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Incest गलत संगत का असर

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Nooob
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अपडेट - 11
विक्की वही बैठा रहता है तभी किचन से रजनी की चीखने की आवाज आती है।
विक्की उठ कर किचन में देखता है तो रजनी नीचे गिरी हुई है उसके ऊपर पूरा खाना फैला हुआ होता है।
रजनी कहराते हुए- देख क्या रहे हो उठाओ मुझे,
विक्की तुरंत झुक के रजनी को गोद मुझे उठाता है रजनी के दूध विक्की के सीने में लग रहा था।
रजनी दोनों हाथ विक्की के गले में डाल कर विक्की को देखती है।
विक्की- छोटी माँ आप को बेडरूम में ले चलूं,
रजनी- हाँ जल्दी चल बहुत दर्द हो रहा है।
विक्की कमरे रजनी को बेड पे लिता देता है।
रजनी लेट कर दर्द से कहाररही थी विक्की की पूरी स्कूल ड्रेस पर खाने के दाग लग चुके थे।



रजनी- विक्की एक काम करो वो दुपट्टा उठाओ उसे थोड़ा गिला कर के मेरा कपड़े साफ कर दो पूरी सब्जी मेरे ही ऊपर गिर गई।
विक्की- लेकिन मैं कैसे,
रजनी- अरे तो क्या हुआ जैसे रवि वैसे तू शर्मा मत जल्दी वरना दाग पड़ जाएगा जल्दी कर,
रजनी सीधी लेट जाती है,विकी दुपट्टे से पहले ब्लाउज के ऊपर के फिर पेट और आखिरी में पेटीकोट के दाग साफ करता है।जिससे विकी के लंड खड़ा हो जाता है विकी की धड़कने तेज चलने लगती है।
रजनी- अरे तेरे भी कपड़े ख़राब हो गए।
विक्की- कोई बात नहीं छोटी मां मैं घर जाके साफ करा लूंगा।

रजनी- ठीक है लेकिन एक काम करना जब तक कोई आता नहीं तब तू यहीं पर बना रह।
विक्की- ठीक है मैं बाहर बैठ कर इंतजार करता हूं किसी के आने का,

रजनी उल्टा लेट जाती है कहराते हुए सोने लगती है।
विक्की- अगर माँ जी आपको कोई समस्या न हो तो मैं आपकी मालिश कर सकता हूँ।

रजनी- हा मैं भी तुझसे यहीं कहने वाली थी लेकिन संकोच में नहीं कहे पा रही थी।
विक्की- अरे माँ जी अभी आप बोल रही थीं कि तुम और रवि एक जैसे हो फिर मुझसे संकोच ये बताओ मूव या कोई बाम रखा है।
रजनी- हाँ किचन से तेल ले आओ जाकर।
विक्की किचन से तेल लेकर आता है अब बताओ कहाँ दर्द है आपके
रजनी- वैसे तो पूरा शरीर दर्द हो रहा है तू मेरी पीठ और पैरो की मालिश के दे।

विक्की बेड पर बैठ जाता है तेल लेकर और कमर पर तेल लगाने लगता है
रजनी- विक्की रुक एक मिनट,
विक्की- क्या हुआ,
रजनी- ऐसा कर तुम अपने कपड़े भी निकाल लो नहीं तो तेल हाथों से गंदे हो जाएंगे फिर जब जाना तब रवि के कपड़े पहन लेना मैं निक्की से धुलवा दूंगी।

विक्की- नहीं माँ जी मैं ऐसे ही ठीक हूँ
रजनी- अच्छा अभी मुझे ज्ञान दे रहा था संकोच का अब खुद ही जल्दी कपड़े उतार मुझसे कुछ नहीं सुनना,

विक्की हार मानकर कपड़े उतार देता है वो सिर्फ अंडरवियर में होता है।

विक्की- माँ जी आप उधर देखो शर्म आ रही है मुझे,
रजनी- हाँ-हाँ ठीक है।

फिर विक्की दोनों हाथों में तेल लेकर लगाने लगता है बार-बार मालिश करने से रजनी के ब्लाउज पर दाग लग रहे होते हैं।

रजनी हल्की नींद में, विक्की एक काम कर मेरा ब्लाउज भी निकाल दे नहीं तो गंदा हो जाएगा फिर तेल का दाग साफ भी नहीं होगा।

विक्की लेकिन मैं कैसे,
रजनी अच्छा अपना मुँह दूसरी तरफ कर विक्की जैसे अपना मुँह दूसरी ओर करता है।
रजनी अपना ब्लाउज निकाल देती है अब सिर्फ पेटीकोट में होती है।
विक्की पीठ पर मालिश करने लगता है और वो रजनी के हल्के बूब्स भी देखता रहता है जिससे उसका लंड झटके मार रहा होता है।
थोड़ी देर बाद रजनी हल्की सी नींद में अब विक्की अब मेरे पैरों की भी मालिश कर दे।
विक्की नीचे होकर पेटीकोट को जांघों तक उठाकर दोनों हाथों से अलग-अलग गोरे-गोरे पैरों की मालिश करने लगता है।
रजनी- विक्की थोड़ा ऊपर कर ना जहाँ पर लगी हुई है
विक्की अब जांघों पर मालिश करने लगता है जिससे बार-बार उसके हाथ पेटीकोट में टच होने लगते हैं। रजनी रुको एक मिनट तू तो मेरा पेटीकोट भी गंदा करना चाहता है तेल से, कहते कहते रजनी ने पेटीकोट उतार दिया और अब रजनी बिल्कुल नंगी उल्टा मुँह करके लेटी हुई थी।
और विक्की जांघों के साथ-साथ कूल्हों में भी तेल से मालिश कर रहा था।
धीरे से विक्की ने एक उंगली गांड की दरार में डालकर आगे पीछे करके मालिश करने लगा फिर उंगली तेल में डुबोकर गांड के छेद के अंदर उंगली डालकर हिलाने लगा जिसमें विक्की और रजनी को बहुत मज़ा आ रहा था।

लेकिन दोनों लोग शांत थे 3-4 बार उंगली अंदर बाहर करने के बाद रजनी के मुँह से आह निकल गई जिससे विक्की ने घबराकर उंगली बाहर निकालकर सिंपली मालिश करने लगा।

रजनी- आह बेटा क्या मालिश की है।
सारा दर्द निकाल दिया निक्की भी नहीं ऐसी मालिश कर पाती कभी,
एक काम करना कल टाइम मिले तो फिर से आकर कर देना। यह कहते ही रजनी बेड पर बैठ जाती है। विक्की तुरंत सर नीचे कर लेता है और रजनी विक्की की तरफ देखने लगती है।
 

Sushil@10

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विक्की वही बैठा रहता है तभी किचन से रजनी की चीखने की आवाज आती है।
विक्की उठ कर किचन में देखता है तो रजनी नीचे गिरी हुई है उसके ऊपर पूरा खाना फैला हुआ होता है।
रजनी कहराते हुए- देख क्या रहे हो उठाओ मुझे,
विक्की तुरंत झुक के रजनी को गोद मुझे उठाता है रजनी के दूध विक्की के सीने में लग रहा था।
रजनी दोनों हाथ विक्की के गले में डाल कर विक्की को देखती है।
विक्की- छोटी माँ आप को बेडरूम में ले चलूं,
रजनी- हाँ जल्दी चल बहुत दर्द हो रहा है।
विक्की कमरे रजनी को बेड पे लिता देता है।
रजनी लेट कर दर्द से कहाररही थी विक्की की पूरी स्कूल ड्रेस पर खाने के दाग लग चुके थे।



रजनी- विक्की एक काम करो वो दुपट्टा उठाओ उसे थोड़ा गिला कर के मेरा कपड़े साफ कर दो पूरी सब्जी मेरे ही ऊपर गिर गई।
विक्की- लेकिन मैं कैसे,
रजनी- अरे तो क्या हुआ जैसे रवि वैसे तू शर्मा मत जल्दी वरना दाग पड़ जाएगा जल्दी कर,
रजनी सीधी लेट जाती है,विकी दुपट्टे से पहले ब्लाउज के ऊपर के फिर पेट और आखिरी में पेटीकोट के दाग साफ करता है।जिससे विकी के लंड खड़ा हो जाता है विकी की धड़कने तेज चलने लगती है।
रजनी- अरे तेरे भी कपड़े ख़राब हो गए।
विक्की- कोई बात नहीं छोटी मां मैं घर जाके साफ करा लूंगा।

रजनी- ठीक है लेकिन एक काम करना जब तक कोई आता नहीं तब तू यहीं पर बना रह।
विक्की- ठीक है मैं बाहर बैठ कर इंतजार करता हूं किसी के आने का,

रजनी उल्टा लेट जाती है कहराते हुए सोने लगती है।
विक्की- अगर माँ जी आपको कोई समस्या न हो तो मैं आपकी मालिश कर सकता हूँ।

रजनी- हा मैं भी तुझसे यहीं कहने वाली थी लेकिन संकोच में नहीं कहे पा रही थी।
विक्की- अरे माँ जी अभी आप बोल रही थीं कि तुम और रवि एक जैसे हो फिर मुझसे संकोच ये बताओ मूव या कोई बाम रखा है।
रजनी- हाँ किचन से तेल ले आओ जाकर।
विक्की किचन से तेल लेकर आता है अब बताओ कहाँ दर्द है आपके
रजनी- वैसे तो पूरा शरीर दर्द हो रहा है तू मेरी पीठ और पैरो की मालिश के दे।

विक्की बेड पर बैठ जाता है तेल लेकर और कमर पर तेल लगाने लगता है
रजनी- विक्की रुक एक मिनट,
विक्की- क्या हुआ,
रजनी- ऐसा कर तुम अपने कपड़े भी निकाल लो नहीं तो तेल हाथों से गंदे हो जाएंगे फिर जब जाना तब रवि के कपड़े पहन लेना मैं निक्की से धुलवा दूंगी।

विक्की- नहीं माँ जी मैं ऐसे ही ठीक हूँ
रजनी- अच्छा अभी मुझे ज्ञान दे रहा था संकोच का अब खुद ही जल्दी कपड़े उतार मुझसे कुछ नहीं सुनना,

विक्की हार मानकर कपड़े उतार देता है वो सिर्फ अंडरवियर में होता है।

विक्की- माँ जी आप उधर देखो शर्म आ रही है मुझे,
रजनी- हाँ-हाँ ठीक है।

फिर विक्की दोनों हाथों में तेल लेकर लगाने लगता है बार-बार मालिश करने से रजनी के ब्लाउज पर दाग लग रहे होते हैं।

रजनी हल्की नींद में, विक्की एक काम कर मेरा ब्लाउज भी निकाल दे नहीं तो गंदा हो जाएगा फिर तेल का दाग साफ भी नहीं होगा।

विक्की लेकिन मैं कैसे,
रजनी अच्छा अपना मुँह दूसरी तरफ कर विक्की जैसे अपना मुँह दूसरी ओर करता है।
रजनी अपना ब्लाउज निकाल देती है अब सिर्फ पेटीकोट में होती है।
विक्की पीठ पर मालिश करने लगता है और वो रजनी के हल्के बूब्स भी देखता रहता है जिससे उसका लंड झटके मार रहा होता है।
थोड़ी देर बाद रजनी हल्की सी नींद में अब विक्की अब मेरे पैरों की भी मालिश कर दे।
विक्की नीचे होकर पेटीकोट को जांघों तक उठाकर दोनों हाथों से अलग-अलग गोरे-गोरे पैरों की मालिश करने लगता है।
रजनी- विक्की थोड़ा ऊपर कर ना जहाँ पर लगी हुई है
विक्की अब जांघों पर मालिश करने लगता है जिससे बार-बार उसके हाथ पेटीकोट में टच होने लगते हैं। रजनी रुको एक मिनट तू तो मेरा पेटीकोट भी गंदा करना चाहता है तेल से, कहते कहते रजनी ने पेटीकोट उतार दिया और अब रजनी बिल्कुल नंगी उल्टा मुँह करके लेटी हुई थी।
और विक्की जांघों के साथ-साथ कूल्हों में भी तेल से मालिश कर रहा था।
धीरे से विक्की ने एक उंगली गांड की दरार में डालकर आगे पीछे करके मालिश करने लगा फिर उंगली तेल में डुबोकर गांड के छेद के अंदर उंगली डालकर हिलाने लगा जिसमें विक्की और रजनी को बहुत मज़ा आ रहा था।

लेकिन दोनों लोग शांत थे 3-4 बार उंगली अंदर बाहर करने के बाद रजनी के मुँह से आह निकल गई जिससे विक्की ने घबराकर उंगली बाहर निकालकर सिंपली मालिश करने लगा।

रजनी- आह बेटा क्या मालिश की है।
सारा दर्द निकाल दिया निक्की भी नहीं ऐसी मालिश कर पाती कभी,
एक काम करना कल टाइम मिले तो फिर से आकर कर देना। यह कहते ही रजनी बेड पर बैठ जाती है। विक्की तुरंत सर नीचे कर लेता है और रजनी विक्की की तरफ देखने लगती है।
Superb update and nice story
 

sunoanuj

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निधि जैसी ही उठ कर देखती है तो वो कुछ नहीं सिर्फ एक सपना था जिसका उसे अपनी पैंटी बहुत गिली सी महसूस हो रही थी।
पूरी साड़ी और शरीर पसीने से भीगा होता है। वो मन ही मन मुस्कुराने लगी और घर के काम में लग गयी।

कोमल शाम के 5 बजे घर पहुंचती है वही विक्की दोपहर से कमरे में सो रहा था 5 बजे उठकर वो जाके बाहर घूम- घाम के 8 बजे घर आ गया।
रवि के साथ का झगड़ा ध्यान ही नहीं था।
सभी लोग खाना खाया और सोने चले गए। विक्की रोज की तरह मूठ मार के सो गया और कोमल को आज बिस्तर पर लेट ते ही नींद आ गई।और वही निधि बेचैन हो कर के सो गई।

दूसरा दिन बिल्कुल रोज की तरह था, आज रविवार के कारण कोई स्कूल नहीं गया था। आज भी कुछ नहीं, विक्की बस दूर से निधि और उसके सपने देख रहा था।
कोमल अपने कमरे में पढ़ाई के नाम पर पूरी नंगी होकर एक हाथ से अपने दूध दबाती और दूसरे हाथ से अपनी चूत में उंगली कर रही होती है। जिसमें उसे बहुत मजा आ रहा था। पुरा दिन इन्ही सब में गुजर गया।

अगले दिन विक्की सुबह उठ कर तैयार होके स्कूल जाने लगा वही कोमल अपने पापा के साथ स्कूल चली गई और घर में सिर्फ अकेली निधि थी।
निधि मन ही मन विक्की के लन्ड को देख कर सोच रही थी कि वो आगे बढ़े या सब कुछ यही पे रोक दे।
उसके मन में मां बेटे के रिश्ते के लिए बहुत से सवाल आ रहे होते है। लेकिन वो अपनी वासना को अपने ऊपर हावी नहीं होने देती। आज वो विक्की से इस विषय पर बात करेगी।


विक्की के स्कूल में,
लोग आज विक्की को आंख फाड़ फाड़ कर के देख रहे हैं लेकिन विक्की को इन सब से कोई मतलब नहीं था वो अपनी क्लास में जाने लगा।
(विक्की स्कूल आने पहले सोच रहा था कि अगर रवि आएगा तो उसे सॉरी बोल दूंगा लेकिन वो उसे उस दिन के बाद से नहीं दिखाएगा)
टीचर, प्रिंसिपल, स्कूल स्टाफ हर बच्चे के मन में यही सवाल था कि आज विक्की अकेले कैसे।
उसको भी मालूम था कि सब लोग मुझे देख रहे हैं

कुछ लड़के ग्राउंड में किनारे खड़े थे।
1 लड़का- अबे आज ये क्या देखने को मिल रहा है
2 लड़का- एक्साइटमेंट में क्या देखने को मिल रहा है।
1 लड़का- अबे ये सल्ला विक्की बहचोद आज अकेला स्कूल आ गया.
2 लड़का- अबे हो सकता है रवि गुजिया ज्यादा खाली हो बीमार हो गया हो इसके लिए नहीं आया।
3 लड़का- कौन अकेला हो मास्टर की लौंडिया जिसने हम खेत में छेड़े थे।
4 लड़का - अरे नहीं रे वो देख विक्की आज अकेला है।
3 लड़का- पता नहीं आयो पूछता चलके,
2 लड़का- हा जाके चुम्मा ले ले
1 लड़का- हा बे ये बहुत आश्चर्य की बात है बे,
3 लड़का- अबे मौका बढ़िया है आज पेल लो इसको भड़ास निकाल ले।
2 लड़का- नहीं बे ऐसे रिस्क नही पहले इसे पक्का कन्फर्म करे कहीं ऐसा ना हो कि वो साला बाद में आ जाए।
4 लड़का- हां ये बात तो सही है तेरी
राघव तू एक काम कर इसका पीछा कर देख आज ये कितनी बार मिलता है फिर बाद में देखता है।
3 लड़का- हां ठीक है बाद में साले को घेर के मरेंगे।साले की बहुत जवान चल रही थी उस दिन प्रिंसिपल के सामने,

4 लड़का- हां साले मुझे उस मास्टर की लौंडिया के चक्कर में बहुत मार पड़ी और गांव में बेइज्जत अलग से हुई।

ये चारो लड़के (1L- गगन, 2L- रिशु 3L-राघव 4L- मलिक )
मिलके श्यामू मास्टर की बड़ी बेटी जो क्लास 12 में ज्योति को छेड़ रहे थे सुनसान जगह में जहां सिर्फ विक्की और रवि जाते थे सिगरेट पीने के लिए इन दोनों ने मिलके उन चारो लड़कों का भांडा फोड़ दिया।

आज का दिन विक्की के लिए बहुत भारी पड़ रहा है।
क्लास स्टूडेंट, और टीचर उसे बार-बार यहीं सवाल कर रहे थे कि रवि क्यों नहीं आया क्या हुआ रवि को आदि।

जैसा तैसे स्कूल का टाइम निकला और विक्की स्कूल जल्दी से भाग निकला।
रिशु, राघव से हो पुरी पूरी जानकारी
राघव- हां भाई कन्फर्म कर के बताता हूं।

इधर कोमल के स्कूल में,
प्रिया- और कैसी होली रही मेरी कम्मो
कोमल - यार पुछ मत उस दिन तो तूने जन्नत दिखा दी मजा आ गया उस रात तो इतनी थक गई थी कि जाते ही सो गई।
प्रिया- अबे ये तो कुछ भी नहीं जब तू पहली बार लंड लेगी ना तुझसे भी बहुत मजा आएगा
कोमल- हां यार मैंने लड़के लड़की बाली पोर्न देखी उसमें लड़की के जबरदस्त बहुत बड़ा एक दम काला लंड डाल दिया पहले तो लड़की खूब रोयी चिल्लाई फिर मजा लेने लगी।मैं उसे देख कर बहुत गरम हो गई थी।
प्रिया- अबे जब लंड अंदर जाता है तो पूरे शरीर की गर्मी को बाहर कर देता है।
कोमल- तूने लिया है कभी लंद अपनी चूत के अंदर,
प्रिया- नहीं मैं भी तेरी तरह कुंवारी हूँ
पर अगर तू मेरा साथ दे तो हम दोनों लोग एन्जॉय कर सकते हैं।
कोमल- वो कैसे
प्रिया- अभी नहीं वक्त आने पर बताऊंगी तब तक तू उंगली कर के काम चला और हा डेली एक ही बार किया कर
कोमल- ठीक है बाबू और कोमल प्रिया के दूध दबाती है।
प्रिया- हट बदमाश कहीं की दोनों लोग एक किस कर के क्लास में जाने लगी।


स्कूल के बाद विक्की जब रवि के घर जाता गेट खट खतने पर रजनी घर गेट खोलती है।
जो सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी।
जैसा गेट खुलता है विक्की रजनी को देखते ही रह जाता है। रजनी ये सब देख कर मुस्कुरा देती है।
रजनी विक्की को हिलाते हुए कहा गम हो गया
विक्की- कहीं नहीं वो मुझे.. नमस्ते आंटी
रजनी- नमस्ते अंकल जी
विक्की- सॉरी छोटी मां
रजनी- चल अन्दर आ
रजनी फिर अंदर जाने लगती है और विक्की भी उसके पीछे पीछे जाने लगता है और उसकी मटकती गांड देखते देखते,
हॉल में बैठ कर,
विक्की- छोटी माँ रवि और बाकी सब लोग कहा हैं।
रजनी सड़ा सा मुंहू बनाते हुए,
रवि आज सुबह से कहीं गया हुआ है और बाकी सब लोग त्यौहार कर के अपने-अपने काम पर लौट गये।
विक्की रजनी से आई कॉन्टैक्ट नहीं कर पा रहा था वही रजनी इस चीज को देख कर मुस्कुरा रही थी।
विक्की- और निक्की दी कहा उनको तो कॉलेज की छुट्टी थी ना,
रजनी- छुट्टी तो थी पता नहीं अर्जेंट कॉल आया किसी दोस्त का टर्नट जाना पड़ा। और तू मुझसे मिलने आया है कि इस सब की जानकारी लेने,
विक्की- अच्छा माँ जी मैं भी चलता हूँ बाद में आता हूँ। वो मै रवि के लिए आया था।
रजनी- अच्छा दोस्त नहीं मिला तो तुरंत भागे जा रहा हो।
विक्की- नहीं ऐसी बात नहीं है।
रजनी- फिर कैसी बात है चुप चाप बैठ कर खाना ले कर आती हूँ खाना खा कर जाना।
विक्की- नहीं माँ जी फिर कभी मुझे थोड़ा काम है।
रजनी- चल बैग उतर का बैथ में खाना लेके आती हूं आया बड़ा काम करने बाला।




कोमल जिसे यह नई चीज में बहुत मजा आ रहा था। विक्की के लिए सबसे मुश्किल था रवि को ढूंढ कर मानना,निधि आगे क्या फैसला लेती है और वो लड़के क्या विक्की को सबक सिखा पाएंगे।
एक दूँ जानकारी वाला अपडेट लगा ये !
 

sunoanuj

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विक्की वही बैठा रहता है तभी किचन से रजनी की चीखने की आवाज आती है।
विक्की उठ कर किचन में देखता है तो रजनी नीचे गिरी हुई है उसके ऊपर पूरा खाना फैला हुआ होता है।
रजनी कहराते हुए- देख क्या रहे हो उठाओ मुझे,
विक्की तुरंत झुक के रजनी को गोद मुझे उठाता है रजनी के दूध विक्की के सीने में लग रहा था।
रजनी दोनों हाथ विक्की के गले में डाल कर विक्की को देखती है।
विक्की- छोटी माँ आप को बेडरूम में ले चलूं,
रजनी- हाँ जल्दी चल बहुत दर्द हो रहा है।
विक्की कमरे रजनी को बेड पे लिता देता है।
रजनी लेट कर दर्द से कहाररही थी विक्की की पूरी स्कूल ड्रेस पर खाने के दाग लग चुके थे।



रजनी- विक्की एक काम करो वो दुपट्टा उठाओ उसे थोड़ा गिला कर के मेरा कपड़े साफ कर दो पूरी सब्जी मेरे ही ऊपर गिर गई।
विक्की- लेकिन मैं कैसे,
रजनी- अरे तो क्या हुआ जैसे रवि वैसे तू शर्मा मत जल्दी वरना दाग पड़ जाएगा जल्दी कर,
रजनी सीधी लेट जाती है,विकी दुपट्टे से पहले ब्लाउज के ऊपर के फिर पेट और आखिरी में पेटीकोट के दाग साफ करता है।जिससे विकी के लंड खड़ा हो जाता है विकी की धड़कने तेज चलने लगती है।
रजनी- अरे तेरे भी कपड़े ख़राब हो गए।
विक्की- कोई बात नहीं छोटी मां मैं घर जाके साफ करा लूंगा।

रजनी- ठीक है लेकिन एक काम करना जब तक कोई आता नहीं तब तू यहीं पर बना रह।
विक्की- ठीक है मैं बाहर बैठ कर इंतजार करता हूं किसी के आने का,

रजनी उल्टा लेट जाती है कहराते हुए सोने लगती है।
विक्की- अगर माँ जी आपको कोई समस्या न हो तो मैं आपकी मालिश कर सकता हूँ।

रजनी- हा मैं भी तुझसे यहीं कहने वाली थी लेकिन संकोच में नहीं कहे पा रही थी।
विक्की- अरे माँ जी अभी आप बोल रही थीं कि तुम और रवि एक जैसे हो फिर मुझसे संकोच ये बताओ मूव या कोई बाम रखा है।
रजनी- हाँ किचन से तेल ले आओ जाकर।
विक्की किचन से तेल लेकर आता है अब बताओ कहाँ दर्द है आपके
रजनी- वैसे तो पूरा शरीर दर्द हो रहा है तू मेरी पीठ और पैरो की मालिश के दे।

विक्की बेड पर बैठ जाता है तेल लेकर और कमर पर तेल लगाने लगता है
रजनी- विक्की रुक एक मिनट,
विक्की- क्या हुआ,
रजनी- ऐसा कर तुम अपने कपड़े भी निकाल लो नहीं तो तेल हाथों से गंदे हो जाएंगे फिर जब जाना तब रवि के कपड़े पहन लेना मैं निक्की से धुलवा दूंगी।

विक्की- नहीं माँ जी मैं ऐसे ही ठीक हूँ
रजनी- अच्छा अभी मुझे ज्ञान दे रहा था संकोच का अब खुद ही जल्दी कपड़े उतार मुझसे कुछ नहीं सुनना,

विक्की हार मानकर कपड़े उतार देता है वो सिर्फ अंडरवियर में होता है।

विक्की- माँ जी आप उधर देखो शर्म आ रही है मुझे,
रजनी- हाँ-हाँ ठीक है।

फिर विक्की दोनों हाथों में तेल लेकर लगाने लगता है बार-बार मालिश करने से रजनी के ब्लाउज पर दाग लग रहे होते हैं।

रजनी हल्की नींद में, विक्की एक काम कर मेरा ब्लाउज भी निकाल दे नहीं तो गंदा हो जाएगा फिर तेल का दाग साफ भी नहीं होगा।

विक्की लेकिन मैं कैसे,
रजनी अच्छा अपना मुँह दूसरी तरफ कर विक्की जैसे अपना मुँह दूसरी ओर करता है।
रजनी अपना ब्लाउज निकाल देती है अब सिर्फ पेटीकोट में होती है।
विक्की पीठ पर मालिश करने लगता है और वो रजनी के हल्के बूब्स भी देखता रहता है जिससे उसका लंड झटके मार रहा होता है।
थोड़ी देर बाद रजनी हल्की सी नींद में अब विक्की अब मेरे पैरों की भी मालिश कर दे।
विक्की नीचे होकर पेटीकोट को जांघों तक उठाकर दोनों हाथों से अलग-अलग गोरे-गोरे पैरों की मालिश करने लगता है।
रजनी- विक्की थोड़ा ऊपर कर ना जहाँ पर लगी हुई है
विक्की अब जांघों पर मालिश करने लगता है जिससे बार-बार उसके हाथ पेटीकोट में टच होने लगते हैं। रजनी रुको एक मिनट तू तो मेरा पेटीकोट भी गंदा करना चाहता है तेल से, कहते कहते रजनी ने पेटीकोट उतार दिया और अब रजनी बिल्कुल नंगी उल्टा मुँह करके लेटी हुई थी।
और विक्की जांघों के साथ-साथ कूल्हों में भी तेल से मालिश कर रहा था।
धीरे से विक्की ने एक उंगली गांड की दरार में डालकर आगे पीछे करके मालिश करने लगा फिर उंगली तेल में डुबोकर गांड के छेद के अंदर उंगली डालकर हिलाने लगा जिसमें विक्की और रजनी को बहुत मज़ा आ रहा था।

लेकिन दोनों लोग शांत थे 3-4 बार उंगली अंदर बाहर करने के बाद रजनी के मुँह से आह निकल गई जिससे विक्की ने घबराकर उंगली बाहर निकालकर सिंपली मालिश करने लगा।

रजनी- आह बेटा क्या मालिश की है।
सारा दर्द निकाल दिया निक्की भी नहीं ऐसी मालिश कर पाती कभी,
एक काम करना कल टाइम मिले तो फिर से आकर कर देना। यह कहते ही रजनी बेड पर बैठ जाती है। विक्की तुरंत सर नीचे कर लेता है और रजनी विक्की की तरफ देखने लगती है।
बहुत ही उत्तेजक और मजेदार अपडेट दिया है 👏🏻👏🏻👏🏻
 

Iron Man

Try and fail. But never give up trying
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sunoanuj

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