिओला के साथ 1 इंच खड़ी हुवे निपल साड़ी केपारदर्शी नीले पल्लू से दिखायी दे रहे थे उन हवस से भरे दरिंदों को, इसी बीच श्रद्धा को अपने खड़े खड़े निपल बार बार साड़ी के कपड़े सेघिस घिसकर श्रद्धा काम उत्तेजित भी हो रही थी और निम्न वर्ग के लोगों के सामने जो अब इस कामुक अवस्था में थी उसे वो शर्म से लालहो रही थी और एक साहसिक कार्य सा उसे महसूस हो रहा था इस कामुक स्थिति में।
के तभी रहमान ने श्रद्धा की बात सुन वो अपना बड़बुदार मुंह अपनी घिनौनी बांहों में लिपटी श्रद्धा के गुलाबी गोरे मुंह के पास लाया औरदूसरा हाथ श्रद्धा के एक तरफ से खुली साड़ी की साइड से उसने श्रद्धा की गोरी नंगी कमर को अपने घिनौने दाहिने हाथ से सहलाते हुएमसलते हुवे वो हाथ ऊपर लेते हुए हुवे गेंदे की तरह काम उत्तेजना से हफ्ते हुवे बोला, "आहहह आह हा हा मेमसाहब, आप ठीक कह रहीहो, आहह के आप नखरेबाज नहीं हो," ऐसा कहते ही उसने श्रद्धा की नंगी कमर पर जो हाथ था वो ऊपर धीरे-धीरे लेने लगा तब श्रद्धा कोसमाज आ चुका था के वो हाथ कहा जा रहा है, तो वो अपने छम्मक छल्लो स्वभाव में आकार कुछ कर ना सकी .और वहा झटसे उत्साहमैं थार थार कनपते हुवे रहमान ने श्रद्धा का बायां स्तन चूचा दबोच लिया और पहले अपने अंगुठे में और तर्जनी में श्रद्धा के बड़े गुलाबीएरोला के साथ खड़े 1 इंच लम्बे निपल को लेके हवास में मसलने लगा जिसे अचानक हुवे इस बदबुदार रहमान के कामुक हवस भरेहमले से श्रद्धा दर्द से झलाते हुए उसकी सिसकारी निकली, "अह्ह्ह्ह अम्म अह्ह्ह्ह आउच अह्ह्ह्ह," तुरंत श्रद्धा का संस्कारी दिमागरहमान की होति गन्दी हरकतों से बोला, "आह्ह्ह्ह कुछ पाने के लिए कुछ खोना परेगा, फिर ही मैं दरिंदों के चांगुल से छुटपाऊंगीअह्ह्ह्ह दूसरा कोई तारिका नहीं समझ रहा अब, अह्ह्ह्हह्ह मेरे सैया क्या करू मैं अब, आपके ही करण बिगाड़ गई मैं अह्ह्ह्ह कितनामस्त लग रहा है अह्ह्ह्हह ये मीठा दर्द तो अह्ह्ह्हह्ह मार ही डालेगा।”
अपने प्लान के मुताबिक उसके अंदर की संस्कारी बहू एक आखिरी बार इन दरिंदों से छुटने का प्रयास करते हुए हुवे अपने रंडी स्वभाव सेमिलकर रहमान का सिर एक हाथ से सहेलते हुए, हमें पता है कि और निकली आँखों से देखते हुए हुए अपना मुँह आगे रहमान ने जोअपना बदबुदार मुँह उसे करीब लाया था, उसके करीब लेजा कर उसकी गन्दी बदबुदार सांसे महसूस कर उसे उत्तेजित हो कर श्रद्धासिसकते हुए हुवे कामुक अंदाज़ में बोली, "आह्ह्ह चाचा, क्या आप डोनो मेरे इन चिचियों से खेलने के बाद मुझे छोड़ देंगे?" ऐसाबोलकर वो जरा रुकी और एक पल के लिए करीब खड़े धोंडू और उसकी खुशबुदार बाहोन में किसी भी तरह से चिपके हुए बदमाशरहमान के तने काले लंड को बरमूडा से टेंट बने लंड को अपनी साड़ी के ऊपर से गुलाबी चूत पर महसुस कर रहमान की ओर देख कामुकअंदाज में उसने अपना साड़ी का पल्लू एक हाथ से नीचे गिराया और अपने पति के नाम का मंगलसूत्र और दूध से भरी चूचियों का खुलाप्रदर्शन करते हुए हुवे आगे बढ़ते हुए हुवे अपनी बात पूरी करते हुवे शरम से लाल होकर वो बोली, "आहह, अगर आप मुझे छोड़ने के लिएराजी होते हो तो मैं इन चुचियों से आप दोनों मेरे यारों को जी भरके खेलने दूंगी और," आगे कुछ श्रद्धा बोलती उसे पहले, रहमान श्रद्धा केदूध से भरे चूचे जो अब्ब पूरे खुलकर अपना प्रदर्शन कर रहे थे जिन्हें देख रहमान को रखा नहीं गया और उन्होंने श्रद्धा का लेफ्ट वाला चूचाहवास में थार थार कांपते हाथों से जरासा जोर से दबाया ही था के श्रद्धा की चुचियों से 1 इंच का खड़ा हुआ निपल से दूध की बूंदे बाहरनिकलने लगी जिन्हे देख बूढ़ा धोंडू जो उसके सामने एक हाई क्लास औरत के साथ कामुक कांड हो रहा था उसे देख वो एक्साइटमेंट मेंहकलाते हुए हुवे सिसकते हुए अपने खड़े काले लंड को लुंगी के ऊपर से अपने लंड के तंबू को मसलते हुए श्रद्धा के नंगे गोरे चूचे कोउसके दोस्त को दबाते देख बोला, "या अल्लाह्इइइइइइइइ हाय तो दूध निकल रहिट मेमसाहब कक्क की चुचियों से ।"
श्रद्धा रहमान के उसके संवेदनशील चूचे निपल्स जरा जोर से दबाने से उसके मुँह से दर्द भरी सिसकारी निकली, "आहह, चाचाअह्ह्ह्हह्ह आउच।"



बहुचके धोंडू की बात सुन रहमान काम उत्तेजना से हफ़्ते हुवे सिस्कारते हुवे बोला, "अह्ह्ह्ह दूध आएगा हाय, आह्ह अपनी मेमसाहिबका छोटा बच्चा भी तो है हेहेहे।" ऐसा बोलकर हंसते हुए हुवे फिर श्रद्धा के डोनो चूचे एक साथ डोनो एक्साइटमेंट में थार थार कपटे हाथोंमें पकड़े और उन चुचियों के निपल का मुंह अपने घिनोने बदबुदार खुले मुंह की ओर किया, फिर उन्हें जोर से उसने दबाया ही था के दूधकी पिचकारी सी श्रद्धा के गोरे दूधिया चुचियों से निकली और रहमान के बड़बुदार मुहं गई, ऐसा मीठा शहद का स्वाद वाला दूध कास्वाद मिला ही रहमान हवस में पागल हुआ और उसने दोनों चुचियों के निपल एकसाथ लाए और उन्हें एकसथ मुंह में भरकर दोनों हाथ सेदबा कर उनका दूध पीना लगा। रहमान को उसके मुहं में गरम दूध की पिचकारियां महसुस हो रही थी, इसी के साथ श्रद्धा के गरम नरमखड़े हुए निपल का मस्त सा अहसास उसके मुँह में हो रहा था वो उसके लिए बहुत ही ज्यादा काम उत्तेजित करने वाला अहसास था जिसेवो जी कहकर जीना चाह रहा था जैसे के ये मौका फिर कभी मिले या ना मिले यही सोच थी उसकी उस हवास से भरे दरिंदे की.

के तभी रहमान को साइड में ढकेलकर ढोंडू बहती गंगा में हाथ धोने आकर रहमान के ऐसे उसके चूचे जोर से दबाने से सिस्कार रही श्रद्धाके राइट वाले चूचे पर अपना कब्ज़ा कर लिया .



फिर क्या था श्रद्धा की केले जैसी खानबेसी जंघों से अपने लंड दोनों साइड से घिसते हुए मसलते हुए श्रद्धा को साइड बाय साइड बाहों मेंलेकर दोनों खराब क्लास सांड एक हाई क्लास श्रद्धा के बड़े चूचे जो उनके बड़े हाथों में भी जैसे तैसे आ रहे थे, उन गोरी गुलाबीचूचियोंको दबा दबा कर दूध की पिचकारी अपने मुँह में लेने लगे, और बाद में उन्ह दोनों ने श्रद्धा के चूचे मुँह में भरकर वे श्रद्धा के चूचे बड़ेएरोला के साथ मुँह में भरकर एक हाथ से दबाते हुवे दूध किसी बच्चे की तरह पीने लगे, तभी रहमान ने श्रद्धा के चुचियों से खेलते हुएश्रद्धा की ओर नजर ऊपर कर वो हवास में गेंदे की तरह हफ़्ते हुवे अपनी पीली बत्तीसी दिखाते हुए बोला, "आह्ह्ह्ह कितना मीठा दूध हैआपका मेमसाहद, साहब बहुत लकी हैं, क्या बोलते हैं धोंडू सही कहा ना?" जिसपर धोंदु जो हवस में अंधा बस श्रद्धा के चूचे चुसने में, उनका मीठा दूध पीने में लगा था उसके मुंह से रहमान को जवाब देते हुवे बास यमम्मम ऐसी आवाजे निकल रही थी, ऐसा लग रहा था किऐसा कामुक पल ढोंडू किसी भी हाल में एक भी पल खोना नहीं चाह रहा था।
दोनों हवस से भरे दरिंदों की ऐसी उसकी चुचियां पर होते हमलों से श्रद्धा अब पूरी गरम हो चुकी थी तो उसके अंदर की रंडी औरत बाहरआई और उसने रहमान और धोंदु के सारा अपनी गोरी गुलाबी चुचियों पर दोनों हाथों से दबाए और वो हवस में सिस्कारते हुए बोली, "अहह्ह्ह्ह चुप चप्प चूसो अह्ह्ह्ह कोई बैट मत करो अह्ह्ह्हह्ह।"



रहमान ने कही बात पर श्रद्धा का ऐसा कामुक रिस्पॉन्स देख धोंडू और खुद रहमान डोनो मेह हवास से जोश और बढ़ा और वे अब जोरजोर से श्रद्धा के चूचे जो उनके हाथ में किसी रुई की तरह महसुस हो रहे थे उन्हें दबा दबा कर चूचे मुंह में लेकर दूध के फव्वारा अपनी मुंहमें लेने लगे, वे दूध किन्ही जनवारोंकी तरह पिने लागे.

डोनो हवस से भरे दानवों के हो रहे उसके कामुक अंगो पर घावों से श्रद्धा को धांग से खड़ा रहा नहीं जा रहा था, वो तो बस रहमान औरधोंडू पर निधाल होकर अपने कामुक बदन का जोर डालकर काम उत्तेजना से अपनी नशीली आंखें बंद किये हुवे खड़ी थी, उसके पांवकाम उत्तेजाना से थार थार कानप रहे और मुंह से तो बस कामुक आहे निकल रही थी जो बाद में दर्द से भारी आहे बनी क्योंकि दोनोंदारिंदे अब श्रद्धा के चूचे जानवर की तरह दांतों से चबाने लगे, जिसे श्रद्धा दर्द से आहे भरते हुए काम उत्तेजना में आंखें बंद कर बोलती रहीके, "आह धीरे, दर्द हो रहा है अह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह।"



ऐसा कामुक नजारा, अब कैच में बन चुका था के क्या बताए, दो निम्न वर्ग के अधेड़ उमर वाले मर्द उनकी बेटी की उमर की शादीशुदामदमस्त बदनवाली औरत, उसको अगल बगल बाहों में लेकर दोनों श्रद्धा के चूचे अपनी अपनी तरफ से अपने घिनौने हाथ से दबाते हुवेजरा झुककर गोरी गुलाबी दोनों चुचियों को मुंह में भर कर बड़ा घेरा, खड़ा हुआ 1 इंच का होचूके निपल दांतों से चबाए हुवे उनसे निकलरहे दूध को किसी जानवर की तरह पी रहे थे जैसे कि उन्हें अमृत ही मिला हो पीना , उनके बदन की थार थरहाट बता रही थी के वे दोनोंकितने हवस मैं उत्साहित हूं हो रहा है जिन्हे थार काँपते महसुस कर श्रद्धा को एक पल के लिए मन ही मन हंसी आई की ये सोच कर किवे दो बूढ़े उसके गोरे बदन से जैसी बिजली उन दो निम्न वर्ग मर्दोन्मे जराही हो वैसे वे थार थार कांप रहे हैं, और श्रद्धा भी कुछ ज्यादा दूरथी बल्के वो भी काम उत्तेजना से कांप रही थी, उसका गोरा नंगा पेट उन डोनो दरिंदों की कामुक हरकतों से थार थार कांप रहा उन दरिंदोंको और हवा में पागल कर रहा था था जिसे वे बिच बिच मी डोनो दरिंदे श्रद्धा की नाभि में गोरी गुलाबी चुचिया चुस्ते, काटते हुए हुवेउंगली भी कर रहे थे, जो नजारा काफी दिखने में कम लग रहा था।

तभी दूसरी ओर श्रद्धा के पांव इन दरिंदों की घिनौनी हरकतों से काम उतीजना से उखाड़ ने लागे वो बस गिरती चली गई और वे दोनोहवस से भरे दानव भी चुम्बक की तरह श्रद्धा के चूचे दबाते हुवे उन्हें मुंह में लेकर चुस्ते हुवे काटते हुवे नीचे नीचे और फिर आख़िर में नज़रये था की कैच के फ्लोर पर साक्षात काम देवी साड़ी पहने हुवे लेती हुवी कमर से ऊपर पूरी नंगी और उसके गोरे गुलाबी चूचे दो राक्षसउसके ऊपर अगल बगल लेटकर मुँह में भरकर चूस रहे थे, वे दोनों बड़े गुलाबी अरेला को मुँह में भरकर निप्पल को चूस रहे थे उसे दाँतों सेचबा रहे थे जिसे वो काम देवी मीठे दर्द से सिस्कार राही थी, "आह्ह्ह्ह्ह्ह् अह्ह्ह्ह्ह्ह आउच अह्ह्ह्ह्ह्ह,"



रहमान और धोंदु ने इतना बड़ा ख़ूबसूरत कामुक एरोला देखा नहीं था जो उनके मुँह में जैसे तैसे आ रहा था जिसे चूसते हुए हुवे उनकागरम मीठा दूध पिते हुवे बड़ा मजा आ रहा था उन्हें, जिसे कामुक चूसने की आवाज़ आ रही थी, "पुच छिह छिछ छि।"



ऐसे मस्त बड़े गुलाबी अरेओला वाले दूधिया रंग वाले चूचे उन दोनों भेड़ियों ने अपनी जिंदगी में पहली बार देखे थे जिस से उनका हवसऔर भी ज्यादा बढ़ चुकी थी, और ऊपर से श्रद्धा के 34 साइज के चूचियां के बीच झुलता मंगलसूत्र वो उन दोनों को एक और भी पागलकर रहा था जो उन्हें बार-बार ये बोल रहा था के जिसके साथ वे ये घिनौना खेल खेल रहे हैं वो किसी और की अमानत है ये सोच कर हीवे हवास से पागल हो रहे थे, उन्हें उस मंगलसूत्र को देख बड़ा ही मजा आ रहा था जिसने अपने आपे में नहीं थे, वह बदबुदार भैंस काअपना आपा खोने की एक और वजह थी। वो थी उनके हर दांत से काटने पर दूधिया रंग वाली चूचियां पर लाल निशान सारा बार बनरहा था जो दिखने में बड़ा ही कामुक सा लग रहा था, जैसे वे अपनी प्रॉपर्टी को अपना निशाना दे रहे हो, जिसे देख वे पागल होकर औरढेर सारे निशान चुचियों को हर तरफ जोर जोर से, चूस चूस कर दूध पिते हुवे बना रहे थे।


(श्रद्धा जैसी खतरनाक औरत को इस हाल में पा कर रहमान और धोंडू को श्रद्धा में कोई तो गजब की बात है ये उन्हें समाज आ रही थी, लेकिन वो बात क्या है ये उन्हें समाज नहीं मिल रहा था, यानी उन गावरों को रंडी गरम औरत क्या होती है ये उन्हें नहीं पता था जिसने 70 फिसदी खेल उन दोनों को जिताकर एक हाई क्लास शादीशुदा औरत को इस हाल में उनके सामने लाया था उसी श्रद्धा के रंडी स्वभाव सेहम अंजान थे या काहे वे जाना भी नहीं चाहते थे, वे बस श्रद्धा के बदन से जी भरकर खेलना चाहते थे, उन्हें अब तक ऐसी मस्त मलाई डरऔरत उनसे चुद भी सकती है इसे अभी भी वे अंजन थे।)

श्रद्धा के बड़े गोरे दूधिया चूचियों के अरेओला का दिवाना तो आकाश यानी उसका पति भी था, उसके बच्चे के नामका मीठा दूध आकाशको भी पीने में मजा आता था, लेकिन यहाँ अपने पति और बच्चे के नाम का दूध इन लो क्लास मर्दों को पिता देख श्रद्धा एक पल के लिएहैरान थी, लेकिन दूसरे ही पल उसके रंडी दिमाग उसके ऊपर हावी हो गए और सब भूलाकर अपने नए यारों के सर को वो सहेलने लगी, जी हां इस हाल में भी हाई क्लास शादिशुदा श्रद्धा जो किसी और की अमानत है वो काम उत्साहित हुवे जा रही थी, तबही श्रद्धा दोनोंजानवरों को उसके गोरे गुलाबी चूचे जोर से दबाते, दांतसे काटते हुवे, उसका बड़ा अरेओला चबाते हुवे, दूध पिते हुवे देख दर्द से तड़पतीश्रद्धा मन ही मन आहे भारती हुवी काम उत्तेजना से अपनी आंखे बंद किये हुवे उसका रंडी स्वभाव बोला, "अहह्ह्ह्ह हाए दया, बहुत भूखेहैं ये दोनों अह्ह्ह्ह, देखो तो कैसे दबा दबा कर मेरे बच्चे के नाम का दूध पी रहे हैं अह्ह्ह्ह, लगता है इनकी भूख मिटने तक ये दोनों मुझेजाने नहीं देंगे, अह्ह्ह्ह इनका लंड तो देखो कितने बड़े महसुस हो रहे है मेरी जंघों पर, गरमा गरम है केले इनके अह्ह्ह्ह बहुत बड़े लगरहे है ये केले अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह," ऐसा सोचते हुवे श्रद्धा छोटी बच्ची सी हुवी और दो दरिंदे जो उसके गोरे गुलाबी चूचे मुंह में भरकरडांटे चबाते हुवे, चुस्ते हुवे हाथ से जोर जोर से जैसे ही दबाने लगे श्रद्धा के अंदर की रंडी स्वभाव दहेक दहेक कर जलते हुवे छोटी बच्चीसाबहार आने लगा और वो दर्द से सिस्कारते हुए काम उत्तेजाना से जो उसने आँखें बंद रखी थी हम खोल कर वो दर्द और सिस्करते हुवेबोली, "आह्ह्ह चाचा, अह्ह्ह्ह दर्द हो रहा है अह्ह्ह्ह आउच आह्ह जरा धीरे आह्ह।"

तभी अचानक रहमान ने एक ऐसी हरकत की जैसे श्रद्धा पानी बिन मछली की तरह तड़पने लगी, जी हां उसने श्रद्धा की चूत साड़ी के ऊपरसे मसलना शुरू किया था जो रहमान की हाथ पर साड़ी के ऊपर से ही गरम भट्टी की तरह अब लग रही थी, जो हाथ चूचे मसल रहा थावो अब गरम चूत मसल रहा था, ऐसा करते हुए रहमान श्रद्धा की चुनी मुंह से बाहर निकल कर श्रद्धा के केले जैसी जांघों पर एक तरफ सेजो उसने अपना एक पांव उसकी जांघ पर डालकर वो अपना लंड ढोंडू की तरह श्रद्धा की जांघों से आगे पीछे होकर चिपक कर मसलरहा था वो मेरे मुँह से सिसकारते हुए बोला, "आहहहह मेमसाहब आपकी चूत तो पूरी गरम गरम हो चुकी है आहहहह," ऐसा बोलकर वोऔर जोर से श्रद्धा की गुलाबी चूत सारी के ऊपर से बिंचते हुवे अपने थार थार कांपते हाथ से मसलने लगा तब श्रद्धा एक निम्न वर्ग केहाथ को उसके सबसे कामुक अंग पर घाव करता महसुस कर उसका रंडी स्वभाव तड़पते हुवे बहार निकल ने लगा, उसकी गद्देदार गांडऊपर उठाकर धनुष की तरह अपने शरीर को टैंकर वो अब बहुत ज्यादा गरम होचुकी है ये बात वो खुल्लम बातें करने लगी वो भी अनपढ़घिनोने जाहिलों को जिन्हे ये भी समाज नहीं थी के जहा वे ये कांड एक हाई क्लास औरत से कर रहे हैं वो काउच बस एक परदे से ढका हैजो सरकार कोई भी ये नजारा देख सकता है जिसे निर्लजों की नहीं, लेकिन एक शादीशुदा औरत की तो इज्जत मिट्टी में मिल सकती है, उन्हें तो बस अपनी हवस मिटाने की ही चुल थी एक मस्त मालइदार बदनवाली दूसरी बीवी से मजे लेकर, वो भी एक हाई क्लासखुशबुदार हाउस वाइफ के साथ जो वे सपने मैं भी नहीं सोच सकता कि ऐसी माल उनसे पट भी सकती है।

श्रद्धा की कामुक हरकतें देख रहमान को अब जाकर समाज आ चूका था की उनके हाथ बस श्रद्धा के कामुक बदन से सिर्फ खेलना नहींबलके वो बदन अपने खड़े लंड से पेलने भी मिल सकता है।



श्रद्धा की कामुक हरकतें देख रहमान को अब जाकर समाज आ चूका था के उनके हाथ बास श्रद्धा के कामुक बदन से सिर्फ खेलना नहींबलके वो बदन अपने खड़े लंड से पेलने भी मिल सकता है। ऐसा ख्याल दिमाग में आते ही सड़क छाप गंवार रहमान के नुकसान की नसफटने लगी और दिल काम उत्तेजाना से खिल उठा और श्रद्धा की गरम नरम चूत जो उसके कठोर हाथ पर साड़ी के ऊपर से भी भाती कीतरह गरम लग रही थी उसे जोर जोर से अपने उत्साह में थार थार कंपकंपी करते घिनोने काले खुरदुरे हाथ से मसलते हुवे भींचते हुवे श्रद्धाके बड़े चूचे मुंह में भरकर दूध पिते हुवे, चुस्ते हुवे धोंडू की तरह उन्हें बिच बिच में काटना नॉन स्टॉप चालू रखा जैसे काम उत्तेजाना से थारथार कांपती श्रद्धा की दर्द भरी आहे निकल रही थी, "अहह्ह्ह्हह हाय दया अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मरगयी अह्ह्ह्ह।"

अब श्रद्धा को अपनी डोनो सेंसिटिव दूध से भरी उन दांतों से काट काट कर लाल हो चुकी चुचियों पर ही नहीं बल्कि अब अपनी सबसेकामुक जगह यानि गुलाबी चूत पर होते हवस भरे हमले से कियारा आडवाणी की तरह दिखने वाली उस एक्ट्रेस की एडवांस कॉपी श्रद्धाकी सिल्क साड़ी से लिपटी उनसे उबरी गद्देदार गांड बार-बार काम उत्तेजना से ऊपर की ओर उछल रही थी, श्रद्धा इधर उधर कमरलचकते हुवे दोनों दरिंदों के पाँव जो दोनों तरफ से उसकी जाँघों पर थे जिसे उनका लंड अब श्रद्धा की हिलती नीली सिल्क साड़ी सेउभारकर दिखती गोरी मंसल जांघ से मसल रहे थे जिसे उन दोनो दरिंदों को और हवास में मजा आया था।



रहमान के हाथ जो श्रद्धा के चूत को साड़ी के ऊपर से मसल रहे थे उन्हें इरद गिर्द बार बार धनुष्की तरह ऊपरकी ओर टंकर तो कभी फ्लोरपर सीधे लेते लेते सांप की तरह वो हिल रही थी और कामुक दर्द भारी आहे लेते हुवे अपनी नशीली आँखे शर्म और काम उत्तेजाना से बंदकिये हुवे बस बोलती रही के, "अहहहहह अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह अब्ब बस भी करो चाचा अह्ह्ह्ह।" ऐसा कहे कर उसने रहमान के सर कोजो उसका हाथ सहला रहा था वो हाथ नीचे अपने रहमान के हाथ से मसलती गुलाबी नाज़ुक चूत को भींचराहे काले हाथ पर रखा औरउसके घिनौने हाथ को वो उसे हटाने गई थी लेकिन हुआ उल्टा क्योंकि उसके रंडी स्वभाव ने खेल पलटा और रहमान के हाथ के ऊपरअपना गोरा हाथ रखकर वो भी रहमान के खेल में शामिल हुई और उसे भेदिये के साथ मिलकर अपनी चूत सारी के ऊपर से मसलने मेंसाथ देने लगी जो नजारा दिखने में वाकाई बड़ा ही कामुक लग रहा था।

ट्रेन की लो क्लास बोगी में छोटे कोच में जो हो रहा था वो देख कर किसी को भी यकीन नहीं होगा बलके कोई मर्द ऐसे किसी अबलाकामुक बदनवली हाई क्लास औरत को इस हाल में देखे तो खुद भी इस कांड में शामिल हो जाए ऐसा नजारा दिख रहा था. एक अप्सराजैसी दिखने वाली गोरे बदनवाली खुशबुदार हाई क्लास औरत कैच के गंदे फ्लोर पर लगभाग निर्वस्त्र लेती हुई है और उसके दोनों साइडसे उसकी साड़ी से उबरी मंसल जांघों पर पैर डोनो तरफ से दो राक्षस राखे हुवे अपने लंड पानी बिन मछली की तरह तड़प रही अप्सरा केजांघ पर राखे हुवे अपने लंड उस मनसल जांघ से मसलते हुए उस अप्सरा के चूचे बड़े गुलाबी अरेओला और 1 इंच खड़े कामुक निपलको मुंह में भरकर दूध पी रहे हैं ऐसा कामुक नजारा इस लो क्लास बोगी में पहली बार हुआ है जो पहले कभी नहीं हुआ और आगे कभीहोगा भी नहीं।



श्रद्धा का उसकी चूत मसलने में साथ पते ही रहमान हवस में बावरा खुश हुआ और दूसरे और रहमान को श्रद्धा की चूत से खेलते हुवे धोंडूतिरछी नजर से देख रहा था जो श्रद्धा के बाईं चूची से खेल रहा था जी भरकर एक हाथ से दबा दबा कर उस बड़े कामुक गुलाबी अरेओलाको मुंह में भरकर दांत से च्युइंगम की तरह चबाते हुए दूध जो पहले पिचकारी से मुंह में भर रहा था वो अब सिर्फ बुंदे ही बहा रहा, ऐसा हीकुछ रहमान के मुँह में पिस रहे श्रद्धा के राइट चूची से भी हो रहा था, यानी मतलब साफ था साले हरामी सड़क छाप कुत्तो ने एक मां केस्टैन से दूध निचोड़ निचोड़ कर पिकर खतम कर दिया था लेकिन फिर भी हम श्रद्धा के गुलाबी चूचे दांते चबाने से श्रद्धा को दर्द सेसिस्कारता देख हम दोनों मजे ले रहे थे.

उन्हें एक अबला औरत का वो हाई क्लास शादिशुदा औरत का दर्द से आहे भरना उनके घिनोने शरीर में जैसे बिजली को दौड़ा रहा था।अब मामला ये था के दोनों जानवर उस मां के दूधिया रंग वाली चूचियों को अपनी अपनी तरफ से दोनों लेट कर बड़ी 34 साइज कीचूचियां एक हाथ में जैसे तैसे लेकर दबा दबा कर उन्हें अपनी घिनोनी गुटखे तंबाकू से सादी बत्तीसी से कांट कांट कर श्रद्धा को दर्द दे रहेथे टैब रहमान और धोंडू एक साथ काम वासना में कुछ 30 मिनट राक्षस की तरह श्रद्धा की चूचियों से खेलने के बाद सिस्कारते हुवे बोलपरे, "आह दूध तो ख़तम होगया मेमसाहब आह,"ऐसा बोलकर उन दोनों ने आखिरी बार श्रद्धा के चूचे अपनी अपनी तरफ से एक हाथ सेजोर से दबाए पर दूध की अब एक बूंद भी दोनों चूचियों से नहीं निकल रही थी तब रहमन गेंदे की तरह हफ़्ते हुए हवस में अपनी लालआँखे श्रद्धा की वासना से बंद आँखों की ओर देख बोला, "आह्ह्ह अब्ब हमें और रस चाहिए आपके बदन से मेमसाहिब, हमारी हवस कोशांत करो मेमसाहिब अह्ह्ह्ह," ऐसा कहेकर रहमान ने अपने दूसरे राइट वाले हाथ से श्रद्धा की गरम भाटी सी लग रही गुलाबी चूत सारीके ऊपर से जरा और जोर से हाथ से उसने मसला जिसे श्रद्धा की दर्द भारी आहे निकली, "आह्ह्ह चाचा अह्ह्ह्ह दर्द अह्ह्ह्ह मामीअह्ह्ह्ह।"

फिर कुछ वक्त बाद उन दो राक्षसों ने श्रद्धा के चूचे अपने घिनोने मुंह से आजाद किए, लेकिन दोनों किसी स्पंज की तरह हम दोनों चूचियांदबाना उन्ही हाथों से मसलना बंद नहीं किया, जैसे के एक कुत्ता हड्डी मुंह में लगते ही उसे दांत गड़ाए रहते हैं वैसे ही वे निम्न वर्ग के कीड़ेश्रद्धा की चूचियों को हाथ में थमे मसलते हुए उनसे खेल रहे थे, श्रद्धा की गोरी गुलाबी चूचियों से खेलने से उनका जी भर ही नहीं रहा था, जिसे श्रद्धा असहनी कामुक पीड़ा में नहीं मिली थी, जैसी श्रद्धा अपनी आंखे काम उत्तेजना और दर्द से बंद रख श्रद्धा उनह हवस के दरिंदोंके हाथ अपने नाज़ुक हटों से अपनी नाज़ुक जाओ री चुचियों से दूर करने की वो कोशिश कर रही थी लेकिन वे गेंदे तो बस उनके हाथजैसे अनमोल खजाना लगा हो उस खजाने से वे डर जाना ही नहीं चाहते थे, इस करण उनके कथोर हाथ श्रद्धा अपने गरम 34 साइज कीचूचियों से दूर कर ना सकी या कहे वो डर करना ही नहीं चाहती थी, उसे दर्द में भी उसका रंडी स्वभाव मजा लेने लग चुका था, ये कैमुकखेल एडवेंचर से काम नहीं लग रहा था, जैसे श्रद्धा ऊपर से उन काले दानवों को विरोध तो जता रही थी लेकिन दूसरे ही पल सिस्कारियालेकर उन राक्षसों को और भी हवस में पागल कर रही थी, "अम्म्म्मम अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह धीरे अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्ह मैं अह्ह्ह्ह भागी नहीं रह रहीकहीं अह्ह्ह्ह।"


दूसरी ओर उन गरम कांट कांट कर लाल होचुकी चूचियों के बिच पिस्ते मंगलसूत्र को देख उन्ह दोनों गेंदों की हवस और भी ज्यादा बढ़रही थी, ऐसी मैडम मोगरे के सुगंध वाली खुशबुदार माल हाई क्लास शादिशुदा श्रद्धा के आधे नंगे बदनके नजदिक अब उन्हें कैच कीकामुक गर्मी में कपड़ो में रहना नामुकिनसा हो चूका था तो पहले श्रद्धा के बदन से ना चाहते हुवे दूर होकर हदबदाहत में रहमान ने अपनीकाली मैली बरमूडा अंडरवियर साहित निकली उसे फॉलो करते हुए हुवे बदसूरत काले गेंदे धोंदु ने भी बड़बुदर घिनोनी अपनी मैलीसुरक्षित लुंगी अंडरवियर साहित निकली,

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