जोरू का गुलाम भाग २५६ पृष्ठ १६०७
अब मेरी बारी
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अब मेरी बारी
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Yeh jo last me hua yeh final round ke bad wala hai ya final round haiगैंगबैंग क्वीन
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पांच मिनट का ब्रेक था और बारबाला ने मुझे अगले राउंड के लिए दूसरे हॉल में पहुंचा दिया और वहां कौन मिली, कोचिंग की रंडी प्रीति, जिसने चार साल में आज तक किसी लड़के को मना नहीं किया, न कभी कोचिंग की कैंटीन में, समोसे की दूकान पे या गन्ने के रस वाले के यहाँ अपना पर्स खोला, चार पांच भौरे उसके साथ रहते ही थे, पे करने वाले और पे करने के बाद पेलने वाले,
मैं सोच रही थी की कम से कम तीन लड़कियां होंगी कोचिंग की लेकिन बाद में पता चला, ट्रिपलिंग क्वालीफाईंग थी और उस ग्रुप में जान्हवी और नूर दोनों ने ट्रिपलिंग के टाइम हार मान ली, जैसे मेरे ग्रुप में हुमा का हाल बदहाल हुआ ,
वैसे ही ट्रिपलिंग के नाम पे जान्हवी और नूर दोनों की फट गयी, हालांकि बार वाली ने करवा के छोड़ा
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फिर भी वो दोनों अगले राउंड के लिए क्वालीफाई नहीं कर पायीं, और उन्होंने बोल भी दिया की अब बस।
एक दो चार पांच नहीं पूरे सात लौंडे थे, और मेरे और प्रीति के ग्रुप का कोई नहीं, सात में से चार तो एकदम फ्रेश थे, फनफना रहे थे,
बीस मिनट के ब्रेक के बाद दुबारा,
तीनो ग्रुप मिला के अब सिर्फ तीन लड़कियां थीं और सात लड़के तो शुरुआत ही डबल पेन्ट्रेशन से हुयी और थोड़ी देर में फिर ट्रिपलिंग, लास्ट राउंड में सिर्फ मैं और एक और लड़की, जो कोचिंग की नहीं थी, बार गर्ल थी वो और ६ लड़के
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बदल बदल के ट्रिपलिंग
मुझे बस इतना याद है जब हम सब निकले तो आठ से ज्यादा हो गया था, सब लड़के लड़कियां जा चुके थे, किसी तरह मैं खड़ी हो पा रही थी और फिर जब मेरी आँख खुली तो मैं भाभी के साथ कार में उनकी गोद में सर रखे
लेकिन कुछ बातें बाद में पता चली, बाद में क्या बस थोड़ी देर बाद, कुछ बाद में याद आयीं, कुछ बतायीं गयीं, कुछ की फोटों देखीं और स्साली क्या मस्त पिक्स थीं,
और ये शुरू हुआ एक सोने के कंगन के साथ, पूरे २२ तोले का था एक हाथ में और १० छोटे छोटे हीरे भी जड़े थे, लेकिन मैं उसे निकाल नहीं सकती थी और उसकी असली कीमत कुछ और थी, बताउंगी, बाद में,
पहले वो मस्ती जो हुयी थी, और जिस चक्कर में वो सोने का कंगन मिला था, और उसके साथ एक दोस्त भी मिली उसी ने बाद में सब बताया,वो जो बस में बांउसर थी, मिली मुझे बाद में अपने असली रोल में।
वो असल में एक अडल्ट क्लब रन करती थी दिल्ली के पास एक फ़ार्म हाउस में और उनकी पूरी चेन थी और असल में इस इवेंट के पीछे भी वही थी, पूरी चेन थी उनकी और यहाँ तक जिस गे क्लब में जीजू भैया को ले के गए थे, उस से भी और कई लेस्बो क्लब्स से वो जुडी है और अब मेरी पक्की वाली बेस्टी है,
मैं भी न बात इधर की उधर,
तो कम्टीशन करीब करीब ख़तम हो गया था लेकिन वही बाउंसर, मुझ से बोली,
" खेलेगी सुपर डुपर गेम, आज तक ये गेम इस लेवल पर कोई ले नहीं जा पायी है, सोच ले "
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मैं इत्ते खूंटे घोंट के मस्ती से पागल थी जोर से हाँ बोल दी, उसने दूसरी एस्कॉर्ट गर्ल से कहा तो उसने जोर से नहीं नहीं किया और हंस के कहा पागल हो गयी हो क्या ये कोई पॉर्न फिल्म है, आज तक किसी ने नहीं किया तो ये दर्जा बारह वाली कहाँ से करेगी और ये है भी नहीं हम लोगो के प्रोग्राम में,
लेकिन वो बाउंसर जो मेरी बाद दोस्त में बनी, हंस के बोली,
" स्साली बहनचोद ऐसी रंडी मैंने आज तक नहीं देखी, घोंटेंगी ये और घोटवाउंगी मैं, बस ज़रा तुम ये जरा उन चारो सुपर स्टड्स को बुला लो और दोनों कालू को भी, बस यही से फोन कर दो, दोनों रेडी होंगे "
और वो बांउसर मेरी दोस्त जो बनी एक शीशे के प्लेट में सफ़ेद पाउडर ले आयी, और जबरन, जबतक मैं कुछ समझ पाती, मेरी नाक रगड़ दी और रगड़ती रही,
चुद चुद कर मैं वैसे ही थक गयी थी, फिर माँ की लौंड़ी वो पंजाबन तगड़ी भी बहुत थी।
मेरे तन बदन में आग लग गयी थी, और सबसे ज्यादा चूत में, बस मन करने लगा की क्या न पाऊं क्या घोंट लूँ,
और फिर वही पाउडर, उन्ही स्टड्स को, और अब रानी की लिस्ट वाले भी कोई नहीं थे सब पॉर्न फिल्मो वाले लग रहे थे और दोनों कालू भी आ गए, सात फूटे और हाथ भर का लंड
जो बाउंसर नंबर दो थी अब एक कोई ड्रिंक ले आयी और सीधे बोतल से मेरे मुंह में घटर घटर, एकदम तेज़ाब की तरह गले के निचे जा रही थी लेकिन बस उसका असर पांच मिनट के अंदर मेरे अंदर और मैंने अंगड़ाई ली, बस वही ताकत फुर्ती, जो कल पार्टी के शुरू में थी वही जोश मेरे पास धीरे धीरे वापस आ रहा था, सब थकान उड़न छू, एक नयी मस्ती चुदवास,
और मैं खड़ी हो के उन दोनों ब्लैक हीरोस के पास आ गयी और खुद एक को पकड़ के चूम लिया और दूसरे के औजार को पकड़ लिया, एकदम फनफनाया,
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सारे स्टड्स एक साथ हो हो कर के चिल्लाये, सक सक सक सक
और बस घुटनो पे बैठ के गीता की सिखायी खूब बड़ा सा मुंह खोल के एक ब्लैकी का सुपाड़ा मैंने मुंह में ले लिया
और दो अबकी दो स्टड के हाथ में पकड़ के मुठियाने लगी बाकी दो ने मेरी चूँचियाँ बाँट ली, एक ने पीछे रगड़ना शुरू किया
लेकिन तबतक वही बांउसर शिरोमणि आयी और जिस प्लेट से पाउंडर मेरी नाक पे जबरदस्ती रगड़वाया था उसका बचा हुआ पाउडर लेकर सीधे मेरी चूत में और अपनी चार ऊँगली भीतर,
गोल गोल,अंदर बाहर, गोल गोल और उसके बाद दूसरे ब्लैक हीरो की जीभ मेरी बिल में और वो पानी फेंकने लगी
और थोड़ी देर में अगले सीन के लिए मैं तैयार थी
काउच पर वही जो जीभ से मेरी रसमलाई चाट रहा था ब्लैक हीरो, झंडा फहराए खड़ा था और मैं उसके ऊपर चढ़ गयी, धीरे धीरे क्र के सुपाड़ा तो अंदर गया लेकिन स्साले का हाथ भर का बांस था, पर वो बाउंसर मुझे नहीं छोड़ने वाली थी, दोनों कंधो पर ऐसे उसने जोर चला लगाया, कुछ मैंने भी पुश किया और नीचे से उस एक फूटे ने भी कमर मेरी पकड़ के पूरे जोर से खींचा और धीरे धीरे मैं रोते गाते घोंट गयी,
वो बाउंसर बोली, अब तू कुछ मत करना थोड़ी देर बस ढीली रख स्साली
चूत भरी थी लेकिन कान तो खाली थे में सुन रह थी जूनियर बाउंसर बड़ी वाली से कह रही थी " अरे यार एक छेद में दो नहीं जाएगा, ये तो कोई लड़की ले ही नहीं सकती थी ये पता नहीं कैसे घोंट गयी, पर अब दूसरा अरे पतली ऊँगली भी नहीं जा सकती तो दूसरा लंड कैसे
" अबे स्साली, नहीं घोंट पाएगी तो देखा जाएगा लेकिन ट्राई करने में क्या हर्ज है, बस तू इसका मुंह बंद करवा मैं घुसड़वाती हूँ, कैसे नहीं घोंटेंगी स्साली, आज पता तो चले लंड का असली मजा "
मैं स्साली क्या ढीली करती, .......मुट्ठी ऐसा मोटा घुसा था, एकदम बच्चेदानी तक, पहली बार लग चूत ने अपनी औकात देख ली थी, बुरी तरह कल्ला रही थी, लेकिन मैंने ढीली करने की कोशिश की और वैसे भी अब मैं ऊपर चढ़ी जरूर थी, लेकिन बैठी नहीं थी लेटी थी,
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और नीचे से उस ने मुझे कस के अपने हाथ में जकड़ रखा था, और मैं चीखती कुछ बोलती उस के पहले, उस बस वाली बांउंसर ने दूसरे ब्लैक स्टड की ओर इशारा किया और उसका खूंटा मेरे मुंह में
और बाउंसर की सहेली ने इतना कस के मेरा सर पकड़ा,
मैं गों करती रही वो ठेलता रहा, मैं तड़प रही थी छटपटा रही थी, लेकिन जबतक सुपाड़ा हलक तक नहीं घुसा वो ठूंसता रहा, एक हाथ से उस स्टड ने मेरे सर को पकड़ रखा था और दूसरे से बाउंसर की सहेली ने, दो मोटे काले मूसल मेरे दो छेदो के अंदर, अब न चीख सकती थी न चिल्ला सकती थी, लेकिन थोड़ा सा बहुत थोड़ा सा आराम मिला, चूतरानी को,
उस हेड बाउंसर ने एक के वाई जेली के स्प्रे का नोजल मेरी फट रही चूत में किसी तरह घुसेड़ दिया था, और दो चार स्प्रे से कुछ चिकनाहट लगी, कुछ दर्द कम हुआ,
पर अगले पल ही दर्द बढ़ गया, उस स्साली छिनार बाउंसर ने अपनी दो ऊँगली एक साथ उस मोटे लंड के ऊपर मेरी फट रही चूत में घुसेड़ दी
छोटी बाउंसर देख रही थी, मुस्करा रही और फिर थोड़ी देर में उस दो ऊँगली के ऊपर अपनी दो ऊँगली और रख के पेल दी पूरी ताकत से
मैं जोर से चीखी लेकिन चीखती कैसे मुंह में मोटा लौंड़ा घुसा था और मौका मिलते ही उस स्साले ने थोड़ा और ठूंस दिया
मेरी पूरी देह दर्द से फटी जा रही थी लेकिन उस ससुरी बाउंसर की गांड मारुं, वो पेले ही जा रही थी, हाँ नीचे से जिसने घुसेड़ रखा था वो चुपचाप पड़ा था, उसका मूसल तो पहले से अंदर ही था
और अब बाउंसर ने एक दूसरे स्टड को बुलाया, कोई पठान लग रहा था, और अब एक बार फिर से ऊँगली बाहर जेली का नोजल अंदर
वहां कोई कैमरा लगा था जिसे मेरे पिछवाड़े का सीन एक स्क्रीन पे बड़ा बड़ा आ रहा था, और दूसरे ने अपना अजगर बाहर निकाला
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चींटी की बिल में एक नहीं दो अजगर,
मैं तड़प रही थी, छटपटा रही थी लेकिन दोनों बाउंसर कस कस मेरी पीठ दबोचे थे
और दूसरा पेलता रहा धकेलता रहा हालांकि आधे से थोड़ा ज्यादा, करीब ६-७ इंच धकेल के रुक गया, फिर दो दो इंजन एक ही पटरी पर दौड़ने लगे,
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मेरी आँखों में से आंसू छलक रहे थे लेकीन थोड़ी देर में इस नए मजे का मैं मजा लेने लगी, कभी सिकोड़ कभी ढीली कर देती कभी धक्के का जवाब धक्के से देती
बहुत तेज दर्द हो रहा था, लेकिन एक नया मजा आ रहा था
पुच्च
और एक ने खूंटा निकाल दिया, कोरियोग्राफर तो बाउंसर ही थी, जिस ब्लैक स्टड ने मुंह में रखा था अब वो 'डबल ट्रबुल ; में शामिल हो गया ा
पर खूंटो की कमी नहीं थी, जिसे मैं मुट्ठी में पकड़े थी वो मुंह में, जो चुनमुनिया में डबल रोल में था अब सीधे गोलकुंडा के अंदर
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पीछे एक साथ तीन तीन
और अब चारो पिस्टन साथ साथ चले भी पानी भी निकला और बाकी दो थे वो फिर एक साथ अंदर घुसे, चुनमुनिया में
जो पिछवाड़े था गुदा मंथन कर रहा वो मुंह में
और गुदा मंथन के लिए एक और
कम से कम दो हाँ एक बात बताना तो भूल ही गयी,
सोने के कंगना का खेल और वो बाद में उस बस वाली बाउन्सरी ने बताया,
वो कंगन नहीं पासपोर्ट था, किस भी अडल्ट क्लब में घुसने का, हिन्दुस्तान में ही ६९ हैं और बाहर भी, न कोई अडल्ट होने का कागज़ देखेगा न कुछ और, न कोई मेम्बरशिप चार्ज, उस में एक कोड खुदा है बस वो स्कैन हो जायगा, और उसने वो ट्राई डिक वाली पिक्स भी भेजीं एक साथ चार खूंटे अंदर, तीन तो सिर्फ पीछे, दो बार छह के छह झड़े और एक बार छह बार वीर्य स्नान भी
इस पार्ट का पूरा श्रेय आपको जाता है, यह बहुत कुछ आपकी पिक्स के चारो ओर बुना गया है बल्कि कहानी आपके चित्रों के चारो ओर चलती हैं करेक्टर भी वहीँ से लिए गए हैंमार डालोगे कोमलजी. आप तो गेम के लेवल को कहा से कहा ले गए. अगले राउंड के लिए सिर्फ तीन लड़की और सात लड़के. पर कुछ लड़किया नूर वगेरा की तो फट के चार हो गई थी. पर प्रीति अब भी थी. और बाउंसार लड़की भी हैरान थी. वो तो आकर खुद पूछी. गुड्डी कहा पीछे हटती. जो पैदा ही चुदने के लिए हुई हो. सफ़ेद पावडर से तो सेक्स का लेवल कुछ उप ही हो गया. गुड्डी उन स्टाड़ो को भी झेल गई. और क्वीन बन ही गई. जबरदस्त कोमलजी जबरदस्त.
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सही आइडिया दिया आपने लेकिन पहले रसगुल्लों का एक बार रस कस के मनभर के निचोड़ लिया जाए तो देखा जाएगाGuddi ko to experience hai.
Bus aisha hi experience rusgullo ko bhi mil jai.
Phir wo bhi dakaregi
यह हिस्सा बहुत कुछ चित्रों के इर्दगिर्द बुना गया है और चित्र अधिकतर शैतान जी के सौजन्य से हैं तो बस ये जो थोड़ा ज्यादा वाला हिस्सा है वो उन्ही पिक्चर्स के आधार पर कहानी लिखने से उभरा है और इसलिए वो गोल्डन ब्रेसलेट भी मिला है जिससे उसे अडल्ट क्लब्स की मेम्बरशिप मिल गयी, हाँ फैंटेसी के सुर थोड़े ज्यादा हैंYe kuch jyada hardcore ho gaya.
Phir bhi achha tha.
रिंग और लाइट की याद है आपको ?Komal g aap teej party ki wajah se sayad iss update ke sath na-insafi kar di hai.
Jaise wo ring or wo light ka kahi use hi nahi hua.
Haan humme teej party ka intejar hai par.iska bhi intejar tha.
उम्मीद से ज्यादा इस कहानी को आप सब ने भी दियाअरे बाप रे, कोमल जी
जबर्दस्त मेगा अपडेट
उम्मीद से बहुत ज्यादा
अब तक के सभी अपडेटों पर हर तरह से भारी।
सादर
aur utnaai hi jabrdst score keepingKya jabardast DP hui hai maja aa gya
Kya jabardast DP hui hai maja aa gya. Ab guddi ka score hua 5 : 3 baar age 2 bàar piche
प्रीत और गुड्डी के बीच तगड़ा मुकाबला है अभी तक का बराबर का लेकिन इस डीपी में गुड्डी ने दिखा दिया पूरे कोचिंग वालों /वालियों को असली क्वीन तो वही हैMaja aa gya. Guddi or preeti ki rase lagi hui hai. Ab guddi ka score hua 8 : 6 aage se or 2 piche se
इसलिए तो इस पार्टी का इन्तजार सबको पहले दिन से था और गुड्डी को सबसे ज्यादाBhut shandaar update..... chaa gyi guddi rani....
Ab coaching me 1 hi naam chalega.....
Guddi guddi![]()