कहानी के पात्र
- **रचित**: उम्र 24 साल, अच्छा दिखता है, कद 6'1, ------ परीक्षा की तैयारी कर रहा है।
- **सौम्या**: उम्र 24 साल (रचित और सौम्या जुड़वाँ हैं), सुंदर और संस्कारी, आकृति-34-30-34, घुँघराले छोटे बाल, कद 5'5।
- **पिता**: मुकेश खुराना, उम्र 47 साल, व्यापार (पैसे में कुछ तंगी है)।
- **माता**: अदिति खुराना, उम्र 44 साल, आकृति-38-34-37, गृहिणी।
- [नोट: ये सभी पटना में रहते हैं। आगे कहानी में और पात्र आएँगे।]
### उनके घर का परिचय
घर के प्रवेश द्वार के बाद एक बड़ा हॉल है, जिसमें डाइनिंग टेबल, टीवी और सोफा है। वहीं से रसोई का रास्ता भी जाता है। घर में चार अलग-अलग कमरे हैं: दोनों भाई-बहन के अपने-अपने कमरे हैं, लेकिन उनके बाथरूम एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
एक कमरा माँ-पापा का है, जिसमें अटैच्ड बाथरूम है, और एक अतिथि कमरा भी अटैच्ड बाथरूम के साथ।
### कहानी की शुरुआत
यह कहानी वर्ष 2020 की मार्च महीने में घटती है।
15 मार्च की रात, लगभग 10:30 बजे, पूरा परिवार साथ बैठकर डिनर कर रहा था। बातचीत का विषय बच्चों की परीक्षा था, जो 24 मार्च 2020 को नई दिल्ली में होने वाली थी। रचित और सौम्या दोनों का परीक्षा उसी स्कूल में थी। दोनों जुड़वाँ थे और उनका बंधन बहुत मजबूत था;
पहले भी कई बार परीक्षा के लिए वे अलग-अलग शहरों में जा चुके थे।
इसी चर्चा के बीच, सौम्या बोलती है, "पापा, परीक्षा के बाद मुझे दिल्ली घूमना है। मैं एक दिन और वहीं रुककर, 25 को शाम वाली ट्रेन से वापस घर आ जाऊँगी।"
रचित भी सौम्या की बात का समर्थन करता है, जिससे उन्हें अनुमति मिल जाती है। वे उसी के अनुसार वापसी का टिकट बुक कर लेते हैं।
- **रचित**: उम्र 24 साल, अच्छा दिखता है, कद 6'1, ------ परीक्षा की तैयारी कर रहा है।
- **सौम्या**: उम्र 24 साल (रचित और सौम्या जुड़वाँ हैं), सुंदर और संस्कारी, आकृति-34-30-34, घुँघराले छोटे बाल, कद 5'5।
- **पिता**: मुकेश खुराना, उम्र 47 साल, व्यापार (पैसे में कुछ तंगी है)।
- **माता**: अदिति खुराना, उम्र 44 साल, आकृति-38-34-37, गृहिणी।
- [नोट: ये सभी पटना में रहते हैं। आगे कहानी में और पात्र आएँगे।]
### उनके घर का परिचय
घर के प्रवेश द्वार के बाद एक बड़ा हॉल है, जिसमें डाइनिंग टेबल, टीवी और सोफा है। वहीं से रसोई का रास्ता भी जाता है। घर में चार अलग-अलग कमरे हैं: दोनों भाई-बहन के अपने-अपने कमरे हैं, लेकिन उनके बाथरूम एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।
एक कमरा माँ-पापा का है, जिसमें अटैच्ड बाथरूम है, और एक अतिथि कमरा भी अटैच्ड बाथरूम के साथ।
### कहानी की शुरुआत
यह कहानी वर्ष 2020 की मार्च महीने में घटती है।
15 मार्च की रात, लगभग 10:30 बजे, पूरा परिवार साथ बैठकर डिनर कर रहा था। बातचीत का विषय बच्चों की परीक्षा था, जो 24 मार्च 2020 को नई दिल्ली में होने वाली थी। रचित और सौम्या दोनों का परीक्षा उसी स्कूल में थी। दोनों जुड़वाँ थे और उनका बंधन बहुत मजबूत था;
पहले भी कई बार परीक्षा के लिए वे अलग-अलग शहरों में जा चुके थे।
इसी चर्चा के बीच, सौम्या बोलती है, "पापा, परीक्षा के बाद मुझे दिल्ली घूमना है। मैं एक दिन और वहीं रुककर, 25 को शाम वाली ट्रेन से वापस घर आ जाऊँगी।"
रचित भी सौम्या की बात का समर्थन करता है, जिससे उन्हें अनुमति मिल जाती है। वे उसी के अनुसार वापसी का टिकट बुक कर लेते हैं।
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