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Umakant007

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यहाँ पर सभी पोस्ट only COPY AND PASTE हैं जो कि internet से लिए गए हैं...
 
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Umakant007

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#कामिनी_वर्मा, अपने चालीसवें वर्ष की एक आकर्षक महिला, एक रियल एस्टेट ब्रोकर है I हालाँकि वह अपने नए पद के लिए पूरी तरह से योग्य हैं, लेकिन उनके पिता, राजीव वर्मा की अध्यक्ष के रूप में स्थिति के कारण उन्हें पदोन्नत किया गया था।

अधूरी यौन इच्छाओं के बावजूद कामिनी अपने पति निखिल को धोखा नहीं देती। एक अकेली माँ के रूप में, वह अपनी किशोर बेटी माया को पालने के लिए संघर्ष करती है, जो अपने जीवन में अधिक स्वतंत्रता चाहती है। कामिनी एक शाम माया को एक स्थानीय रेस्तरां में डिनर पर ले जाती है, जहां उसकी मुलाकात आरव नाम के एक व्यक्ति से होती है, जो उससे 15 साल छोटा है, जो उस पर मोहित हो जाता है। माया को घर छोड़ने के बाद, कामिनी रेस्तरां में लौटती है, जहाँ आरव उसे बहकाने की कोशिश करता है। वह उसे रोकती है, लेकिन उसका टेलीफोन नंबर स्वीकार कर लेती है। हालाँकि, शुरू में, वह उससे न मिलने का फैसला करती है, लेकिन अगले दिन, वह उससे मिलती है। कामिनी आरव के साथ पहली डेट पर जाती है I अपनी डेट पर, वह उसे BDSM की दुनिया से परिचित कराता है I निखिल के साथ संबंध तोड़ने के बाद, कामिनी ने आरव के प्रभुत्वशाली व्यक्तित्व के सामने आसानी से समर्पण करते हुए, उसे डेट करना शुरू कर देती है ।

प्यार में पड़कर, कामिनी आरव को अपना "मालिक" कहने लगती है और खुद को "गंदी वेश्या" कहती है।

एक दिन कामिनी अपने बिजनेस पार्टनर के साथ मीटिंग करने वाली होती उसके पहले आरव उसकी पैंटी के अंदर वाइब्रेटर डाल देता है। और कामिनी उसी वाइब्रेटर के साथ मीटिंग पूरी करती है

कामिनी को दूसरी गंदी रंडी के पैंटी और ब्रा पहनने को देता है। और वो भी सबके सामने उसको जलील करते हुई I

कामिनी को अब इन सब चीजों में मजा आने लगा. धीरे-धीरे वह खुद को पूरी तरह से समर्पित कर देती है। BDSM क्लब की एक महिला एक दिन उसे चेतावनी देती है कि आरव एक शिकारी है बच कर रहना I

पर कामिनी आरव से इतनी घुल चुकी है कि उसको अच्छे भले की कोई समझ नहीं आता। वो आरव के दिए गए टास्क को किसी भी हाल में पूरा करना चाहती है। आरव भी कामिनी को उसके पिता के केबिन में सेक्स करता है। उसको गंदी से गंदी जगह ले जाता है।

Note - ये कहानी का पहला हिस्सा है। दूसरा हिस्सा है उसकी बेटी माया की कहानी I

कहानी जारी रहेगी ।।।।
 

Umakant007

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कामुकता का खेल


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नीता घर में बैठी हैं.तभी वहा कामिनी आती है.
कामिनी अभी अभी दूसरे मर्द के साथ रंगरलियां मनाकर आई थी.नीता उसे उपर से नीचे निहार रही है. कामिनी सर से लेके पैर तक बिखर गई थी साडी भी उसके बदन पर टीक नही पा रही थी. नीता ने नोटीस किया की ब्लाउज के बीच उसकी छाती पे जहा मंगलसूत्र लटक रहा था वहा कुछ काटने के लाल निशान थे और वैसे ही निशान उसके पीठ पर ब्लाऊज के ऊपर भी थे.उसके ब्लाऊज भी ठीक नहीं था.बलाउज का उपर का बटन तुटा हुआ था.जिस वजह से बाॅल की गहराई दिख रही थी.उससे पता चल रहा था के कितनी हवस, जालीम तरीके से उस मर्द ने कामिनी के साथ किया है. . लेकिन कामिनी के चेहरे अलग ही तरह की मुस्कान थी.एक परमोच्च संतुष्टि हासिल करके आई हो. इस तरह उसके चेहरे की लाली बयान कर रही थी। बहोत खुशी में थी.

कामिनी ने फ्रीज से पानी की बाॅटल ले ली.गट गट करके पानी पिया.उसकी गहरी सांसे अभी भी चल रही थी. उसने अपनी ब्लाउज को ठीक करना सुरु किया.फिर सारी को ठीक किया.

नीता उसे नखशिखांत देख रही थी.

नीता: कामिनी,तूझे लाज लज्जा शर्म कुछ है या नही.तुम दो बच्चे की मां हो.शादीशुदा हो.भले बुरे की समझ है या नही. इस तरह से बेशर्म होकर किसी और मर्द के साथ ये शोभा देता है क्या तुझे?? घर परिवार और अपनी इज्जत का सोच।

निशा: भले बुरे सबकी समझ है. मे घर में सबका खयाल रखती हु सब की हर एक जरूरतों का खयाल रखती हू में. पर मेरा क्या ? क्या हम ओरतो को जीने का हक नहीं है क्या ??? मेरी चाहत जरूरत का क्या? मेरा पति एक महीने के 15 दिन के लिए घर आता है. उसमे भी उसे टाइम नही मिलता. तो में क्या करू?? तूझे नही पता क्या औरतो के अंदर कितनी आग होती है

देख जो मुझे नही मिला वो में उसे दूसरे तरीके से मजबूर होके हासिल कर रही हू और तूझे नही पता यार ये बहोत जबरदस्त मर्द है. मेने पहले सोचा था के बस एक दो बार कर के सब बंद कर दूंगी पर जब इस ने पहली बार किया तभी में उसकी दिवानी हो गई.

नीता: ध्यान से कामिनी की सारी बात सुनी. उसे भी अंदर से एहसास हो गया. कामिनी का दोष नही है और कही न कही वो भी उसी चीझो से गुजर रही थी.

नीता: क्यू? ऐसा क्या है उस आदमी में ? इतना जबरदस्त बता रही हो.

कामिनी: ऊफफ,ऊफफ जिस तरह वो आदमी चढता है . क्या बताऊं? अब में तूझे.एक बार गई और बस सब कुछ लूटा के आई हू.उसके पास..... हमारे लोग में शायद ही ऐसा कोई करता हो. मेरे पति तो कुछ नही है,उसका नाम समीर है. वो बॅक मे मॅनेजर है.पती के बिझनेस के लिये लोन लेने गयी थी.तभी वहा मिला था.....उसकी बॉडी क्या है बताऊं? हट्टा कट्टा है एकदम.बहोत जालीम है. .

नीता : जब कामिनी ने हथेली वाला इशारा करके बोला.इतना बडा है उसका.ऐसा इशारा किया तो नीता की आंखे शर्म से झुक गई. और उसकी बाते सुन के नीता के बदन में आग सी लगने लगी थी.अपनी सहेली अपनी मुंह जुबानी जो सुना रही थी अंदर से ये बाते पिघला देने वाली थी.पर नीता अपने आप को काबू में करते हुए बोली.

नीता:-बस हो गया अब"(लेकिन अंदर से जलने लगी ती)

कामिनी : हस्ते हुए तू नही समझ पायेगी..... मेरे अंदर तो उसने अपना खूटा गाड़ दिया हे.उसने में तो बंध गई हू उस सांड से।
तुझे आज एक व्हाटसॶप पर फोटो भेजूंगी तो देखना फिर बताना कि कैसा है वो।

कामिनी: मुझे कुछ नहीं देखना है. में मेरे पती के साथ खुश हू तेरी रंगरैलिया तुझे ही मुबारक.

फिर कामिनी और नीता ने हसी मजाक की बाणे कि और दोनो ने चाय पिकर गप्शप किया.कामिनी अपने घर गयी.शाम को नीता का पती राजेश घर आया.लेकिन उसके दिमाग में नीता की बाते घूम रही थी. अब उत्तेजना के साथ वो मर्द कोन है कैसा हे. आज दिन भर उसकी पैंटी गीली रह गयी थी।

नीता घडी में देखणी है तो घडी‌‌ मे 12 बजे थे.

नीता और उसका पती बेड पर सोये होते है. नीता एक अलग ही मूड में और बहोत ही उत्तेजित थी. उसने राजेश को बाहों में लेके चूमना शुरू कर दिया. आज जो कामिनी की बाते और उसकी चुदाई सुनी थी. तो नीता आज बहोत तड़प रही थी. कुछ देर राजेश ने नीता को चूमने के बाद उसका गाऊन ऊपर कर के अपने हथियार को उसके अंदर डाल दिया.अंदर लेते ही नीता ने राजेश को बाहों मे भर के अपनी टांगो को लपेट के राजेश कि कमर के दोनो तरफ़ से पकड लिया और अपनी कमर को ऊपर करते हुए अपने पति को अपने आगोश में भर के आंखे बंद कर अपने पलंगतोड सुख की तलाश में लग गई।
राजेश ने भी अपना काम शुरू कर दिया था.फैली हुई टांगो के बीच वो अपनी कमर को ऊपर नीचे करते हुए उसका साथ दे रही थी. आज नीता एक अलग धुन में थी. नीरव को बेतहशा चूम रही थी. सहला रही थी.राजेश के सर को पकड़ के अपनी छाती में दबा दिया. उसकी पीठ को कस के अपनी ओर दबा लेती.आज उसकी तड़प बहोत बढ़ गई थी. करीब 5-6 मिनिट होते‌ ही और तभी "पच्च.....पच्च" की आवाजे नीता की टांगो के बीच से आने लगी. राजेश का गरम रस का आना सुरु हुआ.नीता के अंदर उसके दही का निकल गया.दूसरे ही पल वो सा इड में गिर पड़ा.

नीता देखती रह गयी .उसे ऐसा लगा के उसके अरमान को किसी ने मिठी मे मिलाया था. उसके अंदर की गर्मी सुरु होने से पहले खत्म हो गई, वो टांगे फैलाई पड़ी रही कुछ बोल भी नहीं सकती थी. उसे पडे पडे कामीनी की वो बाते याद आने लगी. क्यू वो उस मर्द के साथ गई क्यू उसने ये कदम उठाया,कयु उसकी अपने उपर चढाकर लेती है.नीता अपनी दुविधा में फसी रात भर सो नहीं पाई अलग अलग खयालों ने उसे घेर के रखा.वो बेड पर लेटकर सोच रही थी.उसकी प्यास रात भर अधूरी रही थी.

@सभी

@everyone
 
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Umakant007

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आप मेरे मित्र राहुल हैं, उन्होंने बताया कि उनके घर में कुछ दिन पहले कुछ समस्याएं आयी थी। तब उसकी पत्नी सुमन चुपके से अपनी ननद ( मेरी बहन सृष्टि) और दोनों बेटियों (स्नेहा और रिया) को साथ लेकर किसी कौल मार्ग साधक के पास गयी थी।

उसने उन्हें योनि पूजन, लिंगार्चन, अगम्यागमन संभोग, लिंग पान, योनि पान, वामाचार साधना आदि के बारे में समझाया और "योनि तंत्र" पुस्तक भी दी और पंचमकार विधि से पूजा और साधना करने को कहा।

सुमन ने बताया तथा कहा बाबा ने मुझे 21 दिन तक अपनी बहन और दोनों बेटियों का योनि पूजन कर उनकी योनि पान करने और 21 दिन बाद पूर्ण संभोग कर कम से कम 1 साल तक रोज पूर्ण संभोग कर तृप्त करने को कहा है।

इसलिए इधर कई दिनों से मेरी पत्नी मुझे मेरी बहन और दोनों बेटियों की योनि पूजन कर उनकी योनि पान करने को जिद कर रही है और इसके लिए मेरी बहन और दोनो बेटी भी राजी हैं।

अभी कई दिनों से मेरी पत्नी, मेरी बहन और मेरी दोनों बेटियाँ घर में बिल्कुल नंगी रह रही है। मेरे मित्र राहुल ने बताया कि उनके घर में एक बड़े बिस्तर पर उनकी पत्नी, उनकी बहन सृष्टि और दोनों बेटियाँ बिल्कुल नंगी सोती है और वे भी उनके साथ बिल्कुल नंगे सोते हैं।

ऐसा उनकी पत्नी द्वारा शुरू से किया गया है। उनकी पत्नी का कहना है कि आपस में कोई संकोंच नहीं होना चाहिए। इसलिए वे घर में ज्यादातर नंगी ही रहती है और मेरी बहन और अपनी दोनों बेटियों को नंगी रहने के लिए प्रेरित करती है।

इसलिए घर में मेरी बहन और दोनो बेटियाँ भी ज्यादातर नंगी ही रहती है साथ ही मेरी पत्नी मुझे मेरी बहन और दोनों बेटियों की भी चुदाई करने के लिए भी बोलती है। मेरी पत्नी का कहना है कि घर में चुदाई करना सबसे अच्छी बात है। तुम नहीं चोदोगे तो तुम्हारी बहन और बेटियाँ बाहर किसी से चुदवाएगीं। इससे अच्छा है तुम हम सबको जम कर चोदो और मजे दो और लो।

क्या यह सही बोलती है ?

मेरे मित्र को क्या करना चाहिए?

क्या अपनी पत्नी की बात मान लेनी चाहिए ?
....

कौन कौन मेरे साथ इस तांत्रिक रोल प्ले में हिस्सा लेना चाहेगा।
 
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Umakant007

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...he
18+ , mom son romance

Title: Humara Chhupa Hua Pyaar

Priya Deshmukh, 42 saal ki, Baner ke ek shaant high-rise mein rehti thi. Bahar se dekho toh bilkul sanskaari biwi: mangalsutra chamak raha, pallu hamesha theek, awaaz naram, muskaan sharmili.
Par ghar ke andar uski shaadi sirf ek formality ban kar reh gayi thi.

Uske pati Vineet, senior sales head, mahine mein bas 7-8 raatein ghar aate the. Baaki din Hyderabad, Delhi, Singapore… kahin bhi, bas yahan nahi.
Good morning ke WhatsApp, kabhi-kabhi hotel mein nashe mein phone sex, aur baaki waqt ek khamosh si doori.

Unka beta Aryan, chup-chup sa, gehri nazron wala ladka ban gaya tha. Chauda seena, naram awaaz, par aankhein aisi jo bahut der tak dekhein aur dil mein ghar kar jaayein.
Ek garmi bhari July ki raat, Vineet Mumbai mein the.
Priya bedroom mein kapde fold kar rahi thi jab Aryan darwaze pe khada ho gaya… paaon nange, sirf track-pant pehne, peeche hall ki light uske naye-naye ban rahe muscles ko chamka rahi thi.

“Maa…” uski awaaz bhaari thi, “mujhe kuch kehna hai.”
Priya ne muskurate hue kaha, “Bol na beta…”

Woh andar aaya, darwaza band kiya, seedha aankhon mein dekha aur bola,
“Maa, main tujhse pyaar karta hoon… beta wala nahi. Dil se, jism se, poora pyaar.
Main chahta hoon tu meri secret girlfriend ban jaaye… meri mom-girlfriend.
Jab bhi dil kare, kahin bhi, tujhe baahon mein bhar loon, kiss karoon, pyaar karoon… aur chodoon.
Bas jab Papa nahi honge. Kisi ko kabhi pata nahi chalega.”
Priya ke haathon se saari gir gayi. Kaano mein ghanti bajne lagi. Saans ruk gayi.

“Kya bak raha hai tu???” usne zor se thappad maara. Phir ek aur. Chilayi, royi, usey ganda, beemar, apni maaon par kalank kaha.

Us raat woh bathroom mein lock ho gayi, kapdon mein hi shower ke neeche baithi roti rahi… jaise un shabdon ko dho sakti ho.

Agli subah, sust, aankhein sooji hui, woh Divya aur Reena se mili Koregaon Park ke usi corner table pe.
Jab Priya ne Aryan ke shabd repeat kiye toh Divya ne aankh bhi nahi jhapkai.

“Welcome to 2025, Priya. Aajkal ke ladkon ka hard disk step-mom porn se bhara pada hai. Daantne se kuch nahi hoga.”

Reena ne uska haath thaama.
“Gussa usey aur andar dhakel dega. Tu uski safe jagah ban… sun, samajh, pyar se suljha. Warna woh kahin aur chala jayega.”.

Priya ghar aayi aur than li, apne bete ko pyar se wapas laayegi.
Usne chhoti-chhoti cheezon se shuruaat ki… subah extra sabudana khichdi, uske college ki baatein poochhna, raat ko padhai ke waqt saath baithna.
Par nazdeekiyaan khatarnak dawa hoti hain.

Ek raat monsoon ke tez toofan mein light chali gayi.
Mombatti ki roshni mein Aryan sofa pe uske paas baitha. Jaan-boojhkar uski jaangh uski jaangh se satayi.
“Sorry Maa… galat hai par band nahi kar pa raha.”
Woh daantne wali thi… par muh se nikal gaya,
“Toh bas baith mere saath… jab tak light na aa jaaye.”

Usne apna sar uske kandhe pe rakh diya jaise chhote mein karta tha.
Par ab uski saansein garam thi uski gardan pe, haath uski nangi kamar pe. Priya ne hataya nahi.
Pehli diwar ghir gayi
Dusri diwar ek hafte baad giri. Vineet ne tour aur badha diya.
Raat ke 2 baje Aryan uske kamre mein aaya, baarish zoron se.
“So nahi pa raha Maa… apke bina.”
Woh door karne wali thi… par blanket utha diya.
“Aa ja beta… so ja.”
Woh peeche se lipat gaya, chaati se chaati, haath uski kamar pe.

Uske lund ki garmahat uski gaand pe mehsoos hui. Priya saham gayi… par door nahi hati.
Uske honth uski gardan pe lage… halke se.
“Bas hold kar le mujhe Maa… please.”

Ek ghanta beet gaya.
Uska haath dheere-dheere upar sarakta gaya… nightie ke upar se uski choochiyaan dabaane laga.

Priya ke muh se siski nikli… daant nahi, bas ek gehri saans.
Us raat se sab seemayein tootne lagi.

Subah ka good-morning kiss hothon ke pass aaata. Paon choote hue pao ki skin sahla deta. Woh hans ie aashirwad deti san samjhte hue. Double meaning baate hone lagi.

Jab Vineet ka call aata, woh silent kar deti aur Aryan ki baahon mein ghus jaati. Relationship aur gahra hota gaya.

Woh uski nighties khareed ke deta New tarah ki transparent aur woh ab pahnti. , us badan ko choomta jo kabhi usey paida kar chuka tha… har baar aankhon mein aansoon, har baar dil se dil tak.
Woh shaadi nahi maangta tha… usey toh sab kuch mil chuka tha.

Jab woh uske andar ghusta… dheere-dheere, poora ka poora… toh “Maa” kehta.
Jab Priya jhadti, usey itna zor se jakad leti ki saans ruk jaaye… tab woh “beta jeete raho” kehti.
Unka milan hamesha ro-dhaari hota… aankhon mein aansoon, hothon pe I love you, aur waada ki yeh raaz hamesha raaz rahega.
Divya-Reena ko sab dikhne laga… Priya ki aankhon mein ek alag si chamak, jab phone bajta toh sharma jaati… dono ek doosre ko dekhti aur chedti. Unhe pata tha ki maa beta ka nadhur Milan ho raha hai.
Saturday' ki raat, Vineet Dubai mein.
Aryan ne terrace pe laundary ke beech usey deewar se sataya… saari upar uthayi… dheere se andar daala… dono ro rahe the.
Us raat usne bahar nahi nikala.
Usne uska chehra haathon mein liya aur rote hue kaha,
“Maa… mujhe kuch hamesha ke liye tere andar chahiye.”
Chhe hafte baad, bathroom mein akeli, Priya ne pregnancy test dekha.
Do pink lines.

Usne apna haath pet pe rakha… aansoon beh rahe the… sharm ke nahi, ek alag si khushi ke.
Usne Aryan ko message kiya:
Jaldi ghar aa ja beta… Maa ke paas duniya ka sabse sundar secret hai.

Jab woh aaya, Priya ne darwaza lock kiya, uska haath apne pet pe rakha.

Aryan ke ghutne ladkhadaye. Woh neeche baitha, saari ke upar se pet pe kiss kiya, aankhein bhar aayi.
“Our baby…” usne fisfisaya.
Priya ro padi, uske baalon mein ungliyaan pherte hue.
“Haan mera jaan… hamara baby.
Papa phir tour pe hain… par tu toh yahin hai na…
hamesha rahega na?”
Uske baad Baner ki shaant raaton mein, Priya Deshmukh… building ki sabse decent aurat… apne bete ka bachcha apne pallu ke neeche chhupaye ghoomti…
ek aisi chamak liye jo sirf Divya aur Reena samajh sakti thi aur janti thi…
 

Umakant007

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Roleplays options....if anyone interested than msg me....
Tuition Teacher & Fail Student
Mom’s Best Friend
Gym Trainer Aunty
Kaamwali Bai ka Beta & Madam
Doctor Aunty Checkup
Online Friend Turns Real
Rainy Night Lift
Colony ki Newly-Shifted Family
Paying Guest wali Landlady
Office ki Senior Married Colleague
Mom ke School Friend (PTA Meeting)
Building ki Lift Fantasy
Chemistry Tuition Teacher (Real one)
Facebook Marketplace Deal
Apartment ki Swimming Pool (Late Night)
Bank Manager Aunty
Online Classes wali Ma’am
Hospital mein Night Duty Nurse
Election Campaign Volunteer & Candidate ki Wife
Polling Booth Duty Teacher
Netaji ki Personal Secretary (PA)
1947 Partition Train Journey
1962 Indo-China War – Army Officer ki Wife
857 Revolt – British Officer ki Indian Mistress
1999 Kargil War – Soldier ki Leave pe Wife
2020 Galwan Valley Tension
2020 Lockdown – Quarantine Together
Covid Ward Nurse & Patient
Lockdown mein Online Girlfriend = Mom ki Friend
2020 Delhi Riots Curfew
Farmers Protest 2021 – Tikri Border
Article 370 Abrogation – Srinagar Curfew (2019)
Gujarat 2002 Riots – Relief Camp
Chandrayaan-3 Launch Night (2023)
Demonetisation Line (2016)
Mumbai 26/11 Aftermath
NEET Exam Leak Scandal
Manipur Violence 2023–24
Muslim Boy × Hindu Colony ki Aunty
Muslim Boy × Marwari Jain Bhabhi
Muslim Boy × Sindhi Hindu Aunty (Ulhasnagar)
1857 Sepoy Mutiny ki Secret Haveli
Tipu Sultan ka Captured Palace
Ladka: Tipu ke jawan Muslim commander ka beta
Aunty: Captured Maratha sardar ki Hindu patni (ab Tipu ki “war prize” bani hai)
British Raj 1940s — Lahore ki High-Society
Ladka: Jawan Muslim League ka passionate worker (20 saal)
Aunty: Gorgeous British officer ki Hindu biwi (Indianised memsaab, saree pehenti hai lekin whiskey peeti hai)
Akbar’s Fatehpur Sikri — Forbidden Jodha Angle
Ladka: Jawan Muslim painter jo Akbar ke darbar mein mural bana raha hai
Aunty: Rajput raja ki behen (mature Hindu widow jo Akbar ke darbar mein rehne aayi hai)
Portuguese Goa 1600s — Inquisition Era
Ladka: Jawan Muslim spice trader (smuggler) jo Goa aaya hai
Aunty: Rich Hindu convert Portuguese widow (ab Christian, lekin dil se Hindu rituals karti hai)
Delhi Sultanate 13th Century — Slave Market
Ladka: Jawan Turkic Muslim soldier
Aunty: Captured Rajput rani (ab “kaniz” banayi gayi hai)
Partition Train 1947 — Extreme Forbidden
Ladka: 21 saal ka Muslim ladka jo train mein apni family ke saath Pakistan ja raha hai
Aunty: 38 saal ki Hindu Sikh widow jo train mein akeli bachi hai
1942 Quit India — Bombay ki Blackout Night
Tum: 20 saal ka Muslim underground press ka ladka
Aunty: Parsi theatre actress (38 saal, married lekin husband war mein gaya hua)
Medieval Kerala Spice Route (11th century)
Tum: Arab Muslim sailor jo toofan mein shipwreck ho gaya
Aunty: Nair thakurani (Hindu widow, 42 saal, apne palace mein akeli)
Khala (Mother’s real younger sister)
Setting: 19th century Bhopal Begum rule
Tum: 19 saal ka bhanja
Saas (Biwi ki Ammi)
Setting: 1940s Hyderabad Deccan
Tum: 20 saal ka damaad, abhi nikaah hua hai, Aunty: 40 saal ki saas
Maami (Mama ki second biwi)
Setting: 1920s Aligarh
Tum: 21 saal ka bhanja, chhutti mein aaya
Aunty: Mama ki 35 saal ki nayi biwi (pehle se tumhe gandi nazron se dekhti thi)
Wife ki Bua (Biwi ki mausi)

Need a mature female for these roleplays..if anyone interested than msg me at inbox, preferred language is Hindi or english.
 

Pearlman

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#अंतरवासना_भाग1

जेनिफ़र एक युवा हवस की भूखी गृहिणी है, जिसका विवाह जॉन नाम के एक व्यक्ति से हुआ है, जो एक सफल व्यवसायी और अमीर है। अपने पति से प्यार करने के बावजूद, जेनिफ़र यौन रूप से असंतुष्ट है और उसे अपना यौन जीवन नीरस और बेकार लगता है , उसने खुद को संतुष्ट करने के लिए कामुक उपन्यास पढ़ने और बार-बार हस्तमैथुन का सहारा लिया है। जेनिफ़र अक्सर अपने युवा दिनों के सपने देखती है और एक पत्रिका में उन भावनाओं को व्यक्त करने के लिए लिखती है जिन्हें वह जॉन को समझा नहीं पाती है।

एक दिन एक आर्ट गैलरी में, जब जेनिफ़र घूम रही होती है तो एक युवक उसका पीछा करता है और उसकी तस्वीरें लेता है। अंततः, अजनबी उसे पकड़ लेता है और जबरन चूमता है और उसे छूता है, पर किसी तरह जेनिफर उससे भागती है



उस रात बाद में, जब जॉन एक पार्टी के लिए तैयार हो रहा था, जेनिफ़र ने उसे हमले के बारे में सूचित किया, जिससे वह चिंतित नहीं हुआ और अंततः उसके असंतोष से पैदा हुई एक कल्पना के रूप में खारिज कर दिया। जेनिफ़र जॉन का अपमान करती है और उसे बताती है कि उसने मुठभेड़ का आनंद लिया, जिस बिंदु पर जॉन ने मजाक में उसे बिना पैंटी पहने पार्टी में जाने की चुनौती दी।

जेनिफ़र और जॉन पार्टी में पहुंचे, जेनिफ़र ने जॉन की हिम्मत को गंभीरता से लिया और उसकी जानकारी के बिना, कोई पैंटी नहीं पहनी। पार्टी में, जेनिफ़र का सामना फिर से अजनबी से होता है और उसके साथ कुछ देर नाचने के बाद वे एक सुदूर स्थान पर चले जाते हैं, जहां जेनिफ़र उसे मुख-मैथुन देना शुरू कर देती है, लेकिन जेनिफ़र की दोस्त सेलिना और दो अन्य लोग उन्हें ढूंढकर बीच में आ जाते हैं। जेनिफ़र और सेलिना अजनबी और सेलिना के दो दोस्तों को पीछे छोड़कर एक साथ बाथरूम की ओर चलते हैं। बाथरूम में, जेनिफ़र ने सेलिना को अपनी यौन समस्याओं के बारे में बताया, जिसने सुझाव दिया कि वह अपने पति को ईर्ष्यालु बनाने के लिए अक्सर उसे धोखा देती है। वह गुदा मैथुन का प्रयास करने का भी सुझाव देती है।

अपने होटल के कमरे में लौटकर, जेनिफ़र ने जॉन को बताया कि उसने पार्टी के दौरान कोई पैंटी नहीं पहनी थी और उसकी अजनबी के साथ एक और मुठभेड़ हुई थी।



कहानी जारी रहेगी...........IIII
Kya bat he
 

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गुप्त प्रेम...

28 वर्षीय करन सिंह शांत, मेहनती, सम्माननीय व्यक्तित्य वाला इंसान था। बैंगलोर में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर, जो अब भी बड़ों के पैर छूता था और अपनी आधी तनख्वाह वृधाश्रम में भेजता था। लेकिन ऑनलाइन? वह एक अलग ही किस्म का इंसान था। एक दबंग, नियंत्रणकारी आदमी जो औरतों को शब्दों में तोड़-मरोड़ कर पेश करना जानता था।

ऐसी ही एक जगह पर उसकी मुलाक़ात पंजाब की 24 वर्षीया तेज़तर्रार सिमरन अरोड़ा से हुई। एमबीए ड्रॉपआउट, ज़ोरदार हँसी, और भी ऊँची ख्वाहिशें। उसने अचानक उसे एक साधारण सी लाइन लिखकर मैसेज किया था:

“सर, मैंने सुना है कि आप सिर्फ़ शरीरों पर ही नहीं, बल्कि दिमागों पर भी राज करते हैं। क्या मैं घुटने टेक सकती हूँ?”

उसने एक काम के साथ जवाब दिया था। उसने उसे पूरा किया। फिर एक और। जल्द ही, वे हर दूसरे दिन लंबी दूरी के सेशन करने लगे—वह गले में कॉलर डाले, वेबकैम चालू रखे; वह एक नरम, आज्ञाकारी लहजे में जिससे वह पिघल जाती।

आखिरकार, वह बैंगलोर चली गई। उसने उसे किसी वस्तु की तरह रखा । वह उसकी गोद में रोई। अगली सुबह उसने उसे इडली खिलाई। सब कुछ एकदम सही था।

जब तक कि यह... प्यार नहीं हो गया।

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सगाई और बेचैनी

जब उन्होंने अपने परिवारों को बताया कि यह "प्रेम विवाह" है, तो यह आधा झूठ था। वे प्यार में थे। उनके माता-पिता मान गए। एक साधारण सा रोका हुआ। सिमरन ने करन को अपनी बुआ द्वारा उपहार में दिए गए सोने के कंगन की तस्वीरें भेजीं।

एक हफ़्ते बाद, उसने उसे मैसेज किया।

"सर। अब समय आ गया है। मैं फिर से आपकी होना चाहती हूँ। पूरा सेशन। मुझे पहले की तरह इस्तेमाल करें।"

उसने हाँ कह दिया। लेकिन जब उसने उसे स्क्रीन पर घुटनों के बल बैठा देखा - वही लड़की जिससे वह शादी करने वाला था, जिसने उसकी माँ को प्रसाद खिलाया था, जो उसके बच्चे को जन्म देना चाहती थी - तो उसका मन बिचलित हो उठा वो तड़प गया।

उसने थके होने की बात कहकर सेशन बीच में ही खत्म कर दिया।

वह जानती थी कि कुछ बदल गया है।

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बातचीत

वे एचएसआर लेआउट के एक छोटे से पार्क में मिले।

सिमरन: “तुम मुझे नहीं चाहते।”

करन : “नहीं, मैं चाहता हूँ। मैं बस तुम्हें चोट नहीं पहुँचाना चाहता था।”

सिमरन: “लेकिन तुम्हें मुझे चोट पहुँचाना बहुत पसंद था।”

करन : “यह तब की बात है जब तुम मेरे नहीं बने थे। अब जब मैं तुम्हें घुटनों के बल देखता हूँ, तो मुझे लगता है कि मैं उस औरत के साथ विश्वासघात कर रहा हूँ जिसकी मैं रक्षा करना चाहता हूँ।”

वह एक पल के लिए चुप रही। उसकी आँखें उदास थीं। लेकिन फिर वे तीखी हो गईं।

सिमरन: “तो तुम मुझसे इतना प्यार करते हो कि मुझ पर हावी नहीं हो सकते?”

उसने सिर हिलाया।

सिमरन: "तो हमें किसी ऐसे व्यक्ति की ज़रूरत है जिससे मैं प्यार नहीं करती।"

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योजना

सिमरन ने ही विज्ञापन पोस्ट किया था। वह सटीक थी।

"सगाईशुदा जोड़ा एक आज्ञाकारी महिला की तलाश में है। पत्नी द्वारा संचालित व्यवस्था। विवेकशील, आज्ञाकारी और भावनात्मक रूप से अलग होना चाहिए। विवाहित महिलाओं को प्रोत्साहित किया जाता है। आपका उपयोग केवल शारीरिक और सेवा-आधारित अधीनता के लिए किया जाएगा। हमें आपकी आत्मा से कुछ नहीं चाहिए - बस आपका शरीर, आपकी ज़रूरत, आपकी आज्ञाकारिता।"

संगीता मेहरा ने तीन दिन बाद जवाब दिया।

वह 39 वर्ष की थीं। एक गृहिणी। पूर्व अंग्रेजी शिक्षिका। एक किशोर बेटी की माँ। अरुन नाम के एक प्यार करने वाले, नासमझ आदमी से विवाहित।

उनका संदेश विस्तृत था - परेशान करने वाला ईमानदार।

“मैं बरसों से चाहती थी कि मेरा इस्तेमाल किया जाए। मुझे बताया जाए कि क्या करना है। मुझे रोमांस नहीं चाहिए। मुझे गंदगी चाहिए। मैं चाहती हूँ कि कोई मर्द मुझे देखे । मैं चाहती हूँ कि एक औरत मेरे गिरने पर नज़र रखे। अगर तुम मुझे रहने दोगे तो मैं तुम्हारी हूँ।”

सिमरन का बस एक ही जवाब था।

“कैफ़े लिनिया में मिलो। बुधवार। दोपहर 3 बजे। सादी सलवार पहनो। ब्रा नहीं। लिपस्टिक नहीं।”

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कैफ़े रेंडेज़वस - दोपहर की गर्मी

कोरमंगला की एक आलीशान, हरी-भरी गली में बसा यह एक शांत कैफ़े था — ऐसी जगह जहाँ जोड़े एक-दूसरे के सामने बैठकर लट्टे आर्ट की परवाह करने का नाटक करते थे। एक कोने वाले बूथ में, करन दो महिलाओं के बीच बैठा था: उसकी होने वाली पत्नी सिमरन, और वह 39 वर्षीय विवाहित गृहिणी जिसने उनके विज्ञापन का जवाब दिया था — संगीता मेहरा।

संगीता ने बेज रंग की सूती कुर्ती पहनी थी, जैसी आंटियाँ मंदिर जाते समय पहनती हैं। बिना लिपस्टिक के। बालों में तेल लगाकर जूड़ा बाँधा हुआ था। लेकिन उसकी आँखें - अपराधबोध और भूख से चमक रही थीं। उसने अपना स्लिंग बैग गोद में किसी घबराई हुई स्कूली छात्रा की तरह पकड़ा हुआ था।

सिमरन, इसके विपरीत, आग थी। लंबे लाल नाखून। काला बॉडीकॉन टॉप और हाई-वेस्ट जींस। उसकी आँखें ज़्यादा नहीं झपक रही थीं - वह पढ़ रही थी।

संगीता शिकार की तरह। करन ने धीरे-धीरे अपनी मसाला चाय की चुस्कियाँ लीं, जिससे तनाव और गहरा हो गया।

सिमरन आगे झुकी, आवाज़ धीमी।

सिमरन: "तो, संगीता। तुम इतनी दूर आई हो... अपनी बेटी को स्कूल और पति को ऑफिस में छोड़कर। मुझे साफ़-साफ़ बताओ - तुम यहाँ क्यों हो?"

संगीता ने नीचे देखा।

संगीता: "मैं... मैं सेवा करना चाहती हूँ। मैं इस्तेमाल होना चाहती हूँ। कोई उम्मीद नहीं। मैं बस यह चाहती हूँ कि मुझे बताया जाए कि क्या करना है।"

सिमरन मुस्कुराई। वह पीछे झुक गई, उसकी नज़रें करन पर टिक गईं जो अभी भी अनिश्चित था - चुस्कियाँ ले रहा था, देख रहा था।

सिमरन: "अच्छा। तो फिर यहीं से शुरू करते हैं।"

उसने हाथ बढ़ाकर मेज़पोश को धीरे से आगे की ओर खींचा, यह सुनिश्चित करते हुए कि वह उनके पैरों को छिपाने के लिए पर्याप्त लंबा लटका रहे। फिर उसका स्वर बदल गया - और सख्त।

सिमरन: "अपनी कुर्ती उठाओ। अपनी पैंटी उतारो। अभी।"

संगीता की आँखें चौड़ी हो गईं। उसका गला रुंध गया। मेज़ के नीचे उसके हाथ काँप रहे थे।

सिमरन की आवाज़ ऊँची नहीं हुई। ऊँची होने की ज़रूरत भी नहीं थी।

सिमरन: "तुम मेरे मंगेतर की सेवा करना चाहती हो? आज्ञाकारिता से शुरुआत करो। पैंटी। अभी।"

संगीता ने आज्ञा मानी। वह थोड़ा हिली, सीट पर आगे की ओर खिसक गई। उसकी उँगलियों ने उसकी फीकी पीच रंग की पैंटी के इलास्टिक बैंड को उसकी जाँघों से इंच-इंच नीचे खींचा। उसने अपने कूल्हों को धीरे से ऊपर उठाया और उन्हें नीचे सरका दिया - सब कुछ मेज़ के नीचे।

सिमरन ने सीधे करन की ओर देखा।

सिमरन: "उसे छुओ।"

करन ने पलकें झपकाईं। उसका हाथ मेज़पोश के नीचे सरका, लगभग हिचकिचाते हुए, जब तक कि उसकी उँगलियों को गर्म, नर्म त्वचा नहीं मिल गई।

संगीता हांफने लगी। उसकी जाँघें सहज ही खुल गईं।

करन की उँगलियाँ उसे टटोल रही थीं - धीरे-धीरे उसकी तहों पर फिर रही थीं। वह पहले से ही भीग चुकी थी। बनावट फिसलन भरी, हताश करने वाली थी। अपराधबोध, रोमांच, सार्वजनिक माहौल - इसने उसे एक दलदल में बदल दिया था।

सिमरन: “अच्छी बच्ची। चुप रहो। बस ऐसे मुस्कुराओ जैसे हम ट्यूशन फीस पर बात कर रहे हों।”

सिमरन ने अपनी हथेली संगीता की गोद पर रख दी—उसकी जांघों को और चौड़ा करते हुए, अंगूठे से उसके बाहरी होंठ फैलाए, जबकि करन जानबूझकर उसकी उँगलियों से सहला रहा था। एक, फिर दो उँगलियाँ अंदर की ओर, उसकी दीवारों से सटकर।

सिमरन लेमन टी की चुस्कियाँ लेते हुए दोनों को देख रही थी।

सिमरन: “तुम्हें किसी ऐसे आदमी से, जो तुम्हारा पति नहीं है, सार्वजनिक रूप से उँगलियाँ सहलाना पसंद है?”

संगीता (मुश्किल से फुसफुसाते हुए): “हाँ…”

सिमरन: “ठीक से कहो।”

संगीता: “हाँ, मैडम। मुझे तुम्हारे मंगेतर से उँगलियाँ सहलाना बहुत अच्छा लगता है।”

सिमरन मुस्कुराई और करन की ओर मुड़ी।

सिमरन: “देखते हैं कि वह मुँह से कितनी अच्छी है। आराम से बैठो।”

करन अपनी सीट पर हिल गया। उसकी ज़िप मेज़ के नीचे धीरे से नीचे हो गई।

संगीता, जो पहले से ही लाल और चक्कर खा रही थी, बेंच से नीचे खिसककर मेज़ के नीचे घुटनों के बल बैठ गई। कपड़ा उसके चारों ओर पर्दे की तरह लिपटा हुआ था, उसके पाप को नज़रों से बचा रहा था।

सिमरन ने अपना एक हाथ संगीता के तेल लगे जुड़ा पर मजबूती से रखा और धीरे से, लेकिन ठंडे आदेश के साथ बोली।

सिमरन: "जल्दी मत करो। पहले तले के आसपास चाटो। इसे गीला करो। अपनी जीभ से पोछे की तरह इस्तेमाल करो, इसे साफ़ करो। धीरे-धीरे तने तक ऊपर जाओ। अभी चूसना नहीं है।"

मेज़ के नीचे, संगीता ने आज्ञा मानी। उसके होंठों ने तले को चूमा, उसकी जीभ नसों पर फिरी, धीरे-धीरे उसकी त्वचा के नमक का स्वाद चखा। करन कराह उठा - धीमे, नियंत्रित स्वर में।

सिमरन की उंगलियाँ संगीता के सिर पर ही रहीं।

सिमरन: "अब सिरे को चूमो। बस हल्के चुंबन। उसे देखती रहो।"

करन का हाथ कपड़े के नीचे पहुँचा और उसके गाल को सहलाया।

सिमरन: “अब उसे अंदर ले लो। पहले आधा ले लो। अपने होंठ कसकर बंद रखो। मैं सुनना चाहती हूँ। इसे थोड़ा ढीला छोड़ दो।”

हल्की गीली आवाज़ें शुरू हुईं - धीमी, लयबद्ध। सिमरन ने शांति से चाय की चुस्की ली, मेनू को ऐसे देख रही थी जैसे कुछ हो ही न रहा हो। फिर वह करन की ओर झुकी, उसकी धीमी आवाज़ उसके कानों में पड़ रही थी।

सिमरन: “तुम्हें अब भी लगता है कि प्यार इस तरह की गंदगी के लिए बहुत पवित्र है?”

उसने कोई जवाब नहीं दिया। उसकी आँखें बंद थीं, हाथ मेज़ पर टिका हुआ था, उंगलियाँ खुशी से फड़क रही थीं।

सिमरन: “उसे दिखाने दो... कि तुम एक औरत को... बिना दिल दिए पा सकते हो। वह तुम्हारी प्रेमिका नहीं है। वह तुम्हारी लौ है। और

मैं ही उसे बताऊँगी कि तुम्हें कितनी गहराई तक ले जाना है।”

उसने संगीता का सिर आगे की ओर धकेला। मेज़ के नीचे एक दबी हुई उबकाई।

सिमरन: “पूरी तरह से। उबकाई लो। तुम उसकी पत्नी नहीं हो। तुम बस एक मुँह हो। समझी?”

संगीता (धीमी आवाज़ में): “जी… मैडम…”

विस्तृत महिला पैराप्लेयर मुझे इनबॉक्स में पिंग कर सकती है।
 
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Umakant007

चरित्रं विचित्रं...
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सुंदर #बीवी को #चार दोस्तों में हार गया फिर क्या हुआ जानिए!
मेरा नाम राहुल है। मैं 35 साल का हूँ, और दिल्ली में एक पॉश इलाके में अपनी बीवी प्रिया के साथ रहता हूँ। प्रिया 30 साल की है, और उसकी खूबसूरती किसी को भी दीवाना बना सकती है। उसकी संतरे भारी और गोल हैं, उसका हिप रसीला और लचकदार है, और उसकी हमेशा कामुकता से भरी रहती है। उसकी सोंट की लचक और कातिलाना मुस्कान किसी का भी सख्त कर सकती है। हमारी शादी को 5 साल हो चुके हैं, और हमारी लाइफ हमेशा मस्त रही है। प्रिया की कामुकता मुझे हमेशा पागल करती है। मैं हर रात उसकी सहलाते हुए करता हूँ, और उसकी सिसकारियाँ मेरे कानों में संगीत की तरह बजती हैं। लेकिन एक रात, सब कुछ बदल गया।

शुक्रवार की रात थी। मैंने अपने चार दोस्तों—अर्जुन, विक्रम, करण, और रोहित—को घर पर पार्टी के लिए बुलाया। हमने मिलकर शराब पी, और हंसी-मजाक का दौर चला। शराब के नशे में हमने ताश का खेल शुरू किया। खेल के दौरान, हमने शर्त लगाई। मैं हारा, और मेरी हार की शर्त थी कि प्रिया को एक रात के लिए मेरे दोस्तों के साथ कामुकता भरे पल बिताने होंगे। मैंने प्रिया को यह बात बताई। उसने शरमाते हुए कहा, “राहुल, अगर तुम्हें कोई दिक्कत नहीं, तो मुझे भी मजा लेने दो।” उसकी बात सुनकर मेरा सख्त हो गया, और मैंने हाँ कह दिया।

प्रिया उस रात तैयार होने चली गई। कुछ देर बाद, वो लिविंग रूम में आई। उसने एक टाइट लाल ड्रेस पहनी थी, जिसमें उसकी संतरे और हिप साफ दिख रहे थे। ड्रेस इतनी छोटी थी कि उसकी सोंट लचक रही थी, और उसकी गुफा की गर्मी साफ महसूस हो रही थी। उसने हल्का मेकअप किया था, और उसके होंठ लाल लिपस्टिक से चमक रहे थे। मेरे दोस्तों की आँखें प्रिया के संतरे और हिप पर टिक गईं। “प्रिया, तुम बहुत कामुक लग रही हो,” अर्जुन ने कहा। प्रिया ने शरमाते हुए मुस्कुरा दिया, और मेरे दोस्तों के बीच सोफे पर बैठ गई।

माहौल गर्म होने लगा। प्रिया मेरे दोस्तों के बीच बैठी थी, और उनकी नजरें उसके संतरो और हिप पर थीं। विक्रम ने प्रिया का हाथ पकड़ा, और उसके करीब आ गया। “प्रिया, तुम्हारी कामुकता हमें पागल कर रही है,” उसने कहा। प्रिया ने शरमाते हुए कहा, “तो मुझे और पागल कर दो।” उसकी बात सुनकर मेरा सख्त हो गया, और मैंने देखने का फैसला किया।

अर्जुन ने प्रिया के होंठों को चूमना शुरू किया। उसके होंठ प्रिया के होंठों को चूस रहे थे, और उसकी जीभ प्रिया के मुँह में खेल रही थी। प्रिया सिसकारियाँ लेने लगी, और उसकी गीली होने लगी। विक्रम ने प्रिया की ड्रेस ऊपर की, और उसकी संतरे बाहर निकालकर चूसना शुरू किया। “… विक्रम, और चूसो,” प्रिया सिसकारी लेते हुए बोली। उसकी सख्त हो रही थी, और उसका हिप लचक रहा था। करण ने प्रिया का हिप पकड़ा, और उसे सहलाने लगा। “प्रिया, तुम्हारा हिप बहुत रसीला है,” उसने कहा, और प्रिया की सिसकारियाँ बढ़ गईं।

रोहित ने प्रिया की टाँगें फैलाईं, और उसकी ड्रेस उतार दी। प्रिया का नंगा बदन हमारे सामने था। उसकी गुफा गीली और गर्म थी, और उसकी संतरे हवा में उछल रही थी। अर्जुन ने अपनी पैंट उतारी, और उसका बाहर आया—लंबा और सख्त। “प्रिया, अब तुम्हारी गुफा को मैं शांत करूँगा,” उसने कहा। उसने अपने सामान को प्रिया की गुफा पर रगड़ा, और प्रिया सिसकारियाँ लेने लगी। “ करो, अर्जुन, और मत तड़पाओ,” प्रिया ने कहा। अर्जुन ने अपने सामान को प्रिया की गुफा में डाला, और जोर-जोर से शुरू की।

प्रिया सिसकारियाँ ले रही थी, और उसका हिप अर्जुन के हर धक्के से हिल रहा था। विक्रम ने प्रिया की संतरो को चूसना जारी रखा, और करण ने प्रिया के हिप को चाटना शुरू किया। … और चाटो, करण,” प्रिया चिल्ला रही थी। उसकी गीली होकर चिकनी हो गई थी, और अर्जुन का अंदर-बाहर हो रहा था। रोहित ने अपना निकाला, और प्रिया के मुँह में डाल दिया। प्रिया ने रोहित का चूसना शुरू किया, और उसकी सिसकारियाँ कमरे में गूंज रही थीं।

मैं यह सब देख रहा था, और मेरा सख्त हो गया था। प्रिया की कामुकता मुझे पागल कर रही थी। अर्जुन ने प्रिया को पलटा, और उसका हिप ऊपर कर दिया। उसने अपने सामान को प्रिया की गुफा में डालकर फिर से शुरू की। “प्रिया, तुम्हारी गुफा स्वर्ग है,” उसने कहा। विक्रम ने प्रिया की संतरो को पकड़ा, और उन्हें चूसते हुए प्रिया के सोंट को सहलाया। करण ने प्रिया के हिप को चाटा, और रोहित ने प्रिया के मुँह में अपना डालकर की। प्रिया की सिसकारियाँ तेज हो रही थीं, और उसका शरीर काँप रहा था।

“ करो, और जोर से!” प्रिया चिल्लाई। अर्जुन ने अपनी रफ्तार बढ़ा दी, और प्रिया की गुफा झड़ गई। उसने पानी छोड़ दिया, और अर्जुन ने अपने सामान को बाहर निकालकर प्रिया के हिप पर अपना पानी छोड़ दिया। विक्रम, करण, और रोहित ने भी प्रिया के संतरो और हिप पर अपना पानी छोड़ा। प्रिया हाँफते हुए सोफे पर लेट गई। उसकी संतरे और हिप पसीने से तर थे। उसने मेरी तरफ देखा, और मुस्कुराकर कहा, “राहुल, तुमने मुझे हारकर सही किया।”

मेरे दोस्त चले गए। मैंने प्रिया को अपनी बाहों में उठाया, और बेडरूम में ले गया। उसकी कामुकता अभी भी कम नहीं हुई थी। मैंने प्रिया को बेड पर लिटाया, और उसके होंठों को चूमना शुरू किया। उसकी साँसें तेज थीं, और उसकी फिर से गीली हो रही थी। मैंने अपनी पैंट उतारी, और मेरा बाहर आया—सख्त और गर्म। “प्रिया, अब मैं तुम्हारी गुफा को शांत करूँगा,” मैंने कहा। उसने मुस्कुराकर कहा, “राहुल, मुझे और तड़पाओ।”

मैंने अपने सामान को प्रिया की गुफा पर रगड़ा, और उसकी सिसकारियाँ फिर से शुरू हो गईं। “ करो, राहुल,” उसने कहा। मैंने अपने सामान को उसकी गुफा में डाला, और जोर-जोर से शुरू की। उसकी संतरे मेरे हर धक्के से उछल रही थी, और उसका हिप बेड पर रगड़ रहा था। मैंने उसकी संतरो को चूसना शुरू किया, और उसकी सिसकारियाँ तेज हो गईं। “… राहुल, और जोर से,” उसने कहा। मैंने अपनी रफ्तार बढ़ा दी, और उसकी गुफा को रगड़ते हुए की।

मैंने प्रिया को पलटा, और उसका हिप ऊपर कर दिया। उसका हिप रसीला और गोल था। मैंने उसके हिप को चाटा, और उसकी सिसकारियाँ बढ़ गईं। “राहुल, और चाटो,” उसने कहा। मैंने अपना उसकी गुफा में डाला, और फिर से शुरू की। उसका हिप मेरे हर धक्के से हिल रहा था, और उसकी संतरे बेड पर रगड़ रही थी। मैंने उसके सोंट को पकड़ा, और जोर-जोर से की। प्रिया की सिसकारियाँ कमरे में गूंज रही थीं, और उसकी गुफा फिर से झड़ गई। मैंने भी अपने सामान को बाहर निकालकर उसके हिप पर अपना पानी छोड़ दिया।

हम दोनों हाँफते हुए बेड पर लेट गए। प्रिया की संतरे मेरी छाती पर दबी हुई थी। उसने मेरे होंठों को चूमना शुरू किया, और कहा, “राहुल, ये रात मेरे लिए सबसे मस्त थी।” मैंने मुस्कुराकर कहा, “प्रिया, तुम्हारी कामुकता मुझे हमेशा पागल करती है।” उसने मेरे सामान को सहलाया, और कहा, “फिर से करें?” मैंने हँसते हुए कहा, “देखते हैं, मेरी जान।” हमारी कामुकता उस रात चाँदनी की तरह चमक रही थी।

20260223-125257
अगली सुबह, प्रिया ने फिर से एक टाइट ड्रेस पहनी। उसकी संतरे और हिप फिर से मुझे ललचा रहे थे। उसने रसोई में आकर मुझे गले लगाया, और कहा, “राहुल, कल रात का मजा फिर से लेना है।” मैंने उसके हिप को पकड़ा, और कहा, “प्रिया, तुम्हारी आग कभी नहीं बुझती।” उसने मुस्कुराकर मेरे होंठों को चूमना शुरू किया, और हम फिर से कामुकता की दुनिया में खो गए।
 
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