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Adultery रिश्तों की मर्यादा से परे मोना के चूत की भूख....... 💋💋💋💋💋💋💦💦💦💦💦💋💋💋💋

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Nidhi.agrawal
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Update - 5



Writer - Nidhi Agrawal



कहानी में आगे ..........










आपने मेरी पिछली कहानी में तो देखा ही था की कैसे मैं और सलमा हम दोनों पूरी तरह से शेरसिंह की बीवी बन गयी थी , लेकिन फिर मेरे पति ६ महीनो के लिए दूसरे शहर चले गए तो शेरसिंह भी उनके साथ चला गया , अब मैं और सलमा फिर से प्यासी हो गयी थी , फिर एक दिन अचानक से सलमा की माँ की तबियत ख़राब हो गयी तो वो भी छुट्टी लेकर गाँव चली गयी - अब तो मैं बिलकुल अकेली रह गयी थी ।





मैं दिन रात लंड के लिए तड़पती रहती थी और शेरसिंह से फोन पर बात करके अपना दिल बहलाने की कोशिश करती थी ।



अब सलमा तो थी नहीं तो घर का सारा काम मुझे और मेरी सास को मिलकर ही करना पड़ता था , दोस्तों कहानी आगे बढ़ाने से पहले मैं आप लोगो को अपनी सास के बारे में बता देती हूँ ।





मेरी सास का नाम शकुंतला है और वो भी दिखने में मेरी तरह ही बहुत खूबसूरत है , उनकी शादी काफी कम उम्र में ही हो गयी थी - वो ४५ साल की है लेकिन देखने में वो ३५ साल से ज्यादा की नहीं लगती है ।




मम्मी जी ने इस उम्र में भी अपने शरीर को काफी मेन्टेन करके रखा हुआ है ।




दोस्तों पहले तो घर का सारा राशन पानी और सब्जी तरकारी सलमा ले आती थी लेकिन अब तो सारा सामान लेने मुझे और मम्मी जी को ही जाना पड़ता था ।



ऐसे ही एक दिन शाम के समय मैं और मम्मी जी सब्जी तरकारी लेने बाजार चली गयी - आज बाजार में भीड़ कुछ ज्यादा ही थी हर तरफ से धक्के लग रहे थे , एक दम सट सट कर चलना पड़ रहा था और ना जाने कितने ही हाथ मेरे और मम्मी जी के चूतड़ों को छू रहे थे ।




अब मम्मी जी मुझे एक सब्जी वाले के पास ले आयी और फिर वो नीचे बैठकर आलू और टमाटर छाँटने लगी , मम्मी जी आलू और टमाटर छाँट छाँट कर टोकरी में डाल रही थी और मैं थोड़ी आगे की तरफ झुक कर उनकी मदद कर रही थी जिसकी वजह से मेरी मोटी गांड बहार की तरफ निकली हुई थी ।




वहाँ पर काफी भीड़ थी जिसकी वजह से सब एक के ऊपर एक चढ़ने को हो रहे थे , तभी मुझे अपनी कमर पर किसी का हाथ महसूस हुआ - पहले तो मुझे लगा शायद किसी ने भीड़ की वजह से गलती से अपना हाथ मेरी कमर पर रख दिया होगा तो मैंने कोई रिएक्शन नहीं दिया ।


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काफी देर तक वो हाथ मेरी कमर से नहीं हटा तो मै तिरछी निगाहो से पीछे मुड़ कर देखने की कोशिश करने लगी , मैंने देखा मेरे पीछे एक अधेड़ उम्र का आदमी खड़ा हुआ था देखने में वो बहुत ही बदसूरत लग रहा था ।


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वो करीब 45 -50 साल के आस पास का होगा लेकिन वो काफी हट्टा कट्टा दिखाई दे रहा था ।


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अब मैं थोड़ी आगे की तरफ हो गयी और तभी वो भीड़ का फायदा उठाकर अपने हाथ को मेरी कमर से सरकाते हुए मेरे चूतड़ों तक ले आया , अब वो मेरी गांड को धीरे धीरे दबाने लगा - मैं बार बार आगे होने की कोशिश कर रही थी लेकिन वहाँ इतनी भीड़ थी कि मैं हिल भी नहीं पा रही थी ।


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तभी उसने मेरी गांड पर एक चिकोटी काट दी जिससे मैं उछल पड़ी ।



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फिर मम्मी जी बोली क्या हुआ मोना तो मैंने उन्हें कहा मम्मी जी लगता है चींटी थी , मम्मी जी बोली मोना तुम ये आलू और टमाटर थैले में डालो तब तक मैं कद्दू देखती हूँ ।


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मैं मन ही मन बोलने लगी मम्मी जी यहाँ एक गैर मर्द आपकी बहु की कद्दू जैसी गांड के पीछे पड़ा हुआ है और आपको कद्दू की पड़ी हुई है ।




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अब मैं आलू और टमाटर थैले में डालने लगी लेकिन वो आदमी तो जैसे हाथ धो कर मेरी गांड के पीछे पड़ गया था ।



वो बार बार मेरे बड़े बड़े चूतड़ों को बुरी तरह मसल रहा था , अब मैं अपना हाथ पीछे की तरफ लेजाकर उसे अपने से दूऱ करने लगी तो उसने मेरा हाथ पकड़ कर अपनी लुंगी के ऊपर से ही अपने लंड पर रख दिया ।

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अब मैंने झट से अपना हाथ आगे कर लिया - दोस्तों अब तो मैं चाह कर भी उसे कुछ नहीं बोल पा रही थी और वो मेरे चूतड़ों के साथ खिलवाड़ सा कर रहा था ।


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मुझे उसका लंड अपने चूतड़ों की दरार के बीच साफ़ साफ़ महसूस हो रहा था , लेकिन अब मुझे कुछ कुछ होने लगा था - मेरा शरीर ना चाहते हुए भी उसका साथ देने लगा था ।


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मेरी चूत अब गीली होने लगी थी , तभी वो मेरे कान में धीरे से फुसफुसाते हुए बोला मज़ा आ रहा है ना जानेमन , अगर पूरा मज़ा लेना चाहती है तो मेरे साथ साइड में चल ।




तभी मम्मी जी बोली मोना यहाँ कद्दू अच्छे नहीं है चलो और कही देख लेते है , अब मैं और मम्मी जी दूसरी तरफ आने लगी - तभी मैंने मम्मी जी को कहा मम्मी जी मैं यहाँ से बैंगन वगैरा खरीदती हूँ तब तक आप आगे कद्दू देखिये ।



अब मम्मी जी आगे चली गयी - दोस्तों उस आदमी ने मेरे अंदर की वासना जगा दी थी - मेरी चूत अब लंड लेने के लिए बुरी तरह मचलने लगी थी ।




मैं बहुत टाइम से नही चुदी थी - मैं मन ही मन बोल रही थी क्या सोच रही है मोना तू इतने टाइम से लंड के लिए तड़प रही थी - उस आदमी से चुदवा ले - वो आदमी अच्छे से तेरी चूत की आग ठंडी कर देगा ।



दोस्तों एक तरफ तो मेरा उस आदमी से चुदने का बहुत मन कर रहा था और दूसरी तरफ मुझे डर भी बहुत लग रहा था , मैं सोच रही थी की मैं ऐसे एक अंजान मर्द से कैसे चुदवा सकती हूँ अगर किसी ने मुझे देख लिया तो मेरी और मेरे परिवार की कितनी बदनामी होगी।



लेकिन दोस्तों धीरे धीरे करके मेरी चूत की आग मेरे दिमाग पर हावी होती जा रही थी अब मैंने फैसला कर लिया था की मैं उस आदमी से चुदवा ही लेती हूँ जो होगा वो देखा जाएगा ।




इतने में वो आदमी मेरे पास आ गया और वो मुझसे बोला सोच क्या रही है - मुझे पता है तू बहुत प्यासी है , चल आजा मेरे साथ कसम से तुझे बहुत मज़ा दूंगा , मैं चुप चाप खड़ी थी मेरी तो कुछ बोलने की हिम्मत ही नहीं हो रही थी तभी वो आदमी मेरा हाथ पकड़ते हुए बोला सोच क्या रही है - नहीं चलना क्या ।



तभी मैंने उसे कहा मेरी सास मेरे साथ में है मैं अभी नही आ सकती - वो बोला अपनी सास को बहाने से घर भेज दे - मैं तेरा इंतज़ार कर रहा हूँ , मैं बोली किसी को कुछ पता तो नहीं चलेगा ना - वो बोली तू चिंता क्यों कर रही है किसी को कुछ पता नहीं चलेगा ।



अब मैंने उसे कहा ठीक है मैं अपनी सास को घर भेज कर आती हूँ ।




उस आदमी से बात करते वक़्त मुझे उसके मुँह से काफी गन्दी बदबू आ रही थी शायद वो गुटका खा रहा था , फिर मैं अपनी मोटी गांड हिलाते हुए मम्मी जी के पास जाने लगी - दोस्तों मुझे बहुत डर लग रहा था - मैं सोच रही थी की मैं मम्मी जी से झूठ कैसे बोलूं कही उन्हें मेरे ऊपर शक हो गया तो ।




फिर मैं हिम्मत करके मम्मी जी के पास गयी और मैंने उन्हें कहा मम्मी जी और कुछ भी लेना है क्या , मम्मी जी बोली नहीं बहु चलो घर चलते है , फिर मैंने उन्हें कहा मम्मी जी आप चलिए मुझे थोड़ा घर का सामान लेना है , मम्मी जी बोली मोना मैं भी तुम्हारे साथ चलती हूँ फिर हम साथ में ही घर चलेंगे , मैंने उन्हें कहा मम्मी जी आप घर जाकर रात के खाने की तयारियाँ करिये - मैं बस थोड़ी देर में आजाऊंगी ।




वैसे भी बाबू जी आपका इंतज़ार कर रहे होंगे , मम्मी जी बोली हाँ मोना तुम ठीक कह रही हो - मैं घर जाकर खाने की तयारियाँ करती हूँ तुम तो तुम्हारे बाबूजी को जानती ही हो , अगर खाना बनने में थोड़ी भी देर हो गयी तो वो आफत मचा देंगे , अब मैंने मम्मी जी को रिक्क्षा में बैठाकर घर भेज दिया और अब मैं उस आदमी को देखने लगी ।




तभी मैंने देखा वो आदमी मुझे अपने पीछे आने का इशारा कर रहा था , अब मैंने इधर उधर देखा और फिर मैं छुपते छुपाते उसके पीछे जाने लगी , दोस्तों मेरी चूत की आग मेरे ऊपर इतनी हावी हो चुकी थी की मुझे कुछ होश ही नहीं था की मैं क्या करने जा रही हूँ ।




अब वो आदमी मुझे कुछ छोटी छोटी गलियों के बीच में से एक बहुत ही तंग और सुनसान गली में ले आया , मैंने देखा वहाँ काफी अँधेरा था - वो गली दोनों तरफ से खुली हुई थी और वहाँ काफी कूड़ा भी पड़ा हुआ था जिसकी वजह से मुझे बहुत बदबू आ रही थी , मुझे डर तो बहुत लग रहा था लेकिन मेरे पूरे बदन में गर्मी इस तरह चढ़ी हुई थी की मैं कही पर भी चुदने के लिए तयार थी ।



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अब उस आदमी ने मुझे एक कोने में लेजाकर वहाँ की दीवार से मुझे सटा दिया , उसके बाद उसने अपने मुँह से अपना गुटका थूका और फिर वो बड़ी ही बेरहमी से मेरे होंठो को चूसने लगा ।


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मेरे होंठो को चूसने के साथ साथ वो मेरा पूरा बदन भी रगड़ रहा था , अब वो मुझसे कहने लगा आह साली आह क्या गरम माल है तू , मैं तो तुझे देखते ही समझ गया था की तू बहुत प्यासी है - साली बहन की लौड़ी मेरा मन तो कर रहा था की वही सबके सामने तेरी साड़ी खोल कर तेरी चूत में अपना लंड फँसा दूँ ।



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दोस्तों मुझे बहुत दिनों के बाद एक मर्द का स्पर्श मिला था तो मैं पूरी तरह गर्म हो गयी थी और मैं भी उसके होंठो को चूसते हुए उसका पूरा पूरा साथ दे रही थी , अब उसने धीरे धीरे करके मेरे ब्लाउज के बटन खोलने शुरू कर दिए और उसके बाद उसने मेरी ब्रा खोले बिना ही मेरे दोनों चूचे मेरी ब्रा से बहार निकाल लिए ।


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अब वो मेरी साड़ी के ऊपर से ही मेरी चूत मसलते हुए बारी बारी मेरी दोनों चूचियों को अपने मुँह में भरकर चूसने लगा , वो मेरी चूचियों को चूसने के साथ साथ हल्के हल्के मेरी चूचियों को काट भी रहा था जिससे मैं बहुत बुरी तरह सिसकारियाँ ले रही थी ।


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अब उसने मेरी साड़ी और मेरा पेटीकोट धीरे धीरे ऊपर करना शुरू कर दिया , जैसे ही वो मेरी साड़ी और मेरा पेटीकोट ऊपर लेकर आया तो उसे मेरी गुलाबी रंग की कच्छी और मेरी सेक्सी मांसल जाँघे साफ़ साफ़ दिखाई देने लगी , वो तो जैसे मेरी माँसल जांघो को देख कर पागल ही हो गया था ।



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अब वो अपने सक्त हाथो से मेरी जांघो को सहलाने लगा और फिर उसने पीछे से अपने हाथ मेरी कच्छी में घुसा दिए ।



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वो बहुत जोर जोर से मेरी गांड दबाते हुए बोल रहा था आह साली क्या मस्त मोटे और मुलायम चूतड़ है तेरे लगता है तू बहुत गांड मरवाती है ।




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मैं उसको बोल रही थी आह उफ्फ्फ आह धीरे करो आह दर्द हो रहा है , अब उसने मेरी कच्छी मेरे घुटनो तक कर दी और फिर वो मेरी चूत पर हाथ लगाते हुए बोला साली तेरी चूत तो बहुत पानी छोड़ रही है ।


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इतना बोलते हुए उसने अपनी दो उंगलियां मेरी चूत में घुसा दी और वो अपनी उंगलियों से मेरी चूत चोदने लगा , मैं बहुत बुरी तरह सिसकारियाँ लेते हुए बोल रही थी आह उफ्फ्फ आह उफ्फ्फ आह धीरे करो आह उफ्फ्फ आह ममममम , अब उसने मुझे नीचे बैठाकर अपनी लुंगी खोल दी - उसने अंडरवियर नहीं पहना हुआ था तो एक दम से उसका लंड मेरी आँखों के सामने आ गया ।



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उसके लंड को देखकर तो मैं डर ही गयी - उसका लंड तो शेरसिंह के लंड से भी लम्बा और मोटा था , उसका लंड एक दम काला था और उसके लंड पर काफी बड़ी बड़ी झाँटे थी ।



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फिर वो मेरे होंठो पर अपना काला लंड रगड़ने लगा - मुझे उसके लंड से बहुत बदबू आ रही थी लेकिन फिर भी मैंने उसका लंड अपने मुँह में डाल लिया और मैं मज़े से उसका लंड चूसने लगी , शेरसिंह का लंड चूस चूसकर मैं लंड चूसने की माहिर खिलाडी बन चुकी थी तो उस आदमी को मुझसे अपना लंड चुसवाने में बहुत मज़ा आ रहा था ।


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वो मुझे बोल रहा था आह बहन की लौड़ी चूस आह बहुत मज़ा आ रहा हैं आह उफ्फ्फ क्या मस्त लंड चूसती है तू आह उफ्फ्फ आह साली ऐसे ही चूस , अब उसने मेरे हाथ ऊपर करके मेरा ब्लाउज और मेरी ब्रा मेरे जिस्म से अलग कर दी ।


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मैं अब ऊपर से पूरी नंगी हो गयी थी और मेरी चूचियाँ तन कर पूरी तरह खड़ी हो गयी थी , मैं तो उस आदमी का लंड चूसने में इतनी मस्त हो गयी थी की मुझे तो कुछ होश ही नहीं था मेरे साथ क्या हो रहा है ।


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काफी देर तक वो आदमी मुझे अपना लंड चुसवाता रहा , फिर उसने मुझे खड़ी किया और वो मेरी साड़ी उतारने लगा , मैंने उसको कहा मेरी साड़ी क्यों उतार रहे हो ऐसे ही कर लो ना , वो बोला जानेमन तुझे नंगी करे बिना तेरी चुदाई करने में मज़ा नहीं आएगा ।



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मैंने उसे कहा नही मुझे शर्म आती है - वो बोला अब मुझसे किस बात की शर्म - तू मेरे सामने आधी से ज्यादा नंगी तो हो ही चुकी है फिर पूरी नंगी होने में क्यों शर्मा रही है ।



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दोस्तों मेरी चूत में लंड लेने की इतनी आग लगी हुई थी की मैं कुछ भी करने के लिए तयार थी , फिर मैंने उसे कहा ठीक है जो करना है जल्दी कर लो , अब उसने पहले मेरी साड़ी उतारी और उसके बाद उसने मेरे पेटीकोट का नाड़ा खोलकर मेरा पेटीकोट भी मेरे जिस्म से अलग कर दिया ।





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फिर मेरी कच्छी जो मेरे घुटनो तक थी - मैंने उसे खुद ही उतार दिया।


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अब रात हो गयी थी और आसमान में तारे टिमटिमाने लगे थे और इस चांदनी रात में मैं पूरी नंगी खुले आसमान के नीचे एक आदमी के साथ पूरी नंगी खड़ी थी ।




मेरे पैरो में मेरी हाई हील की सैंडिल के आलावा मेरे बदन पर कुछ भी नहीं था - मुझे बहुत शर्म आ रही थी और मैं शर्म से पानी पानी हो रही थी , तभी वो आदमी भी अपनी शर्ट उतार कर पूरा नंगा हो गया और उसके बाद वो अपने घुटनो पर बैठकर मेरी चूत चाटने लगा ।


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दोस्तों वो आदमी बहुत ही गंदे तरीके से मेरी चूत चाट रहा था जिससे मुझे बहुत मज़ा मिल रहा था - कभी शेरसिंह ने भी इस तरह मेरी चूत नहीं चाटी थी ।



अब उसने मुझे घुमाया और वो फिर वो मेरी गांड भी चाटने लगा , वो मेरी गांड की लकीर से होते हुए मेरी चूत तक अपनी जीभ फिरा रहा था , मैं अपने हाथो से अपने चूचे मसलते हुए बोल रही थी आह उफ्फ्फ आह मुझे और मत तड़पाओ आह अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है तुम जल्दी से मेरी चूत में अपना लंड डाल दो ।





फिर उसने मुझे सीधी किया और उसके बाद वो मेरी एक टांग उठाकर अपने हाथ पर रखते हुए मेरी चूत पर अपना लंड रगड़ने लगा , तभी मैं थोड़ी आगे को हुई जिससे उसके लंड का टोपा मेरी चूत में चला गया और फिर उसने एक जोरदार धक्का लगाकर अपना पूरा का पूरा लंड एक ही बार में मेरी चूत में उतार दिया ।




उसका लंड चूत में जाते ही मुझे एक अलग ही सुकून मिला - एक पल के लिए तो मुझे ऐसा लगा जैसे मैं जन्नत में पहुँच गयी हो , अब वो आदमी जोरदार धक्के लगाते हुए मेरी चूत मारने लगा ।





वो मेरी चूत मारते हुए कभी मेरे होंठो को चूम रहा था कभी वो मेरी चूचियां दबा रहा था तो कभी वो मेरी गांड दबा रहा था ।





मैं उसका साथ देते हुए बोल रही थी आह चोदो मुझे आह मैं बहुत टाइम से नहीं चुदी हूँ आह उफ्फ्फ आह मममम आह बहुत मज़ा आ रहा है , वो आदमी मेरी चूत में जोर जोर से धक्के लगाते हुए बोल रहा था ले बहन की लौड़ी ले - साली रांड बहुत आग है ना तेरी चूत में आह साली रंडी , कुछ देर तक ऐसे ही चोदने के बाद उसने मेरी चूत में लंड डाले डाले ही मुझे अपनी गोद में उठा लिया।




मैंने उसके गले में हाथ डालकर उसकी कमर को अपने पैरो से जकड़ रखा था , उसने मुझे मेरे बड़े बड़े चूतड़ों से पकड़ा हुआ था और वो मुझे अपने लंड पर उछाल उछाल कर मेरी चूत मार रहा था ।





अब हम दोनों की सिसकारियाँ तेज होने लगी और हम दोनों एक साथ झड़ गए , अब उसने मुझे अपनी गोद से उतारा और उसके बाद वो मेरे होंठो पर किस करने लगा , वो मेरे होंठो पर किस करते हुए बोल रहा था आह मज़ा आ गया आह ऐसा मज़ा मुझे आज तक नहीं मिला ।




अब मैंने अपनी कच्छी से अपनी चूत साफ़ की और फिर मैं अपने कपड़े उठाने लगी तो वो बोला कपड़े क्यों पहन रही है , मैंने कहा अब क्या बाकी रह गया है - तुमने मुझे चोद तो लिया - इससे पहले कोई यहाँ आ जाए हमे यहाँ से चलना चाहिए ।





वो बोला जानेमन अभी तो मुझे तेरी गांड भी मारनी है - मैंने उसे कहा देखो मैं बहुत थक गयी हूँ और मुझे घर जाने में काफी देर भी हो रही है , तुम किसी और दिन मेरी गांड मार लेना मैं तुमसे वादा करती हूँ की मैं तुमसे गांड मरवाने जरूर आउंगी ।




वो बोला मुझे तो अभी तेरी गांड मारनी है - अगर तू नहीं मानेगी तो मुझे तेरे साथ जबरदस्ती करनी पड़ेगी , मैंने उसे कहा ये तुम क्या बोल रहे हो तभी वो बोला मान जा ना इतने नखरे क्यों दिखा रही है , बस थोड़ी देर की ही तो बात है , मैं समझ गयी थी की ये कमीना बिना मेरी गांड मारे मुझे यहाँ से नहीं जाने देगा ।




अब मैं अपने घुटनो पर बैठ गयी और उसका लंड चूसने लगी , अभी कुछ देर पहले ही उसका लंड झड़ा था तो उसका लंड बिलकुल मुरझाया हुआ था , फिर मैं उसका लंड चूस चूस कर फिर से खड़ा करने लगी ।




अब मैं उसका लंड अपने बड़े बड़े मम्मो के बीच रगड़ते हुए चूस रही थी जिससे कुछ ही देर में उसका लंड फिर से तन गया , अब मैं एक दीवार से सट कर अपनी गांड बहार की तरफ निकालके अपनी टाँगे चौड़ी करके खड़ी हो गयी , फिर वो मेरी गांड को चाटने लगा - काफी देर तक वो मेरी गांड को चाटता रहा ।




उसने मेरी गांड चाट चाट कर पूरी गीली कर दी थी - उसने मेरी गांड के छेद को अपने थूक से पूरा भर दिया था , अब उसने अपने लंड को मेरी गांड से सटाया और उसके बाद उसने मेरी गांड में अपना लंड डालकर मेरी गांड मारनी शुरू कर दी ।





मैं बहुत टाइम बाद अपनी गांड मरवा रही थी तो मेरी गांड का छेद बहुत टाइट हो गया था इसलिए मुझे मीठा मीठा दर्द हो रहा था , वो लगातार मेरी गांड में धक्के लगा रहा था और मैं उसका भरपूर साथ दे रही थी , मेरी गांड मारते हुए वो कभी मेरी गांड पर थप्पड़ लगा रहा था तो कभी वो मेरी गांड को जोर जोर से दबा रहा था ।




फिर वो मेरे होंठो को चूसते हुए मेरे मम्मे और मेरी चूत भी सहलाने लगा , वो मेरी गांड में जोरदार धक्के लगाते हुए मेरी चूत को अपनी उंगलियों से चोद रहा था ।




तभी मैं उसका हाथ अपनी चूत से दूऱ करते हुए उसको कहने लगी आह छोड़ो मुझे आह मुझे पेशाब आ रहा है लेकिन उसने मेरी चूत से अपना हाथ नहीं हटाया , वो लगातार अपनी उंगलियों से मेरी चूत चोदता रहा , तभी मुझसे कण्ट्रोल नहीं हुआ और मेरा पेशाब निकलने लगा ।




मेरे पेशाब के साथ साथ मेरी चूत भी झड़ गयी और मैं बहुत तेज चिल्लाते हुए आह उफ्फ्फ आह ममम आह ममममम आह ऊऊफफफ आह की आवाज़े निकालने लगी ।



अब मैं थक कर अपने घुटनो पर आ गयी तो उसने मुझे कुतिया बनाकर मेरी गांड मारनी चालु रखी , फिर कुछ देर तक मेरी गांड मारते मारते उसने अपने लंड का पानी मेरी गांड में ही निकाल दिया और अब वो मुझसे अपना लंड चटवा चटवा कर साफ़ करवाने लगा ,अब उसने झट से अपनी लुंगी और टी शर्ट पहन ली और अब मैं भी अपने कपड़े समेटने लगी ।




तभी उसने मुझसे मेरा नाम पूछा और फिर वो मुझसे मेरा फ़ोन नंबर माँगने लगा , मैंने उसे अपना नाम तो बता दिया लेकिन मुझे पता था की अगर मैंने इसे अपना फ़ोन नंबर दे दिया तो ये मुझे हररोज़ परेशान करेगा इसलिए मैंने उसे गलत नंबर दे दिया ।





अब मैं भी उससे उसका नाम पता पूछने वाली थी की हमे उस गली के बहार से कुछ लोगो की आवाज़ सुनाई दी , शायद कुछ लोग गली के बहार से बात करते हुए जा रहे थे , अब वो आदमी मुझे वैसी ही नंगी हालत में छोड़ कर वहाँ से निकल गया ।


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मैंने उसे कहा रुको कहाँ जा रहे हो मैं भी चल रही हूँ लेकिन वो मेरी एक भी बात सुने बिना ही वहाँ से निकल गया ।



दोस्तों अब मैं एक साइड में छुप गयी और एक और बार मेरा पेशाब निकल गया , पहले चुदने की वजह से मेरा पेशाब निकला था लेकिन अब डर की वजह से मेरा पेशाब निकल रहा था ।



मुझे बहुत डर लग रहा था की कही कोई मुझे यहाँ इस हालत में ना देख ले , फिर मैंने जल्दी से बिना ब्रा कच्छी और पेटीकोट के ही अपना ब्लाउज और अपनी साड़ी पहनी , उसके बाद मैं चुप चाप अपने घर आ गयी ।



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दोस्तों आज अपनी वासना के चलते मैंने एक ऐसे आदमी से अपनी जवानी लुटवाई थी जिसका मैं नाम तक नहीं जानती थी ।




दोस्तों क्या सच में किसी ने मुझे उस अनजान मर्द से चुदते हुए नहीं देखा था या फिर देख लिया था ।




कही मैंने थोड़े से मज़े के चक्कर में कोई नयी मुसीबत तो मोल नहीं ले ली थी , ये सब आपको इस कहानी के अगले भाग में पता चलेगा तब तक के लिए बने रहिये हमारे साथ।





CONTINUE...........



NEXT UPDATE SOON.........
 

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Nidhi.agrawal
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Update - 6



Writer - Nidhi Agrawal



कहानी में आगे ..........











आपने मेरी पिछली कहानी में तो देखा ही था की कैसे जब मैं मम्मी जी के साथ बाजार में सब्जी लेने गयी थी तो वहाँ एक अधेड़ उम्र के आदमी ने मुझे छेड़ना शुरू कर दिया था , फिर मैंने मम्मी जी को घर भेज दिया और उसके बाद मैं उस आदमी के साथ एक सुनसान सी गली में चली गयी , वहाँ उस आदमी ने मुझे पूरी नंगी करके मेरी खूब अच्छे से चुदाई की , पहले उसने मेरी चूत चोदी और फिर उसने मेरी गांड की भी जमकर चुदाई की , उसने इतने जबरदस्त तरीके से मेरी गांड मारी की उससे गांड मरवाते वक़त मेरा पेशाब भी निकल गया था , वो आदमी मुझे चोद कर चला गया - फिर मैं भी बिना ब्रा कच्छी और पेटीकोट के ही अपनी साड़ी और अपना ब्लाउज पहन कर अपनी गांड हिलाते हुए अपने घर आ गयी ।






जैसे ही मैं घर आयी तो मम्मी जी बोली अरे बहु तुमने तो आने में बहुत देर लगा दी - फिर वो मेरे खाली हाथ देखते हुए बोली क्या हुआ सामान नहीं मिला क्या ।




मैंने कहा नहीं मम्मी जी वो कुछ पसंद ही नहीं आया , मम्मी जी बोली कोई बात नहीं फिर किसी दिन ले आना , अब तुम खाना खा लो - मैंने खाना बना दिया है , मैंने उनसे पूछा मम्मी जी बाबू जी ने खाना खा लिया क्या , वो बोली हाँ उन्होंने तो कब का खाना खा लिया , अब वो अपने कमरे में आराम कर रहे है ।





फिर मैंने भी खाना खाया और फिर मैं अपने कमरे में चली गयी , दोस्तों आज बहुत दिनों बाद मुझे लंड मिला था तो मेरे चेहरे पर एक अलग ही ख़ुशी थी , मुझे ऐसे एक सुनसान गली में एक अनजान आदमी से चुदने में डर तो बहुत लगा था लेकिन मुझे मज़ा भी बहुत आया था ।




अब मैं बाथरूम में जाकर नहायी और उसके बाद मैं नंगी ही उस आदमी के बारे में सोचते हुए बिस्तर पर लेट गयी ।




दोस्तों मुझे बहुत शर्म आ रही थी - मैं मन ही मन खुद को बोल रही थी मोना कितनी कमीनी है तू - तुझे कोई शर्म है या नहीं , कमीनी तू अपनी चूत की प्यास मिटाने के चक्कर में एक राह चलते अनजान आदमी से चुद गयी ।



साली अगर वहाँ कोई तुझे देख लेता तो , बस यही सब सोचते हुए मुझे नींद आ गयी ।




दोस्तों अब इस बात को करीब एक हफ्ता बीत गया था लेकिन जब भी मैं उस रात के बारे में सोचती थी तो मेरी कच्छी गीली हो जाती थी।




फिर एक बार की बात है जब दोपहर के वक़्त मैं अपनी एक सहेली के घर से अपने घर आ रही थी - उस समय रोड काफी सुनसान थे , तभी एक अनजान आदमी मेरे पास आया और वो बीच सड़क पर ही मेरी गांड दबाते हुए मुझसे कहने लगा कैसी है मोना ।



अब मैं डर गयी और उसके बाद मैंने उसे अपने से दूऱ करते हुए कहा छोड़ो मुझे - कौन हो तुम और तुम मेरा नाम कैसे जानते हो , मैंने देखा वो एक लम्बा चौड़ा आदमी था - लेकिन उसकी उम्र काफी ज्यादा थी - वो देखने में करीब ५० -५५ साल के आस पास का लग रहा था ।



वो बोला मोना तू घबरा क्यों रही है - तुझे मुझसे डरने की कोई जरुरत नहीं है , मेरा नाम बब्बन है और यही पास में ही मेरी पंचर की दुकान है , इतना बोलते हुए वो मेरा हाथ पकड़ने लगा तो मैंने उसे कहा छोड़ो मेरा हाथ नहीं तो मैं शोर मचा दूंगी ।



अब उसने अपना फ़ोन निकाला और उसके बाद वो अपने फ़ोन में मुझे कोई वीडियो दिखाने लगा ।



उस वीडियो को देखते ही तो मेरी गांड फट गयी और मुझे ऐसा लगा जैसे अभी मेरा पेशाब निकल जाएगा ।



दोस्तों ये उसी दिन की वीडियो थी जब मैं उस सुनसान गली में पूरी नंगी होकर उस अनजान आदमी से चुद रही थी ।




मतलब उस दिन जब मैं चुद रही थी तो ये आदमी वही मौजूद था , फिर भी मैंने उसको कहा आपके पास ये वीडियो कहाँ से आयी ये मैं नहीं हूँ - ये मेरे जैसी दिखने वाली कोई और औरत है ।





वो बोला अच्छा तो ये तू नहीं है - फिर तो मैं ये वीडियो सबको दिखा देता हूँ ।



अब मैं डर गयी और उसको कहने लगी प्लीज ऐसा मत करना - बोलो तुम्हे क्या चाहिए - तुम्हे जितने पैसे चाहिए मैं उतने पैसे दे दूंगी लेकिन प्लीज ये वीडियो डिलीट कर दो ।



वो आदमी बोला साली जब उस दिन तू चुद रही थी तब मैं वही पर था - मैंने सब देखा था तू कैसे उस आदमी के लंड पर उछल उछल कर उसे खूब मज़े दे रही थी - साली बहुत आग है ना तेरी चूत में ।



अब मैंने उसे कहा अगर आप बोलोगे तो मैं आपको भी खूब मज़े दूंगी लेकिन प्लीज मेरी ये वीडियो डिलीट कर दो ।



अगर किसी ने मेरी ये वीडियो देख ली तो मैं किसी को मुँह दिखाने के लायक नहीं रहूंगी , अब वो मुझे अपनी बाहो में लेकर मेरे होंठो को चूमते हुए बोला मोना तेरे मज़े तो मैं ले ही लूंगा लेकिन मैं तेरी सास की चुदाई करना चाहता हूँ ।




मैं तेरी सास से बहुत प्यार करता हूँ - मैं काफी सालो से उसे चाहता हूँ - अब तू अपनी सास को पटवाने में मेरी मदद करेगी ।



मैंने उसे कहा बब्बन जी ये आप क्या बोल रहे है - मम्मी जी बहुत शरिफ और संस्कारी औरत है - वो आपसे चुदने के लिए कभी भी राज़ी नहीं होंगी ।




आप मुझे चोद लीजिये - आप मुझे जब कहोगे जहाँ कहोगे मैं आपसे चुदवाने के लिए आ जाऊँगी ।




तभी वो बोला तेरी तो चुदाई मैं करूँगा ही लेकिन तेरी सास ने मुझे अपने जिस्म का दीवाना बना रखा है - कसम से बहुत सालो से उसे पटाने की कोशिश में लगा हुआ हूँ - अब मैं तेरे ज़रिये तेरी सास की चुदाई करूँगा ।



इतना बोलते हुए वो मेरी साड़ी के ऊपर से ही मेरी चूत मसलने लगा , मैंने उसे कहाँ प्लीज यहाँ ये सब मत करो कोई देख लेगा तो मेरी बहुत बदनामी होगी ।



फिर बब्बन बोला बता मोना अपनी सास को चुदवाने में मेरी मदद करेगी ना - मैंने उसे कहा देखो ज़िद मत करो वो नहीं मानेगी ।



फिर बब्बन बोला वो नहीं मानेगी तो मैं तेरी ये वीडियो सबको दिखा देता हूँ , फिर दुनिया वाले एक रंडी बहु की सास को खुद मा खुद रंडी बना देंगे ।




मैंने कहा नहीं ऐसा मत करना मैं मम्मी जी को आपसे चुदवाने की पूरी कोशिश करुँगी , फिर बब्बन बोला ये हुई ना बात चल अब मेरी दुकान पर चल मुझे अभी तेरी चूत मारनी है ।




मैंने कहा प्लीज अभी नहीं - अभी मम्मी जी और बाबूजी घर पर मेरा इंतज़ार कर रहे होंगे , मैं शाम को आ जाऊँगी , बब्बन बोला देख चूत तो मैं तेरी शाम को मार लूंगा लेकिन मेरा लंड पूरा तना खड़ा है एक बार इसे चूस कर इसका पानी तो निकाल दे ।



मैंने सोचा ये मुझे अपना लंड चुसवाये बिना नहीं मानेगा तो जल्दी से इसका लंड चूस कर इसके लंड का पानी निकाल ही देती हूँ ,अब मैंने बब्बन को हाँ कह दिया और फिर वो मुझे एक बड़े से पेड़ के पीछे ले गया , वहाँ ले जाकर उसने अपना पजामा खोलकर अपना लंड बहार निकाला तो मैंने देखा उसका लंड भी शेरसिंह के लंड की तरह काफी मोटा और लम्बा था ।



अब मैं सोचने लगी सभी मर्दो के लंड कितने मोटे और लम्बे है बस एक मेरे पति का लंड ही छोटा और पतला सा है ।



फिर बब्बन बोला मोना सोच क्या रही है चल जल्दी से मेरा लंड अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर , अब मैंने उसका लंड अपने होंठो पर रगड़ते हुए अपने मुँह में डाल लिया और फिर मैं उसके लंड को अपने मुँह में भरकर चूसने लगी ।



मैं उसके लंड को अपने मुँह में पूरा अंदर बहार कर रही थी और बीच बीच में मैं उसके लंड के टोपे पर अपनी जीभ भी फिरा रही थी जिससे उसे बहुत मज़ा मिल रहा था ।




बब्बन मुझे अपना लंड चुसवाते हुए बोल रहा था आह साली चूस आह उफ्फ्फ आह साली क्या मस्त लंड चूसती है तू आह उफ्फ्फ्फ़ आह बहुत मज़ा आ रहा है , ऐसे ही करीब २० मिनट तक मैं उसका लंड चूसती रही - फिर उसने अपने लंड का पानी मेरे मुँह में ही गिरा दिया जिसे मैं पूरा पी गयी ।




अब मैं खड़ी हुई और फिर वो अपने पजामे का नाड़ा बंद करते हुए बोला सुन मोना ये ले मेरी दुकान का कार्ड अगर तू शाम को ५ बजे तक मेरी दुकान पर नहीं आयी तो मैं सीधा तेरे घर पहुँच जाऊँगा ।



मैंने कहा नहीं नहीं बब्बन जी ऐसा मत करना मैं ५ बजे से पहले ही आपकी दुकान आ जाऊँगी , अब मैं अपने घर आने लगी और घर आते वक़त मैं बस यही सोच रही थी मोना ये तू कहाँ फँस गयी - क्या अब तुझे एक पंचर बनाने वाले से भी चुदना पड़ेगा ।



मैं अपने आप को गाली देते हुए बोल रही थी बहन की लौड़ी मोना कहाँ कहाँ अपना मुँह काला करवाएगी तू , फिर मैं घर आयी तो मैंने देखा उसी वक़्त मम्मी जी नहा कर बहार निकली थी ।



उस टाइम मम्मी जी ने ब्लाउज और पेटीकोट पहन रखा था - मैंने देखा मम्मी जी का पेटीकोट उनके बड़े बड़े चूतड़ों की दरार में बुरी तरह फँसा हुआ था , मतलब मम्मी जी ने कच्छी नहीं पहनी हुई थी - मम्मी जी के दोनों चूतड़ बहुत तेज तेज ऊपर नीचे हिल रहे थे ।




मम्मी जी का शरीर पूरा गीला था कसम से वो स्वर्ग से उतरी हुयी अप्सरा लग रही थी , मुझे देखते ही मम्मी जी बोली अरे मोना आ गयी तुम - मैंने कहा हाँ मम्मी जी , अब मैं ऊपर अपने कमरे में आ गयी लेकिन बार बार मैं मम्मी जी के बारे में ही सोच रही थी ।





मैं सोच रही थी की मम्मी जी अभी भी कितनी जवान है और कितना सैक्सी जिस्म है उनका , अब मेरी आँख लग गयी और फिर मेरी आँख खुली और मैंने घडी में टाइम देखा तो साढ़े चार बज रहे थे , तभी मुझे याद आया की मुझे उस पंचर वाले के पास भी तो जाना है , अगर मैं टाइम पर उसके पास नहीं पहुंची तो कही वो यहाँ ना आ जाए , तभी मैं नहा कर तयार होने लगी - दोस्तों आज फिर एक गैर मर्द से मेरी चुदाई होने वाली थी , मैंने नहा कर एक सैक्सी सी ट्रांसपरेंट साड़ी और एक स्लीवलेस ब्लाउज पहन लिया ।



अब मैंने थोड़ा मेकअप वगेरा किया और उसके बाद मैं नीचे आ गयी ।



तभी मम्मी जी मुझे देखते हुए बोली मोना बहु तुम कही जा रही हो क्या , तभी मैंने कहा हाँ मम्मी जी वो मैं अपनी कुछ सहेलियों के साथ शॉपिंग पर जा रही हूँ - दो तीन घंटे तक आ जाउंगी ।



मम्मी जी बोली ठीक है बहु लेकिन आराम से जाना और अपना ख्याल रखना , अब मैं बब्बन के बताये हुए पते पर जाने लगी - मैं किसी तरह पूछते पाछते बब्बन की दुकान पर पहुंच गयी , मैंने देखा वहाँ बब्बन एक टायर में पंचर लगा रहा था , मुझे देखते ही उसके मुँह में पानी आ गया और फिर उसने मुझे दुकान के पीछे जाने का इशारा किया , अब मैं उसकी दुकान के पीछे चली गयी , मैंने देखा उसकी दुकान के पीछे एक छोटा सा कमरा था शायद वो वही रहता था , वहाँ पर एक चार पाई बिछी हुई थी - मैं उस चार पाई पर अपनी मोटी गांड टिका कर बैठ गयी ।




फिर थोड़ी देर बाद बब्बन भी वहाँ आ गया , मैंने उसे देखते ही नमस्ते कहा तो उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपनी बाहो में ले लिया और फिर वो मुझसे बोला मोना मैं तेरा ही इंतज़ार कर रहा था , साली आज तो तू बहुत सैक्सी लग रही है और तेरी सास शकुंतला कैसी है ।



मैंने कहा बब्बन जी बिलकुल ठीक है , अब बब्बन मेरे होंठो को चूसने लगा , उसने मेरे होंठो को चूसते हुए मेरी साड़ी और मेरा पेटीकोट मेरे चूतड़ों तक उठा दिया , फिर वो मेरी कच्छी के ऊपर से ही मेरी मोटी गांड मसलते हुए कहने लगा आह मोना आह साली क्या मस्त गांड है तेरी ।



अब वो मुझे अपने ऊपर लेकर चार पाई पर लेट गया और उसके बाद वो मेरे मुँह और मेरी गर्दन को चूमते हुए मेरे पुरे जिस्म को सहलाने लगा , मैं भी पूरी तरह गर्म हो गयी थी तो मैं भी उसका पूरा पूरा साथ दे रही थी ।



अब उसने मुझे खड़ी किया और फिर वो मेरे कपड़े उतारने लगा , उसने मेरा एक एक कपड़ा उतार कर मुझे पूरी नंगी कर दिया और उसके बाद वो खुद भी पूरा नंगा हो गया ।




अब उसने मुझे चार पाई पर लिटाया और उसके बाद वो मेरी टाँगे चौड़ी करके मेरी चूत चाटने लगा , बब्बन मेरी चूत चाट रहा था और मैं अपने हाथो से अपने मम्मे मसलते हुए बोल रही थी आह बब्बन जी आह चाटो आह मेरी चूत चाटो आह बहुत मज़ा आ रहा है आह उफ्फ्फ आह उफ्फ्फ आह ममम आह ।




अच्छे से मेरी चूत चाटने के बाद बब्बन ने मेरी दोनों टाँगे उठाकर अपने कंधो पर रखी और उसके बाद उसने एक जोरदार धक्का लगा कर अपना पूरा का पूरा लंड एक ही बार में मेरी चूत में घुसा दिया ।





फिर बब्बन बोहत तेज तेज धक्के लगाते हुए मेरी चूत मारने लगा , वो मेरी चूत मारते हुए बार बार मम्मी जी का नाम ले रहा था - वो बोल रहा था आह शकुंतला आह उफ्फ्फ आह मेरी बीवी आह उफ्फ्फ आह बहुत मज़ा आ रहा है उफ्फ्फ आह ।




करीब २० मिनट तक मेरी चूत मारने के बाद उसने मेरी चूत से अपना लंड बाहर निकाला और फिर वो मुझे अपना लंड चुसवाने लगा ।




मैं अपने घुटनो पर बैठकर मस्ती में उसका लंड चूस रही थी और वो मुझे गालियां देते हुए बोल रहा था चूस साली रंडी अच्छे से मेरा लंड चूस तेरी सास को भी मैं ऐसे ही अपना लंड चुसवाऊँगा - चूस बहन की लौड़ी चूस , मुझे अच्छे से अपना लंड चुसवाने के बाद बब्बन ने मुझे कुतिया बनाकर अपना लंड मेरी गांड में पेल दिया और फिर वो मेरी गांड मारने लगा ।



ऐसे ही बब्बन कभी मेरी गांड मार रहा था - कभी वो मेरी चूत मार रहा था तो कभी वो मुझे अपना लंड चुसवा रहा था , ऐसे ही करीब दो घण्टे तक उसने अच्छे से और खूब जमकर मेरी चुदाई की , इन दो घंटो में बब्बन ने मुझे ५ बार झड़वा दिया था और वो खुद सिर्फ दो बार ही झड़ा था ।




सच में बब्बन ने मुझे चोद चोद कर मेरे शरीर का पुर्ज़ा पुर्ज़ा ढीला कर दिया था - मैं और वो पूरा पसीना पसीना हो गए थे ।



मैं उसके साथ चारपाई पर पूरी नंगी लेटी हुई थी और वो मेरे होंठो को चूमते हुए बार बार मेरे चूचों को मसल रहा था , फिर वो मुझसे बोला मोना बहुत मज़ा आया - कसम से बहुत मज़ा दिया तूने , तेरा पति तो चूतिया है जो तेरी जैसी इतनी माल बीवी को अकेली छोड़ कर कई कई महीने तक दूसरे शहरों में घूमता रहता है ।




मैंने कहा मेरे पति को मेरी कोई परवाह नहीं है इसीलिए तो मुझे अपनी चूत की आग शांत करने के लिए गैर मर्दो का सहारा लेना पड़ता है ।



फिर मैंने उससे पूछा बब्बन जी आप मेरे परिवार के बारे में सब जानते है क्या - बब्बन बोला हाँ मोना मैं सब जानता हूँ , उसके बाद बब्बन बोला मोना तू ये सब छोड़ तू तो बस इतना बता तू अपनी सास की चूत कब दिलवा रही है ।




मैंने कहा बब्बन जी मैं कैसे दिलवाऊंगी - मुझे इन सब में नहीं पड़ना - वैसे भी मुझे घर जाने में देरी हो रही है , इतना बोलते हुए मैं उठी और अपने कपड़े पहनने लगी , तभी बब्बन मेरा हाथ पकड़ कर मुझे फिर से अपने साथ लिटाते हुए बोला देख मोना जब तक तू मुझे अपनी सास की चूत दिलवाने का वादा नहीं करेगी तब तक मैं तुझे यहाँ से नहीं जाने दूंगा , मैंने उसे कहा आप ज़िद क्यों कर रहे हो - मैं ये सब नहीं कर सकती , फिर बब्बन बोला देख मोना मुझे वो सब नहीं पता , अगर तू मुझे अपनी सास की चूत नहीं दिलवाएगी तो मैं तेरी सास को तेरी वो वीडियो दिखा कर उसे ब्लैकमेल करूँगा और फिर मैं जमकर उसकी चुदाई करूँगा ।




बब्बन की ये बात सुनकर मैं डर गयी और मैंने उसको कहा नहीं नहीं ऐसा मत करना - मैं कोशिश करुँगी , अब बब्बन खुश होते हुए बोला ये हुई ना बात और इतना बोलते हुए वो मेरे होंठो को किस करने लगा , तभी मैंने उसको कहा देखो बब्बन जी मैं पूरी पूरी कोशिश करुँगी लेकिन इन सब में मेरा नाम नहीं आना चाहिए ।




बब्बन बोला तू चिंता क्यों कर रही है मेरी जान तेरा नाम कही नहीं आएगा , अब मैं खड़ी हुई और अपने कपड़े पहनने लगी , अपने कपड़े पहन कर मैं अपने घर आ गयी लेकिन पुरे रास्ते मैं बस यही सोच रही थी की मेरी चुदाई तक तो ठीक था लेकिन मैं उस कमीने को मम्मी जी की चूत कैसे दिलवाऊंगी ।



कही कुछ गड़बड़ हो गयी तो - मैं उसे मना भी नहीं कर सकती थी क्युकी मेरी चुदाई की वीडियो उसके पास थी , इसी तरह के ख्याल बार बार मेरे मन में आये जा रहे थे , मैं घर आयी तो मम्मी जी मुझसे बोली बहु कैसी रही तुम्हारी शॉपिंग , मैंने कहा मम्मी जी मुझे तो कुछ पसंद ही नहीं आया - सब चीज़ो के रेट कितने बढ़े हुए है , मम्मी जी बोली हाँ मोना महंगाई तो काफी बढ़ी हुई है लेकिन तुम्हे जो कुछ भी खरीदना हो तुम खरीद लेना - तुम पैसो की बिलकुल भी चिंता मत करना , इतना बोलते हुए मम्मी जी ने तिजोरी की चाबी मेरे हाथ में दे दी , अब मैंने उन्हें कहा मम्मी जी इसकी कोई जरुरत नहीं है - इन चाबियों पर तो आपका ही हक़ है ।




मुझे जब भी पैसो की ज़रूरत होगी मैं आपसे माँग लुंगी , फिर मम्मी जी बोली मोना तुम मुझसे पैसे माँगने में बिलकुल भी मत शर्माना - तुम मेरी बहु नहीं बल्कि मेरी बेटी जैसी हो , अब बाबूजी मम्मी जी को आवाज़ देते हुए बुलाने लगे तो मम्मी जी बोली मोना तुम्हारे बाबूजी मुझे बुला रहे है - मैंने खाना बना दिया है तुम खा लेना , इतना बोलकर मम्मी जी अपने कमरे में चली गयी , अब मैं खाना खाने लगी लेकिन खाना खाते वक़्त मैं बस यही सोच रही थी की मम्मी जी कितनी अच्छी है - वो मेरा कितना ख्याल रखती है - वो मुझे अपनी बहु नहीं बल्कि अपनी बेटी समझती है ।




मैं उन्हें एक गैर मर्द से कैसे चुदवा सकती हूँ , खाना खाने के बाद मैं अपने कमरे में आ गयी और सोने की कोशिश करने लगी लेकिन बार बार मम्मी जी का मासूम चहरा मेरी आँखों के सामने आ रहा था ।



दोस्तों अब तो मैं अकसर ही बब्बन से उसकी दुकान पर चुदवाने जाने लगी थी - मैं कोई ना कोई झूठा बहाना बनाकर बब्बन की दुकान पर जाती थी और उससे खूब चुदवाती थी - बब्बन मम्मी जी का नाम लेते हुए मुझे पूरे जोश में चोदता था , लेकिन वो बार बार मुझे मम्मी जी को चुदवाने के लिए बोलता रहता था तो मैंने उसकी दुकान पर जाना बंद कर दिया - अब मैं उसका फ़ोन भी नहीं उठाती थी ।



फिर एक दिन की बात है जब मैं बाज़ार से कुछ सामान लेकर आ रही थी तो उसने मुझे मेरे घर के पास ही एक साइड में दबोच लिया , अब वो गुस्से में बोला साली बहन की लौड़ी रांड बहुत भाव बढ़ गए है तेरे - साली एक तो तू इतने दिनों से मुझसे चुदने नहीं आयी और ऊपर से मेरा फ़ोन भी नहीं उठा रही है , मैंने उसे कहा आह ये क्या कर रहे हो आह छोड़ो मुझे - आह कोई देख लेगा , तभी वो मेरी साड़ी खींचते हुए बोला साली अभी तेरे सारे कपड़े उतार कर तुझे यही पूरी नंगी करता हूँ - जब तू पूरी नंगी अपने घर जायेगी तबं तुझे अपनी औकात का पता चलेगा ।





अब मैंने उसे रोकते हुए कहा प्लीज बब्बन जी ऐसा मत करिये - वो मैं घर के कामो में थोड़ी बिज़ी थी इसलिए आपका फ़ोन नहीं उठा पायी - प्लीज मुझे माफ़ कर दीजिये , मैं आज शाम को आपसे चुदवाने आ जाऊँगी लेकिन अभी मुझे जाने दीजिये - किसी ने मुझे यहाँ आपके साथ ऐसे देख लिया तो मुसीबत हो जायेगी ।



फिर बब्बन बोला साली तुझे तो मैं बहुत चोद चूका - तू ये बता तूने शकुंतला को मुझसे चुदवाने का कुछ इंतज़ाम किया या नहीं , मैंने कहा मैं बस कर ही रही हूँ लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा की मैं मम्मी जी को आपसे कैसे चुदवाऊं ।




अब बब्बन गुस्से में बोला साली रांड बहुत नखरे हो गए तेरे - मैं तुझे एक हफ्ता दे रहा हूँ अगर तूने शकुंतला को मुझसे चुदवाने का कोई इंतजाम नहीं किया तो मैं सरेआम सबके सामने तुझे पूरी नंगी कर दूंगा , फिर तू और तेरा पूरा परिवार किसी को मुँह दिखाने के लायक नहीं रहेगा ।




इतना बोलकर बब्बन वहाँ से चला गया और फिर मैं भी अपनी साड़ी ठीक करके अपने घर वापस आ गयी ।







दोस्तो अब क्या होगा क्या मैं उस कमीने बब्बन से मम्मी जी को चुदवा पाऊंगी , कही मम्मी जी को कुछ पता तो नही चल जाएगा ये सब आपको इस कहानी के अगले भाग में पता चलेगा।




CONTINUE...........



NEXT UPDATE SOON.........





 

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Update - 7



Writer - Nidhi Agrawal



कहानी में आगे ..........








नमस्कार दोस्तों , कैसे है आप सब मैं आपकी बड़ी गांडवाली मोना भाभी एक बार फिर से अपनी इस चुदाई कहानी में आपका बहुत बहुत स्वागत करती हूँ , आपने मेरी पिछली कहानी में तो देखा ही था की कैसे वो पंचर लगाने वाला दो कौड़ी का आदमी मेरी सैक्सी जवानी के खूब मज़े लूट रहा था , मैं अपने घर से कोई ना कोई बहाना बनाकर उसकी दुकान पर चली जाती थी और फिर वो मुझे पूरी नंगी करके जमकर मेरी चुदाई करता था , लेकिन अब कुछ टाइम से बब्बन मेरी सास को चोदने की कुछ ज्यादा ही ज़िद कर रहा था तो मैंने उसकी दुकान पर जाना बंद कर दिया था और अब मैं उसका फ़ोन भी नहीं उठाती थी , तभी एक दिन जब मैं बाजार से कुछ सामान लेकर आ रही थी तो उसने मुझे मेरे घर के पास पकड़ लिया और फिर उसने मुझे धमकी दी की अगर एक हफ्ते के अंदर मैंने मम्मी जी को उससे नहीं चुदवाया तो वो मुझे सरेआम पूरी नंगी करके मेरी और मेरे परिवार की इज़्ज़त मिटटी में मिला देगा ।








उसकी ये बात सुनकर मैं बहुत डर गयी थी - फिर जब मैं अपने घर आयी तो मैंने देखा मम्मी जी और बाबूजी आपस में कुछ बात कर रहे थे ।


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तभी मैं अपनी सास के पास गयी और मैंने उनसे पूछा क्या हुआ मम्मी जी कोई परेशानी है क्या , मम्मी जी बोली नहीं बहु परेशानी तो कोई नहीं है - बस मैं और तुम्हारे बाबूजी सोच रहे थे क्यों ना हम कोई दूसरी नौकरानी काम पर रख ले ।


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कोमल को गए हुए काफी टाइम हो गया है - पता नहीं अब वो काम पर आएगी भी या नहीं , उसका फ़ोन भी नहीं लग रहा है , दोस्तों मम्मी जी की ये बात सुनकर मेरे दिमाग में मम्मी जी को बब्बन से चुदवाने का एक आइडिया आया ।


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मैंने सोचा क्यों ना मैं बब्बन को नौकर बनाकर अपने घर ले आऊं - एक बार बब्बन हमारे घर आ गया तो मुझे मम्मी जी को उससे चुदवाने का कोई ना कोई मौका मिल ही जाएगा ।



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अब मैंने मम्मी जी को झूठ कह दिया की मम्मी जी मेरी आज सुबह ही कोमल से बात हुई थी - वो कह रही थी - वो १० - १५ दिन में आ जायेगी ।



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अब आगे मैंने मम्मी जी को कहा की वो कह रही थी की उसके एक काका यहाँ रहते है - जब तक वो नहीं आती तब तक वो हमारे घर पर काम करने आ जाएंगे , मेरी ये बात सुनकर मम्मी जी बोली बहु ये बात तुमने मुझे पहले क्यों नहीं बताई तो मैंने उन्हें कहा मम्मी जी ये बात मेरे दिम्माग से ही निकल गयी थी ।



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तभी बाबूजी बोले कोई बात नहीं बहु तुम कोमल के काका से फ़ोन पर बात कर लो और उन्हें कल से ही काम पर बुला लो ।


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मैंने उन्हें कहा ठीक है बाबूजी मैं अभी उनसे बात कर लेती हूँ , दोस्तों अब मैं अपने कमरे में गयी और फिर मैं बब्बन को फ़ोन करके उसे सारी बात बताने लगी ।



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मैंने उसे सब समझा दिया की कैसे उसे हमारी नौकरानी कोमल का काका बनकर हमारे घर में रहना होगा , बब्बन मम्मी जी को चोदने के लिए बहुत तड़प रहा था तो वो मम्मी जी की चुदाई करने के लिए हमारे घर का नौकर बनने के लिए राज़ी हो गया ।


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फिर अगले दिन करीब १० बजे बब्बन हमारे घर पर आ गया - उस वक़्त मम्मी जी और बाबू जी चाय पी रहे थे ।


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बब्बन मम्मी जी और बाबू जी को देखते ही बोला जी मेरा नाम बब्बन है और मैं कोमल का काका हूँ - कोमल ने आप लोगो से मेरे बारे में बात की होगी , तभी मम्मी जी बोली हाँ हाँ कोमल की बात मेरी बहु से हुई थी - आपको यहाँ काम करने में कोई दिक्कत तो नहीं है ना ।


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बब्बन बोला नहीं मालकिन मुझे कोई दिक्कत नहीं है - वैसे भी मेरी नौकरी छूट गयी है और मैं बहुत टाइम से नौकरी की तलाश में हूँ , अब मम्मी जी बोली ठीक है फिर मैं अभी अपनी बहु को बुलाती हूँ वो तुम्हे सारा काम समझा देगी , अब मम्मी जी मुझे आवाज़ देते हुए बुलाने लगी - मैं जैसे ही अपने कमरे से नीचे आयी तो बब्बन मुझे देखते ही खुश हो गया , दोस्तों बब्बन हमारे घर आ तो गया था लेकिन मैं अच्छे से जानती थी की मम्मी जी की चुदाई हो या ना हो लेकिन अब मेरी तो दिन रात चुदाई हुआ करेगी ।



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फिर मम्मी जी मुझसे बोली बहु कोमल के काका आ गए है तुम इन्हे सारा काम समझा दो , मैंने उन्हें कहा जी मम्मी जी मैं सबसे पहले इन्हे किचन का सारा काम समझा देती हूँ , तभी मम्मी जी बोली बहु तुम पहले इनसे अपने कमरे की सफाई करवा लो - तुम्हारे कमरे की सफाई हुए काफी टाइम हो गया है ।



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अब मैं बोली लेकिन मम्मी जी की तभी बब्बन एक दम से बोला मेमसाब आप मुझे अपना कमरा दिखा दीजिये मैं अभी आपके कमरे की अच्छी तरह सफाई कर देता हूँ ।


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दोस्तों मुझे पता था की अगर मैं इसके साथ अकेले अपने कमरे में गयी तो ये कमीना वहाँ जाते ही मुझे चोदना शुरू कर देगा ।


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लेकिन उस समय मैं कुछ बोल भी नहीं सकती थी की कही मम्मी जी को मेरे ऊपर कोई शक ना हो जाए , अब मैं बब्बन को अपने कमरे में ले आयी और उसके बाद वही हुआ जिसका मुझे डर था ।



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जैसे ही बब्बन मेरे साथ मेरे कमरे में आया तो उसने एक दम से मुझे उठाकर मेरे बेड पर पटक दिया और उसके बाद वो मेरे ऊपर आकर मेरे होंठो को बुरी तरह चूमने लगा ।



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मैं अब उसको अपने से दूर करते हुए कहने लगी आह छोड़ो मुझे आह ये क्या कर रहे हो - आपको मेरे साथ जो कुछ करना है रात में कर लेना , अब बब्बन मेरी साड़ी और मेरा पेटीकोट मेरी जांघो तक उठाते हुए बोला बहन की लौड़ी - अभी तो तू मेरे नीचे लेटी हुई है लेकिन कुछ ही दिनों में तेरी सास मेरे लंड के नीचे होगी ।


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इतना बोलते हुए बब्बन ने मेरे ब्लाउज के बटन खोलने शुरू कर दिए और फिर उसने एक एक करके मेरे सारे कपड़े उतार कर मुझे पूरी नंगी कर दिया ।




मुझे नंगी करने के बाद वो खुद भी पूरा नंगा हो गया और उसके बाद उसने मेरी चुदाई शुरू कर दी ।


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मेरे सास ससुर सोच रहे थे की मैं ऊपर अपने कमरे में बब्बन से सफाई करवा रही हूँ लेकिन उन्हें क्या पता था उनकी जवान बहु अपने ही कमरे में एक गैर मर्द का लंड ले रही है ।



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दोस्तों पहले बब्बन ने मुझे अच्छे से अपना लौड़ा चुसवाया और उसके बाद वो मुझे अपने लंड पर चढ़ा कर मेरी चूत मारने लगा , मैं उसके लंड पर उछलते हुए उसको बोल रही थी आह बब्बन जी आह उफ्फ्फ आह धीरे करो - मम्मी जी आ जाएंगी आह उफ्फ्फ आह धीरे करो आह।




मैं बब्बन को मुझे धीरे चोदने के लिए बोल रही थी लेकिन वो तो मेरी एक भी बात सुने बगैर मुझे जबरदस्त तरीके से चोदे जा रहा था ।



काफी देर तक वो मेरी चूत मारता रहा और उसके बाद वो मुझसे ही मेरे कमरे की सफाई करवाने लगा , मैं नंगी ही अपने कमरे में झाड़ू लगा रही थी और वो मुझसे बोल रहा था चल मोना अच्छे से सफाई कर एक भी कोना नहीं छूटना चाहिए ।





इतना बोलते हुए उसने मेरे पीछे आकर मेरी गांड में अपना लंड डाल दिया और फिर वो मेरी गांड मारते हुए मुझसे मेरे पूरे कमरे की सफाई करवाने लगा ।




दोस्तों अब तो ये रोज़ का ही हो गया था बब्बन को जब भी मौका मिलता था वो मुझे चोद देता था ।



वो घर का भी सारा काम मुझसे ही करवाता था - बब्बन रात में मेरे कमरे में आकर मेरे साथ ही सोता था और रातभर वो जमकर मेरी चुदाई करता था ।



बब्बन ने मुझे ब्रा कच्छी और पेटीकोट पहनने के लिए बिलकुल मना किया हुआ था ताकि उसे मुझे चोदने में आसानी हो ।




काफी बार तो बब्बन मौका पाकर मम्मी जी की ब्रा कच्छी में मुठ मार देता था और फिर वो मम्मी जी की ब्रा कच्छी पर गिरा हुआ अपने लंड का पानी मुझसे ही चटवा चटवा कर साफ़ करवाता था ।




कई बार तो मुझे बहुत डर भी लगता था की कही मम्मी जी को मेरे और बब्बन के रिश्ते के बारे में कुछ पता ना चल जाए , मैं बब्बन से चुद तो रही थी लेकिन बब्बन का असली शिकार तो मम्मी जी थी ।




मैंने कई बार देखा था बब्बन मम्मी जी के बड़े बड़े चूतड़ों को बहुत ही घूर घूर कर देखता था और वो हर वक़्त मम्मी जी को चोदने की फिराक में ही रहता था लेकिन उसे मम्मी जी की चुदाई करने का मौका ही नहीं मिल रहा था ।



फिर एक बार की बात है जब मेरे ससुर जी कुछ दिनों के लिए दूसरे शहर गए हुए थे दरसल हमारे एक रिश्तेदार के यहाँ शादी थी , मम्मी जी को भी साथ में जाना था लेकिन वो मुझे अकेला नहीं छोड़ना चाहती थी इसलिए मेरे ससुर जी अकेले ही चले गए थे




फिर अगले दिन सुबह जब मैं बब्बन के साथ किचन में काम कर रही थी तो तभी मम्मी जी वहां आयी और वो मुझसे बोली बहु मैं नहाने जा रही हूँ तुम किचन का काम देख लेना ।




मैंने उन्हें कहा ठीक है मम्मी जी , अब मम्मी जी जैसे ही अपने कमरे में गयी तो बब्बन भी उनके कमरे की तरफ जाने लगा , तभी मैंने उसको कहा बब्बन जी आप कहाँ जा रहे हो तो वो मुझसे बोला मोना मैं शकुंतला के कमरे में जा रहा हूँ - वो नहाने गयी है ना - मैं उसे नहाते हुए देखना चाहता हूँ ।




इतना बोलते हुए वो मम्मी जी के कमरे में घुस गया - दोस्तों मुझे तो बहुत डर लग रहा था - मेरे ससुर भी घर पर नहीं थे - मैं मन ही मन सोच रही थी पता नहीं ये कमीना आज क्या करने वाला है , फिर मैं भी बब्बन के पीछे पीछे मम्मी जी के कमरे में चली गयी , मैंने देखा बब्बन ने मम्मी जी के कमरे के बाथरूम के पास एक कुर्सी लगाई और उसके बाद वो उस कुर्सी पर खड़ा होकर ऊपर लगी खिड़की से अंदर झाँकने लगा , फिर उसने अपनी पैंट से अपना लौड़ा बहार निकाल लिया - अब वो अपना लौड़ा सहलाते हुए मम्मी जी के बाथरूम में झाँक रहा था ।





फिर उसने मुझे देखा तो वो मुझे अपने पास आने का इशारा करने लगा , मुझे बहुत डर लग रहा था तो मैंने अपना सर हिलाते हुए उसको मना कर दिया , तभी उसने मुझे गुस्से में आँख दिखाई तो मैं लड़खड़ाते हुए कदमो से उसके पास आ गयी ।




अब उसने मेरा हाथ पकड़ कर मुझे भी अपने साथ उसी कुर्सी पर चढ़ा लिया , अब मुझे मम्मी जी बिलकुल साफ़ साफ़ दिखाई दे रही थी - मैंने देखा मम्मी जी ब्रा कच्छी में खड़ी हुई थी और वो अपने बदन को साबुन से मसल रही थी और ऊपर लगे शावर से हल्का हल्का पानी उनके जिस्म पर गिर रहा था ।




मम्मी जी ने काले रंग की ब्रा कच्छी पहनी हुई थी और उनके गोरे सैक्सी बदन पर वो ब्रा कच्छी बहुत ज्यादा जच रही थी ।




तभी एक दम से मम्मी जी ने अपनी ब्रा का हुक खोल दिया और उसके बाद उन्होंने अपनी कच्छी भी अपनी मोटी मोटी माँसल जांघो से सरकाते हुए अपने जिस्म से अलग कर दी ।




दोस्तों मम्मी जी अब पूरी नंगी हो गयी थी और उनकी मोटी गांड अब मुझे और बब्बन को साफ़ साफ़ दिखाई दे रही थी ।




मम्मी जी की पीठ हमारी तरफ थी तो हमे सिर्फ उनकी गांड ही दिखाई दे रही थी , मम्मी जी की इतनी मोटी और सैक्सी गांड देखकर तो बब्बन के मुँह में पानी ही आ गया और फिर वो मेरी गांड दबाते हुए मुझसे बोला मोना इस बहन की लौड़ी की गांड तो बहुत बड़ी है - इसकी गांड मारने में तो बहुत मज़ा आएगा ।




मैंने उसे कहा आह छोड़ो मुझे - मम्मी जी देख लेंगी - इतना बोलते हुए मैं कुर्सी से उतरने लगी की तभी मैंने देखा मम्मी जी ने अपनी चूत में अपनी उँगलियाँ डाली और उसके बाद वो अपनी उंगलियों को अपनी चूत में अंदर बहार करने लगी ।




मम्मी जी ने अपनी दोनों टाँगे चौड़ी कर रखी थी - वो हल्की हल्की सिसकारियाँ लेते हुए अपने एक हाथ से अपनी चूत में उंगली कर रही थी और अपने दूसरे हाथ से वो अपनी बड़ी बड़ी चूचियों से खेल रही थी ।





दोस्तों ये नज़ारा देखकर तो मैं चौँक ही गयी थी - तभी बब्बन धीरे से मेरे कान में बोला साली तेरी सास भी तेरी तरह प्यासी है ।




देख साली रांड कैसे अपनी चूत से खेल रही है - आज तो मैं इस साली की चुदाई करके ही रहूँगा ।




अब बब्बन ने अपनी पैंट की जेब से अपना फ़ोन निकाला और उसके बाद वो मम्मी जी की वीडियो बनाने लगा , अब मैं तुरंत उस कुर्सी से उतरी और भागते हुए मम्मी जी के कमरे के बहार आकर खड़ी हो गयी।




मैं मम्मी जी के कमरे के बहार खड़ी होकर बब्बन को देख रही थी - वो कमीना खुश होते हुए मम्मी जी की वीडियो बना रहा था ।




दोस्तों मेरी वीडियो तो पहले ही बब्बन के पास थी और अब वो मम्मी जी की भी वीडियो बना रहा था , मुझे अच्छे से पता था आज ये कमीना मम्मी जी को नहीं छोड़ेगा - आज ये उनकी चुदाई करके ही रहेगा ।




मुझे बहुत डर लग रहा था क्युकी ये सब मेरी वजह से ही हो रहा था , मैं बब्बन को कुछ कह भी नहीं सकती थी क्युकी मुझे डर था की कही ये कमीना मम्मी जी के सामने ही मेरी चुदाई शुरू ना कर दे।




फिर बब्बन कुर्सी से नीचे उतरा और उसके बाद वो बाथरूम के दरवाज़े के पीछे छुपकर मम्मी जी का इंतज़ार करने लगा , आज मेरी सास एक दो कौड़ी के पंचर वाले से चुदने वाली थी लेकिन इस बात से वो अनजान थी ।




दोस्तों चुदने मेरी सास जा रही थी लेकिन गांड मेरी फट रही थी क्युकी मुझे पता था कही कुछ गड़बड़ हो गयी तो सारा इंजाम मेरे ऊपर ही आएगा ।




फिर मम्मी जी के बाथरूम का दरवाज़ा खुला और वो बहार आ गयी , मम्मी जी ब्लाउज और पेटीकोट में थी - उनके बाल एक दम गीले थे और वो बहुत सैक्सी लग रही थी ।





फिर जैसे ही मम्मी जी अपने बेड से अपनी साड़ी उठाने के लिए आगे की तरफ झुकी तो एक दम से बब्बन ने पीछे से मम्मी जी को पकड़ लिया और वो मम्मी जी की गर्दन को चूमने लगा



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तभी मम्मी जी डर गयी - फिर उन्होंने बब्बन को देखा तो वो उसे धक्का देकर अपने से दूर करते हुए कहने लगी तुम ये क्या कर रहे हो आह छोड़ो मुझे ।


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इतना बोलते हुए मम्मी जी ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी , फिर बब्बन ने मम्मी जी के मुँह पर हाथ रख लिया और उसके बाद वो उनके ब्लाउज के ऊपर से ही उनके चूचे दबाते हुए बोला शकुंतला मैंने तुझे छोड़ने के लिए ही थोड़ी ना पकड़ा है - मैं तो तुझे जी भरके प्यार करना चाहता हूँ।


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फिर मम्मी जी गुस्से में उसके ऊपर हाथ उठाते हुए बोली कमीने मैं तुझे जान से मार दूंगी ।




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तभी उसने मम्मी जी का हाथ पकड़ लिया और उसके बाद वो उनका हाथ मोड़ते हुए उनके पेटीकोट के ऊपर से ही उनकी चूत मसलने लगा , बब्बन बहुत बुरी तरह मम्मी जी की चूत मसल रहा था - मम्मी जी की शक्ल अब बिलकुल रोने वाली हो गयी थी ।


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वो बब्बन से छूटना चाहती थी लेकिन वो इतना हट्टा कट्टा था की मम्मी जी की उसके आगे एक भी नहीं चल रही थी ।




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फिर बब्बन मम्मी जी के होंठो को चूमने की कोशिश करने लगा तो मम्मी जी अपना मुँह इधर उधर करने लगी , फिर मम्मी जी ने एक दम से गुस्से में उसके मुँह पर थूक दिया तो बब्बन ने एक ही झटके में मम्मी जी का पेटीकोट फाड़कर उनके जिस्म से अलग कर दिया ।





अब उसने मम्मी जी की कच्छी में अपना हाथ डाला और उसके बाद वो उनकी चूत को मसलते हुए उनको कहने लगा शकुंतला तेरी चूत तो बहुत गीली है - साली तेरी चूत को एक लंड की जरुरत है - मान जा ना इतने नखरे क्यों दिखा रही है ।




मम्मी जी चिल्लाना चाहती थी लेकिन बब्बन ने अपने होंठ मम्मी जी के होंठो से सटा रखे थे तो वो चिल्ला नहीं पा रही थी ।





तभी मम्मी जी ने बब्बन को एक धक्का मारा और फिर वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाते हुए अपने कमरे के बहार भागने लगी - बब्बन का हाथ मम्मी जी की कच्छी में था तो एक दम से मम्मी जी की कच्छी फट गयी और बब्बन के हाथ में रह गयी ।




मम्मी जी अब नीचे से पूरी नंगी हो गयी थी - मम्मी जी अपने कमरे से बहार आने ही वाली थी की तभी बब्बन ने मम्मी जी को पीछे से पकड़ लिया , फिर वो मम्मी जी के फटे हुए पेटीकोट से उनके हाथ पीछे की तरफ बांधते हुए कहने लगा साली बिना चुदे कहाँ भाग रही है ।




मम्मी जी उसको कहने लगी मुझे छोड़ दो तुम मेरे साथ ऐसा क्यों कर रहे हो , तभी उसने मम्मी जी की फटी हुई कच्छी उनके मुँह में ठूस दी ताकि वो चिल्ला ना सके ।




फिर उसने मम्मी जी को बेड की तरफ झुका दिया और उसके बाद वो उनकी दोनों टाँगे चौड़ी करके उनकी चूत को सहलाने लगा ।




अब वो अपनी पैंट से अपना लौड़ा निकाल कर अपने लौड़े को अपने थूक से गिला करने लगा , मैं समझ गयी थी की अब किसी भी वक़्त ये लौड़ा मम्मी जी की चूत में जा सकता है ।




फिर बब्बन ने मम्मी जी की गदरायी चूत के छेद पर अपने मोटे काले मूसल लौड़े का टोपा टिकाया और उसके बाद उसने एक जोरदार धक्का मम्मी जी की चूत में दे मारा जिससे उसका आधे से ज्यादा लौड़ा मम्मी जी की चूत में घुस गया ।



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मम्मी जी अब बुरी तरह छटपटाने लगी - मम्मी जी के मुँह में उनकी कच्छी थी तो वो कुछ नहीं बोल पा रही थी ।



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मम्मी जी अपनी गांड और अपने पैर हिला हिला कर बब्बन को अपने से दूर करने की कोशिश कर रही थी लेकिन बब्बन तो किसी जंगली सांड की तरह मम्मी जी के ऊपर चढ़ा हुआ था और वो उनकी चूत मारे जा रहा था ।



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अब मम्मी जी की चूत में बब्बन का लंड पूरा अंदर तक जा चुका था और वो बहुत ही तेजी के साथ मम्मी जी की चूत में अपना लंड अंदर बहार कर रहा था ।



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बब्बन मम्मी जी की चूत मारते हुए उन्हें बोल रहा था आह सक्कु हाय साली क्या गर्म चूत है तेरी आह उफ्फ्फ बहुत मज़ा आ रहा है ।





दोस्तों काफी देर तक तो मम्मी जी छटपटाती रही और वो बब्बन को अपने से दूर करने की कोशिश करती रही , लेकिनं थोड़ी देर बाद वो एक दम शांत हो गयी शायद अब मम्मी जी को भी मज़ा आने लगा था।





बब्बन ने देखा की मम्मी जी को मज़ा आ रहा है तो उसने उनके हाथ खोल दिए , जैसे ही मम्मी जी के हाथ खुले तो वो अपने मुँह से अपनी कच्छी निकालते हुए बब्बन से बोली कमीने मैं अभी पुलिस में तेरी कंप्लेंट करती हूँ - इतना बोलते हुए मम्मी जी मुझे ज़ोर ज़ोर से आवाज़ देने लगी ।





तभी बब्बन ने अपना मोबाइल निकाला और उसके बाद वो अपने फ़ोन में मम्मी जी को उनकी वीडियो दिखाते हुए बोला साली तू मेरी पुलिस कंप्लेंट करेगी ना - मैं अभी सारे मोहल्ले वालो को दिखाता हूँ की तू इस उम्र में क्या गुल खिला रही है ।




साली रांड सोचले अगर किसी को तेरी इस वीडियो के बारे में पता चल गया तो समाज में तेरी और तेरे परिवार की क्या इज़्ज़त रह जायेगी , अपनी वीडियो देखकर तो मम्मी जी की गांड ही फट गयी और फिर वो हाथ जोड़ते हुए बब्बन से बोली प्लीज ये वीडियो किसी को मत दिखाना नहीं तो मैं किसी को मुँह दिखाने के लायक नहीं रहूंगी ।





बब्बन बोला देख शकुंतला मैं तुझे बहुत चाहता हूँ अगर तू मेरी बीवी बनकर मुझे पूरे मजे देगी तो मैं ये वीडियो डिलीट कर दूंगा , सोच ले - मुझे पता है तू भी बहुत प्यासी है तेरा वो बूढ़ा पति कहाँ तेरे इस गदराये जिस्म की गर्मी शांत कर पाता होगा ।




मैं तुझे बहुत मज़े दूंगा - मैं तुझे अपनी बीवी की तरह प्यार करूँगा , मम्मी जी के पास अब कोई दूसरा रास्ता नहीं था तो वो थोड़ा सोचते हुए बोली मुझे बहुत डर लग रहा है - मेरी बहु भी घर पर है कही उसे कुछ पता चल गया तो ।




दोस्तों मम्मी जी मुझसे डर रही थी लेकिन वो कहाँ जानती थी की मैं तो पहले से ही इस कमीने की रखैल बनकर इससे चुदती आ रही हूँ ।



फिर बब्बन मम्मी जी को अपनी बाहो में लेते हुए बोला सक्कु मेरी जान तू चिंता क्यों कर रही है - ये बात हम दोनों के बीच में ही रहेगी।



सबके सामने मैं तेरा नौकर बनकर रहूँगा और अकेले में तुझसे अपने लंड की गुलामी करवाऊंगा ।





क्यों करेगी ना मेरे लंड की गुलामी , मम्मी जी ने अब शर्म से अपनी नज़रे नीचे झुका ली , तभी बब्बन मम्मी जी के ब्लाउज के बटन खोलने लगा तो मम्मी जी उससे बोली आह ऐसे ही कर लो ना - मुझे बहुत शर्म आती है ।





फिर बब्बन बोला सक्कु मुझसे क्यों शर्म कर रही है मेरी जान - चल जल्दी से पूरी नंगी हो जा - तुझे बहुत मज़ा आएगा ।






अब बब्बन ने एक एक करके मम्मी जी के ब्लाउज के सारे बटन खोल दिए और उसके बाद उसने उनका ब्लाउज उनके जिस्म से अलग कर दिया ।




अब मम्मी जी सिर्फ और सिर्फ ब्रा में खड़ी थी की तभी बब्बन ने मम्मी जी की ब्रा का हुक भी खोल दिया ।


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जैसे ही बब्बन ने मम्मी जी की ब्रा खोली तो उनकी ब्रा नीचे गिर गयी और उनके बड़े बड़े चूचे आज़ाद हो गए ।



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दोस्तो अब आगे क्या होगा बब्बन किस तरह मेरी भोली भाली सास की चुदाई करेगा ये सब आपको इस कहानी के अगले भाग में पता चलेगा।



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CONTINUE...........



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Update - 8



Writer - Nidhi Agrawal



कहानी में आगे ..........









दोस्तों , मैं आपकी बड़ी गांड वाली लंड की प्यासी मोना भाभी एक बार फिर से अपनी चुदाई कहानी में आपका बहुत बहुत स्वागत करती हूँ , आपने पिछली कहानी में तो देखा ही था की कैसे बब्बन मम्मी जी को नंगी करने पर तुला हुआ था , पहले तो मम्मी जी उसका विरोध कर रही थी लेकिन फिर बब्बन ने मम्मी जी को उनकी चूत में उंगली करते हुए वाली वीडियो दिखाई तो वो एक दम शांत हो गयी , मम्मी जी नीचे से तो पहले ही नंगी हो चुकी थी - फिर बब्बन ने उनका ब्लाउज भी उनके जिस्म से अलग कर दिया ।



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अब मम्मी जी सिर्फ और सिर्फ ब्रा में खड़ी थी की तभी बब्बन ने मम्मी जी की ब्रा का हुक भी खोल दिया , जैसे ही बब्बन ने मम्मी जी की ब्रा खोली तो उनकी ब्रा नीचे गिर गयी और उनके बड़े बड़े चूचे आज़ाद हो गए ।


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मम्मी जी के बड़े बड़े चूचे देखकर अब बब्बन से रहा नहीं गया और फिर उसने मम्मी जी का एक चूचा अपने मुँह में भर लिया ।


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बब्बन मम्मी जी की चूत में उंगली करते हुए बारी बारी उनके दोनों चूचो को चूस रहा था जिससे मम्मी जी बुरी तरह कसमसा रही थी ।


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मम्मी जी की चूचियां अब पूरी तरह कड़क हो गयी थी - उनकी चूत लगातार पानी छोड़ रही थी और उनके मुँह से बहुत तेज तेज सिसकारियाँ निकल रही थी ।



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अब बब्बन ने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए और वो पूरा नंगा हो गया , मम्मी जी और बब्बन एक दूसरे के सामने पूरे नंगे खड़े थे लेकिन अभी भी मम्मी जी की उससे नज़रे मिलाने की हिम्मत नहीं हो रही थी।


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तभी बब्बन ने मम्मी जी को उनके घुटनो के बल बैठा दिया और उसके बाद वो उनके होंठो पर अपना लंड रगड़ते हुए उनको कहने लगा आह सक्कु चल मेरे लंड को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर - देख ये कैसे तेरे मुँह में जाने के लिए फड़फड़ा रहा है ।



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मम्मी जी अब अपना मुँह दूसरी तरफ करते हुए बोली आह बब्बन जी ये मुझसे नहीं होगा - मैंने कभी अपने पति का भी मुँह में नहीं लिया है - मुझे मुँह में लेना बिलकुल भी पसंद नहीं है ।


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बब्बन बार बार मम्मी जी के मुँह में अपना लंड डालने की कोशिश कर रहा था और मम्मी जी बार बार अपना मुँह इधर उधर करते हुए उसको मना कर रही थी , मुझे पता था आज ये कमीना मम्मी जी को अपना लंड चुसवा कर ही रहेगा ।



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अब बब्बन मम्मी जी पर ज़ोर डालने लगा तो वो उसका लंड चूसने के लिए राज़ी हो गयी , फिर मम्मी जी ने अपनी आँखे बंद कर ली और वो धीरे धीरे बब्बन का लंड अपने मुँह में डालने लगी , तभी बब्बन ने मम्मी जी के बाल पकड़ कर उनके मुँह के अंदर तक अपना लंड घुसा दिया और फिर वो उन्हें अपना लंड चुसवाने लगा ।



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बब्बन मम्मी जी को अपना लंड चुसवाते हुए बैड पर बैठ गया - अब मम्मी जी उसकी दोनों टांगों के बीच आकर उसका लंड चूस रही थी।


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बब्बन मम्मी जी को अपना लंड चुसवाते वक़्त कभी उनकी चूचियाँ दबा रहा था तो कभी वो उनकी बड़ी गांड से खेल रहा था , जिसकी वजह से मम्मी जी भी अब बिलकुल गर्म हो गयी थी - मम्मी जी अब खूब मज़े ले लेकर उसका लंड चूस रही थी - मम्मी कभी उसके लंड को चूम रही थी तो कभी वो उसके लंड पर थूक गिरा गिरा कर उसके लंड को चाट रही थी ।



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बब्बन मम्मी जी का सर सहलाते हुए उन्हें बोल रहा था आह सक्कु आह बहन की लौड़ी आह ऐसे ही लंड चूस आह बहुत मज़ा आ रहा है साली क्या मस्त लंड चूसती है तू ।



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काफी देर तक मम्मी जी को अपना लंड चुसवाने के बाद अब बब्बन ने मम्मी जी को उठाकर बेड पर पटक दिया और उसके बाद वो उनकी टाँगे चौड़ी करके उनकी चूत चाटने लगा ।



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दोस्तों मैंने देखा मम्मी जी की चूत एक दम चिकनी थी और उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था - मम्मी जी की चूत देखकर ही पता चल रहा था की वो अपनी चूत का कितना ख्याल रखती है ।



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बब्बन तो किसी भूखे कुत्ते की तरह मम्मी जी की चूत चाट रहा था - वो मम्मी जी की चूत चाटते हुए उन्हें बोल रहा था आह सक्कु क्या गर्म चूत है तेरी आह साली आज तो मैं तेरी चूत चोद चोदकर इसका भोसड़ा ही बना दूंगा ।


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तभी मम्मी जी भी सिसकारियाँ लेते हुए कहने लगी आह बब्बन जी आह उफ्फ्फ आह अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है आह अब चोद दो मुझे आह - अपना ये काला मूसल लंड मेरी चूत में पेल दो ।



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मम्मी जी अब अपने एक हाथ से अपनी चूत मसल रही थी और अपने दूसरे हाथ से वो बब्बन का सर पकड़ कर अपनी चूत पर दबा रही थी।


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मम्मी जी बहुत तेज तेज सिसकारियाँ ले रही थी और वो बार बार बब्बन को उन्हें चोदने के लिए बोल रही थी , मम्मी जी अब बुरी तरह लंड के लिए तड़प रही थी - मैं मम्मी जी की इस तड़प को अच्छे से समझ सकती थी क्युकी इस तड़प से मैं कई बार गुज़र चुकी थी ।



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अब बब्बन ने मम्मी जी की दोनों टाँगे उठाकर अपने कंधो पर रखी और उसके बाद उसने मम्मी जी की गदरायी चूत में अपना लंड डालकर उनकी चुदाई शुरू कर दी ।





बब्बन मम्मी जी की चूत में बहुत तेज तेज धक्के लगा रहा था और मम्मी जी उसको बोल रही थी आह चोदो मुझे आह उफ्फ्फ आह और जोर से चोदो आह बहुत मज़ा आ रहा है , फिर मम्मी जी ने बब्बन को पकड़ कर अपने ऊपर ले लिया और उसके बाद वो बब्बन को अपनी तरफ खींच कर उसके होंठो को चूसते हुए उससे अपनी चूत मरवाने लगी ।





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मम्मी जी बुरी तरह बब्बन के होंठो को चूसते हुए अपनी गांड उठा उठाकर उससे अपनी चूत मरवा रही थी ।




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दोस्तों जो औरत कुछ देर पहले इतना शर्मा रही थी और इतने नखरे दिखा रही थी अब वो खूब मज़े ले लेकर एक दो कौड़ी के नौकर से चुद रही थी ।



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वैसे सच कहूं तो हम औरतो की फितरत ही ऐसी होती है - हम चाहे जितने मर्ज़ी नखरे दिखा ले - जितनी मर्ज़ी अकड़ दिखा ले लेकिन एक मजबूत लंड चूत में जाते ही हम औरतो की सारी अकड़ ढीली हो जाती है ।


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मम्मी जी के साथ भी अब ऐसा ही हो रहा था - मम्मी जी अब खूब मज़े ले लेकर बब्बन से चुद रही थी , बब्बन मम्मी जी की चुदाई करते वक़्त उन्हें खूब गन्दी गन्दी माँ बहन की गालियाँ दे रहा था और मम्मी जी उसके मुँह से गालियाँ सुनकर और ज्यादा उत्तेजित हो रही थी ।



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इधर अपनी सास को ऐसे रंडियो की तरह चुदते हुए देखकर अब मैं भी गर्म हो गयी थी , अब मैंने अपनी साड़ी और पेटीकोट ऊपर उठाया और फिर मैं अपनी चूचियों को दबाते हुए अपनी चूत में उंगली करने लगी ।



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मम्मी जी को चुदते हुए देखकर मुझे बहुत मज़ा आ रहा था मुझे तो ऐसा लग रहा था की जैसे मेरे सामने कोई ब्लू फिल्म चल रही है।


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दोस्तों मेरी सास अपने ही घर में एक बाज़ारू रंडी की तरह चुद रही थी लेकिन कही ना कही इसमें सारी गलती मेरी ही थी , मैं अपनी वासना के चलते अपनी शरीफ और संस्कारी सास को एक दो कौड़ी के गैर मर्द के नीचे ले आयी थी ।



अब बब्बन मम्मी जी के पीछे आ गया और उसके बाद वो उनकी एक टांग उठाकर उनकी चूत मारने लगा - बब्बन मम्मी जी की चूत मारते हुए कभी उनके चूचो को मसल रहा था तो कभी वो उनके होंठो को चूस रहा था ।




मम्मी जी आह उफ्फ्फ आह उफ्फ्फ आह ममममम आह की कामुख सिसकारियाँ लेते हुए उसका पूरा पूरा साथ दे रही थी , मम्मी जी का चेहरा मेरी आँखों के सामने था और उनके चहरे के हाव भाव देखकर साफ़ पता चल रहा था की उन्हें कितना मज़ा आ रहा है ।





दोस्तों चूत में जब लंड जाता है तो मज़ा तो आता ही है - मैंने अब अपने ब्लाउज के बटन खोलकर अपनी चूचियाँ अपनी ब्रा से बहार निकाल ली थी , अपनी सास को चुदते हुए देखकर अब मेरा जी भी मचलने लगा था ।





मेरा मन तो कर रहा था की मैं भी मम्मी जी और बब्बन के साथ इस चुदाई के खेल में शामिल हो जाऊँ ।




अब मम्मी जी की चीखे और तेज होने लगी तो मैं समझ गयी की मम्मी जी झड़ने वाली है , फिर मम्मी जी जोर जोर से चिल्लाते हुए झड़ गयी लेकिन बब्बन अभी भी मम्मी जी को चोदे जा रहा था ।




फिर कुछ ही देर में बब्बन ने मम्मी जी की चूत में ही अपने लंड का पानी निकाल दिया , मम्मी जी और बब्बन दोनों झड़ गए थे लेकिन अभी भी वो एक दूसरे के होंठो को चूसे जा रहे थे ।




दोस्तों बब्बन तो मम्मी जी की चुदाई करने के लिए बहुत टाइम से बेकरार था ही लेकिन शायद मम्मी जी भी बहुत प्यासी थी ।




फिर बब्बन मम्मी जी से बोला मेरी सक्कु - जानू -मेरी राजकुमारी तुझे मज़ा तो आया ना , मम्मी जी थोड़ा शर्मा कर उसकी बात का जवाब देते हुए बोली मज़ा तो बहुत आया लेकिन मुझे बहुत डर लग रहा है कही किसी को कुछ पता चल गया तो ।




बब्बन बोला सक्कु किसी को कुछ पता नहीं चलेगा तू डर क्यों रही है , देख मैं सच में तुझसे बहुत प्यार करता हूँ ।




अब मम्मी जी काफी देर तक बब्बन के सीने से लिपटी रही और बब्बन मम्मी जी की नंगी कमर सहलाता रहा , फिर कुछ देर बाद मम्मी जी को नींद आ गयी - शायद मम्मी जी बब्बन का काला मूसल लंड लेकर काफी थक गयी थी ।




अब बब्बन मम्मी जी के बेड से खड़ा हुआ और उसके बाद उसने मम्मी जी के नंगे बदन पर एक चादर उढ़ा दी ।




फिर उसने मम्मी जी के होंठो पर एक किस की और उसके बाद वो अपने कपड़े लेकर नंगा ही बहार आ गया।



अब उसने मुझे देखा तो वो मुझसे बोला साली अपनी सास की चुदाई देखकर मज़े ले रही थी - बहन की लौड़ी तू और तेरी सास तुम दोनों एक नंबर की रांड हो ।




इतना बोलकर बब्बन ने मुझे उठाया और उसके बाद वो मुझे अपने कंधे पर डालकर ऊपर मेरे बेडरूम में ले गया ।






वहाँ ले जाते ही उसने मेरा एक एक कपड़ा उतार कर मुझे पूरी नंगी कर दिया ।



फिर वो मुझसे बोला मोना तेरी सास तो साली तुझसे भी ज्यादा मज़ा देती है , क्या गदरायी और मस्त चूत है साली की - साली की चूत मारकर तो मज़ा ही आ गया ।




अब मैं बहुत थक गया हूँ चल जल्दी से मेरे पुरे शरीर की मालिश कर दे , आज रात तो मैं सक्कु की गांड मार कर और उसकी मांग में अपने नाम का सिन्दूर भर कर उसे पूरी तरह अपनी बीवी बना लूंगा ।




अब मैं सोचने लगी की ये मैं कहाँ फँस गयी की इतने में बब्बन मेरी गांड पर एक जोरदार थप्पड़ लगाते हुए बोला क्या हुआ रांड - क्या सोच रही है , जल्दी से तेल लेकर आ और मेरे पूरे बदन की मालिश करनी शुरू कर ।




अब मैं बाथरूम से तेल लेकर आयी और उसके बाद मैं बब्बन के पूरे शरीर की मालिश करने लगी , जब मैं बब्बन की तेल मालिश कर रही थी तब कभी वो मेरी गांड दबा रहा था तो कभी वो मेरी चूत को छेड़ रहा था ।





मैंने उसे कहा बब्बन जी आपको मम्मी जी की जितनी चुदाई करनी है करो लेकिन आप उन्हें कभी भी हम दोनों के रिश्ते के बारे में मत बताना ।




बब्बन बोला मोना तू चिंता मत कर मैं सक्कु को कुछ नहीं बताऊंगा , फिर ऐसे ही बब्बन काफी देर तक मुझसे अपने पूरे बदन की मालिश करवाता रहा और उसके बाद वो मुझे नंगी नचवाने लगा ।





मम्मी जी बब्बन से चुद कर आराम से सो रही थी और यहाँ मैं अपने कमरे में बब्बन के सामने नंगी नाच रही थी ।




मम्मी जी की चुदाई देखकर मैं काफी गर्म हो गयी थी - मुझे लगा की बब्बन अब मेरी चुदाई करेगा लेकिन उसने मुझे किचन और बाथरूम की साफ़ सफाई करने के लिए नीचे भेज दिया ।




मैं अपने कपड़े पहन कर किचन और बाथरूम की साफ़ सफाई करने के लिए नीचे आ गयी और बब्बन खुद मेरे कमरे में आराम करने लगा।




मम्मी जी शाम तक अपने कमरे में ही सोती रही - फिर वो तयार होकर अपने कमरे से आयी तो मैंने देखा मम्मी जी बिलकुल नार्मल लग रही थी , उन्हें देखकर लग ही नहीं रहा था की आज एक दो कौड़ी के नौकर ने उनकी चूत मारी है ।





अब मैंने उन्हें देखा तो मैं उनके पास जाते हुए बोली मम्मी जी आज तो आप काफी देर तक सोती रही - आपकी तबियत तो ठीक है ना ।





मम्मी जी बोली हाँ बहु वो बस मेरी आँख ही नहीं खुली , मैंने ध्यान दिया की मुझसे बात करते वक़्त मम्मी जी की नज़रे इधर उधर ही घूम रही थी - शायद वो बब्बन को देख रही थी ।



तभी बब्बन भी हॉल में आ गया और उसे देखते ही मम्मी जी शर्माते हुए अपने कमरे में जाने लगी , इतने में बब्बन मम्मी जी को आवाज़ देते हुए बोला मेमसाब मुझे आपसे कुछ जरूरी काम है ।




अब मम्मी जी मुझसे बोली बहु मेरे सर में थोड़ा दर्द हो रहा है - क्या तुम मेरे लिए चाय बना दोगी , मुझे पता था की मम्मी जी अकेले में बब्बन से बात करना चाहती है तो मैंने उन्हें कहा जी मम्मी जी मैं अभी आपके लिए चाय बना कर लाती हूँ ।




अब मैं अपनी गांड हिलाते हुए किचन में आ गयी - जैसे ही मैं किचन में आयी तो मैं किचन से छुप कर मम्मी जी और बब्बन को देखने लगी , मैंने देखा बब्बन मम्मी जी के पास गया और वो उनसे बोला सक्कु मेरी जान उठ गयी तू ।





तभी मम्मी जी एक दम से उसे अपने से दूर करते हुए बोली आह छोड़ो मोना देख लेगी , बब्बन बोला अच्छा सक्कु एक प्यारी सी किस तो दे दे , मैंने देखा बब्बन मम्मी जी से बात करते वक़्त उनके चूतड़ों को बहुत बुरी तरह मसल रहा था ।



मम्मी जी बोली प्लीज छोड़ो मुझे जो कुछ करना है रात को कर लेना - अभी बहु देख लेगी ।





अब बब्बन मम्मी जी से बोला ठीक है सक्कु आज रात को तू सज धज कर तयार रहियो - आज हम दोनों सुहागरात मनाएंगे ।



अब अपनी सुहागरात की बात सुनकर तो मम्मी जी शर्मा ही गयी और उनके गोरे गोरे गाल शर्म की वजह से टमाटर की तरह लाल हो गए ।




फिर मम्मी जी अपने आप को बब्बन से छुड़वा कर भागते हुए किचन में आ गयी , मैंने देखा मम्मी जी बहुत खुश नज़र आ रही थी ।




फिर मम्मी जी तो चाय लेकर अपने कमरे में चली गयी और मैं और बब्बन रात के खाने की तयारी करने लगे ।




वैसे सारे काम तो मैं ही कर रही थी बब्बन तो बस मेरे ऊपर आर्डर चला रहा था , फिर बब्बन ने मेरे पीछे आकर मुझे पीछे से पकड़ लिया और उसके बाद वो मेरे ब्लाउज के ऊपर से ही मेरे चूचे दबाते हुए मुझसे बोला मोना आज तो मैं पूरी रात सक्कु की चुदाई करूँगा - साली ने मुझे बहुत तड़पाया है - आज तो मैं साली की गांड ही फाड़ दूंगा।




मम्मी जी के बारे में सोचते हुए बब्बन का लंड एक बार फिर से पूरी तरह तन कर खड़ा हो गया था , मुझे अपनी साड़ी के ऊपर से ही अपने चूतड़ों की दरार में उसका लंड महसूस हो रहा था ।





बब्बन मुझे बहुत जोश में दिखाई दे रहा था - उसका जोश देखकर ही मुझे पता चल रहा था की आज बब्बन मम्मी जी की जबरदस्त चुदाई करने वाला है ।




अब रात हो गयी थी और हम सब खाना खा कर अपने अपने कमरों में चले गए थे , मैं ऊपर अपने कमरे में आ तो गयी थी लेकिन मेरी नज़रे तो मम्मी जी के कमरे की तरफ ही थी ।





मैं अपने कमरे से छुपकर मम्मी जी के कमरे की तरफ देख रही थी - पूरे घर में अँधेरा था लेकिन मम्मी जी के कमरे की लाइट अभी भी जल रही थी ।



मैं सोच रही थी की अब किसी भी वक़्त बब्बन मम्मी जी के कमरे में आने ही वाला होगा की तभी एक दम से मम्मी जी के कमरे का दरवाज़ा खुला और मम्मी जी बहार आ गयी ।




दोस्तों मम्मी जी को देखकर तो मैं दंग ही रह गयी - मैंने देखा मम्मी जी ने शादी वाला लाल जोड़ा पहना हुआ था और वो सज धज कर एक दम दुल्हन की तरह लग रही थी ।




शायद ये मम्मी जी का शादी वाला जोड़ा था , अब मम्मी जी अपनी मोटी गांड हिलाते हुए गैस्ट रूम की तरफ जाने लगी , मैं तो सोच रही थी की बब्बन मम्मी जी के कमरे में आएगा लेकिन यहाँ तो मम्मी जी खुद ही बब्बन के कमरे में जा रही थी ।




फिर मैं भी नीचे आयी और छुप छुप कर मम्मी जी के पीछे जाने लगी , जैसे ही मम्मी जी गैस्ट रूम में घुसी तो मम्मी जी को ऐसे देखकर बब्बन की आँखों में तो चमक ही आ गयी ।




शायद बब्बन ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था की मम्मी जी ऐसे दुल्हन के जोड़े में उसके कमरे में आएँगी , फिर जैसे ही बब्बन मम्मी जी के पास आया तो मम्मी जी ने शर्म से अपना चेहरा अपने घूंगट में छुपा लिया ।




तभी बब्बन ने मम्मी जी का चेहरा ऊपर किया और उसके बाद वो उनके होंठो को जोरदार तरीके से चूमते हुए बोला आह सक्कु आह मेरी रांड आज तो तूने मेरा दिल ही खुश कर दिया - साली मुझे नहीं पता था तू इतनी प्यासी है ।



आज तो साली मैं तुझे पूरी तरह से अपनी बीवी बना लूंगा , मम्मी जी उसको कहने लगी आह उफ्फ्फ आह धीरे करो आह मोना जाग जायेगी , अब बब्बन बोला सक्कु उसे जाग जाने दे वो भी अपने नए ससुर को देख लेगी ।




इतना बोलकर बब्बन ने मम्मी जी को उठाकर अपनी चार पाई पर पटक दिया और फिर वो खुद उनके ऊपर आ गया , दोस्तों ये वही चारपाई थी जहाँ पहली बार मेरे पति के ड्राइवर शेरसिंह ने मेरी चुदाई की थी ।



उस दिन मैं शेरसिंह से चुदी थी और आज मम्मी जी बब्बन से चुदने जा रही थी ।




बब्बन मम्मी जी के ऊपर था और वो मम्मी जी के चूचो को दबाते हुए बुरी तरह उनके होंठो को चूस रहा था - मम्मी जी भी बब्बन का पूरा पूरा साथ दे रही थी और वो दोनों बहुत तेज तेज सिसकारियाँ ले रहे थे , बब्बन ने मम्मी जी के होंठो को चूसते हुए उनका घागरा उनकी जांघो तक उठा दिया था जिसकी वजह से मुझे मम्मी जी की कच्छी साफ़ साफ़ दिखाई दे रही थी ।




अब बब्बन मम्मी जी के कपड़े उतारने लगा - पहले उसने मम्मी जी की चोली उतारी - उसके बाद उसने मम्मी जी का घागरा भी खोलकर उनके जिस्म से अलग कर दिया , फिर उसने मम्मी जी की ब्रा कच्छी भी उनके जिस्म से अलग करके दूर फैंक दी ।


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अब मम्मी जी अपनी चूत फैलाये हुए बब्बन के सामने लेटी हुई थी।




बब्बन ने लुंगी और बनियान पहन रखा था तो वो अपनी लुंगी और बनियान उतार कर पूरा नंगा हो गया , मम्मी जी नंगी पड़ी हुई अपनी चूत को अपने हाथ से मसलते हुए बब्बन को अपनी चूत चाटने का इशारा करने लगी ।




शायद मम्मी जी को बब्बन से अपनी चूत चटवा कर बहुत मज़ा आया था अब मम्मी जी फिर से उससे अपनी चूत चटवाना चाहती थी।




लेकिन जैसे ही बब्बन मम्मी जी के पास आया तो उसने मम्मी जी की टाँगे पकड़ कर उन्हें उल्टा घुमा दिया जिससे मम्मी जी की गांड बब्बन के मुँह की तरफ आ गयी , मम्मी जी के इतने मोटे मोटे चूतड़ों को देखकर अब बब्बन से रहा नहीं गया और उसने मम्मी जी के बड़े बड़े चूतड़ों से अपना मुँह सटा कर उनके चूतड़ों को चाटना शुरू कर दिया।


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मम्मी जी उसको कहने लगी आह ये क्या कर रहे हो मेरी चूत चाटो ना - बब्बन बोला सक्कु पहले मैं तेरी गांड मारूंगा आह तेरी गांड तो बहुत ही गर्म है ।


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अब मम्मी जी बोली नहीं बब्बन जी आपका बहुत बड़ा है मैं इतना बड़ा अपनी गांड में नहीं ले पाऊँगी ।


फिर बब्बन बोला सक्कु तेरी गांड भी तो कितनी बड़ी हैं - तुझे मेरे लौड़े से अपनी गांड मरवाने में बहुत मज़ा आएगा ।


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इतना बोलते हुए बब्बन ने अपनी बीच वाली उंगली मम्मी जी की गांड के छेद में डाल दी , जैसे ही बब्बन ने मम्मी जी की गांड में अपनी उंगली घुसाई तो एक दम से मम्मी जी आह करते हुए उछल पड़ी ।

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फिर बब्बन बोला सक्कु तेरी गांड का छेद तो बहुत ही टाइट है तू गांड में लंड नहीं लेती क्या ।




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अब मम्मी जी बोली मेरे पति जवानी के दिनों में मेरी खूब गांड मारते थे लेकिन अब तो मुझे गांड मरवाये हुए काफी साल हो गए है ।


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बब्बन बोला सक्कु जानेमन तू तो अभी भी जवान ही है , अब बब्बन ने अपनी उंगली मम्मी जी की गांड से बहार निकाली और उसके बाद उसने अपनी जीभ मम्मी जी की गांड में घुसा दी ।


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बब्बन पागलो की तरह मम्मी जी की गांड चाट रहा था ।


मम्मी जी की गांड चाटते वक्त वो मम्मी जी की चूत को भी अपनी उंगलियों से सहला रहा था जिससे मम्मी जी को बहुत मज़ा आ रहा था , मम्मी जी के मुँह से अब लगातार सिसकारियाँ निकल रही थी ।




काफी देर तक बब्बन मम्मी जी की गांड चाटता रहा उसने मम्मी जी की गांड का छेद चाट चाट कर पूरा गीला कर दिया था ।




अब मैं भी गर्म हो गयी थी तो मैं भी अपने सारे कपड़े उतार कर पूरी नंगी हो गयी - फिर मैं एक हाथ से अपनी चूत और दूसरे हाथ से अपनी चूचियों को सहलाने लगी , इतने में बब्बन ने अपने लौड़े को अपने थूक से गीला किया और फिर वो अपना लौड़ा मम्मी जी की गांड में डालने लगा ।



मम्मी जी बब्बन के सामने कुतिया बनी हुई थी और मम्मी जी की गांड का छेद बब्बन के लंड के निशाने पर था ।





मम्मी जी बार बार बोल रही थी बब्बन जी धीरे से डालना आह पीछे बहुत दर्द होता है और वैसे भी आपका हथियार तो बहुत बड़ा है ।


अब बब्बन ने एक जोरदार धक्का मम्मी जी की गांड में मारा जिससे उसका आधे से ज्यादा लौड़ा मम्मी जी की गांड में घुस गया , जैसे ही मम्मी जी की गांड में बब्बन का लौड़ा गया तो मम्मी जी तेज तेज चिल्लाते हुए कहने लगी आह मर गयी आह उफ्फ्फ आह बब्बन जी बहार निकालो आह बहुत दर्द हो रहा है उफ़ आह ।




मम्मी जी बुरी तरह चिल्लाते हुए बब्बन को अपने चूतड़ों से दूर करने की कोशिश कर रही थी ।




फिर बब्बन ने मम्मी जी की गांड में एक और जोरदार धक्का मारा जिससे उसका पूरा का पूरा लौड़ा मम्मी जी के चूतड़ों की जड़ तक चला गया ।



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मम्मी जी ने अब अपने मुँह पर अपना एक हाथ रख लिया ताकि उनकी आवाज़ कमरे से बहार ना जा सके - मैंने देखा मम्मी जी को बहुत दर्द हो रहा था और उनकी आंखो से आँसू आ रहे थे ।




लेकिन बब्बन तो किसी जंगली घोड़े की तरह मम्मी जी के ऊपर चढ़ा हुआ था और वो उनकी गांड मारे जा रहा था ।




बब्बन मम्मी जी की गांड मारते वक्त उन्हें बहुत गन्दी गन्दी गालियाँ दे रहा था और उसके साथ साथ वो उनके चूतड़ों को भी बहुत बुरी तरह मसल रहा था ।




मुझे मम्मी जी की मोटी गांड में बब्बन का काला हब्शी लौड़ा अंदर बहार होता हुआ साफ़ दिखाई दे रहा था ।



दोस्तों मम्मी जी की गांड चुदाई देखकर मुझे मेरी पहली गांड चुदाई की याद आ गयी , जब पहली बार शेरसिंह ने मेरी गांड में अपना लौड़ा डालकर मेरी गांड मारी थी उस समय मैं भी बहुत रोई थी और मुझे भी बहुत दर्द हुआ था ।




फिर कुछ देर बाद मैंने देखा अब मम्मी जी ने अपने मुँह से अपना हाथ हटा लिया था और मम्मी जी अपनी गांड आगे पीछे करके बब्बन का साथ दे रही थी ।




मम्मी जी की आँखों से अभी भी आँसू निकल रहे थे लेकिन उसके साथ साथ उनके मुँह से हल्की हल्की सिसकारियाँ भी निकल रही थी।





मतलब अब मम्मी जी को भी अपनी गांड मरवाने में मज़ा आने लगा था , फिर बब्बन ने मम्मी जी की गांड में लंड डाले डाले ही उन्हें सीधी खड़ी किया - उसके बाद वो मम्मी जी की गांड मारते हुए अपने एक हाथ से उनकी चूत और दूसरे हाथ से उनकी चूचियों को मसलने लगा।




अब मम्मी जी सिसकारियाँ लेते हुए बोली आह उफ्फ्फ आह बब्बन जी आह अब मेरी चूत में आह उफ्फ्फ आह मेरी चूत में भी तो लंड डालो ।




दोस्तों मम्मी जी की चूत एक दम गीली थी और उनकी चूत बब्बन के लंड के लिए तड़प रही थी , फिर बब्बन मम्मी जी की चूत में अपनी दो उँगलियाँ घुसाते हुए बोला सक्कु आह मेरी रांड तेरी चूत भी मारूंगा - पहले अच्छे से तेरी गांड तो मार लूँ क्या मस्त मोटी गदरायी गांड है तेरी।





इतना बोलते हुए बब्बन मम्मी जी के होंठो को चूसने लगा - मम्मी जी पूरी तरह वासना में खो चुकी थी और वो बब्बन का पूरा पूरा साथ दे रही थी



मम्मी जी पूरे मज़े लेते हुए अपने शरीर का एक एक अंग एक दो कौड़ी के नौकर से लुटवा रही थी , तभी मम्मी जी ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी तो बब्बन ने मम्मी जी की गांड मारते हुए अपनी उंगलियों से उनकी चूत चोदने की स्पीड और तेज कर दी ।





अब मम्मी जी चिल्लाते हुए कहने लगी आह उफ्फ्फ आह छोड़ो मुझे आह उफ़ आह मुझे बहुत तेज पेशाब आ रहा है आह उफ्फ्फ आह।






मम्मी जी बब्बन से छूटने की कोशिश कर रही थी लेकिन वो उन्हें लगातार चोदे जा रहा था , फिर मम्मी जी से कण्ट्रोल नहीं हुआ और उनका पेशाब निकल गया ।




पेशाब निकलने के साथ साथ मम्मी जी की चूत भी झड़ गयी और फिर मम्मी जी जोर जोर से सिसकारियां लेते हुए खड़ ही अपनी चूत मसलने लगी ।




मम्मी जी बोल रही थी आह उफ्फ्फ आह उफ्फ्फ ममम आह मैं रंडी हूँ आह उफ्फ्फ आह चोदो मुझे आह ममम आह उफ्फ्फ आह बब्बन जी मैंआपकी रंडी हूँ ।




अब बब्बन ने भी मम्मी जी की गांड में ही अपने लंड का पानी निकाल दिया और उसके बाद वो भी सिसकारते हुए कहने लगा आह सक्कु आह मेरी रंडी अब तो मैं हररोज़ ऐसे ही तेरी चुदाई किया करूँगा आह उफ्फ्फ आह बहन की लौड़ी ।




अब बब्बन ने जैसे ही मम्मी जी की गांड से अपना लंड निकाला तो मैंने देखा मम्मी जी की गांड का छेद गिलास के पीछे वाले हिस्से जितना चौड़ा हो गया था और उसमे से लगातार बब्बन के लंड का पानी बह रहा था ।





अब बब्बन मम्मी जी को अपने ऊपर लेकर चारपाई पर लेट गया , मम्मी जी और बब्बन अभी भी एक दूसरे के होंठो को चूसे जा रहे थे और एक दूसरे से प्यार भरी मीठी मीठी बाते कर रहे थे ।




तब तक मैं भी झड़ चुकी थी , अब बब्बन ने मम्मी जी को अपनी गोद में उठाया और उसके बाद वो उन्हें बहार लाने लगा ।




अब मैं एक साइड में छुप गयी और फिर बब्बन मम्मी जी को उनके कमरे में ले गया , फिर मैंने अपने कपड़े उठाये और उसके बाद मैं नंगी ही मम्मी जी के कमरे की तरफ चली गयी , मैंने देखा वहाँ मम्मी जी अपने घुटनो पर बैठकर बड़े ही मज़े से बब्बन का लंड चूस रही थी।




बब्बन मम्मी जी को अपना लंड चुसवाते हुए उनके सर पर हाथ फेरते हुए कह रहा था आह सक्कु आह उफ़ आह अच्छे से मेरा लंड चूस - तू जितना अच्छे से मेरा लंड चूसेगी उतना ही मज़ा तुझे मुझसे अपनी चूत मरवाने में आएगा।



अब तू पूरी तरह से मेरी बीवी बन गयी है - फिर मम्मी जी बोली बब्बन जी अभी मैं पूरी तरह से आपकी बीवी नहीं बनी - अभी एक काम बाकी रह गया है , इतना बोलते हुए मम्मी जी खड़ी हुई और उसके बाद वो एक सिन्दूर की डिब्बी ले आयी ।




अब मम्मी जी बब्बन को वो सिन्दूर की डिब्बी देते हुए बोली लीजिये बब्बन जी अपनी बीवी की मांग में अपने नाम का सिन्दूर भर दीजिये।





अब बब्बन मम्मी जी को फिर से उनके घुटनो पर बैठाते हुए बोला सक्कु मैं इस सिन्दूर से नहीं बल्कि अपने लंड के पानी से तेरी मांग भरूंगा ।




अब मम्मी जी शर्माने लगी और बब्बन मम्मी जी के मुँह के सामने अपना लंड हिलाने लगा , फिर जैसे ही उसके लंड का पानी निकलने लगा तो उसने अपने लंड के पानी से मम्मी जी की मांग भर दी ।




फिर मम्मी जी ने उसके पैर छुकर उसका आशीर्वाद लेते हुए कहा मेरे पतिदेव अब मैं हमेशा आपकी ऐसे ही सेवा किया करुँगी ।



फिर बब्बन ने मम्मी जी को उठाया और उसके बाद वो उन्हें बेड पर लेजाकर उनकी चूत मारने लगा ।




दोस्तों अब मैं काफी थक गयी थी तो मैं चुप चाप नंगी ही अपने कमरे में आ गयी और फिर मैं नंगी ही सो गयी ।



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मैं तो सो गयी थी लेकिन मम्मी जी और बब्बन की सुहागरात पूरी रात चलती रही।



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CONTINUE...........



NEXT UPDATE SOON.........
 

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Update - 9



Writer - Nidhi Agrawal



कहानी में आगे ..........











नमस्कार दोस्तों , मैं आपकी बड़ी गांड वाली मोना भाभी एक बार फिर से अपनी और अपनी सास की चुदाई कहानी में आपका बहुत बहुत स्वागत करती हूँ , आपने पिछली कहानी में तो देखा ही था की कैसे मम्मी जी दुल्हन की तरह तयार होकर बब्बन के कमरे में गयी थी , फिर बब्बन ने मम्मी जी की जमकर गांड मारी थी - अच्छे से मम्मी जी की गांड मारने के बाद बब्बन उन्हें नंगी ही अपनी गोद में उठाकर उनके कमरे में ले आया , उसके बाद उसने अपने लंड के पानी से मम्मी जी की मांग भरकर उन्हें पूरी तरह से अपनी बीवी बना लिया ।





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फिर पूरी रात बब्बन मम्मी जी के साथ सुहागरात मनाता रहा और मैं चुप चाप अपने कमरे में आकर नंगी ही सो गयी , सुबह मैं थोड़ी लेट उठी - फिर मैं नहा कर तयार हुई और नीचे आ गयी ।



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मैं नीचे आयी तो मुझे बब्बन और मम्मी जी कही दिखाई नहीं दे रहे थे , मुझे लगा शायद वो दोनों अभी भी मम्मी जी के कमरे में ही होंगे , मैंने देखा मम्मी जी के कमरे का दरवाज़ा थोड़ा खुला हुआ था ।



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अब मैं मम्मी जी के कमरे की तरफ गयी और बहार से ही अंदर देखने लगी , मैंने देखा मम्मी जी बेड पर पूरी नंगी सो रही थी - मम्मी जी की गांड मेरी तरफ थी और मुझे उनकी गांड का छेद साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा था , मम्मी जी की गांड का छेद काफी चौड़ा हो गया था - मम्मी जी की गांड का छेद देखकर ही पता चल रहा था की बब्बन ने उनकी कितनी जबरदस्त चुदाई की है ।



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मम्मी जी तो नंगी ही बेड पर पड़ी हुई थी लेकिन बब्बन मुझे कही दिखाई नहीं दे रहा था , तभी पीछे से मेरी गांड पर एक जोरदार थप्पड़ पड़ा - मैं मुड़ी तो मेरे पीछे बब्बन खड़ा था ।



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बब्बन अभी भी पूरा नंगा ही था , वो मुझसे बोला मोना कहाँ जा रही है सक्कु को सोने दे - बेचारी सुबह के ५ बजे तो सोई है , दोस्तों मतलब साफ़ था इस ज़ालिम ने सुबह के ५ बजे तक मम्मी जी को खूब अच्छे से रगड़ा था , अब बब्बन मुझसे बोला मोना मैं भी काफी थक गया हूँ - मैं आराम करने अपने कमरे में जा रहा हूँ - तू घर का काम देख लियो।




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इतना बोलकर उसने मेरे होंठो पर एक जोरदार किस किया और फिर वो अपने कमरे में चला गया , अब मैं मन ही मन बब्बन को गालियाँ देते हुए घर का काम करने लगी - पहले मैंने घर की साफ़ सफाई की और उसके बाद मैं किचन में जाकर नाश्ता बनाने लगी ।



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नाश्ता बनाते वक़्त मेरे मन में बस मम्मी जी के ही ख्याल आ रहे थे , मैं सोच रही थी की अगर मम्मी जी को पता चल गया की उन्हे चुदवाने में मेरा हाथ है तो पता नहीं क्या होगा , मैं ये सब सोच ही रही थी की इतने में मम्मी जी तयार होकर किचन में आ गयी ।



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मैंने उन्हें देखते ही उनके पैर छुकर उनका आशीर्वाद लिया , फिर मम्मी जी बोली बहु आज तो मुझे उठने में काफी देर हो गयी - वो क्या है ना कल मैं दिन में सो गयी थी तो मुझे रात को नींद ही नहीं आयी ।




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मैंने उन्हें कहा कोई बात नहीं मम्मी जी मैंने नाश्ता बना दिया है - आप नाश्ता कर लीजिए , फिर मम्मी जी मुझसे बोली अच्छा बहु बब्बन कहा है - मैंने उन्हें कहा मम्मी जी वो बब्बन काका कह रहे थे उनकी तबियत ठीक नहीं है इसलिए वो अपने कमरे में आराम कर रहे है ।




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मम्मी जी बोली ठीक है बहु आज तुम उसे आराम करने दो - आज घर का काम तुम ही देख लेना , इतना बोलते हुए मम्मी जी किचन से बहार जाने लगी - मैंने देखा वो काफी लंगड़ा कर चल रही थी - बब्बन का मोटा मूसल लौड़ा अपने चूतड़ों के बीच लेकर मम्मी जी की तो चाल ही बदल गयी थी , अब मैंने मम्मी जी को छेड़ने के लिए उनसे पूछा मम्मी जी ये आप ऐसे लंगड़ा कर क्यों चल रही है - आपके पैर में दर्द है क्या।




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मम्मी जी बोली नहीं बहु वो मेरा पैर थोड़ा अकड़ गया है - बस थोड़ी देर में ठीक हो जाएगा ।


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अब मैं मन ही मन बोली मम्मी जी ये गांड चुदाई का दर्द है इतनी आसानी से ठीक नहीं होगा , जब पहली बार मेरी गांड चुदाई हुयी थी तब मैं भी काफी दिनों तक ऐसे ही लंगड़ा कर चलती रही थी , फिर मैंने उन्हें कहा मम्मी जी आप अपने कमरे में आराम कर लीजिये - मैं आपका नाश्ता वही लगा देती हूँ ।



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मम्मी जी बोली हाँ बहु ये ठीक रहेगा तुम मेरा नाश्ता मेरे कमरे में ही लगा दो , अब मम्मी जी अपनी मोटी गांड हिलाते हुए अपने कमरे में चली गयी और फिर मैं भी उनके पीछे पीछे उनका नाश्ता लेकर उनके कमरे में पहुँच गयी ।



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मम्मी जी को नाश्ता देने के बाद मैं तो घर के कामो में लग गयी और मम्मी जी अपने कमरे में थी , फिर थोड़ी देर बाद बब्बन चुप चाप मम्मी जी के कमरे में घुस गया और उसने उनके कमरे का दरवाज़ा बंद कर लिया ।


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अब मैं उनके कमरे के पास गयी तो मुझे बहुत तेज तेज मम्मी जी की सिसकारियों की आवाज़ सुनाई देने लगी - मैं समझ गयी थी की एक बार फिर से मम्मी जी की चुदाई शुरू हो गयी है ।


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दोस्तों अब तो ये हररोज़ का ही हो गया था - बब्बन दिन रात मम्मी जी की चुदाई करने लगा था , वो रात को मम्मी जी के साथ ही सोता था।


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मम्मी जी बब्बन का लंड लेती थी और मैं एक नौकरानी की तरह पूरे घर का काम करती थी , सच में बब्बन ने मुझे पूरी तरह एक नौकरानी बना कर रख दिया था - जब बब्बन मम्मी जी को चोद कर थक जाता था तो वो मुझसे अपने पूरे बदन की मालिश करवाता था ।


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फिर मेरे ससुर जी भी वापस आ गए लेकिन उनके आने के बाद भी मम्मी जी की चुदाई बंद नहीं हुई थी - बब्बन को जब भी मौका मिलता था वो मम्मी जी को जमकर चोदत। था ।




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मम्मी जी को बब्बन से चुदने में बहुत मज़ा आ रहा था - मैंने काफी बार रात के वक़्त अपने कमरे से मम्मी जी को बब्बन के कमरे में जाते हुए देखा था ।


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शायद मम्मी जी बब्बन का लंड ले लेकर पूरी तरह उसके लंड की आदि हो गयी थी ।


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दोस्तों मेरे ससुर जी के घर में होते हुए भी मम्मी जी बब्बन से खूब चुदवा रही थी लेकिन ससुर जी को इस बात की भनक भी नहीं थी - वो तो मम्मी जी को एक शरीफ और संस्कारी औरत ही समझते थे।


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लेकिन उन्हें क्या पता था की अब उनकी शरीफ और संस्कारी बीवी एक नंबर की लंड खोर हो गयी है ।



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फिर एक दिन की बात है उस दिन सुबह के वक़त ससुर जी और बब्बन बाजार गए हुए थे , मैं किचन में काम कर रही थी और मम्मी जी अपनी एक सहेली के घर जाने के लिए तयार हो रही थी , दरसल उनकी एक सहेली सुमन आंटी ने नया घर लिया था तो उनके घर का गृह प्रवेश था।


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तभी मम्मी जी मुझे आवाज़ लगाते हुए बोली मोना बहु मैं जा रही हूँ - दो तीन घंटे में आ जाऊँगी - मैंने उन्हें कहा मम्मी जी नाश्ता तो कर लीजिये - मैंने नाश्ता बना दिया है , मम्मी जी बोली बहु मुझे देर हो रही है मैं सुमन के घर ही नाश्ता कर लुंगी ।


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इतना बोलकर मम्मी जी बहार चली गयी , फिर करीब १० मिनट बाद मम्मी जी वापस आयी और वो वापस आते हुए गुस्से में बहुत तेज तेज कुछ बड़बड़ा रही थी , मम्मी जी बोल रही थी इन लोगो में तो कोई तमीज़ ही नहीं है - पता नहीं किसने उसे नौकरी पर रख लिया ।


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अब मैं किचन से बहार आयी तो मैंने देखा मम्मी जी की साड़ी पर कुछ कीचड़ जैसा लगा हुआ था , तभी मैंने उनसे पूछा मम्मी जी ये आपकी साड़ी इतनी गन्दी कैसे हो गयी है , मम्मी जी अब थोड़ा गुस्से में बोली क्या बताऊँ बहु - कॉलोनी में नया चौकीदार आया है - वो फ़ोन पर बात करते हुए गुटका चबा रहा था और एक दम से उसने बिना देखे मेरी साड़ी पर थूक दिया , पता नहीं ये लोग दिन भर गुटका क्यों चबाते रहते है - इन लोगो में बिलकुल भी तमीज़ नहीं है - कही पर भी गुटका खा कर थूक देते है , अब मैंने उन्हें कहा मम्मी जी आप अपनी साड़ी बदल लीजिये हम आज ही सेक्रेटरी साहब से बात करते है - भला ऐसे भी कोई बिना देखे कही पर भी थूकता है क्या ।




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मम्मी जी बोली बहु तुम ठीक कह रही हो - मैं आज ही उस जाहिल को नौकरी से निकलवा दूंगी , अब मम्मी जी अपनी साड़ी बदल कर आयी और फिर वो मुझसे बोली बहु अभी तो मुझे देर हो रही है - मैं शाम को सेक्रेटरी साहब से उस चौकीदार के बारे में बात करुँगी ।


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फिर मम्मी जी जैसे ही बहार जाने लगी तो वो चौकीदार हमारे घर पर आ गया और वो हमारे घर पर आते ही मम्मी जी के पैरो में गिरकर उनसे माफ़ी मांगते हुए बोला मेमसाब मुझे माफ़ कर दो - वो मैं फ़ोन पर बात कर रहा था - मेरा ध्यान ही नहीं था और एक दम से आप वहाँ आ गयी , मेरी शिकायत मत करियेगा - मुझे इस नौकरी की बहुत ज़रुरत है ।



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दोस्तों जैसे ही मैंने उस चौकीदार का चेहरा देखा तो मेरी तो गांड ही फट गयी - क्युकी ये वही आदमी था जो मुझे उस दिन बाजार में मिला था , जिसने उस दिन मुझे एक सुनसान जगह पर लेजाकर मेरी खूब जमकर चुदाई की थी ।




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बब्बन ने इसी आदमी से चुदते हुए तो मेरी वीडियो बनाई थी , उस आदमी को देखते ही उस दिन हुई मेरी चुदाई का सारा नज़ारा मेरी आँखों के सामने घूमने लगा , मैं सोचने लगी की कही मुझे कोई गलतफेमहि तो नहीं हो रही - लेकिन दोस्तों मैं इस आदमी का चेहरा कैसे भूल सकती थी आखिर मैने इस आदमी का मोटा काला मूसल लौड़ा अपनी चूत और गांड में जो लिया था ।



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तभी उस आदमी ने भी जैसे ही मुझे देखा तो उसके चेहरे पर भी एक अलग सी मुस्कान आ गयी - शायद वो भी मुझे पहचान गया था ।



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अब मम्मी जी उससे गुस्से में बोली मैं तुम्हे नौकरी से निकलवा कर ही रहूंगी , तभी मैंने मम्मी जी को कहा मम्मी जी आपको देर हो रही है - आप जाइये - मैं इसकी अच्छे से खबर लेती हूँ , मम्मी जी बोली हाँ बहु मैं पहले ही काफी लेट हो गयी हूँ - मैं जा रही हूँ लेकिन तुम इसकी अच्छे से खबर लेना ।


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मैं सोचने लगी मम्मी जी मैं क्या इसकी खबर लुंगी आपके जाने के बाद खबर तो ये मेरी लेगा , फिर जैसे ही मम्मी जी घर के बहार गयी - उस आदमी ने हमारे घर का गेट बंध किया और उसने मुझे अपनी बाहो में दबोच लिया , वो मुझसे बोला मोना तू यहाँ बहन की लौड़ी कुतिया उस दिन के बाद मैंने तुझे कहाँ कहाँ नहीं ढूंढा लेकिन मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था तू मुझे यहाँ मिलेगी ।



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इतना बोलते हुए वो जोरदार तरीके से मेरे होंठो को चूसने लगा - मुझे उसके मुँह से बहुत तेज गुटके की बदबू आ रही थी , तभी मैं उसे अपने से दूर करते हुए कहने लगी आह छोड़ो मुझे आह ये क्या कर रहे हो - कोई आ जाएगा , वो बोला मोना साली रांड मेरा लौड़ा तो अब तुझे चोद कर ही शांत होगा ।


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बहन की लौड़ी तेरा बदन तो पहले से भी ज्यादा गदरा गया है , इतना बोलते हुए उसने अपनी पैंट से अपना लौड़ा बहार निकाल कर मेरे हाथ में पकड़ा दिया ।




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वो मेरे होंठो को चूसते हुए मेरे चूचो को मेरे ब्लाउज के ऊपर से ही बहुत तेज तेज दबा रहा था , मैं काफी टाइम से चुदी नहीं थी इस वजह से मैं गर्म होने लगी थी और मेरे मुँह से बहुत तेज तेज सिसकारियाँ निकल रही थी ।



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मेरा उससे चुदने का मन तो कर रहा था लेकिन मुझे बहुत डर भी लग रहा था , मैं सोच रही थी बाबूजी बाजार से आने ही वाले होंगे कही उन्होंने मुझे इस कमीने के साथ देख लिया तो मैं उन्हें क्या जवाब दूंगी।




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फिर मैंने उसे कहा देखो अभी तुम यहाँ से चले जाओ - तुम फिर कभी मुझे चोद लेना ।





लेकिन वो कहाँ मानने वाला था वो मुझसे बोला मोना बस एक बार दे दे फिर मैं चला जाऊँगा , इतना बोलते हुए उसने मेरी साड़ी और मेरा पेटीकोट मेरी कमर तक उठा दिया - मैं ब्रा कच्छी तो पहनती नहीं थी इसलिए मेरी चूत पूरी नंगी हो गयी ।







अब वो बुरी तरह मेरी चूत मसलने लगा जिससे मेरे मुँह से सिसकारियाँ निकलनी शुरू हो गयी और मैं भी उसके होंठो को चूसते हुए उसका साथ देने लगी ।





मुझे पता था ये कमीना मुझे चोद कर ही मानेगा इसलिए मैंने सोचा इससे पहले बाबूजी और बब्बन घर आये मैं इस ज़ालिम से चुदवा ही लेती हूँ ।





अब मैं अपने घुटनो पर बैठ गयी और मैंने उसका लौड़ा अपने मुँह में डाल लिया , फिर मैं उसके काले मोटे मूसल लौड़े को चूसने लगी , अब उसने मेरे ब्लाउज के बटन खोले और उसके बाद उसने मेरे हाथ ऊपर करके मेरा ब्लाउज मेरे जिस्म से अलग कर दिया ।





अब मैं ऊपर से पूरी नंगी हो गयी थी - वो कभी मेरे चूचो को दबा रहा था तो कभी वो मेरे सर को सहलाते हुए बोल रहा था आह चूस आह बहन की लौड़ी आह मोना साली रांड आह ऐसे ही मेरा लौड़ा चूस साली क्या मस्त लौड़ा चूसती है तू ।





दोस्तों मैं जल्द से जल्द उसके लंड का पानी निकाल कर उसे अपने घर से भेजना चाहती थी इसलिए मैं बहुत तेज तेज उसका लंड चूस रही थी , मैंने उसका लंड चूस चूस कर पूरा गीला कर दिया था - फिर उसने मुझे खड़ी किया और उसके बाद उसने मेरी साड़ी और मेरा पेटीकोट उतारकर मुझे पूरी नंगी कर दिया , अब वो मुझे सोफे के पास लेकर गया और उसने मुझे सोफे पर बैठा दिया - उसके बाद वो मेरी दोनों टाँगे चौड़ी करके मेरी चूत चाटने लगा ।






मेरी चूत चाटते हुए वो मुझसे कहने लगा आह बहन की लौड़ी मोना तेरी चूत तो एक दम गीली पड़ी है लगता है बहुत टाइम से तुझे लंड नहीं मिला है , लेकिन तू चिंता मत कर अब मैं तुझे कभी भी लंड की कमी महसूस नहीं होने दूंगा ।





दोस्तों वो बहुत गन्दी गन्दी गालियाँ देते हुए किसी भूखे कुत्ते की तरह मेरी चूत चाट रहा था - मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा था - मैं उसका सर पकड़ कर उसका मुँह अपनी चूत पर रगड़ते हुए बहुत तेज तेज आह उफ्फ्फ आह मममम आह उफ्फ्फ आह उम्म्म्म आह मममम की सिसकारियाँ ले रही थी ।






मैं अपनी चूत तो चटवा रही थी लेकिन मेरा ध्यान बस बहार मेन गेट की तरफ ही था , मुझे बहुत डर लग रहा था की कही ससुर जी ना आ जाए , इतने में वो अपने सारे कपड़े उतार कर पूरा नंगा हो गया ।





फिर उसने अपने लौड़े को मेरी चूत पर टिकाया और उसके बाद उसने एक जोरदार धक्का लगाकर अपना पूरा का पूरा लौड़ा मेरी चूत में उतार दिया ।





जैसे ही उसका लौड़ा मेरी चूत में गया तो मुझे राहत ही मिल गयी , बहुत टाइम बाद मुझे लंड मिला था तो मैं बहुत खुश थी ।




अब उसने ताबड़तोड़ तरीके से मेरी चूत पेलनी शुरू कर दी , वो मेरी चूत मारते मारते मेरे ऊपर आ गया था - वो कभी मेरे होंठो को चूस रहा था तो कभी वो मेरे दोनों चूचों को बारी बारी अपने मुँह में लेकर चूस रहा था , मुझे बहुत मज़ा आ रहा था और मैं उसका पूरा पूरा साथ दे रही थी ।






अब वो मेरे साथ सोफे पर मेरे पीछे लेट गया और उसके बाद उसने मेरी एक टांग उठाकर मेरी चुदाई शुरू कर दी ।





वो मेरी चूत में बहुत तेज तेज धक्के लगा रहा था - मेरी चूत मारते हुए वो मेरी गर्दन पर किस कर रहा था तो कभी वो मेरे चूचो को मसल रहा था ।




हम दोनों बहुत तेज तेज सिसकारियाँ ले रहे थे - मैं सिसकारियाँ लेते हुए कभी अपनी चूत सहला रही थी तो कभी मैं अपने चूचो को दबा रही थी , मैं पूरी तरह मस्ती में खो गयी और मैं बहुत तेज तेज सिसकारियाँ ले रही थी - अब मैं किसी भी वक़्त बस झड़ने ही वाली थी ।



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तभी एक दम से हमारे घर की डोर बैल बजी - डोर बैल की आवाज़ सुनकर तो मैं डर ही गयी थी ।




शायद ससुर जी और बब्बन आ गए थे , अब मैंने उस आदमी का लौड़ा अपनी चूत से बहार निकाला और फिर मैं सोफे से खड़ी हुई और अपने कपड़े देखने लगी ।





इतने में बहार से बाबूजी आवाज़ लगाते हुए कहने लगे मोना बहु दरवाजा खोलो - कहाँ हो तुम ।





अब मैंने उस आदमी को कहा जल्दी से जाओ यहाँ से मेरे ससुर जी आ गए है , मेरे ससुर जी बहार दरवाज़े पर खड़े थे और मैं एक गैर मर्द के साथ घर में पूरी नंगी थी ।





ससुर जी बार बार घर की डोर बैल बजाते हुए मुझे आवाज़ लगा रहे थे - मुझे तो कुछ समझ ही नहीं आ रहा था की मैं क्या करूँ ।





तभी मैंने देखा बाथरूम के पास कुछ मैले कपड़े पड़े हुए थे - उन्ही में मेरी मैक्सी भी थी , अब मैंने जल्दी से वो मैक्सी पहन ली और उसके बाद मैंने एक दुप्पटे से सर पर घूंगट कर लिया ।






अब मैंने उस आदमी को ऊपर मेरे कमरे में जाने का इशारा किया - फिर मैंने अपनी साड़ी ब्लाउज और पेटीकोट सोफे के नीचे छुपा दिया।






उसके बाद मैं आवाज़ लगाते हुए बोली जी बाबूजी मैं आ रही हूँ ।





अब मैंने बहार का दरवाज़ा खोला तो सामने बब्बन और मेरे ससुर जी खड़े थे , ससुर जी मुझे देखते ही बोले बहु बड़ी देर लगा दी तुमने दरवाज़ा खोलने में और तुम्हे इतना पसीना क्यों आ रहा हैं - तुम कुछ काम कर रही थी क्या ।





मैंने उन्हें कहा हाँ बाबूजी वो मैं कपड़े धो रही थी - डोर बैल की आवाज़ सुनाई ही नहीं दी , अब ससुर जी अंदर आकर सोफे पर बैठ गए - फिर मैं उनके लिए पानी लेकर आयी ।






मैंने ससुर जी को पानी दिया तो वो मुझसे बोले बहु तुम्हारी सास चली गयी क्या - मैंने उन्हें कहा हां बाबूजी मम्मी जी को गए हुए तो काफी टाइम हो गया है ।





मैंने अब बब्बन की तरफ देखा तो वो मुझे बहुत ही घूर घूर कर देख रहा था , मेरा बदन पूरी तरह पसीने से भीगा हुआ था और मेरी चूचियां भी एक दम तनी हुई थी जो मेरी मैक्सी में से साफ़ साफ़ दिखाई दे रही थी।






फिर बब्बन को सोफे के नीचे पड़े हुए मेरे कपड़े भी दिख गए ।





अब बब्बन समझ गया की जरूर दाल में कुछ काला है , तभी बब्बन ससुर जी से बोला साहब आप काफी थक गए होंगे चलिए - आप अपने कमरे में चलकर आराम कर लीजिये ।





ससुर जी बोले हाँ मैं थक तो बहुत गया हूं मैं थोड़ी देर आराम कर लेता हूँ , अब ससुर जी जैसे ही अपने कमरे में जाने लगे तो एक दम से हमारे मोहल्ले के सेक्रेट्री साहब हमारे घर आ गए ।






ससुर जी उन्हें देखते ही बोले अरे सेक्रेट्री साहब आप यहां - आज आप हमारे घर का रास्ता कैसे भूल गए , सेक्रेट्री साहब बोले भाईसहाब बाबूलाल यहाँ आया है क्या , ससुर जी बोले अरे सैक्टरी साहब ये बाबूलाल कौन है ।







सेक्रेट्री साहब बोले भाई सहाब वो आज ही हमने अपनी कॉलोनी के लिए एक नया चौकीदार रखा है , उसी का नाम बाबूलाल है - बहुत देर हो गयी वो कही दिखाई नहीं दे रहा - वो एक आदमी बता रहा था की उसने बाबूलाल को आपके घर की तरफ आते हुए देखा था ।





तभी मैं बोली सेक्रेटरी साहब वो यहाँ आया तो था लेकिन तभी चला गया था , अब सेक्रेटरी साहब बोले शायद वो बहार खाना खाने चला गया होगा मैं उसे बहार देखता हूँ ।






अब सैक्टरी साहब हमारे घर से चले गए और फिर बब्बन ससुर जी को उनके कमरे में ले जाने लगा , अब मैं सोचने लगी अच्छा तो इस आदमी का नाम बाबूलाल है - दोस्तों मैं दो बार बाबूलाल का लंड ले चुकी थी लेकिन मुझे उसका नाम तक नहीं पता था ।







तभी एक दम से बब्बन मेरे पास आया और वो मुझसे बोला बहन की लौड़ी अब तूने ये काम भी शुरू कर दिए क्या - अब तो तू पूरी तरह रांड बन गयी है ।






मैंने उसे कहा ये आप क्या बोल रहे है - तभी वो बोला साली तू बाबू लाल से चुदवा रही थी ना - बहन की लौड़ी बता कहाँ है वो , बब्बन को पता चल गया था की मैं बाबूलाल से चुदवा रही थी ।







अब वो थोड़े गुस्से में बोला बहन की लौड़ी बता रही है या अभी उस सैक्टरी को वापस यहाँ बुलाऊँ , मैंने कहा वो ऊपर मेरे कमरे में है - फिर बब्बन मुझे अपने साथ ऊपर मेरे कमरे में ले आया , बाबूलाल वहाँ पर्दे के पीछे छुपा हुआ था - तभी बब्बन उसको आवाज़ लगाते हुए बोला अरे भाई छुपने की ज़रूरत नहीं है बहार आ जाओ ।





अब बाबूलाल जैसे ही बहार आया तो बब्बन भी उसे देखते ही चौंक गया , दोस्तों एक तरह से देखा जाए तो बाबूलाल ही वो आदमी था जिसकी वजह से बब्बन को मेरी और मम्मी जी की चुदाई करने का मौका मिला था , बब्बन बाबूलाल को देखते ही बोला अरे भाई तुम यहाँ , बाबूलाल बोला तुम मुझे जानते हो क्या - अब बब्बन ने अपना फ़ोन निकाला और उसके बाद वो बाबूलाल को मेरी और उसकी चुदाई की वीडियो दिखाने लगा ।







फिर उसने बाबूलाल को सब बता दिया की कैसे उस दिन वो वहाँ मौजूद था और उसने हम दोनों की वीडियो बना ली थी , फिर उसने इस वीडियो के ज़रिये मुझे ब्लैकमेल करके कैसे मेरी चुदाई की , बब्बन ने बाबूलाल को मेरी चुदाई के बारे में तो सब बता दिया था लेकिन उसने उसे मम्मी जी की चुदाई के बारे में कुछ नहीं बताया था ।






बब्बन की बाते सुनकर बाबूलाल तो बहुत खुश हो गया - वो बब्बन से बोला अब तो हम दोनों मिलकर इस गदरायी रांड की चुदाई किया करेंगे , बब्बन बोला अरे बाबूलाल तुम इसकी चुदाई करो - मैं नीचे इसके ससुर को देखता हूँ - उस बुड्ढे को कुछ पता चल गया तो मुसीबत हो जायेगी ।






अब मैं बोली बाबूलाल तुम्हे सैक्टरी सहाब ढूंढ रहे है - तुम मुझे बाद में चोद लेना , अगर तुम नहीं गए तो वो तुम्हे नौकरी से निकाल देंगे ।






अब बाबूलाल ने मेरी मैक्सी पकड़ी और उसके बाद वो मेरी मैक्सी उतारते हुए बोला मोना तेरी जैसी माल को चोदने के लिए तो ऐसी १००० नौकरी कुर्बान है ।





अब बब्बन बोला ये हुई ना मर्दो वाली बात - चलो तुम इस रांड की अच्छे से चुदाई करो - मैं नीचे जाता हूँ ।





अब बब्बन तो नीचे चला गया और बाबूलाल ने मुझे उठाकर बेड पर पटक दिया और फिर वो खुद मेरे ऊपर आ गया ।







दोस्तो फिर ऐसे ही मैं और मेरी माँ जी मतलब मेरी सासू मां बब्बन और बाबूलाल से चुदाए के मजे लेती रही।






Friends ये स्टोरी यहीं खत्म होती है,अब मैं आपलोग से नई स्टोरी के साथ मिलूंगी जो मैं कल से स्टार्ट कर रही हूं।





समाप्त




 
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