“पता नहीं क्या-क्या गंदे काम करवा रहे हो तुम मुझसे… मैं कोई जानवर नहीं हूँ तुम्हारी तरह जो ऐसे गंदे काम करूँ…”
मेरे मुँह से निकला, लेकिन मेरी आवाज़ में पहले जितनी ताकत नहीं थी। निर्मात्री फनलवर है।
नीरू बोला, “मैडम जी… प्लीजzzz… थोड़ा तो करो न ज़ुबान से… बहुत मज़ा आ जाएगा मुझे भी।”
मैंने एक बार उसकी तरफ़ देखा और फिर दोबारा उसकी गांड के छेद की तरफ़ देखा। वहाँ कुछ काली-काली चीज़ जमी हुई थी। मुझे समझ नहीं आ रहा था कि ये क्या है।
मैंने धीरे से अपना मुँह उसकी गांड के छेद के पास किया और अपनी ज़ुबान की नोक से हल्के से उसे छुआ। नीरू मज़े से उछाल पड़ा।
मैं मुस्कुराई और धीरे-धीरे उसकी गांड के छेद पर अपनी ज़ुबान फेरने लगी। उसकी गंदी सी गांड के छेद पर मेरी ज़ुबान हल्के-हल्के हरकत करने लगी और मैंने उसकी गांड के छेद को चाटना शुरू कर दिया।
अजीब सी घिन आ रही थी मुझे उस जगह से, मगर नीरू के कहने पर मैंने थोड़ी देर उसे चाटा और साथ-साथ उसके लंड को सहलाती रही - अपनी मुट्ठी में लेकर।
फिर जब उसकी गंदी गांड की गंदी स्मेल मेरी बर्दाश्त से बाहर हो गई, तो मैंने अपना मुँह हटा लिया और खड़ी होते हुए बोली,
“बस… अब और नहीं कर सकती मैं यहाँ पर।”
नीरू ने मेरा हाथ पकड़कर खींचा और अपने गंदे जिस्म के ऊपर मेरा नाजुक सा जिस्म गिराते हुए बोला,
“तो मैडम जी… अब फिर आप मेरी बाहों में आ जाओ न।” फनलवर की प्रस्तुति।
नीरू ने मुझे अपने जिस्म से कस लिया और मेरे गालों को चूमने लगा। मैं भी उसका साथ देने लगी और फिर हम दोनों के होंठ आपस में मिल गए और हमने एक-दूसरे के lips को चूसना शुरू कर दिया।
पीछे से नीरू मेरी चूत को सहलाते हुए मेरी चूत के अंदर अपनी उँगली को अंदर-बाहर कर रहा था।
नीरू मेरे होंठों को चूमते हुए बोला,
“मैडम जी… अब मेरे इस प्यारे से लंड को अपनी चूत में ले लो न… प्लीज।”
मैंने उसके लंड को पकड़कर बोली,
“ये प्यारा लंड है क्या? कभी इसको धोया है नहीं और इसको प्यारा कहते हो?”
मैं नीरू की गोद में ऊपर आ गई और उसकी जाँघों की साइड पर सोफ़े पर अपने पैर रख लिए। नीरू ने अपने लंड को पकड़ा और मेरी चूत के साथ लगाने लगा।
मैंने अपनी चूत के छेद को उसके लंड के ऊपर रखा और नीचे को प्रेशर डालने लगी। नीरू का लंड मेरी चूत में उतरता चला गया।
जैसे ही मैं नीचे को बैठी, “sssssssssssssssssssssssssssssssssssssmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm” की तेज़ आवाज़ के साथ ही मैंने नीरू का लंड अपनी चूत में समो लिया और नीरू के गले में बाजुएँ डालकर उसे चूमने लगी।
नीरू ने धीरे-धीरे नीचे से धक्के लगाने शुरू कर दिए और मैं भी नीचे-ऊपर हिलने लगी। नीरू का लंड मेरी गीली चूत में अंदर-बाहर हो रहा था और मैं भी मज़े ले-लेकर उससे चुदवा रही थी। लेखिका फनलवर है।
नीरू के गंदे काले हाथ मेरी नंगी गोरी-गोरी मुलायम कमर पर थे और वो धीरे-धीरे मेरी कमर को सहला रहा था।
नीरू के हाथ मेरी कमर पर मूव करते हुए नीचे को मेरी hips पर आ गए और उसने मेरी hips को सहलाना शुरू कर दिया। फिर उसकी उँगलियाँ मेरी hips की दरार में दाखिल हो गईं और उसने मेरी गांड के छेद को धीरे-धीरे सहलाना शुरू कर दिया।
नीरू ने अपनी वही उँगली ऊपर लाकर मेरे मुँह में डाली और मैंने उसकी उँगली को चूसना शुरू कर दिया।
नीरू की उँगली मेरे थूक से जब अच्छी तरह गीली हो गई तो वो उसको वापस मेरी गांड के छेद पर ले गया और धीरे-धीरे अपनी उँगली को मेरी गांड के छेद के अंदर push करने लगा।
मैंने कोई मुज़ाहिमत नहीं की और उसकी उँगली मेरी गांड के अंदर दाखिल हो गई - जस्ट उसकी टिप।
मैं थोड़ी सी उछली और बोली,
“नीरू… ये क्या कर रहे हो? प्लीज इसको निकालो।”
नीरू बोला,
“कुछ नहीं होता मैडम जी… अभी आपको अच्छा लगेगा।”
नीरू ने अपनी उँगली मेरी गांड के अंदर ही रखे-रखे अपने लंड को मेरी चूत के अंदर-बाहर करना शुरू कर दिया। साथ ही नीरू ने अपनी उँगली भी मेरी गांड के अंदर-बाहर करनी शुरू कर दी और मेरी गांड के छेद के अंदर से मुझे सहलाने लगा।
मुझे भी मज़ा आने लगा और मैंने दोबारा धीरे-धीरे उसके लंड के ऊपर उछलना शुरू कर दिया और दोनों तरफ़ से एक साथ नीरू से चुदवाने लगी।
कुछ देर तक मुझे ऐसे ही चोदने के बाद नीरू ने मुझे सोफ़े पर उलट दिया और खुद उठकर मेरी टाँगों के दरमियान नीचे कार्पेट पर खड़ा हो गया।
नीरू ने मेरी टाँगों को ऊपर उठाया और मेरी चूत पूरी तरह उसके सामने आ गई और उसने अपने लंड को अपने हाथ में पकड़कर मेरी गीली चूत पर ऊपर-नीचे रगड़ना शुरू कर दिया।
फिर उसने अपनी लंड की नीली टोपी मेरी चूत के छेद पर रखी और एक ही धक्के में पूरा लंड मेरी चूत में उतार दिया और मैं एक तेज़ सिसकारी लेकर रह गई।
नीरू ने मेरी दोनों टाँगें ऊपर कीं और अपने कंधों पर रखकर अपना लंड दोबारा मेरी चूत में डाल दिया और धड़ाधड़ मुझे चोदने लगा।
नीरू का काला गंदा लंड मेरी चूत में अंदर-बाहर हो रहा था और जब उसने झुककर मेरे होंठों को चूमना शुरू किया तो जैसे मेरी कमर ही टूटने लगी क्योंकि उसने इस क़दर मेरी कमर को मोड़ दिया था। संपादिका मैत्री पटेल।
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यही तक दोस्तों।
आपके कोमेंट्स की प्रतीक्षा रहेगी।
Funlover की तरफ से जय भारत।।