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Horror कामातुर चुड़ैल! (Completed)

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Riky007

उड़ते पंछी का ठिकाना, मेरा न कोई जहां...
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please update

writerwa update de do

अपडेट दे दो रिकी भाई
कोशिश है जल्दी से देने की, आज या शायद कल पक्का
रिकी भाई, तहखाने में क्या हो रहा है, हम लोगों को नहीं दिख रहा है!
आप तो सर्व-व्याप्त हैं, ज़रा देख कर हम पाठकों को बताएँ :winknudge::winknudge:
तहखाने में बस २ चीजें होती है, फौजी भाई चुदाई करवाते हैं, और बाकी वहां तुड़ाई करवाते हैं।
अब तो अपडेट दे दो आपकी इकलौती कहानी में बाबा कामदेव ने 5 शब्द लिख दिए हैं
लगता है रिकी भाई अकेले अकेले तहखाने में चुड़ैल के साथ योगा कर रहे हैं तहखाने में मसाल जलाकर दरवाजा बंद कर दिया है जब उनका काम पूरा हो जाएगा तब आगे का चित्रण करेगे जब तक इंतजार करते रहे???
वैसे मेरी इकलौती कहानी बाप ही है, बाकी सब कहीं न कहीं से प्रेरणा ले कर लिखी गई हैं।

अपडेट पर काम चालू है, जल्दी ही देता हूं।
 

king cobra

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कोशिश है जल्दी से देने की, आज या शायद कल पक्का

तहखाने में बस २ चीजें होती है, फौजी भाई चुदाई करवाते हैं, और बाकी वहां तुड़ाई करवाते हैं।

वैसे मेरी इकलौती कहानी बाप ही है, बाकी सब कहीं न कहीं से प्रेरणा ले कर लिखी गई हैं।

अपडेट पर काम चालू है, जल्दी ही देता हूं।
update likhte time thoda sexy sonchna to sabko maja aayega
 

Riky007

उड़ते पंछी का ठिकाना, मेरा न कोई जहां...
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Ajju Landwalia

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कोशिश है जल्दी से देने की, आज या शायद कल पक्का

तहखाने में बस २ चीजें होती है, फौजी भाई चुदाई करवाते हैं, और बाकी वहां तुड़ाई करवाते हैं।

वैसे मेरी इकलौती कहानी बाप ही है, बाकी सब कहीं न कहीं से प्रेरणा ले कर लिखी गई हैं।

अपडेट पर काम चालू है, जल्दी ही देता हूं।

Intezar rahega Riky007 Bhai
 
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Riky007

उड़ते पंछी का ठिकाना, मेरा न कोई जहां...
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अपडेट ७#

अब तक आपने पढ़ा -

सम्राट चीजे समेटने लगता है, तभी उसे एक कोने में रोशनी जैसी दिखती है। सम्राट उत्सुकता से उधर जाता है, और ऐसा लगता है की दीवाल के पीछे से रोशनी आ रही है, सम्राट इधर उधर देखता है तो दीवाल पर उसे कोई लिपि दिखती है, जिसे देखते ही सम्राट को।लगता है वो उसे पढ़ सकता है, वो कोई मंत्र जैसा होता है, और सम्राट के उसे पढ़ते ही, दीवाल एक तरफ खिसक जाती है, और अंदर एक सुंदर सा कमरा दिखता है, जिसमे मशाल से रोशनी हो रही होती है.......



अब आगे -


कमरे के अंदर कोई नही था, सम्राट ने देखा वहां कमरे के बीचों बीच एक ताबूत जैसा कुछ रखा था। सम्राट उसके पास जा कर उसे खोलने की कोशिश करता है, और थोड़ी मशक्कत के बाद वो खुल जाता है। अंदर रेत की सिवा कुछ नहीं था। सम्राट उस रेत के अंदर हाथ डालता है तो उसके हाथ कुछ लगता है। वो एक रोना का रत्न जड़ित चूड़ा था, जो काफी सुंदर और मूल्यवान था। सम्राट उसे देखते हुए कमरे में चारों ओर और कुछ ढूंढने लगा, मगर और कुछ भी नही मिला वहां। वो निराश होकर बाहर आ गया। उसके कमरे के बाहर पैर रखते ही मशाल अपने आप ही बुझ गई और दरवाजा भी पहले की तरह बंद हो गया। सम्राट ने फौरन उस लिपि को पढ़ने की कोशिश की, मगर इस बार उसे कुछ भी समझ नही आ रहा था। ये बात उसे बड़ी अजीब लगी। उसने वो चूड़ा अपने बैग में रख लिया। उसे वो इतना पसंद आया था कि वो किसी को भी इसके बारे में नही बताना चाहता था। फिर वो वापस ऊपर आ गया और सबसे मिला।

वहीं उस तहखाने में एक घटना और हुई, जिस पर सम्राट की नजर नहीं पड़ी। जैसे ही सम्राट ने वो ताबूत खोला, वैसे ही उसमे से एक काले धुएं की एक लकीर निकल कर कमरे से बाहर चली गई, जिसपर सम्राट की नजर नहीं पड़ी। उस लकीर रूपी धुएं के बाहर निकलते ही आसमान में जोरदार बिजली कड़कने लगी, और हवाएं और तेज चलने लगी।

जब सम्राट बाहर निकल कर सबसे मिला तो मौसम बहुत खराब हो चुका था। सारे लोग उसका ही इंतजार कर रहे थे।

चाचा: कुछ मिला?

सम्राट: नही चाचा जी, वो असल में बैग गिर गया था नीचे, वही लेने रुक गया था मैं। आप में से किसी को कुछ मिला क्या?

चाचा: नही, हम सब भी खाली हाथ ही हैं, लगता है वो सब बस अफवाह ही है। अब सब जल्दी चलो मौसम बहुत खराब हो रहा है। अभी हम जंगल भी पर करना है।

सब जल्दी से बाहर निकलते हैं, और अपनी गाड़ी में बैठ वापस चल देते हैं। रास्ते में मौसम और खराब होने लगा, हवा इतनी जोर से चलने लगी की कई जगह तो ऐसा लगता था की कोई पेड़ टूट कर गाड़ी पर न गिर जाय, बारिश भी मूसलाधार होने लगी, अंधेरा इतना भयानक हो गया कि, गाड़ी की हैडलाइट में भी कुछ साफ नजर नहीं आ रहा था। ऐसा लग रहा था कि जैसे प्रकृति उनको वहां से बाहर न जाने देना चाहती हो। वो तो ड्राइवर इन रास्तों का इतना अभ्यस्त था कि बिना किसी परेशानी के वो गाड़ी जंगल से बाहर ले आया। और कुछ ही समय में सब चाचा के घर पहुंच गए। पूरी रात बारिश और तूफान चलता रहा।

सुबह अच्छी सुहावनी थी, सब वापस लौटने को तैयार थे, सम्राट ने चुपके से वो चूड़ा अपने समान में रख लिया था। उसने तय कर लिया था की ये चूड़ा वो किसी अच्छे दिन आरती को दे देगा। नाश्ता करके सब हंसी खुशी वापस लौट जाते हैं। शाम तक सब वापस अपने शहर पहुंच जाते हैं।

इतनी लंबी ड्राइव से थका हुआ सम्राट अपने कमरे में जाते ही सो जाता है। रात को खाने के समय सुषमा जी उसे उठाने आती है।

खाना खा कर सब टीवी देखने लगते हैं, सब धीरे धीरे अपने कमरों में जा कर सो जाते हैं। सबसे आखिरी में सम्राट भी अपने कमरे में पहुंचता है।

उसकी नींद सुबह नूपुर की आवाज से खुलती है। ठंड के कारण वो रजाई ओढ़े सो रहा था, और नूपुर उसे चाय देने आई थी। ये उस रात के बाद दोनो की पहली एकांत में मुलाकात थी।


सम्राट नूपुर को देखते ही जग गया और रजाई से बाहर निकला, निर्वस्त्र.........
 
Last edited:

Riky007

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Riky007

उड़ते पंछी का ठिकाना, मेरा न कोई जहां...
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Interesting part he he wala :monkahmm:
Story ka Jo nam he us hisab se sab fasad ki jad yahi he par tab tak hume ghumaya jayega aur hum ghumenge :happy:
Par meri nazar hamesha arati ke liye he rahegi.

इस पांच सौ साल पुरानी किले के बारे मे जो कहानियां प्रचलित है वह सच हो सकता है।
कामातुर चुड़ैल की उत्पति इसी स्थान पर हुई होगी। शायद वो सुरेंद्र राणा की गुमशुदा पुत्री ही हो। लेकिन यह कामातुर क्यों हो गई ? क्या इसकी हत्या तब कर दी गई थी जब यह अपने प्रेमी के साथ हमबिस्तर हो रही हो ? शायद इसकी काम पिपासा शान्त न हुई होगी जब यह अपने प्रेमी के साथ सेक्स कर रही थी।
उसकी आत्मा इस वजह से ही भटक रही हो !

लेकिन सिर्फ सम्राट ही क्यों ? वो सम्राट के साथ ही सेक्स क्यों करना चाहती है ? कहीं सम्राट का सम्बन्ध भी पांच सौ साल पहले हुई घटना से तो नही ? कहीं सम्राट ही उसका प्रेमी तो नही ?

अब देखना यह है कि चुड़ैल सिर्फ सेक्स की भूखी है या खून की भी ! और अगर खून की भूखी भी है तब गोपाल , शिवानी , शिव , राम्या , चाचा जी , ड्राइवर और आरती के लिए खतरे की घंटी है।

बहुत ही खूबसूरत अपडेट रिकी भाई। आउटस्टैंडिंग अपडेट।

भाई बहुत खूब लिख रहे हो, लेकिन हॉलीवुड मूवी से ज्यादा अब हॉट सीन बॉलीवुड में मूवी में आने लगे है।
अगली बार सम्राट और नूपुर को बॉलीवुड मूवी के टिकट दे देना 😜😜😜

please update

सब चलेगा कोई भी हो भारत को बता दो???

अपडेट दे दो रिकी भाई

रिकी भाई, तहखाने में क्या हो रहा है, हम लोगों को नहीं दिख रहा है!
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Intezar rahega Riky007 Bhai
अपडेट पोस्टेड
 

Bosskhatri

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अपडेट ७#

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सम्राट चीजे समेटने लगता है, तभी उसे एक कोने में रोशनी जैसी दिखती है। सम्राट उत्सुकता से उधर जाता है, और ऐसा लगता है की दीवाल के पीछे से रोशनी आ रही है, सम्राट इधर उधर देखता है तो दीवाल पर उसे कोई लिपि दिखती है, जिसे देखते ही सम्राट को।लगता है वो उसे पढ़ सकता है, वो कोई मंत्र जैसा होता है, और सम्राट के उसे पढ़ते ही, दीवाल एक तरफ खिसक जाती है, और अंदर एक सुंदर सा कमरा दिखता है, जिसमे मशाल से रोशनी हो रही होती है.......



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कमरे के अंदर कोई नही था, सम्राट ने देखा वहां कमरे के बीचों बीच एक ताबूत जैसा कुछ रखा था। सम्राट उसके पास जा कर उसे खोलने की कोशिश करता है, और थोड़ी मशक्कत के बाद वो खुल जाता है। अंदर रेत की सिवा कुछ नहीं था। सम्राट उस रेत के अंदर हाथ डालता है तो उसके हाथ कुछ लगता है। वो एक रोना का रत्न जड़ित चूड़ा था, जो काफी सुंदर और मूल्यवान था। सम्राट उसे देखते हुए कमरे में चारों ओर और कुछ ढूंढने लगा, मगर और कुछ भी नही मिला वहां। वो निराश होकर बाहर आ गया। उसके कमरे के बाहर पैर रखते ही मशाल अपने आप ही बुझ गई और दरवाजा भी पहले की तरह बंद हो गया। सम्राट ने फौरन उस लिपि को पढ़ने की कोशिश की, मगर इस बार उसे कुछ भी समझ नही आ रहा था। ये बात उसे बड़ी अजीब लगी। उसने वो चूड़ा अपने बैग में रख लिया। उसे वो इतना पसंद आया था कि वो किसी को भी इसके बारे में नही बताना चाहता था। फिर वो वापस ऊपर आ गया और सबसे मिला।

वहीं उस तहखाने में एक घटना और हुई, जिस पर सम्राट की नजर नहीं पड़ी। जैसे ही सम्राट ने वो ताबूत खोला, वैसे ही उसमे से एक काले धुएं की पति लेकर निकल कर कमरे से बाहर चली गई, जिसपर सम्राट की नजर नहीं पड़ी। उस लकीर रूपी धुएं के बाहर निकलते ही आसमान में जोरदार बिजली कड़कने लगी, और हवाएं और तेज चलने लगी।

जब सम्राट बाहर निकल कर सबसे मिला तो मौसम बहुत खराब हो चुका था। सारे लोग उसका ही इंतजार कर रहे थे।

चाचा: कुछ मिला?

सम्राट: नही चाचा जी, वो असल में बैग गिर गया था नीचे, वही लेने रुक गया था मैं। आप में से किसी को कुछ मिला क्या?

चाचा: नही, हम सब भी खाली हाथ ही हैं, लगता है वो सब बस अफवाह ही है। अब सब जल्दी चलो मौसम बहुत खराब हो रहा है। अभी हम जंगल भी पर करना है।

सब जल्दी से बाहर निकलते हैं, और अपनी गाड़ी में बैठ वापस चल देते हैं। रास्ते में मौसम और खराब होने लगा, हवा इतनी जोर से चलने लगी की कई जगह तो ऐसा लगता था की कोई पेड़ टूट कर गाड़ी पर न गिर जाय, बारिश भी मूसलाधार होने लगी, अंधेरा इतना भयानक हो गया कि, गाड़ी की हैडलाइट में भी कुछ साफ नजर नहीं आ रहा था। ऐसा लग रहा था कि जैसे प्रकृति उनको वहां से बाहर न जाने देना चाहती हो। वो तो ड्राइवर इन रास्तों का इतना अभ्यस्त था कि बिना किसी परेशानी के वो गाड़ी जंगल से बाहर ले आया। और कुछ ही समय में सब चाचा के घर पहुंच गए। पूरी रात बारिश और तूफान चलता रहा।

सुबह अच्छी सुहावनी थी, सब वापस लौटने को तैयार थे, सम्राट ने चुपके से वो चूड़ा अपने समान में रख लिया था। उसने तय कर लिया था की ये चूड़ा वो किसी अच्छे दिन आरती को दे देगा। नाश्ता करके सब हंसी खुशी वापस लौट जाते हैं। शाम तक सब वापस अपने शहर पहुंच जाते हैं।

इतनी लंबी ड्राइव से थका हुआ सम्राट अपने कमरे में जाते ही सो जाता है। रात को खाने के समय सुषमा जी उसे उठाने आती है।

खाना खा कर सब टीवी देखने लगते हैं, सब धीरे धीरे अपने कमरों में जा कर सो जाते हैं। सबसे आखिरी में सम्राट भी अपने कमरे में पहुंचता है।

उसकी नींद सुबह नूपुर की आवाज से खुलती है। ठंड के कारण वो रजाई ओढ़े सो रहा था, और नूपुर उसे चाय देने आई थी। ये उस रात के बाद दोनो की पहली एकांत में मुलाकात थी।


सम्राट नूपुर को देखते ही जग गया और रजाई से बाहर निकला, निर्वस्त्र.........
🤔🤔🤔🤔

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👻👻👻👻👻👻👻👻👻👻👻👻 niwastra bistar se bahar ..hmmm...🤩🤩🤩🤩🤩🤩🤩
 
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Ajju Landwalia

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सम्राट चीजे समेटने लगता है, तभी उसे एक कोने में रोशनी जैसी दिखती है। सम्राट उत्सुकता से उधर जाता है, और ऐसा लगता है की दीवाल के पीछे से रोशनी आ रही है, सम्राट इधर उधर देखता है तो दीवाल पर उसे कोई लिपि दिखती है, जिसे देखते ही सम्राट को।लगता है वो उसे पढ़ सकता है, वो कोई मंत्र जैसा होता है, और सम्राट के उसे पढ़ते ही, दीवाल एक तरफ खिसक जाती है, और अंदर एक सुंदर सा कमरा दिखता है, जिसमे मशाल से रोशनी हो रही होती है.......



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कमरे के अंदर कोई नही था, सम्राट ने देखा वहां कमरे के बीचों बीच एक ताबूत जैसा कुछ रखा था। सम्राट उसके पास जा कर उसे खोलने की कोशिश करता है, और थोड़ी मशक्कत के बाद वो खुल जाता है। अंदर रेत की सिवा कुछ नहीं था। सम्राट उस रेत के अंदर हाथ डालता है तो उसके हाथ कुछ लगता है। वो एक रोना का रत्न जड़ित चूड़ा था, जो काफी सुंदर और मूल्यवान था। सम्राट उसे देखते हुए कमरे में चारों ओर और कुछ ढूंढने लगा, मगर और कुछ भी नही मिला वहां। वो निराश होकर बाहर आ गया। उसके कमरे के बाहर पैर रखते ही मशाल अपने आप ही बुझ गई और दरवाजा भी पहले की तरह बंद हो गया। सम्राट ने फौरन उस लिपि को पढ़ने की कोशिश की, मगर इस बार उसे कुछ भी समझ नही आ रहा था। ये बात उसे बड़ी अजीब लगी। उसने वो चूड़ा अपने बैग में रख लिया। उसे वो इतना पसंद आया था कि वो किसी को भी इसके बारे में नही बताना चाहता था। फिर वो वापस ऊपर आ गया और सबसे मिला।

वहीं उस तहखाने में एक घटना और हुई, जिस पर सम्राट की नजर नहीं पड़ी। जैसे ही सम्राट ने वो ताबूत खोला, वैसे ही उसमे से एक काले धुएं की पति लेकर निकल कर कमरे से बाहर चली गई, जिसपर सम्राट की नजर नहीं पड़ी। उस लकीर रूपी धुएं के बाहर निकलते ही आसमान में जोरदार बिजली कड़कने लगी, और हवाएं और तेज चलने लगी।

जब सम्राट बाहर निकल कर सबसे मिला तो मौसम बहुत खराब हो चुका था। सारे लोग उसका ही इंतजार कर रहे थे।

चाचा: कुछ मिला?

सम्राट: नही चाचा जी, वो असल में बैग गिर गया था नीचे, वही लेने रुक गया था मैं। आप में से किसी को कुछ मिला क्या?

चाचा: नही, हम सब भी खाली हाथ ही हैं, लगता है वो सब बस अफवाह ही है। अब सब जल्दी चलो मौसम बहुत खराब हो रहा है। अभी हम जंगल भी पर करना है।

सब जल्दी से बाहर निकलते हैं, और अपनी गाड़ी में बैठ वापस चल देते हैं। रास्ते में मौसम और खराब होने लगा, हवा इतनी जोर से चलने लगी की कई जगह तो ऐसा लगता था की कोई पेड़ टूट कर गाड़ी पर न गिर जाय, बारिश भी मूसलाधार होने लगी, अंधेरा इतना भयानक हो गया कि, गाड़ी की हैडलाइट में भी कुछ साफ नजर नहीं आ रहा था। ऐसा लग रहा था कि जैसे प्रकृति उनको वहां से बाहर न जाने देना चाहती हो। वो तो ड्राइवर इन रास्तों का इतना अभ्यस्त था कि बिना किसी परेशानी के वो गाड़ी जंगल से बाहर ले आया। और कुछ ही समय में सब चाचा के घर पहुंच गए। पूरी रात बारिश और तूफान चलता रहा।

सुबह अच्छी सुहावनी थी, सब वापस लौटने को तैयार थे, सम्राट ने चुपके से वो चूड़ा अपने समान में रख लिया था। उसने तय कर लिया था की ये चूड़ा वो किसी अच्छे दिन आरती को दे देगा। नाश्ता करके सब हंसी खुशी वापस लौट जाते हैं। शाम तक सब वापस अपने शहर पहुंच जाते हैं।

इतनी लंबी ड्राइव से थका हुआ सम्राट अपने कमरे में जाते ही सो जाता है। रात को खाने के समय सुषमा जी उसे उठाने आती है।

खाना खा कर सब टीवी देखने लगते हैं, सब धीरे धीरे अपने कमरों में जा कर सो जाते हैं। सबसे आखिरी में सम्राट भी अपने कमरे में पहुंचता है।

उसकी नींद सुबह नूपुर की आवाज से खुलती है। ठंड के कारण वो रजाई ओढ़े सो रहा था, और नूपुर उसे चाय देने आई थी। ये उस रात के बाद दोनो की पहली एकांत में मुलाकात थी।


सम्राट नूपुर को देखते ही जग गया और रजाई से बाहर निकला, निर्वस्त्र.........


Bahut hi badhiya update he Riky007 Bhai,

Pehla encounter us raat ke baad bhabhi ke sath wo bhi fully nude halat me..............

Chudail shayad bahar aa gayi he aur Ab asli khail shuru hoga chudail ka..........

Keep posting Bhai
 
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