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Incest बेकाबू जज़्बात...

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MAD DEVIL

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Congratulations for your story bhai
Sorry be latest
Story kafi achi chl rhe hai aapki bhai
But aapne jis trh se ek other character ko dala hai VERMA ko smj to aata hai bhai ye bat
.
Prr aapse bs itna khoga ki story aapne INCEST category me rakhe hai isko other category me Mt lejana aap Q ki other character ke karan story dgmgaa jati hai means mja ni aata
.
Baki aapki story hai aapko jo shi lge aap wo kro
 
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karan41

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नहीं मम्मी आपकी बातों का बुरा नहीं लगा
अपने बेटे की इस रव्वये से वर्षा की चेहरे पे मुस्कुराहट आ गयी.....

यें तो किसी पार्टिज या फंशन मै ही पहन सकते हैं अब..
मम्मी ऐसा जरूरी नहीं हैं आप इसे कभी भी पहन सकते हो
वर्षा - लेकिन बेटा यें साड़ी कुछ ज्यादा ही जालीदार हैं औऱ इसका ब्लाउज़ भी थोड़ा अजीब हैं..
यें सब पहने बाहर जाना इस्से थोड़ा अजीब भी लगेगा ना.....
संजू - मम्मी वैसा आपको लग रहा हैं औऱ यें साड़ी बोहत बड़े दुकान की है अगर यें साड़ी या ब्लाउज़ ऐसा अगर अजीब होता तो क़्या इतनी बड़ी दुकान वाले इसे बेचते इस्से उनके ही दुकान का नाम खराब होता...

( संंजु ने बड़ी सफाई से यें बात वर्षा को समझाई )

वर्षा - हा बेटा यें भी सही हैं

संजू - मम्मी वर्मा जी के यहां भी हैं ऐसी साड़ीया हैं
संजू बातों बातों मै वर्षा को लपेट रहा था ताकि वों वों उसे औऱ थोड़ी देर इस रूप मै ताड़ सके....

वर्षा - शायद होंगी बेटा अभी तो वों सलवार सूट भी रखने वाले हैं.... अरे हा मै तो तुम्हें बताना ही भूल गयी दुकान मै कौन कौन से नाप की औऱ कौन सी डिझाईन की रखने हैं यें मै सिलेक्ट करने वाली हु..वों काम वर्मा जी ने मुझ पर सोफा हैं

संजू - अच्छा यें तो बड़ी बात हैं मम्मी मतलब इतनी बड़ी दुकान मै कौन सी ड्रेसेज होना यें आप दिसाईड़ करोगे...

अपने लिये यें तारीफ़ सुनकर वर्षा भी खुश हो गयी
हा बेटा वों तो उनका बड़प्पन हैं

संजू बड़प्पन उनका हैं लेकिन मम्मी आप इसके काबिल होंगी तभी तो उन्होंने आपसे यें कहाँ ना..
औऱ हा मूझे पूरा यकीन हैं मम्मी आपकी डिझाईन औऱ आपके ड्रेसेस सबसे अलग होंगे...

इस बात पर वर्षा खुश होते हुई बोलि थैंक यु बेटा
संजू अपनी मम्मी की तारीफ़ पे तारीफ़ किये जा रहा था...
वर्षा - हा बेटा अच्छा अब मै कुछ काम कर लेती हु
संजू - ठीक हैं मम्मी.

संजू अपने कमरे मै चला गया औऱ डोर को अंदर से लॉक कर दिया
संजू आराम से अपने पलंग पर लेट गया औऱ जल्दी से अपनी पैंट को निचे करके अपने लंड को बाहर निकाल दिया संजू से अब रहा नहीं गया औऱ वों अपने लंड को अपनी मम्मी की याद मै मुठियाँने लगा उसका सूपड़ा वर्षा की यादो मै झटके मार रहा था अपनी मम्मी का यें खूबसूरत रूप आज इतनी पास से देखकर संजू के मुँह मै पानी आ गया औऱ अपनी मम्मी को पाने की इच्छा औऱ ज्यादा उसके लिये बढ़ गयी थी इन सब बातों को याद करते हुऐ संजू अब अपने लंड पर जल्दी जल्दी हात चलाने लगा था वों यही सोच मै था की अगर मम्मी साड़ी मै ही इतनी मादक बदन की लग रही थी तो नंगी कितनी कहर मचा देगी यही सोचते सोचते संजू का गर्म लावा उसके हाथों पर गिर गया औऱ संजू को एहसास हुआ की उसका वीर्य बोहत गर्म था शायद मम्मी की याद मै इसने इतना गर्म पानी फेका होगा औऱ हो भी क्यों ना मम्मी की याद मै तो अच्छे अच्छो का पानी निकल जाये...

संजू ने जल्दी बेड को साफ़ किया औऱ कुछ देर पढ़ाई करने मै लग गया....
तभी कुछ देर बाद वर्षा ने उसे खाना खाने की लिये बुला लिया
वर्षा ने इस वक़्त साड़ी चेंज कर ली थी औऱ अपन हमेशा की सूट सलवार मै थी

संजू - मम्मी पापा की बिना कितना अजिब लग रहा है ना...
वर्षा - हा बेटा
लेकिन क़्या करे उनका काम ही वैसा हैं
संजू - हा वों बात भी हैं

संजू - मम्मी फ़िर आप कब डिझाईन देने वाले हो ड्रेसेस की औऱ कौन कौन से ड्रेस होंगे मम्मी सिर्फ़ सलवार सूट होंगे या और भी कही

अपने बेटे की इस सवाल पर वर्षा खुद ही कंफ्यूज थी क्यों की अब तक उसे भी इतना कुछ मालूम नहीं था

वर्षा - बेटा दरसल मूझे भी नहीं पता शायद मूझे लगता हैं की सलवार सूट ही होंगे
लेकिन वैसा मै कन्फर्म भी नहीं बता सकती

संजू - हा मम्मी वों भी हैं अच्छा अगर मम्मी आपकी डिझाईन वर्मा जी को पसंद आ गयी तो क़्या उनके पुरे दुकान मै वही कपड़े रहेंगे....

वर्षा - हा बेटा

संजू - तब तो मम्मी यें बोहत बड़ी बात होंगी

वर्षा - अच्छा तुम्हारी पढ़ाई कैसी चल रही हैं
( वर्षा ने इस बार संजू से पूछा )

संजू - ठीक चल रही हैं मम्मी
वर्षा - अच्छा बेटा तुम्हें मै मेरी पहली सैलेरी से क़्या लेकर दू बताओ मूझे....
( वर्षा ने बड़े प्यार से संजू से पूछा )

संजू - मम्मी कुछ नहीं
वर्षा - अरे ऐसे कैसे तुमने मूझे दो बार गिफ्ट दिये हैं औऱ क़्या मै एक बार भी तुम्हारें लिये कुछ ले नहीं सकती....

अच्छा मेरी पहली सैलरी मिलने पर तूम मूझे सोचके बता देना ठीक हैं
संजू - ठीक हैं मम्मी

वर्षा औऱ संजू खान ख़त्म कर की अपने अपने कमरे चले गये....

सुबह ज़ब संजू की नींद खुली तो वर्षा किचन मै खाना बना रही थी
कुछ दिनों से संजू वॉकिंग पर नहीं जा रहा था लेकिन वर्षा रोज वॉक करती थी
संजू सीधा तैयार होकर कीचन मै गया वर्षा अपने काम मै लगी हुई थी
वर्षा को काम करता देख संजू वही खड़े होकर वर्षा से पूछने लगा.....

मम्मी अभी आप सुबह जल्दी ही उठ जाते होंगे हैं ना
( अपने बेटे की आवाज़ सुनते ही वर्षा संजू की औऱ देखते हुऐ कहाँ )

अरे उठ गये बेटा औऱ यें क़्या आज तुम बिना बोले ही तैयार हो गये....

संजू - हा मम्मी वों क़्या ना कही आपको देर ना हो जाये इसलिए

वर्षा - अच्छा फ़िर तो ठीक हैं

मै भी तैयार ही हु बस तुम्हारें लिये कुछ बना दू
तुम जाकर हॉल मै बैठो मे कुछ खाने को लेकर आती हु....

संजू - जी मम्मी

थोड़ी देर मै वर्षा ने संजू को खाना लगा दिया औऱ थोड़ी देर मै दोनों ही घर से निकल पड़े

वर्षा अपने काम पर पहुंच गयी औऱ वहां संजू भी अपने कॉलेज पहुंच चूका था....

वर्मा - गुड मॉर्निंग भाभी जी
वर्षा - वर्मा जी को स्माइल देकर उसने भी वर्मा को मॉर्निंग कहाँ....
वर्मा - वर्षा जी आज हमने सलवार सूट की कुछ कपड़े मंगवायें हैं हम एक काम करते हैं यें पार्सल हम टेलर की यहां भेज देते हैं औऱ हम उन्हें वहां जाकर मिल भी लेते हैं इतना बड़ा ऑर्डर हैं उन्हें मिलना भी जरूरी हैं ( वर्मा ने एक इसमें अपनी बात वर्षा से कह दी )

वर्षा - हा वर्मा जी चलेगा वैसे हमें इस ऑर्डर की लिये टाइम भी लग जायेगा
वर्मा - हा भाभी जी मै भी वही सोच रहा था इसीलिये हमें थोड़ा जल्दी करना होगा

वर्षा - हा वर्मा जी
वर्मा - तो भाभी जी हम ऐसा करते हैं की हम अभी चलते हैं टेलर की यहाँ औऱ यें पार्सल तो हमारी शॉप की गाड़ी से वहां पहुंच ही जायेगा मै इनको अड्रेस दे देता हु......

वर्षा - जी भाई साहब

वर्मा इतना बोलकर बाहर की औऱ निकल गया औऱ उसके साथ साथ वर्षा भी आ गयी
वर्मा बाहर आते हि उसका ड्राइवर गाड़ी लेकर वहां आ गया..........
वर्मा - आईये भाभी जी बैठीये औऱ इतना बोलकरब
वर्मा ने डोर ओपन किया......
( वर्मा को अपने लिये इतनी इज़्ज़त देना वर्षा को बोहत अच्छा लगा औऱ उसने एक स्माइल वर्मा को दे दी )

वर्षा- ड्राइवर भाई साहब यें हैं उनका कार्ड टेलर का
वर्षा ने ड्राइवर को कार्ड देते हुऐ कहाँ, ड्राइवर ने भी कार्ड लेकर उस दिशा की औऱ गाड़ी बढ़ा दी )

वर्मा - भाभी जी आज हम डिझाईन औऱ किस तरह से ड्रेस रखनी हैं यें डिसाइड करके टेलर को एक बड़ा ऑर्डर दे देते हैं.......
वर्षा - जी भाई साहब क़्या हमें सिर्फ़ सलवार औऱ सूट का ही ऑर्डर देना हैं क़्या या औऱ भी कुछ ड्रेसेस देने हैं........
( वर्षा की इस सवाल पर वर्मा ने वर्षा की औऱ देखते हुऐ कहाँ )

वर्मा - भाभी जी मै भी वही सोच रहा था अब आप आने से पहले हमारे दुकान पर एक लेडीज कस्टमर आयी थी करीब आपके जैसी ही थी लेकिन बिना कुछ खरीदी किये ही चली गयी आज पहली बार ऐसा हुआ की कस्टमर ने कुछ माँगा औऱ मैंने उसे मना कर दिया.....

वर्षा - क़्या पहली बार वापस गया कस्टमर औऱ भाई साहब जहाँ तक मूझे पता है हमारे दुकान पर तो सब हैं लेकिन ऐसी कौन सी चीज थी जिसके लिये कस्टमर वापस चला गया?

( यहां मै आपको बता दू की वर्मा यहां झूठ बोल रहा था ऐसा कोई कस्टमर ना आया था औऱ ना वापस गया लेकिन इस वक़्त वर्मा की दिमाग़ मै कुछ औऱ ही था )

वर्मा - भाभी जी अब क़्या बताऊ आपको याद हैं आपने जॉगिंग की लिये सूट लिया था.....
वर्षा - हा भाई साहब
वर्मा - बस भाभी उस लेडीज को वही होना था जॉगिंग ड्रेस
वर्षा - अरे भाई साहब होता था ना हमारे यहां...

वर्मा - भाभी जी वों तो था लेकिन उसे वों ड्रेस हाफ मै होना था हाफ ट्रैक पैंट जिस्से की रन्निंग करने के लिये आसानी हो... लेकिन वैसा ड्रेस हमारे पास नहीं था औऱ वों भी उस लेडीज को अच्छे डिझाईन मै होना था.......
वर्षा - अच्छा तो यें बात
वर्मा - हा भाभी वही तो बात हैं....

औऱ यें सब बाते करते करते वों टेलर के यहां पहुंच गये
 
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karan41

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भाई यें स्टोरी मै बोहत से ट्विस्ट हैं आपको बोहत मज़ा आएगा
 
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sunoanuj

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bahut barhiya update bus thoda chota laga…
 

Raj

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Aaj kal toh har koi incest ke naam par adultery hi chhap rahe hain...
Socha tha achchhi incest kahani hogi...
Par yaha bhi adultery cuckold hi chhap rahe hai
 

karan41

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टेलर के यहां पहुंचते ही..
वर्षा औऱ वर्मा जी अंदर आ गये उन दोनों को देखते ही टेलर ने वर्षा से कहाँ

टेलर - नमस्ते मैडम आईये वेलकम
वर्षा - जी नमस्ते..
आप इनसे मिलीयें यें वही भाई साहब हैं जिनका मार्केट मै दुकान है औऱ इनका ऑर्डर बोहत बड़ा हैं

टेलर - जी सर आईये प्लीज बैठिये
औऱ सर शुक्रिया जो आप मूझे इतना बड़ा ऑर्डर दे रहे हो.....
वर्मा - जी मैंने कुछ नहीं किया बस सब भाभी जी ही कर रहे हैं औऱ यें ऑर्डर भी आपको इन्ही की वजह से मिला हैं....

टेलर - शुक्रिया मैडम ( टेलर ने वर्षा से कहाँ )
वर्षा - जी कोई बात नहीं

टेलर - जी सर बताईये मै क़्या सेवा करू...

वर्मा - वर्मा ने वर्षा की औऱ देखते हुऐ कहाँ
वर्षा जी बताईये हमें हमारे दुकान मै कैसे ड्रेसेस रखने चाहिये.....

वर्षा - ( इस पर वर्षा ने सोचते हुऐ कहाँ )
भाई साहब क्यों ना हम एक ड्रेस अभी के लिये बनवा कर देखे औऱ वों अगर पसंद आ गयी तो हम उसी का ऑर्डर देंगे....
वर्मा - ( वर्षा की यें आईडिया वर्मा जी को बोहत पसंद आयी औऱ उन्होंने वर्षा की औऱ देखते हुऐ कहाँ ) वर्षा जी आपने बिलकुल सही कहाँ
हमें वैसा ही करना चाहिये

वर्मा टेलर से
अरे सुनो अगर तुम्हें सैंपेल के लिये एक ड्रेस का ऑर्डर दे तो तुम कितने टाइम मै बना सकते हो
टेलर - जी सर मै 3 घंटे मै बना सकता हु

इतने मै वर्मा को फ़ोन आ गया औऱ वों थोड़ा साइड जाकर बात करने लगा....
वर्षा वही बैठी टेलर से बात कर रही थी की
उतने मै वर्मा वहां आया

वर्मा - भाभी जी मूझे ज़रा एक पार्टी से मिलने बोहत ही जरूरी काम से जाना होगा अभी औऱ इसी वक़्त
वर्षा - ठीक हैं भाई साहब आप बेफिक्र हो कर जाईये इस ड्रेस का डिझाईन वगेरा सब मै देख लुंगी

वर्मा - लेकिन भाभी जी आप यहां अकेले इतनी देर कैसे रहोगी
वर्षा - भाई साहब आप फ़िक्र मत करिये मै इन्हें बताती रहूंगी हमें ड्रेसेस मै क़्या चेंजेस चाहिये क़्या नहीं औऱ वैसे किसी एक होना यहां जरूरी हैं
तो आप जाईये जैसे यें ख़त्म हो जायेगा मै दुकान पर आ जाउंगी....

वर्मा - भाभी जी बोहत बोहत शुक्रिया आपका
औऱ इतना बोलकर वर्मा वहां से चला गया

वर्मा के जाते ही वर्षा ने टेलर से कहाँ

जी आप एक काम करिये मूझे कुछ डिझाईन दिखाइए औऱ वों डिझाईन के साथ एक ऐसा नाप बताईगा जो ज्यादा तर लेडीज़ को परफेक्ट आएगा

टेलर - जी मैडम जी...
तभी टेलर ने कुछ डिझाईन वर्षा को दिखायें औऱ उसमे कुछ वर्षा ने सिलेक्ट किये..

वर्षा - जी अब डिझाईन तो हो गयी अब नाप कौन सा ले आप एक काम करिये मिडल साइज का एक सलवार कमीज इस डिझाईन के साथ करवा दीजिये

टेलर - मैडम जी वों सब तो ठीक हैं लेकिन इसके गले का साइज क़्या रखना हैं औऱ ज्यादा तर लेडीज़ पीछे की औऱ लेसेस वाले कुर्ते सिलवाती हैं
तो मै एक काम करता हु आपको वैसा एक ड्रेस सिलवाके बताता हु अगर आपको अच्छा लगे तो आप वों फाइनल कर देना.....

वर्षा - ठीक हैं चलेगा..... ( उसकी बात पर वर्षा ने भी सहमति दिखा दी....)

करीब कुछ घंटो बाद टेलर ने एक ड्रेस बनाया औऱ वर्षा को दिखाते हुऐ कहाँ
लों जी मैडम हो गयी ड्रेस
वर्षा - वर्षा ने ड्रेस को देखते हुऐ कहाँ ड्रेस तो अच्छी बनाई लेकिन यें साइज आएगी या नहीं
औऱ यें गला कुछ ज्यादा बड़ा नहीं हो गया
टेलर - मैडम जी पहले आप ट्राय करके देखिये अगर फ़िर भी सही नहीं लगा तो मै चेंजेस कर दूंगा औऱ ज्यादा टाइम भी नहीं लगेगा इस मे...
( वर्षा कुछ सोचती हुई ठीक हैं मै ट्राय करके देख लेती हु )

वर्षा चेंजिग रूम मै गयी औऱ वों सलवार सूट ट्राय करने के लिये अपने कपड़े उतार दिये वर्षा सलवार सूट के अंदर सिर्फ़ ब्रा औऱ पैंटी मै थी वर्षा ने ज़ब कमीज़ पहनने लगी तो वों वर्षा पैरो से तो ऊपर आ गयी लेकिन वर्षा की गाँड़ की जगह ज्यादा फिट
हो गयी. इतनी ज्यादा फिट थी की वर्षा की पैंटी की दरार साफ़ नज़र आ रही थी......
अब वर्षा ने सूट ज़ब डाला तो उस सूट का भी वही हाल था वर्षा को वों सूट भी बड़ी मुश्किल से हुआ औऱ उसमे जो गला था वों टेलर ने थोड़ा ज्यादा ही बड़ा ले लिया था जिसके कारण वर्षा की 30% चूचियाँ दिख रही थी लेकिन वों ड्रेस वर्षा को जैसे चाहियें थी वैसी ही थी.....
बस साइज का प्रॉब्लम हो रहा था
वर्षा बाहर आ गयी औऱ उसने टेलर से कहाँ की
तुम एक काम करो यें थोड़ी साइज कम कर दो
वर्षा के इस बात पर टेलर ने कहाँ
टेलर - मैडम मै एक काम करता हु इसमें सेम ऐसे ही मै एक थोड़ा लुज़ वाला सीलवा देता हु तो कैसा रहेगा
( वर्षा को यें ठीक लगा औऱ उसने उस टेलर को हा कह दिया )

टेलर फ़िर एक ड्रेस बनवाने के लिये लग गया
औऱ देखते देखते कुछ घंटो बाद ड्रेस तैयार हो गयी

लीजिये मैडम यें रेडी हैं आप इसे भी ट्राय करके देख लों......
वर्षा अच्छा लाओ
वर्षा ने वों ड्रेस ली औऱ चेंजिग रूम मै चली गयी
वर्षा ने ज़ब वों ड्रेस पहनी तो वों बिलकुल सही थी लेकिन थोड़ी सी ढीली थी
वर्षा ने फ़िर ड्रेस चेंज किया औऱ बाहर आ गयी
वर्षा टेलर से
हा यें ठीक तो लग रही हैं लेकिन यें थोड़ी लूज भी हैं
टेलर - मैडम जी कोई बात नहीं मै इसे थोड़ी फ़ीट कर देता हु.... ( औऱ उसने ड्रेस वापस ले ली )
उसके ड्रेस वापस लेते ही वर्षा ने कहाँ
अरे रुको
मै एक काम करती हु आपको थोड़ा सोच के कल बताती हु......
टेलर - ठीक हैं मैडम
वर्षा ने ज़ब घड़ी की औऱ देखा तो 6 बज चुके थे याने अब घर जाते जाते 7 बज ही जायेंगे
वर्षा ने अब सोचा की वों क्यों ना वर्मा जी से कल दुकान पर ही मिलेंगी.......
औऱ फ़िर वर्षा वहां से चली गयी

वर्षा ने दोनों ड्रेस साथ मै ले लिये औऱ बाजार से आते हुऐ कुछ सब्जियाँ भी ले ली......
वर्षा ज़ब घर पहुंची तब संजू घर पहुंच चूका
वर्षा को देखते ही संजू ने वर्षा के हाथों से थैली ले ली औऱ अंदर रख दी.....
वर्षा - मूझे देर तो नहीं हुई बेटा
संजू - नहीं मम्मी मै भी अभी आया हु
वर्षा थोड़ी देर सोफे पर बैठ गयी औऱ संजू उसके लिये एक ग्लास पानी ले आया.....
( अपने प्रति अपने बेटे का यें प्यार देख कर वर्षा ने संजू से थैंक यु कहाँ )

संजू - मम्मी क़्या हुआ कर ली आपने डिझाईन सिलेक्ट सलवार सूट के लिये.....
वर्षा - हा बेटा लेकिन कौन सा नाप लेना चाहियें यही समझ नहीं आ रहा हैं
संजू - तो कैसी हैं मम्मी ड्रेस मूझे बताओ ना
वर्षा - तुम खुद ही देख लों ( इतना बोलकर वर्षा ने संजू को वों थैली दे दी जिसमे ड्रेस थी )
ड्रेस की डिझाईन देख कर संजू खुश हो गया क्यों की वाकई ड्रेस की डिझाईन अच्छी थी

संजू - तो मम्मी इसमें मै से कौन सी ड्रेस सिलेक्ट करनी हैं.... ( संजू के इस सवाल पर वर्षा बोलि)
वर्षा - बेटा वही समझ नहीं आ रहा हैं.... मूझे
संजू - मम्मी मेरे ख़याल से यें ठीक रहेगी
( संजू ने इत्तेफाक से वही ड्रेस सिलेक्ट की जो वर्षा को फ़ीट हो रही थी )

मम्मी क़्या इसे पहन सकते है आप
वर्षा - हा बेटा कर सकते हैं
संजू - तो मम्मी मूझे देखना है की आपके बनायें हुऐ ड्रेस मै आप कैसे लगते हो...
औऱ मै आपकी कुछ मदत भी कर दूंगा की कौन सी ड्रेस सही रहेगी......

वर्षा को संजू का सुझाव अच्छा लगा लेकिन अब संजू को वों अब यें कैसे बताये की एक ड्रेस बोहत ज्यादा फ़ीट हैं....
तभी संजू फ़िर से बोला
मम्मी करो ना ट्राय प्लीज़ मूझे भी देखनी हैं आपकी चॉइस......

संजू के इस जिद पर वर्षा बोलि
अच्छा ठीक हैं बेटा मै करती हु औऱ वर्षा ने दोनों ड्रेस लिये औऱ अंदर चली गयी.......
अब अंदर आते ही वर्षा ने सबसे पहले वों ड्रेस पहना जो की उसे लूज आ रहा था
औऱ वों पहनके वों संजू के सामने चली गयी.....

संजू ने ज़ब वर्षा को देखा तो
संजू - मम्मी यें डिझाईन तो बोहत अच्छी हैं मैंने आज तक ऐसा वर्क नहीं देखा यें तो बोहत कमाल हैं
लेकिन मम्मी उस टेलर ने एक गलती कर दी
( संजू के इस बात पर वर्षा ने चौंकते हुऐ संजू से पूछा गलती कैसी गलती बेटा )

संजू
मम्मी इस ड्रेस का नाप उसने ठीक से नहीं लिये देखो आप कितना लूज हैं यें औऱ कस्टमर को ऐसे लूज कपड़े फ़ीट करवाने मै ज़रा भी अच्छा नहीं लगता...

इस बात पर वर्षा ने थोड़ा गौर किया शायद संजू ठीक कह रहा हैं कस्टमर वाकई लुज़ ड्रेसेस नहीं पहनते.....
संजू - अच्छा मम्मी वों दूसरा वाला भी ट्राय करो ना

अब संजू की यें बात वर्षा को मानने के अलावा औऱ कोई रास्ता नहीं था उसने ना चाहते हुऐ भी संजू की बात मानी औऱ दूसरा ड्रेस लेकर अंदर चली गयी

वर्षा अंदर आते ही उसने उस ड्रेस को पहना औऱ वों ड्रेस तो वर्षा को फ़ीट ही हो रही थी
औऱ सूट का गला बड़ा होने के कारण वर्षा के 30% बूब्स दिखाई दे रहे थे वर्षा ने उसे ढकने के लिये धुप्पटा देखा तो वर्षा को याद आया की वों धुप्पटा तो टेलर के पास ही भूल आयी.....
अब क़्या करे मै संजू के सामने ऐसी ड्रेस मै कैसे जाऊ.........
वों मेरा बेटा हैं वों मेरे लिये क़्या सोचेगा
कही वों मूझे गलत तो समझ लेगा
यें सब ख़याल वर्षा के मन मै चल रहे थे...
तभी उसने हिम्मत झूठा कर दरवाजा खोला.
औऱ बाहर चली गयी.......

वर्षा को यु देख संजू के तो होश ही उड़ गये
अपनी मम्मी के सूट ऊपर से आधे नंगे चूचियाँ देख तो संजू के मुँह औऱ लंड दोनों मै पानी आ गया लेकिन संजू ने अपने ऊपर बोहत बड़ा कण्ट्रोल रख कर वर्षा को ऐसे दिखाया जैसे सब नॉर्मल हैं औऱ यें आम बात है.... ताकि उसकी मम्मी की हिम्मत टूटे ना

संजू - वॉव मम्मी यें डिझाईन तो अब कमाल लग रही हैं औऱ इसका कलर भी औऱ मम्मी यें कपड़ा तो काफ़ी ब्रांडेड मालूम होता हैं.....
औऱ मम्मी दिखने मै भी यें रिचेस्ट लग रहा हैं मै तो कहता हु मम्मी आप यही डिझाईन फाइनल कर दो मूझे तो यही अच्छी लगी हैं......

अपने बेटे का यु पॉजिटिव रेस्पॉन्स देख वर्षा खुद चौंक गयी क्यों की उसके गले का साइज इतना बड़ा होकर भी औऱ यें ड्रेस इतनी फिटिंग होने पर भी संजू इसके लिये हां बोल रहा हैं

दूसरी औऱ संजू
मन ही मन अपनी मम्मी को घूर रहा था वर्षा की गाँड़ तो उस सलवार सूट मै औऱ ज्यादा बड़ी लग रही थी ऐसा समझो की वर्षा का पूरा शरीर उसमे से साफ़ नज़र आ रहा हो

वर्षा - बेटा लेकिन तुम्हें नहीं लगता यें कुछ ड्रेस फ़ीट लग रही हैं.... ( ड्रेस के लिये वर्षा के मन मै जो सवाल था वर्षा ने वों सीधा संजू से पूछ लिया )

संजू - नहीं मम्मी बिलकुल भी नहीं यें ड्रेस बोहत अच्छी हैं पहले वाले ड्रेस से.....
( संजू देख रहा था की वर्षा की विशाल चूचियाँ चिपके रहने से ज्यादा ही सामने की औऱ आ रही थी. संजू वर्षा को ताड़े जा रहा था लेकिन वर्षा से नज़र बचाके )

वर्षा - मै तो इसे ही लेकर कंफ्यूज थी औऱ क्यों की यें ड्रेस मूझे बोहत फ़ीट आ रही हैं....
बेटा ऐसा तो नहीं की तुम मेरा मन रखने के लिये मेरी ड्रेस की तारीफ़ कर रहे हो...
( अब वर्षा को क़्या पता था की संजू उस्से घुल मिलने की कोशिश इसलिए कर रहा है की वों वर्षा को पा सके )

संजू - नहीं मम्मी मै कसम से बोल रहा हु की यें ड्रेस बोहत ज्यादा सूंदर हैं औऱ इसकी डिझाईन मार्केट मै भी सबको पसंद आयेगी........
( संजू के कसम लेने से वर्षा को संजू के ऊपर विश्वास हो गया )

वर्षा - ठीक हैं बेटा फ़िर मै इसे फ़िक्स कर देती हु
संजू - हा मम्मी आप इसे ही फ़िक्स कर दो
औऱ मम्मी कोई औऱ भी ड्रेस हैं क़्या?

संजू के पूछने पर वर्षा को वों बात याद गयी जो की वर्मा जी ने वर्षा को बताई थी की उसके दुकान पर एक लेडीज़ शॉर्ट्स के लिये आयी थी लेकिन उसे मिली नहीं अपने बेटे का पॉजिटिव रिस्पॉन्स देखकर वर्षा को लगा की क्यों ना यें बात अपने बेटे से डिसकस की जाये

वर्षा - हा बेटा दरसल एक हैं ऐसी ड्रेस
संजू - कौन सी मम्मी ( संजू ने आतुरता से पूछा )
औऱ मम्मी आप कबसे ख़डी हो आप यहां बैठ जाओ
औऱ संजू ने अपनी मम्मी का हाथ पकड़ कर उन्हें सोफे पर बैठा दिया....
( अपने प्रति अपने बेटे का प्यार देख वर्षा को अच्छा लगा )
वर्षा के बैठने से वर्षा के हिप्स सलवार से बाहर आने को बेताब थे वर्षा का निचला हिस्सा उस ड्रेस मै ज्यादा ही चौड़ा दिख रहा था क्यों की वर्षा की गाँड़ थी ही इतनी बड़ी....वर्षा के चुचे जिन्हे संजू इतनी देर से वर्षा की नज़रे बचा कर घूर रहा था वों भी अब उसे वर्षा के बैठने से इतने करीब से देखने को मिल रहे थे अब संजू भी वर्षा के बगल मै बैठ गया.....

संजू - कौन सी ड्रेस मम्मी क़्या वों भी इस ड्रेस जैसे है
वर्षा - नहीं बेटा वों दरसल एक ट्रैक सूट जैसे है लेकिन फ़र्क बस इतना है की वों ट्रैक सूट वाली पैंट जो है वों शॉर्ट्स रहेगी लेकिन इसपर अभी कोई बात नहीं हुई है...क़्या वों ड्रेसेस भी मार्केट मै चलते है बेटा?
संजू - हा मम्मी वों ड्रेस भी मार्केट मै चलते है क्यों की कही लोग वॉकिंग औऱ जॉगिंग के टाइम वर्क आउट भी कर लेते है तो उनकी चॉइस हमेशा वों शॉर्ट्स होती है........
औऱ तो औऱ मम्मी कुछ ट्रैक सूट मै स्पोर्ट्स की जैकेट भी आती है कोई कोई लेडीज अंदर स्पोर्ट्स का इनर पहन कर उसके ऊपर सिर्फ़ जैकेट पहन कर भी जिम करती है तो अगर आपने यें क्वालिटी भी कस्टमर को दी तब आपकी क्वालिटी औऱ ज्यादा एडवांस हो जाएगी........
( संजू ने अब वर्षा को पूरा लपेटा मै ले लिया था..
इस तरह की फ्री बाते कर के संजू अपने औऱ मम्मी के बिच का पड़दा उठाने की पूरी कोशिश कर रहा था )

वर्षा - अच्छा यें सब बातों का ता मुझे पता ही नहीं था बेटा....
संजू - हा मम्मी यें सब भी होता है
वर्षा - तो बेटा मै इस ड्रेस को फाइनल कर के उस ड्रेस के लिये वर्मा जी से बात करुँगी औऱ इन्हें इन सब के बारे मै भी बताउंगी......

फ़िर तो मेरा कल का दिन भी टेलर के यहां ही जायेगा लगता है.....
वर्षा के इस बात पर संजू ने अपनी मम्मी को कहाँ मम्मी टेलर की दुकान पर मतलब मै समझा नहीं
वर्षा - बेटा वों क़्या है ना आज यें ड्रेस सिलेक्ट करने के लिये मूझे टेलर की दुकान मै ही रुकना पड़ा था औऱ अगर इस ड्रेस के लिये वर्मा जी तैयार हो गये तो हो सकता है कल का दिन भी मेरा वही जाये.....

संजू - मम्मी अगर आप कहे तो क़्या मै कल आपके साथ आ सकता हु टेलर के यहाँ क्यों की आप पूरा दिन वहां अकेले रुकोगे वहां कोई तो चाहियें आपके साथ
अपने बेटे के इस बात पर वर्षा ने भी सोचा की वों भी अकेली वहां बोर हो जाएगी तो संजू के साथ रहने से उसे कंपनी भी मिल जायेगी
 
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