शादी के 2 महीने बाद मैं अपनी बीवी को लेकर उसके मायके गया था। ससुर जी ने मेरे लिए मेरी पसंद की दारु का प्रबंध किया था तो मेरे सालो और मैंने दारू पी शाम को। फिर देर रात तक मैं , मेरी बीवी , मेरे साले और मेरी साली , हम सब बैठ कर बातें कर रहे थे। एक एक करके सब सोने चले गए। साले टल्ली हो रखे थे इसलिए वो पहले चले गए , फिर मेरी बीवी चली गई। हम जीजा साली रह गये बस।
फिर वो दारू की बातें करने लगी कि उसने भी कॉलेज में चुप चुप कर एक दो घूंठ लगा रखे हैं वोडका के बस घर पर नहीं पी सकती , तो मैंने उसे 2 पेग भी दिला दिए। फिर बातें हुई , स्कर्ट कई बार ऊपर हिली , कई बार जांघो की नुमाइश हुई , फिर बॉयफ्रेंड की बातें हुई , फिर चुदाई की बाते हुई , फिर दोनों का मूड बना और घर के ड्राइंग रूम के कालीन पर रात के अँधेरे में मेरी साली मेरे नीचे आकर चुद गई।
फिर कई मौके मिले , वो हर बार चुदी। उसको मेरे लंड से चुदवाना पसंद था और मेरे लंड को उसकी चूत पसंद थी !
फिर उसकी शादी हो गई और वो और दूर चली गई। अब साल में एक या दो बार मिलती है , पर शिद्दत से चुदवाती है !