chapter 3
रात हो चुकी थी रोहन अपनी जगह पेर के नीचे अकेला लेता था गुमसुब् था किसी का कोई डर नही था खेतो के बीच गाव से दूर
system - host - आप कहते तो है आपको कोई फ़रक् नहीं परता पर आप प्यार चाहते है ये अकेला पन आपको काटती है दर्द देती है
रोहन system को देखते हुवे
रोहन - मेरे दिल दिमाग को पढ़ना बंद कर मुझे किसी का प्यार नही चाहिये ना किसी का साथ मे अकेला ही ठीक हु चल कमला ऑन्टी के कांड सुरु कर लंड हिलाना है तब जाके मस्त नींद आयेगी
system - ऐसा आप कहे कमला तरुण कांड सुरु होता है
दोपहर 12 बजे कमला झरियों के बीच उंगली करने मे लगी थी तरुण छुप के देख रहा था
कमला - आह उफ बुर मे उंगली करना पर रहा है आह ये बुर की गर्मी साली सोने नही देती है
तरुण वीडियो बनते हुवे मन मे - ऑन्टी मे आपको कई बार देख चुका हु बुर मे उंगली करते हुवे अब तो मुझसे रहा नही जाता
तरुण एकदम से कमला के सामने आके खरा होता है तरुण को देख कमला शोक हैरान जल्दी से सारी नीचे कर लेती है लेकिन तरुण हवन मे पागल हो चुका था और सीधा कमला के ऊपर आके कमला को पकर लेता है
कमला शोक मे डरते हुवे तरुण को देख
कमला - तरुण बेटा छोर मुझे जाने दे नही तो अच्छा नही होगा मे तेरे बाप को सब बता दुगि छोर मुझे
कमला तरुण को अपने उपर से दूर करने की कोसिस करती है पर कर नही पाती तरुण कमला के दोनो हाथो को पकरे
तरुण - संत हो जाइये ऑन्टी कई बार बुर मे उंगली करते देखा है मेने आपको मेने तो वीडियो भी बनाया है आपका मे साफ केह रहा हु मुझे एक बार करने दीजिये नही तो आपकी वीडियो सब को दिखा दूंगा
कमला शोक के साथ डरते हुए
कमला - किया प्लेस बेटा ऐसा मत कर प्लेस
तरुण हवस भरी नजरो से कमला को देखते हुवे
तरुण - तो मुझे करने दो ऑन्टी आपको भी बहोत मजा आयेगा आपको भी लंड की जरूरत है
कमला फस गई थी मजबुरंन कुछ कर नही पाती तरुण भी जल्दी से नँगा होके कमला के सारी पेटीकोट उपर करके एक नजर बुर कोई देखता है और बिना देरी किये अपने लंड को बुर के छेद पे रख धक्के से घुसा देता है सत् से पुरा लंड कमला के बुर के अंदर तक घुस जाता है कमला दर्द मे आह मर गई दर्द हो रहा है तरुण बेटा
तरुण कमला के ब्लाउस से चुचे निकाल दबाने लगता है और
अरुण कमला के एक टाँगे उठाये धक्के मरना सुरु करता है

तरुण जवान था पहली बार सेक्स कर रहा था वो भी अपनी मा की उमर दो बच्चे की मा एक ऑन्टी की बुर की गर्मी तरुण के अंदर जोस का तूफान पैदा कर रही थी तरुण बिना रुके तेज धक्के मरते रहता है जबकि कमला तेज धक्के से दर्द मे आह उफ आह मा उफ मर गई
करती रहती है तरुण धक्के मरते हुवे - ऑन्टी उफ बहोत गर्म बुर है आपकी आह बहोत मजा आ रहा है आपको मजा आ रहा है या नही
कमला अपने होठो को दबाते हुवे तरुण को देखती है पर कुछ नही कहती

3 मिनट बाद तरुण कमला को घोरी बनाके चुदाई करने लगता है तरुण तेज धक्के मरते हुवे कमला की बुर मे लंड पेले जा रहा था कमला मन मे - आह उफ सोचा नही था बेटे के उमर के लरके से चुद जाउंगी आह अच्छा लग रहा है उफ जवान लंड लेके आह तरुण बेटा चोद ही रहा है तो अच्छे से चोद मेरी बुर की गर्मी निकाल दे
तरुण - आह ऑन्टी मजा आ रहा h कसम से आप तो कमाल थी है आपकी बुर का कोई जवाब नही है आह ऑन्टी
6 मिनट मे ही तरुण झर जाता है कमला एक बार झरति है
तरुण हफ्ते हुवे बैठ जाता है कमला सारी बाल सही करते हुवे बिना तरुण के देखे चली जाती है
तरुण मन मे - किया ही मस्त माल की चुदाई की है मजा आ गया
सब देखने के बाद रोहन वापस आ जाता है
रोहन रोते हुवे - बहन चोद मेरी किस्मत इतनी बुरी कियु है मे गाव ने बदनाम होके भी बुर चोद नही पाया और वो कमीना मम्मी रे माइ ये मेरी किस्मत ही फूटी हुई है
system हस्ते हुवे - जिसकी किस्मत मे जो मिलना होता है उसे वो मिलके रहता है
रोहन system को देख - जैसे तू मेरा हरामी साला
system - host - गाली बाद मे आगे बढे
रोहन - बिल्कुल सुरु करो
तरुण उसके बाद कमला की चुदाई करता रहता है जबकि कमला के अंदर आग बहोत थी लंड लेते लेते तरुण के लंड लेने की आदत पर गई थी लेकिन 15 दिन बाद दोपहर 1 बजे घर पे

कमरे मे कमला सारी पेटीकोट उठाये झुकी थी बिस्तर के सहारे पीछे खरा तरुण चड्डी नीचे किये धक्के मार रहा था कमला के गांड पे हाथ रखे कमला सिसकते आह उफ करते हुवे - और तेज धक्के मारो तरुण बेटा आह बहोत मजा आ रहा है उफ मा मे झरने वाली हु
कमला को नही पता था उसका बारा भाई उसको बिना बातये आने वाला था हरिस् ये सोच आया था उसकी बहन एकदम से उसे देख खुश हो जायेगी लेकिन अंदर से उसे आह उफ फट फच् ki आवाजे सुनाई देती है पहले तो हरिस् को लगता है सायद उसके जीजा होगे लेकिन तरुण एक लरके की आवाज सुन हरिस् शोक हैरान एकदम से दरवाजा खोल अंदर जाता है और सामने का सीन देख शोक मे चला जाता है तरुण हरिस् को देख बहोत डर जाता है और जल्दी से चड्डी संभलते हुवे भाग जाता है जबकि कमला भी हिली हुई थी जल्दी से सारी नीचे करते हुवे डरते हुवे नजरे फेर लेती है
हरिस् होस मे आते हुवे कमला के पास खरा होके
हरिस् - ये किया था कमला इस उमर मे दो बरे बच्चे की मा होके अपने बेटे के उमर के लरके के साथ तुम ऐसा कैसे कर सकती हो
कमला डरते हुवे रोने सी आवाज मे
कमला - भाई माफ कर दीजिये गलती हो गई
हरिस् गुस्से मे - ये छोटी गलती नही है कमला जिसे माफ किया जाये तेरा दिमाग खराब हो गया है जरा भी नही सोचा किसी को पता चलता तो किया होता और मेरी जगह तेरा बेटा बेटी होता तो
कमला रोने लगती है बहोत डरी हुई कपने भी लगती है हरिस् अपनी बहन से बहोत प्यार करता था इस लिये कमला को रोता देख नही पाता और जाके गले लगा लेता है
हरिस् - रोना बंद है ये बता तुझे ये सब करने की किया जरूरत पर गई जीजा जी नही करते है किया
कमला सिसकते हुए - अब उनमे वो दम नही रहा भाई
हरिस् - अच्छा समझ गया पर ये लरका ही मिला था अपने उमर का नही मिला तुझे
कमला सब सच बता देती है
हरिस् हैरान होता है कमला को देख
हरिस् - किया उस कमीने तरुण ने फायेदा उठाया तेरा मे उसकी
कमला - नही भाई जाने दो उसे जो हो गया सो हो गया गलती मेरी भी थी
हरिस् कमला को बिस्तर मे बैठा के कमला को देख
हरिस् - मेरी बहन जीजा सेक्स नही करते बिल्कुल
कमला नजरे नीचे किये - भाई आप कैसे सवाल पूछ रहे है
हरिस् - बताओ सर्माओ मत तू तो मेरी प्यारी गुरिया है ना नही बटाउगी तो कैसे बता चलेगा
कमला कुछ देर चुप संत करने के बाद
कमला - कभी कभी करते है पर
हरिस् गर्म था अपनी बहन तरुण की चुदाई देख उसे भी कमला की चुदाई करनी थी हरिस् कमला के और करीब जाके धीरे से
हरिस् - सब बोल दे खुल के
कमला धीरे से - जल्दी हो जाता है उनका
हरिस् गर्म आवाज मे - और तेरा नही हो पता है ना
कमला धीरे से - हु
हरिस् - फिर तू अपनी बुर मे उंगली करने लगी
कमला हैरान होती है शोक भी लेकिन हालत उसे चुप करवाके रहता है
कमला धीरे से - हा
हरिस् कमला के जांघों को सेहलते हुवे कान मे - कितनी बार उंगली करती हो बुर मे मेरी बहन बता ना
कमला धीरे से सिसक् के - वो वो भाई जब जायदा मन होता है तब
हरिस् - किया करने का मन करता है
कमला होठो को काटते हुवे धीरे से - वो चुदाई
कमला मन मे - उफ भाई मुझसे कैसी गंदी बाते कर रहे है पर मे फसी हुई हु कुछ बोल नही सकती
हरिस् कमला को अपने गोद ने बैठा के पेट मे हाथ फेरते हुवे
हरिस् - तरुण का लंड लेके मजा आता है अपनी बुर मे
कमला सिसक् के कासम्साते हुवे - उफ भाई हा मजा आता है
हरिस् का लंड पुरा टाइट होके झटके मर रहा था उसी लंड मे कमला बैठी थी जो अपने भाई का मोटा लंड अपनी बुर मे फिल करके मद्होस हो रही थी
हरिस् कमला के दोनो चुचे me मे हाथ रख दबाने लगता है कमला सिसक् के आह उफ भाई करने लगती है
कमला हरिस् के गोद से उठ के हफ्ते हुवे गर्म होके नीचे बैठ जाती है लेकिन हरिस् कमला के पास बैठ कमला को देखने लगता है दोनो गर्म हो गये थे

हरिस् कमला के सारी हटा के अपनी छोटी बहन के बरे गोरे चुचे ब्लाउस मे कैद था उसे देखने लगता है कमला सर्म से आखे बंद कर लेती है हरिस् - बहोत खूबसूरत है बहोत गोरे बरे है मेरी बहन
कमला सिसक् के मद्होस होके - भाई उफ कोई आ जायेगा
हरिस् कमला को देख - प्लेस बहन चुचे देखाओ ना बाहर निकाल के
कमला हरिस् को देखती है फिर ब्लाउस से एक चुचे बाहर निकाल देती है

हरिस् पागल हो हो जाता है अपनी बहन के मस्त नंगे चुचे देख के हरिस् कपते हाथो से चुचे को उंगली से टच करने फिल करने लगता है जबकि अपने चुचे पे भाई की उंगली का टच फिल करके कमला सिसक् के आह करती है बुर पानी बहाने लगती है
कमला मन मे - आह माई रे मेरी बुर ने इतने गर्म कियु हो रहा है
हरिस् चुचे को दबाते हुवे - उफ बहन इस उमर मे आके मे तेरे चुचे देख पऊगा सोचा नही था दोनो बाहर निकलो ना जल्दी

कमला अपने दोनो चुचे ब्लाउस से बाहर निकाल देती है किया ही नजारा था कमला के गोरे बरे काले निपल वाले चुचे हरिस् के नजरो के सामने थे हरिस् चुचे देखते हुए अपना लंड मसलने लगता है कमला ये देख बहोत गर्म हो जाती है और शर्मा भी जाती है
हरिस् लंड मसलते हुवे - बाहर कमाल के चुचे है बहन तेरी अब बस जल्दी से अपनी गर्म बुर दिखा दे रहा नही जाता मुझे देखना h मेरी गुरिया की गर्म बुर कैसी है

कमला जायदा नही सोचती और नीचे लेटते हुवे सारी पेटीकोट उपर करके टाँगे फैला देती है काले बालों वाली बुर हरिस् के सामने था हरिस् तो पागल होने लगता है एक बहन जो 42 की है दो बच्चो की मा है इस उमर मे अपनी बहन की मोती फूली बालों वाली बुर देख रहा था
हरिस् -गुरिया तेरी बालों वाली बुर देखने मे बहोत गजब लग रहा है
कमला सारी नीचे करके बैठते हुवे नजरे नीचे किये सर्म से धीरे से
कमला - अब बच्चे आते ही होगे
हरिस् कमला के पास जाके कान मे - मुझे बुर नही होगी
कमला धीरे से - हम भाई बहन है
हरिस् - मान जाओ बहन बहोत मजा दूंगा
कमला - नही मेने आपको अपना सब दिखा दिया जबकि कोई बहन अपने भाई को नही दिखती
हेरिस् - अच्छा तो ये बताओ मेरी जगह कोई और भाई होता तो तुझे उस हालत मे लरके के साथ देख माफ कर देता
कमला चुप रहती है ये सच था हरिस् की जगह कोई और होता तो सीन अलग हो सकता था
हरिस् - बस एक बार प्लेस
कमला धीरे से - सिर्फ एक बार
हरिस् गर्म खुश होके
हरिस् - हा तो बुर दोगी पकका ना
कमला धीरे से - हु दुगि
हरिस् - किया होगी खुल के बोलो ना
कमला सर्म से - बुर अपनी बुर
हरिस् खुश होके - भाई का लंड लोगी अपनी बुर मे
कमला - हु लुगी आपका लंड अपनी बुर मे
हरिस् - गर्म बुर मे
कमला - अपनी गर्म बुर मे
हरिस् - कब दोगी बुर
कमला - रात को सब के सोने के बाद आउंगी
हरिस् - पक्का
कमला - पक्का
पर्जेंट सीन )
रोहन फिर रोने लगता है - माई रे माई ये साले सब को बुर मिल रही है और मुझे लंड हिलाना पर रहा है मेरे साथ ऐसा कियु नही हो रहा है
system अपनी हसी रोकते हुवे - कियुंकी आप की किस्मत आपकी तरह झंड है
रोहन गुस्से से system को देख - किया बोला साले
system - होस मे केह रहा था आगे मिलेगी पक्का आपको बुर टेशन मत लीजिये तो आगे बढे
रोहन - हा ठीक है
रात 12 बजे सब के सोने के बाद कमला हरिस् के कमरे मे आती है और बिस्तर पे हरिस् लुगी पहन लेता था अपनी बहन को देख खुश हो जाता है
कमला - भाई जल्दी करलो किसी को पता चला तो गजब हो जायेगा
हरिस् जल्दी से लुगी हटा के - देख कैसे खरा है बेताब है तेरी बुर मे जाने के लिये गुरिया हाथो मे पकर हिला दो

कमला हेरिस् के लंड को देख शर्मा जाती है लेकिन हाथो को आगे लेके जाके लंड को अपने मुठी मे पकर हिलाने लगती है हरिस् - आह गुरिया मजा आ रहा है अपने चुचे तो निकाल देख लू जरा
कमला एक हाथो से चुचे को बाहर निकाल देती है हरिस् - आह उफ किया सीन है बहोत अच्छा मस्त हिलाती हो तुम गुरिया तरुण के साथ सेक्स करना है कर सकती हो लेकिन ध्यान से किसी को पता ना चले लेकिन जब मे आउ तुम मायके आउंगी मुझे बुर देते रहना डील पक्की
कमला सोचने के बाद धीरे दे - हा पक्की
हरिस् खरा होता है कमला को बिस्तर मे लेता के दोनो चुचे जल्दी से ब्लाउस के बाहर निकाल लेता है और सारी पेटीकोट उपर करके टाँगे फैला के बीच मे घुटने पे बैठ जाता है
हरिस् लंड पकरे कमला का देख - बुर फैलाओ ना अपनी
कमला शर्मा के दोनो हाथो से उंगली से अपनी बुर के फाके फैला के पकरे रखती है

हरिस् लंड पकरे अंदर घुसाने लगता है आधा लंड अंदर जाते ही कमला दर्द मे आह सिसक् परती है हरिस् लंड पकरे आधा लंड डाले बुर मे अंदर घुसा के चुदाई करने लगता है
हरिस् - उफ बहन तेरी बुर तो बहोत गर्म है आह मेरा लंड जल रहा है
कमला - उफ भाई धीरे आह लग रहा है दर्द हो रहा है आह भाई
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हरिस् अब कमला के पेट को मसलते दबाते हूँ पुरा लंड अपनी बहन के गर्म बुर के अंदर तक पेलने लगता है धक्के मरते हुए
कमला अपने बरे भाई से चुदवाते हुवे मन मे - उफ आह भाई मुझे चोदेगे आह ये सब होगा आह सोचा नही था उफ मा लेकिन बहोत मजा आ रहा है भाई का लंड बहोत मोटा है आह भाई
हरिस् चुदाई करते हुवे - कैसा लग रहा हैं बहन मजा आ रहा है
कमला - बहोत मजा आ रहा है भाई आह चोदों भाई अपनी बहन कि गर्म बुर को चोद के गर्मी निकाल दो आह
पर्जेंट )
रोहन - साला हरिस् कमीना तो बहोत तेज निकला मोक्के का फायेदा उठा के अपनी बहन की बुर को हमेसा के लिये बुक कर लिया
system - सही कहा आपने कमला ऐसी हालत मे फसी थी उसके पास कोई और रास्ता नही था वैसे भी उसके अंदर सेक्स की आग है
रोहन - सही कहा जब बुर की आग भरकती हो तो गलत सही भूल जाते है खैर मेरी मा भी सायद किसी से चुदवाती होगी
system - आपको ऐसा कियु लगता है
रोहन - फिल होता है पापा के जाने के बाद मा अकेली है वो भी एक औरत ही है
system - हु ये तो है
Ding Ding Ding
Task - host - को कमला की चुदाई करनी है मुह मे लंड देके बुर चटके गांड चटके बुर गांड दोनो मारनी है कमला को असली चुदाई किया होती है फिल करवाना है reword 1 करोड़
task - दो दिन मे पुरा करना होगा
रोहन task reword देख बहोत हैरान होता है
रोहन मन मे - ये task नही मिलता तो भी मे कमीनी कमला की बुर गांड तो जरूर मारता लेकिन task भी मिल गया है ये तो जैकपोट् है मेरे लिये एक करोड़ जो मे पहले सपने मे भी नही सोच सकता था
रोहन टाइम देखता है रात 11 बज रहे थे रोहन बैठते हुवे अपने घर की तरफ देखता है लेकिन कोई दिखाई नही देता रोहन बहोत उदास हो जाता है रोहन फिर से लेत के करवट सिमट के सिसक् के रोने लगता है रोहन को लगा था सायद उसकी मा आयेगी बुलाने या खाना देने लेकिन नही आई जो रोहन को अंदर से दर्द दे रहा था
रोहन - कियु कियु मेरे साथ ऐसा हो रहा है इस लिये कियुंकी मे बिगर गया हु या इस लिये कियुंकी मा दीदी सब के दिल मे मेरे लिये कोई प्यार बचा ही नही है दिल करता है यहा से भाग जाऊ वैसे भी सब के होते हुवे भी मे अकेला ही पर गया हु

सुबह होती है रोहन उठता है सूरज निकल चुका था रोहन अपने घर जाता है आगन मे कोई नही था लेकिन जब कमरे मे मे जाता है तो राहुल माया के पीछे खरा था कमर पकरे गाल पे किस कर रहा था और माया हस रही थी ये सीन देख रोहन पुरा हिल जाता है राहुल माया की नजर रोहन पे जाती है तो दोनो जल्दी से अलग हो जाते है
माया गुस्से से रोहन के पास आके जोरदार चाटा मरते हुवे
माया - तुझे मेरे कहा था ना घर मे मत आना बाहर ही रहना है आज से खाना तुझे मिलता रहेगा
राहुल माया के पास आके - चाची रोहन तो अब आपकी बाते भी नही मानता है मे तो ऐसा नही करता जब तक मा आने को नही बोलती
माया राहुल के गाल को सेहलते हुवे - तू बहोत अच्छा बच्चा है ये कमीने का क्या करू समझ नही आता
रोहन गाल मे हाथ रखे अपने आसु को रोके बिना कुछ कहे घर से बाहर निकल जाता है
रोहन अपनी मुठी कसते हुवे गुस्से से - बहोत हो गया सोचा मा है प्यार करेगी लेकिन नही अब किसी को मुझसे फर्क नही परता है तो मुझे भी फर्क नही परता सब को रंडि बनाके बुर गांड मारुंगा फिर यहाँ से चला जाउंगा कही दूर यहा इन सब की गंदी सूरत ना देखनी परे साली रंडि
रोहन चौक जाता है भर पेट खाता है वापस पेर के नीचे बैठे मन मे
रोहन - पूरे 15 करोड़ लगेगे सब के कांड जानने के लिये ठीक है अब बस कमला ऑन्टी वाला टास्क अभी पुरा करना है फिर बाप बेटी वाला सुरु किया उसे उसके बाद मेरा सिर्फ फोकस मा दीदी इन रंडियों पे होगी
रोहन टाइम देखते हुए - 11 बज रहे है ऑन्टी खेत मे होगी चलो खेत मे ही जब के लूंगा
रोहन खेत की तरफ निकल परता है कमला के पास
घर पे माया बैठी थी कमरे मे सितल से बात कर रही थी
सितल - मा हमारे पास बहोत पैसे हो गये है घर बनवा लेते है
माया - चुप कर लोग किया सोचेंगे एकदम से हमारे पास पैसा कैसे आया धीरे धीरे करेगे जायदा दिखावा नही करना है समझ गई
सितल - समझ गई
माया - वो रोहन ने देख लिया
सितल - किया कैसे कही किसी को बता ना दे
माया - बता देगा तो जान से मार दुगि वैसे भी गाल मे किस कर रहा था
सितल - मा घर से निकाल कियु नही देती आप
माया - बेटा है कैसे निकाल दु लोग किया सोचेंगे
सितल - जान से मरवा देते है
माया - नही रे पागल हम इतना नही गिर सकते इतना परेसान करुगी खुद भाग जायेगा
सितल मुकुराते हुवे - ये सही है मा वो अंकल आये थे
माया - किया पागल हो गई हो किसी को पता चल जायेगा
सितल - नही चला वैसे मा अंकल जब आपकी ले रहे थे तब आप आह अंकल बहोत दर्द हो रहा है छोर दो आह नही ले पाउंगी कर रही थी
माया - बहोत मारुगी समझ गई
सितल - सच तो केह रही हु टाँगे उठा के घप् घप् पेल रहे थे
माया - बस रंडि बेटी बस
सितल - मा सोच लो मरवा देते है ट्रक से ठोक्वा देते है सब को लगेगा एक्सीडेंट है
माया - यार सोच तो रही हु मे भी अब उसकी सकल देखी नही जाती बहोत प्यार का दिखावा कर लिया मेने
सितल - सही कहा कमीना हमारे उपर भी गंदी नजर डालता है छोटी नूनी है साले की मेरी जैसी लरकी उसे देखे भी ना कमीना मा सोचीये एक बार हा करिये काम हो जायेगा फिर आप फ्री मेरे पास आ जाना
माया सोचते हुवे - ठीक है ठोक डालते है लेकिन बहोत सावधानी से पकरे गये तो सब जेल मे चक्की पिसेगे
सितल - मा सब मुझपे छोर दीजिये समझो कल हमारा प्यारा भाई उपर
माया सितल हसने लगते है
वही रोहन खेत मे कमला के पास आता है कमला घास कटने मे लगी लेकिन रोहन को देख मुह बना लेती है
रोहन मुस्कुराते हुवे कमला के पास बैठ के
रोहन - लगता है आज तरुण नही आया दिखाई नही दे रहा है
रोहन की बात सुनते ही कमला सिहर के कपने लगती है घास काटना भूल जाती है
रोहन - उफ ऑन्टी तो अपने भाई हरिस् को बुला लो ना फिर
अपने भाई का जीकर सुन कमला और शोक हैरान होती है आखे बरी हो जाती है हाथ पैर कपने लगते है
रोहन मुस्कुराते हुवे - यही पास वाली झरियो मे पहली बार हुवा फिर घर पे भाई के साथ वाह ऑन्टी दो दो लंड ले रही है एक जवान लरके का एक अपने भाई का मान गया मे आपको
कमला कपते हुवे रोहन को देख
कमला - तुझे ये सब कैसे पता चला
रोहन - अरे मे जादूगर हु पर मैन सवाल है ये है आप समझ गई होगी मुझे किया चाहिये आपसे
कमला गुस्से से - मे मे तेरी मा को जाके केह दुगि
रोहन - केह दो मे पूरे गाव मे केह दुगा मेरे पास वीडियो भी है तरुण आपका विरल करदु उफ ना जाने कई लरके बूढ़े जो आपको जानते हो वीडियो देख लंड हिलायेगे
रोहन गुस्से मे - साली रंडि मेरी मा को जाके चुगली करती थी बोल देगी या नही
रोहन का गुस्सा देख कमला काप् जाती है
कमला - दुगि दुगि प्लेस किसी को मत बताना नही तो सब खतम हो जायेगा
रोहन गुस्सा संत करने हुवे मन मे - मुझे गुस्सा कियु आ रहा है मे ऐसा तो नही था
रोहन - ठीक है मक्के के खेत के अंदर चलिए
कमला - प्लेस खेत मे आज बहोत लोग आस पास है कोई देख सकता है घर मे कर लो
रोहन खरा होके आस पास देखता है तो सच मे बहोत लोग करीब ही थे
रोहन मन मे - system बैरियर लगा सकता है
system - बिल्कुल host जाइये मजे कीजिये कोई आप दोनो की आवाज ना सुन पायेगा ना देख पायेगा
रोहन कमला को देख - कोई नही देखेगा चलिये
रोहन कमला को मक्के के खेत मे अंदर लेके जाने लगता है रोहन कमला को देख - साली आज तेरी बुर गांड अच्छे से मारके फैला दुगा बहोत सीधी बन रही थी मेरी बुराई करती थी अब लूंगा बदला वैसे साली गुलाबी सारी मे कमाल लग रही है
आज के लिये इतना ही


