Lucky-the-racer
Well-Known Member
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ये तो बहुत ही बुरी खबर है । पाठकों का क्या होगा।मित्रो कल से हमारे यंहा लोकडाउन है... आप सभी को पहले ही अवगत करवा दू की लोकडाउन की स्थिति में अपडेट नहीं दे पाउँगा
Lockdown Story ka lockdown mai hi update nhi....मित्रो कल से हमारे यंहा लोकडाउन है... आप सभी को पहले ही अवगत करवा दू की लोकडाउन की स्थिति में अपडेट नहीं दे पाउँगा
Indore Bhopal JabalPurLockdown kahan lag gaya...laga b hai toh night currews hai
मैं – मैं कई दिनों से पब्लिक ट्रांसपोर्ट से नहीं घुमा इसीलिए... मेरा भी रूटीन चेंज हो जाएगा... बस इसीलिए
आयशा – ठीक है कल पक्का
मैं – ठीक कल पक्का
{ और आयशा मेरे कमरे से बाहर निकल जाती है और में आँखों में गुस्से के साथ बालकनी में जाकर सिगरेट पिने लगता हूँ }
आज का यंही तक... वैसे झंड फ़क़ीर दास जी कह गए है
बड़ा हुआ तो क्या हुआ, तेरा लंड हुजुर,
बस में घूम रही बहन तेरी, सबने मज्जे लिए भरपूर !
अब आगे
अगले दिन जब में सोकर उठा तो दस बज चुके थे... मेरा यही रूटीन था देर तक सोना...
में बाथरूम में गया फ्रेश होकर अंडरवियर में ही बाहर आ गया... जिसमे मेरा सोया हुआ लंड भी अलग ही नजर आ रहा था... जैसे ही में रूम में इंटर हुआ मेरे देखा आस्मा मेरे बेड पे बैठी हुई थी वो भी शायद नहा कर ही आई थी उसके बाल गिले थे जिससे उसका टैंक टॉप भी थोडा भीग गया था जो उसकी छाती पे चिपक गया था जिससे मुझे उसके जिस्म का उभार अच्छे से दिख रहा था... मैं कुछ देर उसे देखता रहा फिर उससे बोला
मैं – आस्मा आज तुम सुबह सुबह मेरे रूम में कैसे
आस्मा – मुझे तुझ से कुछ बात करनी है...
मैं – हाँ बोल
आस्मा – पहले यंहा बैठ
{ और आस्मा ने मुझे बेड पे बैठा दिया और उछल कर मेरी गोद में बैठ गयी और मुझे गले लगा कर... मेरे सर पे हाथ फेरने लगी और बोली }
आस्मा – अक्की तू मुझ से एक वादा कर...
मैं – कैसा वादा
आस्मा – यही की अगर तुझे कोई और लड़की मिल गयी तो तू मुझे भूलेगा नहीं
मैं – कैसी बात कर रही है तू... मैं किसी और लड़की के लिए तुझे क्यूँ भूलने लगा
{कंही न कंही में समझ गया था की आस्मा की परेशानी की वजह आयशा और मेरा एक दुसरे के साथ टाइम बिताना है }
आस्मा – नहीं पहले मेरी कसम खा कर बोल
मैं – अच्छा मेरी जान टी कसम... मेरी ज़िन्दगी में कोई भी लड़की आ जाए... मेरी कितनी ही करीबी क्यूँ ना हो जाए... पर तेरी जगह कोई नहीं ले पाएगी... कभी भी नहीं ले पाएगी...
{ मेरा इतना कहना ही था की आस्मा ने मुझे कस के अपनी छाती से लगा लिया जिससे उसके निप्पल मुझे अपने सिने में चुभते हुवे महसूस हुवे... जिसका सिर्फ एक ही कारण हो सकता है की वो भी मुझ से चिपक के गर्म हो गयी है.... पर ऐसा क्यूँ हुआ... में सोच ही रहा था की आस्मा ने अपनी कमर हिलाई और मेरा लंड उसकी चूत के निचे अच्छे से एडजस्ट हो गया और में समझ गया की मेरी बहन मेरी जान को भी मेरा साथ अच्छा लगता है... और इसी की ठोकरे अपनी चूत पे खा कर मेरी बहन गर्म हो गयी है }
आस्मा - थैंक यू थैंक यू सो मच... उम्म्न्हा उम्म्न्हा
{ और उसने मेरे दोनों गालो पे किस कर दिया }
मैं – बस बस और अब ये बता की तुझे अच्चानक क्या हुआ.. तुझे ऐसा क्यूँ लगा की में तुझसे दूर हो जाऊंगा...
आस्मा – {आस्मा कुछ सकपकाई और फिर बात बदलते हुवे बोली } वो तुम अब दिल्ली जा रहे हो चार साल के लिए और अब तुमसे चार साल बाद ही मुलाकात होगी... इन चार सालो में कभी तुम्हारा मन फल खाने का हुआ तो, तुम्हे दिल्ली में हर तरह के फल मिल जायेंगे.. जैसे पपीते, संतरे, और तुम्हारे पसंदीदा सेब भी.. फिर तुम्हे यंहा के फल अच्छे थोड़ी लगेंगे
मैं – ऐसा कुछ नहीं है... मैं कभी अपने घर के फलो को नहीं भूल सकता... और जब तक में वापस आऊंगा तब तक मुझे यकीं है की यंहा के फल भी अच्छे से पाक जायेंगे और रस भी अच्छे से भर जाएगा...
आस्मा – हाँ वो तो है पर
मैं – पर क्या
आस्मा – मेने सुना है की दिल्ली की कमसिन लडकियां... अपने अंगूर भी बड़े शौक से खिलाती है तुम्हारे जैसे गबरू जवानों को...
मैं – खिलाती होगी ... पर मुझे अंगूर खाने का कोई शौक नहीं है
आस्मा – वो तो वक़्त ही बताएगा पर अपना प्रॉमिस मत भूल जाना
मैं – नहीं भूलूंगा चल अब उठ जा
{ क्यूंकि मेरा लंड इतना ज्यादा टाइट हो चूका था की मुझे लग रहा था अंडरवियर फाड़ के बाहर ना आ जाए }
आस्मा – नहीं अभी मुझे एक बात और करनी है...
{ और ये बोल कर आस्मा मेरे लंड पे अपनी चूत आगे पीछे घिसने लगती है बलकुल स्लो मोशन में... जैसे जान बुझ के नहीं कर रही हो... इससे मेरी हालत और ज्यादा ख़राब होने लगती है }
मैं – क्याआया बाथह्ह कर्नीई हीई जल्दीई बोल्ल्ल्ल
आस्मा - आज तुम आयशा के साथ बस से जा रहे हो ना काम से
मैं – हान्
आस्मा – तो तुम बस में किसी से लड़ाई नहीं करोगे
मैं – मैं क्युन्न्न किसी सेय्य्य लड़नेए... लगा
आस्मा – { और जोर से चूत घिसते हुवे } बस में ऐसा बहुत कुछ होता है जो हम लडकियों के लिए एक नार्मल बात है और हम उसको माइंड भी नहीं करती है इन्फक्ट कई लडकिया उसके मजे भी लेती है...
मैं – जब तक सब कुछ मर्जी से हो तब तक ठीक है में कुछ नहीं करूँगा पर अगर जबरदस्ती हुवा तो सामने वाला पिटेगा
{आस्मा और तेजी से आगे पीछे होने लगी और मुझे ऐसा लगने लगा की अब मेरा लंड उसकी चूत के निचे ही फट जायेगा }
आस्मा – नहीं कुछ भी हो तुम लड़ाई नहीं करोगे... बोलो नहीं करोगे
{ और अपनी गांड को जोर से मेरे लंड पे हिलाने लगी... अब मेरे हाथ से सिचुएशन निकल चुकी थी...}
मैं – देखूंगाआ.... उसीईइ समय्य्य्य की क्यआकरना है.... तू अब उतर जा निचे
आस्मा – नही उतरूंगी पहले बोल की नहीं लडेगा
मैं – नहीई, लडूंगा में.... आःह्ह्ह मैं... लाडून्गाह्ह्ह.... आह्ह्ह आह्ह्ह आस्मा { और मेने अपने दातो से उसकी गर्दन को काटने लगा और झटके खाने लगा } आह्ह्ह्ह आस्म्मा.... जैसे तू चाहे मेंह्ह्ह नहीं लडूंगा... मैंह्ह्ह्ह नहीं लडूंगा... {मेरे लंड ने इतना माल छोड़ा की मेरे अंडरवियर के पतले कपडे में चु कर बाहर निकल रहा था.... और में मजे से काँप रहा था... मेरे मुह से शब्द नहीं निकल रहे थे...}
आस्मा – { मेरे बालो में हाथ फेरते हुवे...} बस बस हो गया... सांस ले... एक गहरी सांस ले... शाबाश
{ और फिर आस्मा मेरे ऊपर से उठ गयी... मेरे अंडरवियर में से अब भी मेरा माल बूंद बूंद कर के टपक रहा था की आस्मा बोली }
आस्मा – अब मुझे तेरे दिल्ली जाने से कोई खतरा नहीं है...
मैं – क्युन्न्न्न { एक गहरी सांस लेते हुवे }
आस्मा – क्यूंकि अगर किसी लड़की ने तेरे से केला लेकर खा भी लिया तो वो दुबारा तेरा केला खाने नहीं आएगी... फिर चाहे उसके अंगूर हो या पपीते...
मैं – क्यूँ ऐसा क्यूँ...
आस्मा – अरे सिर्फ कैला लम्बा होने से स्वाद थोड़े ही आता है...
{ और ये बात बोलते से वो पलट कर बाहर की तरफ जाने लगी}
स्वाद तो तब आता है जब कैला कम से कम दस मिनट तो चले...और तेरा केला तो २ मिनट में ही दम तोड़ गया...
{ ये बोल कर वो तो बाहर निकल गयी पर उसकी बात मेरे दिल और दिमाग में तीर की तरह चुभी थी... कुछ सेकंड तो मुझे कुछ समझ नहीं आया और फिर में उठा और बाथरूम में जाकर अंडरवियर उतर कर फिर से नहाने लगा और अपने आपको समझाने लगा }
मैं – अक्की देख ये सब नार्मल... एक तो तेरी माँ बहने सभी हॉट है जिसको देख के तेरा लंड हमेशा खड़ा रहता है और तू मुठ भी तो नहीं मारता... बस इसलिए जल्दी हो गया... तू परेशान मत हो... सब ठीक है... जब तू चुदाई करेगा ना तब देखना पुरे एक घंटे चोदेगा लड़की को... पूरा एक घंटा
{ इसके बाद में रूम से बहार आया और तैयार हो गया... फिर निचे हॉल में गया तो अम्मी नाश्ता लगा रही थी... सभी टेबल पे बैठे हुवे थे और नाश्ता कर रहे थे... पर जो बात मुझे सब से अटपटी लगी वो ये थी की आयशा ने बुरखा पहना हुआ था... मैं सोचने लगा की... साली ने कल ही बताया की कैसे वो बस में अपनी गांड दबवा के मजे लेती है और कैसे किसी ने उसकी गांड मारने की कोशिश की थी पर जब घर से निकलती है... तो कैसी पाकीज़ा खातून बन कर निकलती है... कोई बोल नहीं सकता की इसके निचे का झरना हमेशा पानी बहाते रहता है... मैं ये सब सोच ही रहा था की आयशा का नाश्ता खत्म हुआ... और उसने मुझे चलने के लिए बोला... मैंने भी नाश्ता खत्म किया और हम दोनो बाहर आ गए.... बाहर आकर मैं कार नीकालने लगा तो आयशा बोली }
आयशा – मालिक आप कार क्यूँ निकाल रहे है... आप को तो बस से जाना था
मैं – अन्दर बैठो में सब बताता हूँ...
{आयशा अन्दर बैठ गयी और फिर बोली }
आयशा – हाँ अब बताओ...
मैं – देखो तुम मेरी गुलाम हो...
आयशा – हाँ
मैं - तो तम्हे मेरी किसी बात का बुरा नहीं लगना चाहिए
आयशा – मुझे आपकी किसी बात का बुरा नही लगेगा आप बोलो
मैं- असल में... मैं बस से इसीलिए जाना चाहता था की में तुम्हे बस में अनजान लोगो के साथ मस्ती करते हुवे देख सकू
आयशा – तो क्या आप अनजान लोगो को अपनी बहन की चूत... चुतड और बोबे मसलते हुवे देखना चाहते है...
मैं – हाँ बिलकुल मैं यही चाहता हूँ...
{ ये सुन के आयशा का मुह उतर गया और वो उदास हो गयी... पर में उसकी और नहीं देख रहा था.. तो मैं आगे बोलता चला गया }
मैं – अब तुम नाराज मत होना... मुझे लगा जाने से पहले कुछ एडवेंचर हो जाएगा पर तुमने ये बुरखा डाल के सब खराब कर दिया...
{ आयशा कुछ संभल कर बोली }
आयशा - अरे पर हम सब तो घर से बुरखा डाल के ही निकलती है.. और आप फ़िक्र मत करो... लड़की घर से बुरखे में निकले या जीन्स में... चाहे स्कर्ट पहनी हो.. या पूरी चादर लपेट रखी हो... मर्द फिर भी अपनी लार तो टपकायेगे ही...
मैं – तो फिर उस आदमी ने तुम्हारी गांड कैसे मारने की कोशिश की थी.... अब बुरखे में तो वो पोसिब्ल है नही...
आयशा – अच्छा वो... आप गाडी चलाओ में रास्ता बताती हूँ वंहा ले लो..
{ मैं कार चलाने लगा और कुछ देर में ही हम एक स्मार्ट पब्लिक वीमेन टॉयलेट के बाहर थे... अब जो लोग इंदौर से नही है उन्हें बता दूँ की इंदौर में हर थोड़ी दूर प वुमन के लिए स्मार्ट टॉयलेट बने हुवे है जिसमे औरतो के लिए आदम कद शीशे और वेस्टरन टॉयलेट... सेनेटरी पेड जैसी सुविधाए मौजूद है...
टॉयलेट देख के मैंने सोचा अभी तो घर से निकले है... और इसको इतनी जल्दी मूतना भी आ गया... इन औरतो की चूत का भी कोई भरोसा नही कब पानी बहाना चालू कर दे...
खैर उसके बाद मेने आयशा से बोला }
मैं – क्या यार अभी तो घर से निकले है और तुझे इतनी जल्दी आ गयी... घर से कर के नहीं निकल सकती थी...
आयशा – अरे रुको तो मैं अभी आती हूँ
{ और ये बोल कर आयशा उसके अन्दर चली गयी और करीब 15 मिनट के बाद वापिस आई तो मेरे होश उड़ चुके थे...
उसने आखों पे एक कला चस्मा लगा रखा था... होंठो पे ऑरेंज कलर की लिपस्टिक... जिसे देख के मेरे मुह में पानी आने लगा था... मन कर रहा था की अभी इसके होठ चुसके इसकी साड़ी लिपस्टिक खा जाऊ... निचे उसने एक फ्लावर प्रिंट वाली फ्रॉक पहन रखी थी... जिसमे उसके बूब्स कितने बड़े दिख रहे होंगे ये बताने की जरुरत नहीं है... उसकी फ्रॉक सिर्फ वंहा तक थी जन्हा से उसके जांघो के जोड़ शुरू होते है... यानी सिर्फ उसकी बड़ी से चड्डी ही कवर थी उसके अन्दर... वो चलते हुवे मेरी गाडी के करीब आ गयी जिससे उसकी फ्रॉक बार बार ऊपर निचे हो रही थी... और में मन में ये सोच रहा था की अब इसकी चड्डी दिखी की तब इसकी चड्डी दिखी... पर पता नहीं लडकियों में ये कैसी क्वालिटी होती है की कितने भी छोटे कपडे पहन ले अपने सभी अंगो को बखूभी छिपा लेती है... या कितने भी पुरे कपडे पहन ले.. अपने अंगो का भरपूर प्रदर्शन कर देती है... वो पास आकर खिड़की में झुकी और अपना चश्मा निचे कर के मेरी आँखों में देखती हुई बोली...}
आयशा - अब इस ड्रेस में तो कोई भी मेरी फ्रॉक ऊपर कर के मेरी गांड मार सकता है ना...
मैं – हाँ पर यंहा पब्लिक टॉयलेट में कैसे चेंज किया...
आयशा – चिल्ल bro... इंदौर की 90% संस्कारी लडकिया घर से सलवार सूट में निकलती है और इन्ही बाथरूम में नंगी होकर... रांडो की तरह सज सवरकर... लडको के लंड खाने बाहर जाती है... अब चले नहीं तो बस निकल जायेगी...
{ और मेने गाडी निकाल ली... हम सीधा बस स्टॉप पहुचे... और गाडी पार्क करके बस का इंतज़ार करने लगे... कुछ ही देर में एक बस आ गयी जिसे देख के आयशा डर के कांपने लगी... उसकी ये हालत देख के मैंने उससे पूछा }
मैं – क्या हुआ... तुझे देख के ऐसा लग रहा है जैसे तुझे सांप सूंघ गया हो...
आयशा – इस बस को छोड़ दो... दूसरी से चलेंगे
मैं – क्यूँ इसमें क्या खराबी है...
आयशा – ये वही बस है
मैं - कोनसी वही...
आयशा – अरे वही बस जिसमे वो लड़का आता है जिसने मेरी गांड मारने की कोशिश करी थी...
मैं – अच्छा तो ये वही बस है... फिर तो और ज्यादा मज़ा आएगा... अब तो इसी बस से चलेंगे
आयशा – { मायूस से चेहरे से मुझे देखती हुई } प्लीज इसे छोड़ दो...
मैं – अपने मालिक को मना करेगी
{ की तभी बस हमारे सामने आ कर रुक गयी और मैं आयशा को लगभग धकेलते हुवे पीछे के गेट से लेकर चढ़ गया... बस में बहुत भीड़ थी और में थोड़ी दूर खड़ा था... कुछ ही देर में उसके शरीर पे कई हाथ रेंग रहे थे कुछ बस छु के अलग हो रहे थे और कुछ थोडा दबा के... पर इन सब में उसके चेहरे पे मुस्कान थी संतुष्टि की... जिसे देख के मेरा लंड भी फिर से खड़ा हो गया था... की तभी मेने देखा के एक लड़का उसके ठीक पीछे आकर खड़ा हो गया... और आयशा की गांड पे झटके मारने लगा... कुछ देर तो आयशा ने मजे लिए फिर उसने पलट के देखा और फिर जब आगे देखा तो... उसकी आँखों में आसू थे... उसकी निगाहें मुझ से मिली और मेने उससे इशारो में पुचा
क्या हुआ
आयशा ने इशारो में बताया
यही है वो गांड मारने वाला...
और फिर नज़ारे झुका ली जैसे बोल रही हो...
ये किस मुसीबत में डाल दिया तुमने... भाई तो बहन की इज्जत बचाने के लिए होते है... और यंहा तुम खुद तो अपनी बहन को चोदना ही चाहते हो... चलो वो भी ठीक है.. पर अपनी बहन को दुसरो के सामने परोस रहे हो...
कायर हो तुम...
कायर...
आज के अपडेट को इसी सस्पेंस में छोड़ते है और जैसा की संत फकिरदास जी ने कहा है
लवडो के मैदान में, बहन को फसवा आए.....
लवडो के मैदान में, बहन को फसवा आए.....
ना भाग सके...
ना लड़ सके....
मन ही मन पछताए.....




इतना बड़ा कमेंट था की... ऐसा लगा किसी ने एक नया अपडेट लिख दिया
Hero to 4 saal ke liye bahar ja raha hai aur wo Apni Bahno ko Dusro se MASTI karne ke liye Training de raha hai,
Jisse jab wo wapas aaye to uski Bahno ko pura Saher wale CHOD liye ho...
Jo khud hi Bahan ko Bus me sub se Dubwane aur Masalwane le ja raha hai, to 4 saal bad to uski Bahan ka CHUT nahi BHOSDA hi milega...
Aayesha ka mamla samaj nahi aata hai, Bus me bahut se log uski CHUCHI, GAND aur baki Jism ko Daba-Daba kar aur Masalkar MAZA le rahe hai to wo KHUS ho rahi hai aur Masti kar rahi hai,
aur Bechara 1 Ladka uski GAND me LAND dalne ki kosis kar raha hai to Ankh me Anshu la rahi hai,
Maza karne hai to sabse karo ya kisi se mat karo ya fir wo us Ladke ko bol sakti hai ki GAND mat maro, Baki sab Maza le sakte ho.
Us Ladke ko Villian kyu bana rahe ho, us Ladke ne bhi Dekha ki ye Ladki RANDI lagti hai isliye sabse MASALWA rahi hai to Mai bhi MAZA le leta hu, to isme us Ladke ki kya galti hai ?
Ha, ye bat hai ki Baki Sab Jism DABA kar Masti kar rahe hai aur ye Ladka Gand me Land dal de raha hai,
par us Bechare ko kya pata ki jo Ladki sabse Apna Jism Masalwa rahi hai uske sath kya-kya karna Allow hai kya karna Mana hai.
Ab aise me DALLA hero bolega - No means No,![]()
में पूर्ण सहमत हूं भाई आपके कथन से,अगर हीरो अभी चूतिया है तो चूतिया वाली हरकत तो करेगा ही।इतना बड़ा कमेंट था की... ऐसा लगा किसी ने एक नया अपडेट लिख दियारही बात उस लड़के को विलन क्यूँ बना रहा हु तो अपडेट में ये बात साफ़ साफ़ लिखी है की जब आयशा ने उसे रोकना चाह रही थी तो उसने जबरजस्ती कर के उसकी पेंटी का इलास्टिक तोड़ दिया .... ये बात का सिर्फ एक ही मतलब होता है... बलात्कार... और कोई भी इंसान... चाहे पुरुष हो या नारी... अपने साथ जबरजस्ती का सेक्स बर्दाश्त नहीं कर सकता... रही बात ४ साल और उसकी बहनों की ट्रेनिंग की तो फिर से क्लियर कर दू की हीरो खुद अभी चुतिया है... और वो अपनी मर्ज़ी से नहीं जा रहा है... उसको भेजा जा रहा है ताकि वो अनाडी से खिलाड़ी बन सके.... बहनों की चूत मार लेना तो हीरो के लिए आसान है... क्यूंकि वो खुद ही चुदवाना चाहती है... पर सिर्फ चूत का पानी निकलना... लक्ष्य नही है.. लक्ष्य है उनको पूरी तरह से अपनी दासी बना लेना... इस कहानी में कुछ पात्र और थे और मेरे पाठक गन नही चाहते की कहानी adulterie हो.. इसीलिए उन्हें हटा दिया गया है... और सिर्फ जरुरी लोगो को ही रखा गया है... वरना जिसे हमने आज विलन बनाया है वोह हमारे दुसरे वर्शन में हीरो का दोस्त था जो उसकी बहन की गांड मारने में कामयाब भी हो जाता है और खूब बजा बजा के मारता है...
