कोई संदेह नही है कि अंजलि एक धनाढ्य फैमिली से विलोंग्स करती है । लेकिन इस के बावजूद भी उसका एक भिखारन की तरह दर दर कोसों पैदल चलना , रेलवे-स्टेशन के फ्लेटफार्म पर रात मे सोना और बेहद ही अभावग्रस्त जीवन जीना बहुत दुख देता है ।
मुझे ऐसा भी यकीन है कि वो राजेश की ब्याहता नही है । राजेश उसका हसबैंड नही है । राजेश का अधिकांश समय तक घर से बाहर रहना , एक मजदूर की तरह कठोर परिश्रम करना , अंजलि के प्रति सम्मान की भावना , और दोनो के कन्वर्सेशन मे पति - पत्नी की केमिस्ट्री का अभाव होना सिद्ध करता है कि वो अंजलि का हसबैंड नही हो सकता । उसक कर्म एक निष्ठावान और वफादार कर्मचारी की तरह है ।
इधर एक बहन ने किला तो फतह कर लिया लेकिन इस फतह ने इस परिवार के लिए इन्सेस्ट रिलेशनशिप के द्वार भी खोल दिया ।
बहुत ही बेहतरीन अपडेट रिया जी ।
आउटस्टैंडिंग एंड अमेजिंग।