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Incest पिता की मौत के बाद मेरी आत्मा मेरे पिता के शरीर में घुसी (completed)

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Update kismain dun hindi yaa hinglish


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Incestlala

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Update 9

फिर तनु स्माइल कर देती है उसको ये खेल अच्छा लग रहा था।

ऐसे ही रात गुजर जाती है।

अब आगे

सुबह सुबह चिड़ियों की चह चहाने से साक्षी और तनु की एक साथ ही नींद खुल जाती है जिससे वो देखती है की उन दोनो ने ही वीर को अपने अपने साइड जकड़ रखा है और दोनो ने अपनी टांग वीर के ऊपर लाद रखी है।

तभी उन दोनो की नज़र आपस में पड़ी तो दोनो झेप जाती है और दोनो ने जल्दी से वीर को देखा।

साक्षी - सो रहा है।

तनु - अनु

साक्षी जल्दी से अनु को देखती है जो सो रही थी।

साक्षी - वो भी सो रही।

तभी अनु खासती है और दोनो जल्दी से आंखों को बंद कर लेती है।

जैसे ही उन दोनो को कन्फर्म हुआ की अनु सो चुकी है दोनो जल्दी से उठ जाती है और रूम में भाग लेती है।

साक्षी - ओए सेक्सी सुनो जरा

तनु - क्या है

साक्षी - रात को मेने देखा कुछ

तनु - क्या

साक्षी - मैने देखा एक लड़की रात को खेल रही थी

तनु कुछ नही बोलती और साक्षी फिर हस्ते हुआ जाने लगती है तभी तनु कहती है उसको

मैने भी कुछ देखा वैसे

साक्षी - क्या देखा

तनु - मैने देखा एक लड़की लड़की रात को चुप चाप हस रही थी और सीने में घुसी हुई थी

अब साक्षी कहती है सच्ची बताऊं तो उसके साथ रहने मैं अच्छा लगता है।

तनु - हा दिन भर गांड़ के नशे में चूर रहता है घूरता रहता है।

साक्षी हस्ते हुआ कहती है बेचारा अब क्या करे हम दोनो को देख कर ही काम चला लेता है।

तनु - लेट हो रही है खाना बना कितनी देर तक सो रही थी हम दोनों।

साक्षी - कुत्ते ने ऐसे चिपका रखा था की बहुत प्यारी नींद आई पता ही नही चला कब सुबह हो गई यार

तनु - मेरी बेटी अब खुश रहने लगी है।

साक्षी - और तू

तनु - काम कर मैं नहा कर आती हूं

साक्षी उसका हाथ पकड़ लेती है और कहती है मुझे जवाब चहिए।

तनु - मुझे कोई जवाब नही देना और अगर मेरी बेटी की खुशी जरूरी है तो उसके लिए सब करूंगी

साक्षी - अच्छा और अगर तुझे उसने खुश रहना जीना सीखा दिया तो

तनु - तब तू जो कहेगी।

साक्षी - फिर वादा कर खुद प्यार से साड़ी उतारेगी

तनु - ठरकी कही की चल वादा लेकिन दिल्ली बहुत दूर है समझी।

तनु वहा से निकल जाती है और साक्षी दूर खड़ी हो कर उसे देख रही थी और कहती है एक बार हम दोनो को जीना सिखा दो ना वीर तुमने जो गलती करी है वो तुमको ही सही करनी पड़ेगी एक बार सब ठीक कर दो फिर वादा करती हूं खुद साडी उतारूंगी।

तनु - चल हट लंबी लंबी सोचती है,खाना तुझे बनाना है।

साक्षी - सोच ही सही लेकिन अब एक आस तो है

तभी वो दोनो बाहर आती है तो दोनो की नज़र ही जम गई थी।

सामने अनु वीर को बाहों में भर कर के लेटी है और वीर उसके ऊपर लेटा है।


love-couple


साक्षी - बड़े ही सेक्सी अंदाज में लेटी है देखो, और दिन भर हम दोनो को बोलती फिरती है की मैं वीर से नफ़रत करती हूं, ये बोल बोल कर मेरा दिमाग खा गई और सोई देखो कैसी है।

तनु - उसकी कोई गलती नही है चल अब

साक्षी - नही चलूंगी तू चल मैं अपनी बेटी के साथ नहूँगी आज

तनु - मुझे पता है तू कितनी संस्कारी है चल अब

तभी साक्षी कुछ बोलने वाली थी लेकिन तनु उसका मुंह दबा देती है।

साक्षी - नही उठाऊंगी पक्का

तभी तनु उसका मुंह छोड़ देती है और साक्षी चिल्लाती है "ओए ठरकी उठ जा"

इधर राज अपने पापा उदय के साथ बैठा था जो खेत के सिलसिले से बात कर रहे था।

राज - पापा जमीदार हमारी जमीन पर पानी नी आने देता कुछ करना पड़ेगा वर्ना इस साल की फसल खराब हो जाएगी।

तभी उसके चाचा कहते है बेटा राज वो जमीदार से हमारी बनती कम है हमीं ने उसके स्कूल को खुलवाने से रोका था वही बदला ले रहा है वो साला

उदय - तुम कुछ मत करो वर्ना वो इंसान बहुत बुरा है मारने से पहले सोचेगा नही।

राज - लेकिन उसका दिल जीत लिया तो, जन्नत का मजा है फिर

तभी रसोई में चाय बना रही निधि ये सुन कर कहती है जन्नत का मजा बहन चोद साला रात को बिस्तर पर चोदता नही बड़ा आया जन्नत।

निधि - साला कहती हूं धीरे धीरे चोद ना, चूस तब मजा भी आया बीवी को खुश रख नही पता।

तभी उसको राखी कहती है अरे बिट्टू कब क्या सोच रही हो बेटा

निधि - कुछ नही बुआ

राखी - बीवी को खुश रहने के लिए पति का साथ जरूरी है।

निधि कुछ बोलती तभी उसको आवाज आती

"रुक जा डायन, आज तेरा सर फोड़ दूंगी"

"ही ही ही ही ही ही"

"तू तो पिसचिनी है पता है"

तभी ये सुन कर निधि कहती है बुआ बीवी के खुश रहने के लिए पति का पास होना जरूरी है साथ जरूरी है।

राखी कुछ कहती तभी उसको निधि कहती है कभी तनु और साक्षी को इतना खुश देखा है पहले दोनो जो हमेशा खोई रहती है अब एक सा तेज आ गया है उनकी आंखों में।

राखी -

निधि - हा वीर के पास होने से वैसे हमारी बिल्लो अब अच्छे से लाइफ जीयेगि।

राखी - मैं हैरान हूं ये घर की खिसयाई बिल्ली से शादी होने के लिए कैसे मान गई तनु और साक्षी।

निधि - दोनो की लाडली है और ऊपर से डिट्टो साक्षी की तरह दिखती है।

इधर इतना हल्ला सुन कर अनु की नींद खुल जाती है वो जब आंखों को खोलती है तो देखती है आजू बाजू उसकी बहने जा चुकी थी।

अनु- फिर देखती है की वो वीर के नीचे सोई है

तभी अगले ही पल वो वीर को धकेल देती है और उसकी सास पूरी ऊपर नीचे हो रही थी।

पहली बार किसी ने अनु के जिस्म को छूआ था बेचारी कप कापा गई इस बात से।

तभी ये झटके से वीर उठ जाता है।

तब तक अनु जा चुकी थी।

वीर- ये सुबह सुबह बहन चोद पेल गया, मेरी भी जिंदगी मेंटोस खा कर लिखी गई थी एक से एक सुंदर लड़की मेरी वाइफ जिसके ख्वाब सब देखते है वो वो मेरी है।

वीर - लेकिन मजाल है किसी को हाथ भी लगा दूं मां चोद देंगी मेरी।

वीर - लेकिन कोई नही सब खुश रहे बाकी सबके लिए प्यार खुद जाग जाएगा सबसे पहले मैं अपनी परी को उठा दूं।


वीर काव्या के पास आता है और उसके माथे पर हाथ फेरता है अरे मेरा बेटू उठ जाओ, जाओ।

काव्या - उफ्फ पापा सोने दो ना।

वीर - धत चलो उठो जल्दी से फिर,जलेबी खिलाऊंगा पक्का।

काव्या - साथ मैं पकोड़ा भी गरम गरम

वीर को काव्या की ये तुतराती हुई आवाज बहुत प्यारी लगती है।

काव्या अब उठ कर वीर की गोद में बैठ कर लिपटी हुई थी।

तभी वीर के दिमाग में एक आइडिया आता है और वो काव्या से कहता है बेटू आपको पकोड़ा खाना है ना।

काव्या - हा

वीर - तब आपको पापा की एक बात माननी पड़ेगी।

काव्या - मैं तो आपकी सारी बात मानती हूं ना

वीर - ये हम दोनो की scerat बात है ओके।

काव्या भी वीर से धीरे से फुसफुस्ती हुई कहती है पक्का छोटा भीम वाला प्रोमिस।

वीर - मैं जब पकोड़ा लाऊंगा ना तो आप वो आप खाने से पहले कहना मम्मी आप पापा को अपने हाथो से खिलाओ ना।

काव्या - ठीक है तीनो मम्मी को कह दूंगी लेकिन शाम को चाकलेट लुंगी एक।

वीर - पक्का

काव्या - ही ही ही आप बेस्ट पापा हो, हमेशा ऐसे ही हस्ते रहा करो आप नही थे, तो मम्मी बहुत रोती थी।

वीर- पक्का अब नही जाऊंगा कभी अब तो हर दम तुम्हारे पास रहूंगा।

तभी वीर जल्दी से बाहर आता है और तुरंत पकोड़ा और जलेबी वैगर ले कर आता है

वीर - हाय अब मजा आएगा अब तीनो को मुझे खिलाना पड़ेगा ।

वीर अंदर आता है तो सामने उसको अनु दिख जाती है ।

वीर - ये तो पूरा साक्षी की फोटो कॉपी।

तभी अनु देखती है की वीर उसको देख रहा है और वो कुछ नही कहती।

वीर अंदर आ कर खाने का समान काव्या को दे देता जिसको तनु और साक्षी देख लेती है।

काव्या तो समान ले कर अंदर आ जाती है अनु और साक्षी के पास, तभी तनु बाहर आती है और कहती ये क्या है ये सब

वीर - क्या क्या है

तनु - ये सब क्या लाए हो, क्यो इतने पैसे वेस्ट कर रहे हो फालतू चीज के लिए कल भी मुझे ,2000 दिए था।

वीर - फालतू चीज के लिए नही है कुछ भी, मेरी वाइफ हो तुम समझी, तुम्हारे चहरे पर खुशी देखना चाहता हूं अब आदत डाल लो इन सब की।

तनु - क्यो कर रहे हो ये सब हा

वीर - तुम्हारे हसी के लिए।

तनु कुछ नही बोलती बस वीर को देखती है एक टक।

वीर- वैसे बहुत सुंदर लग रही हो अभी ऐसे सजी रहा करो ना हम बाप, बेटी के लिए।

तभी तनु को अनु बुलाने आती है और वो अंदर चली जाती है और उसके पीछे अनु भी चली जाती है और वीर वापिस जाते टाइम उसकी गांड़ देखने लगा अनु को इस बात का पता चल गया।

उसकी इस बात को साक्षी ने भी नोटिस किया

साक्षी - शर्म तो आती नही इसको ऐसे गुरते हुए, तुझे दिक्कत होती है तो मना कर दिया कर।

अनु - क्या कह कर मना करू 😑 की अपनी पत्नी को ऐसे घूरो मत, इतना अपनापन दिखाओ, वैसे आपको और तनु दीदी को क्यों दिक्कत नही होती।

तनु - तेरे सुर तो एक दिन मैं ही बदल गए।

ये सुन कर अनु झेप जाती है

साक्षी चल खा चुप चाप फिर बाहों में सोना भी तो है

वही ये सुन कर अनु के गाल लाल हो गया थे।

अनु - हा तो पती है मेरा।

साक्षी - क्या है

तनु - मत छेड़ो उसको ।

तभी वीर अंदर आता है तभी उसका कॉल बज जाता है।

वीर - सुबह सुबह ही बहन के लन्ड का कॉल आ गया

वीर - हेलो

जमींदार - बेटा जरा 4 घंटे के लिए कार ले कर चले आओ 12 बजे तक छोड़ दूंगा। पैसे भी ले लेना 4000

वीर - ठीक है

जमीदार - सुनो

वीर - हा

जमीदार - तुम मेरे खास आदमी हो परेशान मत हो बड़ा भाई समझ अपना

वीर - धन्यवाद

जमींदार - सुनो

वीर - हा

जमीदार - कंडोम का डिब्बा भी ले लेना 2 पेकेट और दवा भी और जल्दी आओ कार की सीट पीछे वाली पर कवर चढ़ा लेना ।

तभी फोन कट जाता है।

इधर वीर की तीनो पत्नियां हस रही थी।

वीर तीनो को एक एक बारी बारी देखता है और कहता है आज कुछ भी कर के किसी एक का तो होठ काट कर रहूंगा।

साक्षी - कब तक आओगे

वीर - 12

तनु - 12 मतलब 12.30 इससे लेट हुआ तो समझ लेना।

वीर हा कह कर निकल जाता है लेकिन वीर को कहा पता था आज उसकी जवानी पर बिजलियां गिरने वाली है आज वो आंखो से देखगा चूदाई किसको कहते है तभी तो 3 वाइफ संभाल सकेगा। इधर वीर के दिमाग मैं किस चल रही थी जो आज उसको किसी से लेना थी।


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Sory for delay ab update time to time rhenga,....ab jaldi hi romantic angel dekna ko milega..
Superb update
 
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अब आगे

सुबह सुबह चिड़ियों की चह चहाने से साक्षी और तनु की एक साथ ही नींद खुल जाती है जिससे वो देखती है की उन दोनो ने ही वीर को अपने अपने साइड जकड़ रखा है और दोनो ने अपनी टांग वीर के ऊपर लाद रखी है।

तभी उन दोनो की नज़र आपस में पड़ी तो दोनो झेप जाती है और दोनो ने जल्दी से वीर को देखा।

साक्षी - सो रहा है।

तनु - अनु

साक्षी जल्दी से अनु को देखती है जो सो रही थी।

साक्षी - वो भी सो रही।

तभी अनु खासती है और दोनो जल्दी से आंखों को बंद कर लेती है।

जैसे ही उन दोनो को कन्फर्म हुआ की अनु सो चुकी है दोनो जल्दी से उठ जाती है और रूम में भाग लेती है।

साक्षी - ओए सेक्सी सुनो जरा

तनु - क्या है

साक्षी - रात को मेने देखा कुछ

तनु - क्या

साक्षी - मैने देखा एक लड़की रात को खेल रही थी

तनु कुछ नही बोलती और साक्षी फिर हस्ते हुआ जाने लगती है तभी तनु कहती है उसको

मैने भी कुछ देखा वैसे

साक्षी - क्या देखा

तनु - मैने देखा एक लड़की लड़की रात को चुप चाप हस रही थी और सीने में घुसी हुई थी

अब साक्षी कहती है सच्ची बताऊं तो उसके साथ रहने मैं अच्छा लगता है।

तनु - हा दिन भर गांड़ के नशे में चूर रहता है घूरता रहता है।

साक्षी हस्ते हुआ कहती है बेचारा अब क्या करे हम दोनो को देख कर ही काम चला लेता है।

तनु - लेट हो रही है खाना बना कितनी देर तक सो रही थी हम दोनों।

साक्षी - कुत्ते ने ऐसे चिपका रखा था की बहुत प्यारी नींद आई पता ही नही चला कब सुबह हो गई यार

तनु - मेरी बेटी अब खुश रहने लगी है।

साक्षी - और तू

तनु - काम कर मैं नहा कर आती हूं

साक्षी उसका हाथ पकड़ लेती है और कहती है मुझे जवाब चहिए।

तनु - मुझे कोई जवाब नही देना और अगर मेरी बेटी की खुशी जरूरी है तो उसके लिए सब करूंगी

साक्षी - अच्छा और अगर तुझे उसने खुश रहना जीना सीखा दिया तो

तनु - तब तू जो कहेगी।

साक्षी - फिर वादा कर खुद प्यार से साड़ी उतारेगी

तनु - ठरकी कही की चल वादा लेकिन दिल्ली बहुत दूर है समझी।

तनु वहा से निकल जाती है और साक्षी दूर खड़ी हो कर उसे देख रही थी और कहती है एक बार हम दोनो को जीना सिखा दो ना वीर तुमने जो गलती करी है वो तुमको ही सही करनी पड़ेगी एक बार सब ठीक कर दो फिर वादा करती हूं खुद साडी उतारूंगी।

तनु - चल हट लंबी लंबी सोचती है,खाना तुझे बनाना है।

साक्षी - सोच ही सही लेकिन अब एक आस तो है

तभी वो दोनो बाहर आती है तो दोनो की नज़र ही जम गई थी।

सामने अनु वीर को बाहों में भर कर के लेटी है और वीर उसके ऊपर लेटा है।


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साक्षी - बड़े ही सेक्सी अंदाज में लेटी है देखो, और दिन भर हम दोनो को बोलती फिरती है की मैं वीर से नफ़रत करती हूं, ये बोल बोल कर मेरा दिमाग खा गई और सोई देखो कैसी है।

तनु - उसकी कोई गलती नही है चल अब

साक्षी - नही चलूंगी तू चल मैं अपनी बेटी के साथ नहूँगी आज

तनु - मुझे पता है तू कितनी संस्कारी है चल अब

तभी साक्षी कुछ बोलने वाली थी लेकिन तनु उसका मुंह दबा देती है।

साक्षी - नही उठाऊंगी पक्का

तभी तनु उसका मुंह छोड़ देती है और साक्षी चिल्लाती है "ओए ठरकी उठ जा"

इधर राज अपने पापा उदय के साथ बैठा था जो खेत के सिलसिले से बात कर रहे था।

राज - पापा जमीदार हमारी जमीन पर पानी नी आने देता कुछ करना पड़ेगा वर्ना इस साल की फसल खराब हो जाएगी।

तभी उसके चाचा कहते है बेटा राज वो जमीदार से हमारी बनती कम है हमीं ने उसके स्कूल को खुलवाने से रोका था वही बदला ले रहा है वो साला

उदय - तुम कुछ मत करो वर्ना वो इंसान बहुत बुरा है मारने से पहले सोचेगा नही।

राज - लेकिन उसका दिल जीत लिया तो, जन्नत का मजा है फिर

तभी रसोई में चाय बना रही निधि ये सुन कर कहती है जन्नत का मजा बहन चोद साला रात को बिस्तर पर चोदता नही बड़ा आया जन्नत।

निधि - साला कहती हूं धीरे धीरे चोद ना, चूस तब मजा भी आया बीवी को खुश रख नही पता।

तभी उसको राखी कहती है अरे बिट्टू कब क्या सोच रही हो बेटा

निधि - कुछ नही बुआ

राखी - बीवी को खुश रहने के लिए पति का साथ जरूरी है।

निधि कुछ बोलती तभी उसको आवाज आती

"रुक जा डायन, आज तेरा सर फोड़ दूंगी"

"ही ही ही ही ही ही"

"तू तो पिसचिनी है पता है"

तभी ये सुन कर निधि कहती है बुआ बीवी के खुश रहने के लिए पति का पास होना जरूरी है साथ जरूरी है।

राखी कुछ कहती तभी उसको निधि कहती है कभी तनु और साक्षी को इतना खुश देखा है पहले दोनो जो हमेशा खोई रहती है अब एक सा तेज आ गया है उनकी आंखों में।

राखी -

निधि - हा वीर के पास होने से वैसे हमारी बिल्लो अब अच्छे से लाइफ जीयेगि।

राखी - मैं हैरान हूं ये घर की खिसयाई बिल्ली से शादी होने के लिए कैसे मान गई तनु और साक्षी।

निधि - दोनो की लाडली है और ऊपर से डिट्टो साक्षी की तरह दिखती है।

इधर इतना हल्ला सुन कर अनु की नींद खुल जाती है वो जब आंखों को खोलती है तो देखती है आजू बाजू उसकी बहने जा चुकी थी।

अनु- फिर देखती है की वो वीर के नीचे सोई है

तभी अगले ही पल वो वीर को धकेल देती है और उसकी सास पूरी ऊपर नीचे हो रही थी।

पहली बार किसी ने अनु के जिस्म को छूआ था बेचारी कप कापा गई इस बात से।

तभी ये झटके से वीर उठ जाता है।

तब तक अनु जा चुकी थी।

वीर- ये सुबह सुबह बहन चोद पेल गया, मेरी भी जिंदगी मेंटोस खा कर लिखी गई थी एक से एक सुंदर लड़की मेरी वाइफ जिसके ख्वाब सब देखते है वो वो मेरी है।

वीर - लेकिन मजाल है किसी को हाथ भी लगा दूं मां चोद देंगी मेरी।

वीर - लेकिन कोई नही सब खुश रहे बाकी सबके लिए प्यार खुद जाग जाएगा सबसे पहले मैं अपनी परी को उठा दूं।


वीर काव्या के पास आता है और उसके माथे पर हाथ फेरता है अरे मेरा बेटू उठ जाओ, जाओ।

काव्या - उफ्फ पापा सोने दो ना।

वीर - धत चलो उठो जल्दी से फिर,जलेबी खिलाऊंगा पक्का।

काव्या - साथ मैं पकोड़ा भी गरम गरम

वीर को काव्या की ये तुतराती हुई आवाज बहुत प्यारी लगती है।

काव्या अब उठ कर वीर की गोद में बैठ कर लिपटी हुई थी।

तभी वीर के दिमाग में एक आइडिया आता है और वो काव्या से कहता है बेटू आपको पकोड़ा खाना है ना।

काव्या - हा

वीर - तब आपको पापा की एक बात माननी पड़ेगी।

काव्या - मैं तो आपकी सारी बात मानती हूं ना

वीर - ये हम दोनो की scerat बात है ओके।

काव्या भी वीर से धीरे से फुसफुस्ती हुई कहती है पक्का छोटा भीम वाला प्रोमिस।

वीर - मैं जब पकोड़ा लाऊंगा ना तो आप वो आप खाने से पहले कहना मम्मी आप पापा को अपने हाथो से खिलाओ ना।

काव्या - ठीक है तीनो मम्मी को कह दूंगी लेकिन शाम को चाकलेट लुंगी एक।

वीर - पक्का

काव्या - ही ही ही आप बेस्ट पापा हो, हमेशा ऐसे ही हस्ते रहा करो आप नही थे, तो मम्मी बहुत रोती थी।

वीर- पक्का अब नही जाऊंगा कभी अब तो हर दम तुम्हारे पास रहूंगा।

तभी वीर जल्दी से बाहर आता है और तुरंत पकोड़ा और जलेबी वैगर ले कर आता है

वीर - हाय अब मजा आएगा अब तीनो को मुझे खिलाना पड़ेगा ।

वीर अंदर आता है तो सामने उसको अनु दिख जाती है ।

वीर - ये तो पूरा साक्षी की फोटो कॉपी।

तभी अनु देखती है की वीर उसको देख रहा है और वो कुछ नही कहती।

वीर अंदर आ कर खाने का समान काव्या को दे देता जिसको तनु और साक्षी देख लेती है।

काव्या तो समान ले कर अंदर आ जाती है अनु और साक्षी के पास, तभी तनु बाहर आती है और कहती ये क्या है ये सब

वीर - क्या क्या है

तनु - ये सब क्या लाए हो, क्यो इतने पैसे वेस्ट कर रहे हो फालतू चीज के लिए कल भी मुझे ,2000 दिए था।

वीर - फालतू चीज के लिए नही है कुछ भी, मेरी वाइफ हो तुम समझी, तुम्हारे चहरे पर खुशी देखना चाहता हूं अब आदत डाल लो इन सब की।

तनु - क्यो कर रहे हो ये सब हा

वीर - तुम्हारे हसी के लिए।

तनु कुछ नही बोलती बस वीर को देखती है एक टक।

वीर- वैसे बहुत सुंदर लग रही हो अभी ऐसे सजी रहा करो ना हम बाप, बेटी के लिए।

तभी तनु को अनु बुलाने आती है और वो अंदर चली जाती है और उसके पीछे अनु भी चली जाती है और वीर वापिस जाते टाइम उसकी गांड़ देखने लगा अनु को इस बात का पता चल गया।

उसकी इस बात को साक्षी ने भी नोटिस किया

साक्षी - शर्म तो आती नही इसको ऐसे गुरते हुए, तुझे दिक्कत होती है तो मना कर दिया कर।

अनु - क्या कह कर मना करू 😑 की अपनी पत्नी को ऐसे घूरो मत, इतना अपनापन दिखाओ, वैसे आपको और तनु दीदी को क्यों दिक्कत नही होती।

तनु - तेरे सुर तो एक दिन मैं ही बदल गए।

ये सुन कर अनु झेप जाती है

साक्षी चल खा चुप चाप फिर बाहों में सोना भी तो है

वही ये सुन कर अनु के गाल लाल हो गया थे।

अनु - हा तो पती है मेरा।

साक्षी - क्या है

तनु - मत छेड़ो उसको ।

तभी वीर अंदर आता है तभी उसका कॉल बज जाता है।

वीर - सुबह सुबह ही बहन के लन्ड का कॉल आ गया

वीर - हेलो

जमींदार - बेटा जरा 4 घंटे के लिए कार ले कर चले आओ 12 बजे तक छोड़ दूंगा। पैसे भी ले लेना 4000

वीर - ठीक है

जमीदार - सुनो

वीर - हा

जमीदार - तुम मेरे खास आदमी हो परेशान मत हो बड़ा भाई समझ अपना

वीर - धन्यवाद

जमींदार - सुनो

वीर - हा

जमीदार - कंडोम का डिब्बा भी ले लेना 2 पेकेट और दवा भी और जल्दी आओ कार की सीट पीछे वाली पर कवर चढ़ा लेना ।

तभी फोन कट जाता है।

इधर वीर की तीनो पत्नियां हस रही थी।

वीर तीनो को एक एक बारी बारी देखता है और कहता है आज कुछ भी कर के किसी एक का तो होठ काट कर रहूंगा।

साक्षी - कब तक आओगे

वीर - 12

तनु - 12 मतलब 12.30 इससे लेट हुआ तो समझ लेना।

वीर हा कह कर निकल जाता है लेकिन वीर को कहा पता था आज उसकी जवानी पर बिजलियां गिरने वाली है आज वो आंखो से देखगा चूदाई किसको कहते है तभी तो 3 वाइफ संभाल सकेगा। इधर वीर के दिमाग मैं किस चल रही थी जो आज उसको किसी से लेना थी।


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अब लगता है की वीर को थप्पड़ काम पड़ेंगे और प्यार मिलने का काम कि धीरे धीरे शुरुआत हो रही है।
सुंदर अपडेट.....
 
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