• If you are trying to reset your account password then don't forget to check spam folder in your mailbox. Also Mark it as "not spam" or you won't be able to click on the link.

Adultery Shaadishuda Kamini ki Chudai Bhari Zindagi !!

Should i post this story from start in Hindi with English font

  • Yes

  • No


Results are only viewable after voting.

Rajizexy

❣️and let ❣️
Supreme
52,446
54,236
354
उस घमासान चुदाई के बाद हम तीनों ने 1 घंटे के लिए आराम किया। मेंने आँखें खोली तब फिर से अपनी जांघों पर दो हाथों को महसूस करने लगी। मैंने अपने हाथों को उनकी बालों वाली जांघों पर रख दिया और उन्हें रगड़ना शुरू कर दिया। में देखी की दोनों के लंड एक बार फिर सख्त हो गए थे...में दोनों की तरफ देखी और कही


280814972-512078730404130-2935852068572271086-n

“उफ्फ्फ आप दोनों ने अभी एक घंटे पहले ही मेरी डबल चुदाई की थी और आपके लंड फिर से सक्थ हो गए .... उफ्फ्फ आप लोग बहुत ज्यादा हॉर्नी मर्द हो।”

डोनो बोले। “अरे तुम भी हमारे लंड को फिर से लेना चाहती हो , तुम्हारी चूत फिर से गीली हो गई है ... उफ्फ्फ्फ अब चोदने दो हमें ।"


मैंने मुस्कुरायी। हाँ मैं चाहती थी कि उन दो मोटे लंड में मेरी चूत और गाँड में फिर से लूँ.. में शर्माने का नाटक करी और पहले रामचंद्र के सिने में मेरी मह ढकी और फिर रोल होकर वही हरकत मोहन के सिने पर की और अपनी मुट्ठी से उनके सिने पर हल्के से वार करी ।


उफ़्फ़्फ़्फ अब आप डोनो मर्द हो और आपके लंड फिर से सख्त हो गए हैं , उफ़्फ़्फ में महिला हूँ, आप मर्दों को कैसे ना कह सकती हूँ। अब जो चाहो वही करोए ।”


और रामचंद्र ने मेरी कलाई पकड़ ली और उनके पास खिंच लिया।


288351187-589547679145032-596063569732919572-n


“चलो अब तुम मेरे लंड को राइड करके चुदाई करो।”

में उनके ऊपर चढ़ गयी और मैंने अपनी टांगें फैला दीं और धीरे-धीरे उनका बड़ा लंड अपने चूत के अंदर लेकर उसकी गोद में बैठ गयी। उन्होंने मुझे मेरे होठों पर किस करना शुरू कर दिया और जल्द ही मैं उनसे चुदाई के लिए फिर से तैयार हो गयी। उसने मेरे नितंबों के नीचे हाथ रखा और अपना कमर ऊपर उठाए। उनका लंड मेरी चूत के और अंदर चला गया और मेरे अंदर मेरे गर्भ तक घुस गया।

उन्होंने मुझे नीचे नितंबों से पकड़ रखा था और मैंने अपनी टांगों को उनकी कमर पर और मेरी बाँहों को उनके गले में लपेट ली थी और मेरे होंठ उसके होठों पर चुम्बन दे रहे थे। वह मुझे बेतहाशा चूम रहे थे और मैं उसे पूरा जवाब दे रही थी कि वह मेरे होंठों को जोर से चूस रहे हो जैसे कि दुनिया में पानी का एकमात्र स्रोत हो और जैसे वह कई दिनों से प्यासे हो।

जल्द ही मैंने मोहन के हाथों को पीछे से अपने स्तनों पर महसूस करी। उनका लंड भी एक बार फिर सख्त हो गया था । पीछे से और वो मेरी गांड के छेद में अपना लंड डालने लगे। फिर उन्होंने एक जोरदार धक्का दिया और अपना लंड मेरी गांड में डाल दिया। उन्होंने मुझे फिर से उसी स्थिति में पंप करना शुरू कर दिया।


इसके साथ ही मेरा कराह फिर शुरू हो गयी…. आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह.. मम्मम्म ... एसएसएसएस।



119816356-343356010238624-3789946692940345720-n


मैंने अपने सिर घुमायी और मोहन ने अपने भूखे होंठ मेरे ऊपर रख दिए। उसने अपनी जीभ मेरे अंदर गहरी डाल दी और मैंने अपनी जीभ उसके मुंह के अंदर धकेल दी। वह मेरे पसीने से तर शरीर पर मेरे स्तन, निपल्स, मेरे पेट, मेरी कमर को छू रहा था रामचंद्र आगे से खुशी से मेरी चूचियों को चबा रहे थे।

जल्द ही उन्होंने मुझे बड़ी तेजी से चोदना शुरू कर दिया और मुझे फिर से मेरे अंदर एक और संभोग सुख महसूस हुआ। मैं फिर खुशी से कहरने लगी….

“ओह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्’’.. यसएसएस... आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्म्मम्मम्म..हां... जानू तेज़ी से और चोदिए ना,. अब पीछे से मोहन ने मेरे बाल पकड़ रखे थे और मेरी गाँड की चुदाई कर रहे थे ।



277805050-160187506440708-9072435691405489895-n


मोहन कराह कर बोलने लगे “यस्स्स्स आई लव यू कामिनी..... मम्मम्म आआआह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्ह्



दोनों अंकल भी अब बहुत गर्म थे और पानी छूटने के क़रीब आने वाले थे। उन्होंने भी मुझे तेजी से चोदना शुरू कर दिया और अब हम तीनों कराह रहे थे ...

रामचंद्र बोले,

हाँ ... आई लव यू कामिनी ... यस्स्स आह्ह्ह्ह क्या चूत हैं तमहरि। आह्ह्ह ... ओह्ह्ह। एसएसएस…. मम्म.”

मोहन भी अब जोर-जोर से कराह रहा था और वो भी अब सह जा रहा था और उसने भी कहा…


“ओह्ह ..हाँ… कामिनी…. मैं तुम्हें भी प्यार करता हूँ बेबी… मैं तुम्हें जिस तरह से चोदता हूँ… ओह हाँ मेरे लंड से पानी छूट रहा हैं ….. कामिनी ...
में मुसकरने लगी थी । और रामचंद्र के होठों को चूमने लगी ।


275822988-655293615723372-3274303461243133197-n


में कही। “उफ़्फ़्फ हाँ जानेमन मुझे और तेज़ चोदना है मैं भी अपने ऑर्गैज़म के क़रीब हूँ ।”

“मेरे अंदर ही अपना गाढ़ा सफ़ेद माल छोर दो। मुझे अपने वीर्य से भर दो”


मैंने रामचंद्र के चारों ओर अपनी बाहों को कसकर लपेट लिया और खुशी से अह्ह्ह करी और अपना सारा सह निकाल दी मेरी चूत और गाँड में । दोनों अंकल ने मेरे अंदर उनका लव जूस भी छिड़क दिया। मैं उनके गर्म वीर्य को अपनी चूत और गांड में भर्ती हुयी महसूस कर सकती थी।

हम अब बहुत थक चुके थे और उन्होंने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और मेरे अग़ल बगल में लेट गए। हम जोर-जोर से सांस ले रहे थे और अपनी सांस को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे।


अब उस दिन के बाद डोनो उंच्लेस से चुदाई मेरी जारी रही जब तक मेरी शादी हुयी । डोनो काफ़ी अमीर थे। इन डोनो की वजह से मैं एक शानदार जीवन शैली जीने में सक्षम थी और मुझे उस भव्य जीवन शैली का स्वाद मिला जिसे मैं हमेशा से चाहती थी। उन्होंने मुझे कई सेक्सी लॉन्जरी, शॉर्ट ड्रेस गिफ्ट की।

वे बोल्ड भी थे इसलिए वे हमेशा चाहते थे कि मैं सेक्सी पोशाक में या तो मेरी दूधिया की दरार दिखाना, या फिर जांघों का प्रदर्शन करना और मेरी इन-शेप कमर और नाभि की भी।



B1-C5-A937-40-F3-4-FEB-B344-89867-F382784


डोनो मेरी चुदाई करते रहते, कभी अकेले अपने अलग अलग फ़्लाट्स पर बुला कर और कभी कभी साथ में भी चुदाई करते। मुझ पर बहुत पैसे लूटा ते और बड़ी बड़ी गाड़ियों में घूमने ले जाते । मेरी मस्ती बहुत चली मोहन और रामचंद्र के साथ ।

End of Part 3
Awesome,sexy, hott🔥🔥 🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥
👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌
💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯
 

HusnKiMallika

Active Member
1,665
2,863
144

HusnKiMallika

Active Member
1,665
2,863
144
Part 4


अगले महीने ससुरजी द्वारा पहली चुदाई के बाद मैं और ससुरजी हर सुबह मेटिंग करने वाले जानवरों की तरह चुदाई करते थे .. सास घर पर नहीं थी और रवि जल्दी काम पर चला जाता था इसलिए मुझे और ससुरजी को हर सुबह 2 घंटे चुदाई के लिए मिलते थे। जब भी पति मुझे रात में चोदने में असफल रहते, ससुरजी मेरी गांड और मेरी चूत की बहुत चुदाई करते ।


ससुरजी मेरे स्तनों से प्यार करते थे और घर में पति के होने पर भी उसे खींचते और चूसते थे। ससुरजी वास्तव में एक कामोत्तेजक कमीने थे।

एक बार वे शाम को IPL मैच देख रहे थे। अब मेरे पति को क्रिकेट पसंद है और एक बार उनका IPL मैच शुरू होने के बाद वह सब कुछ भूल कर बैठ जाते हैं। मुझे क्रिकेट में कोई दिलचस्पी नहीं है। लेकिन वो खिलाड़ी इतने अमीर हैं और उनकी पत्नियां या gfs के समृद्ध भव्य जीवन शैली में मुझे हमेशा लालसा होती है। वैसे भी मेरे ससुरजी को भी कोई दिलचस्पी नहीं थी, मुझे पता है कि उनकी मुख्य रुचि मेरी चूत और गाँड में थी।



तो एक दिन मैं IPL मैच देखते हुए अपने पति के बाजूमें बैठी थी और मेरे ससुर जी भी आकर दूसरी तरफ बैठ गए। अब मैं अपने पति और ससुरजी के बीच फंस गई थी। दृश्य ऐसा था कि रोशनी पूरी तरह से मंद हो गई थी और उनके बीच में बैठी हुयी थी।

सास और मेरे पति के पीठ पीछे सासुरजी के साथ मेरे चुदाई के रोमांच के बारे में कोई जानकारी नहीं होने के कारण पती ने कभी भी मेरे पहनावे की परवाह नहीं की। सास घर पर होती थी तब शुरूवात में मैं केवल साड़ी ही पहनती थी। उसमें सासुमा अपनी यात्रा पर जाने के बाद मैंने धीरे-धीरे और अधिक स्लीवलेस ब्लाउज पहनना शुरू कर दिया, फिर डीप कट ब्लाउज पहनना शुरू कर दिया। सबसे पहले पीछे की तरफ से गहरा कट।



59-FEB48-F-71-F5-4665-9-A3-A-5981-C647-B1-AF


अब ऐसी साड़ियों में ससुरजी हमेशा पति के साथ भी पेहेंती थी। तो कभी-कभी रसोई में मेरी मदद करने के बहाने, या जब पति अपने लैपटॉप पर कमरे में कुछ काम करते , तो ससुरजी मुझे फोन करके बुलाते थे और गहरे बैक कट ब्लाउज में मेरी चिकनी पीठ को महसूस करते थे और मेरी ब्रा के पट्टे के साथ खेलने के लिए अपना हाथ डालते थे। .. बहुत इरॉटिक चीजें।


फिर चुदाई के दिन के बाद मैंने लो फ्रंट कट ब्लाउज पहनना शुरू कर दिया, जो ससुर को और भी अधिक कामुक कर देता था और वह मेरे स्तनों को ब्लाउज के ऊपर से दबाते या मेरी चूचियों के दरार में अपनी उंगली डालते और मेरे बड़े स्तन और नुकीले निपल्स को महसूस करते ।

मुझे झुक कर अपने स्तन दिखाना पसंद था और वह दृश्य ससुरजी के बड़े मोटे लंड को उनकी पैंट में एक तंबू की तरह सख्त कर देती जिसे मैं पकड़ कर अपने नाज़ुक हाथों में लेती और सहलाती । ससुरजी की वजह से में अब अलग अलग कलर की नेल पोलिश उँगलियों पर लगाने की शुरूवात करी। कभी लाल तो कभी पीली, तो कभी पिंक, तो कभी ब्लू रंग की नेल पोलिश। वह कहते की ऐसे रंग के नेल पोलिश वाले हाथ उनके लंड पर बहुत पसंद थे।



460-CE0-B4-30-E6-48-D4-8132-0255-C41-C914-F

यह सब सिडक्शन के कारण ससुरजी मेरी मुझे सुबह बहुत जमकर चुदाई करते थे। वह मुझे इतनी अच्छी तरह से चोदते थे और मुझे बाक़ी के पूरे दिन चलने में परेशानी होती थी । मेरे पति मुझसे पूछते थे कि क्या मेरे पैरों या पीठ में कोई दर्द है ...उन्हें क्या बताऊँ की हर सुबह उनके पिता और मेरे ससुरजी के लंड की में सवारी करती हूँ।


साड़ी से में टाइट टॉप और स्किन टाइट पैंट पहनना शुरू करी.. टाइट टॉप पर मेरे निप्पल नुकीले और स्किन टाइट पैंट में मेरे पूरे कर्व्स शेप दिखाई दे रहे थे।


उसके बाद से मैंने टॉप और शॉर्ट्स पहनना शुरू कर दी, जो मेरी दूधिया जैसे जांघों और मेरी चूचियों की दरार भी दिखती थी..


51-A32-F61-1049-4-E91-8-FE9-BA889278-BB3-C

यह पोशाक ज्यादातर ससुरजी को लुभाने के लिए पेहेंती थी .. मेरे चिढ़ाने से वह हमेशा मेरी गांड और यहाँ तक कि चूत को भी जोर से चोदते और मुझे यौन सुख देते थे । चुदाई का सुख बस शादी से पहले मेरे दो प्रेमी मोहन और रामचंद्र देते थे ।


आज मैं ढीले टॉप और शॉर्ट्स में थी। इस बात की परवाह मेंने कभी नहीं की कि, क्या मेरे पती कहेंगे क्योंकि मैं ड्रेसिंग सेन्स के बारे बात हबी की सुनती ही नहीं। वह मुझे डांट भी नहीं सकता था क्योंकि वह जानता था कि उसके पिता को ये बात बिलकुल पसंद नहीं थी की वो मुझ पर शक करे या ऊँची स्वर में बात करे।



अब जब मैं बैठी तो मुझे लगा कि मेरी लूज टॉप के अंदर ससुरजी का हाथ मेरी चिकनी पीठ के साथ खेल रहा है। उनकी उँगलियाँ मेरी ब्रा की पट्टियों से चिपकी हुई थीं और उनके साथ खेल रही थीं ... उनके उँगलियाँ मेरी ब्रा के हुक के पास जा रही थीं और मुझे चिढ़ा रहे थे कि वह उन्हें कभी भी हटा दें। मैंने अब वही खेल उनके ऊपर आज़माने का फैसला किया और अपने हाथ उनकी जांघों पर तब तक रखी जब तक मेरा हाथ उनके अर्ध सख्त लंड तक नहीं पहुँचती।



ससुरजी ने डार्क नीले रंग की लंबी शर्ट पहनी हुई थी और नीली पतली पैंट पहनी हुई थी। मैंने धीरे से उनके पैंट के कमरबंद के अंदर और उनके अंडरवियर के ऊपर अपना हाथ रखी और उसके ऊपर उनके लंड की मालिश करने लगी ... अंधेरा था और उनकी पैंट और उनके क्रॉच को ढँकने वाली लंबी शर्ट ने मुझे उनके लंड पर अपना हाथ रखने दी । मेंने उनके लंड को तब तक स्ट्रोक करने की अनुमति दी, जब तक कि वह पूरी तरह से सख्त न हो जाए।



इस बीच ससुर जी ने मेरे लूस टोप के नीचे से हाथ डालकर मेरी स्तनों को हाथ से पकड़ लिया और उन्हें सहलाने लगे... यह ऐसा कामुक नज़ारा था कि अगर संयोग से मेरे पति ने हमारी तरफ देखा तो वह अपनी पत्नी और पिता को ऐसे बहुत आनंद लेते हुए देख सकते..



5118-C593-42-FE-418-B-9-A6-D-D0-DD4-C265-AAA

ससुरजी मेरे कान में फुसफुसाए

“बहू मैं बहुत हॉर्नी बना हुआ हूँ मेरे साथ आओ मैं कुछ और मज़ा लेना चाहता हूँ।”


मैं उनकी तरफ देखी और फिर आँखों से इशारा किया कि रवी हमारे बग़ल में ही हैं।

उन्होंने बोला

“मैं कोई बहाना बनाकर रसोई घर में जाऊंगा और फिर तुम भी बहाना बनाओ और मेरे पास आओ। मेरा बेटा

IPL में इतना मग्न रहता है कि कोई उसे डिस्टर्ब नहीं कर सकता।

ससुरजी मेरे पती को देख कर बोले

“बेटा, मुझे भूख लग रही है, मैं कुछ खाने के लिए रसोई घर में जाऊँगा।”


इतना कह कर वो चले गए

5 मिनट से मेरे ससुरजी आँखों से इशारे करते हुए मुझे बुला रहे थे लेकिन मैं नहीं गयी अंत में काफ़ी हॉर्नी फ़ील कर रही थी इसलिए जाने का फ़ैसला किया। फिर में पति से कही।

“डार्लिंग मुझे बोरे हो रहा है , क्या में रूम जाऊँ आराम करने”।

हबी ने मेरी तरफ देखा भी नहीं बस ठीक कहा।

मैं अब ससुरजी की ओर गयी। वह मुझे रसोई में ले गए और मेरे कान में फुसफुसाए।


“उफ्फ्फ बहू तुमने मेरे लंड को बहुत कठोर बना दिया है... छूकर महसूस करो।

उसने मेरा हाथ अपने लुंड की ओर ले लिया.. उफ्फ् इतना गर्म बड़ा लुंड उफ्फ्फ।”

उसने बोला

“अब घुटनों के बल जाओ और मेरा लंड चूसना शुरू करो।”

मैं स्तब्ध रह गयी और उन्हें देखती रही। मैं भी हॉर्नी का हुयी थी लेकिन यह एक ऐसी कामुक लेकिन तनाव भरी स्थिति थी। मेरे पति टीवी देख रहे थे और रसोई में उनके पिता उनकी बहू को अपना लंड चूसने के लिए कह रहे हैं .. उफ्फ्फ । लेकिन मैंने चौंकने का नाटक किया और कहा नहीं चूसूँगी आपका लंड मेरे पती घर पर ही हैं और वो भी बस हॉल में।

ससुरजी जानते थे कि मुझे भी उनका लंड चूसना हैं जैसा वह चाहते हैं।



“बहू अगर तुम ऐसा करोगे तो मैं तुम्हें जो भी पोशाक और जो भी गहने चाहिए मैं तुम्हें खरीद के दूँगा .. मैं बस इतना चाहता हूं कि तुम मेरा लंड चूसो और उसे शांत करो।”

उसने मुझे दौलत से और एक कामुक चूसै के साथ लुभाया था .. मैं कैसे अभी नहीं कह सकती थी।


तो मैंने उनकी पैंट नीचे उतार दी उनके घुटनों तक और उनके लंड को चूमने लगी.. उनका लंड उठ रहा था और सख्त होता जा रहा था। मैंने उनके लंड को ढेर सारे गीले किस्स दिए। पहले लुंड की चोटी तक और फिर लुंड की शाफ्ट तक चम्मे देने लगी.. ससुरजी अपनी कराहों को समेटे हुए थे..

में उनके लंड को चाट्टी और उसकी गेंदों को चूमती भी ..... मेरी एक नज़र मेरे पति पर थी कि क्या वह पीछे मुड़ रहे है या कुछ और लेकिन वह IPL देखने मे ही हुए थे। ससुरजी ने अपने गर्म लुंड को अपने मुंह में लेने और उसे चूसने के लिए प्रोत्साहित किया ... उफ्फ्फ ससुरजी का मोटा और बड़ा लुंड की चुसाई करना हमेशा सुखद फ़ीलिंग थी ...


ezgif-com-gif-maker-4

ससुरजी ने अब मेरा सिर पकड़ लिया और मेरी मुँह की चुदाई करने लगे ...

उनका लंड मेरी सारी लार से भीगा हुआ था क्योंकि में उनके लंड को गहराई तक चूस रही थी। ... मेरी चुत इतनी गीली हो गई थी ... अपनी एक उंगली से मैंने अपनी चुत को छूना शुरू कर दिया ..




क्या हॉट सीन है .. एक बहू अपने ससुरजी का लंड चूस रही है जबकि मेरे पति टीवी देख रहे हैं ...

इस स्थिति के कारण में और भी ससुरजी के लंड को अधिक चूसने का आनंद ले रही थी...

5 मिनट की लंड चुसाई के बाद अंत में एक नरम विलाप के साथ ससुरजी ने अपना हाथ मेरे सिर पर रख लिया और उनके मोटे लंड का गधा सफ़ेद पानी मेरे गले में उतारना शुरू कर दिया .. क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि एक बूंद भी फर्श पर ना गिरे और उनका सारा सह मेरे गले के नीचे उतर गया। ...



2-AE63538-5250-4337-AA7-D-B57793-E17216

उफ्फ्फ मैं बहुत गिली थी और उम्मीद कर रही थी कि पति कम से कम मेरी चूत चूसेंगे और चूत से पानी। निकलेंगे ...



फिर में अपने कमरे में गयी | उस दिन बादसे तो ससुरजी और बोल्ड होते गए ।
 
Last edited:

Rajizexy

❣️and let ❣️
Supreme
52,446
54,236
354
Part 4


अगले महीने ससुरजी द्वारा पहली चुदाई के बाद मैं और ससुरजी हर सुबह मेटिंग करने वाले जानवरों की तरह चुदाई करते थे .. सास घर पर नहीं थी और रवि जल्दी काम पर चला जाता था इसलिए मुझे और ससुरजी को हर सुबह 2 घंटे चुदाई के लिए मिलते थे। जब भी पति मुझे रात में चोदने में असफल रहते, ससुरजी मेरी गांड और मेरी चूत की बहुत चुदाई करते ।


ससुरजी मेरे स्तनों से प्यार करते थे और घर में पति के होने पर भी उसे खींचते और चूसते थे। ससुरजी वास्तव में एक कामोत्तेजक कमीने थे।

एक बार वे शाम को IPL मैच देख रहे थे। अब मेरे पति को क्रिकेट पसंद है और एक बार उनका IPL मैच शुरू होने के बाद वह सब कुछ भूल कर बैठ जाते हैं। मुझे क्रिकेट में कोई दिलचस्पी नहीं है। लेकिन वो खिलाड़ी इतने अमीर हैं और उनकी पत्नियां या gfs के समृद्ध भव्य जीवन शैली में मुझे हमेशा लालसा होती है। वैसे भी मेरे ससुरजी को भी कोई दिलचस्पी नहीं थी, मुझे पता है कि उनकी मुख्य रुचि मेरी चूत और गाँड में थी।



तो एक दिन मैं IPL मैच देखते हुए अपने पति के बाजूमें बैठी थी और मेरे ससुर जी भी आकर दूसरी तरफ बैठ गए। अब मैं अपने पति और ससुरजी के बीच फंस गई थी। दृश्य ऐसा था कि रोशनी पूरी तरह से मंद हो गई थी और उनके बीच में बैठी हुयी थी।

सास और मेरे पति के पीठ पीछे सासुरजी के साथ मेरे चुदाई के रोमांच के बारे में कोई जानकारी नहीं होने के कारण पती ने कभी भी मेरे पहनावे की परवाह नहीं की। सास घर पर होती थी तब शुरूवात में मैं केवल साड़ी ही पहनती थी। उसमें सासुमा अपनी यात्रा पर जाने के बाद मैंने धीरे-धीरे और अधिक स्लीवलेस ब्लाउज पहनना शुरू कर दिया, फिर डीप कट ब्लाउज पहनना शुरू कर दिया। सबसे पहले पीछे की तरफ से गहरा कट।



59-FEB48-F-71-F5-4665-9-A3-A-5981-C647-B1-AF


अब ऐसी साड़ियों में ससुरजी हमेशा पति के साथ भी पेहेंती थी। तो कभी-कभी रसोई में मेरी मदद करने के बहाने, या जब पति अपने लैपटॉप पर कमरे में कुछ काम करते , तो ससुरजी मुझे फोन करके बुलाते थे और गहरे बैक कट ब्लाउज में मेरी चिकनी पीठ को महसूस करते थे और मेरी ब्रा के पट्टे के साथ खेलने के लिए अपना हाथ डालते थे। .. बहुत इरॉटिक चीजें।


फिर चुदाई के दिन के बाद मैंने लो फ्रंट कट ब्लाउज पहनना शुरू कर दिया, जो ससुर को और भी अधिक कामुक कर देता था और वह मेरे स्तनों को ब्लाउज के ऊपर से दबाते या मेरी चूचियों के दरार में अपनी उंगली डालते और मेरे बड़े स्तन और नुकीले निपल्स को महसूस करते ।

मुझे झुक कर अपने स्तन दिखाना पसंद था और वह दृश्य ससुरजी के बड़े मोटे लंड को उनकी पैंट में एक तंबू की तरह सख्त कर देती जिसे मैं पकड़ कर अपने नाज़ुक हाथों में लेती और सहलाती । ससुरजी की वजह से में अब अलग अलग कलर की नेल पोलिश उँगलियों पर लगाने की शुरूवात करी। कभी लाल तो कभी पीली, तो कभी पिंक, तो कभी ब्लू रंग की नेल पोलिश। वह कहते की ऐसे रंग के नेल पोलिश वाले हाथ उनके लंड पर बहुत पसंद थे।



460-CE0-B4-30-E6-48-D4-8132-0255-C41-C914-F

यह सब सिडक्शन के कारण ससुरजी मेरी मुझे सुबह बहुत जमकर चुदाई करते थे। वह मुझे इतनी अच्छी तरह से चोदते थे और मुझे बाक़ी के पूरे दिन चलने में परेशानी होती थी । मेरे पति मुझसे पूछते थे कि क्या मेरे पैरों या पीठ में कोई दर्द है ...उन्हें क्या बताऊँ की हर सुबह उनके पिता और मेरे ससुरजी के लंड की में सवारी करती हूँ।


साड़ी से में टाइट टॉप और स्किन टाइट पैंट पहनना शुरू करी.. टाइट टॉप पर मेरे निप्पल नुकीले और स्किन टाइट पैंट में मेरे पूरे कर्व्स शेप दिखाई दे रहे थे।


उसके बाद से मैंने टॉप और शॉर्ट्स पहनना शुरू कर दी, जो मेरी दूधिया जैसे जांघों और मेरी चूचियों की दरार भी दिखती थी..


51-A32-F61-1049-4-E91-8-FE9-BA889278-BB3-C

यह पोशाक ज्यादातर ससुरजी को लुभाने के लिए पेहेंती थी .. मेरे चिढ़ाने से वह हमेशा मेरी गांड और यहाँ तक कि चूत को भी जोर से चोदते और मुझे यौन सुख देते थे । चुदाई का सुख बस शादी से पहले मेरे दो प्रेमी मोहन और रामचंद्र देते थे ।


आज मैं ढीले टॉप और शॉर्ट्स में थी। इस बात की परवाह मेंने कभी नहीं की कि, क्या मेरे पती कहेंगे क्योंकि मैं ड्रेसिंग सेन्स के बारे बात हबी की सुनती ही नहीं। वह मुझे डांट भी नहीं सकता था क्योंकि वह जानता था कि उसके पिता को ये बात बिलकुल पसंद नहीं थी की वो मुझ पर शक करे या ऊँची स्वर में बात करे।



अब जब मैं बैठी तो मुझे लगा कि मेरी लूज टॉप के अंदर ससुरजी का हाथ मेरी चिकनी पीठ के साथ खेल रहा है। उनकी उँगलियाँ मेरी ब्रा की पट्टियों से चिपकी हुई थीं और उनके साथ खेल रही थीं ... उनके उँगलियाँ मेरी ब्रा के हुक के पास जा रही थीं और मुझे चिढ़ा रहे थे कि वह उन्हें कभी भी हटा दें। मैंने अब वही खेल उनके ऊपर आज़माने का फैसला किया और अपने हाथ उनकी जांघों पर तब तक रखी जब तक मेरा हाथ उनके अर्ध सख्त लंड तक नहीं पहुँचती।



ससुरजी ने डार्क नीले रंग की लंबी शर्ट पहनी हुई थी और नीली पतली पैंट पहनी हुई थी। मैंने धीरे से उनके पैंट के कमरबंद के अंदर और उनके अंडरवियर के ऊपर अपना हाथ रखी और उसके ऊपर उनके लंड की मालिश करने लगी ... अंधेरा था और उनकी पैंट और उनके क्रॉच को ढँकने वाली लंबी शर्ट ने मुझे उनके लंड पर अपना हाथ रखने दी । मेंने उनके लंड को तब तक स्ट्रोक करने की अनुमति दी, जब तक कि वह पूरी तरह से सख्त न हो जाए।



इस बीच ससुर जी ने मेरे लूस टोप के नीचे से हाथ डालकर मेरी स्तनों को हाथ से पकड़ लिया और उन्हें सहलाने लगे... यह ऐसा कामुक नज़ारा था कि अगर संयोग से मेरे पति ने हमारी तरफ देखा तो वह अपनी पत्नी और पिता को ऐसे बहुत आनंद लेते हुए देख सकते..



5118-C593-42-FE-418-B-9-A6-D-D0-DD4-C265-AAA

ससुरजी मेरे कान में फुसफुसाए

“बहू मैं बहुत हॉर्नी बना हुआ हूँ मेरे साथ आओ मैं कुछ और मज़ा लेना चाहता हूँ।”


मैं उनकी तरफ देखी और फिर आँखों से इशारा किया कि रवी हमारे बग़ल में ही हैं।

उन्होंने बोला

“मैं कोई बहाना बनाकर रसोई घर में जाऊंगा और फिर तुम भी बहाना बनाओ और मेरे पास आओ। मेरा बेटा

IPL में इतना मग्न रहता है कि कोई उसे डिस्टर्ब नहीं कर सकता।

ससुरजी मेरे पती को देख कर बोले

“बेटा, मुझे भूख लग रही है, मैं कुछ खाने के लिए रसोई घर में जाऊँगा।”


इतना कह कर वो चले गए

5 मिनट से मेरे ससुरजी आँखों से इशारे करते हुए मुझे बुला रहे थे लेकिन मैं नहीं गयी अंत में काफ़ी हॉर्नी फ़ील कर रही थी इसलिए जाने का फ़ैसला किया। फिर में पति से कही।

“डार्लिंग मुझे बोरे हो रहा है , क्या में रूम जाऊँ आराम करने”।

हबी ने मेरी तरफ देखा भी नहीं बस ठीक कहा।

मैं अब ससुरजी की ओर गयी। वह मुझे रसोई में ले गए और मेरे कान में फुसफुसाए।


“उफ्फ्फ बहू तुमने मेरे लंड को बहुत कठोर बना दिया है... छूकर महसूस करो।

उसने मेरा हाथ अपने लुंड की ओर ले लिया.. उफ्फ् इतना गर्म बड़ा लुंड उफ्फ्फ।”

उसने बोला

“अब घुटनों के बल जाओ और मेरा लंड चूसना शुरू करो।”

मैं स्तब्ध रह गयी और उन्हें देखती रही। मैं भी हॉर्नी का हुयी थी लेकिन यह एक ऐसी कामुक लेकिन तनाव भरी स्थिति थी। मेरे पति टीवी देख रहे थे और रसोई में उनके पिता उनकी बहू को अपना लंड चूसने के लिए कह रहे हैं .. उफ्फ्फ । लेकिन मैंने चौंकने का नाटक किया और कहा नहीं चूसूँगी आपका लंड मेरे पती घर पर ही हैं और वो भी बस हॉल में।

ससुरजी जानते थे कि मुझे भी उनका लंड चूसना हैं जैसा वह चाहते हैं।



“बहू अगर तुम ऐसा करोगे तो मैं तुम्हें जो भी पोशाक और जो भी गहने चाहिए मैं तुम्हें खरीद के दूँगा .. मैं बस इतना चाहता हूं कि तुम मेरा लंड चूसो और उसे शांत करो।”

उसने मुझे दौलत से और एक कामुक चूसै के साथ लुभाया था .. मैं कैसे अभी नहीं कह सकती थी।


तो मैंने उनकी पैंट नीचे उतार दी उनके घुटनों तक और उनके लंड को चूमने लगी.. उनका लंड उठ रहा था और सख्त होता जा रहा था। मैंने उनके लंड को ढेर सारे गीले किस्स दिए। पहले लुंड की चोटी तक और फिर लुंड की शाफ्ट तक चम्मे देने लगी.. ससुरजी अपनी कराहों को समेटे हुए थे..

में उनके लंड को चाट्टी और उसकी गेंदों को चूमती भी ..... मेरी एक नज़र मेरे पति पर थी कि क्या वह पीछे मुड़ रहे है या कुछ और लेकिन वह IPL देखने मे ही हुए थे। ससुरजी ने अपने गर्म लुंड को अपने मुंह में लेने और उसे चूसने के लिए प्रोत्साहित किया ... उफ्फ्फ ससुरजी का मोटा और बड़ा लुंड की चुसाई करना हमेशा सुखद फ़ीलिंग थी ...


ezgif-com-gif-maker-4

ससुरजी ने अब मेरा सिर पकड़ लिया और मेरी मुँह की चुदाई करने लगे ...

उनका लंड मेरी सारी लार से भीगा हुआ था क्योंकि में उनके लंड को गहराई तक चूस रही थी। ... मेरी चुत इतनी गीली हो गई थी ... अपनी एक उंगली से मैंने अपनी चुत को छूना शुरू कर दिया ..




क्या हॉट सीन है .. एक बहू अपने ससुरजी का लंड चूस रही है जबकि मेरे पति टीवी देख रहे हैं ...

इस स्थिति के कारण में और भी ससुरजी के लंड को अधिक चूसने का आनंद ले रही थी...

5 मिनट की लंड चुसाई के बाद अंत में एक नरम विलाप के साथ ससुरजी ने अपना हाथ मेरे सिर पर रख लिया और उनके मोटे लंड का गधा सफ़ेद पानी मेरे गले में उतारना शुरू कर दिया .. क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि एक बूंद भी फर्श पर ना गिरे और उनका सारा सह मेरे गले के नीचे उतर गयी। ...



2-AE63538-5250-4337-AA7-D-B57793-E17216

उफ्फ्फ मैं बहुत गिली थी और उम्मीद कर रही थी कि पति कम से कम मेरी चूत चूसेंगे और चूत से पानी। निकलेंगे ...



फिर में अपने कमरे में गयी | उस दिन बादसे तो ससुरजी और बोल्ड होते गए ।
Very erotic,kamuk nd jabardast update ,sasur Ji hi nahi ab tumari writing bhi agge se bahut bold hoti ja rahi hai, keep it up dear lovely Malika sis 🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯💯
 
Last edited:

HusnKiMallika

Active Member
1,665
2,863
144
एक दिन मेरे पती एक वेब मीटिंग में लगे हुए थे । में रसोई घर में थी और एक कबर्ड का दरवाज़ा लूस था और नीचे गिर रहा था। में पती को बुलाई तो उन्होंने बोला की वो बिज़ी हैं एक घंटे की मीटिंग में। मेरे ससुरजी ने मेरी आवाज़ सुनी और बोले कि वो फ़्री हैं और मेरी मदत करेंगे।

“में घर के छोटे मोटे चीजें ठीक करता हूँ बहु ।”
वाह मेरे ससुरजी तो ऑल-राउंडअर थे।



8-FCC84-B8-BE5-B-4-CA2-A70-C-4440-C54-E73-CA

फिर ससुरजी मरम्मत के लिए एक स्क्रूड्रायवर और अन्य चीजें ले आए।

ससुर जी ने मुझे बस एक टोप और स्कर्ट में देखे और कुछ सोच और कहे,

"कामिनी ! यहाँ आओ और बोर्ड को पकड़ो ताकि मैं इसे ठीक कर सकूं। अगर मैं इसे खुद पकड़ता हूं, तो मैं अच्छी तरह से स्क्रू नहीं लगा सकता क्योंकि ।"


मैं उनके करीब आ गयी। चूंकि मैं ऊंचाई में चोटी थी, और रसोई के स्लैब के दूसरे छोर पर दीवार थोड़ी दूर थी, इसलिए मुझे बोर्ड की स्थिति तक पहुंचने के लिए बोर्ड को अपने हाथों में पकड़ने के लिए कमर को नीचे झुकाना पड़ा।

अब जब मैं बोर्ड के सामने खड़ी थी तो ससुर जी को मेरे पीछे आना पड़ा और उन्हें भी मेरे शरीर पर झुकना पड़ा, वह काफी लम्बे क़द के थे , लेकिन बोर्ड के सामने मेरे खड़े होने के कारण उन्हें मेरे पीछे खड़ा होना पड़ा और वह बोर्ड पर अपने हाथों तक नहीं पहुंच सके।


यह स्थिति मेरे पक्ष में थी। मैंने अपने आप को लगभग 90 डिग्री तक और झुकाई और फिर अपने पैरों को थोड़ा अलग करी , बेहतर संतुलन के लिए।


ससुर जी की पेल्विक ने मेरे नितंबों को थोड़ा छुआ। में खुश हुई और मैंने अपने नितंबों को तब तक पीछे धकेली जब तक कि वे मेरे ससुर जी के उभरते लंड वाले हिस्से को न छू लें। ससुर जी पीछे नहीं हटे बल्कि पीछे से अपना उभरता लंड और रगड़ने लगे।

अब बस मेरी स्कर्ट और अंदर लेस पैंटी ओर उनके लूँगी का थिन फ़ैब्रिक उनके लंड और मेरी चूत के बीच था जो उनके लंड को मेरी चूत के अंदर धकेल ने से रोक रहा था। में महसूस की, कि उनका सख्त लंड मेरे नितंबों को बस छू नहीं रहा है बल्कि अंदर जाने का इंतेज़ार कर रहा हो।
अब मेंने बस एक टाइट टोप और एक स्कर्ट जो घुटनो के ऊपरी हिस्से तक ही थी, वैसे ड्रेस पहनी हुयी थी।



5952-FDE3-C101-4481-9414-5-F775-C2-A9-C53

जैसे ही में मेरे कमर को पीछे धकेली, ससुर जी ने अपने सख्त लंड को पीछे से मेरे चूतड़ों में जोर से धक्का दिया। मैं स्वर्ग में थी और मैं चुपचाप खड़ी रही। ससुर जी ऐसे अभिनय कर रहे थे जैसे कि बोर्ड को स्क्रू डाल कर ठीक करने की कोशिश कर रहे हों, लेकिन मेरी गाँड की दरार में उनका अब रॉक हार्ड लंड छू रहे थे। ससुर जी ने अपने लुंगी से ढके लंड के सिर को मेरे चूतड़ों की दरार में डाल दिए और एक धक्का दे दिया।


मेरे दोनों नितम्बों को अलग करते हुए, ससुर जी का सख्त लंड अंदर तक चला गया जब तक कि लंड मेरी गांड के छेद को छू नहीं लिया। यह फ़ीलिंग मुझे एक सुखद अनुभूति दे रही थी। जैसे ही मैंने उनके लंड के सिर की नोक को अपने गुदा द्वार पर महसूस करी, मेरे होठों से एक कराह निकल गई और मेरी आँखें आनंद से बंद हो गईं।


ससुर जी ने मेरी कराह सुनी। वह खुश थे क्योंकि इसका मतलब था कि मैं अपने गुदा छिद्र पर उनके लंड का आनंद ले रही हूँ ।


मैं उनके सख्त लंड पर अपने नितम्ब पीसने लगी। ससुर जी ने केवल लुंगी पहनी थी बिना अंडरवियर के और मैंने पतली लेस पैंटी और केवल एक शॉर्ट स्कर्ट पहन रखी थी, इसलिए मैं अपने प्यारे ससुर जी के लंड की आकृति को अपने गाँड और गाँड के छेद से स्पष्ट रूप से महसूस कर सकती थी।


लगभग 2-3 मिनट तक ससुर जी मेरे गाँड की दरार में अपना स्टील का सख्त लंड पीसते रहे और मैं भी पैरों को अलग करके खड़ी रही और उनकी हरकतों में उनका पूरा सहयोग दी और हम दोनों एक की मरम्मत के नाम पर अपने छोटे से सेक्स गेम का आनंद ले रहे थे।


अचानक ससुर जी थोड़ा पीछे हटे, और मैंने महसूस किया कि उनके हाथों ने मेरी स्कर्ट के हेम को पकड़ लिया था और इसे तब तक ऊपर ले गए जब तक कि यह मेरी कमर तक नहीं पहुंच गया, मैं उत्तेजना से कांपने लगी क्योंकि मैं अपने नितंबों और यहां तक कि मेरी योनी को नग्न महसूस कर रही थी।


मैंने ऐसा दिखावा किया जैसे मैं ससुर जी से अपनी स्कर्ट हटाने से बेखबर थी। फिर ससुर जी आगे बढ़े और अब उनके लंड का अहसास और भी साफ़ हो गया था, क्योंकि मेरे नंगे नितम्बों और उनके सख्त लंड के बीच में लुंगी का एक पतला कपड़ा ही था और मेरी पतली लेस पैंटी।.


मेरी योनी अब गीली हो रही थी। मुझे डर था कि कहीं मेरी योनी का रस को फर्श पर टपकाना शुरू न कर दूं। ससुर जी पीछे हटे और अब उन्होंने अपनी लुंगी के किनारे खोलकर अपने लंड को आज़ाद और नंगा कर दिया. दीवार के सामने होने के कारण मैं उसे देख नहीं पा रही थी।

लेकिन जब ससुर जी फिर आगे बढ़े, तो उनका नंगा सख्त लंड सीधे मेरी बस लेस पैंटी से ढकी मांसल नंगी चूतड़ों के बीच जा घुसा।



6147-DA6-B-D6-CC-4-DA8-9-CDD-20-DFCE4-C3-DD3

फिर पीछे हट कर उन्होंने मेरी पैंटी साइड में की और फिर से मेरी गाँड की छेद पर उनका सक्त लंड रगड़ने लगे।

जैसे ही उनका खुला लंड मेरे नंगी चूतड़ों में घुस गया, मेरे होठों से एक कराह निकल गई। ससुर जी ने मेरी कराह सुनी लेकिन चुप रहे। अब हमारे नग्न गुप्तांग रगड़ रहे थे। ससुर जी भी एक कराह नहीं रोक पाए और जब उन्होंने मुझे पाया, तो मेरे गाँड पर अपने लंड की अनुभूति का आनंद ले रहे थे, और थोड़ा भी नहीं मुरझा रहे थे। उनका बेटा और मेरे पती नीचे रसोई घर में कभी भी आ सकते थे, लेकिन ऐसे लग रहा था की अब उस बात की परवाह ना मुझे थी ना ससुरजी को। वह मेरी गांड की दरार में अपना लंड ज़ोर्से रगड़ने लगे।

मैं अब भी बोर्ड को पकड़े हुए थी और ससुर जी भी ठीक करने का काम कर रहे थे। लेकिन आनंद की अधिकता के कारण मेरी आंखें बंद हो रही थीं। मैंने अपने प्यारे ससुर जी को ज्यादा से ज्यादा एक्सेस देने के लिए अपनी टांगें अलग कर लीं। और वह इतना होशियार थे कि उन्हें पता था कि मुझे मेरी गांड पर उनका लंड पसंद है।



9-CFCCB07-F9-DA-46-F4-9173-0-B9-BA30-C71-CC

ससुर जी बोर्ड को स्क्रू डाल कर ठीक करने के लिए अभिनय करते रहे और फिर थोड़ा झुककर अपना लंड मेरी गांड से मेरी योनी के होठों पर उतार दिया।

जैसे मैं टांगों को अलग करके खड़ी थी, वैसे ही मेरे योनी के होंठ भी खुले हुए थे। ससुर जी के जलते लंड का सिर जैसे ही मेरे निचले होंठों पर लगा, मैं अपने आप को रोक नहीं पायी और थोड़ी और ज़ोर से कराह उठी,

"ओह ससुर जी! ओह ओह..."

मैं और क्या कह सकती थी? अब ससुरजी भी बेशर्मी से अपने लंड के सिर को मेरी योनी की छेद में रगड़ रहे थे क्योंकि उनका कठोर लंड मेरे योनी के होठों को अलग कर चुका था और उनका लंड मेरी योनी के छेद के गुलाबी मांस पर रगड़ रहा था। मैं इतनी गीली हुयी थी की उनका लंड मेरी योनि के रस से भीग रहा था।

मैं कराह रही थी। ससुर जी अब अपना लंड मुझमें धकेलने की कोशिश कर रहे थे। ससुर जी ने अपने लंड के सिर को अंदर धकेलने की कोशिश की ।


ससुर जी ने स्क्रू को बोर्ड में डालने की कोशिश की और दोहरे अर्थ में बोले,

"कामिनी बहु पेंच (nail) अंदर नहीं जा रहा है। मुझे लगता है कि मुझे थोड़ा तेल या कुछ लबरिकांत इस्तेमाल करना होगा ताकि वह अंदर जा सके। आपको क्या लगता है? मैं इसे जोर से डालने की कोशिश करता हूं या मुझे कुछ तेल/लबरिकांत का उपयोग करना चाहिए? मुझे लगता है कि कुछ लबरिकांत के साथ यह आसान हो जाएगा।"


अब मेरी स्तिथि गरम थी । वहाँ घर पर पती थे और यहाँ ससुरजी को मेरी चुदाई करनी थी और मुझे गरम कर रहे थे ।

ससुरजी जो ठीक लगे करिए। अब बोर्ड चोरिए मेरी चूत ही चोदिए । में तड़प रही हूँ , आपका लंड आज चूत में लेने के लिए। कल रात को आपके बेटे ने मेरी चुदाई नहीं की और मुझे आपका सक्त लंड अब मेरी चूत में चाहिए।




में अब उनके तरफ़ मूडी और मैंने ससुरजी को प्यार से गले लगाया और उनके लंड को और अंदर ले जाने के लिए एक हल्का सा ऊपर ह्यू ताकि मेरी चूत अब ससुरजी के लंड पर थी। ससुरजी मेरी स्थिति को समझ गए तो उन्होंने मेरे होठों को चूमा और अपने लंड पर हल्के से ऊपरी और धक्का दिया और अंदर ले जाने की कोशिश करने लगे।

लेकिन में खड़ी थी और इस स्थिति में उनका लंड पूरी तरह से अंदर नहीं जा रहा था। ससुरजी ने प्यार से मेरी योनी पर हाथ रखा और मुझसे कहा कि मैं अपनी टांगों को ज्यादा से ज्यादा चौड़ी कर लूं ताकि योनी का मुंह चौड़ा हो जाए। मैंने अपने पैर और अलग कर लिए।



ससुरजी ने मेरी योनी पर अपनी लार डाली और अपने शरीर को तब तक ऊपर उठाते रहे जब तक कि उनका आधा लंड मेरी चूत के अंदर जाने लगा और फिर एक बड़े जोर से अपने पूरे लंड को एक झटके में अंदर धकेल दिया। मैंने थोड़ी सी फुसफुसाहट की और जोर से कराहने लगा।



ससुरजी जानते थे कि अब मेरी पूरी ताक़त से चुदाई कर सकते है इसलिए उन्होंने मुझे उग्र और तेज गति से चोदना शुरू कर दिया। चूंकि अब मेरी योनी भी अपना अमृत बह रही थी और ससुरजी ने फिर से मेरी योनी पर और लार डाल दी ताकि वह मुझे बिना किसी समस्या के चोद सके और जल्द ही वह पूरी लंबाई के साथ चुदाई करने लगे।

मैं अपने ससुरजी के साथ फिरसे ज़बरदस्त चुदाई का आनंद ले रही थी और उन्हें तेजी से और चुदाई करने के लिए प्रोत्साहित कर रही थी। मैंने अपनी चुत उठाई और उसे अपनी चुत में प्रवेश करने के लिए एक बेहतर ऐंगल दिया।


हम दोनों गर्मी में दो जानवरों की तरह चुदाई कर रहे थे। मैं उन्हें जल्दी से चोदने के लिए कह रहा था और ससुरजी मुझ पर और जोर से दबाव डाल रहे थे।


मैं भी नीचे की ओर जोर दे रही थी और ससुरजी का हर ऊपर का जोर मेरी चुट से उतनी ही शक्तिशाली नीचे की ओर जोर से मिल रही थी। उनका लंड अब मेरी खिंची हुई योनी में आसानी से और तेज़ी से सरक रहा था। मैं तीव्र आनंद महसूस कर रही थी और अब बेशर्मी से कराह रही थी। ससुरजी भी स्वर्ग में थे और मुझे शक्तिशाली स्ट्रोक के साथ तेजी से चोद रहे थे।



ezgif-com-gif-maker-6


हम जोर-जोर से हांफ रहे थे और हमारा शरीर पसीने से भीग गया था। मैं अपनी चुत में कुछ हलचल महसूस कर रही थी। मुझे पता था कि में ऑर्गेज्म के करीब आ रही थी।


मैंने अपनी चूत के ऊपर नीचे करने की गति बढ़ा दी और ससुरजी मेरी स्थिति को समझ गए और उनका खुद का संभोग भी अब दूर नहीं था। जैसे हम काफी समय से चुदाई का खेल खेल रहे थे, वैसे ही उनका ऑर्गेज्म भी अब करीब आ रहा था।

में ससुरजी के गले में हाथ डाले और कही,

"ओह ससुरजी! कृपया मुझे कसके पकड़ें और चोदिए उफ़्फ़्फ़्फ़्फ़ ससुरजी ।"



ezgif-com-gif-maker-5

ससुरजी चुप रहे बस चोदते रहे। मेरी योनी इतनी गीली थी कि उसे अपना लंड मुझमें सरकाने में कोई दिक्कत नहीं हुई। मेरी चुत भीग रही थी और उससे ससुरजी का लुंड चमक रहा था। हालाँकि मेरी चुत अब पूरी तरह से लुब्रिकेटेड और फैली हुई थी, लेकिन फिर भी ससुरजी का लंड इतना बड़ा था कि अंदर से कस कर फिट हो गया था। यह एक तंग म्यान में तलवार की तरह लगा।

अचानक ससुरजी गरज कर कराह उठे,

"ओह कामिनी बहु! मेरे लंड से पानी निकालने ke क़रीब हूँ। हे भगवान यह कितनी मस्त फ़ीलिंग हैं।”


यह कहते हुए उन्होंने बहुत शक्तिशाली स्ट्रोक दिए और उनका लंड मेरी योनी में इतना बड़ा हो गया कि उनके लंड ने उसे और चौड़ा कर दिया था। तभी मेरी चूत में उनका लंड धड़कने लगा।

मैं उनके लंड की हर नस को महसूस कर सकती थी। ससुरजी का लंड हिंसक रूप से धड़क रहा था और एक बड़ी घुरघुराहट के साथ यह मेरी योनी में अपने वीर्य का एक बड़ा भार शूट कर रहा था।

ससुरजी ने अपना लंड मुझमें तब तक रखा जब तक कि उसके लंड ने मेरी योनी में एक और गर्म वीर्य का एक और शॉट डाल दिया।

जैसे ही में महसूस की, कि ससुरजी का गर्म वीर्य की मेरी चूत में शूटिंग कर रहे हैं, और अगली कड़ी के साथ मेरी योनी भी अपना रस बहने लगी।


हम दोनों ससुर-बहु साथ-साथ आ रहे थे। ससुरजी लुंड मुझमें अपना वीर्य की शूटिंग करते रहे। असहनीय खुशी से मेरी आंखें बंद हो गईं। हम दोनों एक दूसरे को कसकर गले लगा रहे थे और जोर-जोर से सांस ले रहे थे।

कुछ देर बाद ससुरजी के लंड ने अपना वीर्य मुझमें छोड़ना बंद कर दिया और मैं बहुत कमजोर महसूस कर रही थी और उन्होंने मुझे अपनी बाँहों में कसकर जकड़ लिया। उनका लंड मेरी योनी में फड़कता रहा और धीरे-धीरे सिकुड़ता गया।

हम 5 मिनट तक एक-दूसरे को गले लगाते रहे और फिर पापा ने सिर उठाकर प्यार से मेरे होठों पर किस किया। मैं प्यार से उसकी आँखों में देख रही थी। उन्होंने अपना लंगड़ा लंड मेरी योनी से बाहर निकाला। जैसे ही उन्होंने अपना लंड बाहर निकाला, सारा सह और मेरी अपनी योनी का रस बाहर निकलने लगा और फ़र्श पर टपकने लगा।

“उफ़्फ़्फ ससुरजी यह देखिए आपने क्या किया” और मेंने फ़र्श पर देखने के लिए आँखों से इशारा की।


बहु, ये सब बस मेंने नहीं, हमने किया हैं”

“उफ़्फ़्फ़्फ ससुरजी आप भी ना बस” और में अपने चेहरे को उनके सिने पर सता दिया शरम से ।

बहु चलो अब मेरे बेटे की मीटिंग खतम होने को आयी होगी, मुझे ये कपबोर्ड का दरवाज़ा लगाने दो । नहीं तो वो शक करेगा की इतना टाइम हम क्या कर रहे थे यहाँ रसोई घर में।

माइन फ़र्श साफ़ करी और फिर शर्मायी और ससुरजी को एक ज़ोरदार चुंबन दी और उनके लंड को दबोच कर जाने लगी। जाते जाते उन्होंने मेरी गाँड पर थप्पड मारकर बोले

“उफ़्फ़्फ बहु, कल सुबह जम कर तेरी यह चंचल गाँड मारूँगा!”

में शर्मायी और अपने चूतदों को ज़ोर से हिलाते हिलाते अपने पति के पास चली गयी।



AA6-F7-FC7-1-D82-489-D-BFE9-2401-D2661-E74
 
Last edited:
Top