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Incest Bete se ummeed,,

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Rajkurjii

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Well come back ❤️❤️
बहुत-बहुत धन्यवाद भाई आप लोगों के कमेंट फिर से पढ़ने को मिल रहे हैं बहुत अच्छा लगता है
 
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Rajkurjii

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🌷Welcome👭 back be🥀 continue 💘update ✍️
शुक्रिया वसीम भाई आपने कमेंट किया और कहानी को पसंद किया उसके लिए बहुत-बहुत शुक्रिया
 

Rajkurjii

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Update :== 65

,,किशन अपनी मां के पीछे अपने लिंग का दबाव बनाए हुए था और बार-बार उसे अपनी मां की नम पर रगड़ रहा था,,, जिसकी छुअन से ही रामू देवी की दिल की धड़कन बड़ी हुई थी,, उसे हल्के सर्दी के मौसम में भी पसीने छूटने लगे थे और घबराहट इतनी थी कि उसके दिल की धड़कन दो गुना हो गई थी,,, उसकी घबराहट को महसूस करते हैं किशन उसकी कान में कहता है,,,

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किशन :-- इतना क्यों घबरा रही है????? क्या बात है मुझे डर लग रहा है???

,, रामो देवी,,, जिसका घबराहट की वजह से ही गला सूख रहा था और किशन के लिंग की चुभन से उसके दिल की धड़कनें बड़ी हुई थी,,, तेज सांस लेते हुए कहती है,,

रामो :- एजी.... हममममम.... मैंने पहले कभी लिया नहीं है.. उसमे...

किशन :-- पहले कभी नहीं लिया है जान इसीलिए तुम इतना घबरा रही हो,,, एक बार ले लोगी तो सब डर निकल जाएगा,,,,

रामो :-- लेकिन मैंने सुना है वहां बहुत दर्द होता है,,,

किशन :-- पहली बार तो दर्द सभी को सहना पड़ता है,,, मेरी जान और अपने पति का तो सभी लेती है,,, अब कभी ना कभी तो लेना ही है,,,,

रामो :-- ठीक है जी..... आप खाना खा लीजिए पहले मैं खाना बना रही हूं...

,,, किशन अपनी मां का हाथ पकड़ कर अपने लिंग पर रख देता है,,, जो इस समय अपनी पूरी औकात में था,, लिंग पर हाथ बढ़ाते ही कृष्ण की मां के शरीर में कंपन सी होती है,, परंतु वह अपना हाथ हटती नहीं और लिंग पर थोड़ा सा दवा बना देती है,, कवि किशन मुझे फिर से कान में कहता है,,

किशन ::--- मुझे खाने की नहीं तेरी गांड की भूख है जान... इसमें मेरा जीना हराम किया है देखना इसका क्या हाल है,,,,,

रामो :-- अभी नहीं रात को ले लेना... अभी उजाला होने वाला है और सभी जाग जाएंगे हो सकता है कोई घर पर आ जाए,,, आप लेट चाहिए मैं खाना लेकर आता हूं....

,, किशन अपनी मां की बात समझते हो उससे अलग हो जाता है और चारपाई पर बैठ जाता है,,, तब तक रामू देवी खाना बनाने में लग जाती है,,,,

,, और उधर गीता के घर में उजाले का सभी इंतजार कर रहे थे सवेरा होते ही गांव के सभी लोग इकट्ठा होते हैं,,, और सभी रामू की अंतिम संस्कार की तैयारी करने लगते हैं,,,
,, कुछ ही फलों में अंतिम संस्कार की पूरी तैयारी हो जाती है,, अब सभी मिलकर रामू को आरती पर लेट आते हैं,, रामू के कोई बेटा नहीं था परंतु एक बेटी थी जिसके भाग्य में भी दुखी लिखा था न जाने क्या उसकी जिंदगी में अब होने वाला था वह आंसू बहाए जा रही थी और रजनी थी जो विलक.विलक कर रो रही थी,, सर्विसेज संस्कार की तैयारी होने के बाद,, एक साथ राम नाम का नारा गूंजते हुए सभी लोग,, रामू के सबको अपने कंधे पर उठा लेते हैं,,

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,, राम नाम सत्य है,, राम नाम सत्य है,,, कीनन के जयकार के साथ उसे शमशान की तरफ ले जाने लगते हैं तभी,, घर पर बैठी कुछ औरतों की नजरे गीता और रजनी की ओर जाती है जो विलक्कालक कर रो रही थी,,, राजनिक आलम यह था कि वह अपने पति के साथी खुद को मिटा देना चाहती थी परंतु अपनी बेटी को देखकर उसे यह करना बेवकूफी लगा,,, अपनी जवान बेटी जो इस समय पेट से है उसे किसके सहारे छोड़कर जाएगी और,, उसके जाने के बाद उसका कोई भी सहारा नहीं बचेगा वह कैसे अपना जीवन यापन करेगी यही सोच कर उसने कुछ ऐसा नहीं किया,,,, उनके दुख को देखकर सभी औरतें उन्हें दिलासा देती है और शांत करने की कोशिश करती है पास में ही बैठी एक औरत रहती है,,,

महिला :- बेचारी भरी जवानी में विधवा हो गई अभी रजनी की उम्र ही कितनी है देखो कैसी जवान है,, परंतु अभागी किस्मत के सामने कर भी क्या सकती है,,,

महिला 2:- अरे यह सब तो ठीक है इस भरी जवानी में एक जवान बेटी का बोझ न जाने कैसे जीवन कटेगी,,

महिला 1:- अरे मैं तो सुना है कि गीता कभी पति का सुख प्राप्ति नहीं कर सकती उसकी कुंडली में कोई दोष है,,, उसे बेचारी अभागी के बारे में तो सोचो इतना लंबा जीवन कैसे जीएगी और क्या होगा उसके जीवन में आप का साया भी सर से उठ गया भगवान की लीला देखो पता नहीं क्यों उसे इतने दुख दे रहा है,,,

महिला 2:- राम की माया राम ही जाने दीदी अब क्या होगा इन दोनों का जीवन,, तो दुखों से भर गया है बेचारी,,,

,, गांव के सभी लोग सवेरे ही रामू के सबको लेकर अंतिम संस्कार के घाट पर पहुंच गए थे,,वहां जाकर उन्होंने रमन के सब को नीचे रखा और उसकी चिता को अग्नि देकर उसके अंतिम संस्कार को समाप्त करने की जल्द से जल्द कोशिश की,, चिता को अग्नि दे चुके थे सभी और अब केवल उसके सब को समाप्त करने का इंतजार हो रहा था,,,

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,, लेकिन यह इतना बड़ा हादसा था कि यह खबर आपकी तरह गांव में फैलती है पास ही के गांव में कृष्ण के गांव के पास फ्री है कर फैल जाती है,,, किशन के गांव की कुछ महिला इकट्ठा होकर कृष्ण के घर की ओर चल देती है यह बताने के लिए की गीता के बाप की मृत्यु हो चुकी है,,,, लेकिन उन्हें यह पता नहीं था कि रामू देवी किशन की मां इस समय दुल्हन के लिबास में अपने पति के लिए खाना तैयार कर रही थी जो अब तक तैयार हो चुका था,,, वह खाने की थाली लेकर किशन के पास जाती है और किशन से कहती है,,

रामा देवी :- लीजिए आप खाना खा लीजिए,,,,रसोई की ओर जाने लगती है,, किशन एक बार फिर अपनी मां के पिछले हिस्से को देखते हुए,,

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,, उसके पिछवाड़े को देखकर उसके लिंग में एक झटका सा लगता है और वह लिंग पर हाथ रखकर मन ही मन कहता है,,

,, सावर कर जो तू चाहता है वह तुझे मिलेगा सुना है सब्र का फल मीठा होता है सबर कर,,,,

,, किशन की मां जानती थी कि उसका बेटा उसके पिछवाड़े को ही घर रहा है और उसे खो जाने वाली नजरों से देख रहा है इसलिए मैं जल्द से जल्द रसोई की ओर चली जाती है,,, जैसे ही वह रसोई में पहुंचती है उसे कुछ औरतों की आवाज़ सुनाई देती है जो उसके घर पर आकर दरवाजा खटखटा रही थी,,, महिलाओं की आवाज सुनकर उसे ध्यान आता है कि उसने दुल्हन के कपड़े पहने हुए हैं और वह दुल्हन की तरह सजी हुई है वह तुरंत ही,,, अपनी हालत को देखकर अपने आप को सही करती है और औरतों को कहती है,,

रामो :- अरे रुको आता हूं क्यों दरवाजा तोड़ोगी क्या,???

महिलाए : रामू दरवाजा खोल अनर्थ हो गया है,,,

रामो : - अरे आ रही हूं कोई मर गया है क्या थोड़ी देर सब्र करो आ रही हूं,,,,

,, सभी महिलाएं शांत हो जाती है और कुछ समय के लिए दरवाजे पर ही रुकी रहती है तब तक कृष्ण की मां अपनी स्थिति को सही करती है और जल्द से जल्द मुंह धोकर दरवाजे की ओर जाती है,,, वह जैसी दरवाजा खोलती है गांव की कुछ तीन-चार महिलाएं उसकी ओर देखते हैं और उससे कहती है,,,


महिला :- गीता के बापू का देहांत हो गया है राम तू जाकर एक बार किशन से बता दे,,,

,, यह सुनकर रामू को भी बहुत दुख होता है परंतु वह किशन को खोना नहीं चाहती थी उसे ऐसा लगता है कि यदि कृष्ण कोई है बता दिया तो वह गीता के पास चला जाएगा जो वह कभी भी नहीं चाहती थी,,, इसलिए वह महिलाओं से कहती है,,,

रामो :- अरे यह दोनों अर्थ हो गया बड़े दुख की बात है लेकिन कृष्ण की तो तबीयत खराब है वह जा नहीं सकता,,,

महिला :- देख रामो,, जो कुछ भी तेरे बेटे के साथ हुआ था उसका हमें भी दुख है,,, परंतु इस समय गीता और उसकी मां को सहारे की जरूरत है,,, अगर तुम लोग वहां पर जाओगे तो हो सकता है,,, वह दुखों से उभर जाए,, अरे गीता को अपने साथ नहीं रख सकती तो ना सही परंतु उनकी मदद तो कर ही सकते हो अब तो तेरा बेटा पैसे वाला भी हो गया है,,, कुश्ती में मिली ₹50000 की रकम कम नहीं होती,, तो जिंदगी भर बैठ कर खा सकती है और दूसरों को भी खिला सकती है,,, इस समय गीता और उसकी मां को मदद की जरूरत है तुम सोचो उन दोनों पर क्या बीत रही होगी,,, अगर तुम लोगों ने सहारा दोगे, हम सभी गांव वालों को भी खुशी होगी इसीलिए तुम्हारे पास आए हैं उनका दुख हमसे देखा नहीं जाता,,,,

,, सभी महिलाओं की बात सुनकर कृष्ण की मां का दिल भी प्रसिद्ध जाता है और वह विचार करने लगती है,, तो जैसे ही उसके मन में यह विचार आता है कि किस अनु से छोड़ देगा गीता के पास जाकर वह डर जाती है,,, और मन ही मन विचार कर कहती है,,

रामो,:- मैं तुम लोगों के साथ चलती हूं लेकिन मेरे बेटे की तबीयत खराब है वह नहीं जा सकता आप लोग चलो मैं जो मदद होगी करूंगी परंतु मेरा बेटा वहां पर नहीं जाएगा,,,,

,, जब कृष्ण देखा है कि बाहर कुछ महिलाएं खड़ी हुई कृष्ण की मां से बात कर रही है,, और वह खाना खा चुका था खाना खाने के बाद वह उधर देखता है और अपनी मां से कहता है,,

किशन :- क्या हुआ मन क्या बात है,,,

रामो :- अरे कुछ नहीं तू अंदर जा कुछ काम की बात चल,,,

महिला :-तेरे बेटे की तबीयत तो सही लग रही है झूठ बोल,,,

,, किशन को देखकर वह महिला रहती है,,, रामो उसे महिला की बात को सुनकर तुरंत सभी औरतों के सामने हाथ जोड़कर विनती करती है,,

रामो :- देखो मैं तुमसे भी के आगे हाथ जोड़ती हूं मेरे बेटे से इसके बारे में कुछ मत बताना मैं उसे खोना नहीं चाहती तुम खुद सोचो मेरे पति का देहांत हो चुका है अभी दी मेरे बेटे को कुछ हो गया तो मैं किसके सहारे जंगी इसलिए मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हूं चली जाओ भगवान के लिए यहां से,,, मैं गीता और उसकी मां की पूरी मदद करूंगी जो कुछ मेरे पास है सब कुछ दे दूंगी लेकिन तुम यहां से चली जाओ मेरे बेटे से कुछ मत बताना,,,,

,, महिलाएं इस प्रकार कृष्ण की मां को रोता हुआ देखकर उसकी विनती सुनकर वहां से आपस में बातें करती हुई चुपचाप चली जाती है,,, वह सब भी जानती थी कि उसका बेटा मौत के मुंह से वापस आया है और वह अपने बेटे को खोना नहीं चाहती इसलिए वह वहां से चली जाती है तभी किशन दरवाजे के पास आकर अपनी मां से पूछता है,,,,

किशन :- क्या हुआ मन क्या बात थी क्या बोल रही थी यह सब,,,,

रामो : कुछ नहीं तुम चलो मेरे साथ ,,,,,,,- नशीली आंखों से अपने बेटे की ओर देखते हुए उसका हाथ पकड़ कर अंदर की ओर ले जाती है,,, और घर का दरवाजा बंद कर देती है,,,,
 

Iron Man

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