जोरू का गुलाम भाग २५६ पृष्ठ १६०७
अब मेरी बारी
अपडेट पोस्टेड, कृपया पढ़ें, लाइक करें और कमेंट जरूर करें
अब मेरी बारी
अपडेट पोस्टेड, कृपया पढ़ें, लाइक करें और कमेंट जरूर करें
दो दो भाभियों की पढ़ाई, टाइट अगेन जादुई तेल का असर, डाक्टर गिल की दवाइयां और केजेल एक्सरसाइज और योग का असर,इतनी chudayi के बाद भी bahnchod इतनी टाइट chut.... सब भाभी की संगत का असर हैं....
जावेद तो खुश हो गया गुड्डी को कुंवारी कली देख कर.....
Bahanchod क्या माल है guddi.
जबरदस्त chudai वाला अपडेट.... मजा aa गया
Next part men pata chalegaजबरदस्त chudayi ke बाद फिर डांस फ्लोर पर आ गई नया माल पकड़ने.... abki बार देखो किसका नंबर लगता हैं....गुड्डी के साथ.....
Aane wali mukabale ki jordar taiyariबिल्ली को छींके की रखवाली
![]()
असल में ये प्लान तो मेरा ही था लेकिन कहलवाया मैंने मिसेज मोइत्रा के मुंह से ही था उनसे।
दिन भर मिसेज मोइत्रा को लेडीज क्लब में कम छह से सात घंटा उलझा के इसलिए ही तो रखना की उनके उन दोनों कबूतरों को जिसे वो पिंजड़े में बड़े पहरे में रखती थीं उनका शिकार मेरा बाबू अच्छे से कर सके, कम से कम दो राउंड दोनों दर्जा नौ वाली मिसेज मोइत्रा की दोनों कच्ची कोरी बेटियों का,... और हो सके तो पिछवाड़े का भी फीता काट दें,
और मिसेज मोइत्रा ने खुद रास्ता बना दिया मेरे सोना मोना का, और अपनी बेटियों की चूत फटने का ।
![]()
मुझसे बहाना बनाया उन्होंने की वो क्लब में इतना लम्बा नहीं रह पाएंगी की क्योंकि दोनों बेटियों की उस दिन स्कूल से भी छुट्टी है और मंजू भी उस दिन नहीं है तो बेटियों को अकेले छोड़ के, कैसे,
और मैंने रास्ता बता दिया,
" आप दामाद दामाद करती रहती हैं,... लगाइये उनको डुयटी पे। आखिर उस दिन उनकी भी तो छुट्टी ही रहती है, दिन भर घर में पड़े पड़े, रहेंगे मेरी बहनों के साथ , या आपको कहीं उनपे भी "
मिसेज मोइत्रा ने मुझे जोर से हड़काया,
" मुझे अपने दामाद पे मुझसे भी ज्यादा भरोसा है लेकिन तुझे पता नहीं, कितना इम्पोर्टेन्ट काम में बिजी रहता है उसे टाइम कहाँ मिलता है, लेकिन तुम कहती हो तो,... "
और मिसेज मोइत्रा ने खुद इनसे कह दिया और मैंने इन्हे पहले ही समझा दिया था और चाहते भी तो यही थे की कैसे मौका मिले सालियों को निचोड़ने का, और किस्मत इनकी, बिल्ली को छींके की रखवाली का जिम्मा दे दिया और देनेवाली खुद मिसेज मोइत्रा।
![]()
थोड़ा बहुत तो वो चमची भी समझ रही थी और मुझसे ज्यादा.
मैं समझ गयी थी, वो मिसेज मोइत्राकी दोनों कच्ची कलियों की खुल के रगड़ाई करने के लिए बेताब थी , लेकिन बात उसने दूसरी तरफ मोड़ दी, हम सब स्पीकर फोन पे और बात उसने सीनिअर्स और बच्चा पार्टी यानी हम लोगों के मुकाबले की ओर मोड़ दी,
" अरे आप जल्दी आइये, बस तीन दिन बचे हैं, आपके साथ रिहर्सल करनी है अबकी इस सब छोरियों को कस के हराना है और उसके बाद इन सबकी गाँड़ में मुट्ठी करनी है, अपने मर्दो से बचा के रखी हैं सब हम लोगो के लिए "
मिसेज मोइत्रा ने जोर से कहकहा लगाया और अपनी उस ख़ास चमची से बोलीं,
" अरे कल सुबह ही आ रही हूँ, और कल से ही रिहर्सल चालू, तू सब को खबर कर देना, दोनों टाइम, हारेंगी तो ये बेचारी है ही। अब असली तैयारी तो जीतने के बाद इन सब की फाड़ने की करनी है "
और फिर मिसेज मोइत्रा ने बात मेरी ओर मोड़ दी, " कोमलिया सोच ले "
बताया तो था ऑरेंज वोदका, भांग का असर मिसेज मोइत्रा ने ही बोला था कव्वाली का मुकाबला सीनियर्स ( ३० + और जिनके बच्चे हैं ) और बेबी पार्टी ( मतलब हम लोगों का ग्रुप - जिनके बच्चे नहीं हैं और एज २०-२४ के बीच ) और इनाम इसी चमची ने अनाउंस किया था, जीतने वाली टीम हारने वालियों को मुट्ठी करेगी, और अगवाड़े पिछवाड़े दोनों ओर। मिसेज मोइत्रा ने मुस्कराते हुए मेरे ऊपर हाथ रख दिया था,
" कोमलिया की तो मुट्ठी मैं करुँगी "
" और मैडम पिछवाड़े मैं, गाँड़ में, " उनकी ख़ास चमची ने अपना हक जता दिया, और मिसेज मोइत्रा ने एकदम हामी भर दी, और आँखे गोल गोल नचाते हुए बोलीं
" और वो भी साथ साथ, समय की बचत भी होगी और डबल मजा भी मिलेगा क्यों कोमलिया, और ये मत बोलना की तूने एक साथ दोनों छेद का मजा नहीं लिया है "
मैंने न ना की न हाँ, बस मुस्कराकर रह गयी।
![]()
ना करना तो सफ़ेद झूठ होता, अब जिस छोटी साली के दो दो जीजू हों तो ये स्साले जीजू इन्तजार करने वाले नहीं होते. और दो दो जीजू वाली सबसे छोटी स्साली की अगर सैंडविच न बने तो ये दोनों जीजू से ज्यादा साली की बेइज्जती।
तो कितनी बार अजय और कमल जीजू ने मिल के मेरी सैंडविच बनायी
![]()
और कमल जीजू ने शादी के पहले मेरे साथ डांस करते हुए जिस तरह मेरे पिछवाड़े को सहलाया था, दरार में ऊँगली की थी, मैं समझ गयी थी, मेरा ये बदमाश जीजू मेरे पिछवाड़े का दीवाना हो गया है तो मैं भी बार बार मोटे मोटे चूतड़ मटका कर,,,,,
तो मिसेज मोइत्रा उसी बात का इशारा कर रही थीं। बात टालने के लिए और थोड़ा मक्खन लगाने के लिए मैं बोली,
" बस मैडम आप आ जाइये अब हम लोगों के बस का नहीं है ये सब इतना इंतजाम, "
" बस कल सुबह, "
लेकिन चमची नंबर दो इतनी जल्दी बात ट्रैक से हटने नहीं देने वाली थी और उसने एक साथ हम दोनों को जवाब दे दिया
" अरे मैडम एक बार आ गयी न तो बस, कल से हम सीनियर्स की तैयारी चालु और सब बच्चा पार्टी वालियां गाँड़ मरवाने की प्रैक्टिस शुरू कर दो, कुछ तो आदत पड़ी रहेगी। और हम सब सिर्फ बेबी लोगों की चूत का ही भोंसड़ा नहीं बनाएंगीं, गाँड़ का भी,हारेंगी तो सब है ही बच्ची पार्टी वाली, तो बस, गांड में पूरी मुट्ठी जायेगी, बल्कि मैं तो कोहनी तक पेलूँगी, मरदो से तो हंस हंस के गांड मरवाती हैं और हम लोगो की मुट्ठी लेने में गाँड़ फट रही है।"
![]()
और मिसेज मोइत्रा भी उसी रंग में मेरे पीछे पड़ीं, बोलीं
" कोमलिया डर तो नहीं रही है, बात तो ये सही कह रही हैं,.... रोज बिना नागा मेरे दामाद से पिछवाड़े की सेवा करवाओ, अब ये मत कहना की मेरा दामाद तेरे पिछवाड़े को, ...."
उनकी बात काटते हुए मैं खिलखिलाते बोली, " अब आपके दामाद इतने सीधे भी नहीं है की, ....लेकिन मैडम आपके चौड़े चौड़े पिछवाड़े के पीछे वो ज्यादा, और मैं अगर आप का नाम ले कर छेड़ती हूँ की सास के मोटे मोटे चूतड़ याद आ रहे हैं तो कहते हैं की जबतक सास नहीं है तो सास की बेटी से ही, ...इसलिए अबकी आप के दामाद आप के पिछवाड़े को,..."
Komal ji kahin aap serious to nhi hoa. Bechari abhi guddi ke khele kudne ke din hai.गुड्डी के आने के बाद का प्रोग्राम
![]()
और गुड्डी के आने के बाद क्या होना था ये भी मैंने तय कर लिया और गुड्डी को बता दिया, आखिर नन्द भाभी में क्या छिपाना,
" चल आजा, अबकी तेरे भैया से तुझे न सिर्फ चुदवा चुदवा के तेरी चूत का भोंसड़ा बनवाऊंगी, बल्कि तुझे गाभिन भी करवाउंगी, तेरे भैया से वो भी अपने सामने, पेट फुला के घूमना , "
![]()
वो बड़ी जोर से खिलखिलाई फिर हंस के बोली,
" अरे भौजी आपके मुंह में घी गुड़ लेकिन जो डाक्टर भौजी से आपने ताला लगवा दिया है उसका क्या, ....और मेरा भी मन कर रहा है बहुत होगया ताला लगवाए,"
" आ तो तू, तुझे लेने तो मैं ही आउंगी। घर का ताला बाद में खुलेगा, रस्ते में पहले तेरा ताला तेरी डाक्टर भौजी के यहाँ से खुलवा के लाऊंगी उसी रात को गाभिन करवाउंगी, "मैंने अब खुल के अपना इरादा बता दिया, इतना तो सभी लड़कियां जानती हैं, पीरिएड ख़त्म होने के दस दिन के बाद के पांच दिन सबसे ज्यादा गाभिन होएं के चांस होते हैं और एकदम ठीक उसी समय आ रही थी, बस आते ही उसी रात उस के भाई से गाभिन करवाना , पक्का इरादा
" मंजूर"वो गौरेया चहकती बोली
लेकिन तभी उसके किसी यार का फोन घन्नाया और मैं फिर होल्ड पे हो गयी,
और मैं गुड्डी के गाभिन कराने के पीछे सोचने लगी, एक तो इनकी सास ने इनसे तिरबाचा भरवाया था, बहन चोदने के लिए तभी मिलेगी, जब उसे ये गाभिन भी करेंगे और वो भी मेरे सामने। और इन्होने पक्की हामी भरी थी,
![]()
बेचारा आदमी, बहन के लिए क्या क्या नहीं करता, लेकिन स्साली उनकी रंडी बहन थी भी तो जिल्ला टॉप माल,
और सास से पहले और सास से ज्यादा उनके गुड्डी दोनों के पीछे पड़ी थी गीता,
![]()
पहलौठी का दूध के चक्कर में,
और सच में मैंने खुद देखा था गीता के पहलौठी के दूध का असर इनके खूंटे पे, पहले भी अच्छा खासा था किसी से कम नहीं, लेकिन गीता जिस तरह से अपने पहलौठी के दूध की मालिश करती थी,
![]()
अब एकदम स्टील का रॉड हो गया था, मेरी बहन रीनू भी अब उनका लोहा मान गयी। और दूसरा टाइम, अभी तो जब अजय और कमल जीजू आये थे, तो उन दोनों लोगों की पाली ख़तम हो जाती थी लेकिन ये चौके छक्के लगाते रहते थे।
गीता ने तो दसों बार जब हम दोनों इनके मायके गए थे, इन्हे चिढ़ाते, छेड़ते बोला था, गुड्डी को लाने को,
" हे अपने उस पटाखा को ले आओगे न ,.. तो कंडोम वन्डोम कुछ नहीं ,... अरे आते ही नहीं तो चलो ,एकाध महीना में पक्का गाभिन कर देना उसे ,... अरे नौ महीना साल भर मैं दूध का स्वाद चिखा रहीं हूँ , और वो रुकने के पहले तेरे लिए एक और पहलौठी के दूध का इंतजाम हो जाएगा।"
और एक बार नहीं गीता बार बार , जब अपने पहलौठी के दूध से मालिश करती थी , सीधे अपने थन से दूध की धार डालते हुए , उस ढूध को लन्ड पे मसलते रगड़ते बोली थी ,
" आएगी न वो छिनार , तेरी बहना ,जिस ने मेरे सीधे साधे भैय्या को इतना तड़पाया , पहली चुदाई में ही भैया से गाभिन करना , सारी मलाई सीधे उसकी बच्चेदानी में , बस नौ महीने में जब बियाएगी न तो बस , फिर तो दूध की कोई कमी नहीं ,और जब तक वो नहीं बियाएगी न मैं हूँ न भैया , अब मैं अपनी ससुराल नहीं जाने वाली , तेरा ख्याल रखूंगी। "
![]()
मंजू बाई ने भी तड़का लगाया था ,
" और एक बात बताऊँ , पहलौठी का दूध और कुँवारी अनचुदी बुर के फटने का ,... एकदम जादू होता है "
गीता अपनी मुट्ठी में दूध ले के उनके अब जागे फुंफकारते लन्ड पे रगड़ते बोली ,
" जब तू जाओगे न उस के साथ सुहागरात मनाने , बस अपने हाथ से तैयार करुँगी मैं तुझे और जाने के पहले बजाय तेल के यही लगा के भेजूंगी ,पेल देना एक बार में। जब झिल्ली फटेगी तो सारे मुहल्ले में चीख सुनाई पड़नी चाहिए उसकी। बस ,हो जायेगा न पहलौठी का दूध और कुँवारी की झिल्ली फटने का ,.. क्यों माँ। "
और यहाँ तक की डाकटर गिल भी,
" वाह, यार अपनी ननदिया का यूटेरस गाभिन होने के लिए एकदम तैयार है इसकी साइज ये देखो नार्मल से थोड़ी ज्यादा ही है, ट्रांसफंडल एंडोमेट्रियल कैविटी ३० म म से ज्यादा ही होगी, और एंडोमेट्रियल लाइनिंग भी एकदम परफेक्ट है, और इसकी थिकनेस भी,ओके एकदम परफेक्ट है। ये देख कोमल अपनी ननद की ट्यूब्स भी एकदम परफेक्ट हैं ये स्साली बच्चा जनने के लिए ही बनी है रोज मैं दर्जनों देखती हूँ लेकिन ऐसी परफेट ट्यूब्स, यूटेरस ओवरी मुश्किल से देखने को मिलती है, पिक्चर परफेक्ट। ज़रा भी ब्लॉकेज नहीं है , एंडोमेट्रियम भी परफेक्ट। फाइब्रॉइड्स का सवाल ही नहीं। "
![]()
और डाक्टर गिल ने अपना फैसला सब जांच के बाद सुना दिया था, " मेरी ये ननद पहली बार बिना किसी प्रोटेक्शन के जैसे ही चुदेगी, पक्का गाभिन होगी और नौ महीने बाद बियायेगी भी और वो भी इसी क्लिनिक में। "
तो बस अब जैसे ही २०-२२ दिन बाद आएगी, मैं उसे सीधे लेकर डाक्टर गिल की क्लिनिक, ताला खुलवाने और उसी रात बहिनिया भैया के बीज से गाभिन होगा
बहिनिया चोदने वाले भाई तो बहुत मिल जाएंगे, लेकिन चोद के गाभिन करने वाले कम ही होंगे
और मेरा वाला पक्का अपनी बहिनिया को गाभिन करेगा, और बहिनिया के आने के अगले दिन ही, करीब करीब महीने भर का उपवास रहेगा बेचारी का छनछनाई रहेगी, भैया के लंड के लिए, अब तक दर्जन भर से ज्यादा लंड घोंट चुकी हैं गुड्डी बाई, डेढ़ दो महीने के अंदर, लेकिन अभी भी कहती है, भौजी तेरे मरद जैसा कोई नहीं, स्साला रगड़ के कचर के रख देता है,
और में भी उसकी बात मानती हूँ, जोड़ती हूँ उसकी बात में अपनी बात, " सच्च में ननद रानी, तेरे भैया जैसा कोई नहीं "
और गुड्डी को गाभिन करें वाली बात मजाक में शुरू हुयी लेकिन सीरियस हो गयी और अब तो पक्का,
बात पहली रात की थी, और घूंघट खोलने के बाद पहली शर्त जो मैंने इनसे मनवाई, " पहले पांच साल तक केहाँ केहाँ नहीं होगा, पांच साल के बाद ही सोचेंगे और वो मान गए। मैं अभी भी टीन्स में थी और ये भी चार पांच साल ही तो बड़े थे मुझसे, दूसरी बात भी मान गए ये, दो के बाद बस "
Ab ayega na maja , guddi ka gang bang sunne meगुड्डी और कोचिंग की पार्टी उर्फ़ किस्सा गुड्डी बाई के गैंगबैंग का
![]()
लेकिन गुड्डी ने बात दूसरी पूछी,
" भैया को आपने मेरी पार्टी के डिटेल्स बताये, की नहीं "
मैं बड़ी जोर से हंसी,
" स्साली छिनार तेरी सात पुश्त को अपने मायके वालों से चुदवाउ, तेरे न रहने से मेरी वैसे ही डबल कुटाई हो रही है, तेरे हिस्से की भी और पार्टी का किस्सा सुना के अपनी और सांसत करवानी है क्या "
![]()
लेकिन शैतान का नाम लो शैतान हाजिर,.
और गुड्डी के भैया, और मेरे सैंया इसी मौके पे दाखिल हो गए और फोन स्पीकर पर करते हुए मैं गुड्डी से बोली,
"ले तेरा यार आ गया अब तू खुद ही सुना दे, "
और फोन उनकी ओर बढ़ा दिया,
" तेरे बचपन का माल, और तेरे शहर की मशहूर रंडी, गुड्डी बाई,.... लो बात करो, बड़ी खुजली मच रही है तेरी बहिनिया को "
![]()
और वो कुछ बोलते की उसके पहले उनके उस टीनेजर माल की मीठी मीठी आवाज गूंजी,
" भैया, आई मिस यू सो मच, और भाभी ने आपको मेरी पार्टी का हाल भी नहीं सुनाया, ....आपके लिए आने के पहले मैंने रिकार्ड कर के रख दिया था, "
तबतक गुड्डी के किसी दूसरे फोन पे मेसेज वाली घण्टी गूंजी।
वो लौंडिया क्या जिसके पास सिर्फ एक फ़ोन और सिर्फ चार पांच यार हों,
और गुड्डी का मूड बदल गया, " सॉरी भैया, स्साले मादरचोद कैम्प वाले, एक घंटे की छुट्टी थी, बाहर निकलने की लेकिन अभी मेसेज आ गया , दस मिनट में एक सरप्राइज टेस्ट शुरू होने वाला है वो भी ऑफलाइन, मुझे पांच मिनट में कोचिंग में पहुंचना है , भाभी आप को मेरी पार्टी का हाल सुना देंगी और उन्हें सुनाने की फ़ीस भी दे देना, थोड़ी एक्स्ट्रा। "
![]()
और वो शोख, छू मंतर हो गयी।
हम दोनों एक दूसरे को देखते रहे।
थोड़ा सोचते रहे, और फिर मैं मुस्करायी, उन्ह बोली और,
सोच हम दोनों एक ही बात रहे थे,
चारो और इतने कीड़े लगे हैं, कैमरे भी, हमारी साँसों का आना जाना तक रिकार्ड हो रहा है तो गुड्डी की ये दो घंटे की रिकार्डिंग, ये सब सुनी भी जाएंगी, रिकार्ड भी की जाएंगी,
हम दोनों तो शादी शुदा है, जो मर्जी,...
लेकिन एक कुँवारी लड़की जिसने महीने दो महीने पहले इंटर पास किया है उसकी जुबान से ही सब बातें, ये कीड़े सुनेंगे भी रिकार्ड भी करेंगे और दस जगह जाएंगे भी, और फिर गुड्डी के बारे में इन कीड़ों को सब मालूम है। जब ये नहीं आये थे, गुड्डी थी तभी तो उन सबों ने फिट कर दिया था, उसका मोबाइल भी पक्का हैक होगा।
लेकिन मैं मुस्करायी,
"चल स्साली, इनकी सब छिनार मायकेवालियों के बारे में जितना दुनिया को मालूम हो उतना अच्छा, अब गुड्डी को बीस बाइस दिन के बाद ही आना है तो एक बार मिसेज मोइत्रा वाला प्रोग्राम हो जाए तो इनकी महतारी को भी बुलवाउंगी, देख ले ये कीड़े सब कर ले रिकार्डिंग।"
![]()
और गुड्डी की आवाज चालू हो गयी, जी गुड्डी के गैंगबैंग का ये जिक्र गुड्डी की ही आवाज में,
अब उसके साथ मैं तो गयी नहीं थी और ये थे नहीं
तो बूट कैम्प में जाने के पहले ही गुड्डी ने अपनी आवाज में ही रिकार्ड कर दिया था पूरा खेल।
तो गुड्डी की आवाज में गुड्डी की पार्टी का पूरा हाल बस अगले पार्ट में
Komal ji , story khatam hone ki baat mt kiya kijye aap. Dil dukhta hai. Apki story to ese lgta hai chalti raheबात आपकी काफी हद तक सही है, कहानी कुछ ज्यादा ही बड़ी हो गयी है
पर एक तरीके से देखें तो यह कहानी नहीं उपन्यास है वो भी अच्छा खासा मोटा उपन्यास, पेपरबैक नहीं
और हीरोइन उसकी कहानी कहने वाली है, क्योंकि कहानी में शुरू से अभी तक वही है और हाँ गुड्डी एकदम गायब नहीं है, अभी पिछला भगा गुड्डी के बारे में और अगल दो भाग तो गुड्डी की जुबानी और पात्र इतने हैं तो कुछ कभी आते हैं कुछ कभी, कम से कम २० -२५ स्त्री पात्र आ चुके हैं अब तक मैं शुरू के कुछ गिना देती हूँ, पत्नी जो कहानी सुना रही है के अलावा
गुड्डी, जेठानी, सास, मिसेज खन्ना, मिसेज मोइत्रा, मिसेज दीर्घलिंगम, माँ , गीता, मंजू, नैंसी, तनु, सुजाता, रीनू, चीनू, मिसेज मोइत्रा के दोनों रसगुल्ले , छन्दा और दिया, गुड्डी की दोनों सहेलियां, गुलबिया, जेठानी के फलैशबैक में, नगमा, जेठानी की सहेली, मिसेज महलोत्रा स्काई कोचिंग की, डाक्टर गिल, गुड्डी की कोचिंग की सहेलियां, शेयर मार्केट वाले मामले में मीनल शाह
तो बस वही बात
तो बस पंद्रह बीस भगा और करीब २७५-२८० के बाद यह उपन्यास सम्पात होगा, और तब तक शायद ४५ लाख व्यूज हो जाएँ जो किसी ऐसी कहानी के लिए जिसमे इन्सेस्ट न हो या नहीं के बराबर हो, एक संतोष की बात होगी और वैसे भी अब यह एक फाइनेंसियल थ्रिलर बन चुकी है
धन्यवाद आपके सुझावों का ध्यान रखूंगी बस साथ बनाये रखें और हो सके तो बाकी कहानियों पर भी नजर डाले
गायब कहाँ थे आप महीने भर सेAane wali mukabale ki jordar taiyari
एकदम सही कहा आपनेKomal ji kahin aap serious to nhi hoa. Bechari abhi guddi ke khele kudne ke din hai.
Thanks so much for your response and supportnice