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मै हु राजेश की दिलरुबा,
लेकिन मैं जेठ जी पर फिदा ,
जेठ जी का साथ, राजेश को भाया,
फिर राजेश ने राजवी को, जेठ जीसे चुदवाया।
तीनों का रिश्ता, अब बन गया है बहुत अनमोल ,
जेठ जी के आते राजेश बोलता, राजवी अब अपनी चूत खोल ।।
राजेश, राजवी, और जेठ जी का शुरू हुआ नया लहर,
दो दो लन्ड राजवी को चोद चोद मचा देते कहर।।
तीनों की दुनिया, रंगीन और प्यारी,
क्योंकि तीनो अब करते चूत और लन्ड सवारी।।
अब राजेश नहीं आता बीच में,
जब जेठ जी मुझको चोदते खींच खींच के।।
राजवी करती अब जेठ जी की लन्ड की सवारी,
राजेश ने बनाया राजवी को जेठी जी की छिनारी।।
जब जब आए राजेश आता चोदने की बारी
तब तब राजेश कहे नहीं होगा मुझसे चूत की सवारी।।
राजवी कहती मैं हूं एक संस्कारी नारी,
लेकिन क्या करूं मुझे लग चुकी है जेठ जी के लन्ड की बीमारी।।
लेकिन मैं जेठ जी पर फिदा ,
जेठ जी का साथ, राजेश को भाया,
फिर राजेश ने राजवी को, जेठ जीसे चुदवाया।
तीनों का रिश्ता, अब बन गया है बहुत अनमोल ,
जेठ जी के आते राजेश बोलता, राजवी अब अपनी चूत खोल ।।
राजेश, राजवी, और जेठ जी का शुरू हुआ नया लहर,
दो दो लन्ड राजवी को चोद चोद मचा देते कहर।।
तीनों की दुनिया, रंगीन और प्यारी,
क्योंकि तीनो अब करते चूत और लन्ड सवारी।।
अब राजेश नहीं आता बीच में,
जब जेठ जी मुझको चोदते खींच खींच के।।
राजवी करती अब जेठ जी की लन्ड की सवारी,
राजेश ने बनाया राजवी को जेठी जी की छिनारी।।
जब जब आए राजेश आता चोदने की बारी
तब तब राजेश कहे नहीं होगा मुझसे चूत की सवारी।।
राजवी कहती मैं हूं एक संस्कारी नारी,
लेकिन क्या करूं मुझे लग चुकी है जेठ जी के लन्ड की बीमारी।।