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Incest लालटेन

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लालटेन कैसी स्टोरी होनी चाहिए


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अपडेट १४


जब राजू घर पहुंचा तो अरूना जा चुकी थी घर में अभी भी अंधेरा ही फैला था राजू ने राधा को आवाज लगाई लेकिन राधा ने कोई आवाज नहीं थी फिर राजू ने खुद से ही लालटेन को जलाया और उसे एक ऊंचे खूंटी में लटका दिया।


अब राजू अपनी माई को देखने लगा तो पाया राधा कमरे में बेड पर लेटी थी राजू अपनी माई के पास बैठने को होता है तो उसकी माई उससे दूर खिसक जाती है।


राजू थोड़ी देर खामोश रहता है और फिर बोलता है माई मुझे माफ कर दे माना मुझसे बहुत बड़ी गलती हुई है लेकिन भला सपने पर किसका जोर चलता है और राजू अपना हाथ बढ़ाकर अपनी माई के पैर पकड़ लेता है उसकी माई अपना पैर छुड़ाने के लिए अपने पैर आगे पीछे करती रहती है लेकिन राजू उसके पैर नहीं छोड़ता और बोलता है।


माई अब मान भी जाओ ना आखिर वो एक सपना ही तो था और सपने की चीज़े सच नहीं होती है


राधा... मैं कहती हूं मेरा पैर छोड़ दे।


राजू.. नहीं जब तक आप मुझे माफ नहीं कर देती मैं आपके पैर नहीं जोड़ने वाला मान भी जाओ ना माई....


राधा का गुस्सा अरूना के समझाने पर हल्का हो गया था


राधा...एक शर्त पर ही तुझे माफ करूंगी आज का खाना तू बनाएगा।


राजू...बस इतनी सी बात के लिए मुझसे अभी तक गुस्सा हो अरे पहले बता दिया होता तो मैं आज अपने हाथो से अपनी माई को रस मलाई बनाकर खिला देता।


राधा... हां हां मुझे पता है तुम कितनी रस मलाई बना लेते हो।


राजू..अच्छा बताओ आज मेरी बीबी क्या खाना पसंद करेगी।


राधा...थोड़ा गुस्सा होते हुए...राजू तुम फिर से शुरू हो गए अभी मेरा गुस्सा शांत नहीं हुआ है।


राजू...अरे माई मैं तो अपनी माई से मजाक कर रहा हूं, अच्छा अब तुम जल्दी से बताओ क्या बनाऊं।


राधा..जो तुम बना सको और हां जल्दी करना मुझे जोरो की भूंख लगी है।


राजू फिर किचेन में घुस जाता है और जल्दी से वह खिचड़ी बनाकर लता है जिसे देखकर राधा हस देती है और बोलती है तेरी रस मलाई ऐसी ही बनती है।


और फिर दोनो बैठकर खाना खाते है और फिर दोनो आंगन में अपनी चारपाई बिछा सोने की तैयारी करने लगते है।



राजू जो मधु की चुदायी से थका हुआ था उसे तो पता ही नही चलता और वह कब सो जाता है लेकिन राधा अभी भी जग रही होती है और फिर कुछ देर बार वह भी लालटेन को बुता के सोने की कोशिश करने लगती है लेकिन राधा को रह रहकर अभी भी वह किस्सा याद आता है और अरूना की बाते तो उसकी कानो में अभी तक गूंज रही थी।


दरअसल जब राधा ने अरूना को अपने रोने का कारण बताने से साफ मना कर दिया था लेकिन अरूना एक अध्यापिका थी वह राधा के रोने धोने से बात समझ गई थी की राधा राजू की किसी गलती की वजह से रो रही है और ये कोई छोटी गलती नहीं हो सकती वरना राधा ऐसे अपने बेटे को खरी खोटी नहीं सुनाती इसलिए अरुणा ने ही राधा को समझाते हुए कहा....


अरूना...दीदी मुझे पूरी बात तो नहीं पता की आप किस लिए ऐसे रो रही है और किसलिए अपने बेटे पर इतना गुस्सा है लेकिन मैं एक बात जरूर कहूंगी राजू की उम्र अभी ऐसी है की यदि आपने उसका साथ नही दिया तो वो बहुत ही ज्यादा बिगड़ जायेगा मैं आपसे इसी विषय पर आपसे बात भी करने वाली थी आप रोज उसे कुआ से पानी लाने भेज देती हो और वहां पर सिर्फ ज्यादातर औरते ही जाती है उनकी हसी मजाक इस कदर तक होती है जिसे आप भी जानती ही होंगी इसलिए मैं सिर्फ आपसे यही कहूंगी की राजू एक बिन बाप का लड़का है उसे ज्यादा छूट मत दो नहीं तो वो बिगड़ जायेगा और वैसे गांव के दूसरे लडको को देखते हुए देखा जाए तो हमारा राजू फिर भी बाकी लड़कों से काफी समझदार है दीदी आप ही उसका एक सहारा हो और अगर आप ऐसे उससे मुंह मोड़ लेंगी तो फिर उसका क्या होगा आप सोच भी नहीं सकती।


दीदी मेरी एक बात और मान लो राजू को शहर पढ़ने के लिए भेज दो ताकि उसका भविष्य अच्छा बन सके मैं राजू को ऐसे खेतो की मिट्टी में उसका भविष्य धूमिल नहीं करना चाहती बाकी आप जैसा चाहे।


राधा अरुणा की बातों को याद करते हुए राजू को चांद की हल्की सी रोशनी में देखे जा रही थी और सोच रही थी भगवान ये कैसी विडंबना है एक मां की किस तरह की परीक्षा ले रहा है जिसमे वह चाहकर भी भाग नहीं ले सकती और राजू तो उसकी सांस है अगर राजू नहीं तो फिर राधा भी नहीं और फिर राधा अपनी आंखे बंद कर सो जाती है।


अगली सुबह राजू जल्दी से उठकर गाय को चारा डालता है तब तक राधा भी उठ जाती ही राधा राजू को सुबह से काम करता देख खुश हो जाती हैं।


राधा अपने मन..काश तू मेरी कोख से ना पैदा हुआ होता तो मैं सच में तेरी दुल्हन बन जाती और फिर अपनी ही बात पर शर्मा जाती है।


राधा की आत्मा कैसी मां है तू कितना गन्दा सोचती है वो तेरा बेटा है और कल तूने उसे कितना मारा और आज खुद से पता नहीं क्या क्या सोच रही है।


राधा का मन...अरे तो उसे कहां पता की तू क्या सोच रही है, वैसे कल राजू सपने में मुझे कैसी हालत में देख रहा था वो तो वो तो बोल रहा था की वो मेरी उसमे अपना डाल रहा था और बोल रहा था की मेरी वो बहुत टाईट है हाय दईया मैं भी पता नहीं क्या क्या सोचने लगी हूं।

और राधा शर्माते हुए घर की ओर भाग जाती है लेकिन आज उसकी चाल में उसकी कमर में एक अजीब तरह की थिरकन थी, राजू उसका बेटा अपनी माई की सोच अंजान था।

बहुत ही मस्त और मनभावन अपडेट है भाई मजा आ गया
अगले धमाकेदार अपडेट की प्रतिक्षा रहेगी जल्दी से दिजिएगा
 

Fuker

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