और मैं भागकर अपने कमरे में चली आई..
अब आगे.....
भाग -11
कमरे में आकर मैं सोने की पूरी कोशिश करने लगी पर नींद नहीं आ रही थी, बार बार दिमाग मे दौडने लगा की मामा जी के दोस्त ने एैसा क्यों किया
हल्का सा दर्द हो रहा था शायद ज्यादा रगड़ दिया मोहित मामा ने फिर कब मैं सो गई पता ही नहीं चला
सुबह हो गई थी, सब लोग जग गये और अपने कामों में लगे थे, मैं आंख मलते हुए सीधे किचन में चली आई, मां अकेले ही सुबह का नास्ता बना रही थी
मैं -इतना सुबह से ही नास्ता बना रही हो
मां- हां, रात में सोने से पहले तेरे मामा ने कॉल किया था, और हमें बुलाया है शायद रिंकी (मामा की बेटी) को लडके वाले देखने आ रहे हैं
मैं - पर मैं अभी जाकर क्या करूंगी
मां- ठीक है, जैसी तेरी इच्छा
मैं तेरे मोहित मामा के साथ अभी ही चली जाउंगी, और वैसे भी उसे तो जाना ही है
मैं - लडके वाले कब आ रहे हैं
मा- रविवार को
मैं -पर मां तीन चार दिन लग जायेगा, आपको वापस आते आते इतने दिन तक मैं अकेले कैसे रहूंगी
मां - तो चल न तू भी
मैं -नहीं मां बाद के रस्म रिवाज के समय जाऊंगी
मेरा कॉलेज छूट जायेगा
मां- अच्छा चल फ्रेश हो जा नास्ता बन गया है ,
मां- 1काम कर तू अपनी दोस्त कंचन को बुला ले मेरे आने तक
मैं - अच्छा याद दिलायी मां, तूने बहुत दिन हो गए हैं मिले हुए
बोलकर मैं किचन से निकली और
हॉल में पुहंची तो देखा मोहित मामा जी पेपर पढ रहे थे, मैं चुपचाप बाथरूम में जाने लगी
गौर किया की मोहित मामा पेपर के बहाने मेरी बलखाती चूतड़ को आंखे फाड़ कर देख रहे थे
मैं बहुत ही संभल कर जा रही थी, पर मेरी चाल से मेरी चूतड़ बहुत जोर जोर से मटक रही थी मानो चक्की में दाल पीस रहा हो

मामा के दोस्त के पायजामे में भी हरकत होने लगी,इतने में विक्की आ गया मोहित मामा ने हाथों से अपने तम्बू को एडजस्ट किया जिसे विक्की देख नहीं सका ,
आज उसे अपनी कंपनी में अटेंड करना है सो जल्दी ही तैयार हो गया
मेरे जाने के बाद दोनों बाप बेटे आपस में बाते कर रहे थे
कुछ देर बाद मैं बाथरूम से ब्रश कर निकली तबतक मां हॉल में मोहित से बोल रही थी
मां- तेरे दोस्त ने बुलाया है
मोहित मामा - हां दीदी मुझे भी कॉल किया था रात में ही ,अंजू चलो तुम भी
मैं -नहीं नहीं, मैं अभी नहीं जा रही
मां- रहने दो मोहित, और विक्की भी तो अकेला हो जाएगा
मोहित मामा ने, सोचा था कि, मैं साथ में जा रही हूं, पर मना करने पर उदास हो गये
मां ने नास्ता लगाने को कहा सब बैठ गये
मैनें किचन से सारा आइटम ला कर टेबल पर सजा दिया फिर मैं भी बैठ गयी
पर ये क्या, मामा के दोस्त नास्ते के लिए वो मेरे बगल के कुर्सी में बैठ गये, मैं समझ गई की अब क्या होने वाला है
सब नास्ता करने लगे मां ने बहुत ही अच्छा नास्ता तैयार किया था
मोहित -दीदी पराठा देना,
मां ने 1 पराठा दिया विक्की तुम भी लो
विक्की- जी
मोहित- वाह मजा आ गया, घी घर का है
मैं -हां
किसने बनाया मामा के दोस्त ने मुझे पूछा
मैं - मैनें
मोहित- तेरा घी में बहुत खुशबू है
(जानबूझ कर डबल मिंनिग में बोला मोहित मामा जी ने)
मैं भी शर्म से नजरें झुका ली
मोहित मामा - अंजू दूध देना
मैंनें दूध का गिलास बढा दिया
मोहित मामा - ये बहुत ही मीठा है बोल कर मेरे सीने में से झांकते उभारो को देख कर बोले
लगा कि वो मेरे ही बूब्स से दूध पी लेंगे
अचानक मेरा चम्मच गिर गया तुरंत मामा के दोस्त उसे उठाने के लिए नीचे झुके तो उन्हें मेरी बूर दिख गई
और अपना हाथ लगा दिया
जल्दबाजी में मैनें पैंटी नहीं पहन रखी थी, केवल समीज ही पहनकर नास्ता करने बैठ गयी जिसका फायदा वो उठा रहे थे

मैं सकपका कर अपनी मांसल जाघों को आपस में सटा लिया, विक्की के पापा ने तुरंत हाथ खींच लिया और चम्मच उठा कर अपनी कुर्सी में बैठ गये
और जाघों को छूने,सहलाने लगे
मेरे बदन में चिटिंयां रेंगने लगी,
मैं बार बार उनके हाथों के झटक दे रही, पर वो सहलाते सहलाते अपने खजाने को पाने में कामयाब हो गये
मेरे चेहरे के भाव बदल रहे थे पर कुछ बोल नहीं पा रही थी सब सामने ही बैठे थे
मोहित मामा मेरे बूर की छेद में उंगली डाल कर हिलाने लगे,
मैं बहुत मुश्किल से अपने सिसकारी को रोकने का प्रयास करने लगी, गले में थूक अटक गया था
मोहित मामा -क्या हुआ अंजू
मैं -हूं.... हम्म क.. का.... कुछ नहीं
वो मेरी हालत पर मुस्कुराहते हुए.....
मेरे बूर से रस रिसने लगा
उफ् क्या बताऊ मेरी क्या हालत हो रही थी
मां और विक्की नास्ता खत्म कर चुके थे और उठने लगे
तो तुरंत मोहित जी ने हाथ वापस खींच लिया और सीधे होकर संभल गये
मैं भी उठकर चल दी रूम की ओर
थोड़ी देर में सब तैयार हो कर हॉल में
विक्की चला कंपनी और मां +मोहित मामा जाने के लिए
सब लोग के जाने के बाद मैं अकेले रह गयी
कॉलेज जाना था पर मन नहीं कर रहा था
मैनें मेहता सर को कॉल किया और बोला की आज नहीं आ रही कल आऊगी
सर ने कहा ठीक है कल से ही पेपर भी जांचना है समय पर आ जाना
मैनें अब कंचन को फोन किया
कंचन -हलो कौन
मैं - अरे मैं अंजू
कंचन -कैसी है रे तू इतने दिनो बाद और सुना है तेरी नौकरी लग गयी
मैं -हां रे, मैं बताती तुझे पर तेरा स्वीच ऑफ आता था, अभी फेसबुक से नया नं मिला तेरा
कंचन - वो तो कब का बदल गया
मैं -अच्छा सुन न दो तीन दिन के लिए मेरे पास आ न मां कुछ काम से मामा जी के यहां आज ही चली गई है
और मैं अकेली हो गई हूं
कंचन -तो शादी कर ले
बोलकर मेरी खिंचाई करने लगी
मैं -चल हट, और तू शाम तक आ जा फिर बहुत बातें करेगें
कंचन -चल ठीक है, मै आ जाऊगी
ओ. के बॉय
कंचन मेरे बचपन की दोस्त है, शादी हो गई है, उसके पति बाहर जॉब करते हैं सास ससुर कोई नहीं है इसलिए अपने मॉम डैड के साध ही रहती है पति हर हफ्ते आते रहते हैं
शाम 5 बजे डोर बेल बजी, मैं बाहर आई देखा कंचन थी मैं तो शॉक थी वाह क्या कमाल लग रही थी कंचन
शादी के बाद पूरा बदन भर गया था एकदम हॉट लग रही थी

मैं -आ गयी ,अंदर आ कंचन
कंचन -हां चल
मैं अपने कमरे में उसका सामान रखा और हॉल में बैठकर बातें करने लगे बाते करते करते अंधेरा हो चुका था
मैं -जा तू, चेंज कर ले मैं कुछ बनाती हूं बोलकर किचन में चली गई
कंचन कपड़े बदलने लगी, कब विक्की आ कर हॉल में था हमदोनो में से किसी को पता नहीं
पर वो कंचन के चेंज करने का सारा सीन चुपके से देख लिया क्योंकि कंचन को लगा कि घर पर केवल मैं हूँ, और मैं भी बताना भूल गई थी
ये था नजारा

कंचन बदल कर हॉल में आई तबतक विक्की भी अपने कमरे में चला गया था कंचन को पता ही नहीं लगा की कोई उसकी जवानी को अपने दिल में कैैैकर चुुका था
मैं चाय और चिप्स लेकर आई तो देखा विक्की का कमरा खुला है मैं समझ गई की वो आ चुका है
तबतक विक्की भी हॉल में आया
कंचन को 1 झटका लगा क्योकि उसने नेट वाली वनपीस पहना था जिसमें उसका सारा बदन एक्सपोज हो रहा था
मैं - कब आये विक्की
विक्की -अभी जस्ट आया अंजू दी
कंचन धीरे से बोली ये कौन है
मैनें विक्की और कंचन का परिचय कराया
पर कंचन को अपनी ड्रेस के कारण बहुत शर्मिंदा हो रही थी
और विक्की तिरछी नजर से बार बार कंचन को घूर रहा था
विक्की की आंखों से लग रहा था, वो कंचन की बूब्स की इन घाटियों में डूब जाना चाहता है

थोड़ी आपस में बाते होने के बाद कंचन अब सहज महसूस करने लगी
मैं - तुमलोग बाते करो मैं डिनर तैयार करती हूं
दोनो ने एकसाथ हां बोला
गौर किया की जब मैं जाने लगी तो विक्की मेरी चूतड़ को भी खा जाने वाली नजरो से देखने लगा जैसे सुबह उसके पापा ने देखा था

To be continued.....