
भाग -1
मेरा नाम अंजू है और मैं अपने जीवन की सच्ची घटना बताने जा रही हूं
मैं और मेरी मां है केवल परिवार में 4 साल पहले दिल्ली में सड़क दुर्घटना में पापा की मौत हो गई थी मेरी उम्र 30 और मां की 52 है हमलोग काफी संस्कारी परिवार से तालुकात रखते हैं
मेरी उंचाई 5फीट 8इंच, रंग काफी गोरा हैं ,ब्रा साईज 36D, 28 की पतली कमर, और....... 38 हैं मुझे ये बताने में थोडी शर्म आ रही है वैसे तो आप सभी समझ ही गये होगें की 38 कहां की नाप होगी साथ ही मुलायम मांसल खुशबू दार बदन की मलिका हूं
मेरी अभी शादी नहीं हुई हैं
पापा के जाने के बाद हमारी माली हालत ख़राब ही है
कई इंटरव्यू दिए ,पर केवल निराशा ही मिल रही थी, पर कहते हैं ना, कि किस्मत बदलते देर नहीं लगती
आज दोपहर के खाने के बाद हम मां -बेटी आपस में बाते कर रहे थे की, करीब 2:30 बजे हमारी डोर बेल बजी
मां - इस वक्त कौन हो सकता है ,और मां उठने लगी
मैं -तुम बैठो मां मैं देखती हूं ,फिर जाकर गेट खोला तो डाकिया था
मेरे नाम से 1 स्पीड पोस्ट था, मैनें साईन की और लेटर ले कर अंदर कमरे में मां के सामने वो चिट्ठी निकाली
मेरी खुशी का ठिकाना नहीं रहा क्योकि, एक कॉलेज में हिन्दी लेक्चरर के लिए ज्वनिंग लेटर था और मुझे 3 दिन बाद उस कॉलेज में रिपोर्ट करना है मां का तो खुशी से आंसू ही आ गया
कुछ देर के बाद मैं बाजार जाने के लिए तैयार हो रही थी मुझे कुछ कपड़े लेने थे

और तैयार हो कर बाजार चली गई
पहले मै साडी की दुकान से 2 नेट वाली साडी लिए, 2 सिल्क साडी ,पेटीकोट लिए
अब मुझे अंडरग्रामेन्ट और कुछ श्रिंगार के समान लेने थे, क्योकि अब मैं 1 लेक्चरर बन गई थी और हम लड़कियों को काफी चीजे मेंन्टेन करनी पड़ती हैं
दुकानदार -मैडम जी ब्रा साईज क्या है
मैं - शर्माते हुए, जी 36D
दुकानदार कामुकतापूर्ण नजरो से मेरे स्तनों को घूरने लगा और लार टपका रहा था
दुकानदार -मैडम जी, अगर आप कहे तो जालीदार नाइटी के साथ ब्रा और पैंटी साथ ही मिलेगा
मैं -चलेगा दिखा दो कुछ लेटेट्स होना चाहिए
दुकानदार जान बूझ कर एैसे नाईटी दिखा रहा था जिसमें जिस्म की नुमाइश ज्यादा से ज्यादा हो
दुकानदार - मैडम ये सभी आप के गोरे गोरे अंगो पर बहुत सुंदर और सेक्सी लगेगा
उसने एैसा जोर लगाकर कहा कि दुकान के सभी स्टॉफ मुझे लालची नजरो से देखने लगे
मैं शरमा गई, फिर अपने हिसाब से समान लिया और
सारा समान लेकर मैं पैदल ही घर की ओर चल पड़ी
To be continued......