• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Incest हमबिस्तर शालिनी 2

🔥 Read Next Hot Story →
Discover more exclusive stories

क्या खून के रिश्ते में समभोग होना चाहिए

  • हां

    Votes: 43 97.7%
  • नहीं

    Votes: 2 4.5%

  • Total voters
    44
🔥 Read Next Hot Story →
Discover more exclusive stories

Sanju69

Sambog se samadhi ki aur
1,865
3,908
144
मां ये बोलकर उठी और पेमेंट करके चली गई तो में ऑफिस आया और पूरे दिन यही सोचता रहा । रात में भी मुझे बहुत देर तक नींद नहीं आई और सुबह में छत पर भी नहीं गया तो शालू चाय पीते समय मुझे अजीब तरीके से घर रही थी ।


में सिगरेट पीने लगा तो शालू मेरे लिए दूध लेकर आई जो बादाम मिक्स था ।


शालू ,-- भाई जी क्या टेंशन हो गई कल से आप टेंशन में लग रहे हो ।


में मुस्करा कर,-- कुछ नहीं बेटा।


शालू,-- मुझे नहीं बताओगे भैया ,


में ,-- ऐसा कुछ नहीं है पगली।


शालू ,-- भाईजी आप मेरे दिल में रहते हो आप कल हग भी नहीं किए और अनीता भाभी का फोन आया था आप उनसे मिलने भी नहीं गए। आप ऐसे ही प्यार करोगे क्या मुझे आगे ।


में ,-- कल मां मिली थी शालू ।


शालू मुस्करा कर,-- तो आपको उन्होंने ऊंच नीच समझाई होगी कि वो तेरी बहन है और ये समाज के नियमों के खिलाफ है । है ना ।


में मुस्करा कर,-- नहीं , कल ज्यादा बात नहीं हो पाई आज फिर मिलूंगा मां से ।


शालू ,-- अगर वो आपको ऊंच नीच समझाने लगे तो बोल देना ये शालू आपके बिना नहीं जीएगी ।


में ,-- पागल वो ऐसा कुछ नहीं बोली तू बेकार ही टेंशन ले रही है ।


शालू ,-- फिर क्या टेंशन है आपको ।


में ,-- तुझे में रात को बताऊंगा । अभी खाना लगा । फिर ऑफिस जाना है मुझे और तुझे भी कॉलेज जाना है कि नहीं ।


शालू के साथ फिर में खाना खाया और दोनों बाइक से कॉलेज पहुंचे तो में शालू को कॉलेज छोड़ कर मां के पास पहुंचा ।


मैने डोरबेल बजाई तो मां ने गेट खोला तो में मां का नया रूप देखकर हैरान रह गया । मां ने जिंद टी शर्ट पहनी थी और बहुत शेक्सी लग रही थी ।




lusty-juicy-boudi-bhabhi-jeans-Pix-Bender

मां ,-- आओ अंदर ।


में अंदर आया तो मां ने मुझे अपना बेडरूम दिखाया जो बहुत शानदार था और उसमें शानदार बेड के अलावा स्ट्रेच बाथरूम और सोफा से लेकर हर चीज मौजूद थी ।


जब मैने बाथरूम देखा तो मेरा मुंह खुला रह गया । मां के रूम का बाथरूम मेरे रूम से भी बड़ा था । उसमें बाथ टब ले लेकर हर सुविधा थी और जेंट्स के लिए यूरिनल पॉट भी अलग से लगा था ।


में रूम देख कर सोफे पर बैठा तो मां बोली ,-- ड्रिंक करोगे ।


में ,-- ह्म्म ।


मां ने रूम में पड़ा फ्रिज खोला तो मेरा मुंह खुला रह गया और ब्रांडेड वाइन और बियर से भरा था और मां ने पेग बनाए तो वो एक दम नई स्टाइल के थे ।


मां एक बोतल लेकर आई रेड वाइन की और उसमें से दो पेग बनाकर बोली ,-- लो पियो और बताओ कि तुम क्या सोचते हो मेरे बारे में।


में ,-- मां आप गलत नहीं हो आपको भी एंजॉय करने का हक है और हमे समाज या रिश्तेदार सिर्फ परेशान करने के काम आते है उनके लिए आप क्यों अपनी जिंदगी बर्बाद करो। में आपके फैसले के साथ हूं और मैने सौरभ अंकल को भी बोला था कि वो आपको यहां लेकर आ जाए ।


मां ,-- थैंक्स बेटा , मुझे भी तुमसे यही उम्मीद थी ।


में ,-- मां , में हमेशा आप के साथ हूं और आप मेरी नजर में अभी भी मेरी मां ही हो ।


मां ,-- थैंक्स बेटा , सिगरेट पियेगा ।


में ,-- हां मां , आपके इस मॉडर्न रूप में सिगरेट पीने से मजा आएगा ।


मां ,-- तू रात भर क्या सोच रहा था जो शालू को हग भी नहीं किया और अनीता के पास भी नहीं गया ।


में ,-- आपको शालू हर बात बताती है मां ।


मां ,-- हां , उसकी नजर में मेरी इमेज भले ही गलत हो पर वो भी मेरी बेटी है ।उसकी सामने मुझे जाने में सोचना पड़ता है ।और उसने फैसला किया कि वो तुम्हारे साथ रहना चाहती है इसलिए में अलग रहने लग गई ।


मां इमोशनल होकर बोली तो में मां को बोला ,-- मां आप शालू की वजह से यहां रह रही हो।


मां ,-- हां बेटा । उसने जिस दिन मुझे गेंग बेंग करवाते देखा वो मुझे गिरी हुई औरत समझती है ।


में ,-- वो अभी बच्ची है मां । आप हमारे साथ ही रहो ।


मां ,-- नहीं बेटा । में अब उसके साथ तभी रहूंगी जब उसे समझ आएगी ।


में ,-- पर आप ने उसे सच क्यों नहीं बताया ।


मां ,-- वो तब नहीं समझ पाती बेटा क्योंकि वो नादान थी । और उस समय परिस्थिति ऐसी बन गई थी कि उसे समझना बेकार था ।पर अब तुम उसे अपने हिसाब से समझा लेना ।


में ,-- वैसे हुआ क्या था मां जो आप उसे समझा नहीं पाई ।


मां,-- बेटा बात ये थी कि में बैंक में जॉब मिलने पर बहुत खुश थी कि मुझे अब तेरे पिताजी की याद नहीं आएगी और में नौकरी करने लगूंगी तो बिजी हो जाऊंगी । पर जब में घर से निकली तब पता चला कि घर से बाहर भूखे भेड़िये बैठे थे जो मेरे को नोच कर खाने को तैयार थे। मुझे तेरे पिताजी की कही बात याद आई कि सरोज तू घर से बाहर निकल कर देख तुझे चाहने वालों की लाइन लग जाएगी ।


में ,-- फिर क्या हुआ ।


मां ,-- मुझे बैंक में वहां के स्टाफ ने कर्मचारी नहीं बल्कि कॉल गर्ल समझ लिया और बिना मतलब फाइलें मंगवाकर बैठा लेते और मेरे जिस्म को भूखी नजरों से घूरते रहते ।


में ,-- फिर ।


मां ,-- उसी समय सौरभ अंकल की पोस्टिंग हुई ट्रांसफर से तो सौरभ अंकल मेरे करीब आए और मुझे अच्छे लगने लगे । उन्होंने मुझे प्रपोज किया और अपनी बीबी को तलाक देकर शादी का प्रस्ताव रखा ।


में ,-- आपने मान लिया फिर ।


मां ,-- नहीं । क्योंकि वो शादी शुदा थे और मेरे ऊपर भी तुम दोनों की जिम्मेदारी थी ।


में ,-- तो अपने उन्हें मना कर दिया फिर ।


मां,-- नहीं , पर में दो दिन बैंक ही नहीं गई क्योंकि मुझे लगा कि में नौकरी नहीं कर पाऊंगी और तीसरे दिन मैने एप्लिकेशन सौरभ सर को दे दी कि मुझे नौकरी नहीं करनी ।


में ,-- फिर ।


मां ,-- फिर में घर आई तो अगले दिन सौरभ सर रमेश के साथ घर आए और बोले कि तुम मेरी वजह से रिजाइन मत दो । में ट्रांसफर करवाकर वापस चला जाऊंगा क्योंकि में पैसे के लिए नौकरी नहीं करता और वो जाने लगे तो मैने उन्हें अपनी परेशानी बताई। जो बैंक में मुझे हो रही थी ।


में ,- तो क्या बोले सौरभ सर ।


मां ,-- उन्होंने इसका समाधान बताया जो मुझे अच्छा लगा ।


में ,-- क्या समाधान बताया उन्होंने ।


मां ,- उन्होंने कहा कि वो मुझसे शादी करना चाहते है और तुम दोनों को अपनाना चाहते है और अपनी बीबी को तलाक दे देंगे क्योंकि उनकी शादी उनकी पसंद की लड़की से नहीं हुई थी और वो पहले से किसी के साथ रीलेशन शिप में थी इसलिए उन्होंने उसके साथ समाज और परिवार की खातिर शादी की थी ।


में ,-- तो उनकी अपनी बीबी से नहीं बनती ।


मां ,-- हां । वो मुझसे जुड़ने के बाद तीन साल में कभी अपनी बीबी से संबंध नहीं बनाया।


में ,-- और उनकी बीबी ने शिकायत नहीं की ।


मां ,-- वो अभी भी किसी के साथ रीलेशन में है और उन्होंने अपनी बीबी की कुछ फोटो भी दिखाई जिसमें वो किसी गैर मर्द के साथ थी ।ये देखो



RDT-20260807-074151349072082207959094
….


में ,-- ओह्ह । तो फिर वो साथ क्यों रह रहे थे उसके ।


मां ,-- अपने परिवार की प्रतिष्ठा और सामाजिक साख के लिए । उन्हें डाउट है कि स्वीटी भी उनकी बेटी नहीं है क्योंकि उनकी बीबी अपने प्यार को छोड़ना नहीं चाहती थी और शादी के बाद भी वो रिलेशन में थी ।


में ,-- आप को अंकल ने बताया ।


मां ,-- में सुरुचि दीदी से खुद बात की थी । वो खुल कर बोल दी कि सौरभ अगर दूसरी शादी करता है तो कर ले पर वो तलाक नहीं देगी और उसे दूसरी बीबी कबूल है ।


में ,-- सुरुचि मतलब सौरभ अंकल की पत्नी ।


मां ,-- हां , वो और सौरभ अंकल कभी साथ नहीं रहे बस परिवार और समाज की नजर me पति पत्नी है अब ।


में ,-- और आप ।


मां ,-- तुम दुनिया की नजर से सोचो तो उनकी रखेल और सौरभ की नजर में उनकी बीबी ।


में ,-- फिर आपने क्या जवाब दिया ।


मां ,-- मैने रात में सुरुचि दीदी से बात की और उन्होंने मुझे बताया कि वो परिवार के दबाव में सौरभ के साथ पत्नी बनी हुई है और में दूसरी बीबी बन सकती हूं वो कभी मना नहीं करेगी और ना ही ऑब्जेक्शन करेगी ।


में ,- तो ये बात थी ।


मां ,-- ये मकान सौरभ अंकल ने अभी बनाया है और इसका रूम से सीधे सौरभ के रूम में खुलता है जैसा गांव में था ।


में ,- आप सुरुचि आंटी से मिली हो ।


मां ,-- अभी मिली थी आई तब और पहले भी फोन पर बात होती थी उन्होंने ही मेरे बेडरूम और सौरभ के बेडरूम का गेट निकलवाया था।


में ,-- मतलब , वो एक बेडरूम में नहीं सोते ।


मां ,-- नहीं । दोनों के बैडरूम अलग अलग है और खाना बनाने वाली खाना बनाती है ।


में ,-- फिर आगे क्या हुआ ।


मां ,-- मैने दो दिन तक विचार किया और सोचा कि में अकेली रह कर क्या करूंगी और तुम वैसे भी गांव रहोगे नहीं । शालू शादी के बाद ससुराल चली जाएगी तो इतनी लंबी जिंदगी कैसे कटेगी इसलिए मैने सौरभ अंकल को अगले दिन बैंक में जाकर हा कर दी और उनको रहने का घर भी चाचा वाला दे दिया ।


में ,-- ओह्ह फिर ।


मां ,-- फिर सौरभ अंकल ने रमेश की मौजूदगी में मेरी मांग चाचा वाले घर में भरी ।




images 3


में उन्हें खाना बनाकर देने लगी और पीछे जो बाथरूम के बीच दीवार थी वो रमेश से एक दिन जब शालू स्कूल गई थी तब तुड़वाकर सीधे आने जाने का रास्ता बनवा लिया ।


में ,-- तो शालू को कैसे पता चला ।


मां ,-- मेरी सबसे बड़ी गलती यही थी कि में तुम दोनों को विश्वास में नहीं ली और सोचा कि समय आने पर बता दूंगी लेकिन शालू को तेरे पापा ने मोबाइल दिलवाया तो वो उसी से चिपकी रहती थी या फिर रीना के साथ रूम में बंद रहती ।


में ,-- फिर ।


मां ,-- मुझे लगा था कि मेरा भेद कभी नहीं खुलेगा और में समय आने पर तुम दोनों को बता दूंगी और डेढ़ साल तक सौरभ की पत्नी की तरह एक ही रूम में सोते थे । फिर हमने सेक्स को मजेदार बनाने के लिए एक रात थ्रीसम का प्रोग्राम बनाया जो फोरसम और गैंग बैग तक चलता रहा और हम इतने निश्चिंत हो गए कि एक रात गेट बंद करना भूल गए और शालू ने मुझे थ्री सम करते देख लिया ।


में ,-- फिर शालू ने क्या किया ।


मां ,-- उसको में एक्सप्लेन नहीं कर पाई और उसकी नजर में मेरी इमेज एक रन्डी की बन गई ।


में ,-- तभी शालू आपको रन्डी और कुछ भी बोलती है ।


मां ,-- हां , मैने इसलिए तुमको शादी के लिए कहा पर तुम शालू से पहले शादी को मना कर दिए और शालू ने स्पष्ट बोल दिया कि वो तुम्हे चाहती है । मुझे पता था कि समाज इस रिश्ते को नहीं मानेगा पर सौरभ ने कहा कि अगर दोनों राजी होंगे तो वो शालू का कन्यादान करेगा और हम ये गांव छोड़ कर शहर में रहेंगे जहाँ कोई हमे नहीं जानता होगा ।


में ,-- शालू बहुत बड़ी गलत फहमी में है मां ।


मां ,-- हां , मुझे पता है पर में उसे गैंगबैंग के बाद समझने की स्थिति में नहीं थी और उसने मुझे तुम्हारे साथ रहने को कहा तो मुझे मान ना पड़ा। में तुम्हे मॉडर्न ड्रेस के लिए बोली थी पर शालू चाहती थी शेक्सी ड्रेस जो वो तुम्हे पहन कर रिझा सके । उसके लिए उसने ब्रेस्ट बढ़ाई और तुम जब उसके प्राइवेट अंग को छुए तो वो भाई बहन के रिश्ते को प्रेमी प्रेमिका में बदल दी जिसे तुम भी स्वीकार कर लिए ।


में ,-- मां सच तो यही है कि में उस से प्यार करता हूं बहन वाला नहीं बल्कि प्रेमिका वाला।


मां ,-- मेरी शालू से रोज बात होती है बेटा। वो तुम्हारी हर छोटी छोटी बात बताती है । तुम उनको जो कपड़े दिलवाए उनकी भी फोटो भेजी थी और सुनीता से भी मैने बात की थी।



images 2



में ,-- फिर आप उसको कुछ बोली क्यों नहीं।


मां ,-- वो अभी शादी नहीं करना चाहती थी और ना ही तुमसे इंटीमेट होना चाहती थी तो मैने सोचा कि हो सकता है आगे उसका विचार बदल जाए ।


में ,-- मुझे नहीं लगता मां ।


मां ,-- लगता तो मुझे भी नहीं क्योंकि वो रीना जैसी गन्दी लड़की के साथ रहकर भी वो किसी के साथ हमबिस्तर नहीं हुई और कॉलेज में भी उसकी सहेली रजिया कॉल गर्ल है पर उसकी नियंत्रण क्षमता बहुत जबर्दस्त है ।


में ,-- वो तो है मां ।


मां ,-- अब तुम भी मर्द हो और तुम्हे जो अच्छा लगे वो तुम्हे सोचने है बेटा क्योंकि में तुम दोनों के प्यार को देख कर तुम्हे अलग होने की नहीं कहूँगी क्योंकि में इसका अंजाम देख चुकी हूं।


में ,-- मुझे शालू से प्यार है मां ।


मां ,-- मुझे पता है बेटा। मुझे तुम दोनों की खुशी चाहिए इसलिए अब शालू को बहन की जगह प्रेमिका मानकर उसे ट्रीट करो जैसे वो तुम्हे अपना भाई के साथ प्रेमी मानती है ।


में ,-- वो तो में करता ही हूं मां ।


मां ,-- तुम उसे अपनी प्राइवेट प्रॉपर्टी की तरह यूज मत करो उसके दिल की बात समझो जो तुम नहीं समझ पा रहे हो । वो तुम्हारे अंदर भी भाई के साथ एक प्रेमी देखना चाहती है पर तुम खुद एंजॉय कर रहे हो उसके दिल की बात नहीं समझ रहे ।


में ,-- वो बोले तब ना ।


मां ,-- ओह्ह । वो सही बोलती है तुम वास्तव में चूतिये हो सागर।


में मां का मुंह देखने लगा और सोचने लगा कि क्या में वास्तव में चुतिया हूं क्या जो मुझे शालू भी कई बार बोल चुकी । में अपना दूसरा पेग खाली कर चुका था और मां भी दूसरा पेग पी चुकी थी । हम इस दौरान चार सिगरेट भी पी चुके थे और में मां के गदराए जिस्म को मज़े से घूर रहा था ।


मां ने एक एक पेग और बना दिया तो मैने घुट लिया ।
 
  • Like
Reactions: rkv66

sultryriya

New Member
22
16
3
ये
मां ये बोलकर उठी और पेमेंट करके चली गई तो में ऑफिस आया और पूरे दिन यही सोचता रहा । रात में भी मुझे बहुत देर तक नींद नहीं आई और सुबह में छत पर भी नहीं गया तो शालू चाय पीते समय मुझे अजीब तरीके से घर रही थी ।


में सिगरेट पीने लगा तो शालू मेरे लिए दूध लेकर आई जो बादाम मिक्स था ।


शालू ,-- भाई जी क्या टेंशन हो गई कल से आप टेंशन में लग रहे हो ।


में मुस्करा कर,-- कुछ नहीं बेटा।


शालू,-- मुझे नहीं बताओगे भैया ,


में ,-- ऐसा कुछ नहीं है पगली।


शालू ,-- भाईजी आप मेरे दिल में रहते हो आप कल हग भी नहीं किए और अनीता भाभी का फोन आया था आप उनसे मिलने भी नहीं गए। आप ऐसे ही प्यार करोगे क्या मुझे आगे ।


में ,-- कल मां मिली थी शालू ।


शालू मुस्करा कर,-- तो आपको उन्होंने ऊंच नीच समझाई होगी कि वो तेरी बहन है और ये समाज के नियमों के खिलाफ है । है ना ।


में मुस्करा कर,-- नहीं , कल ज्यादा बात नहीं हो पाई आज फिर मिलूंगा मां से ।


शालू ,-- अगर वो आपको ऊंच नीच समझाने लगे तो बोल देना ये शालू आपके बिना नहीं जीएगी ।


में ,-- पागल वो ऐसा कुछ नहीं बोली तू बेकार ही टेंशन ले रही है ।


शालू ,-- फिर क्या टेंशन है आपको ।


में ,-- तुझे में रात को बताऊंगा । अभी खाना लगा । फिर ऑफिस जाना है मुझे और तुझे भी कॉलेज जाना है कि नहीं ।


शालू के साथ फिर में खाना खाया और दोनों बाइक से कॉलेज पहुंचे तो में शालू को कॉलेज छोड़ कर मां के पास पहुंचा ।


मैने डोरबेल बजाई तो मां ने गेट खोला तो में मां का नया रूप देखकर हैरान रह गया । मां ने जिंद टी शर्ट पहनी थी और बहुत शेक्सी लग रही थी ।




lusty-juicy-boudi-bhabhi-jeans-Pix-Bender

मां ,-- आओ अंदर ।


में अंदर आया तो मां ने मुझे अपना बेडरूम दिखाया जो बहुत शानदार था और उसमें शानदार बेड के अलावा स्ट्रेच बाथरूम और सोफा से लेकर हर चीज मौजूद थी ।


जब मैने बाथरूम देखा तो मेरा मुंह खुला रह गया । मां के रूम का बाथरूम मेरे रूम से भी बड़ा था । उसमें बाथ टब ले लेकर हर सुविधा थी और जेंट्स के लिए यूरिनल पॉट भी अलग से लगा था ।


में रूम देख कर सोफे पर बैठा तो मां बोली ,-- ड्रिंक करोगे ।


में ,-- ह्म्म ।


मां ने रूम में पड़ा फ्रिज खोला तो मेरा मुंह खुला रह गया और ब्रांडेड वाइन और बियर से भरा था और मां ने पेग बनाए तो वो एक दम नई स्टाइल के थे ।


मां एक बोतल लेकर आई रेड वाइन की और उसमें से दो पेग बनाकर बोली ,-- लो पियो और बताओ कि तुम क्या सोचते हो मेरे बारे में।


में ,-- मां आप गलत नहीं हो आपको भी एंजॉय करने का हक है और हमे समाज या रिश्तेदार सिर्फ परेशान करने के काम आते है उनके लिए आप क्यों अपनी जिंदगी बर्बाद करो। में आपके फैसले के साथ हूं और मैने सौरभ अंकल को भी बोला था कि वो आपको यहां लेकर आ जाए ।


मां ,-- थैंक्स बेटा , मुझे भी तुमसे यही उम्मीद थी ।


में ,-- मां , में हमेशा आप के साथ हूं और आप मेरी नजर में अभी भी मेरी मां ही हो ।


मां ,-- थैंक्स बेटा , सिगरेट पियेगा ।


में ,-- हां मां , आपके इस मॉडर्न रूप में सिगरेट पीने से मजा आएगा ।


मां ,-- तू रात भर क्या सोच रहा था जो शालू को हग भी नहीं किया और अनीता के पास भी नहीं गया ।


में ,-- आपको शालू हर बात बताती है मां ।


मां ,-- हां , उसकी नजर में मेरी इमेज भले ही गलत हो पर वो भी मेरी बेटी है ।उसकी सामने मुझे जाने में सोचना पड़ता है ।और उसने फैसला किया कि वो तुम्हारे साथ रहना चाहती है इसलिए में अलग रहने लग गई ।


मां इमोशनल होकर बोली तो में मां को बोला ,-- मां आप शालू की वजह से यहां रह रही हो।


मां ,-- हां बेटा । उसने जिस दिन मुझे गेंग बेंग करवाते देखा वो मुझे गिरी हुई औरत समझती है ।


में ,-- वो अभी बच्ची है मां । आप हमारे साथ ही रहो ।


मां ,-- नहीं बेटा । में अब उसके साथ तभी रहूंगी जब उसे समझ आएगी ।


में ,-- पर आप ने उसे सच क्यों नहीं बताया ।


मां ,-- वो तब नहीं समझ पाती बेटा क्योंकि वो नादान थी । और उस समय परिस्थिति ऐसी बन गई थी कि उसे समझना बेकार था ।पर अब तुम उसे अपने हिसाब से समझा लेना ।


में ,-- वैसे हुआ क्या था मां जो आप उसे समझा नहीं पाई ।


मां,-- बेटा बात ये थी कि में बैंक में जॉब मिलने पर बहुत खुश थी कि मुझे अब तेरे पिताजी की याद नहीं आएगी और में नौकरी करने लगूंगी तो बिजी हो जाऊंगी । पर जब में घर से निकली तब पता चला कि घर से बाहर भूखे भेड़िये बैठे थे जो मेरे को नोच कर खाने को तैयार थे। मुझे तेरे पिताजी की कही बात याद आई कि सरोज तू घर से बाहर निकल कर देख तुझे चाहने वालों की लाइन लग जाएगी ।


में ,-- फिर क्या हुआ ।


मां ,-- मुझे बैंक में वहां के स्टाफ ने कर्मचारी नहीं बल्कि कॉल गर्ल समझ लिया और बिना मतलब फाइलें मंगवाकर बैठा लेते और मेरे जिस्म को भूखी नजरों से घूरते रहते ।


में ,-- फिर ।


मां ,-- उसी समय सौरभ अंकल की पोस्टिंग हुई ट्रांसफर से तो सौरभ अंकल मेरे करीब आए और मुझे अच्छे लगने लगे । उन्होंने मुझे प्रपोज किया और अपनी बीबी को तलाक देकर शादी का प्रस्ताव रखा ।


में ,-- आपने मान लिया फिर ।


मां ,-- नहीं । क्योंकि वो शादी शुदा थे और मेरे ऊपर भी तुम दोनों की जिम्मेदारी थी ।


में ,-- तो अपने उन्हें मना कर दिया फिर ।


मां,-- नहीं , पर में दो दिन बैंक ही नहीं गई क्योंकि मुझे लगा कि में नौकरी नहीं कर पाऊंगी और तीसरे दिन मैने एप्लिकेशन सौरभ सर को दे दी कि मुझे नौकरी नहीं करनी ।


में ,-- फिर ।


मां ,-- फिर में घर आई तो अगले दिन सौरभ सर रमेश के साथ घर आए और बोले कि तुम मेरी वजह से रिजाइन मत दो । में ट्रांसफर करवाकर वापस चला जाऊंगा क्योंकि में पैसे के लिए नौकरी नहीं करता और वो जाने लगे तो मैने उन्हें अपनी परेशानी बताई। जो बैंक में मुझे हो रही थी ।


में ,- तो क्या बोले सौरभ सर ।


मां ,-- उन्होंने इसका समाधान बताया जो मुझे अच्छा लगा ।


में ,-- क्या समाधान बताया उन्होंने ।


मां ,- उन्होंने कहा कि वो मुझसे शादी करना चाहते है और तुम दोनों को अपनाना चाहते है और अपनी बीबी को तलाक दे देंगे क्योंकि उनकी शादी उनकी पसंद की लड़की से नहीं हुई थी और वो पहले से किसी के साथ रीलेशन शिप में थी इसलिए उन्होंने उसके साथ समाज और परिवार की खातिर शादी की थी ।


में ,-- तो उनकी अपनी बीबी से नहीं बनती ।


मां ,-- हां । वो मुझसे जुड़ने के बाद तीन साल में कभी अपनी बीबी से संबंध नहीं बनाया।


में ,-- और उनकी बीबी ने शिकायत नहीं की ।


मां ,-- वो अभी भी किसी के साथ रीलेशन में है और उन्होंने अपनी बीबी की कुछ फोटो भी दिखाई जिसमें वो किसी गैर मर्द के साथ थी ।ये देखो



RDT-20260807-074151349072082207959094
….


में ,-- ओह्ह । तो फिर वो साथ क्यों रह रहे थे उसके ।


मां ,-- अपने परिवार की प्रतिष्ठा और सामाजिक साख के लिए । उन्हें डाउट है कि स्वीटी भी उनकी बेटी नहीं है क्योंकि उनकी बीबी अपने प्यार को छोड़ना नहीं चाहती थी और शादी के बाद भी वो रिलेशन में थी ।


में ,-- आप को अंकल ने बताया ।


मां ,-- में सुरुचि दीदी से खुद बात की थी । वो खुल कर बोल दी कि सौरभ अगर दूसरी शादी करता है तो कर ले पर वो तलाक नहीं देगी और उसे दूसरी बीबी कबूल है ।


में ,-- सुरुचि मतलब सौरभ अंकल की पत्नी ।


मां ,-- हां , वो और सौरभ अंकल कभी साथ नहीं रहे बस परिवार और समाज की नजर me पति पत्नी है अब ।


में ,-- और आप ।


मां ,-- तुम दुनिया की नजर से सोचो तो उनकी रखेल और सौरभ की नजर में उनकी बीबी ।


में ,-- फिर आपने क्या जवाब दिया ।


मां ,-- मैने रात में सुरुचि दीदी से बात की और उन्होंने मुझे बताया कि वो परिवार के दबाव में सौरभ के साथ पत्नी बनी हुई है और में दूसरी बीबी बन सकती हूं वो कभी मना नहीं करेगी और ना ही ऑब्जेक्शन करेगी ।


में ,- तो ये बात थी ।


मां ,-- ये मकान सौरभ अंकल ने अभी बनाया है और इसका रूम से सीधे सौरभ के रूम में खुलता है जैसा गांव में था ।


में ,- आप सुरुचि आंटी से मिली हो ।


मां ,-- अभी मिली थी आई तब और पहले भी फोन पर बात होती थी उन्होंने ही मेरे बेडरूम और सौरभ के बेडरूम का गेट निकलवाया था।


में ,-- मतलब , वो एक बेडरूम में नहीं सोते ।


मां ,-- नहीं । दोनों के बैडरूम अलग अलग है और खाना बनाने वाली खाना बनाती है ।


में ,-- फिर आगे क्या हुआ ।


मां ,-- मैने दो दिन तक विचार किया और सोचा कि में अकेली रह कर क्या करूंगी और तुम वैसे भी गांव रहोगे नहीं । शालू शादी के बाद ससुराल चली जाएगी तो इतनी लंबी जिंदगी कैसे कटेगी इसलिए मैने सौरभ अंकल को अगले दिन बैंक में जाकर हा कर दी और उनको रहने का घर भी चाचा वाला दे दिया ।


में ,-- ओह्ह फिर ।


मां ,-- फिर सौरभ अंकल ने रमेश की मौजूदगी में मेरी मांग चाचा वाले घर में भरी ।




images 3


में उन्हें खाना बनाकर देने लगी और पीछे जो बाथरूम के बीच दीवार थी वो रमेश से एक दिन जब शालू स्कूल गई थी तब तुड़वाकर सीधे आने जाने का रास्ता बनवा लिया ।


में ,-- तो शालू को कैसे पता चला ।


मां ,-- मेरी सबसे बड़ी गलती यही थी कि में तुम दोनों को विश्वास में नहीं ली और सोचा कि समय आने पर बता दूंगी लेकिन शालू को तेरे पापा ने मोबाइल दिलवाया तो वो उसी से चिपकी रहती थी या फिर रीना के साथ रूम में बंद रहती ।


में ,-- फिर ।


मां ,-- मुझे लगा था कि मेरा भेद कभी नहीं खुलेगा और में समय आने पर तुम दोनों को बता दूंगी और डेढ़ साल तक सौरभ की पत्नी की तरह एक ही रूम में सोते थे । फिर हमने सेक्स को मजेदार बनाने के लिए एक रात थ्रीसम का प्रोग्राम बनाया जो फोरसम और गैंग बैग तक चलता रहा और हम इतने निश्चिंत हो गए कि एक रात गेट बंद करना भूल गए और शालू ने मुझे थ्री सम करते देख लिया ।


में ,-- फिर शालू ने क्या किया ।


मां ,-- उसको में एक्सप्लेन नहीं कर पाई और उसकी नजर में मेरी इमेज एक रन्डी की बन गई ।


में ,-- तभी शालू आपको रन्डी और कुछ भी बोलती है ।


मां ,-- हां , मैने इसलिए तुमको शादी के लिए कहा पर तुम शालू से पहले शादी को मना कर दिए और शालू ने स्पष्ट बोल दिया कि वो तुम्हे चाहती है । मुझे पता था कि समाज इस रिश्ते को नहीं मानेगा पर सौरभ ने कहा कि अगर दोनों राजी होंगे तो वो शालू का कन्यादान करेगा और हम ये गांव छोड़ कर शहर में रहेंगे जहाँ कोई हमे नहीं जानता होगा ।


में ,-- शालू बहुत बड़ी गलत फहमी में है मां ।


मां ,-- हां , मुझे पता है पर में उसे गैंगबैंग के बाद समझने की स्थिति में नहीं थी और उसने मुझे तुम्हारे साथ रहने को कहा तो मुझे मान ना पड़ा। में तुम्हे मॉडर्न ड्रेस के लिए बोली थी पर शालू चाहती थी शेक्सी ड्रेस जो वो तुम्हे पहन कर रिझा सके । उसके लिए उसने ब्रेस्ट बढ़ाई और तुम जब उसके प्राइवेट अंग को छुए तो वो भाई बहन के रिश्ते को प्रेमी प्रेमिका में बदल दी जिसे तुम भी स्वीकार कर लिए ।


में ,-- मां सच तो यही है कि में उस से प्यार करता हूं बहन वाला नहीं बल्कि प्रेमिका वाला।


मां ,-- मेरी शालू से रोज बात होती है बेटा। वो तुम्हारी हर छोटी छोटी बात बताती है । तुम उनको जो कपड़े दिलवाए उनकी भी फोटो भेजी थी और सुनीता से भी मैने बात की थी।



images 2



में ,-- फिर आप उसको कुछ बोली क्यों नहीं।


मां ,-- वो अभी शादी नहीं करना चाहती थी और ना ही तुमसे इंटीमेट होना चाहती थी तो मैने सोचा कि हो सकता है आगे उसका विचार बदल जाए ।


में ,-- मुझे नहीं लगता मां ।


मां ,-- लगता तो मुझे भी नहीं क्योंकि वो रीना जैसी गन्दी लड़की के साथ रहकर भी वो किसी के साथ हमबिस्तर नहीं हुई और कॉलेज में भी उसकी सहेली रजिया कॉल गर्ल है पर उसकी नियंत्रण क्षमता बहुत जबर्दस्त है ।


में ,-- वो तो है मां ।


मां ,-- अब तुम भी मर्द हो और तुम्हे जो अच्छा लगे वो तुम्हे सोचने है बेटा क्योंकि में तुम दोनों के प्यार को देख कर तुम्हे अलग होने की नहीं कहूँगी क्योंकि में इसका अंजाम देख चुकी हूं।


में ,-- मुझे शालू से प्यार है मां ।


मां ,-- मुझे पता है बेटा। मुझे तुम दोनों की खुशी चाहिए इसलिए अब शालू को बहन की जगह प्रेमिका मानकर उसे ट्रीट करो जैसे वो तुम्हे अपना भाई के साथ प्रेमी मानती है ।


में ,-- वो तो में करता ही हूं मां ।


मां ,-- तुम उसे अपनी प्राइवेट प्रॉपर्टी की तरह यूज मत करो उसके दिल की बात समझो जो तुम नहीं समझ पा रहे हो । वो तुम्हारे अंदर भी भाई के साथ एक प्रेमी देखना चाहती है पर तुम खुद एंजॉय कर रहे हो उसके दिल की बात नहीं समझ रहे ।


में ,-- वो बोले तब ना ।


मां ,-- ओह्ह । वो सही बोलती है तुम वास्तव में चूतिये हो सागर।


में मां का मुंह देखने लगा और सोचने लगा कि क्या में वास्तव में चुतिया हूं क्या जो मुझे शालू भी कई बार बोल चुकी । में अपना दूसरा पेग खाली कर चुका था और मां भी दूसरा पेग पी चुकी थी । हम इस दौरान चार सिगरेट भी पी चुके थे और में मां के गदराए जिस्म को मज़े से घूर रहा था ।


मां ने एक एक पेग और बना दिया तो मैने घुट लिया ।
सस्पेंस था सरोजनी का
 

dreamsecrets

Member
147
103
58
Maza nahi aaya bhai is update me, boht hi zyada fast baat cheet thi bas, koi scene nahi kuch bhi nahi, cigarette daru bhi bas aise hi ek baar dalke chordiya kuch moment toh banana chaiye tha pehla moment, mujhe expected tha ki jab sagar apni maa sarojni ke ghar jayega tab uski chudai ho rahi hogi aur woh towel lapetke door kholegi ya koi aur door kholega phir tagde moments hoge
मां ये बोलकर उठी और पेमेंट करके चली गई तो में ऑफिस आया और पूरे दिन यही सोचता रहा । रात में भी मुझे बहुत देर तक नींद नहीं आई और सुबह में छत पर भी नहीं गया तो शालू चाय पीते समय मुझे अजीब तरीके से घर रही थी ।


में सिगरेट पीने लगा तो शालू मेरे लिए दूध लेकर आई जो बादाम मिक्स था ।


शालू ,-- भाई जी क्या टेंशन हो गई कल से आप टेंशन में लग रहे हो ।


में मुस्करा कर,-- कुछ नहीं बेटा।


शालू,-- मुझे नहीं बताओगे भैया ,


में ,-- ऐसा कुछ नहीं है पगली।


शालू ,-- भाईजी आप मेरे दिल में रहते हो आप कल हग भी नहीं किए और अनीता भाभी का फोन आया था आप उनसे मिलने भी नहीं गए। आप ऐसे ही प्यार करोगे क्या मुझे आगे ।


में ,-- कल मां मिली थी शालू ।


शालू मुस्करा कर,-- तो आपको उन्होंने ऊंच नीच समझाई होगी कि वो तेरी बहन है और ये समाज के नियमों के खिलाफ है । है ना ।


में मुस्करा कर,-- नहीं , कल ज्यादा बात नहीं हो पाई आज फिर मिलूंगा मां से ।


शालू ,-- अगर वो आपको ऊंच नीच समझाने लगे तो बोल देना ये शालू आपके बिना नहीं जीएगी ।


में ,-- पागल वो ऐसा कुछ नहीं बोली तू बेकार ही टेंशन ले रही है ।


शालू ,-- फिर क्या टेंशन है आपको ।


में ,-- तुझे में रात को बताऊंगा । अभी खाना लगा । फिर ऑफिस जाना है मुझे और तुझे भी कॉलेज जाना है कि नहीं ।


शालू के साथ फिर में खाना खाया और दोनों बाइक से कॉलेज पहुंचे तो में शालू को कॉलेज छोड़ कर मां के पास पहुंचा ।


मैने डोरबेल बजाई तो मां ने गेट खोला तो में मां का नया रूप देखकर हैरान रह गया । मां ने जिंद टी शर्ट पहनी थी और बहुत शेक्सी लग रही थी ।




lusty-juicy-boudi-bhabhi-jeans-Pix-Bender

मां ,-- आओ अंदर ।


में अंदर आया तो मां ने मुझे अपना बेडरूम दिखाया जो बहुत शानदार था और उसमें शानदार बेड के अलावा स्ट्रेच बाथरूम और सोफा से लेकर हर चीज मौजूद थी ।


जब मैने बाथरूम देखा तो मेरा मुंह खुला रह गया । मां के रूम का बाथरूम मेरे रूम से भी बड़ा था । उसमें बाथ टब ले लेकर हर सुविधा थी और जेंट्स के लिए यूरिनल पॉट भी अलग से लगा था ।


में रूम देख कर सोफे पर बैठा तो मां बोली ,-- ड्रिंक करोगे ।


में ,-- ह्म्म ।


मां ने रूम में पड़ा फ्रिज खोला तो मेरा मुंह खुला रह गया और ब्रांडेड वाइन और बियर से भरा था और मां ने पेग बनाए तो वो एक दम नई स्टाइल के थे ।


मां एक बोतल लेकर आई रेड वाइन की और उसमें से दो पेग बनाकर बोली ,-- लो पियो और बताओ कि तुम क्या सोचते हो मेरे बारे में।


में ,-- मां आप गलत नहीं हो आपको भी एंजॉय करने का हक है और हमे समाज या रिश्तेदार सिर्फ परेशान करने के काम आते है उनके लिए आप क्यों अपनी जिंदगी बर्बाद करो। में आपके फैसले के साथ हूं और मैने सौरभ अंकल को भी बोला था कि वो आपको यहां लेकर आ जाए ।


मां ,-- थैंक्स बेटा , मुझे भी तुमसे यही उम्मीद थी ।


में ,-- मां , में हमेशा आप के साथ हूं और आप मेरी नजर में अभी भी मेरी मां ही हो ।


मां ,-- थैंक्स बेटा , सिगरेट पियेगा ।


में ,-- हां मां , आपके इस मॉडर्न रूप में सिगरेट पीने से मजा आएगा ।


मां ,-- तू रात भर क्या सोच रहा था जो शालू को हग भी नहीं किया और अनीता के पास भी नहीं गया ।


में ,-- आपको शालू हर बात बताती है मां ।


मां ,-- हां , उसकी नजर में मेरी इमेज भले ही गलत हो पर वो भी मेरी बेटी है ।उसकी सामने मुझे जाने में सोचना पड़ता है ।और उसने फैसला किया कि वो तुम्हारे साथ रहना चाहती है इसलिए में अलग रहने लग गई ।


मां इमोशनल होकर बोली तो में मां को बोला ,-- मां आप शालू की वजह से यहां रह रही हो।


मां ,-- हां बेटा । उसने जिस दिन मुझे गेंग बेंग करवाते देखा वो मुझे गिरी हुई औरत समझती है ।


में ,-- वो अभी बच्ची है मां । आप हमारे साथ ही रहो ।


मां ,-- नहीं बेटा । में अब उसके साथ तभी रहूंगी जब उसे समझ आएगी ।


में ,-- पर आप ने उसे सच क्यों नहीं बताया ।


मां ,-- वो तब नहीं समझ पाती बेटा क्योंकि वो नादान थी । और उस समय परिस्थिति ऐसी बन गई थी कि उसे समझना बेकार था ।पर अब तुम उसे अपने हिसाब से समझा लेना ।


में ,-- वैसे हुआ क्या था मां जो आप उसे समझा नहीं पाई ।


मां,-- बेटा बात ये थी कि में बैंक में जॉब मिलने पर बहुत खुश थी कि मुझे अब तेरे पिताजी की याद नहीं आएगी और में नौकरी करने लगूंगी तो बिजी हो जाऊंगी । पर जब में घर से निकली तब पता चला कि घर से बाहर भूखे भेड़िये बैठे थे जो मेरे को नोच कर खाने को तैयार थे। मुझे तेरे पिताजी की कही बात याद आई कि सरोज तू घर से बाहर निकल कर देख तुझे चाहने वालों की लाइन लग जाएगी ।


में ,-- फिर क्या हुआ ।


मां ,-- मुझे बैंक में वहां के स्टाफ ने कर्मचारी नहीं बल्कि कॉल गर्ल समझ लिया और बिना मतलब फाइलें मंगवाकर बैठा लेते और मेरे जिस्म को भूखी नजरों से घूरते रहते ।


में ,-- फिर ।


मां ,-- उसी समय सौरभ अंकल की पोस्टिंग हुई ट्रांसफर से तो सौरभ अंकल मेरे करीब आए और मुझे अच्छे लगने लगे । उन्होंने मुझे प्रपोज किया और अपनी बीबी को तलाक देकर शादी का प्रस्ताव रखा ।


में ,-- आपने मान लिया फिर ।


मां ,-- नहीं । क्योंकि वो शादी शुदा थे और मेरे ऊपर भी तुम दोनों की जिम्मेदारी थी ।


में ,-- तो अपने उन्हें मना कर दिया फिर ।


मां,-- नहीं , पर में दो दिन बैंक ही नहीं गई क्योंकि मुझे लगा कि में नौकरी नहीं कर पाऊंगी और तीसरे दिन मैने एप्लिकेशन सौरभ सर को दे दी कि मुझे नौकरी नहीं करनी ।


में ,-- फिर ।


मां ,-- फिर में घर आई तो अगले दिन सौरभ सर रमेश के साथ घर आए और बोले कि तुम मेरी वजह से रिजाइन मत दो । में ट्रांसफर करवाकर वापस चला जाऊंगा क्योंकि में पैसे के लिए नौकरी नहीं करता और वो जाने लगे तो मैने उन्हें अपनी परेशानी बताई। जो बैंक में मुझे हो रही थी ।


में ,- तो क्या बोले सौरभ सर ।


मां ,-- उन्होंने इसका समाधान बताया जो मुझे अच्छा लगा ।


में ,-- क्या समाधान बताया उन्होंने ।


मां ,- उन्होंने कहा कि वो मुझसे शादी करना चाहते है और तुम दोनों को अपनाना चाहते है और अपनी बीबी को तलाक दे देंगे क्योंकि उनकी शादी उनकी पसंद की लड़की से नहीं हुई थी और वो पहले से किसी के साथ रीलेशन शिप में थी इसलिए उन्होंने उसके साथ समाज और परिवार की खातिर शादी की थी ।


में ,-- तो उनकी अपनी बीबी से नहीं बनती ।


मां ,-- हां । वो मुझसे जुड़ने के बाद तीन साल में कभी अपनी बीबी से संबंध नहीं बनाया।


में ,-- और उनकी बीबी ने शिकायत नहीं की ।


मां ,-- वो अभी भी किसी के साथ रीलेशन में है और उन्होंने अपनी बीबी की कुछ फोटो भी दिखाई जिसमें वो किसी गैर मर्द के साथ थी ।ये देखो



RDT-20260807-074151349072082207959094
….


में ,-- ओह्ह । तो फिर वो साथ क्यों रह रहे थे उसके ।


मां ,-- अपने परिवार की प्रतिष्ठा और सामाजिक साख के लिए । उन्हें डाउट है कि स्वीटी भी उनकी बेटी नहीं है क्योंकि उनकी बीबी अपने प्यार को छोड़ना नहीं चाहती थी और शादी के बाद भी वो रिलेशन में थी ।


में ,-- आप को अंकल ने बताया ।


मां ,-- में सुरुचि दीदी से खुद बात की थी । वो खुल कर बोल दी कि सौरभ अगर दूसरी शादी करता है तो कर ले पर वो तलाक नहीं देगी और उसे दूसरी बीबी कबूल है ।


में ,-- सुरुचि मतलब सौरभ अंकल की पत्नी ।


मां ,-- हां , वो और सौरभ अंकल कभी साथ नहीं रहे बस परिवार और समाज की नजर me पति पत्नी है अब ।


में ,-- और आप ।


मां ,-- तुम दुनिया की नजर से सोचो तो उनकी रखेल और सौरभ की नजर में उनकी बीबी ।


में ,-- फिर आपने क्या जवाब दिया ।


मां ,-- मैने रात में सुरुचि दीदी से बात की और उन्होंने मुझे बताया कि वो परिवार के दबाव में सौरभ के साथ पत्नी बनी हुई है और में दूसरी बीबी बन सकती हूं वो कभी मना नहीं करेगी और ना ही ऑब्जेक्शन करेगी ।


में ,- तो ये बात थी ।


मां ,-- ये मकान सौरभ अंकल ने अभी बनाया है और इसका रूम से सीधे सौरभ के रूम में खुलता है जैसा गांव में था ।


में ,- आप सुरुचि आंटी से मिली हो ।


मां ,-- अभी मिली थी आई तब और पहले भी फोन पर बात होती थी उन्होंने ही मेरे बेडरूम और सौरभ के बेडरूम का गेट निकलवाया था।


में ,-- मतलब , वो एक बेडरूम में नहीं सोते ।


मां ,-- नहीं । दोनों के बैडरूम अलग अलग है और खाना बनाने वाली खाना बनाती है ।


में ,-- फिर आगे क्या हुआ ।


मां ,-- मैने दो दिन तक विचार किया और सोचा कि में अकेली रह कर क्या करूंगी और तुम वैसे भी गांव रहोगे नहीं । शालू शादी के बाद ससुराल चली जाएगी तो इतनी लंबी जिंदगी कैसे कटेगी इसलिए मैने सौरभ अंकल को अगले दिन बैंक में जाकर हा कर दी और उनको रहने का घर भी चाचा वाला दे दिया ।


में ,-- ओह्ह फिर ।


मां ,-- फिर सौरभ अंकल ने रमेश की मौजूदगी में मेरी मांग चाचा वाले घर में भरी ।




images 3


में उन्हें खाना बनाकर देने लगी और पीछे जो बाथरूम के बीच दीवार थी वो रमेश से एक दिन जब शालू स्कूल गई थी तब तुड़वाकर सीधे आने जाने का रास्ता बनवा लिया ।


में ,-- तो शालू को कैसे पता चला ।


मां ,-- मेरी सबसे बड़ी गलती यही थी कि में तुम दोनों को विश्वास में नहीं ली और सोचा कि समय आने पर बता दूंगी लेकिन शालू को तेरे पापा ने मोबाइल दिलवाया तो वो उसी से चिपकी रहती थी या फिर रीना के साथ रूम में बंद रहती ।


में ,-- फिर ।


मां ,-- मुझे लगा था कि मेरा भेद कभी नहीं खुलेगा और में समय आने पर तुम दोनों को बता दूंगी और डेढ़ साल तक सौरभ की पत्नी की तरह एक ही रूम में सोते थे । फिर हमने सेक्स को मजेदार बनाने के लिए एक रात थ्रीसम का प्रोग्राम बनाया जो फोरसम और गैंग बैग तक चलता रहा और हम इतने निश्चिंत हो गए कि एक रात गेट बंद करना भूल गए और शालू ने मुझे थ्री सम करते देख लिया ।


में ,-- फिर शालू ने क्या किया ।


मां ,-- उसको में एक्सप्लेन नहीं कर पाई और उसकी नजर में मेरी इमेज एक रन्डी की बन गई ।


में ,-- तभी शालू आपको रन्डी और कुछ भी बोलती है ।


मां ,-- हां , मैने इसलिए तुमको शादी के लिए कहा पर तुम शालू से पहले शादी को मना कर दिए और शालू ने स्पष्ट बोल दिया कि वो तुम्हे चाहती है । मुझे पता था कि समाज इस रिश्ते को नहीं मानेगा पर सौरभ ने कहा कि अगर दोनों राजी होंगे तो वो शालू का कन्यादान करेगा और हम ये गांव छोड़ कर शहर में रहेंगे जहाँ कोई हमे नहीं जानता होगा ।


में ,-- शालू बहुत बड़ी गलत फहमी में है मां ।


मां ,-- हां , मुझे पता है पर में उसे गैंगबैंग के बाद समझने की स्थिति में नहीं थी और उसने मुझे तुम्हारे साथ रहने को कहा तो मुझे मान ना पड़ा। में तुम्हे मॉडर्न ड्रेस के लिए बोली थी पर शालू चाहती थी शेक्सी ड्रेस जो वो तुम्हे पहन कर रिझा सके । उसके लिए उसने ब्रेस्ट बढ़ाई और तुम जब उसके प्राइवेट अंग को छुए तो वो भाई बहन के रिश्ते को प्रेमी प्रेमिका में बदल दी जिसे तुम भी स्वीकार कर लिए ।


में ,-- मां सच तो यही है कि में उस से प्यार करता हूं बहन वाला नहीं बल्कि प्रेमिका वाला।


मां ,-- मेरी शालू से रोज बात होती है बेटा। वो तुम्हारी हर छोटी छोटी बात बताती है । तुम उनको जो कपड़े दिलवाए उनकी भी फोटो भेजी थी और सुनीता से भी मैने बात की थी।



images 2



में ,-- फिर आप उसको कुछ बोली क्यों नहीं।


मां ,-- वो अभी शादी नहीं करना चाहती थी और ना ही तुमसे इंटीमेट होना चाहती थी तो मैने सोचा कि हो सकता है आगे उसका विचार बदल जाए ।


में ,-- मुझे नहीं लगता मां ।


मां ,-- लगता तो मुझे भी नहीं क्योंकि वो रीना जैसी गन्दी लड़की के साथ रहकर भी वो किसी के साथ हमबिस्तर नहीं हुई और कॉलेज में भी उसकी सहेली रजिया कॉल गर्ल है पर उसकी नियंत्रण क्षमता बहुत जबर्दस्त है ।


में ,-- वो तो है मां ।


मां ,-- अब तुम भी मर्द हो और तुम्हे जो अच्छा लगे वो तुम्हे सोचने है बेटा क्योंकि में तुम दोनों के प्यार को देख कर तुम्हे अलग होने की नहीं कहूँगी क्योंकि में इसका अंजाम देख चुकी हूं।


में ,-- मुझे शालू से प्यार है मां ।


मां ,-- मुझे पता है बेटा। मुझे तुम दोनों की खुशी चाहिए इसलिए अब शालू को बहन की जगह प्रेमिका मानकर उसे ट्रीट करो जैसे वो तुम्हे अपना भाई के साथ प्रेमी मानती है ।


में ,-- वो तो में करता ही हूं मां ।


मां ,-- तुम उसे अपनी प्राइवेट प्रॉपर्टी की तरह यूज मत करो उसके दिल की बात समझो जो तुम नहीं समझ पा रहे हो । वो तुम्हारे अंदर भी भाई के साथ एक प्रेमी देखना चाहती है पर तुम खुद एंजॉय कर रहे हो उसके दिल की बात नहीं समझ रहे ।


में ,-- वो बोले तब ना ।


मां ,-- ओह्ह । वो सही बोलती है तुम वास्तव में चूतिये हो सागर।


में मां का मुंह देखने लगा और सोचने लगा कि क्या में वास्तव में चुतिया हूं क्या जो मुझे शालू भी कई बार बोल चुकी । में अपना दूसरा पेग खाली कर चुका था और मां भी दूसरा पेग पी चुकी थी । हम इस दौरान चार सिगरेट भी पी चुके थे और में मां के गदराए जिस्म को मज़े से घूर रहा था ।


मां ने एक एक पेग और बना दिया तो मैने घुट लिया ।
ene
 
  • Like
Reactions: Sanju69
🔥 Read Next Hot Story →
Discover more exclusive stories
Top