Update 2
इस तरह परीक्षा के(ke) लिए जाने की तैयारी सुनिश्चित हो गई थी(thi) और(aur) अगले दिन(din) सुबह(subah) 4 बजे की लोकल रेलगाड़ी से(se) निकलना था।
सपना एक(ek) बहुत(bahut) ही संस्कारी और(aur) अच्छी लड़की(ladki) थी(thi) बाहरी संसार का हवा(hawa) अभी(abhi) तक उसे छू नहीं(nahin) पाया था या(ya) यूं कहें तो उसने अपने आसपास ऐसे माहौल से(se) खुद(khud) ही दूरी बना कर(kar) रखी थी(thi) जिसमे मन(man) को बहकने न पाए। उसे अपने घर(ghar) परिवार(parivaar) और(aur) खुद(khud) की इज्जत की काफी(kaafi) परवाह थी(thi) और(aur) उसने यह(yah) तय किया था की जिससे उसके माता पिता(pita) शादी करवाएंगे उसी को अपनी प्रेम और(aur) मादक बदन का दौलत न्योछावर करेगी परंतु उसके अंतर्मन में(mein) एक(ek) घुप सन्नाटा पसरा था इसका कारण उसके जवानी में(mein) हो रहे बलखाते जिस्म हो सकता है, "वो कहते हैं ना की जो जितना योगी होता है वो उतना ही भोगी होता है" ठीक यही हाल(haal) इसके साथ(saath) भी(bhi) चरितार्थ हो रहा था और(aur) हो भी(bhi) क्यों(kyon) नही जिसके मां(maa) बाप ही कामाग्नि से(se) पीड़ित थे तो उसमे ऐसा(aisa) होना(hona) तो स्वाभाविक(swabhavik) था , उसकी एकाध ही सहेली थी(thi) जो बिलकुल उसी की तरह थी(thi) और(aur) एक(ek) तन्हाई का साथी(saathi) उसका मोबाइल जिसके प्राय व्हाट्सएप आदि चलाया करती थी।
तो अगले दिन(din) सुबह(subah) अखिलेंद्र अपनी बेटी के(ke) साथ(saath) लोकल ट्रेन से(se) सहर के(ke) लिए रवाना हो गए । सुबह(subah) के(ke) वक्त ट्रेन में(mein) काफी(kaafi) अंधकार था और(aur) जिस बर्थ पर(par) ये बैठे थे , पास(paas) में(mein) ही एक(ek) अधेड़ उम्र का व्यक्ति(vyakti) बैठा था जो एकटक सपना(sapna) को घूरे जा(ja) रहा था । सपना(sapna) को थोड़ा(thoda) असहज महसूस हो रहा था क्योंकि(kyonki) संसार के(ke) कमीनापन से(se) वो ज्यादा अवगत नहीं(nahin) हुई थी(thi) और(aur) वो सोचने लगी कि यह(yah) व्यक्ति(vyakti) मेरे पापा से(se) भी(bhi) ज्यादा उमर का है और(aur) ये ऐसे क्यों(kyon) घूर रहा है। खैर ट्रेन अपने निर्धारित टाइम (समय)पर शहर पहुंच गई और(aur) 7 बजे के(ke) आसपास वो अपने कमरे में(mein) पहुंचे जहां अखिलेंद्र के(ke) दूर(door) के(ke) रिश्तेदार रहते थे उन्हीं का कमरा किराया पर(par) लिया गया था ।
जिनके यहां ये रुकेंगे इनके यहां 4 सदस्य थे ।
मां बाप और बेटा और बहू बेटा कमाने बाहर गया है और 3 सदस्य घर में रहते हैं। बहु का नाम रिमझिम है जी ऐसे दिखती है।

रिमझिम
इनके पहुंचते ही रिश्तेदारों ने अच्छे से(se) स्वागत कर(kar) उनको नाश्ता वगैरा करवा कर(kar) कमरे दिखा दिया गया और(aur) सपना(sapna) और(aur) उसके पापा उसमे अपना(apna) सामान व्यवस्थित कर(kar) लिए । एक(ek) कमरा और(aur) एक(ek) बरामदा था । बरामदे में(mein) अखिलेंद्र ने डेरा जमाया और(aur) कमरे में(mein) सपना(sapna) को रहना था , चूंकि कुल 11 दिन(din) रहना था इसलिए(isliye) सपना(sapna) ने एक(ek) कुशल गृहणी की तरह उस कमरे सजा संवार दिया , अखिलेंद्र ने जब यह(yah) देखा तो वो फूले न समाए की उनकी बेटी कितनी गुणी है कुटिया(kutiya) को स्वर्ग बनाने(banaane) की सामर्थ्य रखती है। ठीक अपनी मां(maa) पर(par) गई है। अखिलेंद्र खाने पीने का सामान लेने चले(chale) गए और(aur) वापस(vaapas) आ कर(kar) कमरे में(mein) अपना(apna) भी(bhi) समान एडजस्ट कर(kar) लिए।
अखिलेंद्र का फोन पुराना हो गया था तो वो शहर आया ही थे तो उसे नई मोबाइल भी लेने का मन था।
सपना उनकी बेटी अपने पढ़ाई में(mein) लग गई। करीब शाम को 7 बजे अखिलेंद्र बाहर(bahar) समान लेने गए तब उन्होंने अपने पड़ोस में(mein) रहने वाली एक(ek) लड़की(ladki) जिसकी उम्र उनकी बेटी सपना(sapna) के(ke) लगभग(lagbhag) ही था और(aur) बला की गदरायी और(aur) मादक और(aur) स्वभाव से(se) कामातुर लड़की(ladki) रिमझिम दिखी जो उनके रिश्तेदार की बहु थी(thi) , दिखने में(mein) लंबी छरहरी और(aur) कसावदार बदन की मलिका अभी(abhi) साल(saal) भर ही शादी हुए थी(thi) की उसका पति विदेश कमाने(kamaane) के(ke) लिए चला गया था। रिमझिम काफी(kaafi) छुपा रुस्तम की तरह धूर्त और(aur) कामातुर लड़की(ladki) थी(thi) । जैसे ही अखिलेंद्र और(aur) रिमझिम की नजर एक(ek) दूसरे से(se) मिली ऐसा(aisa) लगा जैसे दोनो के(ke) आंखों में(mein) एक(ek) स्पार्क हुआ और(aur) महज क्षण भर की नज़रों में(mein) काफी(kaafi) बाते हो गई ।
सपना और(aur) उसके बाबूजी ऊपर(upar) वाले कमरे में(mein) शिफ्ट हुए थे और(aur) उसी से(se) लगे दूसरी तरफ बहु रिमझिम का कमरा था। और(aur) नीचे(niche) रिमझिम के(ke) सास ससुर रहते थे। बस इन(in) तीन सदस्यों का ही घर(ghar) था।
सपना का परीक्षा अगले दिनों से(se) शुरू(shuru) होगी और(aur) एक(ek) एक दिन(din) के(ke) अंतराल पर(par) पेपर का रूटीन है। मतलब एक(ek) दिन(din) पूरा घर(ghar) में(mein) रहना होगा ।
इसी बीच जब अखिलेंद्र घर(ghar) आया तो देखा सपना(sapna) और(aur) रिमझिम आपस में(mein) बाते कर(kar) रहे हैं, वो भी(bhi) काफी(kaafi) हंस हंस के(ke) दोनो आपस में(mein) बातें कर(kar) रहे हैं, अखिलेंद्र को यह(yah) अच्छा(achha) लगा की उन(un) दोनो में(mein) दोस्ती हो गई , अब(ab) सपना(sapna) अकेले बोर नहीं(nahin) होगी। काफी(kaafi) देर तक वो बाहर(bahar) खड़ी बात कर(kar) रही थी(thi) फिर(phir) अचानक रिमझिम उसका हाथ(haath) पकड़ भीतर कमरे में(mein) लेकर चली गई जिसकी खिड़की बाहर(bahar) बने बाथरूम से(se) लगी हुई थी(thi) । यूं तो अखिलेंद्र और(aur) उसकी बेटी जहां जिस कमरे में(mein) ठहरे थे वहां बाथरूम था वो भी(bhi) भीतर वाले कमरे में(mein) जिसमे सपना(sapna) रह रही थी। अखिलेंद्र अनायास ही बाहर(bahar) वाले बाथरूम में(mein) चले(chale) गया , यूं तो उसे मूत्र आवेग आई थी(thi) परंतु इसी बहाने उन(un) लड़कियों की बाते भी(bhi) सुनना था। अखिलेंद्र के(ke) भीतर काफी(kaafi) अजीब व्याकुलता हो रही थी(thi) , उस टाइम (समय)उसने बस दो(do) लड़कियों की बाते सुनना था।
रिमझिम : सपना(sapna) तो तुमने बताया नहीं(nahin) की अब(ab) तक कोई BF क्यों(kyon) नहीं(nahin) बनाया।
सपना : क्योंकि(kyonki) मैं इन(in) सब(sab) बातों में(mein) विश्वास नहीं(nahin) करती और(aur) जहां मेरे मम्मी(mummy)पापा मेरी शादी करवाएंगे मैं उसी का अपना(apna) सब(sab) मानूंगी।
रिमझिम हंसते हुए: ओहो मेरी प्यारी सपना, कितनी भोली हो तुम(tum) , अच्छा(achha) ये बताओ तुम्हे कुछ(kuch) करने का मन(man) नहीं(nahin) करता
सपना इस(iss) सवाल(sawaal) से(se) झेंप जाती है और(aur) बोलती है धत्त.... और(aur) कहती है की अच्छा(achha) मैं जाति हूं पापा आ गए होंगे शायद।
इतना कहते ही सपना(sapna) जाने के(ke) लिए मुड़ी इतने में(mein) रिमझिम ने उसकी हाथ(haath) पकड़ के(ke) हथेलियों को सहलाते हुए कस के(ke) मसल दी....
रिमझिम ने काफी(kaafi) जोर से(se) हाथ(haath) मसला था उसे लगा सपना(sapna) दर्द से(se) आह्ह्ह्ह की आवाज निकलेगी, परंतु सपना(sapna) जैसे गंभीर मुद्रा में(mein) आ गई और(aur) उसके चेहरा(chehra) तप्त और(aur) आंखों से(se) ऐसा(aisa) लग रहा था जैसे कोई भूखी शेरनी को छेड़ दिया किसी ने।
इस अदा पर(par) तो रिमझिम के(ke) chut पर(par) जोर से(se) जैसे चींटियों की रेगने सा अहसास हुआ और(aur) एक(ek) बूंद कामरस उसकी योनि पर(par) आ गया। और(aur) उसने सपना(sapna) को एक(ek) आंख(aankh) मार दी
इधर अखिलेंद्र भी(bhi) उनकी बातो से(se) हल्का उत्तेजित(uttejit) हुआ और(aur) अचानक चुप्पी छा जाने से(se) अचानक होश में(mein) आया और(aur) झट से(se) फारिग हो कर(kar) कमरे में(mein) आ गया।
सपना आते ही पापा को देख के(ke) न जाने क्यों(kyon) नज़रे चुराती हुई कमरे में(mein) चली गई और(aur) रात(raat) का खाना(khana) की तयारी करने लगी।
खाने के(ke) टाइम (समय)दोनो एक(ek) साथ(saath) खा रहे थे तब तकउसके पापा ने कहा बेटी कल(kal) सुबह(subah) ही पेपर के(ke) लिए सेंटर जाना(jana) है उधर से(se) 12 बजे दोपहर तक हम(hum) फ्री हो जायेंगे तो मैंने सोचा है की एक(ek) मोबाइल ले लूं।