में शालिनी को देखा तो वो सो गई थी और जब उसके चेहरे को देखा तो में ग्लानि महसूस किया कि इतनी प्यारी बहन को आखिर मुझे चोद ने का पूछने की क्या जरूरत थी । मुझे बहुत देर तक नींद नहीं आई और फिर मुझे सुबह शालिनी ने हिलाकर जगाया तो देखा सुबह हो चुकी थी ।
मैने शालिनी को देखा तो उसका चेहरा चमक रहा था और लिपस्टिक से पूरे होंठ लाल थे उसने झुक कर मेरे होंठों पर अपने गुलाबी होंठ रखे और बोली ,-- गुड मॉर्निंग, भाई जी ।
…
में ,-- क्या बात है शालू , आज बड़ा प्यार आ रहा है भाई पर ।
शालिनी ,-- आयेगा नहीं मेरा होने वाला हसबैंड है मेरा भाई ।
में शालू को हैरानी से देख कर ,,-- क्या बात है सुबह सुबह ही हसबैंड ।
शालिनी मुस्करा कर – नहीं बनोगे।
में ,-- क्यों नहीं बेबी ।में तैयार हूं ।
शालिनी की बात सुनकर मेरा लंड पूरा खड़ा हो चुका था जिसे देख कर शालिनी मुस्करा कर मेरे लंड को पकड़ कर बोली ,-- देखो ये भी उठ गया ।
…
शालिनी ने आज पहली बार मेरे लंड को बरमूडा से पकड़ा था और उसने मेरे लंड की कठोरता को चेक कर ने के बाद मेरा लंड छोड़ दिया और बोली ,-- ये गुलाब जैसे होंठ जिनमें मैने बीस साल से अमृत भर रखा है उनको पीना नहीं क्या आपको भाई जी ।
में ,-- क्यों। नहीं बहन , तेरे इन होठों पर सबसे पहला हक मेरा है ।
शालिनी मुस्करा कर - वो तो है बहन के होठों पर ही नहीं उसके पूरे बदन पर पहला हक बड़े भाई का होता है और वो साले चूतिये भाई होते है जो अपनी बहन को दूसरे लड़के के पास भेजते है उसको भोगने के लिए ।
में ,-- पर में अपनी बहन का रस खुद ही पियूंगा किसी और को इतनी सेक्सी बहन चोदने नहीं दूंगा ।
शालिनी मुस्करा कर,-- ये आपका हक है भाईजी । आपकी बहन किसी और के बिस्तर की शोभा नहीं बनेगी ।
शालिनी मेरे होठों पर झुक गई और बोली ,,-- लीजिए भाई जी आप पी लीजिए इनका रस आज ऊपर आपको मौका नहीं मिलेगा क्यों कि ऊपर पड़ोसी आ गए और वो एक्सरसाइज कर रहे है ।
….
में शालिनी के रस भरे होठों से बहुत देर तक रस चूसा तो शालिनी खड़ी हुई और बोली ।
शालिनी ,-- तो फिर उठिए और दूध ले कर आइए ।आपको इन होठों से रस पीना है तो बाद में और पी लेना ये आपके लिए ही है।
मैने मोबाइल देखा तो छह बज गए थे और शालिनी एक्सरसाइज करके आ चुकी थी पर मुझे जगाया नहीं तो में उठा और दूध लेकर आया तो शालिनी ने चाय बनाया और पीते हुए बोली ,,-- आज से आप एक्सरसाइज के समय मेरे होंठ नहीं पी सकेंगे ।
में ,-- ह्म्म ।
शालिनी ,--लेकिन अब ऊपर एक्सरसाइज करने में आपको और मजा आने वाला है ।
में ,-- कैसे ।
शालिनी मुस्करा कर ,-- आपको वहां कली और फूल के दर्शन होने वाले है सुबह सुबह ।
में चाय का कप रखकर ,-- क्या मतलब ।
शालिनी ,-- हां एक कच्ची कली और खिला हुआ फूल बगल में रहेगा वो भी बिना माली के।
में शालिनी की बात सुनकर समझ गया कि सुनीता भाभी वाले घर में नए किरायेदार आ गए है और वो सुबह सुबह एक्सरसाइज करती होगी ।
में ,-- माली कहा गया ।
शालिनी ,-- वो एम आर है जो महीने में कुछ दिन रहेंगे और उन फुलो का पराग आप चूसने वाले है ।
में ,-- तुम मिल ली उनसे ।
शालिनी ,-- हां और उस कच्ची कली के दर्शन आपको रोज घर में एक घंटे होंगे नजदीक से ।
में ,-- वाव .., ट्यूशन की बात हो गई ।
शालिनी ,- नहीं लेकिन वो भी एक्सरसाइज करती है सुबह । बहुत ही सेक्सी माल है भाई जी अभी नींबू से थोड़े ही बड़े हुए है उसकी छाती ।
में ,-- और दूसरी वाली के ।
शालिनी ,-- उसके पके हुए आम है जो चूसने लायक है ।
में ,-- मतलब पूरा बायोडाटा ले लिया ।
शालिनी ,-- लेना ही पड़ेगा ना । आपको फिर अपनी बहन को चोद ने का ख्याल कुछ दिन नहीं आएगा ।
मैने दो सिगरेट जलाई और एक शालिनी को देकर कहा ,-- लो सिगरेट पियो ।
शालिनी सिगरेट लेकर पीने लगी और बोली ,,-- भाई जी , चखने है कच्चे नींबू उस कच्ची कली के ।
में ,-- तुम्हे क्या लगता है देगी वो चखने को।
शालिनी ,-- मेहनत करनी पड़ेगी थोड़ी । बहुत तीखी मिर्ची है ।
में ,-- बिना मेहनत कुछ थोड़े ही मिलता है बहना।
शालिनी ,-- नाइंथ में पढ़ती है अभी और आप बोलो तो मदद करूं । बुलाई है अभी दोनों को।
में ,,-- क्यों ।
शालिनी मुस्करा कर– चाय पीने । उसके हसबैंड कल शिफ्ट होते ही बाहर चले गए ।
में ,-- पड़ोसी होने के नाते मिलना तो चाहिए ।
शालिनी मुस्करा कर,-- चलो फिर टीशर्ट पहन लो बनियान में पहली बार अच्छा नहीं लगेगा।
में मुस्करा कर बाथरूम में आया और फ्रेश होकर टीशर्ट पहनकर बाल बनाए तो शालिनी ने भी शॉर्ट सलवार कुर्ता पहन लिया था । हम बाहर आए और बेल बजाई तो गेट खुला ।
सामने खड़ी औरत को देखकर मेरा लंड उन्हें सलामी देने लगा क्योंकि सामने जो औरत खड़ी थी वो साक्षात काम की देवी लग रही थी भाभी ने गाउन पहना था जो फिर फिटिंग वाला था । उनके बदन का कटाव मस्त था और वो शायद रेगुलर एक्सरसाइज करके अपना बदन फिट बनाए हुए थी देखने में वो अभी तीस साल की भी नहीं लग रही थी ।
…
में उनके पैरों में झुका तो वो पीछे हट गई और बोली,-- अरे … रे… ये क्या कर रहे हो।
में ,-- प्रणाम कर रहा हूं भाभी ।
भाभी ,-- इतनी बड़ी नहीं हूं में ।
में ,-- भाभी जी तो हो ही ना फिर छोटी हो या बड़ी ।भाभी तो मां समान होती है ।
शालिनी मुस्करा कर,-- भाभी , भाईजी गलत थोड़े ही कर रहे है । भाभी को तो झुक कर प्रणाम ही किया जाता है गले थोड़े ही लगाएंगे भाईजी ।
भाभी मुस्करा कर ,-- चलो अंदर आओ ।
हम अंदर पहुंचे तो भाभी किचन में चली गई और पानी लेकर आई एक बोतल ।
शालिनी मुस्करा कर,-- ओह्ह भाभी , हम कोई दूर से थोड़े ही आए है जो इतना फॉर्मेलिटी कर रही हो यही बगल से तो आए है ।
भाभी मुस्करा कर बैठ गई तभी मेरा लंड झटका खाया जब बाथरूम का गेट खुला और एक नव यौवना तौलिया लपेट कर बाहर निकली ।
…

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तोलिए से उसके कच्चे आम की साइज दिखी और चिकनी टांगे मेरे बरमूडा में हलचल मचा दी जिसे शालिनी ने देख लिया।
तभी वो लड़की रूम में चली गई और भाभी बोली ,-- आप दोनों बैठिए में चीनू को स्कूल ड्रेस देकर आती हूं ।
शालिनी मेरे लंड को मसल कर धीरे से बोली ,-- मस्त है ना चिड़िया ।
में मुस्करा कर ,-- मुझे तो दोनों ही मस्त लगी ।
शालिनी ,-- दोनों कुछ दिन में आपके इसके नीचे आ सकती है ।
में ,- सच में ।
शालिनी मुस्करा कर,-- आपको मेरे इंस्ट्रक्शन का पालन करना होगा ।
में ,-- बिल्कुल बहन जी । आज से आप जो चाहेंगी वही होगा ।
तभी भाभी आकर बैठी और बोली ,-- चीनू को नो बजे स्कूल जाना होता है ।
शालिनी ,-- कोई बात नहीं भाभी हम बाद में आ जायेंगे आप उसके लिए टिफिन बनाए ।
भाभी ,-- बैठ ना । उसका टिफिन रेड्डी है तुम चाय लोगे या कॉफी ।
शालिनी ,,-- भाभी हम चाय पीकर आए है अभी अभी । आप रहने दीजिए बाद में पी लेंगे।
तभी चीनू स्कूल ड्रेस पहन कर आई और हमें नमस्ते की तो में उसकी स्कूल ड्रेस को देख कर बहुत हैरान हुआ उसने बहुत छोटा स्कर्ट पहना था जो आम तौर पर घुटनों से नीचे तक होता है वो उसके घुटनों से ऊपर तक था ।
…
भाभी ,-- चीनू पास वाली मिशनरी स्कूल में पढ़ रही है नाइंथ में सागर ।
में ,-- अच्छी स्कूल है भाभी ।
भाभी उठकर बोली ,-- शालू चाय बना दूं ।
शालिनी उनके साथ किचन में गई और कुछ देर बाद दो गिलास दूध लेकर आई और बोली ,-- ले चीनू दूध और भाईजी आप भी दूध पी लीजिए इलायची वाला ।
में चीनू के कच्चे आम देख कर दूध पीने लगा तो शालिनी मेरे को देख कर आंख मारी और बोली ,-- अच्छे है ना भैया ।
में झेंप गया और बोला ,-- क्या ।
शालिनी मुस्करा कर,-- दूध और क्या ।
में ,-- ह्म्म ।
तभी भाभी मुस्कुराती हुई बाहर आई और बोली ,-- चीनू जा अपना बैग पैक कर फिर बोलेगी कि मेरी बुक छूट गई ।
शालिनी,-- भाभी हम भी चलते है मुझे खाना बनाना है फिर मुझे कॉलेज और भैया को आफिस जाना है ।
भाभी ,-- ठीक है टाइम हो तो आ जाया करो इधर तुम्हारे भैया संडे को ही दिन में रहते है ।
हम उठकर घर आए तो शालिनी मुझे बाहों में भर कर बोली ,-- मस्त लगे ना टिकोरे ।
में शालिनी के होंठ चूमकर ,-- मुझे तेरे जैसे बड़े अच्छे लगते है ।
शालिनी ,-- भाभी के भी मेरे जैसे ही थे ।
में ,-- तुमसे बड़े नहीं थे ।
शालिनी मुझसे अलग होकर ,-- साले कुते , तू उनसे मिलने गया था या दोनों की चुचि नापने गया था ।
में ,-- तुम ही लेकर गई थी साली कुतीया। अब मुझे दूध के साथ गरम जड़ी बूटियां खिलाएगी तो मुझे तो यही दिखेगा ना ।
शालिनी मुस्करा कर,-- हां दिखा था मुझे भी आपका घोड़ा पूरा टाइट हो गया था।
में ,-- अब तुम को बोलूंगा तो फिर रात की तरह नाराज हो जाएगी तू पर घोड़े को तो खुराक चाहिए ना ।
शालिनी मुस्करा कर,-- अभी तो बाथरूम है में तेरे घोड़े के लिए खुराक जा तेरा मूड बना देती हूं । शालिनी किचन में गेट पर गई और अपनी शॉर्ट कुर्ती को ऊपर करके अपनी गांड को पीछे की और आंख मार कर अंदर चालू गई तो में अपना लंड पकड़ कर बाथरूम में आया और शालिनी की पेन्टी मुझे हैंगर पर टंगी मिली तो में उस को लेकर सूंघने लगा ।
मुझे शालिनी की पेन्टी में ताजा सफेद माल की महक चढ़ गई और में तेजी से घस्से लगाने लगा तो वीर्य की तेज धार सामने दीवार से टकराई और में लंबी साँसे लेते हुए अपना माल खाली किया और फिर नहाकर बाहर आया ।
हमने फिर साथ खाना खाया और में शालिनी को कॉलेज छोड़कर ऑफिस पहुंचा तो रमेश का मेसेज आया हुआ था उसने शनिवार को दिन में मां के साथ घर में पार्टी की बात लिखी थी । मैने कैलेंडर देखा तो तीसरा शनिवार था और बैंक दूसरे और चौथे शनिवार को ही बंद रहते है ।
मैने उसे टाइम का पूछा मेसेज में तो उसने लिखा को अमूमन शनिवार को दिन में पार्टी होती है ।सरोज भाभी खुद खाना बनाती है सबके लिए ।
में मन में सोचा कि मां कितनी बोल्ड हो चुकी जो घर में चार मर्दों के साथ खुलकर पार्टी करती है और दारू पीकर चूद वाती है ।
मैने फोन खोला और मां के फोन से ली हुई फोटो को देखने लगा ।
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मेरा लंड पूरा टाइट हो गया और में सोचने लगा कि शनिवार को मां को किस तरह से पकड़ा जाए लेकिन कुछ समझ नहीं आ रहा था । में नहीं चाहता था कि उन लोगों के सामने में मैं मां को ज़लील करूं पर ऐसा कुछ हो कि मां मेरे सामने पूरी खुल जाए ताकि में उनके और शालू के रियलेशन को समझ सकूं ।