अपडेट - 3
शाम के 4 बजे विक्की अपना घर पहुंचत है और अपने कमरे में जाके कपड़े चेंज कर के नीचे आता है।
निधि किचन में रात के खाने की तैयारी कर रही है और कोमल अपने कमरे में पढ़ाई कर रही है।
विक्की के पापा रात में देर आते हैं क्यों वो थोड़ा पीते हैं।
विक्की किचन में जाता है।
निधि- कहा था इतनी देर तक
विक्की - वो मम्मी में रवि के साथ थोडा था उसका कुछ काम था इसलिए देर हो गई।
निधि- अच्छा ठीक है लेकिन टाइम से घर आया कर
विक्की- ठीक माँ आगे से ध्यान रखूँगा।
निधि- और तेरी पढ़ाई वो तो ऐसी ही होगी क्योंकि तेरा मन तो लगता नहीं है, पूरे दिन स्कूल हो या घर सिर्फ आवारागर्दी करना, कुछ सिख लें अपनी बहन से घर के साथ साथ अपनी पढ़ाई का भी ध्यान रखती है।
विक्की- माँ आप मेरी पढ़ाई की चिंता मत किया करो पास तो हो ही जाऊंगा।ज्यादा अच्छे नंबर लेक क्या करना मुझे कौन सा कलेक्टर बनाना है।
निधि- ठीक है तुझे तो समझना ही बेकार है कुछ भी कहो सुनना ही नहीं है।
विक्की- मां आप से एक बात पूछनी थी अगर हा कहो तो बोलूं,
निधि- हा तो कर दूंगी पहले यह भी तो पता चले कि बात क्या है।
विक्की- माँ वो दोस्त लोग होली के उपलक्ष्य में एक छोटी सी पार्टी का आयोजन कर रहे है।रवि के बाग वाले घर में,
निधि- हा तो अच्छी बात है मुझे क्यू बता रहा है।तुझे क्या करना उस पार्टी से,
विक्की- माँ मुझे जाने के लिए इजाजत चाहिए थी इसलिए बता रहा हूँ आप को,
निधि- नहीं त्यौहार आने को है, और वैसे भी जंगल में उसका घर कुछ ऊंच नीच हो गई नहीं,
अगर उसके घर में होती तो में हा भी कर देती लेकिन वहां के लिए ना,
विक्की- प्लीज़ मां वैसे भी मैं कभी ज़िद नहीं करता और सिंपल सी पार्टी है 4 दोस्त लोग थोड़ा बहुत डांस। सुबह टाइम से घर आ जाऊंगा।
निधि- अच्छा ठीक है चले जाना पर ध्यान रखना कि कोई गलत काम नहीं करोगे।क्योंकि मुझे तुम पर भरोसा है और मेरा भरोसा मत तोड़ना।
पार्टी के लिए हां होतें ही विक्की ने जाके अपनी मम्मी को गले लगा लिया और उनके गालों को चूमने लगा।
विक्की को आज पहेली बार अपनी माँ के बूब्स अपने सीने पर मेहसूस हुए थे।
जिससे उसका लंड खड़ा हो गया वो सीधे नीचे निधि के बुर के ऊपर से दस्तक देने लगा।
इस बात का एहसास शायद दोनो लोगो को हो गया था।
निधि विक्की को दूर करते हुए चल अब खाना बनाने दे बहुत देर हो रही है।
उस बात को निधि ने नादानी समझ के इग्नोर कर दिया।
लेकिन विक्की के मन में निधि लिए थोड़ी बहुत फीलिंग आने लगी थी
अब माहोल शांत था 9 बजे तरफ सभी लोगों ने खाना खाया फिर कोमल और निधि किचन का काम करने लगी।
विक्की डिनर कर के सीधे अपने रूम में चला गया।
रूम अंदर जाते ही विकी ने रूम लॉक किया और बेड पर लेट गया।
और विक्की मन ही मन सोचने लगा की,
कि मैं दुनिया का कितना घटिया इंसान हूं।
जो अपनी मां के लिए इतनी गंदी फीलिंग लाने लगा।(और अपने हाथ से लंड को दबाने लगा)
अपनी माँ का जिक्र आते ही विक्की का लंड फिर से खड़ा हो गया।
विक्की ने अपना फोन निकाल कर उसमे पोर्न देखने लगा लेकिन उसके होश तो तब उड़े जब फैमिली पोर्न पे उसने बहुत से माँ-बेटे, भाई-बहन और भी बहुत सी परिवार से जुड़ी पोर्न देखी।
और विक्की अपने लंड को लेकर मूठ मारने लगा।आज तक विक्की ने बहुत बार मूठ मारी थी लेकिन आज अपनी माँ का नाम लेकर लंड रगड़ने लगा।आज विक्की को मूठ मरने में एक अलग ही आनंद आ रहा था।
थोड़ी देर ऐसे ही हिलाने के बाद विक्की का माल निकल गया और वो उसकी हालत में सो गया।
दूसरे दिन सुबह,
आज स्कूल की छुट्टी होती है।
निधि- रवि जा विक्की को जगा दे,
देख 9 बज रहे है।
कोमल - अरे मम्मी सोने दो ना भैया को उठ जायेगे तो सबको परेशान और करेंगे।
निधि- हा यह तो बात है तब भी जा उठ दें जाके उस आवरा को,
कोमल विक्की को उठाने जाती है।
कोमल पहले तो गेट नॉक करती है फिर कोई रिस्पॉन्स ना मिलने पर आवाज लगती है, भैया ओह भैया उठो मम्मी बुला रही है बहुत देर आवाज दे रही जल्दी नीचे आ।
विक्की जो बिल्कुल गहरी नींद में सोया हुआ है उसे कोई आवाज एक दम से डिस्टर्ब कर रही है।
विकी नींद में- कौन है
कोमल - भैया मैं जल्दी उठ गई मम्मी बुल रही है नीचे।
विक्की को जैसा ही एहसास होता है कि ये आवाज तो तानिया की है वो एक दम से हदबड़ी में उठता है।
विक्की- हा कोमल बोल
कोमल- भाई कितनी देर से आवाज दे रही हूं जल्दी गेट खोलो और नीचे आओ मम्मी बुला रही है।
विक्की- तू चल मैं अभी आता हूं
कोमल- ठीक है भैया जल्दी आना,
इतना काहे कर कोमल वहां से चली जाती है।
विक्की - अपने आप नंगा देख कर फिर उसे ध्यान आता है कि उसने कल रात को क्या किया और वह अपने आप में बहुत शर्मिंदगी महसूस करने लगता है।
थोड़ी देर बाद विक्की नहाकर नीचे जाता है।
निधि- उठ गये लाड साहब,
विकी- हां मां (मन ही मन विक्की चुपके से अपनी मां के शरीर को निहार रहा था)
निधि- मै दूसरे गांव जा हु तुम्हारी बुआ से मिलने उनकी तबियत खराब है।शाम तक आ जाऊंगी कही बाहर जाके आवारागर्दी की जरूरत नहीं है घर पर ही रहना,
विक्की- वो मम्मी मुझे रवि से मिलने जाना है कुछ स्कूल का काम है इसलिए,
निधि - मै सब समझती हूं कैसे काम है उसको घर बुला लेंना कोमल चाय बना देगी।
विक्की- ठीक है आप जाइए में नीचे टीवी देखता हूं
निधि - ठीक है तुम टीवी देखो और कोमल तुम घर के काम कर लेना, खाना बना दिया है खा लेना घर के गेट बंद ही रखना,
निधि घर से निकल जाती हैं।
अब घर में सिर्फ विक्की और कोमल थे, टीवी में कुछ अच्छा ना आने के कारण विक्की कोमल को बता कर अपने रूम में चला गया।कोमल नीचे काम करने लगी।
विक्की अपने रूम में मोबाइल फिर वही सब xforum साइड खोल कर मा बेटे वाली कहानियां पढ़ने लगा। धीरे धीरे अपना हाथ लन्ड पे ले जाके हिलाने लगा।
इधर कोमल अपना काम खत्म करके पढ़ने बैठ गई लेकिन आज उसका पढ़ाई में मन नहीं लग रहा था। तो वो टाइम पास करने के लिए अपने भाई के रूम में जाने लगी।
रूम में विकी बेफिक्र होकर मूठ मार रहा होता है लेकिन वो अपना गेट बंद करना भूल जाता है।
कोमल विक्की के कमरे के पास पहुंची होती है उसे कुछ आवाजे 'आह! मेरी सेक्सी मां निधि ओह! निधि आह! निधि जल्दी से आजा' आवाजे सुनाई देती जिससे उसके कदम वही पर रुक जाते है।
चुपके से झांक कर देखती है तो विक्की अपना लन्ड पकड़ के हिला रहा है।
यह देख कर कोमल बिना रुके तेजी से अपने कमरे की ओर भाग जाती है गेट बंद कर के लंबी लम्बी सांस लेती और पूरी पसीने में भीग जाती है।
कोमल बहुत डर जाती है उसे समझ में नहीं आता क्या करे क्या ना और वो चुपचाप बेड पर लेट कर सो जाती।
शाम के 5 बजे,
कोमल उठाती है जब कोई उसके गेट को बजा रहा होता है।जैसे वो गेट खोलती है ये कोई और नहीं विक्की जो कि पूरा नंगा होता है। विक्की सीधे जाके कोमल को किस करने लगता है और उसके प्यारे दोनों दूध को दबने लगता है उसके धक्का देकर बेड पे लिटा देता है।
और कपड़ों के ऊपर से उसकी चूत को दबा देता है। कोमल चीखने की कोशिश करती है विक्की अपना दूसरा हाथ उसके मुंह पर रख कर चुप कर देता है। पहले हाथ से उसकी लेगी उतरता है और अपना लन्ड डाल के चोदने लगता है।
जैसे उसका लन्ड अंदर जाता कोमल जोर जोर से चीखती और अपने हाथ पैर चलने लगती अपने आप को छुटने की नाकामयाब कोशिश करने लगती है।
कोमल - भाई मत करो में तुम्हारी छोटी बहन हु प्लीज भाई रहम करो प्लीज,
एकदम से कोमल अचानक से उठती है तो पाती है कि वो एक सपना देख रही थी।
उसका पूरा शरीर पसीने से भीगा और उसकी पैंटी पूरी तरह गीली थी ऐसे लगा जैसे किसी ने अलग पानी डाला हो।
घड़ी में 5 बजने वाले होते है कोमल बाहर निकल कर अपने कपड़े चेंज करती है।
फिर घर के काम में लग जाती है।
थोड़ी देर बाद विक्की और रवि दोनों लोग नीचे आते है।
कोमल थोड़ा सहमी हुई आवाज में,
विक्की भैया - रवि भैया कब आए और अपने ने मुझको उठाया क्यों नहीं,
विक्की- छोटी तू बहुत गहरी नींद में सो रही थी मेरे 4- 5 आवाज देने पर भी नहीं उठी तो फिर में ऊपर रूम में चला गया।
अब रवि जा रहा है फिर कभी चाय पिला देना। रवि - वैसे भी हम बहुत कुछ पी चुके है।
रवि जाने के कुछ देर बाद निधि भी घर पर आ गई। जो बहुत थकी थाखाई लग रही थी। चेहरे से ऐसा मालूम पड़ रहा था कि कही लड़ाई हुई हो उसमें हार के यह बहुत देर से रो रही हो।
विक्की ने निधि के चेहरा देखा,
विक्की- क्या हुआ मां आप कही रो के आईं है क्या आप की आंख के नीचे काले धब्बों और आंसु की लकीर ऐसी बनी है क्या यह सब मां,
निधि कुछ नहीं बोली वहां से सीधे बाथरूम में गई मुंह धोने,
निधि बाहर आने के बाद फिर विक्की ने सवाल किया,
निधि गुस्से से चिल्ला पड़ी और सबको अपना काम करने को कहा,
मै वहां से घर बाहर निकल गया और कोमल अपने रूम में पढ़ने चली गई।
करीब 8 बजे घर पहुंचा,
अंदर घुसते ही मां के चिलाने की आवाज आ रही थी।तो पाया मां पापा के ऊपर चिल्ला रही थी कोमल किनारे खड़े होकर रो रही थी
विक्की ने सब कुछ शांत कराया फिर सबने खाना खाया और अपने अपने रूम में सोने चल दिए।
रात के 12 बज चुके थे सभी लोग अपने कमरे में जाग रहे थे।
आज निधि रो क्यों रही थी पता नहीं, अब आगे कोमल और विक्की का क्या सीन होगा,
मिलते है अगले अपडेट में