पचपनवाँ भाग
अभिषेक ने संजू को कल सुबह के लिए बोलकर फोन रख दिया। फोन रखने के बाद हम सभी ने मिलकर खाना बनाया और खाना खाकर सो गए। सुबह उठकर नहाधोकर हम तीनों अयोध्या जाने के लिए तैयार हुए। थोड़ी ही देर में संजू भी अपनी कार से आ गया। फिर हम लोग कार से अयोध्या के लिए रवाना हो गए। प्रतापगढ़ मैं हमने नास्ता किया और आदित्य को भी अपने साथ लिया और चल दिए अनामिका का अध्याय पूरी तरह से समाप्त करने के लिए। रास्ते में संजू ने पूछा।
संजू- अब बताओगे भी कि क्या बता है।
अभिषेक- बात ये है कि रिपोर्ट ही नकली है और जिसके नाम की रिपोर्ट है हम उसी से मिलने जा रहे हैं।
संजू। तुम्हें कैसे पता चला इस बारे में।
अभिषेक- कल हमने अस्पताल से पूरी जानकारी निकलवाई इस मेडिकल क्रमांक की तो ये रिपोर्ट किसी ऋतु सक्सेना की है। जिसे सुधारकर अनामिका ने अपने नाम पर बनवाई है। बस हकीकत का पता लगाने के लिए ऋतु सक्सेना के यहाँ पर चल रहे हैं।
संजू- लेकिन अगर अनामिका की रिपोर्ट नकली है तो इसका मतलब वो गर्भवती नहीं है। लेकिन उसने ऐसा क्यों किया। और तो और वो डीएनए जाँच के लिए भी मान गई। कुछ समझ में नहीं आ रहा है।
आदित्य- ठंड रख भाई। पहले ऋतु सक्सेना से मिलकर रिपोर्ट की हकीकत का पता चल जाए उसके बाद इन सारे सवालों का जवाब अनामिका देगी। उसी से मिलने के लिए तो मैं चल रहा हूँ।
इसके बाद हम लोग बात करते हुए चलने लगे। लगभग 11 बजे के करीब हम पूछते पूछते ऋतु सक्सेना के घर के सामने थे, महेश ने घर की घंटी बजाई तो एक आदमी ने दरवाजा खोला और बोला।
आदमी- जी हाँ कहिए। कौन हैं आप सब और किससे मिलना है।
महेश-जी हमें ऋतु सक्सेना जी से मिलना है। क्या यह उन्हीं का घर है।
आदमी- जी हाँ यही है उनका घर मैं उनका पति हूँ। आप लोगों को उनसे क्या काम है।
शायद इतने लोगों को एक साथ अपनी पत्नी के बारे मैं पूछे जाने पर वो थोड़ा घबरा गया था। उसकी घबराहट उसके चेहरे से साफ झलक रही थी। महेश ने बात को आगे बढाते हुए कहा।
महेश- जी हमें उनकी गर्भावस्था के बारे में कुछ बात करनी है।
आदमी- आप लोग हैं कौन जो मेरी पत्नी के गर्भावस्था के बारे में बात करने आए है। ये कोई तरीका होता है।
महेश- देखिए आप हम लोगों को गलत समझ रहे हैं। मैं महेश हूँ। और ये सब मेरे दोस्त आदित्य, संजू, नयन और अभिषेक हैं। हम लोग इलाहाबाद से बस आपकी पत्नी के गर्भावस्था के बारे में बात करने आए हैं।
आदमी- देखिए। मेरी कुछ समझ में नहीं आ रहा है। आपको लोगों को मेरी पत्नी की गर्भावस्था से क्या मतलब है।
अभिषेक- हम आपको सब समझा देंगे। पहले आप ये दोनों रिपोर्ट देखिए।
इतना कहकर अभिषेक ने अपने मोबाइल में अनामिका की रिपोर्ट खोलकर आदमी को दे दी और आदित्य ने उसकी पत्नी की रिपोर्ट अपने मोबाइल में खोलकर दे दी। दोनों रिपोर्ट देखने के बाद आदमी ने कहा।
आदमी- क्या है ये। दो औरतों की मेडिकल रिपोर्ट है एक मेरी पत्नी की है और दूसरी किसी अन्य की।
मैं- महोदय, क्या हम बैठकर बात कर सकते हैं। इस रिपोर्ट पर हम लोगों की जिंदगी टिकी हुई है। इन दोनों रिपोर्ट में से एक रिपोर्ट नकली है। बस उसी संबंध में आपकी पत्नी और आपसे कुछ बात करनी है।
मेरी बात सुनकर उस आदमी ने कुछ देर हम लोगों की तरफ देखा फिर उसने हम लोगों को अंदर आने दिया और हमें लेकर बैठक कक्ष में चला गया। हम लोगों को बैठाकर वो अपनी पत्नी को आवाज देता हुआ बोला।
आदमी- ऋतु एक जग पानी पाँच गिलास और कुछ खाने की चीजें लेकर आना।
मैं- महोदय, इसकी कोई जरूरत नहीं है बस आप हमारी इस रिपोर्ट को लेकर मदद कर दीजिए बस।
आदमी- पहले पूरी बात क्या है ये बताइए।
महेश- बात ये है कि मैंने आपको जो रिपोर्ट दिखाई है वो दोनों रिपोर्ट एक ही अस्पताल की है। और दोनों रिपोर्ट एक ही क्रमांक की हैं। तो दोनों रिपोर्ट में से एक रिपोर्ट नकली है। एक रिपोर्ट तो आपकी पत्नी की है और दूसरी रिपोर्ट मेरा दोस्त जिस लड़की से प्यार करता है उसकी तो। तो इस हिसाब से वो लड़की गर्भवती है। और अब वो मेरे दोस्त पर शादी के लिए दबाव डाल रही है। अस्पताल के रिकॉर्ड के मुताबिक उस मेडिकल रिपोर्ट क्रमांक से आपकी पत्नी की मेडिकल रिपोर्ट जारी हुई है। इसलिए अगर आप बुरा न मानें तो क्या आप हमें आपकी पत्नी की मेडिकल रिपोर्ट दिखा सकते हैं। मेरा दोस्त इस समय बहुत कठिनाई से घिरा हुआ है। हम बहुत उम्मीद लेकर इलाहाबाद से आपके पास आए हैं। आप सच-सच बताईए कि क्या आपकी पत्नी वाकई में गर्भवती हैं।
आदमी बहुत ही शांति से हमारी बात सुनता रहा। तब तक उसकी पत्नी पानी और बिसकुट लेकर आ गई। आदमी ने कुछ देर सोचना के बाद अपनी पत्नी से कहा।
आदमी-ऋतु। जरा आपनी मेडिकल रिपोर्ट लेकर आना। (उसके जाने के बाद) इसमें झूठ बोलने वाली कोई बात ही नहीं है। मेरी पत्नी गर्भवती है लगभग 60 दिन की। जिसकी रिपोर्ट है हमारे पास। हम अभी आपको दिखा दिखाते हैं।
आदमी के कहने पर ऋतु रिपोर्ट लेने कमरे में चली गई। थोड़ी देर बाद वो रिपोर्ट लाकर अपने पति को दे दी। और घर के अंदर चली गई। आदमी ने हमें हमें रिपोर्ट दे दी। महेश और रिपोर्ट को देखने लगे और मेडिकल रिपोर्ट क्रमांक की जाँच की तो ये रिपोर्ट ऋतु सक्सेना की ही थी। रिपोर्ट देखने के बाद महेश ने कहा।
महेश- भाई साहब। अगर आपको बुरा न लगे तो क्या मैं आपकी पत्नी की मेडिकल रिपोर्ट की एक फोटो खीच सकता हूँ।
आदमी- ठीक है आप फोटे ले सकते हैं।
उस आदमी के कहने के बाद महेश ने ऋतु के मेडिकल रिपोर्ट की एक फोटो ली और रिपोर्ट आदमी को दे दी। फिर हम लोगों ने उसका आभार व्यक्त करते हुए उससे कहा।
मैं- आपका बहुत बहुत धन्यवाद भाई। आपने हमारी मदद की। अब हम लोग चलते हैं।
उसके बाद हम लोग उस आदमी के घर से बाहर निकल आए। कार के पास वापस आने के बाद संजू ने कहा।
संजू- यहाँ आने के बाद ये बात तो साफ हो गई है कि अनामिका गर्भवती नहीं है और अगर है भी उसके बारे में पता नहीं है। तो हमें अब क्या करना चाहिए।
आदित्य- करना क्या चाहिए। फोन लगा उस कमीनी को। एक बार तो उससे मिलना बनता भी है। उसे फोन करके मिलने के लिए कहीं पर बोल दे। फिर सारा राज वो खुद अपने मुँह से उगलेगी।
आदित्य की बात सुनकर संजू ने अनामिका को फोन लगाया और स्पीकर पर डाल दिया। उधर से अनामिका ने फोन उठाया और कहा।
अनामिका- संजू संजू। मैं तुम्हारे ही फोन का इंतजार कर रही थी। तुम कुछ जबाव देने वाले थे न आज।
संजू- हाँ अनामिका उसी के लिए तो तुम्हें फोन किया है। मैंने घर में बात कर ली है। पापा तुमसे मिलने के लिए बोल रहे हैं। मैं अभी जरूरी काम से अयोध्या आया हुआ हूँ तो पापा को भी साथ में ले आया हूँ। तो क्या हम मिल सकते हैं कुछ देर के लिए।
अनामिका- ये भी कोई कहने की बात है।...................... पते पर मिलते हैं 30 मिनट में।
संजू- ठीक है मैं पहुँच रहा हूँ वहाँ पर कुछ ही देर में।
अनामिका से बात करने के बाद संजू ने फोन रख दिया और हम सब उसके बताए हुए पते पर चल दिए। वहाँ पहुँचकर हम सभी कार से उतरे और पार्क के अंदर चले गए। मैं, आदित्य, अभिषेक और महेश संजू को छोड़कर लगभग 50 मीटर आगे चले गए और संजू की तरफ पीठ करके बैठ गए। थोड़ी ही देर में अनामिका भी पार्क में आ गई और संजू को फोन किया। संजू ने बताया कि वो कहाँ है तो अनामिका भी वहाँ आ गई। अनामिका संजू के गले मिली और बोली।
अनामिका- मैं बता नहीं सकती कि मैं कितनी खुश हूँ।
संजू- मैं भी बहुत खुश हूँ। आखिर पापा तैयार हो गए हैं शादी के लिए।
अनामिका- तुम्हारे पापा हैं कहाँ। दिखाई ही नहीं दे रहे हैं।
संजू- वो गाड़ी में बैठे हुए हैं। रुको मैं फोन करता हूँ उनको कि वो आकर अपनी बहू से मिल लें।
संजू की बात सुनकर अनामिका बहुत खुश हुई। संजू ने मेरा नम्बर लगाया और कहा।
संजू- आप लोग आ जाइए। अनामिका मिलना चाहती है आप लोगों से।
इतना कहकर संजू ने फोन रख दिया तो अनामिका ने कहा।
अनामिका- पापा के साथ में कोई और भी आया है क्या।
संजू- हाँ अभी तुम खुद ही देख लेना।
संजू और अनामिका हम लोगों की तरफ पीठ करके बैठे हुए थे। हम लोग जाकर उनके पीछे खड़े हो गए। मैं और अभिषेक अनामिका की तरफ पीठ करके खड़े हो गए। आदित्य ने अनामिका के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा।
आदित्य- अरे अनामिका तुम यहाँ। कैसी हो तुम।
आदित्य की आवाज सुनकर अनामिका ने पीछे देखा और अपने पीछे आदित्य को देखकर चौंक कर उठ खड़ी हुई और बोली।
अनामिका- आदित्य। तुम यहाँ।
अनामिका की आवाज सुनकर मैंने और अभिषेक ने कहा।
मैं- मैं भी यहीं पर हूँ।
अभिषेक- और मैं भी हूँ यहाँ पर।
इतना कहकर मैं और अभिषेक अनामिका की तरफ पलट गए। मुझे, अभिषेक, और आदित्य को देखकर अनामिका भौचक्की रह गई। लेकिन उसने तुरंत अपने आपको संभाल लिया। अनामिका को देखकर महेश ने कहा।
महेश- मैं भी यहीं पर हूँ अनामिका। नहीं पहचाना क्या मुझे। मैं महेश हूँ।
संजू- अनामिका, क्या तुम जानती हो इन लोगों को।
अनामिका- नहीं मैं नहीं जानती इन्हें। कौन हैं ये लोग।
संजू- लेकिन अभी तो तुमने इस लड़के का नाम लिया। क्या नाम लिया। हाँ आदित्य बोला तुमने।
अनामिका- (हड़बड़ाते हुए) हाँ वो थोड़ी बहुत जान-पहचान थी। तीन महीने पहले मिले थे।
संजू- लेकिन तुम इतना घबराई हुई क्यों हो। क्या रिश्ता है तुम्हारा आदित्य के साथ।
अनामिका- कोई रिश्ता नहीं है मेरा इसके साथ। वो तो बस ऐसे ही सामान्य जान पहचान है अपनी।
अनामिका की बात सुनकर संजू ने एक जोर का झापड़ अनामिका का गाल पर रसीद कर दिया और गुस्से से बोला।
संजू- वैसी ही जान पहचान है न जैसी जान पहचान नयन के साथ है तुम्हारी। और सामान्य जान पहचान तुम्हारी अभिषेक के साथ भी है। और वैसी ही सामान्य जान पहचान तुम्हारी मेरे साथ भी है। मैं सही कह रहा हूँ न।
अनामिका संजू का थप्पड़ खाकर अपने गाल पर हाथ रखकर खड़ी थी वो कभी मुझे, कभी अभिषेक को तो कभी आदित्य को देख रही थी। संजू की बात सुनकर अनामिका ने कहा।
अनामिका- नहीं तुम गलत समझ रहे हो। मैं तुमसे सच कह रही हूँ। मैं इन लोगों को बस थोड़ा बहुत जानती हूँ। मेरा विश्वास करो। इन लोगों ने तुमसे क्या कहा ये मुझे नहीं पता, लेकिन मैं सिर्फ तुमसे प्यार करती हूँ संजू। तुमसे सच्चा प्यार करती हूँ।
संजू- (गुस्से में) चुप बिलकुल चुप। तू प्यार के बारे में बात न ही कर तो ज्यादा अच्छा है। तेरे जैसी घटिया और गिरी हुई लड़की के मुँह से ये प्यार मोहब्बत की बातें शोभा नहीं देती। तुझे तो प्यार का आधा प भी नहीं पता है।
अनामिका- ये तुम क्या बोल रहे हो संजू। इन लोगों ने तुमसे कुछ भी बोल दिया और तुमने मान लिया। अब तुम्हें मुझसे ज्यादा इन लोगों पर विश्वास है। तुम्हें अपने प्यार पर बिलकुल भी भरोसा नहीं रहा क्या।
संजू-(गुस्से से) तू किस प्यार के बारे में बात कर रही है। तू मुझसे प्यार करती है। छी। प्यार तो मैंने किया था तुझसे, तेरे साथ मैंने जिंदगी बिताने के सपने देखे थे। लेकिन तू अपने बिस्तर पर रोज मेरे सपनों को रौंदती रही। मेरे अरमानों का गला घोटा है तुमने। और तुम प्यार की बात कर रही हो।
अनामिका- ये तुमको क्या हो गया है संजू। अब मैं तुम्हें कैसे विश्वास दिलाऊँ कि मैं सिर्फ तुम्हारी हूँ। मैंने तुम्हें कोई धोखा नहीं दिया है। मैं बिलकुल पवित्र हूँ संजू।
अनामिका की बात सुनकर संजू ने फिर से एक थप्पड़ अनामिका के दूसरे गाल पर मारा और गुस्से से बोला।
संजू- तू और पवित्र। जो लड़की अपनी हवस मिटाने के लिए अपने कपड़ो की तरह अपने बिस्तर पर लड़कें बदलती है वो पवित्रता की बात करती है। तुझसे पवित्र तो वैश्या होती है। जो भले ही दिन भर में कितने आदमियों के साथ सोती है, लेकिन उसका भी दीन ईमान होता है। कम से कम उसके प्रति तो पूरी वफादारी निभाती है। जिससे वो पैसे लेती है। लेकिन तू तो उनसे भी गई गुजरी है। तू बहुत ही नीच लड़की है। जिसे किसी की भावनाओं की कोई कद्र नहीं है। सिर्फ अपने बदन की प्यास से मतलब है।
संजू की बात सुनकर अनामिका को भी थोड़ा गुस्सा आ गया। वैसे एक बात तो थी अनामिका में कि इतना सबकुछ होने के बाद भी, अपना भंडा भूटने के बाद भी वो पीछे हटने के लिए तैयार नहीं थी। हम लोग चुपचाप खड़े होकर तमाशा देख रहे थे। अनामिका ने संजू से कहा।
अनामिका- तुम हद से ज्यादा बोल रहे हो संजू। मैं तुमसे प्यार करती हूँ इसका मतलब ये नहीं कि तुम्हारे मन में जो आए वो बोल दोगे। तुम्हें पता भी है कि तुम मेरे चरित्र पर लांछन लगा रहे हो।
संजू- (हँसकर) चरित्र और तुम्हारा। अरे तुम्हारा कोई चरित्र ही नही है तो मैं लांछन कहाँ लगाऊँगा। और तुम अपने प्यार की दुहाई देकर प्यार जैसे पवित्र शब्द को बदनाम मत करो। प्यार का मतलब जानती हो तुम। प्यार का रिश्ता विश्वास पर टिका होता है। प्यार दो आत्माओं का मिलन होता है। मैंने तुम पर विश्वास किया था। तुमसे टूट कर प्यार किया था। मैंने तुम्हारे साथ अपनी सारी जिंदगी बिताने का फैसला किया था। मैंने अगर तुम्हारे साथ किया भी तो तुम्हारी सहमति से किया। मैंने आज तक तुम्हारे सिवाय किसी दूसरी लड़की के बारे में सोचा तक नहीं। क्योंकि मैं तुम्हारे साथ कोई विश्वासघात नहीं करना चाहता था, लेकिन तुमने क्या किया तुमने कदम कदम पर मुझे धोखा दिया। अभिषेक से शादी का झूठा वादा किया था तुमने और अपने जिस्म की भूख मिटाई। नयन से शादी का झूठा वादा करके अपनी भूख मिटाई। आदित्य के साथ तुम्हारा संबंध 5 सालों से चल रहा है। इस फेहरिस्त में और पता नहीं कितने लड़के होंगे जिसे तुमने अपने मतलब के लिए इस्तेमाल किया। तुमने मेरे सच्चे प्यार का अपमान किया है। तुम्हारे जैसी घटिया, नीच और कमीनी लड़की मैंने आज तक नहीं देखी। पता नहीं क्या संस्कार दिए हैं तुम्हारे माँ बाप ने तुझे।
अनामिका- (गुस्से में) संजू अपनी जुबान को संभाल कर बात करो। मैं कुछ बोल नहीं रही हूँ तो इसका मतलब ये नहीं कि तुम कुछ भी बोल दो मुझे। मैं चुप हूँ तो सिर्फ इसलिए कि मैं तुमसे शादी करना चाहती हूँ और मैं नहीं चाहती कि मैं तुमसे कोई झगड़ा करूँ।
संजू- तू बोलने लायक रह ही नहीं गई है जो तू मुझे बोलेगी। और ये ख्याल अपने दिमाग से निकाल दे कि मैं तुझसे शादी करूँगा। मैं किसी अपाहिज, नेत्रहीन, और गरीब लड़की से शादी कर सकता हूँ, लेकिन तुझ जैसी रंडी, कुत्ती, कमीनी और वेहया लड़की से शादी नहीं कर सकता। तू एक नम्बर की मर्दखोर लड़की है। जिसे अपने जिस्म की प्यास बुझाने के लिए रोज एक मर्द की जरूरत होती है। तू न अपनी हवस में इतनी अंधी हो चुकी है कि राह चलते किसी से भी चुदवा ले।
अनामिका- (गुस्से में) बस बहुत हुआ। मैं तुम्हारी बक-बक सुनने नहीं आई हूँ। मैं तुमसे फिर से बोल रही हूँ कि अगर तुमने मुझसे शादी नहीं की तो मैं तुम्हारे ऊपर शादी का झाँसा देकर बलात्कार करने का आरोप लगा दूँगी। और मैं वैसे भी तुम्हारे बच्चे की माँ बनने वाली हूँ तो तुम्हारे फरिश्ते भी आकर मुझसे शादी करेंगे।
अनामिका की बात सुनकर हम सब हँसने लगे। संजू भी हँसने लगा। जिसे देख कर अनामिका ने कहा।
अनामिका- शायद तुम मेरी बात को मजाक में ले रहे हो। मेरे पास मेडिकल रिपोर्ट है। रुको मैं अभी पुलिस को बुलाती हूँ और उनको बोलती हूँ कि तुम सब मिलकर मुझे प्रताड़ित कर रहे हो और तुम मुझे गर्भवती करके शादी करने से इनकार कर रहे हो।
अनामिका की बात सुनकर महेश ने कहा।
महेश- हाँ जरूर बुलाओ पुलिस को। हम तो खुद चाहते हैं कि तुम पुलिस को बुला ही लो। ताकि उन्हें भी तो पता चले कि तुम कितनी बड़ी शातिर और चालबाज लड़की हो। कैसे तुम लड़कों को अपने जाल में फँसाती हो और उन्हें ब्लैकमेल करती हो। तुम्हारे पास अगर पुलिस का नम्बर न हो तो मैं दे दूँ। या तुम कहो तो मैं ही पुलिस को बुला लूँ।
महेश की बात सुनकर अनामिका डर गई। जिसकी झलक उसके चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थी। फिर भी अनामिका अपने आपको मजबूत करते हुए बोली।
अनामिका- तुम बीच में मत बोलो। तुम्हें क्या पता कि मामला क्या है। मैं संजू के बच्चे की माँ बनने वाली हूँ। और मेरे पास जो मेडिकल रिपोर्ट है उससे तुम सबको सबक सिखा सकती हूँ में।
महेश- मैं बीच में कहाँ आ रहा हूँ। तुमने मुझे बीच में लाया है। अगर तुम अपनी घटिया चाल से बाज आ जाती और नकली मेडिकल रिपोर्ट बनाकर संजू को ब्लैकमेल नहीं करती तो मैं बींच में आता ही नहीं।
नकली रिपोर्ट की बात सुनकर अनामिका का चेहरा फक्क पड़ गया। उसने अपना चेहरा दूसरी तरफ कर लिया। उसे भी अब लग गया कि उसके भंड़ा पूरी तरह से फूट चुका है। फिर भी उसने हिम्मत करते हुए कहा।
अनामिका- वो मेडिकल रिपोर्ट बिलकुल असली है। चाहो तो अस्पताल से पता कर सकते हो।
महेश- हमने सब पता कर लिया है। हाँ तुम्हारी मेडिकल रिपोर्ट की पूरी छानबीन हो गई है। जिसके बलबूते पर तुम इतनी उछल रही हो। वो तुम्हारी नहीं है। किसी ऋतु सक्सेना की है। जिससे मिलकर हम लोग आ रहे हैं। अगर तुम कहो तो उसको भी यहीं बुला लूँ। या चलूँ पुलिस स्टेशन। अगर मैं चाहूँ तो तुम्हें नकली रिपोर्ट बनाकर एक मासूम लड़के को ब्लैकमेल करने के जुर्म में जेल की चक्की पिसवा सकता हूँ। और तुम्हारे साथ वो अस्पताल वाले भी जेल की चक्की पीसेंगे जो तुम्हारे साथ मिले हुए हैं। लेकिन अगर तुम ऐसा नहीं चाहती तो फिर जो भी सच है वो बता दो। हम तुम्हें छोड़ देंगे।
अब अनामिका पूरी तरह से फँस चुकी थी। वो हम वहाँ से भागने की कोशिश करने लगी, लेकिन हमने उसे भागने नहीं दिया संजू ने उसे पकड़कर एक थप्पड़ फिर से उसके गाल पर लगाया और कहा।
संजू- ऐसी गलती मत करना अनामिका। नहीं तो तुम्हारा जेल जाने तय है। हम तुम्हें छोड़ देंगे। बस तुम हमारे सवालों का सही सही जवाब दे दो।
संजू की बात सुनकर अनामिका ने जवाब देना ही बेहतर समझा और अपनी गरदर हाँ में हिला दी। संजू ने अनामिका से कहा।
संजू- मैं तुम्हें इतना प्यार करता था। तुमपर इतना भरोसा करता था, लेकिन तुमने मेरे साथ ऐसा क्यों किया।
अनामिका- वो मैं एक लड़के के साथ बँधकर अपनी जिंदगी नहीं गुजारना चाहती थी। मेरी सोच ये थी कि शादी के बाद तो मुझे किसी एक के साथ ही मजबूरी में जिंदगी गुजारनी ही पड़गे, इसलिए शादी के पहले जितने मजे करने हैं। जितने लड़कों से करने हैं। कर लूँ। पता नहीं शादी के बाद ये मौका मिले या न मिले।
अभिषेक-छी तुम्हारी सोच कितनी घटिया है। तुम ये सब शादी के बाद भी करने का सोच रही थी। पता नहीं तुम्हारे अंदर कितनी हवस भरी हुई है। तुमने अब तक कितने लड़कों को धोखा दिया है। कितनों की जिंदगी बरबाद की है तुमने।
अनामिका- तुम तीनों के अलावा मैंने किसी को धोखा नहीं दिया है। क्योंकि सभी मेरे जिस्म के लिए मुझसे प्यार करते थे। इसमें मेरा ही फायदा था। इसलिए मैंने भी उनके साथ मजे किए। कितने थे इसको कभी गिना नहीं मैंने।
महेश- तुमने ये मेडिकल रिपोर्ट अस्पताल से संजू को ब्लैकमेल करने के लिए बनवाई। वहाँ पर किस डॉ ने तुम्हारा साथ दिया।
अनामिका- मैं संजू को ब्लैकमेल नहीं करना चाहती थी, लेकिन मेरे कारनामों की भनक मेरे घरवालों को लग गई थी, तो पापा ने मुझे बहुत मारा। वो जल्द से जल्द मेरी शादी करना चाहते थे, जिसके लिए उन्होने कई रिश्ते देखे, कुछ पसंद भी आए, लेकिन उन लोगों को कहीं न कहीं से मेरे बारे में पता चल जाता तो वो लोग शादी के लिए मना कर देते। वो सब रिश्ते आसपास के थे। इसलिए उन लोगों को पता चल जाता था। तभी मेरे दिमाग में संजू का ख्याल आया। ये इलाहाबाद का था और इसके घरवालों को या इसे मेरे बारे में पता लगने का कम ही चांस था। फिर भी मैं कोई खतरा नहीं लेना चाहती थी। इसलिए मैंने अस्पताल मे अपनी सहेली के जीजा के पास गई जिनके साथ मेरा चक्कर था। मैंने उनसे एक मेडिकल रिपोर्ट बनाने के लिए कहा तो वो आनाकानी करने लगे, लेकिन जब मैने उनके घर में बताने की धमकी दी तो वो मान गए और मुझे ऋतु सक्सेना की रिपोर्ट दे दी और कहा कि वो मेरी इतनी ही मदद कर सकते हैं।
बाकी इस रिपोर्ट को मैं बाहर से सुधरवाकर अपने नाम पर कर लूँ। मेरे एक पुरुष मित्र के पास साइबर कैफे और फोटोशॉप की दुकान है। मैंने उससे बात की तो उसने ऋतु सक्सेना की रिपोर्ट को सुधार कर मेरा नाम और पता लिख दिया। लेकिन उसमें अस्पताल का मुहर और हस्ताक्षर नहीं था , लेकिन फिर भी इतना बहुत था मेरे लिए। मुझे पता था कि इस रिपोर्ट के बारे में जानने के बाद किसी के दिमाग में मुहर और हस्ताक्षर वाली छोटी सी बात नहीं आएगी। मैं ये रिपोर्ट लेकर अपनी सहेली के घर चली गई जहाँ पर संजू मुझसे समय से पहले मिलने के लिए आ गया और इसने फोटो निकाल ली मेडिकल रिपोर्ट की।
संजू- लेकिन उस महिला डॉक्टर ने कहा था कि तुम गर्भवती हो।
अनामिका- वो इसलिए क्योंकि वो महिला डॉक्टर मेरी सहेली के जीजा के कहने पर कुछ भी कर सकती है। दोनों की बहुत गहरी जमती है।।
मैं- जब तुम गर्भवती नहीं हो तो संजू के कहने पर डीएनए जाँच के लिए तैयार कैसे हो गई।
अनामिका- वो इसलिए कि अगर एक बार को गलती से भी अगर संजू को मेडिकल रिपोर्ट पर शक हो भी गया तो डीएनए जाँच के लिए मान जाने पर उसका शक दूर हो जाएगा।
आदित्य- और अगर सच में तुम्हारा डीएनए जाँच हो जाती तो ये पता नहीं चल जाता कि तुम गर्भवती नहीं हो। तो फिर तुम जाँच के लिए तैयार क्यों हो गई।
अनामिका- ये बात सही है कि मैं गर्भवती नहीं हूँ और जाँच में ये बात सामने आ जाती। तो उस काम के लिए मेरी सहेली के जीजा हैं न। मैं इसी अस्पताल में डीएनए जाँच कराती तो वो मजबूरी में मेरी मदद जरूर करते डीएनए रिपोर्ट मेरे पक्ष में बनाने के लिए।
अनामिका की बात सुनकर हम लोग तो उसके शातिर दिमाग के कायल हो गए। उसने भले ही काम बहुत घटिया किया था, लेकिन जो भी किया था पूरा दिमाग लगाकर किया था। अगर महेश नहीं होता तो शायद संजू की शादी अनामिका से होने से कोई नहीं रोक सकता था। अनामिका की बात सुनकर आदित्य ने ताली बजाते हुए कहा।
आदित्य- वैसे मैं भी कोई दूध का धुला नहीं हूँ, लेकिन तुम्हारी तरह इतना घटिया भी नहीं हूँ। इसलिए एक बात कहना चाहता हूँ। तुमने काम तो बहुत घटिया किया है। लेकिन तुम्हारे पास बहुत शातिर दिमाग है। जिसकी जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है। तुमने अपने इस दिमाग का प्रयोग गलत जगह किया अनामिका। फिर भी मैं तुम्हारे शातिर दिमाग की दाद देता हूँ।
संजू- तुम बहुत ही बुरी लड़की हो अनामिका। मैने तुमसे इतना प्यार किया और तुमने मेरे प्यार को ये सिला दिया। इसके लिए मैं तुम्हें कभी माफ नहीं करूँगा। मैं तुम्हारे इस घटिया काम के लिए तुम्हें पुलिस को तो नहीं दूँगा, लेकिन इसकी सजा तुम्हें जरूर दूँगा।
इतना कहकर संजू ने एक थप्पड़ और अनामिका को जड़ दिया। अनामिका का गाल 4 थप्पड़ खाकर लाल हो गया था। थप्पड़ लगाने के बाद संजू और आदित्य पार्क से बाहर की तरफ चल पड़े। उनके जाने के बाद मैंने अनामिका से कहा।
मैं- तुमने तो किसी के साथ अच्छा नहीं किया अनामिका। तुमने बहुत बड़ा गुनाह किया है। जिसकी कोई माफी नहीं है। फिर भी अगर तुम अभी भी सुधर जाओ तो कुछ नहीं बिगड़ा है। तुम्हारी सारी जिंदगी तुम्हारे सामने पड़ी है। मुझे तुमसे ये सब कहना नहीं चाहिए, लेकिन फिर भी पता नहीं क्यों तुम्हारे लिए मेरे मन में दया आ रही है। क्योंकि कभी मैंने भी तुम्हारे साथ शादी करने के सपने देखे थे।
इतना कहकर मैंने अभिषेक का हाथ पकड़ा और पार्क से बाहर आ गया। हम दोनों के पीछे पीछे महेश भी आ गया। फिर हम सब अपनी कार में बैठे और इलाहाबाद के लिए रवाना हो गए।
इसके आगे की कहानी अगले भाग में।