मै घर पहुचा तो माँ ने कहा जा हाथ धो के आजा खाना लगा दिया है। मै जल्दी से रूम मे जाके हाथ मुह धोकर आया और खाना खाने बैठ गया। माँ भी सामने हि बैठ कर खाना खाने बैठ गयी।
खाना खाते हुए माँ ने पूछा: किस दोस्त से मिलने गया था?
मै बोला: माँ आप नही जानती उसे।
माँ मुझे घूरते हुए बोली: अच्छा तो ये दोस्त लड़की है।
मै एकदम घबरा गया कही माँ को पता तो नही चल गया की मै मधु आंटी से मिलने गया था। अगर उन्हे पता चला तो वो बहुत नाराज होगी क्योंकि उन्होंने सख्ती से मुझे उनसे दूर रहने को कहा था। पर माँ के चेहरे पर खुशनुमा भाव देखकर मेरा डर थोड़ा दूर हुआ और मै बात संभालते हुए बोला: नही माँ मै लड़की से मिलने नही गया था।
माँ: कोई बात नही। पर ये तो बता कॉलेज मे लड़कियों से बात तो करता है ना या वहा भी शर्माता हि रहता है।
मै: माँ मुझसे नही होती लड़कियों से बात।
माँ: बेटा पर नोर्मल्ली हम अपने क्लासमेट्स या सहकर्मियों से तो बात होती हि है। तु अगर अपने स्वाभाव मे बदलाव नही करेगा तो आगे जीवन मे तुझे प्रोब्लेम्स आएगी। क्या पक्का है हमेशा तेरा बॉस आदमी हि होगा या तेरी टीम मे सारे लड़के हि होंगे। अगर इन जगहों पर कोई औरत हुयी तो तु काम हि नही कर पायेगा। बेटा तुझे अपने मे बदलाव लाना होगा।
मै: माँ मै कई बार कोशिश करता हु पर लड़कियां जैसे हि मेरे सामने आती है मै असहज हो जाता हु। मुह से कुछ शब्द हि नही निकल पाते।
माँ: ऐसे तो बेटा फिर धीरे-धीरे लड़कियाँ भी तुझे साइडलाइन करने लगने हर जगह। बेटा ये स्वभाव तो तुम्हारे करियर के लिए बहुत बड़ी समस्या है।
मै: माँ मै कैसे ठीक करु इस समस्या को।
माँ: मेरी एक फ्रेंड है उसका बेटा psychitrist है। मै तुझे उसके पास ले चलूंगी तु उससे बात करना उसको अपनी समस्या खुलकर बताना वो जरूर कुछ सलाह देगा।
मै: ठीक है माँ i love u माँ
माँ: love u बेटा
मै: माँ एक बात पुछु आप बुरा तो नही मानोगी ना
माँ: ये तो तु जब बात बताएगा तभी पता लगेगा। पूछ क्या पूछना है
मै: माँ मै पूछता हु पर आपको मेरी एक शर्त माननी पड़ेगी।
माँ: क्या शर्त है
मै: माँ शर्त है कि यदि आपको मेरी बात लगा तो आप मुझे थप्पड़ लगा दोगी पर मुझसे नाराज होकर बात करना बंद नही करोगी।
माँ के चेहरे पर हसी और प्यार दोनो साथ मे आ गये वो बोली: मुझे मंजूर है पूछ
मै: माँ आपने दूसरी शादी क्यू नही की। जीवनसाथी तो सब को चाहिए होता है।
माँ: मेरा बेटा बड़ा हो गया है। देख इसके दो कारण है पहला की मै तेरे पापा से प्यार करती हु और वो आज भी मेरे साथ है। मै जब भी आयने मे चेहरा देखती हु तो उनका चेहरा साथ मे दिखता है जैसे मुझसे कह रहे हो काला टिका लगा लो नज़र लग जाएगी। मै खाने का पहला निवाला मुह मे लेकर आँखे बंद करती हु तो वो दीखते है मुझसे ये कहते हुए की प्रमिला तुम्हारे हाँथो मे जादू है तुम मुझे मोटा करके मानोगी। वो हर पल मेरे साथ है सच्चे जीवन साथी की तरह। ये सब कहते हुए माँ की आँखों मे आंसु आ गये। मै भागकर किचन मे गया अपने हाथ धोकर आया और माँ के आंसु पोंछने लगा।
मै: माँ मै आपका दिल नही दुखाना चाहता था। सोरी माँ मेने आपको रुला दिया।
माँ: अरे नही ये तो ऐसे हि आ गये। दूसरा कारण है तु। तेरा इतना ख्याल रखना पड़ता है की मेरे पास टाइम हि नही है किसी और के लिए।
ये कहते हुए माँ ने मेरे सिर पर एक किस किया और बोली मेरा प्यारा छोटा सा बच्चा।
मै बोला: माँ मै कॉलेज मे आ गया हु अब मै छोटा बच्चा नही रहा अब मै बड़ा हो गया हु।
माँ हसते हुए बोली: सच्ची मे तु बड़ा हो गया है। देखते है कल घर पर मेरी 2-3 फ्रेंड्स आ रही है। उनके साथ उनके बच्चे भी आएंगे तो तुझे उनसब को हॉस्ट करना है। हाँ उनमे लड़कियां भी होगी। तुझे कोई प्रॉब्लम तो होगी हि नही तु तो अब बड़ा हो गया है।
मै: पर माँ अचानक सब कल घर पर क्यू आ रहे है। आप बाहर किसी अच्छे रेस्ट्रो मे मिलो ना सब। घर पर तो आपके लिए बहुत काम फेल जायेगा।
ये सुनते हि माँ ठहाके मारकर हसने लगी। मै अचम्भे से माँ का चेहरा देखने लगा।
मै: तो माँ आप मेरे खिचाई कर रही थी।
माँ: हाँ देखा बच्चू लड़कियों का नाम सुनते हि निकल गयी सारी हवा। माँ अब मै बड़ा हो गया हु।
माँ फिर हसने लगी। मुझे माँ की हसी से लगा जैसे माँ मेरा ज्यादा हि मजाक उड़ा रही है तो मै जोश मे बोल पड़ा: माँ आपको लगता है ना कि मै बच्चा हु और मै लड़कियों से बात नही कर सकता। पर आपको नही पता जल्द हि मै अपनी पसंद की लड़की को प्रोपोज़ करने वाला हु।
अब चोंकने की बारी माँ की थी। माँ की हसी रुक गयी और माँ आँखे बड़ी करके मुझे घूरने लगी। जैसे हि मुझे एहसास हुआ मै जोश मे क्या बोल गया तो मेरी सिट्टी पिट्टी गुम हो गयी। पर अब देर हो चुकी थी अब माँ को सब बताना हि पड़ेगा। वो मुझे ऐसे छोड़ने वाली नही है।
मै बोला: माँ आप पूछे उससे पहले हि मै बता देता हु अभी बस मेने थोड़ा बहुत लड़की को देखा है। ऐसी ज्यादा मुझे पसंद भी नही आयी है। यदि आगे मुझे अच्छी लगी और पसंद आयी तो आपको उसके बारे मे सब बता दूंगा।
माँ: नाम क्या है?
माँ ने ऐसे पूछा जैसे उन्हे मेरी कोई बात सुननी हि नही है। बस उन्हे तो नाम हि सुनना है। मै जानता था अब तीर कमान से निकल चुका है वापस नही आ सकता।
मै बोला: माँ मै नाम बता रहा हु पर ये पूरी तरह एक तरफा प्यार है। वो लड़की तो कभी मुझे देखती भी नही। शायद उसे तो पता भी नही होगा की मै भी उसकी हि क्लास मे पढ़ता हु।
माँ: नाम
मै: प्रिया
माँ: उस दिन जो क्लिनिक मे मिली थी?
मै: हाँ वही। आपने देखा ना उसने मुझे पहचाना भी नही।
माँ: लड़की तो सुंदर है। पढ़ने मे कैसी है?
मै: माँ टॉपर है हमारी क्लास की।
माँ: उसका भाई मेरा स्टूडेंट है। मै बात करू उससे?
मै: नही माँ मै खुद धीरे-धीरे हिम्मत जुटा के उसे प्रपोज कर दूंगा। आप चिंता मत करो।
माँ: चलो ये भी अच्छा है। बेस्ट ऑफ लक फॉर योर लव

। पर एक वादा कर उसकी ना से तु टूटेगा नही। ना को भी आसानी से स्वीकार करके आगे बढ़ जायेगा।
मै: माँ मै वादा करता हु अगर उसने ना की तो मै आसानी से आगे बढ़ जाऊंगा।
माँ ने मुझे गये लगाया और फिर बोली चल अब खाना खा।
हमने खाना खाया। मै खाना खाकर tv देखने लगा। थोड़ी देर मे माँ भी किचन से फ्री होकर आ गयी। माँ भी वही सोफे पर बैठकर tv देखने लगी। मै नीचे जमीन पर बैठा था। मेने सिर माँ की गोद मे रख लिया और आँख बंद करके सोचने लगा कि माँ मेरे लिए कितना सोचती है और मै माँ के बारे मे क्या क्या सोच रहा था। जब मेने मधु आंटी से पूछा था की आप कितने दिन सेक्स के बिना रह सकती हो तो मै ये अपनी माँ के लिए हि पूछ रहा था। मुझे मधु आंटी का जवाब सुनकर लग रहा था माँ कैसे इसके बिना रह रही है, कही माँ भी तो किसी के साथ ऐसा कुछ तो नही करती और ये ख्याल आते हि मै परेशान हो गया। पर अब जब मेने माँ की बात सुनी तो मै समझ गया की सब औरते एक सी नही होती। सबके जीवन मे प्रायोरिटीज अलग अलग होती है। माँ ने पूरा जीवन पापा और मेरे लिए समर्पित कर दिया है। वो बस मेरी खुशी और पापा के साथ की यादों के सहारे हि अपना जीवन बिता रही है। ऐसी सब चीजें तो उनके दिमाग़ मे है भी नही। और अब मेरे सामने था एक पहाड़ जैसा लक्ष्य। कहा तो मै किसी लड़की से नॉर्मल बात नही कर पाता और यहां एक लड़की को प्रपोज करना और वो भी इतनी सुंदर साथ मे क्लास की टॉपर और ऐटिटूड तो पूछो मत अच्छे अच्छे लड़को को लाइन पर ला दिया। प्रिया को प्रपोज करना मतलब मधुमक्खी के छत्ते मे हाथ देना पर शहद चाहिए तो ये तो करना हि पड़ेगा।