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Fantasy विलासपुर राज्य ( क्रूर राजा और उसके राज्य की मजबूर औरतें )

Dear readers, kuch log chahte he ki me ye kahani hinglish me continue karu, aap sabhi ki kya ray he?


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hoodie

नटखट कहानियां
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प्रकरण सूची

विनम्र निवेदन
बहुत सारे पाठक कहानी को पढ़ कर बिना लाइक और कमैंट्स किये ही चले जाते हैँ, इस बात से हम लेखकों को बहुत हतोत्साहित महसूस होता है, कृपया आप ऐसा ना करें | हमारी आपसे विनम्र विनती है, की कहानी पढ़िए, आनंद लीजिये, फिर अपने कीमती कमैंट्स ज़रूर कीजिये, हमें बताइये आपको क्या पसंद और क्या नापसंद है | पाठकों की पसंद हमारे लिए सर्वोपरि है | हमारी कहानी के आने वाले भागों में और हमारी आने वाली नई कहानियों में, पाठकों की पसंद का खास ध्यान रखा जायेगा | धन्यवाद | 🙏
 
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vakharia

Supreme
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UPDATE

यह कहानी पूर्णतः कल्पनि होगी, इसमे मौजूद किसी भी नाम, स्थान या परिस्थिति का वास्तविक जीवन से कोई संबंध नहीं होगा। यह मात्र मनोरंजन के लिए होगी।


कहानी के मुख्य किरदार

-> मुग़ल बादशाह कासिम: बादशाह कासिम एक ज़ालिम, क्रूर और अय्याश बादशाह है।

-> मुग़ल बादशाह कासिम की पत्नी फातिमा बेगम: फातिमा एक आज्ञाकारी पत्नी है। ज़ाहिर है, इस राज्य में महिलाओं के पास आज्ञाकारी होने के अलावा कोई और दूसरा रास्ता भी नहीं है। रानी जी अपने बादशाह को खुश रखने के लिए, हमेशा बादशाह की गन्दी से गन्दी अय्याशियों में उनका पूरा साथ देती हैं।

-> बादशाह की दासियां: सभी दासियां विनम्र और आज्ञाकारी हैं। वे जानती हैं, की बादशाह के खिलाफ जाने का क्या अंजाम हो सकता है।

-> बादशाह की प्रजा: प्रजा बादशाह से दुखी है, सभी को डर लगा रहता है, कि कहीं बादशाह की गंदी नज़र उनके घर की बहु-बेटियों और माताओं-बहनों पर न पड़ जाए।



कहानी का विषय

यह कहानी ज़ालिम मुग़ल बादशाह कासिम और उसके राज्य के बारे में होगी। सन 1678 में विलासपुर नामक राज्य में का एक ज़ालिम मुग़ल बादशाह राज करता था।

कासिम एक ज़ालिम, क्रूर और अय्याश बादशाह था। सुंदर जवान हसीनाओं के साथ मनमानी मनमानी करना बादशाह का शौक था। और अपने इस शौक की खातिर बादशाह ने अपने हरम में सैकड़ों सुंदर जवान स्त्रियाँ रखी हुई थीं, और वह भी हर उम्र की। 18-19 वर्षीय नवयुवतियां, 25-40 वर्षीय जवान महिलाएं, और 50 से अधिक उम्र की महिलाएं भी हुआ करती थीं उसके हरम में।

पूरी कहानी उस राज्य, और उस राज्य की महिलाओं की कामुक दुर्दशा को दर्शाएगी, पर बहुत ही मनोरंजक, कामुक और शरारती अंदाज़ में। कहानी लम्बी होगी, पर मैं कोई भी दूसरी कहानी शुरू करने से पहले इसे पूरा करूँगा।

कहानी के अंत में ( अंतिम भाग में ), एक दूसरे देश का राजा इस बादशाह को, इसकी क्रूर सल्तनत के साथ खत्म कर देगा, और उसके बाद इस राज्य में हमेशा सुख शांति रहेगी।



कहानी में मौजूद कुछ मज़ेदार प्रसंग निम्नलिखित होंगे

-> प्रेमलीला। कुछ प्रसंगों में बादशाह महिलाओं से प्रेम से भी पेश आते दिखाई देंगे।

-> हमारे शरारती पाठकों के लिए मल-मूत्र ( टट्टी-पेशाब ) से जुड़े कुछ रोमांचित कर देने वाले प्रसंग भी कहानी में रहेंगे।

-> महिलाओं का नग्न नृत्य। कुछ प्रसंगों में सुंदर सुंदर महिलाओं को नंगी नचवाया जाएगा। 😛🤭

-> कामोत्तेजक दंड। कुछ प्रसंगों में बादशाह और उनकी मलिका मिलकर महिलाओं को उनकी गलतियों के लिए गंदी गंदी शर्मनाक सज़ाएं देंगे। जिन्हें पढ़ कर सारे शरारती मर्द आनंद और कामोत्तेजना से झूम उठेंगे। 😌

-> पारिवारिक नग्नता। ज़ाहिर है कि ऐसा क्रूर बादशाह अपने घर की बहन-बेटियों की नंगा करने में भी संकोच क्यों ही करेगा, तो ऐसे भी कई प्रसंग आपको पढ़ने मिलेंगे, जिनमे राजघराने की महिलाओं को भी नंगा किया जाएगा, और हो सकता है किसी लड़की को तो प्रजा के सामने ही नंगा किया जाए 😜

-> गीत और कविताईं। कुछ प्रसंगों में आपको गंदी गंदी कामुक कविताएं और गाने भी मिलेंगे, जिन्हें पढ़कर आपको मज़ा आ जायेगा। मेरी एक कविता पढ़ कर तो आप समझ ही गए होंगे, कि मै कितनी मस्त गंदी कविताएं लिखता हूं। 😉

-> संभोग प्रसंग। कहानी में कुछ गरमा-गरम सम्भोग के भी प्रसंग होंगे।

यह सिर्फ कुछ प्रसंग हैं, कहानी में और भी अनेकों प्रकार के प्रसंग होंगे, सबकुछ शुरू में ही बताना संभव नहीं है। और कहानी के दौरान आप सभी पाठक मुझे जो सुझाव देंगे, उनके ऊपर भी मै रोमांचित कर देने वाले प्रसंगों को कहानी में जोड़ूंगा। कुछ लोग चाहते हैं कि कहानी में तस्वीरें, GIF और इमोजी जोड़े जाएं, तो कहानी में हम इन्हें जोड़ने की भी कोशिश करेंगे।
प्रिय मित्र hoodie,

आपकी नई कहानी की रूपरेखा पढ़कर बहुत प्रसन्नता हुई! मुग़लकालीन पृष्ठभूमि पर आधारित एक ऐसे क्रूर और अय्याश बादशाह की कथा, जिसमें शासन की निरंकुशता, नारी दुर्दशा और राजसी विलासिता का मनोरंजक एवं कामुक चित्रण होगा—यह निश्चित ही एक रोमांचक और दमदार शुरुआत है। आपने कहानी के विषय, पात्रों और प्रसंगों को जिस स्पष्टता और विस्तार से प्रस्तुत किया है, वह आपकी रचनात्मक योजना की परिपक्वता को दर्शाता है।

कहानी की प्रशंसा में कुछ बिंदु:

  1. ऐतिहासिक आधार और काल्पनिक स्वतंत्रता: आपने 1678 के विलासपुर राज्य की पृष्ठभूमि चुनकर एक ऐसा माहौल रचा है, जहाँ ऐतिहासिक छवियों के साथ-साथ कल्पना की उड़ान भी पूरी तरह से संभव है। बादशाह कासिम का चरित्र—उसकी क्रूरता, अय्याशी और प्रजा पर उसके अत्याचार—कहानी को गहराई और तनाव प्रदान करते हैं।​
  2. पात्रों की बहुआयामी छवियाँ:
    • बादशाह कासिम एक विलेन के रूप में प्रभावी है, क्योंकि वह सिर्फ एक अत्याचारी शासक ही नहीं, बल्कि उसकी वासनाएँ, उसकी मनमानी और उसकी सत्ता का दुरुपयोग कहानी को मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी जोड़ता है।​
    • फातिमा बेगम का चरित्र दिलचस्प है—एक आज्ञाकारी पत्नी जो अपने पति की अय्याशियों में सहभागी बनने को मजबूर है। यह नारीवादी पढ़ने वालों के लिए एक विचारणीय बिंदु हो सकता है।​
    • दासियाँ और प्रजा का भयभीत समूह कहानी में यथार्थवादी संदर्भ जोड़ता है, जो पाठकों को उस युग की सामाजिक संरचना से जोड़ेगा।​
  3. आपने कहानी में जिन प्रसंगों का उल्लेख किया है—प्रेमलीला, नग्न नृत्य, कामोत्तेजक दंड और पारिवारिक नग्नता से जुड़े रोमांचक दृश्य—वे सभी कहानी को एक "एडल्ट फैंटेसी" का स्वरूप देते हैं। यह निश्चित ही आपके पाठकों को बाँधे रखेगा, बशर्ते संवाद और वर्णन में सूक्ष्मता बनी रहे।​
  4. आपकी शरारती कविताओं और गीतों का जिक्र पढ़कर उत्सुकता हो रही है! यदि ये प्रसंग कहानी के भावनात्मक और कामुक मोड़ों को उभारने में सहायक होंगे, तो निश्चित ही पाठकों को एक अलग ही आनंद मिलेगा।​

सुझाव और शुभकामनाएँ:

  • चूँकि यह काल्पनिक कहानी है, फिर भी यदि आप मुग़लकालीन वेशभूषा, रीति-रिवाज़ और भाषा पर थोड़ा शोध कर लें, तो कहानी और भी प्रामाणिक लगेगी।​
  • बादशाह की क्रूरता के साथ-साथ उसके अंतर्द्वंद्व (यदि कोई हो) या फातिमा बेगम की मजबूरियों को गहराई से दिखाने से कहानी और भी समृद्ध होगी।​
  • आपने पाठकों के सुझावों को शामिल करने की बात कही है, यह एक बेहतरीन विचार है। इससे कहानी इंटरैक्टिव और लाइव बनेगी।​
  • मल-मूत्र से जुड़े द्रश्य, कैसी प्रतिक्रिया उद्भवीत करेंगे, यह कहना कठिन है। भूतकाल में ऐसे प्रयासों को सराहा नहीं गया था। कुछ गिने-चुने पाठकों के अलावा, इसे कोई अधिक पसंद नहीं करता। बहुधा पाठक गण ऐसी लेखनी से घृणा भी करते है।​

आपका देवनागरी फॉन्ट लेखकों के एलीट समूह में हार्दिक स्वागत करते हैं! आपकी इस कहानी में जो उर्जा, रचनात्मकता और निरंकुश कल्पनाशीलता झलक रही है, वह निश्चित ही हिंदी साहित्य के इस विशिष्ट विधा को और भी समृद्ध करेगी। हम सभी आपकी कहानी के अगले अध्यायों का बेसब्री से इंतज़ार करेंगे।

लिखते रहिए, प्रेरित करते रहिए!

आपका साथी लेखक,

वखारिया
 

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प्रिय मित्र hoodie,

आपकी नई कहानी की रूपरेखा पढ़कर बहुत प्रसन्नता हुई! मुग़लकालीन पृष्ठभूमि पर आधारित एक ऐसे क्रूर और अय्याश बादशाह की कथा, जिसमें शासन की निरंकुशता, नारी दुर्दशा और राजसी विलासिता का मनोरंजक एवं कामुक चित्रण होगा—यह निश्चित ही एक रोमांचक और दमदार शुरुआत है। आपने कहानी के विषय, पात्रों और प्रसंगों को जिस स्पष्टता और विस्तार से प्रस्तुत किया है, वह आपकी रचनात्मक योजना की परिपक्वता को दर्शाता है।

कहानी की प्रशंसा में कुछ बिंदु:

  1. ऐतिहासिक आधार और काल्पनिक स्वतंत्रता: आपने 1678 के विलासपुर राज्य की पृष्ठभूमि चुनकर एक ऐसा माहौल रचा है, जहाँ ऐतिहासिक छवियों के साथ-साथ कल्पना की उड़ान भी पूरी तरह से संभव है। बादशाह कासिम का चरित्र—उसकी क्रूरता, अय्याशी और प्रजा पर उसके अत्याचार—कहानी को गहराई और तनाव प्रदान करते हैं।​
  2. पात्रों की बहुआयामी छवियाँ:
    • बादशाह कासिम एक विलेन के रूप में प्रभावी है, क्योंकि वह सिर्फ एक अत्याचारी शासक ही नहीं, बल्कि उसकी वासनाएँ, उसकी मनमानी और उसकी सत्ता का दुरुपयोग कहानी को मनोवैज्ञानिक स्तर पर भी जोड़ता है।​
    • फातिमा बेगम का चरित्र दिलचस्प है—एक आज्ञाकारी पत्नी जो अपने पति की अय्याशियों में सहभागी बनने को मजबूर है। यह नारीवादी पढ़ने वालों के लिए एक विचारणीय बिंदु हो सकता है।​
    • दासियाँ और प्रजा का भयभीत समूह कहानी में यथार्थवादी संदर्भ जोड़ता है, जो पाठकों को उस युग की सामाजिक संरचना से जोड़ेगा।​
  3. आपने कहानी में जिन प्रसंगों का उल्लेख किया है—प्रेमलीला, नग्न नृत्य, कामोत्तेजक दंड और पारिवारिक नग्नता से जुड़े रोमांचक दृश्य—वे सभी कहानी को एक "एडल्ट फैंटेसी" का स्वरूप देते हैं। यह निश्चित ही आपके पाठकों को बाँधे रखेगा, बशर्ते संवाद और वर्णन में सूक्ष्मता बनी रहे।​
  4. आपकी शरारती कविताओं और गीतों का जिक्र पढ़कर उत्सुकता हो रही है! यदि ये प्रसंग कहानी के भावनात्मक और कामुक मोड़ों को उभारने में सहायक होंगे, तो निश्चित ही पाठकों को एक अलग ही आनंद मिलेगा।​

सुझाव और शुभकामनाएँ:

  • चूँकि यह काल्पनिक कहानी है, फिर भी यदि आप मुग़लकालीन वेशभूषा, रीति-रिवाज़ और भाषा पर थोड़ा शोध कर लें, तो कहानी और भी प्रामाणिक लगेगी।​
  • बादशाह की क्रूरता के साथ-साथ उसके अंतर्द्वंद्व (यदि कोई हो) या फातिमा बेगम की मजबूरियों को गहराई से दिखाने से कहानी और भी समृद्ध होगी।​
  • आपने पाठकों के सुझावों को शामिल करने की बात कही है, यह एक बेहतरीन विचार है। इससे कहानी इंटरैक्टिव और लाइव बनेगी।​
  • मल-मूत्र से जुड़े द्रश्य, कैसी प्रतिक्रिया उद्भवीत करेंगे, यह कहना कठिन है। भूतकाल में ऐसे प्रयासों को सराहा नहीं गया था। कुछ गिने-चुने पाठकों के अलावा, इसे कोई अधिक पसंद नहीं करता। बहुधा पाठक गण ऐसी लेखनी से घृणा भी करते है।​

आपका देवनागरी फॉन्ट लेखकों के एलीट समूह में हार्दिक स्वागत करते हैं! आपकी इस कहानी में जो उर्जा, रचनात्मकता और निरंकुश कल्पनाशीलता झलक रही है, वह निश्चित ही हिंदी साहित्य के इस विशिष्ट विधा को और भी समृद्ध करेगी। हम सभी आपकी कहानी के अगले अध्यायों का बेसब्री से इंतज़ार करेंगे।

लिखते रहिए, प्रेरित करते रहिए!

आपका साथी लेखक,

वखारिया

आपकी सराहना और विस्तृत सुझावों के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद | आपने मेरे लिए अपना कीमती समय निकाला, उसके लिए मै आपका आभारी हूँ | आपके सभी सुझावों पर मैंने गौर किया है, और अवश्य ही मैं अपनी लेखनी में इन सभी बातों का ध्यान रखूँगा | जल्द ही हम इस कहानी को शुरू करेंगे | धन्यवाद | 🙏
 

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suruwat acha hai .... story age badhaiye ... readers padhne ke liye ukshuk hai ......
जल्द ही हम इस कहानी को शुरू करेंगे | धन्यवाद | 🙏
 
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Humiliated bhi rakhna story me
Ji zaroor, readers ki demand sir ankho par. 🙂
Please mujhe detail me bataiye ki aapko kis tarah ka humiliation pasand he, Jisse ki me apki iccha anusar kahani me situations add kar saku ?
Like aurto ko nangi karke nachvana, unhe khule aam hagne mootne par majboor karna, ya unhe nanga karke bazar me ghumana, ya fir or kuch? Vistar se bataiye.
 
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