Awesome update
कहानी जबरदस्त बन रही है संध्या का ठकुराइन वाला रूप मस्त है
रमन और सरपंच की वाट लगा दी एक बार में
चांदनी और राज को साथ लाने का काम भी कर दिया ठकुराइन ने
उधर लल्लू और निधि का सीन बन रहा है
राजेश की एंट्री भी जबरदस्त है और चांदनी ने उसकी नजर को पहली बार में ही पहचान लिया nice twist Hai
बस एक रिक्वेस्ट है आप कहानी अपने अनुसार ही लिखते रहिए किसी दूसरे के कहने से इसमें चेंज मत करिए,
मानती हु रीडर्स की इमोशन कहानी से जुड़ जाते है लेकिन उन्हें भी सोचना चाहिए की कहानी का मुख्य आकर्षण लेखक के हिसाब से ही हो सकता है अगर सब पाठको के अनुसार कहानी चलने लगी तो खिचड़ी पक जायेगी
किसी को राज चांदनी नही पसंद अब राजेश नहीं पसंद
चांदनी की involment नही पसंद
अगर ये साइड चरित्र कहानी में।नही रहेंगे तो कैसे कहानी बनेगी
जब अभय संध्या से बात ही नही करना चाहता था तो कैसे संध्या खुद को साबित करेगी। वो किसी का साथ लेगी ही
प्लीज कहानी अपने हिसाब से ही लिखिएगा अगर कहानी में चेंज आने वाला है तो पहले ही बता दीजिए,