मनिका - ओह्ह पापा..
जयसिंह - क्या हुआ बेबी ? मेरी जान को बूब्स पे किस अच्छा नहीं लगा क्या??
मनिका को अब जयसिंह की हर हरकत अच्छी लग रही थी। वो पापा के उसकी चूचियों पे किस करने का सोच कर ही तड़प उठी। उसकी दोनों बड़ी बड़ी सुडौल चूचियां एकदम टाइट हो गई और उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया। वो अपनी एक बूब को दबाने लगी और सोचने लगी कि उसके पापा उसकी चूची को दबा रहे है और उसका हाथ उनके बालों में है और उनके बाल प्यार से सहला रही है. वो इतना मदहोश हो जाती है कि अपने पापा का सर पकड़ के अपने स्तन पे लगा देती है। और जयसिंह मनिका की इस मदहोशी का फायदा उठाते हुए उसका एक स्तन ब्रा से निकाल कर उसके निप्पल को अपने मुंह में डाल लेते हैं और उसके स्तन को पीने लगते हैं..मनिका इसी मदहोशी के साथ अपने पापा को अपना स्तनपान करा रही थी...तभी जयसिंह के मैसेज से उसका नशा टूटता है..और वो अपने पापा को अपना स्तन पिलाने का सोच के शर्मा जाती है..
जयसिंह - क्या हुआ बेबी कहा खो गई.?
मनिका - कुछ नहीं पापा..मुझे शर्म आ रही है जी..
जयसिंह - तुमने बताया नहीं बेबी?
मनिका - ओह्ह पापा आप भी ना..बड़े ही गंदे हो..कौन अपनी बेटी के बूब्स पे किस करता है?? आ..बताओ..
जयसिंह - अरे भाई जिसकी बेटी इतनी सेक्सी हो और हॉट हो..वो तो करेगा ही ना..
ये पढ़ के मनिका शर्म से लाल हो जाती है..और नखरे दिखाती हुई लिखती है..
मनिका - पापा आप बहुत गंदे हो गये हो जाओ मैं आप से बात नहीं करती..
जयसिंह - अभी किस किया तो इतना शर्मा रही हो..मै कुछ और करूंगा तो आप कितना शरमाओगी..
मनिका ये पढ़ के कसमसा जाती है। वो जानती है कि पापा इसके आगे किसकी बात कर रहे हैं..पर वो उनके मुंह से सुनना चाहती है..वो धड़कते दिल से उनसे पूछती है..
मनिका - और क्या करोगे पापा आप उनके साथ..ओह्ह
जयसिंह जानते है कि मनिका एकदम गरम हो चुकी है। वो भी वही सुनना चाहती है। जयसिंह भी अब खुल के बोल देना चाहते हैं। ताकि मनिका मानसिक रूप से तैयार रहे की उसके साथ दिल्ली के होटल रूम में क्या क्या होने वाला है..और जयसिंह खुल के उसके सेक्सी बदन का मजा ले सकें..
जयसिंह - अभी तो सिर्फ दूर से किस किया है बेबी। जब हम अकेले होंगे होटल में तो मैं उनको नंगा कर के अच्छे से मसलूंगा, दबाऊंगा, और दोनों को एक एक कर के पिऊंगा और चूसूंगा...फिर आपका क्या हाल होगा सोचो..
ये मैसेज पढ़ के मनिका पैंटी में ही भलभला के झड़ जाती है। उसकी पूरी पैंटी गीली हो जाती है। वो बिस्तर पे गिर जाती है और शर्म से तकिये में अपना मुंह छुपा लेती है। उसके चेहरे पे हल्की शर्म और मुस्कुराहट आ जाती है। वो जयसिंह के बारे में सोचती है। ओह्ह पापा..आप भी ना..अभी सोच के ही इतना मजा आ रहा है जब आप मेरे साथ सच में ऐसा करोगे तो कितना मजा आएगा। ओह्ह मेरे प्यारे पापा..आपकी मनिका तड़प रही है पापा। वो अपने एक हाथ से अपना एक स्तन दवा रही थी और एक हाथ पैंटी में था और अपनी चूत को मसल रही थी। पापा मेरे पास आइये ना, मेरे ऊपर चढ़ के मुझे प्यार करिए, मेरी चूचियों को पी लीजिए, मुझे अपने बड़े से लण्ङ से फ़क करिए..ओह्ह पापा फ़क मी.. फ़क योर मनिका पापा..अपनी बीवी मनिका को चोद दीजिए..आई लव यू पापा..आई लव यू मेरे प्यारे हसबैंड जी..ओह्ह..
जयसिंह - क्या हुआ जान शर्मा गई क्या?
जयसिंह के मैसेज की बिप से मनिका का नशा फिर टूट जाता है..वो शर्मा के उठ जाती है अपनी ब्रा और पैंटी को ठीक करती है। सोचती है पापा को क्या मैसेज लिखे..
वो शर्माते हुए भेजती है..
मनिका - ओह्ह पापा जाओ न अब मुझे कितना सतायेंगे..मुझे नहाने जाना है। जब हम अकेले होंगे तो आप मुझे जितना मन हो प्यार कर लेना..आई लव यू..बाय
ये मैसेज भेज के मनिका शर्मा जाती है..और भाग के बाथरूम में घुस जाती है..