वर्षा - क़्या कहाँ ( वर्षा ने हैरत से संजू की औऱ देखते हुऐ कहाँ )
तुमने लॉटरी खेली....
औऱ किसने कहाँ था तुम्हें यें सब करने ( इस बार वर्षा गुस्से मै थी )
अपनी मम्मी को गुस्से मै देख संजू ड़र गया औऱ...
संजू अपनी गर्दन निचे झुकाते हुऐ सॉरी मम्मी मैंने तो बस ऐसी ही... आगे से नहीं करूंगा ऐसा.
( संजू को इस तरह डरा हुआ देख वर्षा को एहसास हुआ की उसे संजू पर इतनी छोटी बात पर गुस्सा नहीं करना चाहिए लेकिन अगर उसे इस वक़्त नहीं डांटा तो वों यें हरकत अगली बार भी करेगा औऱ फ़िर उसने संजू से वादा भी किया था की वों गुस्सा नहीं करेगी..
वर्षा - बेटा संजू यें सब गलत बात हैं तुम्हें डांटना मूझे अच्छा नहीं लगता
संजू इस बार कुछ नहीं बोल रहा था बस निचे अपना सर झुकाये बैठा था
( वर्षा को भी लगा अब ज्यादा संजू को डांटना ठीक नहीं होगा आखिर उसने यें सब मेरे लिये किया हैं )
तो उसने साड़ी को देखते हुऐ कहाँ
अच्छा यें साड़ी तो बड़ी कमाल लग रही हैं ज़रा देखु तो औऱ इतना बोलकर वर्षा वों साड़ी देखने लगी....
अच्छा यें बताओ यें साड़ी तुम्हें दुकानदार ने दी या तुमने अपनी मर्जी से चॉइस की
( अपनी मम्मी को अब नॉर्मल बात करता देख संजू ने वर्षा की औऱ देखते हुऐ कहाँ.. )
नहीं मम्मी वों मैंने खुद चॉइस की
मम्मी यें साइज तो ठीक आ जाएगी ना आप पर
( संजू अनाजन बनते हुऐ वर्षा से पूछने लगा )
अपने बेटे की इस मासूमियत को देख वर्षा बोलि हा बेटा इसमें सब एक जैसी ही होती हैं इसमें साइज नहीं होती...
संजू - सॉरी मम्मी लेकिन आपके पास अच्छी साड़ी नहीं तो मैंने खरीद ली
वर्षा - ठीक हैं बेटा लेकिन अब आगे से कभी लॉटरी मत खेलना अगर तुम्हें आदत लग गयी तो औऱ लॉटरी थोड़ी बार बार लगती हैं वों तो कभी कभी किस्मत से लग गयी तो लग गयी
संजू अभी भी नज़रे झुकाये बैठा था...औऱ चुप कर की वर्षा की बात सुन रहा था
( वर्षा ने संजू का मन बनाये रखने की लिये संजू से कहाँ )
अच्छा ठीक हैं बेटा मै ज़रा इसे ट्राय करके देखती हु वैसे मूझे बोहत पसंद आयी लेकिन तूम इतने प्यार से लाये हो तो मै ट्राय करके देख लेती हु....
संजू ने इस बार अपनी मम्मी की औऱ देखा औऱ मुस्कुराते हुऐ कहाँ हा मम्मी देख लों एक बार
संजू को ख़ुश देख वर्षा को भी अच्छा लगा क्यों की डांटने की वजह से संजू उदास हो गया था
वर्षा - हा रुको मै ट्राय करती हु औऱ इतना बोलकर वर्षा अंदर चली गयी
वर्षा अपने कमरे मै आ गयी औऱ उसने कुण्डी लगा दी...
संजू बाहर ही बैठा तो उसने सोचा की क्यों ना रूम की अंदर झाँक कर देखे... लेकिन फ़िर उसने सोचा की अभी नहीं क्यों की वर्षा ने उसे पहली ही डांट सुनाई थी इसीलिए संजू आज थोड़ा डरा हुआ था
वर्षा ने साड़ी पलंग पर रख दी औऱ हलाकि वर्षा कभी ज्यादा तर साड़ी पहनती ही नहीं थी उसे सलवार सूट ही पसंद था लेकिन अपने बेटे की इतने प्यार से लाने की बाद उसे भी लगा की क्यों ना उसे ट्राय करके देख लेना चाहिये
वर्षा ने अपना सूट उतार दिया वर्षा की सूट उतारते ही उसकी बड़ी सी मादक चूचियाँ बाहर आ गयी जो की एक ब्रा मै कैद थी
वर्षा का बदन दूध सा गोरा था उसकी चूचियाँ ब्रा मै होने की बाद भी ब्रा का वजन नहीं संभाल पर रही थी वों बैचेन थी बाहर आने की लिये
अब वर्षा ने अपनी सलवार भी उतार दी
वर्षा की सलवार उतारते ही उसकी मक्खन सी गोरी गोरी मांसल झाँघे औऱ पैंटी की अंदर कैद उसकी वों जन्नत जिसे हर कोई पाने की आस रखता था
वर्षा का ऐसा रूप अगर वर्मा क़्या अगर संजू भी देख लेता तो तो वों इसी वक़्त वर्षा को चोद देता..
वर्षा ने अपने कपट से एक साया निकाल कर पहन लिया औऱ साड़ी की साथ एक ब्लाउज़ भी मिला था वों भी वर्षा ने पहन लिया औऱ अपनी साड़ी पहनने लगी................
वर्षा ने ज़ब साड़ी पहनी थी वों उस साड़ी मै बोहत ज्यादा सूंदर लग रही थी
वर्षा ने अपने आप को आयने मै ज़ब देखा तब उसे खुद पर विश्वास नहीं हो रहा था की वों इतनी ज्यादा सूंदर हैं क्यों की उसने कभी खुद पर ध्यान ही नहीं दिया था.....
वर्षा बाहर आयी तो संजू सोफे पर अपनी मम्मी का ही इंतजार कर रहा था
संजू ने ज़ब अपनी मम्मी को देखा तो वों चौंक कर खड़ा हो गया
सामने उसकी मम्मी ख़डी थी
साड़ी जाली की होने की कारण वर्षा का अंग अंग संजू को दिखाई दे रहे था वर्षा का गोरा औऱ थोड़ा सा उभरा हुआ पेट वर्षा को औऱ कामुक कर रहा था साड़ी ज्यादा लौ वेस्ट होने की कारण वर्षा की नाभि की गहराई ज्यादा दिख रही थी इतनी गहरी की उसमे संजू अपनी पूरी जीब डाल दे अपनी मम्मी का यें कामुक रूप देख कर संजू का लंड पैंट मै सलामी दे दे रहा था
साड़ी की साथ जो ब्लाउज़ था उस्से वर्षा की क्लिवेज दिख रही थी संजू की सामने इस तरह
जाने से वर्षा भी थोड़ा संकोच कर रही थी लेकिन वों संजू का मन दुखाना नहीं चाहती थी
संजू कुछ बोलता उस्से पहले वर्षा ने संजू से कहाँ लों बेटा यें साड़ी तो पार्टीवेज लग रही हैं
ख़ैर छोड़ो बताओ कैसी लग रही हैं साड़ी
इस बार इतनी देर चुप रहा संजू बोला
संजू - मम्मी आप तो बोहत सूंदर लग रही हो
औऱ यें साड़ी आप पर बोहत अच्छी लग रही हैं
( संजू की नज़रे वर्षा की बदन पर घूम रही थी लेकिन सिर्फ़ तब ज़ब वर्षा अपनी साड़ी देखने की लिये नज़र झुका रही थी तब )
औऱ इसका कलर भी आप पर सूट कर रहा हैं मम्मी
वर्षा - थैंक यु बेटा औऱ सॉरी भी
संजू - थैंक यु औऱ सॉरी वों किसलिए मम्मी
वर्षा - वों इसलिए की मूझे इतनी सूंदर साड़ी देने की लिये औऱ सॉरी इसलिए की मैंने तुम्हें डांटा