Update 1
अब में हमारे ससुरजी के बारे में जनकारी देती हूँ। वो अब 70 उम्र के हो चुके थे। उनकी पहली पत्नी की मृत्यु तो 20 साल पहिले ही हो चुकी थी। अगले ही साल उन्होंने अपने ही साली से दूसरी शादी कर ली। हालांकि उनके दूसरे पत्नी की आयु ससुरजी से काफी कम थी। वो तब 50 साल के थे और उनकी साली तब महज 20 साल की थी। पर भी वो दोनों अभी तक सेक्स करते थे। परन्तु अब दूसरे पत्नी की भी मौत होने पर हमारे ससुरजी मायूस लग रहे थे। हमारे पति तो अब्रॉड होते है इसलिए हम अब तीन लोग ही घर पर थे। रात में ससुरजी को अकेले में नींद नही आती है इसलिए हम दोनों बहुओं ने फैसला लिया कि उनको हम दोनों के बिच ही सुलादेंगे। उसी रात से वो हमारे पास सोने लगे। नमिता ने उनको अपने करीब लिया और उनकी पीठ पर थपथपाकर वो उनको सुलाने की कोशिश करने लगी। फिर भी उनको नींद नही आ रही थी। हमे पता था कि उनकी दूसरी पत्नी उनको स्तनपान करके सुलाती थी। नमिता ने उनको पुछा,
"क्या आपको मैं दूध पिलादूँ ताकि आपको नींद आए?"
यह सुनकर हमारे ससुरजी चौक गए।
"क्या सचमुच तुम मुझे स्तनपान करोगी नमिता?"
"क्यों नही ससुरजी ? आपको दूध पिलाने में क्या दिक्कत होगी मुझे?"
"पिला दो फिर बेटी। बहुत एहसान होगा मुझपर तेरा। "
नमिता ने सफेद रंग की मैक्सी पहनी थी। उसने ससुरजी को अपने और करीब ले लिया और अपने मैक्सी के बटन खोल दिये। फिर एक स्तन बाहर निकलकर उनको वो किसी बच्चे की तरह स्तनपान करने लगी। अपने ससुरजी को ऐसे स्तनपान करते देख मेरे शरीर पर तो रोंगटे खड़े हो गए। नमिता ने बारी बारी से उनकी दोनों स्तनों पर पिला दिया। दूध पी कर हमारे ससुरजी सुस्त हो गए थे। फिर नमिता उनको करीब ले कर सो गई।
सुबह सब के नहाने के बाद हम रसोइघर में नाश्ता कर रहे थे। नमिता ने आज पिंक साड़ी और व्हाइट ब्लाऊज पहना था तो मैंने ब्लैक साड़ी और ब्लाऊज पहना था।
नाश्ता होते ही हम सब थोड़ी देर टीव्ही देखने हॉल में आ गए। नमिता सोफे पर बैठ गयी । ससुरजी भी सोफे पर बैठने ही वाले रहे पर मैंने उनको कहा,
"ससुरजी क्या आपको दूध पीना है?"
ससुरजी को विश्वास नही हो रहा था कि उनकी दूसरी बहू भी उनको स्तनपान करने वाली है। उन्होंने खुशी से हा कह दी । मैं जमीन पर बैठ गयी उनको अपने पास बुला लिया। वो मेरे पास आकर मेरी गोद मे सो गए। मैंने अपने ब्लाऊज के कुछ बटन खोल दिये और उनके सर के ऊपर से पल्लू ओढक़र मैं उनको अपना दूध पिलाने लगी। वो बिलकुल किसी बच्चे की तरह धीरे धीरे दूध पी रहे थे। मैंने उनको मेरा सब दूध पिला दिया। फिर मेरे ब्लाऊज के बटन लगा लिए और उनका मुँह पल्लू से पोछ लिया। ससुरजी ने लंबी सांस लेकर कहा,
"मुझे इतना दूध तो मेरी पत्नी भी नही पिलाती थी। मजा आ गया।"
"नादान मत बनो आप ससुरजी। हमे पता है कि आपको स्तनपान करना कितना पसन्द है। "
"क्या करूँ आदत पड़ गयी मुझे।"
शाम को ससुरजी नाश्ता करने के पहले ही गार्डन में घूमने गए। लगभग 2 घण्टे बाद वो घर आये तो बहुत थक चुके थे। 7 बजे थे। नमिता टीव्ही ही देख रही थी तो उसने उनको हाथ पैर धोने कहा । वो फ्रेश होकर हॉल में आ गए तो नमिता ने उनको अपनी गोद मे सुला दिया।
"आपको बहुत भूख लगी होगी ना। नाश्ता भी चूक गया आपका।"
"क्या करूँ बेटी। बहुत दिनों से गार्डन में घूमने नही गया था। दोस्तो से मुलाकात हो गयी। "
"चलो फिर अब दूध पी लो।"
"पर घर का दरवाजा तो खुला है बहू। कोई आ गया तो ?"
"कोई नही आता ससुरजी । आप चिंता मत करो।"
उसने बोलते बोलते ही अपने ब्लाऊज के निचले बटन खोल दिये और उनके सर के ऊपर से पल्लू ओढक़र उनको पिलाने लगी। ससुरजी रिलैक्स हो गए। नमिता टीव्ही देखने मे दंग हो गयी। मैंने नोटिस किया कि हमारे ससुरजी के पैंट में उनका तंबू थोड़ा उठ गया था। मैं मन मे ही खुश हो गयी। हमारे पति अब्रॉड जाके बहुत दिन हो गए थे। इसलिए हम दोनों केले से खेलने के लिए बहुत तरसी हुई थी।