शालिनी मेरी तरफ फोन करके बीयर की बोतल मुंह से लगा ली और मुस्कराने लगी ।
में दोनों मां बेटी की बात को खुलकर समझ नहीं पा रहा था कि शालिनी मां के कौनसे राज जानती है जो मुझे नहीं पता पर मुझे ये तो पता चल ही चुका था कि मां को जैसी में सोचा था उस से दो कदम आगे है ,
में ,-- हां मां।
सरोजनी ,-- बेटा, तू शालिनी की बातों का बुरा मत मान ना । वो दिल की अच्छी है ।
में शालिनी की छाती को घूरने लगा और बोला,-- हां मां उसका दिल की बहुत साफ है ।
शालिनी मेरी बात सुनकर अपनी छाती को आगे कर दी तो में उसकी छाती के देखने लगा ।
सरोजनी ,-- बेटा, अभी शालू कहा है ।
में ,-- वो रूम में घनघोर पढ़ाई कर रही है मां । लगता है कॉलेज टॉप करेगी इस बार ।
शालिनी मुस्करा कर मुझे आँख मारी तो में भी उसे रिटर्न में आँख मारा ।
…
सरोजनी,-- चलो अच्छा है बेटा । पढ़ने में तेज है वो ।
में शालिनी की मोटी चुचिया देख कर ,-- मां , कितना बड़ा दिल है ना शालिनी का ।
सरोजनी ,-- हां बेटा , उसके दिल में हमेशा तेरे लिए प्यार रहता है ।
में ,-- हां मां मेरे लिए वो कितना कुछ करती है दूध बादाम जबरदस्ती पिलाती है मुझे ।
सरोजनी ,-- वो तुझे मर्द बना देगी पूरा ।
में ,-- वो तो बन ही जाऊंगा मां । वो मुझे मां, बहन ,बेटी और दोस्त जैसे सब तरह से प्यार करती है मुझे ।
सरोजनी ,-- तू भी ध्यान रखना उसका ।
में ,-- हां मां , मां में उसको चाय बनाकर देता हूं । कॉलेज से आते ही पढ़ने लग गई है
में फोन काट दिया तो शालिनी ठहाका लगाकर हंसी ,-- साले मां को चुतिया बना रहा था और में पढ़ रही हु।
में ,,-- हां तू बहुत ऊंची पढ़ाई पढ़ रही है बेशर्म । अब बीयर को चाय समझ कर पी ताकि मां को खुशी हो कि उसका बेटा चाय पिला रहा है ।
शालिनी ,-- तो तू कौनसी phd कर रहा है साले तू भी तो बेशरम होकर मेरा दिल देख रहा था ना घूर कर ।
में ,- पर तेरा दिल तो सीने के अंदर है ।
शालिनी ,-- तो फिर तू सरोजनी को क्या देख कर बोल रहा थे ।
में ,-- तेरी इन पहाड़ियों के निचे से तेरे दिल में झांक रहा था ।
शालिनी मुस्करा कर,-- साले तू भी पूरा बिगड़ा हुआ है जो अपनी जवान बहन को मोटी पहाड़ियों को घूर कर अपनी रांड मां को बता रहा था ।
में ,-- साली तू मां को तो बक्श दिया कर ।
शालिनी ,,-- चुप मां के लोडे। अगर तू दुबारा उस रांड की तरफदारी किया तो तेरी बहन चोद दूंगी ।
में ,-- साली भोसडी वाली तुझे चढ़ गई पूरी । मेरी बहन तो तू ही है तू खुद को कैसे चोदेगी।
शालिनी , मुस्करा कर ,-- रजिया ऐसे ही गाली देती है तो मैने भी दे दी ।
में ,-- साली तू भी उनके साथ रहकर पूरी रांड वाली भाषा बोलने लगी है ।
शालिनी ,-- चल ये बता तुझे मेरी आंखों में अभी शरम दिखी क्या ।
में ,-- आज तो तू पूरी बेशर्मी से आंखों में आंखें डालकर बीयर पी रही है ।
शालिनी ,-- साले तू मेरे गुलाबी होंठ नहीं चूमा ना जब मैने आंखे नहीं खोली तो ।
में ,-- बेबी तेरी आंखों में देखने पर जो नशा चढ़ता है वो होठों से ज्यादा होता है इसलिए तू अगर इन आंखों में देखने दे तो में तेरे ये कुंवारे रस भरे होंठ अभी चूम लेता हूं ।
शालिनी ने बीयर की बची हुई बीयर पी ली और बोली ,-- ले साले, पी ले इन कुंवारे होंठों को , अब में तेरी आंखों में देखती हूं ।
शालिनी मेरे पास झुक गई तो में उसकी आंखों में देखा कि वो पूरी हवश से भरी हुई थी और उनमें वासना के लाल डोरे दिख रहे थे ।
में शालिनी की आंखों में देखकर अपनी जीभ उसके होंठ पर फिराया तो उसके मुंह से आह निकली ।
में ,-- क्या हुआ शालू।
शालिनी ,-- भाईजी पूरे बदन में सेंसेशन हो गया जैसे कि आपने मेरे बदन को होठों से तान छेड़ दी ।
में ,,-- बहन ये तेरे होंठ तेरे जिस्म का तार है जैसे ही इनसे में जीभ मिलाया तो मेरे बदन में भी हवश का मधुर संचार हुआ शालू ।
शाकिनी ,-- भाईजी , मुझे सेक्स स्टोरीज़ में भाई बहन की कहानी सबसे ज्यादा उत्तेजित करती थी और में भाई बहन के बारे में पढ़कर जल्दी पिघल जाती थी आज में वही महसूस कर रही हूं ।
में ,,-- मुझे भी यही महसूस हो रहा है बहन । में जितना एंजॉय रजिया को चोद कर नहीं कर पाया उस दिन तेरी गरम सांस और तेरे इस चेहरे को देखकर ही उस से ज्यादा एंजॉय किया । ऐसा क्यों हो रहा है ।
शालिनी ,-- ये हमारे एक मां बाप के खून का असर है भाई जी । इसलिए में किसी के साथ सेक्स का सोची ही नहीं और आप के साथ अपनी कोरी जवानी को सौंपने का फैसला किया ।
में ,-- शालिनी तेरे होंठ बहुत प्यारे है जी करता है इन्हें ऐसे ही देखता रहूं ।
शालिनी ,-- ये आपके लिए है भाईजी , आह में बहक जाऊंगी भाईजी इतनी कामूक नजर से मत देखिए ।
में ,-- में हूं ना बहन , में तुझे बहक ने नहीं दूंगा । जिस बदन को तूने बीस साल तक संभाल कर रखा है उस पूरा मेच्योर होने तक इसका भोग नहीं लगाऊंगा । तू मेरी इकलौती लाडली बहन है शालू ।
शालिनी ,,-- भाई जी अब और मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा आप पी लीजिए मेरे होठों से मेरा कुंवारा रस जो में आपके लिए सम्भाल कर रखी हूं ।
में ,-- शालू तेरे होंठ बिना लिपस्टिक ही कितने गुलाबी हैं तू इनपे लिपस्टिक लगती है तो ये गजब ढाते है बहन।
शालिनी ,-- ओह्ह , भैया आप बोले क्यों नहीं । अब में आपके सामने हमेशा लिपस्टिक लगा कर रखूंगी इन होठों पर ।
में ,-- हां बहन , में तेरे को लिपस्टिक का पूरा बॉक्स लाकर दूंगा ।
शालिनी ,-- और बोलिए भैया । मेरे भाई जी को जन्मदिन दिन पर क्या तोहफा चाहिए । अपनी बहन से।
में ,,-- तुझे जो अच्छा लगे वो मुझे भी अच्छा लगेगा ।
शालिनी ,-- रांड चोदनी है मेरे भाई जी को ।
में ,-- चोद लूंगा बहन , तेरा गिफ्ट मेरे लिए कीमती होगा बहन ।
शालिनी,,-- अब पी लीजिए ने भैया मेरा प्रेम रस इन होठों से मुझे आपके लिए खाना भी बनाना है ।
में ,,-- तेरा भाई हवश का भूखा नहीं है बहन । में तेरे होंठ सुबह पियूंगा जब तू पूरे होश में रहेगी ।
शालिनी ,,-- अभी मुझे शरम नहीं आ रही ना भैया ।
में ,- नहीं शालू , तू अब बोल्ड हो रही है ।
शालिनी मेरे होठों पर छोटा सा किस्स करके ,-- चलिए आप टीवी देखिए में आपके लिए खाना बनाती हूं ।
शालिनी बाथरूम में चली गई तो में टीवी ऑन किया और फिर कुछ देर बाद दोनों ने साथ खाना खाया और फिर सिगरेट पीकर दोनों कुछ देर बात किए तो शालिनी दोनों के लिए दूध लेकर आई और दोनों पीकर सो गए ।