शालिनी को दारू पूरी चढ़ चुकी थी और उसकी जुबान भी थोड़ी लड़खड़ा रही थी और मुझे बहुत मजा आ रहा था उसके साथ दारू पीने के बाद ।
शालिनी ने पीछे होकर अपने पैर टेबल पर रख लिए तो उसकी चिकनी टांगे पूरी दिखने लगी थी जो बहुत उत्तेजित कर रही थी मुझे और मेरा लंड पूरा खड़ा होकर बरमूडा को छत की तरफ उठा लिया था ।
….
शालिनी ,-- राजा तू बहुत भोला है रे । तुझे सुनीता दीदी इतनी लाइन दी फिर भी समझा नहीं ।
में ,- तेरा सागर कैरेक्टर लेस नहीं है शालू ।
शालिनी ,-- कैरेक्टर की मां की चूत । तुझे रजिया को चोदना है कि नहीं ।
में ,-- नहीं , में तुझे प्यार करता हूं शालू ।
शालिनी ,-- शालू की मां सरोजनी की चूत , प्यार अपनी जगह है और एंजॉय अपनी जगह । में तुझे पूछ रही हूं उसका जवाब दे ।
शालिनी के मुंह से गाली सुनकर मुझे बहुत मजा आ रहा था और में चाहता था कि शालिनी इसे ही गन्दी गाली और दे इसलिए उसको और भड़का रहा था।
में ,-- शालू तुझे चढ़ गई है मेरी बच्ची
शालिनी सिगरेट जला कर ,-- इतनी भी नहीं कि में बेसुध हूं । और तुझे पता है सरोजनी आते ही मुझे क्या बोली ।
में ,-- क्या
शालिनी,-- वो मेरे ये बूब्स देख कर बोली कि मेरे चूचे अब बच्ची को दूध पिलाने लायक हो चुके ।
में ,-- वो तो है शालू , तेरे चूचे तेरा टॉप फाड़ कर बाहर आने को तड़प रहे हैं।
…
शालिनी ,-- बात को घुमाओ मत ।
में ,-- शालू ,में तेरी नजर में गिरना नहीं चाहता ।
शालिनी ,-- मेरी पीठ पीछे रांड चोद लेगा तब मेरी नजर में उठ जाएगा क्या ।
में ,-- ये क्या बात हुई ।
शालिनी ,-- तू सुनीता दीदी को चोदा कि नहीं ।
में ,-- में तुमसे झूठ नहीं बोलूंगा पर चोदा है।
शालिनी ,-- अब नहीं चोदेगा उसे ।
में ,-- ये तो कोई बात नहीं हुई ।
शालिनी ,-- कैसे नहीं हुई । सुनीता दीदी मेरी गुरु है उसे चोद सकता है तो मेरी सहेली को क्यों नहीं ।
में ,-- पर दोनों में फर्क है।
शालिनी ,-- क्या फर्क है सुनीता दीदी को तो बहन बना लिया और रजिया तेरी बहन की सहेली है यही फर्क है ना ।
में ,-- ये तो है ही ।
शालिनी ,-- तो तू रजिया को भी बहन बना ले ।
में ,-- तुझे चढ़ गई है इसलिए बहकी बहकी बातें कर रही है ।
दोस्तों , ये सच है कि मेरी शालू बहुत सेक्सी लड़की है और में उसे प्यार भी करने लगा था पर शालिनी खुद मुझे अपनी सहेली के पास सुलाना चाहती थी जो किसी भी मर्द के लिए बीबी के फ्री साली जैसा बंपर ऑफर था । मुझे एक डर ये भी था कि कही शालू मेरा टेस्ट तो नहीं ले रही कि में उसकी सहेली को चोदने को तैयार होता हूं या नहीं ।
शालिनी ,-- ठीक है भाई जी । मुझे चढ़ गई तो फिर बात करने से क्या फायदा । सॉरी ।
में ,-- नाराज क्यों होती है सेक्सी ।
शालिनी ,-- क्यों नहीं होऊं । तू मुझे प्यार कर । ये तेरा हक है पर मेरे प्यार को तू बंधन मत बना सागर । खुल कर एंजॉय कर यार ये जवानी चार दिन की है।
में ,-- मुझे तेरा प्यार बहुत है शालू ।
शालिनी ,-- चल ऐसे समझ की में पनीर की सब्जी हूं और रजिया आलू की। तो तू सिर्फ पनीर ही खाएगा आलू नहीं ।
में ,-- सब्जी की बात अलग है ।
शालिनी ,-- और में कहूं कि मुझे तेरे को रजिया के साथ सुलाना है तो सोयेगा की नहीं ।
में ,-- पर तू अपना प्यार क्यों बांटेगी ।
शालिनी ,-- इसलिए कि में तुझे बांध कर नहीं रखना चाहती अपने पल्लू से ।
में ,-- और में सिर्फ तेरे ही पल्लू से बंध कर रहूं तो ।
शालिनी ,,-- फिर तू चुतिया है साले ।
में ,-- तुझे जो समझना है समझ ले लेकिन में तुझे ही प्यार करता हूं ।
शालिनी ,-- फिर सुनीता को क्यों चोदा तुमने ।
में ,-- वो तो…
मुझे शालिनी की बात का जवाब नहीं सुझा तो वो बोली ,-- वो तेरी हवश थी जो तुम मिटा ली पर तू प्यार मुझे ही करता है । है ना
में ,-- ह्म्म
शालिनी ,-- तो उसे भी रांड समझ कर हवश मिटा लेना और मुझे प्यार करते रहना। प्यार और हवश में बहुत फर्क होता है ।
में हाथ जोड़कर ,-- क्या गुरु मां ।
शालिनी मुस्करा कर ,-- प्यार दिल से किया जाता है और हवश शरीर से मिटाई जाती है तूझे में तेरे जिस्म की भूख मिटाने के लिए बोल रही हूं ।
में ,-- बाप रे,। बहुत नॉलेज है तुझे ।
शालिनी ,-- नो नोलेज विदाउट कॉलेज। ये सब में कॉलेज में सीखा है साले , अब में कॉलेज स्टूडेंट हूं ।
में ,-- सोच कर बताऊंगा।
शालिनी ,-- साले तुझे जो जड़ी बूटी अब दूध में पीने को मां देकर गई है उस से तेरी गर्मी इतनी बढ़ जाएगी कि तू बरदास्त नहीं कर पाएगा और तेरी हवश तुझे पागल कर देगी इसलिए तेरे भले के लिए ही बोल रही हूं । बाकी तेरी मर्जी क्योंकि में अभी ये सब के लिए तैयार नहीं हूं ।
में – तेरी अभी मर्जी क्यों नहीं है ।
शालिनी ,-- मुझे अभी बीसवां साल लगा है और में अभी पूरा नोलेज लेकर ही कुछ करूंगी ।
में ,-- जान सकता हूं कि तुम कहां से नॉलेज ले रही हो।
शालिनी ,-- मैने रिया को इसलिए ही फ्रेंड बनाया है वो मुझे बहुत सारी सेक्स की नई साइट्स बताई है जिसमें से पढ़ रही हूं।
में ,-- अच्छा ।मतलब अभी मैडम को पूरा कोर्स करना है।
शालिनी ,-- अभी थ्योरी पढ़ रही हूं । प्रैक्टिकल से पहले ।
में ,-- तो क्या क्या पढ़ लिया थ्योरी में ।
शालिनी ,-- लंबा कोर्स है अभी । तुझे प्रैक्टिकल करना है तो किसी और के साथ करना होगा में तेरी हेल्प कर दूंगी ।
में बिना शरम अपना लंड एडजेस्ट करके ,-- तो कब करना है प्रैक्टिकल फिर ।
शालिनी ,- जब बोलो , रजिया तैयार है ।
में ,-- ठीक है तुम उसको बोल देना ।लेकिन तुम को साथ रहना होगा ।
शालिनी मुस्करा कर अपनी चूत को खुजाई स्कर्ट पर से और बोली ,-- में तुम्हारे आस पास ही रहूंगी ।बस तुम्हे पता होगा पर रजिया को नहीं।

….
में ,-- ठीक है ।तुम बात कर लेना ।
शालिनी ,-- कल ऑफिस जाओगे ।
में ,-- में ऑनलाइन वर्क भी कर सकता हूं ।
शालिनी ,-- फिर हॉफ डे बाद आ जाना ।में उसे यहां ले आऊंगी ।
में ,-- हॉफ डे क्यों ।
शालिनी ,-- उसे छोड़ने उसके अबू जाते है और वो पढ़ने में मेरी तरह होशियार है इसलिए हम फर्स्ट सर पीरियड मिस नहीं करना चाहती दोनों । और उसके अबू को भी लगेगा कि वो कॉलेज में है ।
में ,-- बहुत दिमाग लगाती हो तुम ।
शालिनी कुटिल मुस्कान के साथ ,-- अभी तुम्हे मेरे दिमाग का पता नहीं है कितना दिमाग है मेरे पास ।
में ,-- वो तो दिख ही रहा है।
शालिनी ,- एक पेग और बना ना सागर , मजा आ रहा है ।
में ,-- तुझे ज्यादा तो नहीं होगी क्योंकि तू पहली बार पी रही है ।
शालिनी ,-- ये बॉडी देख साले, इतने बड़े जिस्म में इतनी सी दारू क्या घंटा चढ़ेगी ।
में ,-- जिस्म तो तेरा पूरा भर गया है ।
शालिनी ,-- कल से में भी पांच बजे उठकर एक्सरसाइज करूंगी ।मेरी गांड थोड़ी भारी हो गई है।
में ,-- कुछ भारी नहीं है एक दम परफेक्ट है ।
शालिनी मुस्करा कर,-- साले , एक्सरसाइज से मेरी बॉडी और सेक्सी बनेगी । तुझे मेरा जिस्म सेक्सी चाहिए कि नहीं ।
में ,-- ह्म्म ।
मैने एक छोटा सा पेग बनाया और शालिनी को देकर बोला ,-- लो पियो।
शालिनी ,-- तुम नहीं पियोगे ।
में ,-- नहीं सेक्सी । में ज्यादा पीकर अपनी जान की मर्यादा को भंग नहीं करना चाहता । देख बरमूडा कैसे उठा हुआ है ।
शालिनी ,-- ये अब ऐसे ही रहेगा क्योंकि जो जड़ी बूटी तुम दूध के साथ ले रहे हो वो इसी के लिए है।
में ,-- और साइड इफेक्ट हुआ तो ।
शालिनी ,-- वो रजिया भुगतेगी ।
में ,-- क्या मतलब ।
शालिनी ,-- अब तुम सांड के साथ लंबी रेस का घोड़ा भी बन जाओगे ।
में मुस्करा कर ,-- मुझसे बर्दास्त नहीं हो रहा है अब
शालिनी मुस्करा कर ,-- में करती हूं उपाय ।
शालिनी पेग रख कर खड़ी हुई और मुस्करा कर बाथरूम में गई तो पांच मिनट बाद आकर पेग उठाकर पीते हुए बोली ,-- जा बाथरूम में सामने दिख जाएगा उपाय ।
में मुस्करा कर उठा और बाथरूम में आया तो मुझे सामने शालिनी की पेन्टी दिखी जो पूरी चूत रस से भीगी हुई थी ।
मैने उसे उठाकर उसको नाक से लगाया तो मुझे बहुत उतेजना हुई, मैने अपना बरमूडा नीचे किया तो मेरा सात इंच का लंड स्प्रिंग की तरह उछला । मैने लंड को एक हाथ से पकड़ कर शालिनी की पेन्टी पर लगा उसका चूत रस जीभ से चाट ने लगा ।
मुझे शालिनी के चूत रस में अलग ही नशा चढ़ गया और में उसे चाट ते हुए लंड को घस्से लगाने लगा तो मुझे बहुत मजा आया और शालिनी के साथ हुई बातों से में पहले से ही पूरा गरम था इसलिए पांच मिनट में झड़ कर लंबी साँसे लेने लगा ।
…

.
में झड़ कर कुछ देर खड़ा रहा तो पेशाब लगी और में पेशाब करके बाहर आया तो शालिनी मुस्करा रही थी। उसके हाथ में अभी भी पेग था जिसे वो घूंट घूंट पीकर नमकीन खा रही थी ।
में आकर कुर्सी पर बैठा और सिगरेट जलाकर पीने लगा तो शालिनी भी पेग को रख कर एक सिगरेट जलाई और उसका धुवां मेरे मुंह की तरफ छोड़ी ।
मेरे मन में शालिनी के लिए अब इज्जत बढ़ गई थी कि वो मेरी हर जरूरत को समझ रही थी और उसने पेन्टी का बोलकर मुझे सही समय पर मूठ मारने को बोल दिया नहीं तो में बहक सकता था ।
शालिनी कुछ सोच रही थी पर वो बोल नहीं रही थी ।में भी थोड़ा शर्मिंदा था कि वो मेरे बारे में क्या सोच रही होगी लेकिन में खुश था । शालिनी का अनुभव या नॉलेज बहुत गजब का था और में यही सोच रहा था कि आखिर उसे इतना जल्दी इतना अनुभव कैसे मिला होगा क्योंकि उसे कॉलेज जाते अभी तीन महीने भी पूरे नहीं हुए थे ।