में मुस्करा कर गला छोड़ दिया और शालिनी के होंठ चूमने लगा तो वो भी मेरा साथ देने लगी और दोनों एक दूसरे के होंठ चूमने लगे ।
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जो दो मिनट भी नहीं चला कि डोरबेल बजी तो में शालिनी के कान में लव यू शालू बोलकर खड़ा हुआ और गेट खोलने के लिए आया ।
गेट खोला तो सामने अनीता भाभी खड़ी थी जैसे ही वो अंदर आई में उनके पैरों में झुका तो वो मुस्करा कर पीछे हटी और मुझे गले लगा लिया ।
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में पूरा शरीफ बन गया और वो मुझे चूमने को होंठ आगे की तो अंदर घुस गया ।
आप लोगों को अभी में मेरे घर का नक्शा समझ नहीं आया तो बता देता हूं । मेरा वन बी एच के फ्लैट था जिसमें एक बेडरूम उसके पास किचन फिर बड़ा हाल और एक साइड में बाथरूम । हाल से एक हिस्सा काटकर साइड से मेन गेट था जिसमें पार्किंग और सीढ़ी थी ।
मेन गेट से साइड में हॉल का गेट था जो बेडरूम और किचन में पहुंचता था । मेन गेट खोलने के लिए हॉल से बाहर जाना पड़ता था और वो एरिया हॉल से नहीं दिखता था ।
में अंदर आया और आकर बैठ गया तो शालिनी उठकर बैठी थी बेड पर और भाभी को देखकर उसके चेहरे पर मुस्कान आ गई ।
शालिनी मुस्करा कर,-- आओ अनीता देवी ।
अनीता भाभी,- तू फोन क्यों काटी।
शालिनी ,-- बैठ । बताती हूं क्या लेगी बीयर या व्हिस्की।
अनीता भाभी,-- कुछ नहीं ।
शालिनी मुस्करा कर,-- सागर भाईजी का वो पीने के बाद छोड़ दी क्या।
अनीता भाभी,-- तुझे शरम नहीं आती अपने बड़े भाई के सामने ऐसे बोलते हुए ।
में दोनों की बात सुनकर बीच में ही बोला ,-- भाभी ,अगर आप को शरम आ रही है तो फिर में उठकर जाऊं।
शालिनी ,- आप कही नहीं जाएंगे भाई जी , हम इन्हें बुलाने नहीं गए जो ये हमारी दादी मां बनकर हमे ज्ञान देने आई है ।
में ,-- शालू यार , वो हमारे घर आई है ऐसे नहीं बोलना चाहिए ।
शालिनी ,-- घंटा । इन्हें शरम आ रही है तो इसका मतलब ये नहीं कि आप उठकर चले जाओ इनके लिए ।
में चुप हो गया शालिनी की बात सुनकर तो फिर अनीता भाभी मुस्करा कर बोली ,-- व्हिस्की पिलाएगी ।
शालिनी मुस्करा कर,-- अब आई ना रन्डी लाइन पर ।
शालिनी फ्रिज से व्हिस्की की बोतल और सोडा लेकर आई और दो पेग बनाये जिसमें एक डबल और एक सिंगल पेग जितनी शराब थी ।
अनीता भाभी,-- दो ही पेग बना रही है ।
शालिनी ,-- हां , में और सागर भैया एक ही पेग से पीते है ।
अनीता भाभी हम दोनों को देखी और बोली ,-- तुम सच में भाई बहन हो या मुझे झूठ मूठ का बता रहे हो ।
शालिनी मुस्करा कर,-- भाई जी आप के पास राशन कार्ड की फोटो होगी ना मोबाइल में दिखा दो इसे ।
में मोबाइल में अपना डॉक्यूमेंट्स वाला ऐप खोला और राशन कार्ड खोलकर भाभी के सामने मोबाइल किया तो भाभी फोटो देखकर फिर हम दोनों को देखी ।
शालिनी ,- हो गया यकीन या कुछ और प्रूफ दूं ।
अनीता भाभी ,-- यार , तुम दोनों भाई बहन की तरह बिल्कुल नहीं रहते । मुझे अभी भी यकीन नहीं हो रहा ।
शालिनी मुस्करा कर - नहीं हो रहा तो अपनी मां चुदवा जाकर , हमे तेरे को यकीन दिलवाकर कौनसा सर्टिफिकेट लेना है ।
में ,-- शालू यार , वो अपने घर आई है ।
शालिनी ,-- मुझे पता है भाईजी , ये गँवार है पूरी और इसने अपनी बेटी को भी इतना कंट्रोल में कर रखा है देखना किसी दिन भाग जाएगी वो घर छोड़कर ।
अनीता भाभी ,-- बोलने दो इसे सागर । ये सही बोल रही है । आज चीनू पहली बार मुझे गले लगकर अहसास करवाई कि में ही गलत थी ।
शालिनी मुस्करा कर,-- चल टाइम पर समझ गई वरना हिटलर के साथ वो कितने दिन रहती।
में पेग से एक घूंट लिया तो शालिनी उसे उठा ली और बोली ,,-- भाईजी को बोलूं क्या हाथ से पिलाने को ।
अनीता भाभी शरमा कर अपना पेग उठाई और पीने लगी तो में बोला ,,-- भाभी , बिंदास रहा करो यार । ऐसे खुद भी घुट घुट कर जी रही हो और चीन्हिता को भी प्यार से रखा करो ।
अनीता भाभी,-- सागर , मुझे भाभी मत बोल अनीता ही बोल शालू की तरह ।
में भाभी का चेहरा गौर से देखा और बोला ,-- ठीक है ।
शालिनी ,,-- इसे खुद को तो रण्डीबाजी करनी है और चीनू को कंट्रोल में रखना है कैद करके।
अनीता भाभी मुस्करा कर,-- अब समझ गई मेरी मां । में उसे मोबाइल देकर आई हूं ।
शालिनी ,-- वाह । आज मोबाइल के साथ स्पेस भी दे रही है अपनी सुपुत्री को ।
अनीता ,-- अब ऐसे टांग मत खींच । वो जब से गई है बैठकर पूरा होम वर्क कर ली तो मैने उसको मोबाइल दे दिया ।
शालिनी ,,-- क्या बोलकर आई है उसे ।
अनीता भाभी मुस्करा कर,-- यही कि में एक घंटे में आऊंगी ।
शालिनी मुस्करा कर,-- अब उसे सहेली की तरह ट्रीट कर और उसके लिए ब्रा पेंटी ला देना स्टाइलिश ।
अनीता भाभी ,-- ये सब भाईजी के सामने बोलना जरूरी है ।
शालिनी ,-- उसमें क्या हो गया । मेरी ब्रा पेंटी भाईजी ही दिलवा कर लाते हैं।
अनीता भाभी मुझे देखी और फिर शालिनी को देखने लगी तो शालिनी बोली ,-- तुझे यकीन नहीं हो रहा ना । भाईजी की पसंद बहुत अच्छी है रुक दिखाती हूं ।
शालिनी रूम में गई तो में सिगरेट जला कर पीने लगा पर अनीता नजर झुका कर कुछ सोच रही थी । कुछ देर में शालिनी आई और टेबल पर ब्रा पेंटी रख कर बोली ,-- देख ये सब भाईजी ही दिलवा कर लाते है मुझे।
…
अनीता का मुंह खुला रह गया और चेहरा लाल हो गया शालिनी की ब्रा पेंटी देखकर तो शालिनी मुझे आंख मारकर बोली ,-- ऐसे क्या शरमा रही है । भाईजी को मालूम है कि लड़किया और औरतें ब्रा पेंटी पहनती है । तूने भी तो साड़ी के नीचे पहनी होगी अभी ।
अनीता भाभी,-- कुछ तो शर्म कर ले बेशर्म ।
शालिनी मुस्करा कर,-- ओ हो , आई बड़ी शरम वाली । कल भाईजी से खुलवाई तब तुझे शरम आई थी क्या साली रन्डी ।
अनीता भाभी,-- अब चुप रहेगी या नहीं तू ।
मेरा लंड शालिनी की बात सुनकर पूरे उठाव पर था जिसे शालिनी चोरी से देख कर मुझे बीच बीच में आंख मार रही थी और में भी उसे आंख से उकसाने का इशारा कर रहा था ।
में ,-- अनीता यार , शालू अब बच्ची तो है नहीं कॉलेज गोइंग गर्ल है इसलिए आजकल ये सब नॉर्मल है ।
शालिनी ,-- भाईजी , इसकी ब्रा पेंटी कैसे थी जब आप खोले तो देखे होंगे ना ।
में ,-- प्लेन थी देहात टाइप की ।
शालिनी ,-- चीनू के लिए अपने जैसी ब्रा पेंटी मत ले आ आना ।
अनीता भाभी मुस्करा कर,-- तू ही ला देना उसे साथ ले जाकर ।
शालिनी मुस्करा कर,-- मुझे समझ नहीं आती यार। अगर भाईजी को बोलोगी तो वो दिलवा लाएंगे ।
शालिनी की बात सुनकर मेरा लंड झटका खाया जो शालिनी को भी दिखा पर अनीता भाभी कुछ और ही सोच रही थी और वो बोली ,-- पर भाईजी कैसे …
शालिनी चिढ कर ,-- भाईजी , तेरी बेटी की इज्जत लुट लेंगे ना ।
अनीता भाभी,-- मेरा मतलब वो नहीं था ।
शालिनी गुस्से से ,-- तुझे याद है जब सुनील भाई जी पीकर टुन हो गए थे और तू बोली थी कि इन्हें की अब ये अब सुबह उठेंगे ।
अनीता भाभी,-- हां ।
शालिनी ,-- और तूने रात में मुझसे सिगरेट ले जाकर इन्हें पिलाई थी ।
अनीता भाभी ,-- ह्म्म ।
शालिनी ,-- और तू इनके बगल में सोकर रात में इनकी कुल्फी खाई थी ।
अनीता ,-- हा , पर ये पुरानी बाते क्यों याद कर रही है अब ।
शालिनी पेग गटक कर ,-- साली रन्डी , तुझे मेरे भाई जी हवश के भूखे भेड़िये लगते है क्या जो तेरी बेटी को ले जाकर उसका रैप कर देंगे और तू उन्हें इतना खुल कर बोली तब भी इनकी हिम्मत नहीं हुई ।
अनीता ,-- पर मेने ये तो नहीं कहा ।
शालिनी ,-- फिर क्या मतलब हुआ तेरी बात का । मुझे भी तो भाई जो ये सब दिलवा कर लाते है ।
शालिनी फिर कुछ सोच कर बोली ,-- में समझ गई अनीता , तू वास्तव में छोटी सोच वाली औरत है और तेरी ये सोच तुझे आगे जाकर महंगी पड़ेगी जब चीनू घर में घुट जाएगी और फिर उस घुटन से परेशान होकर करके भाग जाएगी तब रोती रहना।
में ,-- शालू यार तू मुझे क्यों फंसा रही है बीच में । में नहीं जाऊंगा ।
शालिनी ,-- सॉरी भाईजी । मुझे नहीं पता था कि ये खुद पड़ोसी अंकल से चूद सकती है पर है गँवार ही पूरी की पूरी। जो अपनी बेटी को आपके साथ भेजने से डर रही है ।
में ,-- छोड़ो यार ये अनीता का पर्सनल मैटर है तुम शेक्सी सी ड्रेस पहन कर आओ आज मूवी देखने चलेंगे ।
शालिनी ,-- कोई हॉट मूवी देखते है भाई जी आज काम सूत्र जैसी । में खाना बनाकर रेड्डी होती हूं ।आप भी वो नई वाली ड्रेस पहन ना मेरी पसंद वाली।
अनीता भाभी अपने आप को लज्जित महसूस कर रही थी और उसने पूरा पेग खाली कर दिया तो मैने उन्हें सिगरेट का पैकेट थमाया जिसमें से वो एक सिगरेट लेकर पीने लगी ।
सिगरेट पीकर अनीता भाभी उदास होकर चली गई तो में उन्हें गेट तक छोड़ने आया और नहाकर हम दोनों ने खाना खाया और पास में ही हॉल में मूवी देखकर आए ।